Category: Madhya Pradesh

  • माता चामुंडा देवी दरबार में 51 कुंडीय महायज्ञ, निकली भव्य कलश यात्रा

    माता चामुंडा देवी दरबार में 51 कुंडीय महायज्ञ, निकली भव्य कलश यात्रा


    मध्य प्रदेश । अहमदपुर में सोमवार को धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब माता चामुंडा देवी दरबार में 51 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज और श्रद्धा का माहौल दिखाई दिया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में यजमानों ने भाग लिया, जिनका पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार स्नान और पूजन किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जहां 251 कलशों की विधिवत पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ यज्ञ में सहभागिता की और देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    इसके बाद एक भव्य और विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे नगर का माहौल भक्तिमय कर दिया। हाथों में धर्मध्वज लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल हुए। ढोल, नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कलश यात्रा माता चामुंडा देवी दरबार से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई बाजार मंडी स्थित कथा पंडाल तक पहुंची।

    इस कलश यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की भारी भागीदारी देखने को मिली। आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक इस धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया। पूरे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया और भक्ति गीतों से वातावरण गूंजता रहा।

    आयोजन समिति के अनुसार 51 कुंडीय महायज्ञ का उद्देश्य समाज में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। इस तरह के धार्मिक आयोजनों से लोगों में एकता और आध्यात्मिकता की भावना और मजबूत होती है।

    पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    भविष्य में भी इस तरह के धार्मिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है। श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली।

  • पुलिस की बड़ी कामयाबी: सोना, कैश और हथियारों के साथ बदमाश दबोचा गया

    पुलिस की बड़ी कामयाबी: सोना, कैश और हथियारों के साथ बदमाश दबोचा गया


    मध्य प्रदेश । विदिशा जिले के त्योंदा थाना क्षेत्र में चार महीने पहले हुई 1 करोड़ रुपये की बड़ी डकैती के मामले में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अमन पटेल को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से सोने के जेवर, नकदी, देशी कट्टा और एक मोटरसाइकिल सहित लाखों रुपये का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 5 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।

    यह पूरी कार्रवाई लगातार की जा रही तकनीकी जांच और दबिश अभियान के आधार पर संभव हो सकी। आरोपी अमन पटेल मूल रूप से सेमरा गांव का निवासी है, जो घटना के बाद पहचान छिपाकर राहतगढ़ थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में रह रहा था। पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे दबोच लिया।

    गौरतलब है कि यह सनसनीखेज डकैती 23-24 जनवरी 2026 की रात ग्राम रायखेड़ी में हुई थी। उस समय हथियारों से लैस बदमाशों ने बृजबिहारी कुर्मी के घर को निशाना बनाया था। बदमाशों ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया और फिर सोने-चांदी के जेवर और बड़ी मात्रा में नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए त्योंदा थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर विशेष जांच टीमों का गठन किया था। शुरुआती कार्रवाई में ही पुलिस ने तेजी दिखाते हुए चार आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया था। इन आरोपियों से अब तक लगभग 44 तोला सोना, 1 किलो से अधिक चांदी, करीब 10 लाख रुपये नकद, बाइक और कई अवैध हथियार बरामद किए जा चुके हैं। इस बरामदगी की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये तक पहुंचती है, जिससे यह साफ होता है कि यह एक संगठित डकैती गिरोह का काम था।

    हालांकि कुछ आरोपी अभी भी फरार थे, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इसी कड़ी में अमन पटेल की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। उसके पकड़े जाने से गिरोह के नेटवर्क और अन्य फरार सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह कार्रवाई एसपी के निर्देश, एएसपी और एसडीओपी के मार्गदर्शन में तथा थाना त्योंदा पुलिस टीम के समन्वय से की जा रही है।

    इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और जांच की गति को लेकर लोगों में भरोसा भी बढ़ा है, वहीं पूरे मामले के जल्द खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।

  • वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़: सीहोर में तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़: सीहोर में तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में


    मध्य प्रदेश । सीहोर कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी के दो मामलों का खुलासा करते हुए एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद कर ली है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    जानकारी के अनुसार, 17 मई को कराड़िया निवासी रूप कंवर सालिया की स्कूटी चोरी हो गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। इसी दिन बद्री महल निवासी सर्वेश राठौर की मोटरसाइकिल भी चोरी हुई थी। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के निर्देश पर थाना प्रभारी रविंद्र यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने जांच के दौरान चोरी हुए दोनों वाहन बरामद कर लिए।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मिथुन सिकरवार (31), सगीर (34) और शोएब (27) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी सीहोर के अलग-अलग इलाकों के निवासी बताए जा रहे हैं।

  • नौतपा से पहले ही हाहाकार: सीहोर में पानी की किल्लत और भीषण गर्मी

    नौतपा से पहले ही हाहाकार: सीहोर में पानी की किल्लत और भीषण गर्मी

    मध्य प्रदेश । सीहोर जिले में नौतपा से पहले ही तेज गर्मी और गंभीर जल संकट ने हालात बिगाड़ दिए हैं। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ ही शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली सीवन नदी पूरी तरह सूख गई है, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, सीवन नदी का तल पूरी तरह सूखकर फट चुका है और अब वहां पानी का नामोनिशान नहीं बचा है। सूखी नदी के क्षेत्र में मवेशी तक घास चरते नजर आ रहे हैं, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है।

    भीषण गर्मी के चलते दोपहर के समय शहर के बाजारों और मुख्य मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लू के थपेड़ों के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।

    नदी सूखने और भूजल स्तर गिरने से कई इलाकों में नल जल आपूर्ति प्रभावित हुई है। लोगों को अब पीने के पानी के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई और अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो संकट और बढ़ सकता है।

    स्थिति को देखते हुए कलेक्टर बालागुरू के. ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सीएमओ, जनपद सीईओ और पीएचई विभाग को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत करने और नल जल योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है। साथ ही जरूरत पड़ने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

  • सतना में ट्रक ड्राइवर-क्लीनर पर हमला: चोरी का विरोध करने पर चाकू से वार

    सतना में ट्रक ड्राइवर-क्लीनर पर हमला: चोरी का विरोध करने पर चाकू से वार


    मध्य प्रदेश ।सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बगहा इलाके में बुधवार तड़के ट्रक में चोरी के इरादे से घुसे बदमाश ने ड्राइवर और क्लीनर पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी मोहम्मद राशिद (25) और मुर्शीद (28) ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कर सो रहे थे। सुबह करीब 3 बजे एक अज्ञात बदमाश चोरी की नीयत से ट्रक में घुसा, जिससे दोनों की नींद खुल गई।

    बताया गया कि पकड़े जाने के डर से आरोपी ने दोनों पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद वह ट्रक से कूदकर भागने लगा। घायल ड्राइवर और क्लीनर ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह अपनी बाइक मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

    घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मौके से छोड़ी गई बाइक (MP 19 MF 7376) जब्त कर ली है और आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है।

  • महिला की सतर्कता से टला बड़ा हादसा: युवक नवजात छोड़कर फरार

    महिला की सतर्कता से टला बड़ा हादसा: युवक नवजात छोड़कर फरार



    मध्य प्रदेश । सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात नवजात बच्चे को चुराने की कोशिश का मामला सामने आया। एक अज्ञात युवक गायनिक वार्ड से एक दिन के नवजात को झोले में डालकर ले जा रहा था, लेकिन एक महिला की सतर्कता के कारण उसकी योजना नाकाम हो गई और बच्चा सुरक्षित बच गया।

    जानकारी के मुताबिक, माडा टोला निवासी शिवानी चौधरी ने मंगलवार सुबह बच्चे को जन्म दिया था। रात करीब 10 बजे एक अज्ञात युवक उनके पास पहुंचा और बच्चे को दूध पिलाकर सुलाने की बात कही। इसके बाद वह वार्ड के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमता रहा और महिला के सो जाने का इंतजार करने लगा।

    कुछ देर बाद उसने मौका पाकर नवजात को झोले में डाल लिया और डिलीवरी रूम से बाहर निकलने लगा। तभी वहां मौजूद नई बस्ती निवासी अभिलाषा तिवारी को झोले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। शक होने पर उन्होंने झोले को देखा तो अंदर बच्चे के पैर नजर आए।

    महिला ने तुरंत युवक को रोककर पूछताछ शुरू की, लेकिन घबराकर आरोपी भागने लगा। अभिलाषा तिवारी ने शोर मचाते हुए उसका पीछा किया, जिसके बाद आरोपी झोला और बच्चे को वहीं छोड़कर फरार हो गया। शोर सुनकर नर्स और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और नवजात को सुरक्षित उसकी मां को सौंप दिया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।

  • सुरक्षा पर जोर: एसी बसों का 3 महीने में मेंटेनेंस और स्टाफ को प्रशिक्षण जरूरी

    सुरक्षा पर जोर: एसी बसों का 3 महीने में मेंटेनेंस और स्टाफ को प्रशिक्षण जरूरी


    मध्य प्रदेश । सागर में मंगलवार देर शाम क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में बस संचालकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें हाल ही में यात्री बसों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए सख्त सुरक्षा निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने सभी बस ऑपरेटरों को तय समयसीमा में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

    बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी एसी बसों के एसी सिस्टम की नियमित जांच की जाए और हर तीन महीने में उनका मेंटेनेंस व साफ-सफाई अनिवार्य रूप से कराई जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि खराब रखरखाव के कारण एसी कम्प्रेसर ओवरहीट होकर शॉर्ट सर्किट और आग जैसी घटनाओं का कारण बन सकता है।

    सभी यात्री बसों में निर्धारित मानक के फायर एक्सटिंग्विशर रखना अनिवार्य किया गया है, साथ ही ड्राइवर और कंडक्टर को इसका उपयोग करने का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में आग पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।

    क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि बसों में किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, डीजल, केरोसिन या विस्फोटक सामग्री का परिवहन सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा सभी एसी बसों में फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (FDSS) लगाने और स्लीपर कोच बसों को AIS-119 मानकों के अनुसार तैयार करने को कहा गया है।

    जिन बस संचालकों को पहले नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें 25 मई तक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में वाहनों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ड्राइवर और कंडक्टरों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सुरक्षा संबंधी सूचनाएं साझा करने की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।

  • अस्पताल में अफरातफरी: रीवा में आग के बीच मरीजों और परिजनों से बदसलूकी

    अस्पताल में अफरातफरी: रीवा में आग के बीच मरीजों और परिजनों से बदसलूकी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के रीवा शहर स्थित नेशनल हॉस्पिटल में मंगलवार शाम आग लगने के बाद हालात बेकाबू हो गए। अस्पताल में अफरा-तफरी के बीच बाहर निकलने की कोशिश कर रहे मरीजों और उनके परिजनों के साथ कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।

    बुधवार को सामने आए वीडियो में कई कर्मचारी मिलकर मरीजों और परिजनों पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    आग के बाद भगदड़, बाहर निकलने का रास्ता बना बाधा
    जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। मरीज और परिजन संकरे इमरजेंसी एग्जिट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वहां कबाड़ रखा होने के कारण रास्ता बाधित था। इसी दौरान विवाद बढ़ा और मामला मारपीट तक पहुंच गया।

    पीड़िता का आरोप: 50 हजार लेने के बाद भी पिटाई
    घायल पीड़िता सुनीता मिश्रा ने आरोप लगाया कि इलाज के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये से अधिक लिए गए, इसके बावजूद अस्पताल कर्मचारियों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि आग लगने के बाद भी उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया और महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।

    अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
    अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉक्टर अखिलेश पटेल ने आग लगने की घटना की पुष्टि की है, लेकिन मारपीट के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रबंधन का कहना है कि स्थिति को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।

    पुलिस जांच में जुटी, अस्पताल सुरक्षा पर सवाल
    समान थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार का आवेदन प्राप्त हुआ है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

    अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
    इस घटना के बाद रीवा के निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार कई अस्पताल बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं और आपात स्थिति के लिए पर्याप्त निकासी व्यवस्था भी नहीं है।

    रीवा अस्पताल की यह घटना न केवल लापरवाही बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा मानकों की गंभीर कमी को उजागर करती है। आग जैसी आपात स्थिति में मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन यहां हालात इसके बिल्कुल विपरीत नजर आए।

  • ब्रिज निर्माण में देरी पर सख्ती: संभागायुक्त ने लगाया 5 लाख का जुर्माना

    ब्रिज निर्माण में देरी पर सख्ती: संभागायुक्त ने लगाया 5 लाख का जुर्माना


    उज्जैन उज्जैन में सिंहस्थ 2028 महापर्व को देखते हुए शिप्रा नदी के तट पर भीड़ नियंत्रण और सुगम यातायात व्यवस्था के लिए नए ब्रिजों का निर्माण किया जा रहा है। संत महात्माओं और करोड़ों श्रद्धालुओं के स्नान को ध्यान में रखते हुए यह कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

    संभागायुक्त और कलेक्टर ने किया निरीक्षण
    बुधवार को संभाग आयुक्त और सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह तथा कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिप्रा तट पर चल रहे ब्रिज निर्माण की प्रगति की जानकारी ली।

    अंगारेश्वर–सिद्धवट ब्रिज पर नाराजगी
    श्री अंगारेश्वर मंदिर से सिद्धवट मंदिर को जोड़ने वाले ब्रिज निर्माण की गति धीमी पाए जाने पर संभागायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण एजेंसी पर 5 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए।

    क्वालिटी कंट्रोल लैब का निरीक्षण
    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण स्थल पर मौजूद क्वालिटी कंट्रोल लैब का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री की जांच कर रिपोर्ट नियमित रूप से रजिस्टर में दर्ज की जाए।

    अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा
    कलेक्टर और मेला अधिकारी ने इंदौर रोड स्थित डी मार्ट के सामने रोड निर्माण और त्रिवेणी हिल्स से सिकंदरी के बीच शिप्रा तट पर चल रहे ब्रिज निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सभी कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

  • सिंहस्थ 2028 से पहले बड़ी तैयारी: गढ़कालिका मंदिर में बढ़ेंगी श्रद्धालु सुविधाएं

    सिंहस्थ 2028 से पहले बड़ी तैयारी: गढ़कालिका मंदिर में बढ़ेंगी श्रद्धालु सुविधाएं


    नई दिल्ली । धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित ऐतिहासिक गढ़कालिका मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 15.50 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना तैयार की गई है। इस योजना का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और बढ़ती श्रद्धालु भीड़ को बेहतर तरीके से संभालना है। उज्जैन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही चयनित एजेंसी को काम सौंपा जाएगा।

    गढ़कालिका मंदिर को उज्जैन की उत्तरी सीमा का रक्षक और एक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नई परियोजना के तहत मंदिर परिसर की क्षमता को मौजूदा 3 से 5 हजार श्रद्धालुओं से बढ़ाकर 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं तक किया जाएगा। वहीं सिंहस्थ 2028 के दौरान लगभग 50 हजार लोगों की भीड़ को संभालने की व्यवस्था की जाएगी।

    आधुनिक सुविधाओं से सजेगा मंदिर परिसर
    परियोजना के अंतर्गत मंदिर के शिखर और संरचना की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुराने चूना प्लास्टर का नवीनीकरण किया जाएगा और मंदिर के अग्रभाग को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छायादार प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और आधुनिक कतार प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी।

    प्रवेश-निकास और पार्किंग व्यवस्था में सुधार
    मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे, जिससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु हो सके। इसके साथ ही लगभग 50 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। दिव्यांगजनों के लिए रैंप और विशेष पत्थर मार्ग भी बनाए जाएंगे ताकि सभी श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन का लाभ मिल सके।

    रोशनी और सौंदर्यीकरण पर भी जोर
    मंदिर परिसर को रात के समय आकर्षक बनाने के लिए “वॉर्म एम्बर” थीम आधारित लाइटिंग की जाएगी, जिससे गढ़कालिका मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक भव्यता और अधिक निखरेगी।

    एक साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
    उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के अनुसार, चयनित एजेंसी को एक वर्ष के भीतर परियोजना पूरा करने का लक्ष्य दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस विकास कार्य के बाद गढ़कालिका मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि उज्जैन के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। `