Category: Madhya Pradesh

  • नियुक्ति पर सियासी तकरार: दावेदार आरतानी के खिलाफ खुलकर आया विरोध

    नियुक्ति पर सियासी तकरार: दावेदार आरतानी के खिलाफ खुलकर आया विरोध


    मध्य प्रदेश। खंडवा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद को लेकर संगठन के भीतर गुटीय राजनीति खुलकर सामने आ गई है। पद के प्रमुख दावेदार सागर आरतानी के खिलाफ अब ब्राह्मण समाज की महिला विंग ने मोर्चा खोल दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

    ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और सागर आरतानी की नियुक्ति का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समाज का आरोप है कि आरतानी के पिता अनिल आरतानी पर पूर्व में महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मामला दर्ज रहा है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

    महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि ऐसे परिवार से जुड़े व्यक्ति को किसी भी संगठनात्मक या राजनीतिक पद पर जिम्मेदारी देना समाज के लिए गलत संदेश देगा। उन्होंने मांग की कि सागर आरतानी को कोई पद न दिया जाए।

    इस विरोध के दौरान महिला विंग ने चेतावनी भी दी कि यदि आरतानी को पद सौंपा गया, तो ब्राह्मण समाज भाजपा का कड़ा विरोध करेगा। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को भी उजागर कर दिया है।

    इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की सक्रियता भी सामने आ रही है। इसी बीच भाजपा की मंडल अध्यक्ष स्नेहा पाराशर भी ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहीं, जिससे यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दिया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसी व्यक्ति के परिजनों पर लगे आरोपों के आधार पर उसकी राजनीतिक दावेदारी को खारिज करना उचित नहीं माना जा सकता। इसे पार्टी की अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

    फिलहाल इस पूरे मामले ने खंडवा की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में संगठनात्मक निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • खंडवा में सड़क दुर्घटना: बाइक सवार युवक की जान गई, दो की हालत नाजुक

    खंडवा में सड़क दुर्घटना: बाइक सवार युवक की जान गई, दो की हालत नाजुक


    मध्य प्रदेश। खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। झूम्मरखाली गांव के पास खंडवा-हरदा मार्ग पर तेज रफ्तार से चल रहे ट्रैक्टर और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।

    यह हादसा सोमवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुआ, जब तीन युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। जैसे ही वे मंगल वेयरहाउस के पास पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में वहां जुट गए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को हरसूद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बोरीसराय गांव निवासी 19 वर्षीय मनोज उर्फ बबलू को मृत घोषित कर दिया। वहीं हरदा निवासी तरुण और बोरीसराय निवासी मुकेश गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

    हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतक के घर और गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजन सदमे में हैं और रो-रोकर बुरा हाल है।

    हरसूद थाना प्रभारी राजकुमार राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। खास बात यह है कि ट्रैक्टर चालक भी मृतक के ही गांव बोरीसराय का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और किसकी लापरवाही अधिक रही।

  • महिला सशक्तिकरण की मिसाल: खरगोन में पिंक टॉयलेट के साथ मिली कई सुविधाएं

    महिला सशक्तिकरण की मिसाल: खरगोन में पिंक टॉयलेट के साथ मिली कई सुविधाएं


    मध्य प्रदेश। खरगोन जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार को महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट की शुरुआत की गई। नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी और सीएमओ कमला कौल ने इसका उद्घाटन किया।

    नगर पालिका द्वारा सुलभ शौचालय परिसर को विशेष रूप से पिंक टॉयलेट में परिवर्तित किया गया है, जिसका उपयोग केवल महिलाएं ही कर सकेंगी। इस सुविधा का संचालन और देखरेख भी महिलाओं के हाथों में सौंपी गई है।

    इस पिंक टॉयलेट में स्नानघर की व्यवस्था के साथ एक वेटिंग रूम भी बनाया गया है, जहां सोफे लगाए गए हैं। साथ ही छोटे बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए हैं, ताकि महिलाओं को अपने बच्चों के साथ किसी तरह की परेशानी न हो।

    अधिकारियों के अनुसार, यह पहल महिलाओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पताल परिसर में आने वाली महिलाओं को अब बेहतर और सुरक्षित शौचालय सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम में पार्षद, समिति सदस्य और अस्पताल स्टाफ भी मौजूद रहे।

  • आतिशबाजी के बीच श्रद्धा का संगम: भोजशाला में महाआरती और हवन सम्पन्न

    आतिशबाजी के बीच श्रद्धा का संगम: भोजशाला में महाआरती और हवन सम्पन्न


    मध्य प्रदेश। धार की ऐतिहासिक भोजशाला मंगलवार को भक्ति, आस्था और उत्साह के रंग में रंगी नजर आई। हाल ही में हाईकोर्ट और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के फैसले के बाद यहां “महासत्याग्रह” और “महाविजय महोत्सव” का आयोजन किया गया। इस मौके पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

    मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना और अखंड ज्योति की स्थापना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद भजन संध्या, हवन और महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। जैसे-जैसे आयोजन आगे बढ़ा, पूरा परिसर जयकारों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा।

    श्रद्धालुओं ने घरों से पटाखे लाकर आतिशबाजी की और अपनी खुशी का इजहार किया। पूरे परिसर में दीपावली जैसा दृश्य देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।

    भोज उत्सव समिति के अनुसार, यह पहला मौका है जब हालिया निर्णय के बाद मंगलवार को “महासत्याग्रह” के रूप में बड़ा आयोजन किया गया। पहले जहां प्रति मंगलवार सत्याग्रह होता था, वहीं अब इसे “विजय महोत्सव” के रूप में मनाया जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने यह मांग भी उठाई कि मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को लंदन से वापस लाया जाए और भोजशाला में पुनः स्थापित किया जाए।

  • लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला: बारात देखने के दौरान हिंसा से मचा हड़कंप

    लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला: बारात देखने के दौरान हिंसा से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां सिर्फ बारात देखने के दौरान हुई मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक युवक पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, खमालिया निवासी 24 वर्षीय विजय थाना परिसर के पीछे स्थित आंगनवाड़ी के पास खड़ी बारात को देख रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसके वहां खड़े होने पर आपत्ति जताई। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया।

    हमलावरों ने युवक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उसके ऊपर पत्थर भी फेंके। अपनी जान बचाने के लिए विजय भागते हुए सीधे अमझेरा थाना परिसर में घुस गया। इसके बावजूद आरोपी उसका पीछा करते हुए काफी दूर तक पहुंचे। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमले और अफरा-तफरी के दृश्य साफ दिखाई दे रहे हैं।

    घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और महिला सहित कुल 5 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

  • देवास में लापरवाही उजागर: ग्रीन शेड गिरने से बाल-बाल बचे लोग

    देवास में लापरवाही उजागर: ग्रीन शेड गिरने से बाल-बाल बचे लोग

     
    मध्य प्रदेश। देवास शहर में सोमवार रात अस्पताल तिराहा पर लगा ग्रीन नेट शेड अचानक गिरने से हड़कंप मच गया। यह शेड भीषण गर्मी से राहगीरों को राहत देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा लगाया गया था, जो सड़क के दोनों ओर स्थापित था।

    घटना देर रात की है, जब क्षेत्र में आवाजाही कम थी। इसी कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। यदि यह घटना दिन के समय होती तो चौराहे पर भीड़भाड़ के कारण गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि किसी वाहन की टक्कर से शेड का सपोर्टिंग पाइप क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण पूरा ढांचा अचानक गिर पड़ा। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शेड किसी वाहन की टक्कर से गिरा या इसके पीछे कोई तकनीकी खामी या अन्य कारण था।

    नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार से भी रिपोर्ट तलब की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी ग्रीन नेट शेड्स की जांच के निर्देश दिए हैं।

  • देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

    देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां बालगढ़ चौराहे पर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

    जानकारी के अनुसार, मृतक मुकेश, जो शहर की एक निजी कंपनी में काम करता था, मंगलवार सुबह करीब 4:45 बजे खून से लथपथ हालत में बालगढ़ क्षेत्र में एक पान की गुमटी के पीछे पड़ा मिला। राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद औद्योगिक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। मृतक मुकेश और आरोपी भावेश चौधरी एक ही मोहल्ले में रहते थे और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।

    इसी दौरान आरोपी भावेश ने धारदार हथियार (फरसी) से मुकेश पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

    घटनास्थल से पुलिस ने खून से सनी फरसी भी बरामद कर ली है, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया था। थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मक्सी दंगे का आरोपी गिरफ्तार, 3 अभी भी फरार

    पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मक्सी दंगे का आरोपी गिरफ्तार, 3 अभी भी फरार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मक्सी दंगा मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 20 महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी लारेब मेव को मक्सी पुलिस ने सोमवार रात सब्जी मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मुखबिर की पुख्ता सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।

    मक्सी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मंगलवार सुबह उज्जैन से आई सीआईडी टीम के हवाले कर दिया गया। सीआईडी टीम ने उसे न्यायालय में पेश किया और आगे की पूछताछ तथा मामले के अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए रिमांड की मांग की है।

    सूत्रों के अनुसार, लारेब मेव दंगा प्रकरण दर्ज होने के बाद से लगातार पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अब भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में एक बार फिर मक्सी दंगा मामला चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    अपराध अनुसंधान कार्यालय में पदस्थ टीआई लाखन सिंह भूरिया ने बताया कि इस केस में एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

  • लू ने बढ़ाई मुश्किलें: शाजापुर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित

    लू ने बढ़ाई मुश्किलें: शाजापुर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित


    मध्य प्रदेश। शाजापुर जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है। सोमवार को भी अधिकतम तापमान लगभग 45 डिग्री दर्ज किया गया, जिसके बाद से पूरे जिले में भीषण तपिश और लू जैसे हालात बने हुए हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।

    मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार, इस समय रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता मात्र 15 प्रतिशत के आसपास है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं गर्मी के असर को और बढ़ा रही हैं, जिससे लू का प्रभाव और अधिक महसूस किया जा रहा है।

    दोपहर होते-होते हालात ऐसे हो जाते हैं कि शहर के बाजार और मुख्य चौराहों पर सन्नाटा पसर जाता है। दोपहर 1 बजे के बाद सड़कें लगभग खाली हो जाती हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो गर्म हवाओं और जलते सूरज से बचने के लिए चेहरे को रुमाल, गमछा, हेलमेट और चश्मे से ढककर निकल रहे हैं।

    गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि मोबाइल फोन अत्यधिक गर्म होकर धीमे काम कर रहे हैं या बार-बार बंद हो जा रहे हैं। कुछ मामलों में स्मार्टफोन की कार्यक्षमता पर भी असर देखा जा रहा है।

    मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, फिलहाल कुछ दिनों तक गर्मी का यह दौर जारी रहेगा, हालांकि 20 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट संभव है। लेकिन नौतपा के दौरान एक बार फिर तापमान में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं प्री-मानसून गतिविधियां 1 जून के आसपास शुरू होने और 16 जून तक मानसून के शाजापुर पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    फिलहाल, तेज गर्मी और लू ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और प्रशासन ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • शिक्षा व्यवस्था की हकीकत: मध्यप्रदेश के स्कूलों में शौचालय संकट उजागर

    शिक्षा व्यवस्था की हकीकत: मध्यप्रदेश के स्कूलों में शौचालय संकट उजागर


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रदेश के 788 सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं होने या अधूरे पड़े होने की वजह से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे बड़े अभियानों की जमीनी हकीकत उजागर हो गई है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन स्कूलों में शौचालय निर्माण के लिए करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपए का बजट जारी किया गया था, लेकिन कई जगह इस राशि का उपयोग शौचालय निर्माण के बजाय फर्नीचर, रंगाई-पुताई और अन्य कार्यों में कर लिया गया। नतीजा यह हुआ कि आज भी कई स्कूलों में छात्राओं को खुले मैदान, दीवार की ओट या अस्थायी व्यवस्था के सहारे शौच जाना पड़ रहा है।

    राज्य के कई जिलों अशोकनगर, सीहोर और राजगढ़ से सामने आई रिपोर्टें स्थिति की गंभीरता को और उजागर करती हैं। कहीं सिर्फ टूटी दीवारों के सहारे शौचालय का “नाम” बचा है, तो कहीं छात्राएं महिला शिक्षकों की निगरानी में असुरक्षित परिस्थितियों में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। कई जगह तो हालत इतनी खराब है कि छात्राओं को आपात स्थिति में घर लौटना पड़ता है या स्कूल छोड़ना पड़ता है।

    राजगढ़ के एक प्राथमिक विद्यालय में 26 छात्राएं बिना शौचालय के पढ़ाई कर रही हैं, जबकि अशोकनगर के एक स्कूल में 135 बच्चों को अस्थायी रूप से कॉलेज परिसर के एक कमरे में शिफ्ट किया गया है, जहां शौचालय की सुविधा ही नहीं है।

    इस बीच भ्रष्टाचार के भी गंभीर मामले सामने आए हैं। धार जिले में लोकायुक्त ने एक डीपीसी अधिकारी को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोप है कि अधिकारी ने 122 शौचालयों के निर्माण से पहले ही कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) जारी करने के बदले 17 लाख रुपए की मांग की थी।

    शिक्षा मंत्री ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि शौचालय निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

    फिलहाल यह पूरा मामला शिक्षा व्यवस्था, जवाबदेही और विकास योजनाओं की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जहां कागजों पर सुविधाएं पूरी दिख रही हैं लेकिन जमीनी स्तर पर छात्राएं आज भी बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं।