Category: Madhya Pradesh

  • मध्यप्रदेश में निगम मंडलों पर बड़ा फैसला, नाम तय दिल्ली से मिली हरी झंडी ,जल्द जारी होगी सूची

    मध्यप्रदेश में निगम मंडलों पर बड़ा फैसला, नाम तय दिल्ली से मिली हरी झंडी ,जल्द जारी होगी सूची


    भोपाल । मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों एक बार फिर हलचल तेज हो गई है जहां निगम मंडलों और विभिन्न प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया को अब अंतिम रूप दे दिया गया है और सूत्रों के अनुसार संभावित नामों की सूची को दिल्ली से हरी झंडी भी मिल चुकी है। ऐसे में अब जल्द ही आधिकारिक सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है जिससे कई नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

    राजनीतिक और संगठनात्मक संतुलन साधने के लिहाज से इन नियुक्तियों को बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नामों का चयन किया है। संभावित सूची के अनुसार अनुसूचित जाति आयोग के लिए कैलाश जाटव का नाम सामने आ रहा है जबकि अनुसूचित जनजाति आयोग की जिम्मेदारी भगत सिंह नेताम को दी जा सकती है। वहीं युवा आयोग के लिए प्रवीण शर्मा का नाम चर्चा में है जो युवा वर्ग को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    इसी तरह लघु उद्योग निगम के लिए विनोद गोटिया का नाम आगे चल रहा है हालांकि उनकी रुचि पर्यटन विकास निगम में बताई जा रही है। मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के लिए संजय नगाइच का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से कटनी विकास प्राधिकरण में शशांक श्रीवास्तव और ओरछा विकास प्राधिकरण में अखिलेश अयाची को जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा वित्त विकास निगम के लिए दीपक सक्सेना और कोल विकास प्राधिकरण के लिए रामलाल रौतेल के नाम पर भी सहमति बनने की बात कही जा रही है।

    इन संभावित नियुक्तियों के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। भोपाल से जुड़े कई पूर्व मंत्रियों के नाम इस सूची में शामिल बताए जा रहे हैं जिनमें लालसिंह आर्य अरविंद भदौरिया रामनिवास रावत उमाशंकर गुप्ता कमल पटेल रामपाल सिंह और इमरती देवी जैसे अनुभवी चेहरे शामिल हैं। इसके साथ ही अंचल सोनकर संजय शुक्ला अलकेश आर्य और कलसिंह भाबर को भी अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    वहीं विधायकों और पूर्व विधायकों को भी इस बार नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। अजय बिश्नोई शैलेंद्र जैन प्रदीप लारिया ध्रुव नारायण सिंह अभिलाष पांडे और आशीष शर्मा जैसे नाम भी चर्चा में हैं जिन्हें विभिन्न निगम मंडलों या प्राधिकरणों में जिम्मेदारी दी जा सकती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी एक ओर जहां संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है वहीं दूसरी ओर असंतुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति भी साफ नजर आ रही है। अब सभी की नजर आधिकारिक सूची पर टिकी है जो किसी भी वक्त जारी हो सकती है और प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकती है।

  • अशोकनगर में पेड़ से गिरकर व्यक्ति की दर्दनाक मौत, टहनियां काटते समय हुआ हादसा

    अशोकनगर में पेड़ से गिरकर व्यक्ति की दर्दनाक मौत, टहनियां काटते समय हुआ हादसा


    अशोकनगर मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में एक दर्दनाक हादसे में पेड़ से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना ईसागढ़ क्षेत्र के लहदपुर गांव की है, जहां 41 वर्षीय राजेश प्रजापति अपने घर के पास पेड़ पर चढ़कर लकड़ियां काट रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
    बेटे को नीचे उतारकर खुद चढ़े थे पेड़ पर

    जानकारी के अनुसार, शुरुआत में राजेश का बेटा पेड़ पर चढ़कर टहनियां काट रहा था। लेकिन किसी खतरे की आशंका के चलते राजेश ने उसे नीचे उतार दिया और खुद पेड़ पर चढ़ गए। वे करीब 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर टहनियां काट रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया।

    सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

    पेड़ से गिरते ही राजेश के सिर में गंभीर चोट आई। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।

    घरेलू काम के दौरान हुआ हादसा

    परिजनों ने बताया कि राजेश घर के उपयोग के लिए लकड़ियां काट रहे थे। यह एक सामान्य घरेलू काम था, जो अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया।

    पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई

    पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है।

  • सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

    सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

    सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर-भोपाल मार्ग पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राजपूत ढाबे के पास ट्रैवलर और स्विफ्ट कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में स्विफ्ट कार का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
    टक्कर इतनी भीषण, कार का अगला हिस्सा चकनाचूर
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि स्विफ्ट कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार चालक को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भिजवाया।
    सड़क निर्माण की लापरवाही बनी हादसे की वजह
    ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दुर्घटना के पीछे सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही मुख्य कारण है। सड़क का एक हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे एक साइड काफी नीची हो गई है और वहां गिट्टियां बिखरी हुई हैं।
    ऐसी स्थिति में वाहन चालक खराब हिस्से से बचने के लिए पक्की और ऊंची सड़क पर ही चलना चाहते हैं। इसी कारण दोनों ओर से आने वाले वाहन एक ही लेन में आ जाते हैं, जिससे आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
    लगातार हादसों से लोगों में आक्रोश
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके निर्माण कार्य की गति धीमी है और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
    प्रशासन पर उठे सवाल
    इस घटना के बाद निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो यह मार्ग और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।
  • पनागर क्षेत्र में हथियारों के साथ दो संदिग्ध दबोचे पुलिस ने कार समेत किया बड़ा खुलासा

    पनागर क्षेत्र में हथियारों के साथ दो संदिग्ध दबोचे पुलिस ने कार समेत किया बड़ा खुलासा


    जबलपुर । जबलपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध हथियारों के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई पनागर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बडेरा कला में की गई जहां बीती रात मिली गुप्त सूचना ने पुलिस को तत्काल हरकत में ला दिया। सूचना में बताया गया था कि एक कर्नाटक पासिंग महिंद्रा मेजर कार में दो संदिग्ध व्यक्ति हथियारों के साथ मौजूद हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हो सकते हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर दबिश दी और संदिग्ध वाहन को घेर लिया। जब कार की तलाशी ली गई तो उसमें सवार दो व्यक्तियों के पास से खतरनाक हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ। तलाशी के दौरान एक 30 बोर की राइफल और एक 22 बोर की राइफल के साथ 22 बोर के दो जिंदा कारतूस और 30 बोर का एक जिंदा कारतूस मिला। इसके अलावा मौके से एक चला हुआ खोखा भी बरामद किया गया जिससे यह आशंका और गहरा गई कि हथियारों का इस्तेमाल पहले भी किया जा चुका है या फिर किसी वारदात की तैयारी चल रही थी।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से सभी हथियार और गोला बारूद जब्त कर लिया। साथ ही जिस महिंद्रा कंपनी की मेजर कार में आरोपी सवार थे उसे भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। जब्त वाहन का नंबर केए 12 एन 4252 बताया जा रहा है जो कर्नाटक में पंजीकृत है।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण चिनगप्पा और गार्डन पेप्टिस के रूप में की गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ये आरोपी इतने हथियार लेकर किस उद्देश्य से घूम रहे थे और क्या इनके तार किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क या अवैध शिकार से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि हथियार कहां से लाए गए और क्या इनका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में किया जाना था। साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

    इस कार्रवाई को पुलिस की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है जिसने संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और उम्मीद की जा रही है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं जो किसी बड़े आपराधिक गिरोह तक पहुंचा सकते हैं।

  • विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार

    विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार


    विदिशा  मध्यप्रदेश के विदिशा में सिविल लाइन थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित करीब 4.44 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। इस कार्रवाई से शहर में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने का स्पष्ट संदेश गया है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

    पुलिस को सूचना मिली थी कि बालाजी पैराडाइज कॉलोनी के पीछे स्थित खाली जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 11 आरोपी जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

    मोबाइल, बाइक और नगदी बरामद

    छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद की। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 4 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव साहू, रवि बघेल, अक्षय खान, आसिफ खान, तौफीक खान, दिनेश मालवीय, गौरव सूर्यवंशी, इशान खान, आशीष लोधी, रानू सिलावट और साजिद खान शामिल हैं। ये सभी शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे शिव नगर, पुरनपुरा, बजरिया और बेस दरवाजा के निवासी बताए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में की गई। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आशुतोष सिंह राजपूत की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

    अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और अपराध पर नियंत्रण करना है।

  • बांधवगढ़ में बाघ शावक की दर्दनाक मौत जंगल के भीतर संघर्ष की आशंका ने बढ़ाई चिंता

    बांधवगढ़ में बाघ शावक की दर्दनाक मौत जंगल के भीतर संघर्ष की आशंका ने बढ़ाई चिंता


    उमरिया । मध्य प्रदेश के उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है जहां पनपथा कोर क्षेत्र की बीट बघडो में एक बाघ शावक का शव मिलने से वन महकमे में हलचल मच गई है। यह घटना न केवल वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों पर सवाल खड़े करती है बल्कि बाघों के बीच बढ़ते संघर्ष की ओर भी संकेत करती है।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत शावक का शव अत्यंत क्षतविक्षत अवस्था में पाया गया जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसकी मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि शावक की मौत किसी अन्य बाघ के साथ हुए आपसी संघर्ष के कारण हुई है जिसे वैज्ञानिक भाषा में इंट्रास्पेसिफिक फाइट कहा जाता है। जंगल के भीतर क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर बाघों के बीच इस प्रकार के संघर्ष असामान्य नहीं माने जाते लेकिन हाल के समय में ऐसी घटनाओं की बढ़ती संख्या ने चिंता जरूर बढ़ा दी है।

    घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर गहन जांच शुरू की गई। डाग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर की मदद से हर संभावित पहलू की बारीकी से जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस घटना में किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप या शिकार शामिल नहीं है। जांच के दौरान ऐसे कोई संकेत नहीं मिले जिससे यह प्रतीत हो कि शावक की मौत के पीछे अवैध शिकार या बाहरी गतिविधि जिम्मेदार है।

    नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी की गाइडलाइंस का पालन करते हुए शावक के शव का मौके पर ही दाह संस्कार कर दिया गया ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण या अन्य खतरे से बचा जा सके। वन विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत अंजाम दिया और सभी आवश्यक दस्तावेजीकरण भी किया गया है।

    घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। विभागीय हाथियों की मदद से आसपास के घने जंगलों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि अन्य बाघों और शावकों की स्थिति का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि वे हर संभावित खतरे पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी असामान्य गतिविधि को गंभीरता से लिया जा रहा है।

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में से एक है जहां बाघों की अच्छी खासी आबादी पाई जाती है। हालांकि हाल के वर्षों में शावकों की मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं जो वन्यजीव प्रबंधन के लिए एक चुनौती बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी के कारण क्षेत्रीय संघर्ष की घटनाएं बढ़ सकती हैं जिससे कमजोर शावक अधिक प्रभावित होते हैं।

    वन विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और इसकी रिपोर्ट जल्द ही नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को भेजी जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर जंगल के भीतर की जटिल वास्तविकताओं को उजागर कर दिया है जहां जीवन और संघर्ष साथ साथ चलते हैं और संरक्षण के प्रयासों के बीच कई अनदेखी चुनौतियां सामने आती रहती हैं।

  • रायसेन में गैस सिलेंडर संकट, उपभोक्ताओं ने किया चक्काजाम

    रायसेन में गैस सिलेंडर संकट, उपभोक्ताओं ने किया चक्काजाम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रायसेन में गुरुवार सुबह गैस सिलेंडर की कमी को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सांची रोड स्थित गैस एजेंसी पर सिलेंडर नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।

    सड़क पर सिलेंडर रखकर प्रदर्शन

    गुस्साए लोगों ने रायसेन-विदिशा रोड पर गैस सिलेंडर रखकर जाम लगा दिया। करीब 10 से 12 मिनट तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। इससे राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    घंटों लाइन में लगे, फिर भी नहीं मिला सिलेंडर

    उपभोक्ताओं का कहना है कि वे सुबह से ही एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़े थे, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    घरों में शादी-ब्याह, बढ़ी परेशानी

    कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके घरों में शादी और अन्य कार्यक्रम हैं, ऐसे में गैस सिलेंडर न मिलने से उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर सिलेंडर न मिलने से रोजमर्रा का काम भी प्रभावित हो रहा है।

    एजेंसी ने बताया- ऊपर से नहीं आया स्टॉक

    गैस एजेंसी संचालक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें सप्लाई ही नहीं मिली है। एजेंसी और गोदाम दोनों जगह सिलेंडर खत्म हो चुके हैं, इसलिए वितरण नहीं किया जा सका।

    पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

    सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाइश देकर जाम खुलवाया गया। साथ ही एसडीएम ने जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।

    सप्लाई सिस्टम पर उठे सवाल

    इस घटना ने गैस वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर सप्लाई सुनिश्चित की जाए, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।

  • आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का खुलासा, मैनेजर ने मांगी 75% मानदेय की रकम

    आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का खुलासा, मैनेजर ने मांगी 75% मानदेय की रकम


    नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां ब्लॉक मैनेजर पर महिला सखी से मानदेय के बदले 75% तक रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

    75% तक कमीशन मांगने का आरोप

    बनखेड़ी की एक महिला बैंक सखी ने आरोप लगाया कि ब्लॉक मैनेजर दुर्गेश अहिरवार ने उसके मानदेय भुगतान के बदले 75 फीसदी रकम मांगी। इतना ही नहीं, पैसे नहीं देने पर उसे काम से हटाने की धमकी भी दी गई।

     जांच में मिले सबूत

    शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने दो सदस्यीय टीम गठित की। जांच में प्राथमिक तौर पर रिश्वत मांगने के साक्ष्य मिले हैं। रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है और जल्द कार्रवाई की बात कही जा रही है।

    एक हफ्ते में दूसरा मामला

    यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले केसला में लोकायुक्त पुलिस ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

    इस कार्रवाई में:

    सहायक विकासखंड प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता
    क्लस्टर मैनेजर
    चपरासी
    को गिरफ्तार किया गया था।

    ऐसे बिछाया गया जाल

    ग्राम पाण्डुखेड़ी की महिला सुनैया बरकड़े से 25 हजार रुपए की मांग की गई थी, जो बाद में 20 हजार में तय हुई। महिला ने लोकायुक्त में शिकायत की, जिसके बाद टीम ने ट्रैप लगाकर तीनों को रिश्वत लेते पकड़ लिया।

    पूरे सिस्टम पर उठे सवाल

    लगातार सामने आ रहे मामलों से यह साफ है कि जिले में आजीविका मिशन के तहत मानदेय भुगतान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शक जताया जा रहा है कि कहीं फर्जी बिल बनाकर भी भुगतान तो नहीं किया जा रहा।

    प्रशासन सख्त

    सीईओ हिमांशु जैन ने साफ कहा है कि अगर और अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • चंबल पुल पर भीषण भिड़ंत, एग्जाम देने जा रहे युवक की मौत

    चंबल पुल पर भीषण भिड़ंत, एग्जाम देने जा रहे युवक की मौत


    कोटा राजस्थान के कोटा जिले में दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। चंबल नदी के पुल पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में घायल दूसरे युवक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह हादसा बुधवार सुबह हुआ था, जिसमें पहले ही एक युवक की मौके पर मौत हो चुकी थी।

    आमने-सामने भिड़ीं बाइक, तीन युवक गंभीर

    पुलिस के अनुसार, स्टेट हाईवे 120 पर सुबह करीब 7:30 बजे दो बाइकों में जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों युवक उछलकर करीब 10-12 फीट दूर पुल की रेलिंग से जा टकराए।

    मौके पर एक की मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम

    इस हादसे में कोटा खुर्द निवासी शिवम मीना की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल अक्षय मीना और भीमसिंह गुर्जर को इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया।
    इलाज के दौरान अक्षय मीना ने भी दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे युवक का इलाज जारी है।

     एग्जाम देने जा रहा था अक्षय

    मृतक अक्षय मीना इटावा के किशनवास गांव का रहने वाला था और वह टोंक में बीएड का पेपर देने जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही यह हादसा हो गया, जिससे उसका सपना अधूरा रह गया।

     पुलिस जांच में जुटी

    पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। दोनों वाहनों की टक्कर कैसे हुई, इसकी पड़ताल जारी है।

     हादसे की गंभीरता ने चौंकाया

    टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक बाइक से उछलकर पुल की रेलिंग से जा टकराए। यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।

  • 132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर

    132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिले की सीमा पर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक 132 केवी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। ग्राम बटुरा के पास हुई इस घटना ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया और प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा।
     35 मीटर ऊंचाई पर घंटों चला ड्रामा

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक करीब 25 से 35 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़ गया था। भीषण गर्मी के बावजूद वह टावर पर ऊपर-नीचे होता रहा। उसकी हरकतें बेहद खतरनाक थीं, जिससे नीचे खड़े लोगों की सांसें थम गईं।

     बिजली सप्लाई तुरंत की गई बंद

    घटना की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने तुरंत टावर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन की सप्लाई बंद कर दी। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो करंट लगने से बड़ा हादसा हो सकता था।

    पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर

    सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। टावर के नीचे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। रेस्क्यू टीम युवक को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी रही।

    मानसिक स्थिति पर उठे सवाल

    ग्रामीणों के अनुसार युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। वह बार-बार खतरनाक हरकतें कर रहा था और टावर के शीर्ष तक पहुंच गया था। इसी कारण उसे नीचे उतारना रेस्क्यू टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहा।

     जांच जारी

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक कौन है और किन कारणों से उसने यह कदम उठाया। साथ ही उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें जारी रहीं।