Category: Madhya Pradesh

  • रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक CRPF का सुरक्षा घेरा, NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट

    रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक CRPF का सुरक्षा घेरा, NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट


    मध्यप्रदेश । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 री-एग्जाम रविवार को उज्जैन के 8 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा हो रही इस परीक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक सीआरपीएफ और पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, जबकि सभी केंद्रों पर द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

    परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। निर्धारित समय के बाद सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। प्रशासन ने परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी है।

    इस बार शहर में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि सराफा, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, उमावि महाराजवाड़ा क्रमांक-2, कालिदास कन्या कॉलेज और कन्या स्नातकोत्तर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार एक केंद्र कम रखा गया है और करीब 500 परीक्षार्थी भी कम शामिल होंगे।

    परीक्षा के सिटी कोऑर्डिनेटर मुकेश मीना के अनुसार इस बार कुल 4171 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि 3 मई को आयोजित परीक्षा में 9 केंद्रों पर 4549 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर नोडल अधिकारी और ऑब्जर्वर भी तैनात रहेंगे, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • महाकाल के दिव्य स्वरूप ने मोहा भक्तों का मन, भस्म आरती में उमड़ी आस्था

    महाकाल के दिव्य स्वरूप ने मोहा भक्तों का मन, भस्म आरती में उमड़ी आस्था


    मध्यप्रदेश । विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga में रविवार तड़के आयोजित भस्म आरती में बाबा महाकाल का दिव्य और मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रातः 4 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही विधि-विधान से पूजन-अर्चन का क्रम शुरू हुआ। गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं के पूजन के बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजा संपन्न हुई।

    भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। हरिओम का जल अर्पित कर कपूर आरती की गई। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म रमाई गई। मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, इसलिए भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

    भस्म अर्पित होने के बाद बाबा महाकाल को रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल का अलौकिक स्वरूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता रहा। इसके बाद भगवान को फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया।

    भस्म आरती में बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

  • उज्जैन से लौटते समय काल बन गया सफर, टायर ब्लास्ट के बाद हुआ भीषण सड़क हादसा

    उज्जैन से लौटते समय काल बन गया सफर, टायर ब्लास्ट के बाद हुआ भीषण सड़क हादसा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के बाद लौट रहे एक कारोबारी की सड़क हादसे में मौत हो गई। नागझिरी थाना क्षेत्र के गरुड़ बायपास ब्रिज के पास शनिवार को तेज रफ्तार कार का अगला टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। हादसे में बेंगलुरु के सीड कारोबारी मणि कांत कुट्टी (35) की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद इंदौर के डीलर ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण गंभीर रूप से घायल हो गए।

    मृतक मणि कांत कुट्टी मूल रूप से Visakhapatnam के निवासी थे और Bengaluru में सीड व्यवसाय संचालित करते थे। बताया जा रहा है कि वे हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। महाकाल के प्रति उनकी गहरी आस्था थी और वे नियमित रूप से Shri Mahakaleshwar Temple में दर्शन करने आते थे।

    शनिवार दोपहर मणि कांत कुट्टी अपने सहयोगी ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद तीनों स्कोडा कार से इंदौर के लिए रवाना हुए। रास्ते में उज्जैन-देवास बायपास पर अचानक कार का अगला बायां टायर फट गया। तेज रफ्तार होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार डिवाइडर से जा टकराई।

    हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान मणि कांत कुट्टी ने दम तोड़ दिया, जबकि ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण का इलाज जारी है।

    चालक बालकृष्ण ने बताया कि टायर फटने के बाद कार पूरी तरह अनियंत्रित हो गई थी और दुर्घटना से बचने का कोई मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मणि कांत कुट्टी कई वर्षों से बाबा महाकाल के दर्शन करने आते रहे थे और उनकी धार्मिक आस्था बेहद गहरी थी।

    इस हादसे की एक खास बात यह रही कि मृतक के आईफोन में एसओएस (SOS) सुविधा सक्रिय थी। दुर्घटना होते ही उनके भाई के मोबाइल पर स्वतः आपातकालीन संदेश पहुंच गया। सूचना मिलते ही परिजन विशाखापट्टनम से उज्जैन के लिए रवाना हो गए। इसी तरह इंदौर निवासी ओम धाकड़ के परिवार को भी मोबाइल अलर्ट के माध्यम से हादसे की जानकारी मिल गई, जिसके बाद वे तत्काल अस्पताल पहुंचे।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह टायर फटना माना जा रहा है। यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन के टायर और तकनीकी स्थिति की नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

  • महाकाल की नगरी में योग का महाकुंभ, उज्जैन ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश

    महाकाल की नगरी में योग का महाकुंभ, उज्जैन ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश


    मध्यप्रदेश । उज्जैन में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम (दशहरा मैदान) में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के संबोधन के सीधा प्रसारण से हुई। इसके बाद योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन और प्राणायाम कराए गए। प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    बारिश के बावजूद नहीं टूटा उत्साह
    योग दिवस से एक दिन पहले हुई बारिश के कारण दशहरा मैदान के कई हिस्सों में कीचड़ हो गया था। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए मैदान में पत्थर की चूरी डलवाई और बड़े कपड़े व मैट बिछाकर प्रतिभागियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। मौसम की चुनौती के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।

    महाकाल की नगरी में योग और अध्यात्म का संगम
    उज्जैन स्थित प्रसिद्ध Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple परिसर में भी योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाभ्यास के माध्यम से लोगों ने स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में योग का यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

    भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में 1000 बंदियों ने किया योग
    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में भी विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक कृष्णा गुरुजी के मार्गदर्शन में लगभग 1000 पुरुष और महिला बंदियों ने योगाभ्यास किया। इस दौरान ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे योग अभ्यास कराए गए। इसके बाद ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों ने एकाग्रचित्त होकर भाग लिया।

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा गया दावा
    जेल प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण Guinness World Records तथा International Yoga Book of Records को भेजे गए हैं। दावा किया गया है कि यह “Largest Yoga Session of Prisoners” श्रेणी में रिकॉर्ड बन सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित संस्थाओं द्वारा जांच के बाद लिया जाएगा।

    योग गुरु कृष्णा गुरुजी ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर जीवन को नई दिशा देता है।

  • आज साल का सबसे लंबा दिन, 13 घंटे 50 मिनट तक चमका सूरज; भिंड में सबसे ज्यादा दिन का उजाला

    आज साल का सबसे लंबा दिन, 13 घंटे 50 मिनट तक चमका सूरज; भिंड में सबसे ज्यादा दिन का उजाला



    मध्यप्रदेश । 21 जून खगोल विज्ञान और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) कहा जाता है। इस अवसर पर नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने लोगों को इस खगोलीय घटना की वैज्ञानिक जानकारी दी और इससे जुड़े भ्रमों को दूर किया।

    उन्होंने बताया कि ग्रीष्म संक्रांति के दिन पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर लगभग 23.5 डिग्री झुका रहता है। इसी कारण सूर्य की सीधी किरणें कर्क रेखा पर पड़ती हैं और दिन की अवधि वर्ष में सबसे अधिक हो जाती है। यही वजह है कि 21 जून को सूरज सबसे अधिक समय तक आकाश में दिखाई देता है और रात सबसे छोटी होती है।

    अब शुरू होगा दक्षिणायन
    विशेषज्ञों के अनुसार 21 जून के बाद सूर्य की स्थिति धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसकने लगती है, जिसे दक्षिणायन कहा जाता है। इसके साथ ही दिन छोटे और रातें लंबी होने लगती हैं। यह प्रक्रिया आगामी छह महीनों तक जारी रहती है और मौसम में भी धीरे-धीरे बदलाव दिखाई देने लगता है।

    जीरो शैडो डे को लेकर भ्रम
    कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि “जीरो शैडो डे” केवल उन क्षेत्रों में संभव होता है जो कर्क रेखा या उसके आसपास स्थित हैं। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में यह घटना अप्रैल और मई के दौरान देखी जा चुकी है। वहीं दिल्ली और जम्मू जैसे कर्क रेखा के उत्तर में स्थित शहरों में जीरो शैडो डे की घटना नहीं होती।

    मध्य प्रदेश में कहां रहा सबसे लंबा दिन?
    मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में भौगोलिक स्थिति के कारण अंतर देखने को मिला। प्रदेश में सबसे पहले सूर्योदय सिंगरौली में सुबह 5:12 बजे हुआ, जबकि सबसे देर से सूर्यास्त नीमच में शाम 7:22 बजे दर्ज किया गया।

    सबसे लंबे दिन का रिकॉर्ड भिंड के नाम रहा, जहां दिन की अवधि 13 घंटे 50 मिनट रही। वहीं भोपाल में 13 घंटे 34 मिनट, ग्वालियर में 13 घंटे 47 मिनट और मुरैना में 13 घंटे 48 मिनट का दिन दर्ज किया गया।

    प्रमुख शहरों में दिन की अवधि
    भोपाल – 13 घंटे 34 मिनट
    इंदौर – 13 घंटे 32 मिनट
    जबलपुर – 13 घंटे 33 मिनट
    ग्वालियर – 13 घंटे 47 मिनट
    मुरैना – 13 घंटे 48 मिनट
    भिंड – 13 घंटे 50 मिनट (सबसे लंबा दिन)
    रीवा – 13 घंटे 40 मिनट
    सिंगरौली – 13 घंटे 38 मिनट
    नीमच – 13 घंटे 38 मिनट (सबसे देर से सूर्यास्त)
    प्रकृति और विज्ञान का अद्भुत संगम

    ग्रीष्म संक्रांति केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि पृथ्वी और सूर्य के बीच संतुलन का अद्भुत उदाहरण भी है। यह दिन हमें ब्रह्मांड की जटिल लेकिन आकर्षक व्यवस्थाओं को समझने का अवसर देता है। 21 जून के बाद दिन धीरे-धीरे छोटे होने लगेंगे और दिसंबर में वर्ष की सबसे लंबी रात का दौर आएगा।

  • आवासीय भवनों में चल रहे कारोबार पर सख्ती: भोपाल में निगम का अभियान शुरू, अरेरा कॉलोनी-रोहित नगर से कार्रवाई

    आवासीय भवनों में चल रहे कारोबार पर सख्ती: भोपाल में निगम का अभियान शुरू, अरेरा कॉलोनी-रोहित नगर से कार्रवाई


    मध्यप्रदेश । भोपाल में अब आवासीय भवनों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख पॉश इलाकों अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर से इस अभियान की शुरुआत की गई है, जहां निगम के सर्वे दलों ने ऐसे भवनों की पहचान कर कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में कोलार, बावड़िया कला, शाहपुरा, गुलमोहर और अन्य इलाकों में भी इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा।

    नगर निगम की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में 4 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई से पहले शुरू की गई है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने अनधिकृत निर्माण, भूमि उपयोग परिवर्तन और स्वीकृत उपयोग के विपरीत भवनों के इस्तेमाल पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्यों से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। इसी के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने स्थानीय निकायों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    भोपाल नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने सभी जोनों में विशेष सर्वे टीमों का गठन किया है। ये टीमें मौके पर जाकर यह जांच कर रही हैं कि जिन भवनों को आवासीय उपयोग के लिए अनुमति दी गई थी, उनमें कहीं अस्पताल, बैंक, होटल, शोरूम, दुकान, कार्यालय या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां तो संचालित नहीं हो रहीं। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है।

    नोटिस में मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 का उल्लेख करते हुए भवन स्वामी से संबंधित दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो निगम एकपक्षीय कार्रवाई कर सकता है। इसमें जुर्माना, उपयोग परिवर्तन शुल्क या अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।

    नगर निगम के रिकॉर्ड बताते हैं कि चार वर्ष पहले किए गए सर्वे में केवल अरेरा कॉलोनी में 83 और रोहित नगर में 67 मामलों सहित 150 से अधिक ऐसे भवन चिन्हित हुए थे, जहां आवासीय अनुमति के बावजूद व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। अधिकारियों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ी है। इसलिए इस बार केवल पुराने रिकॉर्ड पर निर्भर रहने के बजाय नए सिरे से भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार भोपाल में करीब 25 हजार संपत्तियां ऐसी हैं जो रिकॉर्ड में अब भी आवासीय श्रेणी में दर्ज हैं, लेकिन उनसे व्यावसायिक दर पर संपत्ति कर वसूला जा रहा है। ऐसे मामलों में भूमि उपयोग और भवन अनुमति की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।

    नगर निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शहर में नियोजित विकास सुनिश्चित करना, यातायात और पार्किंग संबंधी समस्याओं को नियंत्रित करना तथा भवन उपयोग से जुड़े नियमों का पालन कराना है। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई पूरे शहर में व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकती है।

  • NEET-UG 2026: भोपाल में ट्रैफिक एडवायजरी जारी, परीक्षार्थियों को समय से निकलने की सलाह

    NEET-UG 2026: भोपाल में ट्रैफिक एडवायजरी जारी, परीक्षार्थियों को समय से निकलने की सलाह


    मध्यप्रदेश । भोपाल में रविवार को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर नगरीय यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक एडवायजरी जारी की है। शहर के 32 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है, इसलिए परीक्षार्थियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    यातायात पुलिस के अनुसार आनंद नगर स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचने वाले मार्ग प्रभात चौराहा से पिपलानी क्षेत्र के बीच मेट्रो निर्माण के कारण संकरे हो गए हैं। ऐसे में टीटी नगर, एमपी नगर, कोलार रोड और पुराने शहर से आने वाले विद्यार्थियों को चेतक ब्रिज, गोविंदपुरा, भेल, महात्मा गांधी चौराहा और पिपलानी पेट्रोल पंप होते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

    इसी प्रकार गौतम नगर स्थित शासकीय गीतांजलि कन्या पीजी कॉलेज के आसपास भी मेट्रो निर्माण कार्य जारी है। डीआईजी बंगला चौराहा से सिंधी कॉलोनी और काजी कैंप तक का मार्ग प्रभावित है। इस केंद्र पर जाने वाले अभ्यर्थियों को नादरा बस स्टैंड, अग्रवाल धर्मशाला, छोला गणेश मंदिर, जेपी ब्रिज तिराहा और डीआईजी बंगला चौराहा मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    पुलिस प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा ताकि विद्यार्थियों को शांत वातावरण मिल सके। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास वाहन पार्किंग की अनुमति भी नहीं होगी। यातायात पुलिस ने अभिभावकों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे अनावश्यक रूप से परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ न लगाएं।

    अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के दिन किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपने केंद्र का पहले से निरीक्षण कर लें और निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले घर से निकलें। इससे ट्रैफिक जाम या मार्ग परिवर्तन की स्थिति में भी वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकेंगे।

    यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या मार्ग संबंधी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049104825, 7049104640 तथा व्हाट्सएप नंबर 7587602055 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से नियमों का पालन कर परीक्षा व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।

  • 23 से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी संकट: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ हड़ताल पर ड्राइवर, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

    23 से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी संकट: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ हड़ताल पर ड्राइवर, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल


    मध्यप्रदेश । भोपाल से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अगले सप्ताह मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 23 जून से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी सेवाएं प्रभावित रहेंगी, क्योंकि टैक्सी चालकों ने एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान चालक ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग एप्स के जरिए आने वाली राइड्स स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

    भोपाल टैक्सी चालक संघ का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले के अनुसार, इससे पहले 7 फरवरी और 12 जून को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण संगठन ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है।

    संघ का आरोप है कि ऐप आधारित टैक्सी कंपनियां राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराया दरों का पालन नहीं कर रही हैं। ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें तय मानकों से कम भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनकी आय लगातार प्रभावित हो रही है। संगठन का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में ड्राइवरों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

    हड़ताल के चलते सबसे अधिक प्रभाव भोपाल एयरपोर्ट पर देखने को मिल सकता है। रोजाना सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से शहर के विभिन्न हिस्सों में जाने के लिए टैक्सी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यात्रियों को निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, पारिवारिक सहायता या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। संघ ने आम लोगों से भी अपील की है कि आंदोलन के समर्थन में इन तीन दिनों के दौरान एग्रीगेटर कंपनियों के मोबाइल एप का उपयोग न करें।

    टैक्सी चालक संघ ने अपनी मांगों में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराए को लागू करने, बेस फेयर 40 रुपये और प्रति किलोमीटर 20 से 25 रुपये किराया तय करने, राइड टाइम का अलग भुगतान, गूगल मैप के आधार पर दूरी की सटीक गणना, ड्राइवरों का बीमा, रात के समय अतिरिक्त शुल्क और भोपाल में कंपनियों के स्थानीय कार्यालय स्थापित करने जैसी मांगें शामिल की हैं। इसके अलावा ड्राइवरों ने बंद की गई आईडी को दोबारा सक्रिय करने और वन-वे बुकिंग व्यवस्था समाप्त कर दोनों तरफ का किराया देने की भी मांग की है।

    गौरतलब है कि हाल ही में राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन भी किया था। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बड़ी संख्या में चालक फटे कपड़े पहनकर और हाथों में कटोरा लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगते नजर आए थे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य यह बताना था कि मौजूदा व्यवस्था में उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

    अब सभी की निगाहें प्रशासन और एग्रीगेटर कंपनियों पर टिकी हैं। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो टैक्सी चालक संघ ने आंदोलन को और तेज करने तथा शहर में टैक्सी और ऑटो सेवाओं को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे 23 से 25 जून के बीच अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर रखें और वैकल्पिक परिवहन साधनों की व्यवस्था कर लें।

  • ई-अटेंडेंस विवाद के बीच महिला शिक्षकों को राहत: संतान पालन अवकाश को माना जाएगा उपस्थिति

    ई-अटेंडेंस विवाद के बीच महिला शिक्षकों को राहत: संतान पालन अवकाश को माना जाएगा उपस्थिति


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों को लेकर चल रहे विवाद के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन महिला शिक्षकों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) स्वीकृत किया गया है, उनकी अवकाश अवधि को ई-अटेंडेंस प्रणाली में उपस्थिति के रूप में मान्यता दी जाएगी। इस निर्णय से उन महिला शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के कारण स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन करने में कठिनाइयों का सामना कर रही थीं।

    प्रदेश में स्वैच्छिक तबादलों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस को अनिवार्य शर्त बनाया है। इस फैसले का प्रदेश के करीब सवा चार लाख शिक्षकों द्वारा विरोध किया जा रहा था। विशेष रूप से महिला शिक्षकों का कहना था कि संतान पालन अवकाश के दौरान उनकी अनुपस्थिति को ई-अटेंडेंस में गैरहाजिरी माना जा रहा है, जिससे वे तबादला प्रक्रिया में पात्रता खो सकती हैं।

    इसी स्थिति को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि स्वीकृत संतान पालन अवकाश की अवधि को कार्य दिवसों में उपस्थिति के रूप में जोड़ा जाएगा। इससे महिला शिक्षकों की ई-अटेंडेंस प्रतिशतता प्रभावित नहीं होगी और वे तबादले के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा कर सकेंगी।

    लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन महिला शिक्षकों को संतान पालन अवकाश स्वीकृत है, वे अपने प्रकरण से संबंधित आवेदन राज्य स्तरीय अभ्यावेदन निराकरण समिति को भेज सकती हैं। विभाग ने इसके लिए विशेष ई-मेल व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। समिति प्रत्येक मामले की जांच करेगी और पात्र पाए जाने पर अवकाश अवधि को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति के रूप में दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

    स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में ऐसे सभी मामलों का संकलन कर उन्हें शीघ्र राज्य स्तरीय समिति को भेजें। इस आदेश की प्रतियां मंत्रालय, कलेक्टरों, संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भी भेज दी गई हैं, ताकि निर्णय का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

    शिक्षा विभाग का यह कदम ऐसे समय आया है जब ई-अटेंडेंस की शर्त को लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा था। कई शिक्षक संगठनों ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए सरकार से नियमों में संशोधन की मांग की थी। महिला शिक्षकों को मिली यह राहत विभाग की ओर से संतुलित समाधान की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल महिला शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि तबादला प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और न्यायसंगत बनाने में भी मदद मिलेगी। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि राज्य स्तरीय समिति इन मामलों का निराकरण कितनी तेजी से करती है और अन्य वर्गों के शिक्षकों की मांगों पर विभाग क्या रुख अपनाता है।

  • श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्म का संगम, ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ सिद्धचक्र महामंडल विधान

    श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्म का संगम, ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ सिद्धचक्र महामंडल विधान


    मध्यप्रदेश । राजधानी भोपाल के वर्धमान नगर स्थित दाता कॉलोनी में रविवार को धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री महावीर जैन मंदिर परिसर में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ विधिवत रूप से किया गया। आयोजन के पहले दिन मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की उपस्थिति से गुलजार रहा और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत जिनालय से निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। गाजे-बाजे, धार्मिक जयघोष और भजनों के बीच निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण किए और हाथों में अष्ट द्रव्य लेकर भगवान की भक्ति में भावपूर्ण भजन गाते हुए यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के जयकारों से वातावरण धर्ममय हो उठा।

    धार्मिक अनुष्ठानों से गूंजा मंदिर परिसर
    प्रवक्ता अंशुल जैन के अनुसार इस पुण्य आयोजन में मालती (स्व.) अनोखी लाल जैन कठनेरा परिवार ने पुण्यार्जक परिवार के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई। धर्म इंद्र सविता नवीन एवं दिगंबर दीक्षा चंदना द्वारा विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अनुष्ठानों में भाग लिया। कलश यात्रा के पश्चात देव आज्ञा, गुरु आज्ञा, मंडप शुद्धि, पात्र शुद्धि तथा अन्य पारंपरिक विधि-विधानों का आयोजन किया गया। वैदिक और जैन परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुई इन धार्मिक क्रियाओं ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।

    28 जून को होगी पूर्णाहुति
    आठ दिनों तक चलने वाला यह पावन श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान 28 जून को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। इस दौरान प्रतिदिन विशेष पूजन, अभिषेक, धार्मिक प्रवचन और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन समिति के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि अधिक से अधिक लोग धर्म लाभ प्राप्त कर सकें।

    कार्यक्रम में मनोज बांगा, विनोद (एमपीटी), विजय जैन, विनोद जैन, प्रमोद, विकास, निखिलेश, वीरेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सफलता और समाज की सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

    यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और सामूहिक सहभागिता को भी मजबूत करने का संदेश देता है।