Category: Madhya Pradesh

  • आवारा कुत्तों का आतंक: जबलपुर में मासूम बहनों पर हमला, इलाके में दहशत

    आवारा कुत्तों का आतंक: जबलपुर में मासूम बहनों पर हमला, इलाके में दहशत


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन तहसील अंतर्गत आगासौद गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक आवारा कुत्ते ने घर के बाहर खेल रही मासूम बच्ची पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच डाला। यह घटना उस समय हुई जब तीन वर्षीय बच्ची प्राची घर के बाहर खेल रही थी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्ची की चीख सुनकर उसकी मां सुलोचना बाहर दौड़ी और लाठी लेकर कुत्ते को भगाने की कोशिश की। जैसे ही मां ने बड़ी बेटी को किसी तरह बचाया, कुत्ता अचानक घर के अंदर घुस गया और वहां जमीन पर सो रही छह माह की दूसरी बच्ची पर झपट पड़ा। कुत्ते ने मासूम को जबड़े में दबोच लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाकर दोनों बच्चियों को उसके चंगुल से छुड़ाया। इस हमले में दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनके चेहरे, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव आए हैं।

    परिजन तुरंत दोनों को पाटन स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों मासूमों का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर नजर बनाए हुए है।

    घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगर निगम की ओर से प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। कई इलाकों में लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डरने लगे हैं।

    इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी कुत्ते के काटने की स्थिति में तुरंत उपचार लेने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में समय पर रेबीज का टीका लगवाना बेहद जरूरी है, अन्यथा गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

    यह घटना एक बार फिर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की समस्या और उसके समाधान पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • कबाड़ बाजार में हड़कंप: जबलपुर में आग ने मचाया तांडव, चार घंटे चला ऑपरेशन

    कबाड़ बाजार में हड़कंप: जबलपुर में आग ने मचाया तांडव, चार घंटे चला ऑपरेशन


    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में सोमवार देर रात एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जहां गुरंदी बाजार इलाके में स्थित कबाड़ की सात दुकानें भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। यह घटना रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।

    स्थानीय जानकारी के अनुसार, दुकानदार रात करीब 9 बजे अपनी दुकानें बंद कर घर चले गए थे। इसके कुछ घंटों बाद अचानक आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी दुकानों में रखा कबाड़ तेजी से जलने लगा।

    आग की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए 10 दमकल गाड़ियों को लगाया गया, लेकिन संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दमकल वाहन घटनास्थल तक सीधे नहीं पहुंच पाए, जिसके चलते पानी की आपूर्ति में भी देरी हुई।

    करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक दुकानों में रखा सारा सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। आग लगने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल फायर विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।

    सीएसपी एमएल नागोतिया ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दमकल विभाग की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

    इस घटना के बाद एक बार फिर शहर के बीच स्थित कबाड़ गोदामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इन गोदामों को हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे पहले भी इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है, जिसमें बड़े हादसे की आशंका जताई गई थी।

    यह हादसा न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत भी दर्शाता है।

  • अनुमति न मिलने से भड़का हिंदू महासभा: गोडसे की मूर्तियां लगाने की घोषणा

    अनुमति न मिलने से भड़का हिंदू महासभा: गोडसे की मूर्तियां लगाने की घोषणा


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार को नाथूराम गोडसे की 116वीं जयंती के मौके पर प्रस्तावित जुलूस को लेकर तनाव की स्थिति बनने से पहले ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और संभावित विवाद को देखते हुए यह फैसला लिया, जिसके बाद पूरा कार्यक्रम हिंदू महासभा के दौलतगंज स्थित कार्यालय परिसर में ही आयोजित किया गया।

    कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिंदू महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नाथूराम गोडसे की तस्वीर पर माल्यार्पण और आरती की। हालांकि कार्यक्रम सीमित दायरे में हुआ, लेकिन इस दौरान दिए गए कुछ बयानों को लेकर फिर से विवाद की स्थिति बन गई।

    कुछ पदाधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भविष्य में गोडसे की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी और उन्हें लेकर संगठन की विचारधारा आगे भी जारी रहेगी। इन बयानों के बाद प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी गई।

    कोतवाली थाना पुलिस पहले से ही कार्यक्रम स्थल के बाहर तैनात थी और पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

    प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि या बयान पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि ग्वालियर में इससे पहले भी गोडसे को लेकर आयोजित कार्यक्रम विवादों में रहे हैं, जिसके चलते इस बार प्रशासन ने एहतियातन अनुमति देने से इनकार किया।

  • संदिग्ध हालात में मौत: पोस्टमॉर्टम पर पुलिस लेगी सेकंड ओपिनियन

    संदिग्ध हालात में मौत: पोस्टमॉर्टम पर पुलिस लेगी सेकंड ओपिनियन


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक 21 वर्षीय युवती पलक रजक की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पलक सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के लिए जानी जाती थी और उसके हजारों फॉलोअर्स थे, लेकिन उसकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    परिवार का आरोप है कि पलक की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। मायके पक्ष के अनुसार, शादी के बाद से ही पलक को ससुराल में लगातार दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि सास और देवर कार की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते थे, जबकि पति भी इस उत्पीड़न का विरोध नहीं करता था।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मौत से लगभग 30 मिनट पहले पलक ने अपने भाई और पिता को फोन कर कहा था कि उसे तुरंत वहां से ले जाया जाए, नहीं तो ससुराल वाले उसे मार डालेंगे। इसके बाद जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो पलक का शव स्ट्रेचर पर पड़ा मिला।

    परिजनों ने दावा किया है कि उसके शरीर पर गले और पैरों सहित कई जगह चोट के निशान मिले हैं, जिससे यह आशंका और मजबूत होती है कि मौत से पहले उसने संघर्ष किया था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के समय दी गई एफडी भी ससुराल पक्ष ने जबरन तुड़वाकर अपने पास रख ली थी।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पलक पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थी और उसने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और रील्स में अवसाद, घुटन और बेचैनी के संकेत दिए थे। कुछ रील्स में उसने सीधे तौर पर अपने मानसिक संघर्ष को भी व्यक्त किया था।

    मृत्यु से पहले पलक ने लगभग तीन दिनों तक भोजन नहीं किया था, यह बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल डिटेल और मेडिकल रिपोर्ट को गहराई से खंगाल रही है।

    फिलहाल पुलिस का शुरुआती अनुमान यह है कि मामला फांसी (हैंगिंग) का हो सकता है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर सेकंड ओपिनियन लिया जाएगा, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    यह मामला अब दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और सोशल मीडिया पर दिखने वाली जिंदगी के पीछे छिपे तनाव जैसे गंभीर मुद्दों की ओर इशारा कर रहा है।

  • बिना ओपन हार्ट सर्जरी इलाज: इंदौर में डॉक्टरों ने बचाई किशोर की जान

    बिना ओपन हार्ट सर्जरी इलाज: इंदौर में डॉक्टरों ने बचाई किशोर की जान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में चिकित्सा क्षेत्र से एक प्रेरणादायक और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां डॉक्टरों ने एक 16 वर्षीय किशोर के दिल में मौजूद 27 एमएम के बड़े जन्मजात छेद का सफल इलाज कर उसे नई जिंदगी दी है। खास बात यह है कि यह पूरी जटिल प्रक्रिया बिना ओपन हार्ट सर्जरी के मात्र 20 मिनट में पूरी कर ली गई।

    यह मामला खंडवा जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र के किसान परिवार से जुड़ा है, जहां रहने वाला किशोर पिछले कई महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। उसे लगातार थकान, सांस फूलना, घबराहट और कमजोरी की शिकायत थी। धीरे-धीरे उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि कई बार वह बेहोश भी हो जाता था, जिससे परिवार बेहद चिंतित हो गया था।

    कई जगह इलाज कराने के बावजूद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो परिवार उसे इंदौर के इंडेक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। यहां जांच में पता चला कि किशोर ‘एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD)’ नामक जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित है, जिसमें दिल के ऊपरी हिस्से के बीच एक बड़ा छेद होता है, जो रक्त संचार को प्रभावित करता है और समय पर इलाज न होने पर जानलेवा भी हो सकता है।

    पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुदीप वर्मा के अनुसार, इस केस में ओपन हार्ट सर्जरी की बजाय आधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी तकनीक का उपयोग किया गया। इसमें मरीज के पैर की नस के जरिए कैथेटर डालकर दिल तक पहुंच बनाई गई और फिर विशेष डिवाइस लगाकर छेद को सफलतापूर्वक बंद कर दिया गया।

    डॉक्टरों का कहना है कि यह तकनीक मरीज के लिए बेहद सुरक्षित है क्योंकि इसमें बड़े चीरे की जरूरत नहीं होती, संक्रमण का खतरा कम होता है और रिकवरी भी तेजी से होती है। ऑपरेशन के बाद किशोर की हालत में तेजी से सुधार देखा जा रहा है और उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।

    इस पूरे इलाज का खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत वहन किया गया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर किसान परिवार को बड़ी राहत मिली। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि इस उपचार ने उनके बेटे को नया जीवन दिया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में दिल में छेद होने के शुरुआती लक्षणों में जल्दी थकान, सांस फूलना, कमजोरी, बार-बार बेहोश होना और शारीरिक गतिविधियों में परेशानी शामिल हैं। समय पर पहचान और इलाज से इस गंभीर बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

    यह मामला न सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र की प्रगति को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाएं मिलकर कई जिंदगियां बचा सकती हैं।

  • इंदौर में फिर सुर्खियों में हनी ट्रैप केस: शराब कारोबारी को फंसाने का आरोप

    इंदौर में फिर सुर्खियों में हनी ट्रैप केस: शराब कारोबारी को फंसाने का आरोप


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बार फिर हनी ट्रैप गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने शहर में सनसनी फैला दी है। क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में एक शराब कारोबारी को ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये की मांग करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस पूरे मामले में 2019 के चर्चित हनी ट्रैप केस से जुड़ी आरोपी श्वेता विजय जैन की भी गिरफ्तारी ने जांच को और गंभीर बना दिया है।

    पुलिस के अनुसार, इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र के रहने वाले शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें एक महिला और उसके साथियों द्वारा पहले जान-पहचान बढ़ाकर फंसाया गया और फिर निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक करोड़ रुपये की मांग की गई।

    जांच में सामने आया कि इस पूरे गिरोह की मास्टरमाइंड अलका दीक्षित है, जो पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रही है और अवैध शराब व ड्रग नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है। अलका ने कारोबारी को प्रॉपर्टी डीलिंग और पार्टनरशिप के बहाने जाल में फंसाया था, जिसके बाद दबाव बनाकर पैसे और हिस्सेदारी की मांग शुरू हो गई।

    गिरोह में शामिल अलका के बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और अन्य साथियों ने कथित रूप से कारोबारी पर हमला भी किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में एक पुलिसकर्मी का नाम सामने आया।

    इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा पर आरोप है कि वह इस पूरे नेटवर्क से जुड़ा था और पीड़ित के निजी वीडियो व फोटो साझा करने में भूमिका निभा रहा था। उसके मोबाइल और चैट रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।

    क्राइम ब्रांच ने गुप्त ऑपरेशन चलाकर एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी और अलका, जयदीप, लाखन चौधरी समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, भोपाल से श्वेता जैन को भी हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया, जिससे पुराने हनी ट्रैप नेटवर्क की कड़ियां फिर से खुलने की आशंका जताई जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो लंबे समय से हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए लोगों से वसूली कर रहा था। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।

    इस पूरे मामले ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • स्वच्छता की कला से सजा शहर: भोपाल में 40 जगहों पर बनीं आकर्षक पेंटिंग्स

    स्वच्छता की कला से सजा शहर: भोपाल में 40 जगहों पर बनीं आकर्षक पेंटिंग्स


    नई दिल्ली। भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। संभावना जताई जा रही है कि सर्वेक्षण टीम अगले दो दिनों में शहर का दौरा कर सकती है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई और सौंदर्यीकरण के काम तेज कर दिए हैं।

    शहर के जोन-9 स्थित पंजाबी बाग सहित करीब 40 स्थानों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग और म्यूरल आर्ट तैयार किए गए हैं। एक गली में समुद्र की आकृति उकेरकर स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया, जहां लोग बड़ी संख्या में इसे देखने पहुंचे। इन पेंटिंग्स का उद्देश्य केवल सौंदर्य बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।

    नगर निगम का पूरा फोकस अब “विजिबल क्लीनलीनेस” यानी जमीन पर दिखने वाली सफाई पर है, क्योंकि इस बार सर्वेक्षण में इसी मानक को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। इसके लिए शहर में सड़क सफाई, नालों की सफाई, बैक लेन की मरम्मत और सार्वजनिक शौचालयों के सुधार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

    न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, कोलार, बैरागढ़ और पुराने शहर के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। कचरा संग्रहण और उसके निपटान पर भी अतिरिक्त ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सर्वे टीम के सामने शहर की साफ-सुथरी छवि प्रस्तुत की जा सके।

    हालांकि जमीन पर स्थिति पूरी तरह सुधरी नहीं है। कई स्थानों पर अब भी उखड़ी सड़कें, खुले नाले, टूटे डस्टबिन और गंदगी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जो नगर निगम के लिए चुनौती साबित हो रही हैं। इसी कारण शहर को मिलने वाले 1500 विजिबल क्लीनलीनेस अंकों पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

    स्वच्छ सर्वेक्षण के नए नियमों के अनुसार, इस बार रैंकिंग का आधार केवल कागजी रिपोर्ट नहीं बल्कि ऑन-ग्राउंड क्लीनलीनेस, नागरिक फीडबैक, कचरा प्रबंधन और स्टार रेटिंग सिस्टम पर भी निर्भर करेगा। कुल मिलाकर 10 प्रमुख इंडिकेटर्स के आधार पर शहरों की रैंकिंग तय होगी।

    सबसे बड़ी चुनौती के रूप में आदमपुर कचरा खंती सामने है, जहां वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट और बार-बार लगने वाली आग ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। इसके अलावा कई स्थानों पर कचरा पॉइंट फिर से सक्रिय हो गए हैं, जिससे रैंकिंग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

    नगर निगम ने दावा किया है कि बैक लेन सुधार, म्यूरल आर्ट और कचरा हटाने के अभियान अंतिम चरण में हैं और टीम के आने से पहले अधिकतम काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

    कुल मिलाकर, भोपाल प्रशासन इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है, लेकिन जमीनी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।

  • पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, जनता पर बढ़ा बोझ

    पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, जनता पर बढ़ा बोझ


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मंगलवार से राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह महज 5 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे ईंधन के दामों में तेजी से इजाफा हो रहा है और आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।

    इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल-डीजल के दामों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ते दामों के बाद अब भोपाल में पेट्रोल की कीमत 110.75 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.91 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इंदौर और जबलपुर में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं, जबकि उज्जैन में पेट्रोल 111 रुपये के पार पहुंच चुका है।

    दूसरी ओर, छिंदवाड़ा जिले में ईंधन संकट और आपूर्ति दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। यहां पेट्रोल पंपों पर खरीद की सीमा तय कर दी गई है। दोपहिया वाहनों को अधिकतम 200 रुपये तक और छोटी कारों को 500 रुपये तक ही पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं बड़ी गाड़ियों के लिए भी फ्यूल लिमिट तय कर दी गई है। तेल कंपनियों की ऑनलाइन निगरानी के चलते तय सीमा से अधिक बिक्री पर मशीन लॉक होने की चेतावनी दी गई है।

    इसी बीच उज्जैन में एक अलग ही पहल देखने को मिली, जहां एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कथावाचक ने श्रद्धालुओं को पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने लोगों से सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों के बजाय साइकिल या ई-वाहन का उपयोग करने की अपील की।

    बढ़ते ईंधन दामों का असर केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी पड़ने की आशंका है। ट्रक भाड़ा बढ़ने से सब्जियां, फल और अन्य जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। साथ ही किसानों की उत्पादन लागत और बस-ऑटो किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

    जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उछाल इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है। वैश्विक तनाव और सप्लाई बाधाओं के चलते क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं, जिससे भारतीय तेल कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ है।

    सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने हजारों करोड़ रुपये के घाटे का सामना करना पड़ रहा है, जिसे संतुलित करने के लिए कीमतों में संशोधन किया जा रहा है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में वैश्विक बाजार की हलचल का सीधा असर घरेलू कीमतों पर दिखाई देता है।

    कुल मिलाकर, ईंधन की बढ़ती कीमतें आने वाले दिनों में महंगाई की रफ्तार और तेज कर सकती हैं, जिससे आम जनता की जेब पर और दबाव बढ़ने की आशंका है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार


    भोपाल। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिला। छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। वहीं नौगांव में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के 22 शहरों में पहली बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री पहुंचने से सड़कों तक पर गर्मी का असर दिखाई दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार, मई महीने में पहली बार पूरा मध्य प्रदेश भीषण गर्मी से तपता नजर आया। खजुराहो में यह अब तक का दूसरा सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक गर्मी महसूस की गई।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी छतरपुर जिले में दर्ज हुई, जहां खजुराहो और नौगांव दोनों सबसे गर्म शहर रहे। इसके अलावा राजगढ़ में 45.5 डिग्री, रतलाम में 45.4 डिग्री, खंडवा में 45.1 डिग्री तथा शाजापुर, श्योपुर और मुरैना में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। दमोह और सतना में 44.8 डिग्री, सागर में 44.7 डिग्री, गुना और रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री तथा धार में 44.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

    मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, धार, खरगोन, खंडवा, देवास, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, शिवपुरी, मुरैना सहित कई जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है।

    जबलपुर, झाबुआ, आलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, शहडोल, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन यहां भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा।

  • महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज

    महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज



    उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामले में गुजरात से आई दो महिलाओं से विशेष दर्शन और नंदी हॉल में बैठाकर भस्म आरती कराने का झांसा देकर 42 हजार रुपए ठग लिए गए। महाकाल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    गूगल सर्च से मिला नंबर, खुद को बताया मंदिर से जुड़ा व्यक्ति
    गुजरात निवासी वीणा धनेरिया ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मित्र अल्पना पटेल के साथ 15 मई को बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन आई थीं। आरती बुकिंग के लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया, जहां उन्हें पंडित दीपक मिश्रा नाम से एक मोबाइल नंबर मिला।

    महिलाओं का आरोप है कि फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को मंदिर से जुड़ा बताया और नंदी हॉल में बैठाकर विशेष दर्शन कराने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन कुल 42 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए।

    पैसे लेने के बाद करता रहा बहाने
    महिलाओं के मुताबिक आरोपी लगातार बुकिंग कन्फर्म होने की बात कहता रहा। बाद में 16 मई की शाम उसने फोन कर बताया कि बुकिंग नहीं हो पाई है और वह रकम वापस कर देगा।

    संदेह होने पर जब दोनों महिलाएं मंदिर के आधिकारिक काउंटर पहुंचीं, तब उन्हें पता चला कि इस तरह की कोई प्रक्रिया नहीं होती और मंदिर में इस नाम का कोई अधिकृत पुजारी भी नहीं है। इसके बाद उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी सागर का निवासी, पुलिस तलाश में जुटी
    महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर जिले का रहने वाला है और उज्जैन के विभिन्न मंदिरों में पूजन-पाठ का काम करता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
    इससे पहले 13 मई को महाराष्ट्र के पुणे निवासी मानव गायकवाड़ ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने नंदी हॉल में दर्शन कराने के नाम पर उनसे और उनके दोस्तों से 5 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन दर्शन नहीं कराए।

    श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन की अपील
    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भस्म आरती और विशेष दर्शन की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यम से ही करें।

    भस्म आरती की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट से करें

    तत्काल बुकिंग एक दिन पहले सुबह 8 बजे उपलब्ध होती है

    भस्म आरती शुल्क 200 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित है

    सामान्य दर्शन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक निशुल्क हैं

    प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अधिकृत काउंटर से टिकट लें

    सोशल मीडिया, गूगल नंबर या अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें

    मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या मंदिर प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी है।