Category: Madhya Pradesh

  • झाबुआ में अमानवीयता की हद: महिला को ‘तालिबानी सजा’, सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया

    झाबुआ में अमानवीयता की हद: महिला को ‘तालिबानी सजा’, सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया


    झाबुआ।
    मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। बालवासा गांव में एक महिला को कथित संबंधों के आरोप में ग्रामीणों ने क्रूर और अपमानजनक सजा दी। महिला के साथ मारपीट की गई, उसका सिर मुंडवाया गया और उसे अपने ही पति को कंधे पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाने के लिए मजबूर किया गया।


    वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला

    घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है। इसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया, बल्कि कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते नजर आए।

    आरोप के नाम पर क्रूरता

    जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति से अलग रह रही थी और उस पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने का आरोप लगाया गया। इसी को लेकर पति और कुछ ग्रामीण उसे जबरन गांव वापस लाए। इसके बाद उसके साथ मारपीट कर अमानवीय व्यवहार किया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।

    गांव में घुमाकर किया अपमान

    ग्रामीणों ने महिला को मजबूर किया कि वह अपने पति को कंधे पर बैठाकर गांव में घूमे। इस दौरान लोग तमाशबीन बने रहे। इस तरह की घटना ने कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रतिपाल सिंह महोबिया के अनुसार, मुख्य आरोपियों—सूर्या डामोर, दिलीप भूरिया, बाबू भूरिया और शैलेश भूरिया—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    पीड़िता सुरक्षित, जांच जारी

    पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

    यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में मौजूद कुरीतियों और भीड़ मानसिकता की भयावह तस्वीर भी सामने लाती है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

  • अदालत ने दिया अनोखा आदेश: याचिका बहाल, आश्रम में एक घंटे सेवा की शर्त

    अदालत ने दिया अनोखा आदेश: याचिका बहाल, आश्रम में एक घंटे सेवा की शर्त


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की Madhya Pradesh High Court की ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय देते हुए साफ किया है कि वकील की गलती की सजा याचिकाकर्ता को नहीं दी जा सकती। इस फैसले ने न्याय के साथ मानवीय दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी का अनोखा संतुलन पेश किया है।

    क्या था मामला?
    यह मामला गोविंद स्वरूप श्रीवास्तव की याचिका से जुड़ा था, जिसे सुनवाई के दौरान उनके वकील के अनुपस्थित रहने के कारण खारिज कर दिया गया था। इसके बाद याचिका बहाल करने के लिए दिया गया आवेदन भी सिंगल बेंच द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
    हालांकि, इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला डिवीजन बेंच के सामने पहुंचा, जहां पूरी परिस्थितियों का दोबारा परीक्षण किया गया।

    डिवीजन बेंच ने दिया राहत भरा फैसला
    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के वकील किसी अन्य अदालत में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके थे। ऐसे में याचिकाकर्ता को इसका नुकसान उठाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
    अदालत ने पूर्व आदेशों को निरस्त करते हुए याचिका को पुनः बहाल करने के निर्देश दिए, जिससे याचिकाकर्ता को बड़ी राहत मिली।

    ‘सजा’ नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी की अनोखी शर्त
    हालांकि कोर्ट ने याचिका बहाल करते समय एक अनोखी शर्त भी रखी। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता या उसका वकील Madhav Andh Ashram जाकर कम से कम 2000 रुपये की खाद्य सामग्री दान करे और वहां रहने वाले बच्चों व जरूरतमंदों के साथ कम से कम एक घंटा समय बिताए।

    ‘सोशल ऑडिट’ को बढ़ावा देने की पहल
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह शर्त किसी प्रकार की सजा नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक प्रयास है। अदालत ने ‘सोशल ऑडिट’ की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज के जागरूक नागरिकों को समय-समय पर ऐसे संस्थानों का दौरा करना चाहिए, ताकि वहां की व्यवस्थाओं और जरूरतों को समझकर सुधार लाया जा सके।

    न्याय के साथ सामाजिक संदेश
    इस फैसले ने यह संदेश दिया है कि न्याय सिर्फ कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोर्ट का यह दृष्टिकोण न्याय व्यवस्था में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

  • कलेक्ट्रेट में फर्जीवाड़ा सरकारी बाबुओं और दलाल की मिलीभगत से जमीन बेचने की साजिश

    कलेक्ट्रेट में फर्जीवाड़ा सरकारी बाबुओं और दलाल की मिलीभगत से जमीन बेचने की साजिश


    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में प्रशासनिक तंत्र को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें कलेक्टर के नाम से फर्जी हस्ताक्षर और आदेश जारी कर जमीन बेचने की साजिश रची गई। इस मामले ने न केवल सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि आम जनता में भी आक्रोश पैदा कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट कार्यालय से जुड़े इस मामले में सरकारी कर्मचारियों और एक दलाल की मिलीभगत सामने आई है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह को जब इस गड़बड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल BNP थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और सरकारी दस्तावेजों में कूट रचना जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया अपर कलेक्टर कार्यालय के बाबू संजय जाटव विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे और एक दलाल को गिरफ्तार कर लिया है। शहर के CSP सुमित अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें वैध दिखाकर जमीन बेचने की कोशिश की।

    जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर कलेक्टर के नाम से फर्जी आदेश जारी किए। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर छोटे और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन को बेचने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं एक किसान की जमीन की रजिस्ट्री भी करवा दी गई थी जिसे बाद में निरस्त कराया गया। इस पूरे मामले में दलाल की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है जिसने खरीदार और सरकारी कर्मचारियों के बीच कड़ी का काम किया। आरोप है कि पैसों के लालच में यह पूरा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया।

    यह मामला केवल फर्जी दस्तावेज बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक सुनियोजित साजिश प्रतीत हो रही है जिसमें अंदरूनी कर्मचारियों ने सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया। अब यह जांच का विषय है कि क्या इस पूरे प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी थी या उन्हें पूरी तरह अंधेरे में रखा गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि यदि सरकारी दफ्तरों से ही फर्जी आदेश जारी होने लगें तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा।

  • राष्ट्रगीत विवाद: इंदौर की दो महिला कांग्रेस पार्षदों पर FIR, घंटों पूछताछ के बाद पुलिस की कार्रवाई

    राष्ट्रगीत विवाद: इंदौर की दो महिला कांग्रेस पार्षदों पर FIR, घंटों पूछताछ के बाद पुलिस की कार्रवाई


    इंदौर । नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के कथित अनादर के मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। जांच पूरी होने के बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज कर लिया।

    शिकायत और वीडियो के आधार पर कार्रवाई

    पुलिस ने यह कार्रवाई भाजपा पार्षदों द्वारा दी गई शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को आधार बनाकर की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले दोनों पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। एमजी रोड थाना पुलिस ने सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपियों को बुलाकर विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान उनसे कई अहम सवाल पूछे गए और पूरे घटनाक्रम को लेकर उनके बयान दर्ज किए गए।

    साढ़े चार घंटे तक चली पूछताछ, दर्ज हुए बयान

    एसीपी विनोद दीक्षित के मुताबिक, भाजपा पार्षद दल ने थाने पहुंचकर इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। सोमवार को पार्षद फौजिया शेख अलीम के बयान दर्ज किए गए, जबकि मंगलवार को रुबीना इकबाल खान से पूछताछ की गई। दोनों से करीब साढ़े चार घंटे तक सवाल-जवाब किए गए।

    इस धारा में दर्ज हुआ केस

    पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 के तहत केस दर्ज किया है। यह धारा विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने से संबंधित है।

  • मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला नगर में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार के दौरान चिता से शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार भीमनगर निवासी 62 वर्षीय शकुंतला गुजरे का मंगलवार को निधन हो गया था। परिजनों ने नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार शुरू कर दिया और स्थानीय मोक्षधाम में चिता भी तैयार कर दी गई थी। इसी दौरान अचानक स्थिति बदल गई।

    महाराष्ट्र के सौसर क्षेत्र से पहुंची मृतका की बहन अंजली ने अंतिम दर्शन के दौरान शरीर पर कुछ संदिग्ध चोट के निशान देखे। इन निशानों को देखकर उन्होंने तुरंत हत्या की आशंका जताई और अंतिम संस्कार रोकने की मांग की। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिता से शव को उतरवाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश या हिंसा शामिल है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • प्रॉपर्टी कारोबारी पर जानलेवा हमला, गोली सीने के पार, पत्थर से भी किया वार

    प्रॉपर्टी कारोबारी पर जानलेवा हमला, गोली सीने के पार, पत्थर से भी किया वार


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Rajgarh जिले के भगवतीपुर गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। 26 वर्षीय प्रॉपर्टी कारोबारी रामबाबू गुर्जर की उनके ही चचेरे भाइयों ने बेरहमी से हत्या कर दी। गोली मारने के बाद आरोपियों ने पत्थरों से हमला कर उनका चेहरा कुचल दिया। इस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है।

    मां की आंखों के सामने तड़पता रहा बेटा
    मृतक की मां संतोष बाई ने जो मंजर बताया, वह दिल को झकझोर देने वाला है। उन्होंने कहा, “जैसे ही खबर मिली कि बेटे को मार रहे हैं, मैं दौड़कर मौके पर पहुंची। वह खून से लथपथ पड़ा था। मैंने उसे गोद में लिया और पल्लू से चेहरा साफ करने लगी।”
    तड़पते हुए रामबाबू ने आखिरी सांसों में कहा- “मां, मुझे विशाल और हुकुम ने गोली मारी… फिर पत्थरों से मारा…” और इतना कहते ही उसकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो गईं।

     सुनसान रास्ते पर रची गई साजिश
    घटना सोमवार (13 अप्रैल) रात करीब 10 बजे की है। रामबाबू गांव लौट रहे थे, तभी गांव से करीब 300 मीटर पहले सुनसान रास्ते पर आरोपियों ने पत्थर रखकर उनकी बाइक रुकवाई। जैसे ही उन्होंने गाड़ी धीमी की, सीने में गोली मार दी। गिरने के बाद भी हमलावर नहीं रुके और पत्थरों से लगातार हमला करते रहे।
    पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ कि गोली सीने को चीरते हुए आर-पार निकल गई थी, जबकि पत्थर के वार से उनका जबड़ा टूट गया, कान फट गया और सिर व आंख में गंभीर चोटें आईं।

    जमीन विवाद बना हत्या की वजह
    परिजनों के मुताबिक, इस खौफनाक हत्या के पीछे पुराना जमीन विवाद था। मृतक के भाई दीपक ने बताया कि चचेरा भाई हुकुम अपनी जमीन बेचते समय उनके खेत से रास्ता चाहता था, जिसे परिवार ने मना कर दिया था। तभी से रंजिश चल रही थी और आरोपियों ने बदला लेने की धमकी भी दी थी।

    शादी की खुशियां मातम में बदलीं
    घर में खुशियों का माहौल था। 24 अप्रैल को छोटे भाई दीपक की शादी होने वाली थी। 19 अप्रैल को माता पूजन और 25 को रिसेप्शन तय था। रामबाबू खुद शादी के कार्ड बांट रहे थे। लेकिन एक ही रात में खुशियां मातम में बदल गईं।
    रामबाबू की पत्नी गर्भवती है और उनकी डेढ़ साल की बेटी भी है। इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।

    पुलिस कार्रवाई: एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
    मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा अब भी फरार है। Madhya Pradesh Police आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

    गांव में दहशत, लोगों में गुस्सा
    घटना के बाद गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। लोग खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन अंदर गुस्सा साफ झलक रहा है। घटनास्थल पर खून से सने पत्थर और बिखरे शादी के कार्ड इस दर्दनाक घटना की गवाही दे रहे हैं।

  • दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार

    दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित दुष्कर्म के बाद एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला Khudel थाना क्षेत्र के ग्राम सोनगुराड़िया का है, जहां पीड़िता ने मौत से पहले एक वीडियो बनाकर आरोपी का नाम उजागर किया।

    मौत से पहले VIDEO में बताई पूरी कहानी
    जानकारी के मुताबिक, 2 अप्रैल की रात महिला घर पर अकेली थी, जबकि परिवार के बाकी सदस्य सुंदरकांड कार्यक्रम में गए हुए थे। इसी दौरान उसका रिश्तेदार महेंद्र चौहान घर पहुंचा और महिला को अकेला पाकर जबरदस्ती की। घटना के बाद महिला ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ तौर पर महेंद्र चौहान को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने वही बात दोहराई और ससुराल पक्ष को निर्दोष बताया।

    मानसिक आघात में उठाया खौफनाक कदम
    दुष्कर्म की घटना के बाद महिला गहरे मानसिक तनाव में चली गई। 8 अप्रैल को उसने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार
    मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 64(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं।

    सुसाइड नोट बना अहम सबूत
    पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें महिला ने स्पष्ट रूप से आरोपी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह नोट और वीडियो जांच में अहम सबूत माने जा रहे हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

    कानून और समाज के सामने बड़ी चुनौती
    इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि पीड़ितों को समय पर मानसिक और कानूनी सहायता मिलना कितना जरूरी है। अगर समय रहते मदद मिलती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।

  • MP बोर्ड रिजल्ट 2026 झाबुआ बना नंबर वन 12वीं में पहला स्थान 10वीं में भी जलवा

    MP बोर्ड रिजल्ट 2026 झाबुआ बना नंबर वन 12वीं में पहला स्थान 10वीं में भी जलवा

    झाबुआ । मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले ने इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में शानदार प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। परिणामों में जिले ने अपनी मजबूत शैक्षणिक स्थिति का परिचय देते हुए प्रदेशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

    12वीं परीक्षा परिणाम में झाबुआ जिले ने 93.23 प्रतिशत के उत्कृष्ट परिणाम के साथ पूरे मध्यप्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को भी दर्शाती है। वहीं 10वीं परीक्षा परिणाम में भी जिले ने 87.83 प्रतिशत के साथ प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

    इस सफलता के बीच झाबुआ की छात्रा कु. सीमा भायडिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानापुर की छात्रा सीमा ने प्रावीण्य सूची में प्रदेश स्तर पर पांचवां स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।

    इसी क्रम में पड़ोसी जिले अलीराजपुर ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अलीराजपुर ने 10वीं परीक्षा में 92.14 प्रतिशत परिणाम हासिल कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है जो इस क्षेत्र की शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।

    शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार आदिवासी बहुल जिलों का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि सरकारी प्रयासों और शिक्षकों की मेहनत से शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की बढ़ती भागीदारी और बेहतर परिणाम भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं।इस ऐतिहासिक सफलता के बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों व अभिभावकों को भी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस हो रहा है।

  • इंदौर में रंगदारी का मामला, ‘हैरी बॉक्सर’ नाम से बिल्डर को दी जान से मारने की धमकी

    इंदौर में रंगदारी का मामला, ‘हैरी बॉक्सर’ नाम से बिल्डर को दी जान से मारने की धमकी


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore में एक बार फिर संगठित अपराध का साया गहराता नजर आ रहा है। शहर के पॉश इलाके Race Course Road के एक बड़े बिल्डर को कुख्यात Lawrence Bishnoi gang के नाम से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ बताने वाले बदमाश ने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो बिल्डर के बेटे को गोली मार दी जाएगी।

     व्हाट्सएप कॉल और वॉइस मैसेज से मचा हड़कंप
    क्राइम ब्रांच के अनुसार, बिल्डर विवेक दम्मानी के ऑफिस नंबर पर मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल रिसीव करने वाली महिला स्टाफ से आरोपी ने कहा  “विवेक दम्मानी को बोल देना 5 करोड़ दे दे, नहीं तो बेटे को कहीं भी गोली मरवा दूंगा।” शुरुआत में इसे मजाक समझा गया, लेकिन कुछ देर बाद उसी नंबर से आए वॉइस मैसेज ने पूरे ऑफिस में दहशत फैला दी।
    आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसके पास बिल्डर और उनके बेटे की हर गतिविधि की लोकेशन है। इससे मामला और गंभीर हो गया और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

     क्राइम ब्रांच अलर्ट, जांच शुरू
    मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police की क्राइम ब्रांच हरकत में आई। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कॉल व वॉइस मैसेज की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस को ट्रैक कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही बिल्डर और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    ‘हैरी बॉक्सर’ का नाम, लॉरेंस गैंग से जुड़ाव
    जिस ‘हैरी बॉक्सर’ का नाम लेकर धमकी दी गई, उसे Lawrence Bishnoi gang का करीबी गुर्गा बताया जाता है। हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं कोई स्थानीय बदमाश गैंग के नाम का इस्तेमाल कर डर फैलाने की कोशिश तो नहीं कर रहा।

    पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
    इंदौर में यह पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले Tukoganj के बिल्डर संजय जैन को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंच नहीं पाई थी।

    बढ़ते मामलों से बढ़ी चिंता
    जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश में पिछले कुछ समय में Lawrence Bishnoi gang के नाम से फिरौती मांगने के 5 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ती ऐसी घटनाओं ने कारोबारी वर्ग और आम लोगों में डर का माहौल बना दिया है।

  • इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, दो युवतियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा

    इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, दो युवतियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को फ्लैट में बुलाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस हरकत में आ गई। मामला Tukoganj थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

    कमरे में बंद कर की पिटाई, VIDEO ने खोली पोल
    जानकारी के मुताबिक, घटना तुकोगंज स्थित रूस्तम के बगीचे इलाके की है। यहां एक फ्लैट में दो युवतियों ने अपनी ही एक नाबालिग सहेली को बुलाया और उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डंडों, लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई की गई। आरोप है कि इस दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस हुई एक्टिव, जांच शुरू
    वीडियो सामने आने के बाद Madhya Pradesh Police हरकत में आई है। एमआईजी थाना प्रभारी जितेंद्र यादव के अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के जरिए मिली, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। पुलिस ने वीडियो के आधार पर संबंधित पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की है और आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

    सभी नाबालिग, शिकायत का इंतजार
    पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मारपीट करने वाली और पीड़िता—सभी नाबालिग हैं। फिलहाल पीड़िता की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुरानी रंजिश बनी वजह
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता और आरोपी युवतियों के बीच पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते उसे बहाने से फ्लैट पर बुलाया गया और फिर इस वारदात को अंजाम दिया गया।

    पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले
    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले Hiranagar इलाके में भी इसी तरह का एक मारपीट का वीडियो सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था और युवाओं के व्यवहार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।