Category: Madhya Pradesh

  • रीवा में फर्जी रिपोर्ट का खुलासा, दूसरी जांच में भी नहीं सुधरी गलती

    रीवा में फर्जी रिपोर्ट का खुलासा, दूसरी जांच में भी नहीं सुधरी गलती


    मध्य प्रदेश रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सरकारी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पटवारी ने तालाब और खाली जमीन को भी गेहूं की फसल बता दिया। मामला सामने आते ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    तालाब और खाली जमीन पर दिखा दी फसल

    त्योंथर तहसील के ग्राम चन्दई में पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी ने करीब 3000 वर्ग फीट के तालाब और खाली पड़ी जमीन को गेहूं की फसल के रूप में दर्ज कर दिया। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब विभाग को शिकायत मिली और जांच शुरू की गई।

    मौके पर जाकर भी दी गलत रिपोर्ट

    जांच में यह बात सामने आई कि पटवारी ने मौके पर जाकर ही रिपोर्ट तैयार की थी, इसके बावजूद गलत जानकारी दर्ज की गई। इसे गंभीर लापरवाही और कदाचार माना गया। यही वजह रही कि प्रशासन ने बिना देरी किए सख्त कदम उठाया।

    दोबारा जांच में भी नहीं सुधारी गलती

    शिकायत के बाद अधिकारियों ने दोबारा सत्यापन कराया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में कोई सुधार नहीं किया। इससे यह साफ हो गया कि गड़बड़ी जानबूझकर की गई थी।

    फायदा होने से पहले ही पकड़ा गया मामला

    प्रशासन की सतर्कता के चलते यह फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया। अगर यह मामला आगे बढ़ता, तो सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक लाभ उठाया जा सकता था।

    कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

    जिले के कलेक्टर सोमवंशी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     नियमों के तहत निलंबन

    पटवारी पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय त्योंथर तहसील रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

     प्रशासन का सख्त संदेश

    इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि अब सरकारी रिकॉर्ड में किसी भी तरह की हेराफेरी पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला

    सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला


    सागर मध्य प्रदेश के सागर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक शैलेंद्र जैन के निवास स्थित गौशाला में अचानक एक सांप घुस आया। गौशाला में काम कर रहे कर्मचारियों ने जैसे ही सांप को देखा, वे घबरा गए और तुरंत बाहर निकलकर मदद के लिए कॉल किया।

    बोरियों के बीच छिपा बैठा था सांप

    घटना बुधवार की है, जब सांप गौशाला में रखी बोरियों के बीच छिपा हुआ मिला। कर्मचारियों को पहले लगा कि यह खतरनाक कोबरा है, जिससे दहशत और बढ़ गई। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर बबलू पवार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    ऐसे किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

    स्नेक कैचर ने कर्मचारियों की मदद से धीरे-धीरे बोरियों को हटाया। कुछ देर की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान सावधानी बरती गई ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे।

    रेड स्नेक निकला, नहीं था खतरनाक

    रेस्क्यू के बाद पता चला कि यह सांप रेड स्नेक प्रजाति का है, जिसकी लंबाई करीब ढाई फीट थी। यह जहरीला नहीं था, लेकिन अज्ञानता के कारण लोग इसे कोबरा समझकर डर गए थे।

    गर्मी से बचने आया था गौशाला

    विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सांप अक्सर ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों या गौशालाओं में घुस आते हैं। यही कारण है कि यह सांप भी ठंडक पाने के लिए वहां पहुंच गया।

    जंगल में छोड़ा जाएगा

    स्नेक कैचर ने बताया कि सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके।

  • हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 5 लाख से ज्यादा संविदा कर्मियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन

    हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 5 लाख से ज्यादा संविदा कर्मियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में वर्षों से काम कर रहे संविदा, आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और स्थाई कर्मचारियों जैसी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। कोर्ट के इस आदेश से प्रदेश के 5 लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

     10 साल से ज्यादा सेवा वालों को मिलेगा लाभ

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी 10 साल या उससे अधिक समय से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें स्थाई श्रेणी के लाभ से वंचित करने का कोई ठोस कारण नहीं है। ऐसे कर्मचारियों को वर्गीकरण (classification) और उससे जुड़े लाभ मिलना चाहिए।

    न्यूनतम वेतन देना जरूरी

    हाईकोर्ट ने कहा कि आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को कम वेतन देना अनुचित है। वर्तमान में कई आउटसोर्स कर्मचारियों को सिर्फ 8 से 10 हजार रुपए तक वेतन मिल रहा है, जबकि उसी पद पर नियमित कर्मचारियों को इससे दोगुना या ज्यादा वेतन मिलता है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए।

     कितने कर्मचारी होंगे प्रभावित

    प्रदेश में करीब:

    2.5 लाख संविदा कर्मचारी
    1.5 लाख बिजली कंपनियों में आउटसोर्स कर्मचारी
    1 लाख अन्य विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी
    12 हजार अंशकालिक कर्मचारी

    यानी कुल मिलाकर 5 लाख से ज्यादा कर्मचारी इस फैसले से प्रभावित होंगे।

    सरकार को भी दी नसीहत

    कोर्ट ने यह भी माना कि सरकार हर साल इन कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखती है, जिससे साफ है कि उनकी जरूरत बनी हुई है। ऐसे में उन्हें आर्थिक न्याय, सम्मानजनक जीवन और पर्याप्त वेतन देना जरूरी है।

    नर्सिंग भर्ती पर भी अहम टिप्पणी

    सुनवाई के दौरान नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में 100% महिला आरक्षण पर भी सवाल उठे। कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए पुरुष अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने की अनुमति दे दी है। हालांकि उनका अंतिम चयन कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

     आगे क्या होगा?

    अब राज्य सरकार को कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नीति में बदलाव करना होगा। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ सरकारी व्यवस्था में भी स्थिरता आने की उम्मीद है।

  • एक की लाश मिली, दो ने की आत्महत्या? परिवार ने जांच पर उठाए गंभीर आरोप

    एक की लाश मिली, दो ने की आत्महत्या? परिवार ने जांच पर उठाए गंभीर आरोप


    ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार ने 8 महीनों के भीतर अपने तीन जवान बेटों को खो दिया। एक की संदिग्ध हालात में मौत हुई, जबकि दो बेटों ने अलग-अलग समय पर फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

     पहली घटना: छोटे बेटे की संदिग्ध मौत

    परिवार के सबसे छोटे बेटे धर्मेंद्र (25) 29 जुलाई 2025 को फोन पर बात करते हुए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। 1 अगस्त को लक्ष्मीगंज क्षेत्र में उनका शव मिला।

    परिवार के मुताबिक, उनके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे और घटना स्थल पर कोई स्पष्ट वजह भी सामने नहीं आई। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में न तो ठीक से जांच की और न ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

     दूसरी घटना: बड़े बेटे ने लगाई फांसी

    करीब 7 महीने बाद 19 मार्च 2026 को बड़े बेटे अमर सिंह (38) ने रायरू स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त उनकी पत्नी और बच्चा घर पर नहीं थे। परिवार का कहना है कि आत्महत्या के पीछे का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

    तीसरी घटना: मंझले बेटे ने भी दी जान

    त्रासदी यहीं नहीं रुकी। 12 अप्रैल 2026 को मंझले बेटे नीरज धानुक (27) ने भी घर में फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि वह बाजार से लौटकर खाना खाकर कमरे में गया और कुछ देर बाद छत पर फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    पिता का आरोप: पुलिस ने नहीं की सही जांच

    पीड़ित पिता मोहन धानुक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले बेटे धर्मेंद्र की मौत की न तो सही जांच हुई, न सीसीटीवी देखे गए और न ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट दी गई।

    उनका आरोप है कि अगर समय रहते सच्चाई सामने आती, तो शायद आगे की घटनाओं को रोका जा सकता था।

    आर्थिक संकट और मानसिक आघात

    तीनों बेटों की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। घर में अब बुजुर्ग माता-पिता और एक बेटा ही बचा है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर हो गई है, क्योंकि कमाने वाले सदस्य नहीं रहे। पिता ने सरकार से आर्थिक सहायता और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

     पुलिस का बयान

    पड़ाव थाना पुलिस का कहना है कि दोनों आत्महत्या के मामलों में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • छुट्टियां मनाने आए बच्चों पर कहर, गेहूं बचाने की दवा बनी जानलेवा

    छुट्टियां मनाने आए बच्चों पर कहर, गेहूं बचाने की दवा बनी जानलेवा


    उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां छुट्टियां मनाने नानी के घर आए बच्चों पर जहरीली गैस कहर बनकर टूटी। गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए डाली गई कीटनाशक दवा की गैस से दो मासूमों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है।

    नानी के घर खुशियां बदली मातम में

    हादसा इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी हिल्स क्षेत्र में लालचंद प्रजापत के घर हुआ। जानकारी के मुताबिक, उनकी बेटियां अपने बच्चों के साथ गर्मी की छुट्टियां बिताने मायके आई थीं।

    सोमवार रात सभी लोग एक ही कमरे में सोए, जहां करीब चार क्विंटल गेहूं भी रखा था। गेहूं को कीड़ों से बचाने के लिए उसमें कीटनाशक दवा डाली गई थी, जिससे रातभर जहरीली गैस बनती रही।

    सुबह बिगड़ी तबीयत, दो मासूमों ने तोड़ा दम

    मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। डेढ़ माह की त्रिशा के मुंह से झाग निकलने लगा, जिसके बाद सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

    इलाज के दौरान त्रिशा ने दम तोड़ दिया, जबकि बुधवार सुबह 4 साल की अनिका उर्फ अन्नू की भी मौत हो गई।

    वहीं, जेनिशा की हालत गंभीर होने पर उसे इंदौर रेफर किया गया है, जबकि रेहान और येशु का इलाज उज्जैन में जारी है।

     सल्फास से बनी जहरीली गैस बनी मौत की वजह

    डॉक्टरों के अनुसार, गेहूं में डालने वाली सल्फास (कीटनाशक) से जहरीली गैस निकलती है। यदि कमरा बंद हो और वेंटिलेशन न हो, तो यह गैस जानलेवा साबित हो सकती है।

    छोटे बच्चों में इसका असर और तेजी से होता है, जिससे दम घुटने और मौत का खतरा बढ़ जाता है।

    जांच में जुटी पुलिस और FSL टीम

    मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

    नानी ने खुद को ठहराया जिम्मेदार

    इस हादसे के बाद बच्चों की नानी गहरे सदमे में हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि हर साल की तरह इस बार भी गेहूं में दवा डाली थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह इतना घातक साबित होगा।

    जरूरी सावधानी

    विशेषज्ञों का कहना है कि कीटनाशक दवाओं का उपयोग करते समय कमरे को पूरी तरह हवादार रखना चाहिए और जहां दवा रखी हो, वहां सोना बेहद खतरनाक हो सकता है।

  • जमीन मुक्त कराने के नाम पर खेल, एक महीने में दो बार भेजी गई नकली NOC

    जमीन मुक्त कराने के नाम पर खेल, एक महीने में दो बार भेजी गई नकली NOC


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में जमीन से जुड़े कामकाज को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) में फर्जी एनओसी (No Objection Certificate) का संगठित रैकेट सक्रिय होने का खुलासा हुआ है, जिसमें प्राधिकरण के अंदरूनी लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।

    एक महीने में दो बार भेजी गई फर्जी NOC

    मामला योजना 97 पार्ट-4 बिजलपुर की करीब 20 हजार वर्गफुट जमीन से जुड़ा है। जमीन मालिक ने ले-आउट मंजूरी के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) में आवेदन किया था।

    जांच के दौरान TNCP अधिकारियों को संदेह हुआ क्योंकि IDA से जारी NOC और उसके प्रारूप में साइन मेल नहीं खा रहे थे। जब पुष्टि के लिए IDA से संपर्क किया गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ-ऐसी कोई NOC वहां से जारी ही नहीं हुई थी। हैरानी की बात यह है कि करीब डेढ़ महीने के भीतर दो बार फर्जी NOC भेजी गई।

     अफसरों के साइन भी निकले नकली

    भू-अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा ने साफ कहा कि उनके नाम से फर्जी साइन कर NOC बनाई गई। इससे पहले कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारी के भी सिग्नेचर फर्जी पाए गए।

    इससे साफ है कि रैकेट काफी सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और दस्तावेजों को असली जैसा दिखाने के लिए अधिकारियों के हस्ताक्षर तक कॉपी किए जा रहे थे।

     IDA कर्मचारी पर शक, मोबाइल बंद कर गायब

    इस पूरे मामले में IDA के विधि विभाग के बाबू शुभम श्रीवास्तव पर संदेह गहराया है। खुलासे के बाद से वह बिना सूचना के गायब है, उसका मोबाइल भी बंद है और घर से भी लापता बताया जा रहा है। इससे जांच और गंभीर हो गई है।

    करोड़ों के घोटाले की आशंका

    सूत्रों के मुताबिक, यह रैकेट पिछले करीब एक साल से सक्रिय था और जमीन की कीमत के हिसाब से NOC जारी करने के रेट तय किए जाते थे। आशंका है कि इस तरह कई मामलों में शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है। अब प्राधिकरण पुरानी NOC फाइलों की भी जांच कराने की तैयारी में है, जिससे इस घोटाले का दायरा और बढ़ सकता है।

     अब पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

    मामले की गंभीरता को देखते हुए IDA के सीईओ परीक्षित झाड़े ने NOC प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने का फैसला लिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो सके। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

  • स्वीमिंग के दौरान अचानक गिरे बिजनेसमैन, साइलेंट हार्ट अटैक से मौत की आशंका

    स्वीमिंग के दौरान अचानक गिरे बिजनेसमैन, साइलेंट हार्ट अटैक से मौत की आशंका


    भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक वरिष्ठ कारोबारी की स्वीमिंग करते समय संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरुआती जांच में इसे ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

     स्वीमिंग के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत

    यह घटना टीटी नगर क्षेत्र स्थित तरुण पुष्कर की है। जानकारी के मुताबिक, शाहपुरा की अमतलाश कॉलोनी निवासी 63 वर्षीय संजय त्यागी रोज की तरह बुधवार शाम भी स्वीमिंग के लिए पहुंचे थे।

    शाम करीब 6 बजे जब वह पूल में तैर रहे थे, तभी अचानक बेसुध होकर पानी में गिर पड़े। पूल में पानी की गहराई महज 4 फीट थी, जिससे डूबने की संभावना कम मानी जा रही है।

     CPR देने के बावजूद नहीं बच पाई जान

    घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद ट्रेनर और अन्य लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और CPR देकर सांसें वापस लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

     साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मामला साइलेंट हार्ट अटैक का लग रहा है। इस तरह के अटैक में अक्सर व्यक्ति को पहले कोई गंभीर लक्षण महसूस नहीं होते और अचानक स्थिति बिगड़ जाती है।

    फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि हार्ट अटैक की पुष्टि होती है, तो यह एक और उदाहरण होगा कि फिटनेस एक्टिविटी के दौरान भी स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

  • सेल्समैन के बाल पकड़कर पीटा, विरोध करने पर युवक ने की मारपीट

    सेल्समैन के बाल पकड़कर पीटा, विरोध करने पर युवक ने की मारपीट


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बदरवास क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर काम कर रहे सेल्समैन के साथ दो युवकों ने सरेआम मारपीट कर दी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है।

    जल्दी पेट्रोल डालने को लेकर बढ़ा विवाद

    जानकारी के मुताबिक, बदरवास के वार्ड क्रमांक 07 निवासी 25 वर्षीय संजीव यादव स्थानीय पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। 15 अप्रैल की शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच वह अन्य ग्राहकों को ईंधन भर रहे थे। इसी दौरान दो युवक बाइक से पहुंचे और बिना लाइन में आए तुरंत पेट्रोल भरने का दबाव बनाने लगे।

    संजीव यादव ने भीड़ का हवाला देते हुए युवकों से वाहन को आगे लाने के लिए कहा, लेकिन यही बात आरोपियों को नागवार गुजर गई और उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी।

    बाल पकड़कर की बेरहमी से पिटाई

    पीड़ित के अनुसार, जब वह विवाद से बचने के लिए पीछे हटे तो दोनों युवक और उग्र हो गए। आरोप है कि उन्होंने संजीव यादव का पीछा किया, उनके बाल पकड़ लिए और जमकर मारपीट की। इस दौरान आसपास मौजूद लोग भी सहम गए, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया।

     CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

    पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह मामूली बात पर आरोपियों ने हिंसक रूप ले लिया। यह फुटेज अब पुलिस के पास अहम सबूत के रूप में मौजूद है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, कार्रवाई की मांग

    पीड़ित संजीव यादव ने बदरवास थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • एमपी में बढ़ी गर्मी की तपिश, आज 16 जिलों में लू का अलर्ट, कई शहरों में तापमान 42°C के पार

    एमपी में बढ़ी गर्मी की तपिश, आज 16 जिलों में लू का अलर्ट, कई शहरों में तापमान 42°C के पार

    भोपाल। मध्य प्रदेश के 16 जिलों में गुरुवार को हीट वेव (लू) को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल ने इस सीजन में पहली बार इतने बड़े स्तर पर अलर्ट जारी किया है। आने वाले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्से गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे।

    गुरुवार को जिन जिलों में लू चलने की संभावना है, उनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इससे पहले छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और मंडला में लू जैसे हालात बन चुके हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में आमतौर पर गर्मी तेज होती है। इस बार भी शुरुआत में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद 10 अप्रैल से तापमान में तेजी आई है, जो अब और बढ़ेगी।

    25 शहरों में 40°C के पार पारा
    बुधवार को प्रदेश में गर्मी का असर काफी तीखा रहा। पहली बार 25 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। इंदौर और ग्वालियर इस सीजन में सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे, जहां पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। गर्मी के बढ़ते असर के चलते बुरहानपुर, हरदा और रतलाम में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।

    छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री दर्ज हुआ। खजुराहो में 42.2 डिग्री, रतलाम में 42 डिग्री, नर्मदापुरम में 41.8 डिग्री, सतना में 41.7 डिग्री, मंडला में 41.6 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और शाजापुर में 41.1 डिग्री तापमान रहा। इसके अलावा टीकमगढ़, धार, खरगोन और रीवा में 41 डिग्री, जबकि उमरिया और दतिया में 40.8 डिग्री दर्ज किया गया।

    श्योपुर, दमोह और रायसेन में 40.4 डिग्री, गुना में 40.3 डिग्री, छिंदवाड़ा, मलाजखंड और बैतूल में 40.2 डिग्री, खंडवा में 40.1 डिग्री और सागर में 40 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों में इंदौर में 40 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री, भोपाल में 39.5 डिग्री, उज्जैन में 39.7 डिग्री और जबलपुर में 39.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

    लू से बचाव के लिए एडवायजरी जारी
    गर्मी बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है। इसमें दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप में लंबे समय तक बाहर न रहने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

  • MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम

    MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav ) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) को देश की शताब्दी की सबसे बड़ी घटना बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब देश की बहनों को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में यह बड़ा निर्णय लिया गया है और सरकार इसका स्वागत करती है।

    विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और अब जब सरकार इसे आगे बढ़ा रही है तो सभी को इसका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है, इसलिए विपक्ष को राजनीतिक विरोध छोड़कर इसे लागू कराने में सहयोग करना चाहिए।

    राहुल गांधी के इस आरोप पर कि ओबीसी, दलित और आदिवासी महिलाओं का हिस्सा छीना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है और सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा का पूरा अवसर है और विपक्ष को अपनी बात वहीं रखनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर रही है।

    दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक भय और भ्रम है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संसद के फ्लोर पर चर्चा से ही होगा और सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को पास कराना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है, जैसे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य योजनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया है, चाहे वह स्टार्टअप हो या सशस्त्र बल. मोहन यादव ने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च पद पर पहुंचना भी इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में शताब्दी की सबसे बड़ी घटना है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा. मध्य प्रदेश की तैयारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है।