Category: Madhya Pradesh

  • प्रतिभा सिंह सोलंकी ने बढ़ाया पन्ना का मान 10वीं में प्रदेश में प्रथम स्थान

    प्रतिभा सिंह सोलंकी ने बढ़ाया पन्ना का मान 10वीं में प्रदेश में प्रथम स्थान

    पन्ना । मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं परीक्षा परिणाम 2026 में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रच दिया है। सरस्वती ज्ञान मंदिर गुनौर की छात्रा प्रतिभा ने 500 में से 499 अंक हासिल कर पूरे राज्य में टॉप किया है।

    प्रतिभा की इस अभूतपूर्व सफलता ने न केवल उनके परिवार को गर्वित किया है बल्कि पूरे पन्ना जिले में खुशी और उत्साह का माहौल बना दिया है। जैसे ही उनके टॉप करने की खबर सामने आई, स्कूल में शिक्षक और सहपाठियों ने जश्न मनाया और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

    अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रतिभा ने बताया कि उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता और शिक्षकों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही उनकी सफलता की कुंजी रही है।

    शिक्षा जगत के जानकारों का कहना है कि प्रतिभा का यह प्रदर्शन अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। 499 अंक जैसे लगभग पूर्णांक हासिल करना यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस उपलब्धि के बाद जिले में खुशी की लहर है और स्थानीय लोग प्रतिभा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।

  • भिंड में दर्दनाक हादसा फर्नीचर दुकान में आग महिला की मौत तीन झुलसे

    भिंड में दर्दनाक हादसा फर्नीचर दुकान में आग महिला की मौत तीन झुलसे


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। मेहगांव अनुभाग के गोरमी क्षेत्र में स्थित एक फर्नीचर दुकान में देर रात भीषण आग लग गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए।

    यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब अचानक दुकान में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस समय परिवार के सभी सदस्य ऊपर की मंजिल पर सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिल सका।

    आग लगते ही पूरे मकान में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक महिला बाहर नहीं निकल सकी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था और दुकान व मकान का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया था।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।

  • खरगोन अस्पताल में बड़ी लापरवाही प्रसूता के पेट में नैपकिन छूटने पर डॉक्टर नर्स निलंबित

    खरगोन अस्पताल में बड़ी लापरवाही प्रसूता के पेट में नैपकिन छूटने पर डॉक्टर नर्स निलंबित


    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई गंभीर लापरवाही के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच के बाद प्रसूता के पेट में सर्जिकल नैपकिन छूट जाने की घटना को गंभीर चिकित्सा चूक मानते हुए संबंधित डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    जानकारी के अनुसार यह मामला जिला अस्पताल खरगोन में डिलीवरी के दौरान सामने आया था, जब प्रसूता के ऑपरेशन के बाद उसके पेट में सर्जिकल नैपकिन रह जाने की बात उजागर हुई। इस घटना के बाद मरीज की हालत को लेकर चिंता बढ़ गई और पूरे मामले की जांच शुरू की गई।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दौलत सिंह चौहान ने बताया कि आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं इंदौर संभाग द्वारा नर्सिंग ऑफिसर दिव्या वर्मा को भी निलंबित किया गया है।

    अधिकारियों के अनुसार यह मामला चिकित्सा प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का संकेत देता है, जहां ऑपरेशन के दौरान मानक सावधानियों का पालन नहीं किया गया। ऐसी घटनाएं न केवल मरीज की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती हैं।

    प्रशासन ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि आगे किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पतालों में सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत और अधिक बढ़ गई है।

  • भिंड जिले की बड़ी उपलब्धि 8 विद्यार्थियों ने प्रदेश मेरिट सूची में दर्ज कराया नाम

    भिंड जिले की बड़ी उपलब्धि 8 विद्यार्थियों ने प्रदेश मेरिट सूची में दर्ज कराया नाम


    भिंड । मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में इस बार भिंड जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। परिणामों में जिले के कुल आठ विद्यार्थियों ने प्रदेश की प्रावीण्य सूची में जगह बनाकर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

    इस साल भिंड जिले का कुल परीक्षा परिणाम 67.37 प्रतिशत रहा जो औसत से बेहतर माना जा रहा है। हालांकि सबसे खास बात यह रही कि कई विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत स्तर पर उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में स्थान हासिल किया।

    जिले की अंशू गुप्ता जो आरपीएस सेंट्रल हाई स्कूल भिंड की छात्रा हैं उन्होंने 494 अंक प्राप्त कर प्रदेश में छठवां स्थान हासिल किया है। उनका यह प्रदर्शन जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है और स्कूल में भी खुशी का माहौल है।

    इसी क्रम में शासकीय हाई स्कूल जाखौली के वेदप्रकाश कौरव ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई है। उनके साथ अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर जिले की शैक्षणिक स्थिति को मजबूत किया है।

    शिक्षा विभाग के अनुसार इस बार विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है। लगातार बेहतर हो रहे परिणाम यह संकेत देते हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। भिंड जिले के इन विद्यार्थियों की सफलता से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और आने वाले वर्षों में जिले का प्रदर्शन और बेहतर होने की उम्मीद है।

  • चौंकाने वाला मामला फर्जी नंबर प्लेट से बना चालान पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

    चौंकाने वाला मामला फर्जी नंबर प्लेट से बना चालान पुलिस जांच में बड़ा खुलासा


    बैतूल । मध्यप्रदेश में फर्जी नंबर प्लेट का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला भोपाल और बैतूल से जुड़ा है जहां एक ही बाइक दो अलग-अलग जगहों पर दिखने का दावा सामने आया है।

    जानकारी के मुताबिक भोपाल के करोंद क्षेत्र निवासी अजय सक्सेना जो डाक विभाग में पोस्टमैन के पद पर कार्यरत हैं उन्हें 10 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजकर 11 मिनट पर एक चालान का मैसेज मिला। इस संदेश में बताया गया कि उनकी मोटरसाइकिल का बैतूल में बिना हेलमेट वाहन चलाने पर चालान काटा गया है।

    यह संदेश मिलते ही अजय सक्सेना हैरान रह गए क्योंकि उस समय न केवल वह खुद भोपाल में मौजूद थे बल्कि उनकी मोटरसाइकिल भी उनके पास ही खड़ी थी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी था कि आखिर उनकी बाइक का चालान बैतूल में कैसे कट गया।

    प्रारंभिक तौर पर यह मामला फर्जी नंबर प्लेट से जुड़ा माना जा रहा है। आशंका है कि किसी अन्य व्यक्ति ने अजय की बाइक का नंबर इस्तेमाल करते हुए फर्जी प्लेट लगाकर वाहन चलाया और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया। इसके बाद ई चालान सिस्टम के जरिए यह चालान सीधे असली वाहन मालिक के नाम पर दर्ज हो गया।

    इस घटना ने ई चालान प्रणाली की सटीकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर इस तरह से फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर कोई भी व्यक्ति नियम तोड़ सकता है और चालान किसी और के नाम पर जा सकता है तो यह आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद अजय सक्सेना ने संबंधित विभाग से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई है और पूरे मामले की जांच की मांग की है। वहीं पुलिस भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गई है कि आखिर किस वाहन ने फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया और वह कहां से संचालित हो रहा था।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए ट्रैफिक सिस्टम में और अधिक सख्ती और तकनीकी सुधार की जरूरत है ताकि नंबर प्लेट की सही पहचान हो सके और निर्दोष लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। यह घटना एक चेतावनी भी है कि वाहन मालिक समय समय पर अपने वाहन के दस्तावेज और चालान की स्थिति की जांच करते रहें ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

  • शहडोल हादसा ,क्रेटा कार में गांजा मिला खेत के कुएं, में मिली तीन लाशें

    शहडोल हादसा ,क्रेटा कार में गांजा मिला खेत के कुएं, में मिली तीन लाशें


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां अवैध नशे के कारोबार से जुड़े तीन युवकों की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह घटना जैतपुर थाना क्षेत्र में हुई जहां पुलिस से बचने की कोशिश में तीनों युवक भागते हुए एक कुएं में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत देर रात हुई जब डायल 112 की पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान कामता कॉलेज तिराहे के पास एक दुर्घटनाग्रस्त सफेद क्रेटा कार खड़ी दिखाई दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार में कोई मौजूद नहीं था लेकिन तलाशी लेने पर उसमें से करीब 5 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त किया और आगे की कार्रवाई के लिए लौट गई।

    हालांकि असली घटना का खुलासा अगले दिन सुबह हुआ जब पास के खेत में स्थित एक कुएं में तीन शव तैरते हुए मिले। यह खेत किसान कन्हैया लाल यादव का बताया जा रहा है। जैसे ही ग्रामीणों ने कुएं में लाशें देखीं इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद एक एक कर तीनों शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान रोहित शर्मा निवासी बुढार तनुज शुक्ला निवासी शहडोल और सचिन सिंह बघेल निवासी बुढार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रोहित शर्मा पहले से ही गांजा तस्करी के मामलों में कुख्यात रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पुलिस की गाड़ी देखकर कार सवार युवकों ने भागने की कोशिश की। तेज रफ्तार के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद घायल अवस्था में तीनों युवक अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भागे। लेकिन घबराहट और रात के अंधेरे में उन्हें सामने मौजूद कुआं दिखाई नहीं दिया और वे सीधे उसमें गिर गए। घायल होने के कारण वे खुद को बचा नहीं सके और कुएं से बाहर निकलने में असफल रहे जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    इस मामले में एसडीओपी विकास पाण्डेय ने बताया कि देर रात एक दुर्घटनाग्रस्त कार से गांजा बरामद हुआ था और उसी कार में सवार तीन युवक भागने के दौरान कुएं में गिर गए जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के नेटवर्क में और कौन कौन लोग शामिल थे। यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि अवैध नशे के कारोबार का अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है जहां कानून से बचने की कोशिश कभी कभी सीधे मौत तक ले जाती है।

  • अजाक्स में वर्चस्व की लड़ाई तेज, मामला RSS प्रमुख Mohan Bhagwat तक पहुंचा

    अजाक्स में वर्चस्व की लड़ाई तेज, मामला RSS प्रमुख Mohan Bhagwat तक पहुंचा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई अब बड़ा विवाद बन चुकी है। यह टकराव इतना बढ़ गया है कि मामला मोहन भागवत तक पहुंच गया है। संगठन के भीतर दो गुट आमने-सामने हैं और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
    संघ प्रमुख से हस्तक्षेप की मांग
    पूर्व अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया के समर्थक गुट ने संघ प्रमुख को लिखित शिकायत भेजी है। संगठन महामंत्री गौतम पाटिल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहरी हस्तक्षेप के जरिए अजाक्स पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं। खासतौर पर सुरेन्द्र मिश्रा और मुकेश मौर्य पर संगठन में दखल देने के आरोप लगाए गए हैं।
    सदस्यता और गबन के आरोप
    शिकायत में मुकेश मौर्य पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। दावा किया गया कि करीब ₹17.95 लाख की सदस्यता राशि में गड़बड़ी हुई, जिसमें से ₹12.95 लाख का हिसाब नहीं दिया गया। यह भी कहा गया कि नियमों के अनुसार केवल सरकारी कर्मचारी ही सदस्य बन सकते हैं, जबकि मौर्य एक निजी संस्थान से जुड़े बताए गए हैं।
    फर्जी कार्यकारिणी और कब्जे का आरोप
    गौतम पाटिल ने आरोप लगाया कि जुलाई 2023 में फर्जी बैठकों के आधार पर एक नकली कार्यकारिणी तैयार कर उसे पंजीयन के लिए पेश किया गया। साथ ही, अजाक्स भवन पर कब्जा करने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में इसे धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात जैसी गंभीर श्रेणी का मामला बताया गया है।
    मौर्य का पलटवार
    दूसरी ओर मुकेश मौर्य ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कंसोटिया और उनके समर्थक ट्रस्ट बनाकर संगठन की संपत्ति हड़पना चाहते हैं। मौर्य के अनुसार, उनके प्रांताध्यक्ष बनने के बाद ही विवाद खड़ा किया गया।
    उन्होंने यह भी कहा कि वे विरोधी गुट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे और आरोप लगाया कि संगठन कार्यालय को घेरकर दबाव बनाया जा रहा है।
    बढ़ता विवाद, सियासी रंग
    इस पूरे विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक रंग ले लिया है। अजाक्स जैसे बड़े कर्मचारी संगठन में आंतरिक संघर्ष से न सिर्फ संगठन की साख प्रभावित हो रही है, बल्कि प्रदेश की सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है।
  • शिवपुरी आश्रम कांड: अनाथ बच्चियों से दरिंदगी के गुनहगार पिता-पुत्री, खौफ और न्याय की पूरी कहानी

    शिवपुरी आश्रम कांड: अनाथ बच्चियों से दरिंदगी के गुनहगार पिता-पुत्री, खौफ और न्याय की पूरी कहानी


     शिवपुरी, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में साल 2016 में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया था। एक सुरक्षित पनाहगाह माने जाने वाले ‘माधव बाल आश्रम’ में अनाथ बच्चियों के साथ जो दरिंदगी हो रही थी, उसका खुलासा तब हुआ जब दो साहसी नाबालिग लड़कियां वहां से भाग निकलीं। यह कहानी केवल एक अपराध की नहीं, बल्कि उस विश्वासघात की है जो एक शिक्षित समाज के रक्षक कहलाने वाले लोगों ने अनाथ और बेसहारा बच्चियों के साथ किया।

    इस खौफनाक दास्तां की शुरुआत 1 अक्टूबर 2016 को हुई, जब आश्रम से 15 और 16 साल की दो लड़कियां लापता हो गईं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें अशोकनगर से बरामद तो कर लिया, लेकिन उनके चेहरों पर पसरा डर किसी बड़ी अनहोनी की गवाही दे रहा था। बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में जब इन बच्चियों की काउंसलिंग हुई, तो जो सच बाहर आया उसने प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसका दी। बच्चियों ने बताया कि रात के खाने में उन्हें नशीला पदार्थ दिया जाता था, जिसके बाद उनके साथ हैवानियत होती थी। सुबह जब वे जागती थीं, तो उनके शरीर में दर्द और रक्तस्राव के निशान होते थे, लेकिन बेहोशी के कारण उन्हें कुछ स्पष्ट याद नहीं रहता था।

    जांच के घेरे में सबसे पहले आश्रम की डायरेक्टर शैला अग्रवाल आईं। जब पुलिस ने अन्य बच्चियों की काउंसलिंग की कोशिश की, तो शैला ने बहाने बनाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस संदिग्ध व्यवहार ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। आश्रम में छापेमारी के दौरान CWC के शिकायत बॉक्स ने जुल्म की परतों को खोलना शुरू किया। ग्वालियर से आई काउंसलर्स की टीम के सामने 10 से 17 साल की 6 बच्चियों ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि आश्रम में रहने वाले 77 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर के.एन. अग्रवाल, जिन्हें वे ‘बाबा’ कहती थीं, उनके साथ दुष्कर्म और अश्लील हरकतें करते थे।

    बच्चियों के बयानों में एक और नाम प्रमुखता से उभरा—’बुआ’ यानी शैला अग्रवाल। बच्चियां शैला से इस कदर डरी हुई थीं कि उन्हें लगता था कि अगर उन्होंने कुछ भी कहा तो शैला उन्हें जान से मार देगी। मेडिकल रिपोर्ट ने भी बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म की पुष्टि कर दी। इसके बाद 17 नवंबर 2016 को पुलिस ने के.एन. अग्रवाल और उनकी बेटी शैला अग्रवाल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के डर से आरोपी प्रोफेसर फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस की तीन टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया।

    कानूनी लड़ाई करीब डेढ़ साल तक चली। 7 मई 2018 को शिवपुरी की विशेष अदालत ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने 77 वर्षीय के.एन. अग्रवाल को अनाथ बच्चियों के साथ दुष्कर्म, मारपीट और धमकाने का दोषी पाया। वहीं, उनकी बेटी शैला अग्रवाल को इस घिनौने अपराध में बराबर का भागीदार मानते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। हालांकि, सबूतों के अभाव में एक अन्य आरोपी क्लर्क को बरी कर दिया गया।

    इस मामले में नया मोड़ जनवरी 2024 में आया। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने के.एन. अग्रवाल की बढ़ती उम्र और लगभग 7 साल जेल में बिताने के आधार पर उनकी सजा को अंतिम फैसले तक निलंबित कर दिया। फिलहाल पिता-पुत्री दोनों जमानत पर बाहर हैं, लेकिन हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर अंतिम निर्णय अभी लंबित है। यह मामला आज भी मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित और संवेदनशील क्राइम फाइल्स में गिना जाता है, जो समाज में मौजूद सफेदपोश अपराधियों के असली चेहरे को उजागर करता है।

  • एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 में बेटियों का दबदबा 10वीं में प्रतिभा 12वीं में खुशी ने मारी बाजी

    एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 में बेटियों का दबदबा 10वीं में प्रतिभा 12वीं में खुशी ने मारी बाजी


    भोपाल । मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजों ने इस बार शानदार रिकॉर्ड कायम किया है और एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से सफलता जरूर मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जैसे ही 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए वैसे ही छात्रों और अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस बार के रिजल्ट में खास बात यह रही कि टॉपर्स की सूची में छात्राओं ने बाजी मारी और लगभग हर वर्ग में अपना दबदबा कायम रखा।

    10वीं कक्षा में पन्ना जिले की प्रतिभा सोलंकी ने इतिहास रचते हुए 500 में से 499 अंक हासिल किए और पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। उनका यह प्रदर्शन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है।

    वहीं 12वीं की बात करें तो कॉमर्स संकाय में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से टॉप किया। दोनों ने 500 में से 494 अंक हासिल किए और प्रदेश में पहला स्थान साझा किया। इसके अलावा अन्य विषयों में भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    आर्ट्स स्ट्रीम में मुरैना की श्रुति तोमर और छतरपुर के आकाश अहिरवार ने 489 अंकों के साथ टॉप किया। गणित समूह में सीहोर के श्लोक प्रजापति ने 493 अंक हासिल कर पहला स्थान पाया। कृषि संकाय में शिवपुरी की तुलसी राजावत और चंचल कुशवाह ने 493 अंक के साथ टॉप किया जबकि होम साइंस में छतरपुर की शाइस्ताह कुरैशी ने 485 अंक हासिल किए। जीव विज्ञान में इंदौर की तन्वी कुमावत ने 492 अंकों के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

    इस साल हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी जिसमें करीब 6 लाख 89 हजार से अधिक छात्र शामिल हुए। परिणामों में 76.01 प्रतिशत नियमित छात्र पास हुए जबकि प्राइवेट परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत 30.60 रहा। यह बीते 16 वर्षों में सबसे बेहतर परिणाम माना जा रहा है।

    रिजल्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो छात्राओं ने एक बार फिर छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। मेरिट सूची में कुल 221 छात्रों ने जगह बनाई जिनमें 158 छात्राएं और 63 छात्र शामिल हैं। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 80.43 रहा जबकि निजी स्कूलों का प्रतिशत 69.6 दर्ज किया गया।

    जिलेवार प्रदर्शन में झाबुआ ने सबसे अधिक 93.23 प्रतिशत पास प्रतिशत हासिल किया जबकि अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा। इस बार एक खास बदलाव यह भी किया गया है कि पूरक परीक्षा की जगह द्वितीय अवसर परीक्षा का प्रावधान किया गया है। जो छात्र असफल हुए हैं या अपने अंक सुधारना चाहते हैं वे 7 मई 2026 से शुरू होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

    रिजल्ट देखने के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट mpbse nic in और mpresults nic in पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। वेबसाइट स्लो या क्रैश होने की स्थिति में छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए MPBSE10 या MPBSE12 के साथ अपना रोल नंबर टाइप कर 56263 पर भेजना होगा। इसके अलावा डिजिलॉकर और मोबाइल ऐप के जरिए भी परिणाम आसानी से देखा जा सकता है।

    कुल मिलाकर इस साल का रिजल्ट न केवल बेहतर रहा बल्कि इसने शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। खासतौर पर छात्राओं का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।

  • हाईवे पर हंगामा: RTO बैरियर पर नकाबपोशों की दबंगई, ड्राइवर से मारपीट

    हाईवे पर हंगामा: RTO बैरियर पर नकाबपोशों की दबंगई, ड्राइवर से मारपीट


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित सिकंदरा आरटीओ बैरियर पर अवैध वसूली को लेकर बड़ा बवाल सामने आया है। तीर्थयात्रियों से भरी एक बस को रोककर नकाबपोश लोगों ने एंट्री के नाम पर पैसे मांगे और विरोध करने पर ड्राइवर के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा और रातभर हाईवे जाम रहा।
    2 हजार रुपए की ‘एंट्री’ को लेकर विवाद
    राजस्थान के सिरोही से 9 राज्यों की तीर्थ यात्रा कर लौट रही बस 14 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे सिकंदरा चेक पॉइंट पहुंची। बस ड्राइवर लाखाराम के मुताबिक, वहां मौजूद नकाबपोश दो लोगों ने ₹2000 की एंट्री मांगी। ड्राइवर ने कागज पूरे होने की बात कहकर पैसे देने से इनकार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
    बस से खींचकर की गई पिटाई
    आरोप है कि विरोध करने पर ड्राइवर को बस से नीचे खींच लिया गया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। इस हमले में ड्राइवर की आंख में गंभीर चोट आई। बीच-बचाव करने आए साथी प्रकाश रावल को भी पीटा गया। इतना ही नहीं, बस में सवार महिलाओं के साथ अभद्रता किए जाने के भी आरोप लगे हैं।
     यात्रियों का फूटा गुस्सा, रातभर जाम
    घटना से नाराज यात्रियों ने बस को हाईवे पर आड़ा खड़ा कर दिया और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क जाम हो गई और पूरी रात यातायात बाधित रहा। सुबह करीब 7 बजे प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जाम खुल पाया।
     ‘मामला दबाने’ का आरोप
    ड्राइवर ने चेक पॉइंट प्रभारी सुमन दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मामला दबाने के लिए ₹1 लाख तक का ऑफर दिया। हालांकि प्रभारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बस का परमिट अधूरा था और स्टाफ की ओर से कोई मारपीट नहीं की गई।
     बार-बार सामने आ रहे विवाद
    बताया जा रहा है कि सिकंदरा बैरियर पर पिछले 8 महीनों में यह पांचवीं बड़ी घटना है। इससे पहले भी यहां फर्जी रसीद, मारपीट और आत्महत्या की कोशिश जैसे मामले सामने आ चुके हैं। आरोप है कि ‘चेक पॉइंट’ के नाम पर अवैध वसूली का खेल लगातार जारी है।
    पुलिस ने दर्ज की FIR
    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसे विवाद रोकने के लिए परिवहन विभाग निजी लोगों के दखल पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है।