Category: Madhya Pradesh

  • तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे युवा, इंदौर में भाजपा की यात्रा में दिखा जोरदार उत्साह..

    तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे युवा, इंदौर में भाजपा की यात्रा में दिखा जोरदार उत्साह..

     मध्य प्रदेश:  के इंदौर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से बड़ी तिरंगा यात्रा निकाली गई। टंट्या भील चौराहे से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, युवा, नेता और आम नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर लोग देशभक्ति के नारे लगाते हुए शहर की सड़कों से आगे बढ़े।

    यात्रा के दौरान कई स्थानों पर तिरंगे नजर आए और माहौल में देशभक्ति का रंग दिखाई दिया। आयोजन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को पार्टी की ओर से बड़े जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता के प्रदर्शन के तौर पर भी देखा गया।

    इंदौर में यह यात्रा ऐसे समय निकाली गई, जब शहर का टंट्या भील चौराहा पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां युवाओं की ओर से शिक्षा और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इसी पृष्ठभूमि में भाजपा की तिरंगा यात्रा को राजनीतिक संदेश से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

    हालांकि यात्रा में किसी एक मुद्दे को केंद्र में रखने के बजाय राष्ट्रभक्ति को प्रमुख विषय बनाया गया। कार्यकर्ताओं और युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण शहर में कई जगह आयोजन को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।

    यात्रा में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अलावा विधायक मधु वर्मा, रमेश मेंदोला और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा समेत कई नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिक भी यात्रा का हिस्सा बने। इससे आयोजन का दायरा केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहा।

    तिरंगा यात्रा में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से दिखाई दी। बड़ी संख्या में युवा तिरंगा लेकर आगे बढ़ते नजर आए। भाजपा की ओर से युवाओं की इस भागीदारी को संगठन के प्रति समर्थन और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।

    टंट्या भील चौराहे पर हाल में हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा की ओर से निकाली गई यह यात्रा शहर की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रही। एक ओर जहां युवाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने तिरंगा यात्रा के जरिए राष्ट्रभक्ति को केंद्र में रखते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। सड़क पर तिरंगा लेकर चल रहे लोगों और देशभक्ति के नारों से माहौल में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा ने संगठन की सक्रियता के साथ युवाओं और आम लोगों की भागीदारी को भी सामने रखा।

    इंदौर में स्वतंत्रता दिवस के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के बीच भाजपा की यह तिरंगा यात्रा राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से चर्चा में रही। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक रूप दिया और शहर में राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों के बीच इसकी अलग पहचान बनी।

  • उज्जैन में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह, गौतम टेटवाल ने फहराया तिरंगा और शहीद परिवारों को किया सम्मानित

    उज्जैन में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह, गौतम टेटवाल ने फहराया तिरंगा और शहीद परिवारों को किया सम्मानित


    मध्य प्रदेश:
    के उज्जैन में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह दशहरा मैदान पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई। इसके बाद प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने ध्वजारोहण किया। तिरंगा फहराए जाने के बाद राष्ट्रगान हुआ और परेड का आयोजन किया गया।

    ध्वजारोहण के बाद प्रभारी मंत्री ने परेड की सलामी ली। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली विद्यार्थी और शहर के नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का विशेष आयोजन किया गया।

    दशहरा मैदान पर ध्वजारोहण के दौरान संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, डीआईजी नवनीत भसीन, विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा और सांसद अनिल फिरोजिया सहित अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनके परिजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

    ध्वजारोहण के बाद समारोह में परेड निरीक्षण और मार्च पास्ट हुआ। इसके साथ ही परेड कमांडरों से परिचय कराया गया। कार्यक्रम में हर्ष फायर के बाद राष्ट्रगान और मध्य प्रदेश गान भी हुआ। स्वतंत्रता दिवस समारोह की निर्धारित गतिविधियों के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

    समारोह में स्कूली विद्यार्थियों ने पीटी का प्रदर्शन किया। इसके बाद बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति गीतों पर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति का संदेश दिया।

    कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। इसके अलावा कारगिल शहीदों के परिवारों को भी सम्मानित किया गया। देहदान करने वाले लोगों के परिजनों का भी समारोह में सम्मान किया गया।

    सम्मान समारोह स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। शहीद परिवारों और अन्य सम्मानित लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम और देश के लिए योगदान देने वाले लोगों को याद किया गया।

    समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के संदेश का प्रसारण भी किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय भावना, देश के लिए बलिदान और सामाजिक योगदान से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

    दशहरा मैदान पर आयोजित समारोह में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी भी शामिल हुए। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और परेड के कारण कार्यक्रम में विविध गतिविधियां देखने को मिलीं।

    उज्जैन के मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह को एक साथ शामिल किया गया। प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की और परेड की सलामी ली। इसके बाद विभिन्न प्रस्तुतियों और सम्मान कार्यक्रमों के साथ समारोह आगे बढ़ा।

    इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों और कारगिल शहीदों के परिवारों का सम्मान कर उनके योगदान को याद किया गया। स्कूली बच्चों ने पीटी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए समारोह में भागीदारी की। बड़ी संख्या में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मौजूदगी में उज्जैन का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह संपन्न हुआ।

  • उज्जैन में स्वतंत्रता दिवस की सुबह बदला बाबा महाकाल का स्वरूप, तिरंगे रंगों में हुए विशेष श्रृंगार के दर्शन

    उज्जैन में स्वतंत्रता दिवस की सुबह बदला बाबा महाकाल का स्वरूप, तिरंगे रंगों में हुए विशेष श्रृंगार के दर्शन

    मध्य प्रदेश: के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बाबा महाकाल का विशेष तिरंगा श्रृंगार किया गया। शनिवार तड़के हुई भस्म आरती में भगवान महाकाल को केसरिया, सफेद और हरे रंगों से सजाया गया। इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

    सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मंदिर के कपाट तड़के 2.30 बजे खोले गए। कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और पंचामृत से अभिषेक की प्रक्रिया संपन्न हुई।

    पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। अभिषेक और पूजन के बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार शुरू हुआ। इस दौरान भांग, चंदन और विभिन्न आभूषणों के साथ भगवान का अलंकरण किया गया।

    स्वतंत्रता दिवस के कारण इस बार श्रृंगार में तिरंगे के रंगों को प्रमुखता दी गई। बाबा महाकाल के मस्तक पर केसरिया, सफेद और हरे रंग का तिरंगा त्रिपुंड लगाया गया। इसके साथ रजत मुकुट पर भारत के तिरंगे का प्रतीक भी सजाया गया।

    श्रृंगार के दौरान भगवान के दोनों ओर हाथी के आभूषण लगाए गए। इसके अलावा रंग-बिरंगी पुष्प मालाओं से भी बाबा महाकाल का अलंकरण किया गया। भस्म आरती की धार्मिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न पूजन और श्रृंगार की प्रक्रियाएं पूरी की गईं।

    भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म अर्पित की गई।

    भस्म अर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाबा महाकाल को विभिन्न रजत आभूषणों से सजाया गया। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई। इसके साथ पुष्प मालाओं और सुगंधित फूलों से भी भगवान का श्रृंगार किया गया।

    भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल को राजा स्वरूप में सजाया गया और फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुए इस विशेष श्रृंगार में धार्मिक परंपरा के साथ तिरंगे रंगों की झलक देखने को मिली।

    मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी धार्मिक परंपरा के बीच श्रद्धालुओं ने भस्म आरती में बाबा महाकाल के विशेष स्वरूप के दर्शन किए।

    भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन के साथ नंदी महाराज के भी दर्शन किए। कई श्रद्धालुओं ने नंदी के कान के समीप अपनी मनोकामना व्यक्त की और आशीर्वाद मांगा।

    आरती के दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल के जयकारे लगाते रहे। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे रंगों में सजे बाबा महाकाल के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए इस दिन के धार्मिक आयोजन की खास झलक रहे।

  • भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, परेड की सलामी के साथ दोहराया विकास का संकल्प

    भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, परेड की सलामी के साथ दोहराया विकास का संकल्प


    मध्य प्रदेश
    : में स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तिरंगा फहराया और इसके बाद परेड की सलामी ली। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे और पूरे आयोजन के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ध्वजारोहण के बाद देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले अमर शहीदों को नमन किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प दोहराया।

    लाल परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम हुए। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ध्वजारोहण और परेड की सलामी समारोह के प्रमुख कार्यक्रम रहे। आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए थे।

    मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी लेकर समारोह में शामिल दलों का अभिवादन स्वीकार किया। स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन में परेड को विशेष महत्व दिया गया। अनुशासन और राष्ट्रीय भावना से जुड़े इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

    भोपाल में आयोजित इस समारोह के दौरान नागरिकों की मौजूदगी भी देखने को मिली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के मुख्य समारोह में शामिल होने के लिए लोग लाल परेड ग्राउंड पहुंचे। कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर शहीदों के योगदान को याद किया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन करते हुए उन्होंने प्रदेश के विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया।

    विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प मुख्यमंत्री के संबोधन और कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

    लाल परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में तिरंगा फहराए जाने के बाद परेड की सलामी का कार्यक्रम हुआ। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह होने के कारण यहां सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भोपाल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को याद किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के साथ स्वतंत्रता दिवस का यह महत्वपूर्ण अवसर साझा किया।

    समारोह में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी रही। आयोजन स्थल और आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराने के बाद परेड की सलामी ली और अमर शहीदों को नमन करते हुए विकसित एवं आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प दोहराया।

  • सीवरेज प्रोजेक्ट में सुस्ती पड़ी भारी, पांच कंपनियों पर गिरी गाज; नई सरकारी निविदाओं से भी बाहर

    सीवरेज प्रोजेक्ट में सुस्ती पड़ी भारी, पांच कंपनियों पर गिरी गाज; नई सरकारी निविदाओं से भी बाहर


    भोपाल। भोपाल में अमृत मिशन की सीवरेज परियोजनाओं में लगातार हो रही देरी को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने काम की धीमी रफ्तार और अनुबंध की शर्तों के पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए भोपाल देवास सतना और पीथमपुर की पांच परियोजनाओं से जुड़ी ठेकेदार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कार्रवाई के बाद संबंधित कंपनियां ब्लैकलिस्ट की अवधि में विभाग और उसके अधीन आने वाले नगरीय निकायों की नई निविदाओं और बोलियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। यह कदम उन परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है जिनका सीधा संबंध शहरों की बुनियादी सुविधाओं से है।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित नगरीय निकायों और ठेकेदार कंपनियों का पक्ष सुना गया। इसके बाद परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और अनुबंध की शर्तों की समीक्षा की गई। विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि अमृत मिशन जैसी जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को अब सामान्य प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी विभाग की समीक्षा बैठकों में धीमी प्रगति वाले कामों पर सस्पेंशन एलडी और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।

    भोपाल में अमृत 2.0 की दो सीवरेज परियोजनाएं इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं। पैकेज-2 के लिए मेसर्स जयवरूदी इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और पैकेज-3 के लिए मेसर्स एलसी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया गया है। राजधानी में सीवरेज नेटवर्क से जुड़े इन कामों की धीमी प्रगति को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सीवरेज परियोजनाओं में सड़क खुदाई पाइपलाइन बिछाने सीवर नेटवर्क तैयार करने और घरों को कनेक्शन देने जैसे काम शामिल होते हैं। ऐसे कार्यों में देरी का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

    देवास की सीवरेज परियोजना में मेसर्स दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई हुई है। वहीं सतना की अमृत 1.0 परियोजना से जुड़ी मेसर्स इनविराड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। पीथमपुर की अमृत 2.0 परियोजना में मेसर्स आर एंड बी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड कार्रवाई के दायरे में आई है। इस तरह चार शहरों की पांच परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है।

    आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों और ठेकेदारों को साफ संदेश दिया है कि अमृत मिशन की परियोजनाएं सीधे जनता से जुड़ी हैं। इसलिए तय समय के अनुसार काम पूरा नहीं करना और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। विभाग ने बचे हुए काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश भी दिए हैं। परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के जरिए उनकी भौतिक और वित्तीय प्रगति पर नजर रखने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।

    मध्य प्रदेश सरकार पहले भी शहरी विकास योजनाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करती रही है। जनवरी 2026 में हुई अमृत मंथन कार्यशाला के दौरान भी 35 परियोजनाओं की धीमी प्रगति सामने आने के बाद ठेकेदारों को नोटिस देने और 13 संविदाकारों को ब्लैकलिस्ट करने की जानकारी सामने आई थी।

    अब ताजा कार्रवाई से यह संकेत स्पष्ट है कि अमृत मिशन की परियोजनाओं में देरी को लेकर विभाग अपना रुख और सख्त कर रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा जारी रहेगी और यदि काम में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार पक्षों पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • विभाजन विभीषिका दिवस पर CM का बड़ा संदेश, बोले- बंटवारे का दर्द आज भी व्यथित करता है मन

    विभाजन विभीषिका दिवस पर CM का बड़ा संदेश, बोले- बंटवारे का दर्द आज भी व्यथित करता है मन


    भोपाल। विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भोपाल के शौर्य स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने तथा विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले लोगों को याद किया। मुख्यमंत्री ने शौर्य स्मारक परिसर में नवनिर्मित डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ भी किया। इस डिजिटल लाइब्रेरी में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और वहां मौजूद डिजिटल सामग्री के बारे में जानकारी ली।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की तिरंगा यात्रा को शौर्य स्मारक तिराहे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा भारत माता चौराहा यानी डिपो चौराहा तक पहुंची। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहा हर घर तिरंगा अभियान देशभर में राष्ट्रभक्ति और जनभागीदारी का उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों में तिरंगा पूरे सम्मान और गर्व के साथ लहरा रहा है।

    विभाजन विभीषिका दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने 1947 के उस दौर को याद किया जब भारत के विभाजन के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर और संपत्ति छोड़कर पलायन करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय लोगों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया और इस त्रासदी की पीड़ा को याद कर आज भी मन व्यथित हो उठता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय से सीख लेते हुए देशवासियों को एकता भाईचारे और अखंड राष्ट्रीय भावना को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन केवल सीमाओं के बदलने की घटना नहीं थी बल्कि इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए। लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा और अनेक परिवारों ने अपनों को खोया। ऐसे में विभाजन विभीषिका दिवस का उद्देश्य इतिहास की उस त्रासदी को याद करना और आने वाली पीढ़ियों को उसके बारे में जानकारी देना भी है। शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम के जरिए इसी इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

    इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम और देश के इतिहास से जुड़ी सामग्री को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। इससे युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न पहलुओं और देश के लिए बलिदान देने वाली विभूतियों के योगदान को समझने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कांग्रेस पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सत्य को नहीं जानती तो सत्याग्रह की बात कैसे करेगी। उन्होंने पार्टी को आत्ममंथन और आत्ममूल्यांकन करने की सलाह देते हुए अपने राजनीतिक विचार रखे। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य केंद्र विभाजन की त्रासदी को याद करना और राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश देना रहा।

    डॉ. मोहन यादव ने भारत के भविष्य को लेकर भी अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और युवा देश है तथा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ राष्ट्रीय विकास में भागीदारी की बात कही।

    शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम ने स्वतंत्रता दिवस से पहले भोपाल में राष्ट्रभक्ति का माहौल और मजबूत किया। एक तरफ विभाजन की पीड़ा को याद कर इतिहास से सीख लेने का संदेश दिया गया तो दूसरी ओर तिरंगा यात्रा के जरिए देश के प्रति सम्मान और एकता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्रीय एकता भाईचारे और देश की अखंडता को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

  • नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, MP Nursing Council के Registrar पद से हटाए गए मुकेश सिंह

    नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, MP Nursing Council के Registrar पद से हटाए गए मुकेश सिंह


    भोपाल। भोपाल में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। नर्सिंग परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और लंबित रिजल्ट को लेकर छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच काउंसिल के Registrar मुकेश सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई Deputy CM और लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देश के बाद की गई बताई जा रही है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की नाराजगी के बीच हुई इस कार्रवाई को सरकार की ओर से अहम कदम माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े मामलों पर पहले भी न्यायिक स्तर पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं और हाईकोर्ट ने हाल में काउंसिल के Registrar को राज्य के नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित रिकॉर्ड के साथ पेश होने के निर्देश दिए थे।

    दरअसल नर्सिंग छात्रों के संगठन NSO से जुड़े छात्र 8 अगस्त से नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में देरी और रिजल्ट समय पर जारी नहीं होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और दूसरे संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया भी लंबित परिणामों के कारण प्रभावित होने की बात कही जा रही है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया और इसी बीच Registrar को हटाने की कार्रवाई सामने आई है।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे प्रमुख मांग GNM और BSc Nursing के लंबित रिजल्ट जल्द जारी करने की है। विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों को जल्द राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही आगामी नर्सिंग परीक्षाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द आयोजित कराने की मांग भी की गई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणाम में लगातार देरी होने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है और भविष्य की पढ़ाई तथा नौकरी से जुड़ी योजनाएं भी अटक रही हैं।

    छात्रों ने छात्रवृत्ति से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि SC ST और OBC वर्ग के विद्यार्थियों के साथ पैरामेडिकल छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाए। इसके अलावा EWS और General वर्ग के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति की व्यवस्था करने की मांग सामने आई है। छात्रों का कहना है कि आर्थिक परेशानियों के कारण कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं और छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक व्यापक बनाया जाना चाहिए।

    नर्सिंग छात्रों की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग प्रदेश के नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से जोड़ने की है। इसके साथ ही Faculty Management System लागू करने की मांग भी की जा रही है। छात्रों का तर्क है कि संस्थानों में फैकल्टी और शैक्षणिक व्यवस्था की बेहतर निगरानी के लिए पारदर्शी सिस्टम जरूरी है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट की निगरानी भी पहले से रही है और अदालत ने दस्तावेजों तथा छात्रों की व्यवस्था से संबंधित मामलों में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    ऐसे में Registrar को हटाने की कार्रवाई को नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि लंबित रिजल्ट परीक्षा आयोजन छात्रवृत्ति और संस्थानों से जुड़े छात्रों के सभी मुद्दों का समाधान अब आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा। छात्रों की नजर अब इस बात पर है कि लंबित परिणाम कब जारी होते हैं और आगामी परीक्षाओं को लेकर सरकार और काउंसिल क्या निर्णय लेती है।

  • नागपंचमी पर सांपों को दूध पिलाने से बचाएं जान, उज्जैन में भगतजी संस्थान चलाएगा विशेष जागरूकता अभियान

    नागपंचमी पर सांपों को दूध पिलाने से बचाएं जान, उज्जैन में भगतजी संस्थान चलाएगा विशेष जागरूकता अभियान

    उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में नागपंचमी के पावन अवसर पर जीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखा जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा। अक्सर नागपंचमी के दौरान परंपराओं के नाम पर सांपों को दूध पिलाने का चलन देखा जाता है। हालांकि, जीव विशेषज्ञों के अनुसार जबरन तरल पदार्थ या दूध पिलाने से सांपों के फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है, जिससे उनकी मृत्यु की आशंका अत्यधिक बढ़ जाती है। इसी भ्रम को दूर करने और लोगों में संवेदनशीलता जगाने के उद्देश्य से भगतजी सेवा संस्थान द्वारा एक विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।

    संस्थान द्वारा यह आयोजन पर्यावरण बचाओ – सरीसृप मुस्कुराओ थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सांपों के प्रति पारंपरिक भ्रांतियों से दूर करना और उन्हें जीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है। आयोजन में विशेषज्ञों की उपस्थिति रहेगी जो लोगों को विभिन्न प्रजातियों के सांपों को पहचानने, उनसे दूरी बनाए रखने, और दुर्भाग्यवश सर्पदंश की स्थिति में अपनाए जाने वाले प्राथमिक उपचार एवं बचाव के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देंगे।

    इस जागरूकता कार्यक्रम को आकर्षक और जन-सामान्य से जोड़ने के लिए एक अनूठी प्रतियोगिता का भी समावेशन किया गया है। सुबह के समय नियमित भ्रमण और व्यायाम करने वाले नागरिकों के लिए नागिन धुन पर एरोबिक्स एक्सरसाइज की स्पर्धा आयोजित की जाएगी। इस अनूठे प्रदर्शन के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यायाम प्रेमियों को आयोजकों की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।

    पर्यावरणविदों और वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि सांप पारिस्थितिकी तंत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और चूहों को नियंत्रित रखकर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। अंधविश्वास और अज्ञानता के कारण हर साल कई बेजुबान जीवों की जान चली जाती है। ऐसे में इस प्रकार के नवाचार और जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और बेजुबान जीवों की रक्षा करने में अत्यंत प्रभावकारी सिद्ध हो सकते हैं।

  • गांधी मेडिकल कॉलेज में पूर्व छात्रों का बड़ा तोहफा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया एरीना का उद्घाटन

    गांधी मेडिकल कॉलेज में पूर्व छात्रों का बड़ा तोहफा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया एरीना का उद्घाटन


    भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के 71वें स्थापना दिवस समारोह में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व छात्रों के सहयोग से तैयार किए गए आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक, पूर्व छात्र और विद्यार्थी मौजूद रहे।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। एमबीबीएस, स्नातकोत्तर और विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा की सीटों में लगातार वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के साथ सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक और विशेषज्ञ उपचार की सुविधा राज्य के भीतर उपलब्ध कराना है, ताकि बेहतर इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।

    राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में बीमारियों का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रखा जा सकता। बीमारी की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को भी समान महत्व देना जरूरी है।

    उन्होंने सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और जागरूक नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकारी प्रयासों को प्रभावी बनाने में समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन के लगातार सहयोग की सराहना की और कहा कि पूर्व छात्रों का अपनी संस्था से जुड़ाव वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।

    विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अंगदान का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप देने की जरूरत बताई।

    कार्यक्रम के दौरान गांधी मेडिकल कॉलेज में मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड का भी शुभारंभ किया गया। इसके तहत कैंसर उपचार से जुड़े अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ मिलकर मरीज के मामले पर विचार करेंगे और उपचार की समन्वित रणनीति तैयार करेंगे। इससे मरीजों को अलग-अलग विभागों के बीच भटकने की आवश्यकता कम होने और उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।

    राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों से सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

    एलुमनाई एसोसिएशन ने स्थापना दिवस पर करीब 9,000 वर्गफुट क्षेत्र में निर्मित आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना कॉलेज को समर्पित किया। इसकी अनुमानित लागत करीब 35 लाख रुपये बताई गई। इसे विद्यार्थियों में फिटनेस, टीमवर्क, अनुशासन और तनावमुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में उपयोगी पहल माना गया।

    एलुमनाई एसोसिएशन ने कॉलेज और छात्र हित के भविष्य के विकास कार्यों के लिए करीब एक करोड़ रुपये का स्थायी कॉर्पस फंड भी तैयार किया है। समारोह में स्वच्छता जागरूकता प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। स्थापना दिवस पर कॉलेज के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए संस्थान की निरंतर प्रगति की कामना की गई।

  • भोपाल की सड़कों पर उमड़ा तिरंगों का सैलाब, एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा; नशामुक्ति का भी संदेश

    भोपाल की सड़कों पर उमड़ा तिरंगों का सैलाब, एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा; नशामुक्ति का भी संदेश


    भोपाल। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देशभक्ति का विशाल नजारा देखने को मिला। हर घर तिरंगा अभियान के तहत शुक्रवार को करीब 32 किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। कर्मश्री संस्था और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। यात्रा कोलार सिक्स लेन स्थित मदर टेरेसा स्कूल के सामने से शुरू होकर संत नगर स्थित भैंसाखेड़ी मंडी तक पहुंच रही है। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में एक लाख से अधिक नागरिकों के शामिल होने का दावा किया गया है जबकि करीब 50 हजार वाहनों का पंजीयन कराया गया है।

    32 किलोमीटर लंबे रूट पर जगह जगह स्वागत मंच बनाए गए हैं। आयोजन समिति के अनुसार यात्रा का 1100 से ज्यादा स्थानों पर स्वागत किया जा रहा है। रास्ते में बड़ी संख्या में युवा महिलाएं सामाजिक संगठनों के सदस्य और आम नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। कई जगह पुष्प वर्षा के साथ यात्रा का स्वागत किया गया। देशभक्ति के गीतों और भारत माता की जय के नारों से भोपाल की सड़कें गूंजती नजर आईं। यात्रा में स्कूली बच्चों की भागीदारी भी देखने को मिली।

    यात्रा में शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे पूरा भोपाल सड़कों पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत देशभर में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवा शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि तिरंगे के साथ युवा देश के सम्मान स्वाभिमान और गौरव को नई ऊंचाई देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता का भी उल्लेख किया और कहा कि देश अब अपने दुश्मनों से निपटने के लिए उनकी सीमा में जाकर कार्रवाई करने में सक्षम है।

    यात्रा के आयोजक और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने राष्ट्रभक्ति के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। यात्रा में इस बार सामाजिक जागरूकता को भी प्रमुखता दी गई है। शहर के अलग अलग स्थानों पर बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर नशामुक्ति से जुड़े संदेश दिखाई दिए। इनमें Gen-Z Against Addiction और नशा मुक्त युवा जैसे संदेश शामिल हैं।

    रामेश्वर शर्मा ने यात्रा के दौरान अखंड भारत से जुड़ा राजनीतिक बयान भी दिया। उन्होंने लाहौर ढाका और कराची का जिक्र करते हुए कहा कि भारत इन्हें नहीं भूला है और भविष्य में वहां भी तिरंगा फहराने की बात कही। यह बयान यात्रा के दौरान दिए गए उनके राजनीतिक संदेश का हिस्सा रहा।


    भोपाल में इस तरह की विशाल तिरंगा यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। इतने लंबे रूट पर बड़ी संख्या में वाहनों और नागरिकों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात रहीं। अलग अलग स्थानों पर यात्रा के सुचारू संचालन के लिए व्यवस्थाएं की गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इससे पहले भी भोपाल में हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। इस अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करना है।

    इस तरह भोपाल की 32 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा में राष्ट्रभक्ति के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया गया। तिरंगे के साथ उमड़ी भीड़ और शहरभर में बने स्वागत मंचों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में उत्सव का माहौल बना दिया।