Category: Madhya Pradesh

  • MP: खजुराहो में लोहे की रॉड से बंदर भगाना पड़ा महंगा… हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से जिंदा जला युवक

    MP: खजुराहो में लोहे की रॉड से बंदर भगाना पड़ा महंगा… हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से जिंदा जला युवक


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खजुराहो (Khajuraho) से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां पर बंदर भगाने की कोशिश कर रहे एक युवक को लोहे की रॉड का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया और इस दौरान वह ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन लाइन (High tension line) की चपेट में आ गया। जिसके चलते उसे इतना जोरदार झटका लगा कि वह जिंदा जल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुई इस दर्दनाक घटना का एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक के साथ हुए इस हादसे को देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना खजुराहो रेलवे स्टेशन के पास स्थित ‘द खजुराहो हेरिटेज रिसॉर्ट’ में हुई। मृतक की पहचान प्रदीप रायकवार उर्फ रिंकू के रूप में हुई है, जो कि उसी रिसॉर्ट में नौकरी करता था। युवक ने केवल पांच दिन पहले ही इस होटल में काम करना शुरू किया था। जिसके बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


    बंदर भगाने के लिए उठा लाया लोहे का पाइप

    इस घटना का जो CCTV फुटेज सामने आया है, उसमें प्रदीप रिसॉर्ट में बने गार्डन में आए बंदर को भगाने के लिए लोहे की एक लंबी छड़ उठाकर ले जाता हुआ दिखाई देता है। इसके बाद वह उसी छड़ की मदद से बंदर को डराते हुए भगाता नजर आ रहा है। इस दौरान वह उस छड़ को बार-बार उठाकर जमीन पर पटकता है, ताकि उससे होने वाली आवाज से बंदर डर जाए।


    धमाके की आवाज के साथ जल गया युवक

    वहीं जब वह बंदर वहां से भाग जाता है, तो वह युवक उस लोहे की रॉड को बिल्कुल सीधा ऊपर की ओर उठाकर वापस आता है, इसी दौरान वह रॉड ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा जाती है और टकराते ही धमाके के साथ प्रदीप के शरीर से आग लग जाती है, जिसके चलते वह वहीं गिर जाता है और झुलसने से उसकी मौत हो जाती है।


    धमाके की आवाज सुन बाहर आईं दो कर्मचारी

    बाहर हुए धमाके की आवाज सुनकर रिसॉर्ट की दो महिला कर्मचारी दौड़कर बाहर आती हैं, जिनमें से एक युवक के पास तक जाती है और उसकी हालत देखकर डर के मारे चीख उठती हैं। इसके बाद वह महिला युवक को दो बार भैया-भैया कहते हुए आवाज भी देती है, और फिर बाकी लोगों को बुलाने के लिए चीखते हुए अंदर चली जाती है।

    इस हादसे की जानकारी मिलने पर बमीठा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम होने के बाद युवक के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि रिसॉर्ट की छत के करीब से निकली हाईटेंशन की लाइन नियमों के अनुसार लगाई गई है, या इसमें विभाग या होटल प्रबंधन की लापरवाही है।

  • MP: सीधी में 4 पुलिसकर्मियों की शर्मनाक करतूत… नशे में मरीज के बेड में सोए, डस्टबिन में किया पेशाब

    MP: सीधी में 4 पुलिसकर्मियों की शर्मनाक करतूत… नशे में मरीज के बेड में सोए, डस्टबिन में किया पेशाब


    सीधी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीधी जिले (Sidhi district) से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जिला अस्पताल के अंदर ड्यूटी पर तैनात चार पुलिसकर्मियों (Four Policemen) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वे मरीज के बेड पर सोते और अस्पताल परिसर में अनुशासनहीन हरकत करते नजर आए। वीडियो में एक पुलिसकर्मी को डस्टबिन में पेशाब करते हुए भी देखा गया। घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप है। मामले में चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो 13 अप्रैल को सामने आया। आरोप है कि सभी पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे और पुलिस की गरिमा के खिलाफ व्यवहार कर रहे थे। उनकी वर्दी भी पास में टंगी हुई दिखाई दी।

    कैदी की सुरक्षा में तैनात थे पुलिसकर्मी
    बताया जा रहा है कि ये पुलिसकर्मी 28 मार्च से जिला अस्पताल में भर्ती एक अंडरट्रायल कैदी की सुरक्षा में तैनात थे। इस टीम का नेतृत्व सहायक उप-निरीक्षक नर्मदा प्रसाद प्रजापति कर रहे थे। टीम में कांस्टेबल उदयराज सिंह, जितेंद्र सिंह और मनीष तिवारी शामिल थे।


    नशे में धुत होकर उत्पात मचाया

    मामले की आंतरिक जांच में पुष्टि हुई कि पुलिसकर्मियों ने शराब के नशे में यह अनुशासनहीनता की। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित थाना प्रभारी द्वारा उचित निगरानी नहीं की गई, जिससे यह घटना हुई।

    सीधी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप लगाए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान सभी को सीधी के रिजर्व सेंटर से अटैच कर दिया गया है और उन्हें विभागीय नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई भी जारी है।

  • उपमुख्यमंत्री शुक्ल की बड़ी समीक्षा बैठक रीवा में बुनियादी ढांचे पर जोर

    उपमुख्यमंत्री शुक्ल की बड़ी समीक्षा बैठक रीवा में बुनियादी ढांचे पर जोर


    भोपाल । मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में रीवा जिले के लोक निर्माण विभाग से जुड़े प्रस्तावित सड़क एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

    बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अंतिम रूप देकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और जनता को जल्द सुविधाओं का लाभ मिल सके।

    समीक्षा में सबसे प्रमुख प्रस्ताव रीवा शहर में कमिश्नर बंगला से ढेकहा तिराहे तक बनने वाला 700 करोड़ रुपए की लागत का फ्लाईओवर रहा। यह फ्लाईओवर शहर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे शहर में आवागमन अधिक सुगम और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

    इसके साथ ही लक्ष्मण बाग से कुठुलिया मार्ग में बिछिया नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य पर भी चर्चा की गई। इस परियोजना से लक्ष्मण बाग, कुठुलिया मार्ग और संस्कृत विश्वविद्यालय तक पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने यह भी निर्देश दिए कि इस परियोजना में रिवर फ्रंट के सौंदर्यीकरण को भी शामिल किया जाए, ताकि यह क्षेत्र न केवल आवागमन के लिहाज से बल्कि पर्यटन और शहरी सौंदर्य के दृष्टिकोण से भी विकसित हो सके।

    अधिकारियों ने बैठक में प्रस्तावित कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की। सरकार का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से रीवा में शहरी विकास और यातायात व्यवस्था को एक नई दिशा दी जा सके।

  • एमपी सरकार का बड़ा फैसला चिकित्सा छात्रों को समय पर मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ

    एमपी सरकार का बड़ा फैसला चिकित्सा छात्रों को समय पर मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ


    भोपाल । मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं के लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र छात्रों को उनकी योजनागत राशि समय पर और बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाए।

    बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की देरी या प्रशासनिक अड़चन का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए तथा यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसका तुरंत समाधान किया जाए।

    समीक्षा के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही संबल योजना और मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत दिए जा रहे लाभों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

    बैठक में वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सा शिक्षा के छात्र अपनी पढ़ाई बिना आर्थिक बाधा के जारी रख सकें और उन्हें समय पर सरकारी सहायता मिलती रहे।

  • मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार लाखों किसानों को मिल रहा समर्थन मूल्य का लाभ

    मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार लाखों किसानों को मिल रहा समर्थन मूल्य का लाभ


    भोपाल । मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं उपार्जन का कार्य अब पूरी रफ्तार से शुरू हो गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी गई है और किसानों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

    अब तक प्रदेश में 42 हजार 689 किसानों से 18 लाख 97 हजार 480 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसके बदले किसानों को 28 करोड़ 40 लाख रुपए की राशि उनके बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

    मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बड़ी संख्या में किसान गेहूं विक्रय के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक 2 लाख 58 हजार 644 किसानों द्वारा 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार 407 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसान 24 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं।

    प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन केंद्रों पर छायादार बैठने की व्यवस्था, पेयजल, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और सफाई की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    सरकार द्वारा इस वर्ष किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। यह कदम किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भंडारण और परिवहन की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। अब तक 8 लाख 65 हजार 600 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है और सुरक्षित भंडारण के लिए जूट और पीपी बैग का उपयोग किया जा रहा है।

    इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। सरकार ने इस बार 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से अधिक है। कुल मिलाकर प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है और किसानों को समय पर भुगतान व बेहतर सुविधाएं देकर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार के नए नेतृत्व को दी बधाई विकास की जताई उम्मीद

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार के नए नेतृत्व को दी बधाई विकास की जताई उम्मीद


    भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिहार में नई सरकार के गठन पर शुभकामनाएं देते हुए वहां के नए नेतृत्व को बधाई दी है। उन्होंने सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

    इसके साथ ही बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर भी बधाई दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में इन सभी नेताओं के सफल कार्यकाल की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की एनडीए सरकार विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित करेगी।

    उन्होंने कहा कि बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में मजबूत नेतृत्व और बेहतर प्रशासन से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य तेजी से प्रगति की दिशा में आगे बढ़ेगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि नई सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी और विकास के साथ साथ सुशासन को भी प्राथमिकता देगी।

  • मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने

    मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने


    मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और फिर चालाकी से उसे गुमशुदा दिखाने की कोशिश की।

    जानकारी के अनुसार आरोपी पंकज चौधरी और मृतक की पत्नी धापुबाई के बीच पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस संबंध की जानकारी जब पति धनराज नाथ को लगी तो उसने इसका विरोध किया और पत्नी को कई बार समझाने की कोशिश की। लेकिन यह बात दोनों को नागवार गुजरी और उन्होंने रास्ते से हटाने के लिए धनराज की हत्या की साजिश रच डाली।

    योजना के तहत 10 अप्रैल की शाम पंकज चौधरी मोटरसाइकिल से धनराज के घर पहुंचा और उसे भरोसे में लेकर अपने साथ खेत पर ले गया। वहां पहुंचकर उसने पहले उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए उसने शव के टुकड़े किए और पेट्रोल पंप से डीजल लाकर उसे जला दिया।

    इतना ही नहीं आरोपी ने शव को बोरे में भरकर जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर खेत में दफना दिया ताकि किसी को भनक न लगे। हत्या के बाद भी दोनों आरोपियों ने अपनी चालाकी जारी रखी और भानपुरा थाने पहुंचकर खुद ही धनराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी ताकि शक से बचा जा सके।

    हालांकि तीन दिन तक जब धनराज का कोई पता नहीं चला तो परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाया। पुलिस ने जब जांच तेज की और मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाले तो मामला संदिग्ध लगा। सख्त पूछताछ में पंकज चौधरी ने आखिरकार हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस खेत तक पहुंची और वहां से शव के अवशेष बरामद किए गए। मौके पर एफएसएल टीम ने भी जांच की और साक्ष्य एकत्रित किए गए।

    घटना का खुलासा होते ही मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने गरोठ भानपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजन आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की गहन जांच की मांग पर अड़े रहे। करीब 8 घंटे तक चला यह प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।

    पुलिस ने इस मामले में पंकज चौधरी और धापुबाई के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है बल्कि यह भी दिखाती है कि निजी रिश्तों में उपजे विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं।

  • इंदौर में नकली नमक का भंडाफोड़ टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा

    इंदौर में नकली नमक का भंडाफोड़ टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जहां ब्रांडेड नमक के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे थे। एरोड्रम थाना पुलिस ने लोकनायक नगर क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए टाटा नमक के नाम पर चल रही एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।

    पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 840 पैकेट नकली नमक और लगभग 1850 किलो कच्चा माल जब्त किया है। बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी और लोगों को ब्रांडेड उत्पाद के नाम पर धोखा दिया जा रहा था।

    इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब टाटा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत पुलिस को दी गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छापा मारा और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नमक बनाने के लिए कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री दिल्ली से मंगाई जाती थी। इसके बाद इंदौर में इसे तैयार कर टाटा नमक के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई किया जाता था। इस तरह आरोपी लोगों के भरोसे और ब्रांड की साख का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमा रहा था।

    पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नकली नमक किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि बाजार में नकली उत्पादों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय सतर्क रहने की जरूरत है।

  • गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई

    गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए गोलीकांड और आगजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जांच में सामने आया है कि गोली लगने की घटना दरअसल एक सोची समझी साजिश थी जबकि आगजनी के मामले में 13 आरोपियों को नामजद कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार चिमनगंज थाना क्षेत्र में अतीक माहुरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे आला बाथम ने गोली मारी है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन जांच के दौरान कई तरह के विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल पर खून के निशान बेहद कम पाए गए जबकि दूसरे स्थान पर अधिक रक्त मिला जिससे पुलिस को संदेह हुआ।

    जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला पलट गया। अतीक माहुरकर ने स्वीकार किया कि उसने अवैध देशी कट्टे से खुद को गोली मारकर दूसरे व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। उसने बताया कि कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया और गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद उसने फर्जी घटनास्थल तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

    इस साजिश में उसके कुछ साथियों की भूमिका भी सामने आई है जिन्होंने खून फैलाकर और सबूतों से छेड़छाड़ कर झूठा घटनाक्रम तैयार करने में मदद की। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

    वहीं दूसरी ओर ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पेट्रोल और हथियारों के साथ आते हुए दिखाई दिए जिन्होंने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से आगजनी की वारदात को अंजाम दिया।

    पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गोलीकांड की घटना एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद द्वारा की गई पाई गई है। वहीं आगजनी मामले में भी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि इन मामलों में शामिल कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और कुछ पर जिलाबदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस अब सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इन घटनाओं के खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि अपराधियों ने कानून को गुमराह करने के लिए किस हद तक साजिश रची लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के चलते सच्चाई सामने आ गई।

  • छतरपुर में दर्दनाक घटना नौकरी ज्वाइन करने के 5 दिन बाद ही युवक की करंट से मौत

    छतरपुर में दर्दनाक घटना नौकरी ज्वाइन करने के 5 दिन बाद ही युवक की करंट से मौत


    छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है जहां एक युवक की मामूली सी कोशिश उसकी जान पर भारी पड़ गई। बमीठा स्थित खजुराहो हेरिटेज होटल में काम करने वाले एक युवक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।मृतक की पहचान प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार के रूप में हुई है जो होटल में रूम बॉय के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उसने महज 5 दिन पहले ही इस नौकरी को ज्वाइन किया था और अपने काम की शुरुआत ही की थी कि यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    घटना के अनुसार होटल परिसर में एक बंदर घुस आया था जिससे अफरा तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान प्रदीप उसे भगाने के लिए आगे आया। आसपास नजर दौड़ाने पर उसे एक लोहे का पाइप मिला जिसे लेकर वह बंदर को भगाने की कोशिश करने लगा।लेकिन जैसे ही उसने पाइप को ऊपर उठाया वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। पाइप के जरिए करंट सीधे उसके शरीर में दौड़ गया और तेज चिंगारी के साथ वह जमीन पर गिर पड़ा।

    घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। जैसे ही लोगों ने उसे गिरते देखा मौके पर चीख पुकार मच गई। तुरंत मदद की कोशिश की गई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवक की मौके पर ही मौत हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। साथ ही यह भी कि बिजली लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। एक परिवार के सपने उस वक्त टूट गए जब घर का युवा सदस्य जिसने अभी अभी अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी अचानक इस दुनिया को अलविदा कह गया।