Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में महिला शक्ति का उभार, हर चौथी MSME की कमान महिलाओं के हाथ

    एमपी में महिला शक्ति का उभार, हर चौथी MSME की कमान महिलाओं के हाथ


    भोपाल । मध्यप्रदेश में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी MSME क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी ने राज्य की अर्थव्यवस्था में एक नई ऊर्जा भर दी है हालिया आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब हर चौथी MSME इकाई का संचालन महिलाओं के हाथ में है जो महिला सशक्तिकरण की मजबूत तस्वीर पेश करता है

    प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 फरवरी 2026 तक मध्यप्रदेश में कुल 8 लाख 87 हजार 87 MSME इकाइयां पंजीकृत हैं इनमें से 2 लाख 28 हजार 959 इकाइयों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाएं केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे उद्यमी बनकर अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही हैं

    पिछले छह वर्षों के दौरान महिलाओं के रोजगार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है वर्ष 2020 21 में जहां MSME क्षेत्र में महिलाओं की संख्या केवल 1 लाख 53 हजार 493 थी वहीं 2025 26 तक यह संख्या बढ़कर 10 लाख 7 हजार 995 तक पहुंच गई है यह लगभग छह गुना से अधिक की वृद्धि है जो यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है

    उद्यम पोर्टल के माध्यम से यह बदलाव और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आता है 2020 21 में राज्य में महिला स्वामित्व वाले MSME की संख्या मात्र 14 हजार 239 थी लेकिन धीरे धीरे यह संख्या तेजी से बढ़ती गई 2022 23 में यह आंकड़ा 2 लाख 7 हजार 795 तक पहुंच गया और 2023 24 में यह बढ़कर 7 लाख 44 हजार 746 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया हालांकि 2025 26 के ताजा आंकड़ों में यह संख्या 2 लाख 28 हजार 959 दर्ज की गई है जो पंजीकरण और अपडेटेड डेटा के आधार पर परिवर्तन को दर्शाता है

    यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे लाखों महिलाओं की मेहनत संघर्ष और आत्मनिर्भर बनने की कहानी छिपी है ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब छोटे उद्योग हस्तशिल्प खाद्य प्रसंस्करण और सेवा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं

    राष्ट्रीय स्तर पर तुलना की जाए तो महाराष्ट्र MSME पंजीकरण में सबसे आगे है जबकि महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के मामले में आंध्र प्रदेश ने शीर्ष स्थान हासिल किया है उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भी इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं पूरे देश में उद्यम पोर्टल पर अब तक 3 करोड़ से अधिक महिला नेतृत्व वाले MSME पंजीकृत हो चुके हैं जो भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है

    मध्यप्रदेश में यह बदलाव न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है बल्कि सामाजिक बदलाव का भी संकेत है महिलाएं अब घर की चारदीवारी से निकलकर व्यवसाय और उद्योग के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है बल्कि समाज में उनकी भूमिका भी और मजबूत हुई है कुल मिलाकर MSME क्षेत्र में महिलाओं की यह बढ़ती भागीदारी आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

  • देवास में पुरानी रंजिश ने ली जान 19 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, 6 पर केस

    देवास में पुरानी रंजिश ने ली जान 19 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, 6 पर केस


    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया जहां गुरुवार देर रात भवानी सागर क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना में एक 19 वर्षीय युवक की जान चली गई जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है

    जानकारी के अनुसार मृतक युवक लड्डू उर्फ शुभम पिता महेश नाथ अपने घर पर भोजन कर रहा था तभी उसके दोस्त गौतम का फोन आया जिसने बताया कि कुछ लोग उसे रोककर विवाद कर रहे हैं स्थिति को समझते हुए लड्डू रात करीब एक बजे मौके पर पहुंचा और विवाद को शांत कराने की कोशिश करने लगा लेकिन मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया

    बताया जा रहा है कि पहले से चली आ रही पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया इसी दौरान दो आरोपियों ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी गोली सीधे लड्डू के सीने में लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई वहीं गौतम के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया

    घटना के बाद आरोपियों ने हथियारों से मारपीट भी की और मौके पर मौजूद एक कार में तोड़फोड़ की जिससे स्थिति और भयावह हो गई परिजन और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने लड्डू को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल गौतम को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया

    पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक लड्डू टेकरी क्षेत्र में नारियल प्रसाद और फोटो की दुकान चलाता था परिजनों का आरोप है कि आरोपी उससे वसूली की मांग करते थे और इससे पहले भी उसकी बाइक को आग के हवाले किया जा चुका था हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि दोनों पक्षों पर पहले से कई मामले दर्ज हैं

    नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने इस मामले में वरुण बाली सहित रितिक सिहोते तुषार सिहोते मट्टू सिहोते राहुल शूटर और विपिन बाली समेत अन्य के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग अलग टीमों को इंदौर और अन्य स्थानों पर रवाना किया है

    चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद मुख्य आरोपी वरुण बाली भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती पाया गया है जिससे पूरे मामले में कई नए पहलू सामने आने की संभावना है पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है

    घटना के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि अस्पताल में भी उन्हें धमकियां दी गईं कि एक को मार दिया है अब दूसरे को भी देख लेंगे परिजनों ने सुरक्षा की मांग की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है इस वारदात ने एक बार फिर शहर में कानून व्यवस्था और आपसी रंजिश के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं

  • संघर्ष से सफलता तक ड्रोन, दीदी सरूपी मीणा बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

    संघर्ष से सफलता तक ड्रोन, दीदी सरूपी मीणा बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल


    भोपाल । मध्यप्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित आजीविका मिशन लगातार सकारात्मक बदलाव ला रहा है इस मिशन ने न केवल महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा है बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त भी बनाया है ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी रायसेन जिले के सांची विकासखंड के ग्राम रतनपुर गिरधारी की रहने वाली श्रीमती सरूपी मीणा की है जिन्होंने संघर्षों से निकलकर सफलता की नई मिसाल कायम की है

    सरूपी मीणा की प्रारंभिक जीवन की परिस्थितियां काफी कठिन थीं वे दसवीं तक शिक्षित थीं और उनके पति कृषि कार्य करते थे जिससे परिवार की आय सीमित थी आर्थिक तंगी के कारण वे आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख सकीं लेकिन उनके अंदर आगे बढ़ने और कुछ करने की इच्छा हमेशा बनी रही

    कुछ वर्ष पहले गांव में आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के गठन और महिलाओं को जोड़ने का अभियान चलाया गया इसी दौरान मिशन के कर्मचारियों ने उन्हें समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित किया शुरू में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं लेकिन सरूपी मीणा ने हिम्मत दिखाते हुए समूह से जुड़ने का निर्णय लिया

    समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत की आदत अपनाई और वहीं से उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई समूह से ऋण लेकर उन्होंने अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू की और साथ ही सीआरपी यानी कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्य करना शुरू किया जिससे उन्हें मानदेय मिलने लगा धीरे धीरे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी और उनकी मासिक आय चार से पांच हजार रुपये तक पहुंच गई

    इसके बाद उन्होंने किराना दुकान शुरू की और बैंक सखी के रूप में भी काम किया जिससे उनकी पहचान और आय दोनों में वृद्धि हुई इन प्रयासों के साथ उन्होंने सीएससी सेंटर का संचालन भी शुरू किया जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होने लगी निरंतर मेहनत और लगन से उन्होंने स्नातक तक की पढ़ाई भी पूरी कर ली

    उनके प्रयासों को देखते हुए उन्हें सांची में रूरल मार्ट के संचालन की जिम्मेदारी मिली जहां वे स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री का कार्य करती हैं इससे उन्हें न केवल आर्थिक लाभ मिला बल्कि स्थानीय महिलाओं के उत्पादों को भी बाजार मिला

    वर्ष 2023 24 में उन्हें नमो ड्रोन योजना के तहत एक महत्वपूर्ण अवसर मिला जिसके अंतर्गत उनका चयन किया गया और उन्हें ग्वालियर में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया प्रशिक्षण के बाद उन्हें निःशुल्क ड्रोन प्रदान किया गया साथ ही कंपनी के इंजीनियरों ने भी उन्हें तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया

    इसके बाद उन्होंने खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशकों के छिड़काव का कार्य शुरू किया जिससे कृषि कार्य अधिक आसान और प्रभावी हो गया इस तकनीकी कार्य से उन्हें प्रति वर्ष लगभग तीन लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है

    सरूपी मीणा आज न केवल आत्मनिर्भर हैं बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन चुकी हैं वे कहती हैं कि आजीविका मिशन ने उनके जीवन को नई दिशा दी है और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है उनकी यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं

  • भिण्ड में गैस संकट थाने से हो रहा सिलेंडर वितरण, उपभोक्ता परेशान

    भिण्ड में गैस संकट थाने से हो रहा सिलेंडर वितरण, उपभोक्ता परेशान

    भिंड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के गोहद अनुभाग में रसोई गैस की गंभीर किल्लत ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि प्रशासन को अस्थायी व्यवस्था के तहत पुलिस थाने के परिसर से गैस सिलेंडरों का वितरण करना पड़ रहा है इस अनोखी व्यवस्था ने जहां प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर किया है वहीं उपभोक्ताओं की परेशानियों को भी बढ़ा दिया है

    जानकारी के अनुसार गोहद क्षेत्र में लगभग 25 हजार से अधिक की आबादी गैस आपूर्ति की समस्या से जूझ रही है पूर्व में यहां संचालित एक गैस एजेंसी बंद हो जाने के बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन आसपास की अन्य एजेंसियों में स्थानांतरित कर दिए गए थे लेकिन एक ही एजेंसी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने के कारण आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई

    गैस सिलेंडरों की नियमित सप्लाई बाधित होने के बाद लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा जिससे घरों में खाना बनाने जैसी बुनियादी जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है और बार बार चक्कर लगाने पड़ते हैं

    स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ प्रबंधन के उद्देश्य से प्रशासन ने पुलिस की निगरानी में गैस वितरण की व्यवस्था शुरू की है जिसके तहत थाने परिसर को अस्थायी वितरण केंद्र बनाया गया है यहां सिलेंडरों का वितरण नियंत्रित तरीके से किया जा रहा है ताकि अव्यवस्था और विवाद की स्थिति से बचा जा सके

    हालांकि यह व्यवस्था लोगों के लिए असुविधाजनक साबित हो रही है उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस जैसी आवश्यक सेवा के लिए थाने तक आना एक असामान्य स्थिति है और यह दर्शाता है कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है कई लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही भी मान रहे हैं

    स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं और संबंधित एजेंसियों को आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं अधिकारियों का यह भी कहना है कि फिलहाल भीड़ नियंत्रण और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की निगरानी में यह अस्थायी व्यवस्था की गई है इस पूरी स्थिति ने गैस आपूर्ति प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है और यह सवाल खड़ा किया है कि आखिर इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई

    फिलहाल उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही नियमित आपूर्ति बहाल होगी और उन्हें इस तरह की असुविधा से राहत मिलेगी वहीं प्रशासन पर भी दबाव है कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने

  • भिंड में बस-ऑटो टक्कर 1.5 साल की मासूम की मौत, 6 घायल, चालक फरार

    भिंड में बस-ऑटो टक्कर 1.5 साल की मासूम की मौत, 6 घायल, चालक फरार


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है अटेर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार यात्री बस ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी इस भीषण दुर्घटना में डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए

    जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश के बायां जैतपुरा निवासी अरविंद कनेरे अपने परिवार के साथ मुरैना जिले के पोरसा में एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे जब वे चौम्हो इलाके के पास पहुंचे तो उन्होंने ऑटो को सड़क किनारे खड़ा किया इसी दौरान पीछे से तेज गति में आ रही एक यात्री बस ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए

    हादसे में डेढ़ साल की बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जिससे परिवार में कोहराम मच गया अन्य छह घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है

    घटना के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर दी है और जांच शुरू कर दी गई है पुलिस का कहना है कि बस की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जाएगा

    स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हादसे होते रहते हैं लेकिन इसके बावजूद यातायात नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते जिससे लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और वे सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं

    पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बस चालक ने लापरवाही से वाहन चलाया या किसी तकनीकी कारण से यह हादसा हुआ

    यह दर्दनाक घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है मासूम बच्ची की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है और लोग पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं फिलहाल प्रशासन द्वारा घायलों के इलाज और आरोपी चालक की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं

  • पन्ना में गांव तक पहुंचा बाघ ,दो मवेशियों का शिकार ग्रामीणों में दहशत

    पन्ना में गांव तक पहुंचा बाघ ,दो मवेशियों का शिकार ग्रामीणों में दहशत


    पन्ना । मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में उस समय दहशत फैल गई जब पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे विक्रमपुर गांव में अचानक एक बाघ घुस आया और उसने गांव में आतंक का माहौल पैदा कर दिया इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और अफरा तफरी की स्थिति बन गई है

    जानकारी के अनुसार बाघ ने गांव में प्रवेश करने के बाद एक ग्रामीण के बाड़े में बंधे दो मवेशियों का शिकार कर लिया जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं

    स्थानीय लोगों के अनुसार गुरुवार को एक ग्रामीण ने बाघ को गांव में घूमते हुए देखा और तुरंत इसका वीडियो भी बना लिया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया जिसके बाद पूरे गांव में खबर फैल गई और लोग सतर्क हो गए ग्रामीणों ने बिना देर किए वन विभाग को इसकी सूचना दी ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके

    घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है अधिकारियों का कहना है कि बाघ के मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है

    पन्ना टाइगर रिजर्व के आसपास के इलाकों में अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही देखी जाती है लेकिन गांव के अंदर बाघ का प्रवेश और मवेशियों पर हमला एक गंभीर स्थिति मानी जा रही है इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की समस्या को उजागर कर दिया है

    ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में तेंदुए और अन्य वन्यजीवों की हलचल देखी गई है लेकिन बाघ के गांव में घुसने से लोगों में डर और बढ़ गया है लोग अब अपने पशुओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं

    वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी हालत में बाघ के पास न जाएं और उसे खुद से भगाने की कोशिश न करें साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके

    फिलहाल बाघ की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है और उसे सुरक्षित रूप से जंगल क्षेत्र की ओर वापस भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं यह घटना न केवल ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है बल्कि वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती को भी सामने लाती है

  • नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई भिण्ड में अल्ट्रासाउंड मशीन सील

    नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई भिण्ड में अल्ट्रासाउंड मशीन सील


    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हाउसिंग कॉलोनी क्षेत्र में संचालित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया है यह कार्रवाई नियमों के उल्लंघन और एक ही डॉक्टर के दो राज्यों में पंजीयन होने की शिकायत के बाद की गई है जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह अल्ट्रासाउंड सेंटर डॉक्टर धर्मेंद्र धनखड़ के नाम पर संचालित हो रहा था शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि संबंधित डॉक्टर ने न केवल भिण्ड में बल्कि उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जिले में भी अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालन के लिए पंजीयन करा रखा था जो कि नियमानुसार गंभीर अनियमितता मानी जा रही है

    स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी चिकित्सक को एक ही समय में दो अलग अलग स्थानों पर अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन करने की अनुमति नहीं होती खासकर जब दोनों स्थान अलग अलग राज्यों में हों ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निगरानी बनाए रखने के लिए सख्त दिशा निर्देश लागू किए गए हैं ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही या फर्जीवाड़ा न हो सके

    जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया और पूरे सेंटर को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद की गई और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अन्य केंद्रों में भी हड़कंप मच गया है क्योंकि विभाग अब अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भी जांच कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा

    स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार मामले की जांच केवल पंजीयन तक सीमित नहीं है बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस सेंटर में किसी प्रकार की अवैध गतिविधियां या मानकों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा था इसके साथ ही दोनों राज्यों में पंजीयन की प्रक्रिया और दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई अनियमितता साबित होती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे इस मामले को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है

    फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और आने वाले दिनों में इसके कई और पहलू सामने आने की संभावना है इस कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

  • जबलपुर में बुलडोजर एक्शन पर ब्रेक हाईकोर्ट ने कलेक्टर और निगम कमिश्नर को नोटिस भेजा

    जबलपुर में बुलडोजर एक्शन पर ब्रेक हाईकोर्ट ने कलेक्टर और निगम कमिश्नर को नोटिस भेजा


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में मदन महल पहाड़ी से विस्थापित किए जा रहे लोगों के पुनर्वास को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप करते हुए अंतरिम रोक लगा दी है इस फैसले के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर फिलहाल विराम लग गया है और पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है कोर्ट ने इस संबंध में जबलपुर कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है

    मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि जिन स्थानों पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से यह दलील दी गई कि प्रस्तावित पुनर्वास स्थल पर रहने के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव है जिससे विस्थापितों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है

    इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई संजीव सचदेवा और विनय सराफ की खंडपीठ में हुई जहां अदालत ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संतोषजनक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को निर्धारित की गई है जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं

    दरअसल मदन महल पहाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी जिसे हटाने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया था यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है जिसका उद्देश्य पहाड़ी के प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित करना और अवैध कब्जों को हटाना है

    जानकारी के अनुसार 7 मार्च 2026 से इस अभियान को दोबारा शुरू किया गया और प्रशासन ने पुरवा क्षेत्र में ICMR के सामने स्थित करीब 700 अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हटाकर जबलपुर के तेवर क्षेत्र में पुनर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी

    हालांकि विस्थापितों ने पुनर्वास स्थल की स्थिति को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं उनका कहना है कि वहां न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था है और न ही अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं ऐसे में बिना समुचित व्यवस्था के उन्हें वहां बसाना उनके जीवन स्तर को और अधिक कठिन बना सकता है

    हाईकोर्ट का यह निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि विकास और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ साथ मानवीय पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पुनर्वास केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि उसमें विस्थापितों के सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए

    फिलहाल प्रशासन इस मामले में अपना पक्ष तैयार करने में जुटा हुआ है और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है वहीं प्रभावित लोगों को भी उम्मीद है कि अदालत उनके हितों की रक्षा करेगी और उन्हें उचित सुविधाओं के साथ सुरक्षित पुनर्वास मिलेगा आने वाली सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है

  • श्योपुर हादसे पर CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान मृतकों को 4 लाख घायलों को आर्थिक मदद

    श्योपुर हादसे पर CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान मृतकों को 4 लाख घायलों को आर्थिक मदद

    श्योपुर । मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है इस घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का बड़ा ऐलान किया है मुख्यमंत्री ने इस हादसे को बेहद पीड़ादायक बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया

    मुख्यमंत्री द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों को 1 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं यह घोषणा मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए

    यह दर्दनाक हादसा श्योपुर जिले के विजयपुर थाना क्षेत्र के खितरपाल गांव के पास हुआ जहां एक ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई बताया जा रहा है कि ट्रॉली में सवार सभी लोग वीरपुर क्षेत्र के घूघस गांव से विजयपुर के झारबड़ौदा में भात देने जा रहे थे इसी दौरान गैस गोदाम के पास अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार कई लोग उसके नीचे दब गए

    हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही चार महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख पुकार मच गई और आसपास के लोग सहायता के लिए दौड़ पड़े स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज जारी है

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इस दुखद घटना में घायल हुए सभी लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए

    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रियों को ले जाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली जैसे असुरक्षित साधनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं अक्सर देखा जाता है कि ऐसे वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जाता है जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है

    फिलहाल प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है वहीं घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं

  • सिंगरौली में तेज रफ्तार का कहर हाइवा ने बाइक सवारों को कुचला 2 की मौत सड़क पर उबाल

    सिंगरौली में तेज रफ्तार का कहर हाइवा ने बाइक सवारों को कुचला 2 की मौत सड़क पर उबाल


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार ने कहर बरपाया है जहां देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया घटना लघाडोल थाना क्षेत्र के भाटपानी इलाके की बताई जा रही है जहां कोयले से लोड एक तेज रफ्तार हाइवा वाहन ने बाइक सवार तीन लोगों को बेरहमी से कुचल दिया

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही बाइक सवार दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पता रहा स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत बैढ़न के जिला ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया जहां उसका इलाज जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है

    मृतकों की पहचान में सामने आया है कि एक युवक सीधी जिले के भुईमाड गांव का निवासी था जबकि दूसरा मृतक और घायल सिंगरौली जिले के बरवानी क्षेत्र के बताए जा रहे हैं इस दुखद घटना की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया और पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया

    हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया लोगों ने सड़क को दोनों तरफ से जाम कर दिया जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया अधिकारियों द्वारा लगातार लोगों को समझाइश दी जा रही है ताकि जाम को खुलवाया जा सके और स्थिति सामान्य हो सके हालांकि लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा है कि वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं

    बताया जा रहा है कि हादसे के बाद आरोपी हाइवा चालक मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी भी की गई है ताकि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके

    यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है खासकर उन इलाकों में जहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया

    फिलहाल प्रशासन स्थिति को सामान्य करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के प्रयास में जुटा हुआ है लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक लापरवाही और तेज रफ्तार की कीमत निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी