Category: Madhya Pradesh

  • छुट्टियों की खुशियां बदलीं मातम, में उज्जैन में जहरीली गैस से दो बच्चियों की मौत

    छुट्टियों की खुशियां बदलीं मातम, में उज्जैन में जहरीली गैस से दो बच्चियों की मौत


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर के नानाखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित त्रिवेणी हिल्स से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है जहां गर्मियों की छुट्टियां मनाने आए दो परिवारों की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। यहां नाना के घर आए परिवार के दो मासूम बच्चों की बंद कमरे में जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य जिस छोटे से कमरे में सो रहे थे वहां बड़ी मात्रा में गेहूं का भंडारण किया गया था। यह कमरा लगभग 10 बाय 15 फीट का था और रात के समय पूरी तरह बंद होने के कारण अंदर ऑक्सीजन की कमी और संभवतः रासायनिक प्रतिक्रिया से जहरीली गैस का निर्माण हो गया। इसी स्थिति में कमरे में सो रहे बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

    सुबह करीब 9 बजे जब परिजनों की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बच्चों की हालत बेहद गंभीर है। मासूमों के मुंह से झाग निकल रहा था और वे बेहोश अवस्था में थे। घबराए परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी।

    इस हादसे में शाजापुर की रहने वाली मात्र डेढ़ महीने की मासूम तृषा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया जबकि कायथा निवासी चार वर्षीय अनिका की भी मौत हो गई। दोनों मासूमों की मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    बताया जा रहा है कि छुट्टियों के चलते कई रिश्तेदार एक साथ त्रिवेणी हिल्स स्थित नाना के घर इकट्ठा हुए थे और वहीं यह दुखद घटना घटित हो गई। प्रारंभिक आशंका के अनुसार गेहूं के भंडारण के साथ रखी गई कीटनाशक दवाओं या बंद कमरे में हुई रासायनिक प्रक्रिया के कारण जहरीली गैस बनने की संभावना जताई जा रही है।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वास्तव में गैस बनने का कारण क्या था और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही शामिल थी।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और पीड़ित परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है। मासूमों की असामयिक मौत ने एक बार फिर घरों में अनाज भंडारण और सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • बुधवारी बाजार में अवैध पार्किंग पर सख्ती, 20 वाहनों के चालान कटे

    बुधवारी बाजार में अवैध पार्किंग पर सख्ती, 20 वाहनों के चालान कटे


    सिवनी सिवनी शहर के व्यस्त बुधवारी बाजार क्षेत्र में यातायात पुलिस ने अवैध पार्किंग और सड़क अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 20 से अधिक वाहनों के चालान काटे गए। अभियान का नेतृत्व एएसआई शत्रुधन चौरिया ने किया। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु और व्यवस्थित बनाना है।

    सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग पर कसा शिकंजा

    अभियान के दौरान पुलिस ने उन वाहन चालकों को मौके पर ही सख्त चेतावनी दी, जिन्होंने निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने के बजाय सड़क किनारे और मुख्य मार्ग पर वाहन खड़े कर रखे थे। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि आगे से नियमों का उल्लंघन करने पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    अतिक्रमण से सिकुड़ी सड़क, बढ़ा जाम का संकट

    बुधवारी बाजार से जुड़े नेहरू रोड और मॉडल रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बताया जा रहा है कि पहले जहां सड़क की चौड़ाई लगभग 30 फीट थी, वहीं अब अवैध कब्जों और सड़क पर फैले सामान के कारण यह घटकर करीब 20 फीट रह गई है। इस वजह से क्षेत्र में आए दिन जाम की स्थिति बनती है और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    दुकानदारों को अंतिम चेतावनी, सामान जब्ती की चेतावनी

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उन दुकानदारों को भी चेतावनी दी जो अपनी दुकानों का सामान फुटपाथ और सड़क तक फैला कर व्यापार कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में नियमों का पालन नहीं किया गया तो सामान जब्त कर कड़ी जुर्माना कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि बाजार व्यवस्था को सुधारने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

    स्थायी समाधान की मांग उठा रहे स्थानीय लोग

    स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका और पुलिस प्रशासन से अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त और नियमित अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अक्सर कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हो जाती है, लेकिन कुछ दिनों बाद ही दुकानदार फिर से सड़क पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है।

    सिवनी के बुधवारी बाजार में हुई यह कार्रवाई यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि, स्थायी समाधान के लिए प्रशासन और नागरिकों के बीच समन्वय और लगातार निगरानी बेहद जरूरी है।

  • छिंदवाड़ा बस हादसा: कंडक्टर की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11

    छिंदवाड़ा बस हादसा: कंडक्टर की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11


    छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में उमरानाला स्थित सिमरिया हनुमान मंदिर के पास हुआ भीषण सड़क हादसा अब और भी दुखद हो गया है। इस हादसे में घायल बस कंडक्टर राकेश भूरा मालवी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। उनके निधन के साथ ही इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है। राकेश भूरा मालवी नरसिंहपुर रोड खापाभाट वार्ड क्रमांक 10 के निवासी थे और हादसे के समय उसी बस में कंडक्टर के रूप में तैनात थे।

    सीएम की सभा से लौटते समय हुआ हादसा, बस पलटी

    यह दर्दनाक दुर्घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम (सभा) में शामिल होकर लोग बस से वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सिमरिया हनुमान मंदिर के पास सामने से आ रहे एक वाहन से बस की जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।

    मौके पर ही 10 लोगों की मौत, 30 से अधिक घायल

    हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर ही 10 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि 30 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत जिला अस्पताल और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।

    इलाज के दौरान कंडक्टर ने तोड़ा दम

    हादसे में गंभीर रूप से घायल बस कंडक्टर राकेश भूरा मालवी को बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनके निधन के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

    प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया और घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाया गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    इलाके में शोक और दहशत का माहौल

    इस भीषण हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। एक ओर जहां मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर घायलों के परिजन अस्पतालों के बाहर अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। स्थानीय लोग इसे हाल के वर्षों का सबसे भयावह सड़क हादसों में से एक बता रहे हैं।

    छिंदवाड़ा का यह सड़क हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की गंभीरता को उजागर करता है। अब प्रशासन पर जिम्मेदारी है कि न सिर्फ पीड़ित परिवारों को सहायता मिले, बल्कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।

  • 500 मेगावाट यूनिट ने दिखाया दम बिरसिंगपुर में 150 दिन बिना रुके बिजली उत्पादन

    500 मेगावाट यूनिट ने दिखाया दम बिरसिंगपुर में 150 दिन बिना रुके बिजली उत्पादन

    भोपाल । मध्यप्रदेश में ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है जहां मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड MPPGCL के संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर 5 ने लगातार 150 दिनों तक निर्बाध विद्युत उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दक्षता का उदाहरण है बल्कि संयंत्र की विश्वसनीयता और बेहतर प्रबंधन प्रणाली को भी दर्शाती है।

    यह यूनिट 16 नवंबर 2025 से लगातार संचालन में है और तब से अब तक बिना किसी बड़े व्यवधान के विद्युत उत्पादन कर रही है। इस दौरान यूनिट ने उच्च स्तरीय परिचालन मानकों पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है जिससे यह साबित होता है कि संयंत्र की तकनीकी व्यवस्था और रखरखाव प्रणाली बेहद मजबूत है।

    उत्पादन के दौरान यूनिट नंबर 5 ने 98.64 प्रतिशत का प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर हासिल किया जो यह दर्शाता है कि संयंत्र लगभग पूरी क्षमता के साथ उपलब्ध और सक्रिय रहा। इसके साथ ही 98.45 प्रतिशत का प्लांट लोड फैक्टर दर्ज किया गया जो उत्पादन क्षमता के अधिकतम उपयोग को इंगित करता है। वहीं ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में भी यूनिट ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सहायक विद्युत खपत को केवल 5.52 प्रतिशत तक सीमित रखा जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    इस उपलब्धि के पीछे केवल मशीनों की दक्षता ही नहीं बल्कि वहां कार्यरत अभियंताओं तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों की निरंतर मेहनत और समर्पण भी अहम भूमिका में रहा है। टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी संयंत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया और नियमित निगरानी के साथ समय पर रखरखाव कर उत्पादन को बिना बाधा जारी रखा।

    यह पहली बार नहीं है जब इस यूनिट ने ऐसा प्रदर्शन किया हो। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इस संयंत्र की कई यूनिटों ने 100 दिनों से अधिक लगातार उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया था। यूनिट नंबर 5 पहले भी दो बार यह उपलब्धि हासिल कर चुकी है और अब वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत 150 दिनों के नए रिकॉर्ड के साथ की है जिससे इसकी विश्वसनीयता और बढ़ गई है।

    इस उपलब्धि को मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जो राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करता है। लगातार उत्पादन का यह रिकॉर्ड आने वाले समय में अन्य यूनिटों के लिए भी एक प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

  • कटनी में कलेक्टोरेट गेट पर चक्काजाम, शराब दुकान हटाने की मांग

    कटनी में कलेक्टोरेट गेट पर चक्काजाम, शराब दुकान हटाने की मांग


    कटनी मध्य प्रदेश के कटनी जिले में घंटाघर स्थित हनुमान मंदिर के सामने संचालित शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अब बजरंग दल ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट के सामने चक्काजाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल के ठीक सामने शराब दुकान का संचालन आस्था और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    कलेक्ट्रेट गेट पर चक्काजाम और जमकर नारेबाजी
    प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे और वहीं सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान माहौल काफी गर्म हो गया और कार्यकर्ताओं ने आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चक्काजाम के कारण कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर यातायात भी प्रभावित हुआ।

    हनुमान चालीसा पाठ कर जताया विरोध
    विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अनोखा तरीका अपनाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के पास बैनर लगाकर धरना दिया और वहीं बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक शराब दुकान को मंदिर के सामने से हटाने की कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

    पुलिस बल रहा तैनात, स्थिति पर रखी गई नजर
    प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही माधव नगर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन भारी भीड़ और चक्काजाम के कारण प्रशासनिक गतिविधियों पर असर देखने को मिला।

    प्रशासन से कार्रवाई की मांग पर अड़े कार्यकर्ता
    बजरंग दल की मुख्य मांग स्पष्ट है कि घंटाघर स्थित हनुमान मंदिर के सामने चल रही शराब दुकान को तुरंत हटाया जाए। संगठन का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास इस तरह की दुकानों का संचालन समाज की भावनाओं को आहत करता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द कोई निर्णय नहीं लेता, तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।

    कटनी में हुआ यह प्रदर्शन अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर धार्मिक भावनाओं का मुद्दा है, तो दूसरी ओर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी। ऐसे में देखना होगा कि जिला प्रशासन इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्या मंदिर के सामने संचालित शराब दुकान को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाता है या नहीं।

  • दमोह में कलेक्टर ने वृद्धाश्रम पहुंचकर लिया आशीर्वाद, बुजुर्गों को बांटे फल

    दमोह में कलेक्टर ने वृद्धाश्रम पहुंचकर लिया आशीर्वाद, बुजुर्गों को बांटे फल


    दमोहदमोह के नवागत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गुरुवार को पदभार संभालने के बाद वृद्धाश्रम का दौरा कर मानवीय पहल का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उन्हें फल वितरित किए।

    वृद्धों से मिलकर लिया आशीर्वाद

    कलेक्टर ने वृद्धाश्रम पहुंचकर सभी बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिससे वहां मौजूद बुजुर्ग भावुक और प्रसन्न नजर आए। उन्होंने प्रत्येक वृद्ध महिला और पुरुष से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की।

    समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश

    निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग ने पारिवारिक समस्या बताते हुए कहा कि उनकी बहू ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है। इस पर कलेक्टर ने तुरंत एसडीएम को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि वृद्धजनों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

    वृद्धाश्रम में सुविधाओं की ली जानकारी

    कलेक्टर ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली और यह जानने का प्रयास किया कि बुजुर्गों को किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से दी जा रही सुविधाओं का लाभ सभी को समय पर मिलना चाहिए।

    लगभग एक घंटे चला दौरा

    कलेक्टर करीब एक घंटे तक वृद्धाश्रम में रहे। इस दौरान एसडीएम सौरव गंधर्व और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। वर्तमान में वृद्धाश्रम में लगभग 30 बुजुर्ग रह रहे हैं, जिन्हें शासन और सामाजिक संस्थाओं की मदद से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    कलेक्टर का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं बल्कि एक संवेदनशील प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसने बुजुर्गों में भरोसा और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है।

  • नगरीय सुधार की नई दिशा भोपाल में कार्यशाला शुरू रोजगार और राजस्व बढ़ाने पर फोकस

    नगरीय सुधार की नई दिशा भोपाल में कार्यशाला शुरू रोजगार और राजस्व बढ़ाने पर फोकस


    भोपाल । मध्यप्रदेश में नगरीय विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजधानी भोपाल में सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में शहरी सुधार कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को अब स्वावलंबी और विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना होगा।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ जिसके बाद मंत्री ने अधिकारियों से दूरदर्शी सोच और कर्मठता के साथ शहरों के समग्र विकास के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल नियमों से नहीं बल्कि व्यवहार और संवेदनशीलता से चलता है। जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए ही एक अधिकारी अपनी वास्तविक पहचान बना सकता है।

    कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा विद्यार्थी भाव के साथ सीखते रहना चाहिए। यही दृष्टिकोण उन्हें व्यक्तिगत और प्रशासनिक दोनों स्तर पर उत्कृष्ट बनाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरीय निकायों को भी इसी दिशा में आगे बढ़ाना होगा ताकि शहर केवल प्रशासनिक इकाई न रहकर विकास के केंद्र बन सकें।

    मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अब शहरी विकास को केवल सड़क और जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रखा जा सकता। शहरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नवाचार अपनाएं और शहरों में नई संभावनाओं को तलाशें ताकि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकें।

    नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए भूमि मुद्रीकरण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ किए गए कार्यों में जनता का विश्वास बढ़ता है और ऐसे में कर वृद्धि जैसे निर्णयों में भी सहयोग मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने की सलाह दी ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।

    कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण अधिकारियों को नई कार्ययोजना बनाने और शहरी विकास को सुव्यवस्थित करने में मदद करेगा। वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि विभाग एक परिवार की तरह काम कर रहा है और इस कार्यशाला का उद्देश्य नागरिक संतुष्टि को केंद्र में रखकर कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाना है।

    दो दिवसीय इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगरीय निकायों के अधिकारी शामिल हुए हैं जहां सुधार समीक्षा और संवाद के माध्यम से शहरों को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। यह पहल प्रदेश के शहरी विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • डिजिटल जनगणना की शुरुआत, एमपी में 16 से 30 अप्रैल तक स्व गणना अभियान शुरू

    डिजिटल जनगणना की शुरुआत, एमपी में 16 से 30 अप्रैल तक स्व गणना अभियान शुरू


    भोपाल । मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ हो गया है जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे राष्ट्र और प्रदेश के विकास की नींव बताते हुए नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है। राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ऑनलाइन स्व गणना प्रक्रिया की शुरुआत की और स्वयं पोर्टल पर पंजीकरण कर इस अभियान का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि जनगणना केवल आंकड़ों को इकट्ठा करने की प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह देश के भविष्य को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसके पीछे उपलब्ध आंकड़े कितने सटीक और व्यापक हैं। ऐसे में जनगणना देश की रीढ़ के समान है जो विकास की पूरी संरचना को मजबूती प्रदान करती है।

    प्रदेश में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन स्व गणना का कार्य किया जाएगा जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण की प्रक्रिया चलेगी जो पूरी तरह आधुनिक तकनीक के माध्यम से संचालित होगी। इस बार की जनगणना को विशेष रूप से डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है ताकि आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह जनगणना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने का आधार बनेगी। इसके जरिए यह समझा जा सकेगा कि विकास की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंच रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में पूरी ईमानदारी और सटीकता के साथ अपनी जानकारी दर्ज करें ताकि सही आंकड़ों के आधार पर योजनाएं तैयार की जा सकें।

    उन्होंने जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे राष्ट्र निर्माण का एक पवित्र दायित्व निभा रहे हैं। उनका परिश्रम और सटीक कार्य देश के विकास को नई दिशा देगा। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति भी रही जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।

    डिजिटल तकनीक के इस व्यापक उपयोग के साथ मध्यप्रदेश में जनगणना की यह प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगी बल्कि नागरिकों की भागीदारी को भी आसान बनाएगी। अब यह देखना अहम होगा कि प्रदेश के लोग इस पहल में कितनी सक्रियता से हिस्सा लेते हैं और इसे कितना सफल बनाते हैं।

  • पन्ना टाइगर रिजर्व से निकला बाघ गांव में घुसा, दो मवेशियों का किया शिकार

    पन्ना टाइगर रिजर्व से निकला बाघ गांव में घुसा, दो मवेशियों का किया शिकार


    पन्ना पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) से सटे विक्रमपुर गांव में गुरुवार सुबह उस समय दहशत फैल गई जब एक बाघ रिहायशी इलाके में घुस आया और बाड़े में बंधे दो मवेशियों का शिकार कर लिया। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों में दुबक गए।

    सुबह-सुबह गांव में दिखा बाघ, मचा हड़कंप

    जानकारी के अनुसार, एक राहगीर ने सबसे पहले बाघ को गांव के पास देखा, जिसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में ग्रामीणों ने वन विभाग और पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) की टीम को सूचना दी। बाघ की मौजूदगी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

    दो मवेशियों का किया शिकार

    ग्रामीणों के मुताबिक, बाघ ने गांव के किनारे स्थित एक बाड़े में घुसकर दो मवेशियों को अपना शिकार बना लिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बाघ की चहलकदमी देखी जा सकती है।

    रेस्क्यू के लिए उतरी PTR टीम, हाथियों की मदद ली गई

    सूचना मिलते ही PTR की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। बाघ को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस खदेड़ने के लिए हाथियों की भी मदद ली जा रही है। वन विभाग ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को घरों में रहने और सतर्क रहने की सलाह दी है।

    बाघों की बढ़ती संख्या बनी चुनौती

    पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या अब आसपास के गांवों के लिए चुनौती बनती जा रही है। जंगल क्षेत्र में जगह कम पड़ने के कारण बाघ कई बार रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे पहले भी आसपास के क्षेत्रों में बाघ की मौजूदगी देखी जा चुकी है।

    वन विभाग की अपील

    PTR के डिप्टी डायरेक्टर बी.के. पटेल ने पुष्टि की है कि रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच चुकी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल के आसपास न जाएं और किसी भी स्थिति में बाघ को परेशान न करें।

  • टीकमगढ़ में अवैध नलकूप खनन पर बड़ी कार्रवाई, बोरिंग मशीन जब्त

    टीकमगढ़ में अवैध नलकूप खनन पर बड़ी कार्रवाई, बोरिंग मशीन जब्त


    नई दिल्ली। टीकमगढ़ में भू-जल संरक्षण नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बड़ागांव थाना क्षेत्र के हैदरपुर गांव में अवैध नलकूप खनन के खिलाफ एसडीएम संस्कृति लिटोरिया ने बुधवार देर रात छापेमारी कर बोरिंग मशीन जब्त कर ली।

    रात में चल रहा था अवैध खनन

    जानकारी के अनुसार, प्रशासन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गांव में रात के अंधेरे में बिना अनुमति के नलकूप खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुंचीं, जहां मशीन से बोरिंग का काम चलता पाया गया। जब टीम ने खनन की अनुमति मांगी तो मौके पर मौजूद लोगों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बोरिंग मशीन को जब्त कर बड़ागांव थाना परिसर में रखवा दिया।

    जिले में पहले से लागू है प्रतिबंध

    गौरतलब है कि जिले में गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने नलकूप खनन पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है, जो 15 जून तक लागू रहेगा। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन कर अवैध खनन किए जाने पर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है।

    प्रशासन का सख्त संदेश

    एसडीएम संस्कृति लिटोरिया ने स्पष्ट कहा कि जल संकट को देखते हुए भू-जल संरक्षण बेहद जरूरी है। बिना अनुमति नलकूप खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही एसडीएम और पीएचई विभाग की अनुमति से खनन की अनुमति दी जा सकती है।