Category: Madhya Pradesh

  • लोकसभा में बोले PM मोदी, 'परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं, ये मेरी गारंटी', विपक्ष ने उठाए कई सवाल

    लोकसभा में बोले PM मोदी, 'परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं, ये मेरी गारंटी', विपक्ष ने उठाए कई सवाल


    नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र की शुरुआत गुरुवार को जोरदार हंगामे और तीखी बहस के साथ हुई। जैसे ही सरकार की ओर से संबंधित विधेयक सदन में पेश किए गए विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रही है। वहीं सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे देश के भविष्य और महिलाओं की भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया।

    महिला शक्ति को लेकर नीयत पर जोर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय राष्ट्रीय दृष्टिकोण से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं केवल फैसलों को ही नहीं बल्कि सरकार की नीयत को भी परखेंगी। अगर नीयत में खोट होगी तो देश की नारी शक्ति उसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने सभी दलों से अपील की कि वे इस पहल का समर्थन करें और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

    विपक्ष को पीएम की चेतावनी
    प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस मुद्दे में राजनीति तलाश रहे हैं उन्हें इतिहास से सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जब महिलाओं को अधिकार देने के प्रयासों का विरोध हुआ है उसका खामियाजा विरोध करने वालों को उठाना पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सभी दल मिलकर आगे बढ़ते हैं तो इसका लाभ पूरे लोकतंत्र को मिलेगा न कि किसी एक पार्टी को। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा “यह मेरी गारंटी है मेरा वादा है कि हर राज्य को न्याय मिलेगा।” साथ ही उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से न देखें और देशहित में सहयोग करें।

    निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी जरूरी

    अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की आधी आबादी अब निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार है। उन्होंने याद दिलाया कि पंचायत स्तर पर महिलाओं को आरक्षण पहले ही दिया जा चुका है और अब समय आ गया है कि उन्हें संसद और विधानसभाओं में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने कहा कि लाखों महिलाएं जमीनी स्तर पर काम कर चुकी हैं और अब वे नीति निर्धारण में अपनी भूमिका चाहती हैं।

    विकसित भारत की परिभाषा में महिला भागीदारी अहम

    प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत केवल बुनियादी ढांचे या आर्थिक आंकड़ों से नहीं बनेगा बल्कि इसमें महिलाओं की बराबर भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश इस दिशा में पहले ही काफी देर कर चुका है और अब और देरी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे इस अवसर को गंवाएं नहीं।

    देश की दिशा तय करने वाला कदम

    पीएम मोदी ने इस विधेयक को देश के भविष्य के लिए निर्णायक बताते हुए कहा कि यह केवल एक कानून नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा तय करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास शासन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील बनाएगा और इससे निकला परिणाम देश की राजनीति को नई दिशा देगा।

    विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल

    समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है लेकिन इसे लागू करने के तरीके पर आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनगणना और परिसीमन को इससे जोड़कर इसे लागू करने में देरी कर रही है। उनका कहना था कि अगर जातीय जनगणना के आंकड़े सामने आएंगे तो आरक्षण की मांग और बढ़ेगी जिससे सरकार बचना चाहती है।

    महिला प्रतिनिधित्व पर भाजपा से जवाब मांग

    अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला करते हुए पूछा कि जिन राज्यों में उनकी सरकारें हैं वहां कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में महिलाओं की वास्तविक भागीदारी अभी भी सीमित है और भाजपा को पहले अपने संगठन में महिलाओं को पर्याप्त स्थान देना चाहिए।

    मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण पर विवाद

    सदन में मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण को लेकर भी तीखी बहस हुई। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अगर मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाएगा तो यह अधूरा कदम होगा। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के खिलाफ है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे अपनी पार्टी में मुस्लिम महिलाओं को टिकट दे सकते हैं सरकार को इससे कोई आपत्ति नहीं है।

    परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप

    भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह परिसीमन को लेकर खासकर दक्षिण भारत में भ्रम फैला रहा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया संविधान के तहत हो रही है और इससे किसी राज्य का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि परिसीमन के बाद कुछ राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ सकती है जिससे उनका प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा।

    सरकार का दावा किसी राज्य को नुकसान नहीं

    केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन को बताया कि प्रस्तावित बदलावों से लोकसभा की कुल सीटों में वृद्धि होगी और महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण मिलेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी राज्य की वर्तमान स्थिति को नुकसान नहीं होगा और सभी को समान रूप से लाभ मिलेगा।

    महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग करने की मांग

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना सही नहीं है। उनका सुझाव था कि इस कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

    तीनों विधेयकों पर आगे की प्रक्रिया

    लोकसभा में इन विधेयकों पर चर्चा शुरू हो चुकी है और मतदान 17 अप्रैल को शाम 4 बजे कराया जाएगा। सरकार ने इस पर विस्तृत चर्चा के लिए पर्याप्त समय निर्धारित किया है। शुरुआती वोटिंग में विधेयकों को पेश करने के पक्ष में बहुमत मिला जिससे आगे की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया।

    हंगामे के बीच जारी रही कार्यवाही


    सदन में पूरे दिन हंगामे का माहौल बना रहा। विपक्ष ने जहां सरकार पर गंभीर आरोप लगाए वहीं सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे ऐतिहासिक सुधार बताया। अब सभी की नजरें आगामी मतदान पर टिकी हैं जो इस पूरे मुद्दे की दिशा तय करेगा।

  • मुरैना में भीषण सड़क हादसा दो बसों की आमने सामने टक्कर 15 से अधिक यात्री घायल

    मुरैना में भीषण सड़क हादसा दो बसों की आमने सामने टक्कर 15 से अधिक यात्री घायल

    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने यात्रियों में अफरा तफरी मचा दी जब दो निजी बसों के बीच आमने सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में महिलाओं और बच्चों सहित करीब 15 से अधिक यात्री घायल हो गए जिन्हें तुरंत इलाज के लिए मुरैना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार हादसा दिमनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुरैना अंबाह मार्ग पर ग्राम रत्तीराम के पूरा के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक बस अंबाह से मुरैना की ओर आ रही थी जबकि दूसरी बस मुरैना से अंबाह की दिशा में जा रही थी। इसी दौरान दोनों बसें आमने सामने आ गईं और तेज रफ्तार के कारण टक्कर इतनी जोरदार थी कि बसों में बैठे यात्रियों के बीच चीख पुकार मच गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद कुछ समय के लिए स्थिति बेहद भयावह हो गई थी। बसों में बैठे लोग घबराकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे जबकि कई यात्री सीटों पर ही घायल अवस्था में फंसे रहे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बसों से बाहर निकालने में मदद की।

    सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों की हालत सामान्य बताई जा रही है जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार लापरवाही या सड़क की स्थिति के कारण हुई।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासतौर पर हाईवे और मुख्य मार्गों पर बस चालकों द्वारा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं जो यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। प्रशासन द्वारा बार बार चेतावनी और नियमों के बावजूद इस तरह की दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दोनों बस चालकों से भी पूछताछ की जा रही है। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा जिसे बाद में सामान्य किया गया।

  • छतरपुर स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा युवक

    छतरपुर स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा युवक


    छतरपुर छतरपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय हो गया जब जम्मू से लौट रहे 19 वर्षीय युवक रामप्रसाद अहिरवार ट्रेन से उतरते समय प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंस गया। यह घटना कुरुक्षेत्र ट्रेन के रुकने के दौरान करीब सुबह 6:30 से 7 बजे के बीच हुई, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।

    ट्रेन से उतरते समय बिगड़ा संतुलन

    जानकारी के अनुसार, ग्राम पाली निवासी रामप्रसाद अहिरवार जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, नीचे उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की खाली जगह में जा गिरा। युवक अचानक फंस गया, जिससे मौके पर मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया।

    समय रहते रोकी गई ट्रेन, टला बड़ा हादसा

    घटना के तुरंत बाद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने शोर मचाकर लोको पायलट को सूचना दी। समय रहते ट्रेन को रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। अगर ट्रेन थोड़ा भी आगे बढ़ जाती तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    15–20 मिनट चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    घटना के बाद रेलवे कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। करीब 15 से 20 मिनट तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सब्बल और अन्य उपकरणों की मदद से प्लेटफॉर्म के किनारे का हिस्सा तोड़ा गया, जिसके बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं।

    गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती

    हादसे में रामप्रसाद को जांघ और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। तत्काल एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। ड्यूटी डॉक्टर के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण उसे निगरानी में रखा गया है।

    रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होते, जिससे ऐसे हादसे होने का खतरा बना रहता है। वहीं रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है।

    यह घटना एक बार फिर ट्रेन से उतरते समय सावधानी बरतने की जरूरत और रेलवे सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर करती है।

  • प्रियंक मिश्रा ने संभाली भोपाल की कमान विकास और बेहतर प्रशासन का दिया भरोसा

    प्रियंक मिश्रा ने संभाली भोपाल की कमान विकास और बेहतर प्रशासन का दिया भरोसा


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है जहां प्रियंक मिश्रा ने 35वें कलेक्टर के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने राजधानी को देश की सर्वश्रेष्ठ राजधानी बनाने का संकल्प व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि उनका पूरा फोकस विकास, बेहतर प्रशासन और जनसेवा पर रहेगा।

    कार्यभार संभालने के बाद प्रियंक मिश्रा ने अपने पहले बयान में ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उन्होंने कहा कि भोपाल केवल मध्यप्रदेश की राजधानी ही नहीं बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। ऐसे में राजधानी की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है और इसी दृष्टिकोण के साथ वे काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश की अहम भूमिका है और उस लक्ष्य को हासिल करने में भोपाल की भागीदारी निर्णायक होगी।

    प्रियंक मिश्रा ने अपने संबोधन में यह स्वीकार किया कि भोपाल में पहले भी अच्छा काम हुआ है और प्रशासन ने कई क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि उसी परंपरा को आगे बढ़ाया जाए और जो काम पहले से हो रहे हैं उन्हें और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही जहां सुधार की जरूरत है वहां नई रणनीति और नवाचार के जरिए बदलाव लाया जाएगा।

    उन्होंने यह भी संकेत दिए कि शहर के बुनियादी ढांचे, यातायात व्यवस्था, साफ सफाई और नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजधानी होने के कारण भोपाल की छवि पूरे प्रदेश और देश के सामने एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत होती है इसलिए इसे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट बनाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

    नए कलेक्टर के इस विजन से प्रशासनिक अमले में भी नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों से समन्वय बनाकर काम करने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि टीमवर्क के जरिए ही बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शी व्यवस्था पर भी उन्होंने जोर दिया।

    भोपाल के नागरिकों के लिए भी यह एक उम्मीद भरा संदेश है कि शहर को नई दिशा देने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। अब देखना होगा कि प्रियंक मिश्रा अपने इस विजन को जमीन पर किस तरह उतारते हैं और भोपाल को वास्तव में देश की सबसे बेहतर राजधानी बनाने की दिशा में कितनी तेजी से कदम बढ़ाते हैं।

  • श्योपुर में गर्मी का कहर, पारा 40°C के पार, जनजीवन प्रभावित

    श्योपुर में गर्मी का कहर, पारा 40°C के पार, जनजीवन प्रभावित


    मध्यप्रदेश श्योपुर  मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में अप्रैल के मध्य में ही भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ते तापमान के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है।

    40 डिग्री तक पहुंचा तापमान

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास बना हुआ है। लगातार बढ़ते तापमान ने गर्मी को और अधिक असहनीय बना दिया है।

    पिछले कुछ दिनों के रिकॉर्ड देखें तो 11 अप्रैल को भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि 10 अप्रैल को यह 34 डिग्री था। इसके बाद लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो तेज गर्मी का स्पष्ट संकेत है।

    दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा

    तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई है। लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं और सिर व चेहरे को कपड़े से ढककर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

    घरों में बढ़ा कूलर और AC का उपयोग

    गर्मी बढ़ने के साथ ही अब घरों में कूलर और एयर कंडीशनर का उपयोग भी बढ़ गया है। वहीं बाजारों में ठंडे पेय पदार्थ, जूस और आइसक्रीम की मांग में तेजी देखी जा रही है।

    मौसम विभाग की चेतावनी

    मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो अप्रैल के अंत तक भीषण गर्मी और अधिक गंभीर रूप ले सकती है।

    सावधानी बरतने की अपील

    प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

  • मुरैना में 80 सीटों वाला सैनिक स्कूल शुरू, रक्षा मंत्रालय के सहयोग से होगी पढ़ाई

    मुरैना में 80 सीटों वाला सैनिक स्कूल शुरू, रक्षा मंत्रालय के सहयोग से होगी पढ़ाई


    मुरैना  मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अब सैनिक स्कूल की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी। रक्षा मंत्रालय भारत सरकार और टीएसएस स्कूल प्रबंधन के बीच PPP (Public-Private Partnership) मोड पर हुए करार के बाद 80 सीटों वाला नया सैनिक स्कूल शुरू कर दिया गया है।

    रक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू हुआ संचालन

    इस योजना के तहत सैनिक स्कूल का संचालन रक्षा मंत्रालय और टीएसएस स्कूल प्रबंधन मिलकर करेंगे। 2026 सत्र से इसकी औपचारिक शुरुआत की जा रही है। रक्षा मंत्रालय की टीम पहले ही स्कूल परिसर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुकी है।

    80 सीटों पर प्रवेश, सभी सीटें भरी

    स्कूल प्रबंधन के अनुसार इस सत्र में 80 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिन पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। देशभर से छात्र इस स्कूल में दाखिला लेने के लिए पहुंचे हैं। स्कूल परिसर में नई बिल्डिंग और हॉस्टल की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है।

    सैन्य अनुशासन के साथ चलेगा स्कूल

    सैनिक स्कूल का संचालन पूरी तरह सैन्य अनुशासन और प्रशिक्षण आधारित होगा। केंद्र से आई टीम ने स्कूल का कार्यभार संभाल लिया है। नायक अकबर खान को इस सैनिक स्कूल का इंचार्ज नियुक्त किया गया है। उनके अनुसार जरूरत के अनुसार शिक्षकों और प्रशिक्षण स्टाफ की तैनाती की जाएगी।

    चयन और प्रवेश प्रक्रिया

    स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, छात्रों का चयन पहले ही कर लिया गया है और ऑनलाइन परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों ने अपनी पसंद से इस स्कूल को चुना है।

    क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि

    इस सैनिक स्कूल की शुरुआत को मुरैना और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे अब स्थानीय छात्रों को रक्षा सेवाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

  • भिंड में भीषण गर्मी का कहर, दिन के साथ रात में भी बढ़ा तापमान

    भिंड में भीषण गर्मी का कहर, दिन के साथ रात में भी बढ़ा तापमान


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के भिंड जिले में गर्मी अब विकराल रूप ले चुकी है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं, जबकि रात का तापमान भी लगातार बढ़ने से राहत लगभग खत्म हो गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में लू चलने की संभावना जताई है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं।

    तापमान 41 डिग्री पार, रातें भी गर्म

    गुरुवार को जिले में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में तेज धूप के साथ चल रही गर्म हवाओं ने जनजीवन पर सीधा असर डाला है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है और लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं।

    रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को नींद में परेशानी हो रही है और कूलर-पंखे भी पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे हैं।

    लू के संकेत, प्रशासन सतर्क

    मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए आने वाले दिनों में लू चलने की आशंका जताई जा रही है। तापमान में और वृद्धि होने पर दोपहर के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

    स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

    जिला स्वास्थ्य विभाग ने लू और हीट स्ट्रोक को लेकर अलर्ट जारी किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएस यादव ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय घर के अंदर रहें, पर्याप्त पानी पिएं और ठंडे स्थानों पर ही रहें।

    अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज

    गर्मी बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। वायरल बुखार और डिहाइड्रेशन के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार अचानक बढ़ी गर्मी के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है।

    बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

    विशेषज्ञों का कहना है कि लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी का सेवन करें।

  • एमपी में सरकारी कर्मचारियों को राहत, DA बढ़कर 257% हुआ, एरियर भी मिलेगा किस्तों में

    एमपी में सरकारी कर्मचारियों को राहत, DA बढ़कर 257% हुआ, एरियर भी मिलेगा किस्तों में


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने छठवें वेतनमान के तहत वेतन पाने वाले शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते DA में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस निर्णय से कर्मचारियों की आय में इजाफा होगा और उन्हें लंबित एरियर का लाभ भी मिलेगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

    जनसंपर्क अधिकारी संतोष मिश्रा के अनुसार महंगाई भत्ता अब 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नई दर 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी जबकि इसका वास्तविक भुगतान 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर मई 2026 के वेतन के साथ किया जाएगा। इसके साथ ही 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि का एरियर कर्मचारियों को एकमुश्त नहीं बल्कि 6 समान किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 के बीच दिया जाएगा जिससे उन्हें चरणबद्ध आर्थिक लाभ मिलेगा।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अवधि में सेवानिवृत्त या दिवंगत कर्मचारियों अथवा उनके नामांकित परिजनों को एरियर की राशि एक साथ प्रदान की जाएगी। महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूर्ण रुपये में जोड़ा जाएगा जबकि इससे कम राशि को नजरअंदाज किया जाएगा। साथ ही इसे अन्य किसी उद्देश्य के लिए वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा।

    प्रतिनियुक्ति कर्मचारियों को भी फायदा

    सरकार ने उपक्रमों निगमों मंडलों और अनुदान प्राप्त संस्थाओं से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को भी इस बढ़ोतरी का लाभ देने का निर्णय लिया है। नई दरों के तहत पांचवें वेतनमान के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 323 प्रतिशत और चौथे वेतनमान के कर्मचारियों का 1465 प्रतिशत हो जाएगा।

    इन कर्मचारियों के लिए भी बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान 1 अप्रैल 2026 से मई 2026 वेतन के साथ शुरू होगा। वहीं 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक का एरियर 6 समान किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 के बीच दिया जाएगा। विशेष प्रावधान के तहत सेवानिवृत्त या दिवंगत कर्मचारियों के मामलों में एरियर की पूरी राशि एकमुश्त दी जाएगी ताकि उनके परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिल सके।

  • पंडोखर धाम में Happu Singh की हास्य प्रस्तुति, ठहाकों से गूंजा परिसर

    पंडोखर धाम में Happu Singh की हास्य प्रस्तुति, ठहाकों से गूंजा परिसर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के पंडोखर धाम में बुधवार रात भक्ति और मनोरंजन का अनोखा संगम देखने को मिला। टीवी के लोकप्रिय हास्य कलाकार योगेश त्रिपाठी उर्फ ‘हप्पू सिंह’ के आगमन से पूरा धाम परिसर उत्साह और उमंग से भर गया। श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की भारी भीड़ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

    गुरुशरण महाराज से लिया आशीर्वाद

    धाम पहुंचने के बाद हप्पू सिंह ने पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक चर्चा में भी हिस्सा लिया और पंडोखर धाम की परंपराओं व धार्मिक माहौल की सराहना की।

    मंच पर आते ही गूंजे ठहाके

    जैसे ही योगेश त्रिपाठी मंच पर पहुंचे, पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। अपने खास अंदाज और चुटीले संवादों से उन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया। उनकी प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि पूरा परिसर ठहाकों से गूंजता रहा और लोग हंसी के इस माहौल में डूब गए।

    मेले जैसा नजर आया माहौल

    कार्यक्रम के दौरान धाम परिसर में मेले जैसा दृश्य देखने को मिला। दूर-दूर से आए श्रद्धालु और दर्शक इस खास पल का आनंद लेते नजर आए। कई लोग अपने पसंदीदा कलाकार के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर इन यादगार पलों को संजोते दिखे।

    देर रात तक चला कार्यक्रम

    हंसी और भक्ति से सराबोर यह आयोजन देर रात तक चलता रहा। उपस्थित लोगों ने न सिर्फ मनोरंजन का आनंद लिया, बल्कि आध्यात्मिक वातावरण का भी अनुभव किया।

  • गुना में छात्रा ने खाया जहर, 12वीं में फेल होने से थी तनाव में खौफनाक कदम, हालत स्थिर

    गुना में छात्रा ने खाया जहर, 12वीं में फेल होने से थी तनाव में खौफनाक कदम, हालत स्थिर


    गुना मध्यप्रदेश के गुना में परीक्षा परिणाम के बाद मानसिक तनाव का एक चिंताजनक मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र की आजाद कॉलोनी में रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा ने 12वीं बोर्ड में फेल होने के बाद चूहामार दवा खाकर आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल जिला अस्पताल में उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अब स्थिर है।

    रिजल्ट के 6 घंटे बाद उठाया खतरनाक कदम

    जानकारी के अनुसार, छात्रा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा की छात्रा थी और शहर के महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में पढ़ती थी। बुधवार को घोषित हुए बोर्ड परीक्षा परिणाम में वह अनुत्तीर्ण हो गई। परिजनों ने बताया कि रिजल्ट आने के करीब 6 घंटे बाद वह गहरे तनाव में चली गई और शाम करीब 5 बजे घर में रखी चूहामार दवा खा ली।

    समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान

    जहर खाने के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी, तब परिजनों को इसकी जानकारी हुई। तुरंत उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और अब उसकी हालत खतरे से बाहर है।

    ‘बहुत मेहनत की थी, लेकिन रिजल्ट उम्मीद जैसा नहीं आया’

    उपचार के दौरान छात्रा ने बताया कि यह उसका 12वीं का पहला प्रयास था और उसने काफी मेहनत की थी। अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन असफलता ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके कारण उसने यह कदम उठा लिया।

    प्रशासन और पुलिस की अपील

    प्रशासन और पुलिस ने छात्रों से अपील की है कि परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं होता। असफलता के बाद भी आगे कई मौके मिलते हैं। शिक्षा विभाग ने भी फेल छात्रों को दोबारा अवसर देने की बात कही है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

    बढ़ती मानसिक दबाव की समस्या

    यह घटना दिखाती है कि परीक्षा परिणाम के समय छात्रों पर मानसिक दबाव कितना अधिक होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में परिवार और समाज को बच्चों का मनोबल बढ़ाना चाहिए।