Category: Madhya Pradesh

  • गुना में 200 बीघा में भव्य यज्ञशाला तैयार, 25 हजार श्रद्धालुओं के साथ श्रीराम महायोगी यज्ञ शुरू

    गुना में 200 बीघा में भव्य यज्ञशाला तैयार, 25 हजार श्रद्धालुओं के साथ श्रीराम महायोगी यज्ञ शुरू

    गुना। गुना जिले के भैंसाना गांव में 200 बीघा क्षेत्र में भव्य श्रीराम महायोगी यज्ञ की शुरुआत हो गई है, जिसमें सुबह निकाली गई कलश यात्रा में 25 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। पार्वती नदी से जल भरकर महिलाओं ने सिर पर कलश और पुरुषों ने भागवत ग्रंथ लेकर यज्ञ स्थल की परिक्रमा की।

    15 साल बाद आयोजित इस महायज्ञ के लिए खेतों के बीच मिनी महाकुंभ जैसी व्यवस्था की गई है, जहां 225 क्विंटल हवन सामग्री से आहुति दी जाएगी और 151 वेदियों पर यज्ञ संपन्न होगा। आयोजन स्थल पर 200 ट्रॉली बांस और घास से मंडप, कुटियां और परिक्रमा मार्ग तैयार किए गए हैं, जबकि निर्माण में किसी भी हरे पेड़ को नहीं काटा गया।

    कार्यक्रम में करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है, जिनके लिए भोजनशाला और आवास की व्यवस्था की गई है। यहां 108 मंडपों में रामचरितमानस और भागवत पाठ के साथ-साथ प्रतिदिन शिवलिंग निर्माण भी चल रहा है, जिसका लक्ष्य सवा करोड़ शिवलिंग बनाना है।

    गुड्डा महाराज के नेतृत्व में चल रहे इस आयोजन में 250 से अधिक स्वयंसेवक और कारीगर लगातार सेवा कार्य में जुटे हैं। प्रशासनिक और धार्मिक स्तर पर इसे विश्व कल्याण का बड़ा अनुष्ठान बताया जा रहा है।

  • जबलपुर में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: 96 मामलों में 6 करोड़ का जुर्माना, प्रशासन का सख्त रुख

    जबलपुर में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: 96 मामलों में 6 करोड़ का जुर्माना, प्रशासन का सख्त रुख


    मध्यप्रदेश
    के जबलपुर जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अनधिकृत परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त और व्यापक कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है, जिसमें जिला प्रशासन ने 96 मामलों में सुनवाई के बाद कुल 6 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कलेक्टर न्यायालय के माध्यम से की गई, जहां खनिज विभाग द्वारा दर्ज किए गए प्रकरणों की विस्तृत जांच और सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया गया। प्रशासन के इस कदम को जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिससे खनिज संसाधनों के अनियंत्रित दोहन पर सख्त संदेश गया है। जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला वर्ष 2022 से लंबित था, जब खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़े कई मामलों को दर्ज कराया था, जिन पर समय-समय पर कलेक्टर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। लंबी प्रक्रिया के बाद अब इन मामलों में एक साथ बड़ा फैसला सुनाया गया है, जिससे प्रशासनिक सख्ती और कानूनी कार्रवाई की गंभीरता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

    इस फैसले के तहत सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि एक अकेले प्रकरण में ही 40 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया, जो इस कार्रवाई की गंभीरता और पैमाने को दर्शाता है। अभिलाष तिवारी सहित अन्य संबंधित मामलों में यह कठोर निर्णय लिया गया है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि अवैध खनन और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति या समूह को अब राहत नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने यह कार्रवाई ऐसे समय में की है जब लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ क्षेत्रों में खनिज संसाधनों का अवैध रूप से दोहन किया जा रहा है, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि पर्यावरणीय संतुलन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

    जिला प्रशासन के इस निर्णय को खनिज माफियाओं के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय बताए जाते हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सख्त आर्थिक दंडात्मक कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति कम होगी। इसके साथ ही यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि इस निर्णय के बाद खनिज परिवहन और उत्खनन से जुड़े नियमों का पालन अधिक सख्ती से किया जाएगा।

    इस पूरी कार्रवाई को प्रशासन की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत अवैध गतिविधियों पर त्वरित और प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। लंबे समय से लंबित मामलों पर एक साथ निर्णय आने से यह भी स्पष्ट हुआ है कि अब प्रशासन इस तरह के मामलों में देरी के बजाय कठोर और समयबद्ध कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कुल मिलाकर यह फैसला न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिले में खनिज संसाधनों के संरक्षण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी माना जा रहा है।

  • रेप और ब्लैकमेल केस में बड़ा खुलासा: शिकायत से पहले ही छात्रा ने दे दी जान, जांच शुरू

    रेप और ब्लैकमेल केस में बड़ा खुलासा: शिकायत से पहले ही छात्रा ने दे दी जान, जांच शुरू

    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सामने आया एक मामला पूरे प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। रेप और ब्लैकमेलिंग से जुड़ी एक पीएचडी छात्रा की आत्महत्या ने न सिर्फ शहर को झकझोर दिया है, बल्कि जांच प्रक्रिया और समय पर कार्रवाई को लेकर भी बड़ी बहस छेड़ दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पीड़िता लंबे समय से मानसिक तनाव में थी और उसने अपने साथ हो रहे अत्याचार को लेकर कई बार मदद की कोशिश की थी, लेकिन आरोप है कि समय रहते उसकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

    मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि जिस FIR को दर्ज करने का रिकॉर्ड पुलिस ने तैयार किया, वह घटना के समय से मेल नहीं खाता। पुलिस दस्तावेजों में यह दिखाया गया कि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पीड़िता की मौजूदगी में हुई थी, जबकि वास्तविकता यह बताई जा रही है कि FIR दर्ज होने से करीब पांच घंटे पहले ही छात्रा अपने घर में आत्महत्या कर चुकी थी। इस खुलासे के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।

    पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि वह कई दिनों से न्याय की गुहार लगा रही थी और थाने के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर भी लगा रही थी। इसके बावजूद समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति और गंभीर होती चली गई। परिवार का कहना है कि यदि शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया गया होता, तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।

    इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिस पर रेप और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाया गया है, लेकिन अब पूरा फोकस इस बात पर है कि आखिर सिस्टम में ऐसी चूक कैसे हुई, जिसने एक छात्रा की जान जाने के बाद कार्रवाई को कागजों में दर्ज किया।

    प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित थाना प्रभारी को फोर्स लीव पर भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिकॉर्ड में समय को लेकर जो असंगति सामने आई है, उसके पीछे क्या कारण है और किस स्तर पर लापरवाही हुई।

    यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह पुलिस व्यवस्था की संवेदनशीलता, जवाबदेही और समय पर कार्रवाई की क्षमता पर बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर उभरी है। समाज में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और समय पर कार्रवाई की जाए, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।

  • देवास में चोरी गिरोह का पर्दाफाश: एलएंडटी पाइप चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    देवास में चोरी गिरोह का पर्दाफाश: एलएंडटी पाइप चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई


    मध्‍य प्रदेश /देवास जिले के बागली क्षेत्र में एलएंडटी कंपनी से पाइप चोरी के एक संगठित मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। कांटाफोड़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए लोहे के पाइप और वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी सहित लगभग 5 लाख रुपए मूल्य का माल बरामद किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा हो रही है।

    यह पूरा मामला 14 मई का बताया जा रहा है, जब एलएंडटी कंपनी प्रबंधन की ओर से पाइप चोरी की लिखित शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चोरी की घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी और इसमें एक संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय मुखबिर तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाया।

    लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद विशेष टीम ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने तुमड़ीखेड़ा क्षेत्र के पास से एलएंडटी कंपनी के पाइप चोरी किए थे। आरोपियों के बयान और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चोरी किया गया पूरा सामान बरामद कर लिया।

    हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस चोरी की घटना में कुल सात लोग शामिल थे, जिनमें से चार आरोपी अभी फरार हैं। बताया जा रहा है कि ये फरार आरोपी चोरी के माल को खरीदने और उसे आगे बेचने के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक चोरी के मामले का खुलासा नहीं है, बल्कि एक संभावित संगठित अपराध नेटवर्क की ओर भी इशारा करती है। इसलिए जांच को और व्यापक किया जा रहा है ताकि इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचा जा सके। कांटाफोड़ थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसने न केवल चोरी का खुलासा किया बल्कि त्वरित कार्रवाई से माल भी बरामद कर लिया।

    इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और पूरे मामले का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • गुना में क्रिप्टो शेयर के नाम पर 49 लाख की ठगी, सस्ते निवेश का लालच देकर युवक को बनाया शिकार

    गुना में क्रिप्टो शेयर के नाम पर 49 लाख की ठगी, सस्ते निवेश का लालच देकर युवक को बनाया शिकार




    गुना। गुना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित मठकरी कॉलोनी में एक बड़े साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहां एक युवक से क्रिप्टो करेंसी के जरिए सस्ते शेयर में निवेश का झांसा देकर 49.47 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने 26 से 30 जून 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में यह रकम ट्रांसफर करवाई।

    जानकारी के अनुसार पीड़ित आयुष के मोबाइल पर एक फर्जी क्रिप्टो कंपनी की ओर से संपर्क किया गया था, जहां उसे कम दाम में शेयर खरीदकर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। शुरुआत में बातों में फंसाकर छोटी रकम डलवाई गई, जिसके बाद लगातार चार दिनों तक उसे अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराने के लिए मजबूर किया गया।

    पीड़ित ने 30 जून तक कुल 49 लाख 47 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन जब 1 जुलाई को उसने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो ट्रांजेक्शन फेल हो गया और पैसे वापस नहीं मिले। इसके बाद जब उसने संपर्क किया तो ठगों ने रिफंड के लिए 50 हजार रुपये और जमा करने की शर्त रख दी, जिससे उसे शक हुआ।

    इसके बाद पीड़ित ने पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद पिता श्याम अग्रवाल की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब अज्ञात आरोपियों और बैंक खातों की जांच में जुटी हुई है

  • इंदौर में जबलपुर के रहने वाले डॉक्टर अमन पटेल की संदिग्ध मौत..

    इंदौर में जबलपुर के रहने वाले डॉक्टर अमन पटेल की संदिग्ध मौत..

    मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के प्रतिष्ठित महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (एमजीएम) के बॉयज हॉस्टल परिसर में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां रहने वाले एक जूनियर डॉक्टर की पांचवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, जिसने पूरे मेडिकल कॉलेज प्रशासन और हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों को गहरे सदमे में डाल दिया है। आधी रात को हुई इस दुखद घटना के बाद से ही परिसर में तनाव और सन्नाटे का माहौल बना हुआ है।

    मृतक डॉक्टर की पहचान अमन पटेल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के ही जबलपुर जिले के रहने वाले थे और इंदौर में रहकर अपनी मेडिकल की आगे की पढ़ाई और सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से नीचे गिरने के बाद डॉक्टर अमन को संभलने का मौका भी नहीं मिला और अत्यधिक चोट आने के कारण मौके पर ही उनके प्राण पखेरू उड़ गए। जैसे ही हॉस्टल के अन्य साथी डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों को भारी आवाज सुनाई दी, वे तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़े, जहाँ डॉक्टर अमन लहूलुहान हालत में अचेत पड़े हुए थे।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए संयोगितागंज थाना पुलिस को तुरंत मामले की सूचना दी गई। पुलिस की टीम बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से शव को तुरंत कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है। अचानक हुए इस हादसे की खबर जब जबलपुर में रहने वाले डॉक्टर अमन के परिजनों को दी गई, तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनका होनहार बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती छानबीन के दौरान घटनास्थल या डॉक्टर अमन के कमरे से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट या पत्र बरामद नहीं हुआ है। सुसाइड नोट न मिलने के कारण पुलिस के सामने इस आत्मघाती कदम की असली वजहों का पता लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस अब डॉक्टर अमन के करीबियों, हॉस्टल के रूममेट्स और कॉलेज के अन्य साथियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि क्या वे पिछले कुछ दिनों से किसी मानसिक तनाव, काम के दबाव या व्यक्तिगत परेशानी से जूझ रहे थे।

    फिलहाल, संयोगितागंज थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की हर कोण से बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा। इसके साथ ही पुलिस डॉक्टर के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी तकनीकी जांच कर रही है ताकि मौत से ठीक पहले की कड़ियों को जोड़ा जा सके। इस पूरी घटना ने चिकित्सा क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

  • छिंदवाड़ा में भीषण सड़क हादसा: दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में 3 युवकों की मौत, एक घायल

    छिंदवाड़ा में भीषण सड़क हादसा: दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में 3 युवकों की मौत, एक घायल



    छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत हनोतिया गांव के पास रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक युवक गंभीर रूप से घायल है जिसका इलाज जारी है।

    जानकारी के अनुसार दोनों बाइकों पर दो-दो युवक सवार थे। हादसा हनोतिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास हुआ, जहां अचानक दोनों बाइकें आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी।

    108 एंबुलेंस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जुन्नारदेव अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए रेफर किया। इलाज के दौरान 20 वर्षीय सोनू उईके की भी मौत हो गई।

    पुलिस और अस्पताल के अनुसार मृतकों की पहचान 20 वर्षीय चंद्रभान यादव और 15 वर्षीय चमन यादव के रूप में हुई है। वहीं हादसे का एक अन्य युवक घायल है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • रीवा में कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या, शराब पार्टी में दोस्त ने कनपटी में दागी गोली; आरोपी फरार

    रीवा में कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या, शराब पार्टी में दोस्त ने कनपटी में दागी गोली; आरोपी फरार



    रीवा । रीवा के समान थाना क्षेत्र के गड़रिया मोहल्ले में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां मैहर जिले के रामनगर थाने में पदस्थ आरक्षक राकेश कुमार पटेल (35) की उनके ही दोस्त ने गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार राकेश पटेल अपने 10 वर्षीय बेटे की तबीयत खराब होने के चलते छुट्टी लेकर गांव आए थे। रविवार रात वे घर से थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर निकले और पड़ोस में रहने वाले दोस्त राकेश तिवारी के घर पहुंचे, जहां दोनों के बीच शराब पार्टी चल रही थी।

    पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया, जो देखते ही देखते बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान राकेश तिवारी ने पिस्टल से कॉन्स्टेबल की कनपटी पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल आरक्षक को आरोपी के परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    घटना से मृतक के घर में कोहराम मच गया है। परिजनों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। वहीं पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं और उसकी तलाश जारी है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल अवैध थी और आरोपी का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • भोपाल मॉडल डेथ केस: परिवार का हत्या का दावा, अग्रिम जमानत पर टिकी निगाहें, SIT जांच तेज

    भोपाल मॉडल डेथ केस: परिवार का हत्या का दावा, अग्रिम जमानत पर टिकी निगाहें, SIT जांच तेज

    भोपाल में मॉडल और साउथ इंडियन एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। शादी के कुछ ही महीनों बाद सामने आई इस घटना ने न केवल उनके परिवार को सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे शहर में भी चर्चा का माहौल बना दिया है। परिवार ने साफ तौर पर इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां पर भी आरोप लगाए गए हैं, जिससे यह केस और अधिक संवेदनशील हो गया है।

    परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच उनकी संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा विवाद जांच प्रक्रिया को लेकर सामने आया है, जहां पोस्टमार्टम के दौरान वह बेल्ट उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसे कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल किया गया बताया जा रहा है। बाद में उस बेल्ट को जांच के लिए भेजा गया, लेकिन तब तक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जांच प्रभावित हो चुकी थी।

    परिजनों ने इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही हुई है, जिससे साक्ष्यों के सही विश्लेषण में बाधा आई है। इसी आधार पर परिवार लगातार मामले की दोबारा जांच और उच्च स्तर की निगरानी की मांग कर रहा है। परिवार ने यह भी कहा है कि उन्हें न्याय मिलने तक वह शव लेने से इनकार कर रहे हैं।

    इस बीच, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल गठित कर दिया गया है। वहीं, आरोपी पति की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई होनी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। परिवार इस याचिका का विरोध कर रहा है और जमानत रद्द करने की मांग कर रहा है।

    परिवार ने यह भी मांग की है कि मामले का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली के एम्स में कराया जाए ताकि मौत के कारणों को लेकर कोई संदेह न रहे। साथ ही वे इस केस को किसी अन्य राज्य में ट्रांसफर करने की भी अपील कर रहे हैं, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

    इस पूरे प्रकरण ने न केवल कानूनी और जांच प्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा किया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर लगातार बहस जारी है। परिवार न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है, जबकि पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई हैं।

  • देश में मौसम बदल रहा रंग, अंडमान में समय से पहले पहुंचा मानसून, उत्तर भारत लू की चपेट में

    देश में मौसम बदल रहा रंग, अंडमान में समय से पहले पहुंचा मानसून, उत्तर भारत लू की चपेट में



    नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर दी हैं। जहां एक ओर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मानसून ने तय समय से पहले दस्तक दे दी है, वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर एवं मध्य भारत भीषण गर्मी और लू से झुलस रहा है। एक तरफ लोग बारिश का आनंद ले रहे हैं, तो दूसरी ओर तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन मुश्किल बना दिया है।

    मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों में मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी तक मानसून पहुंच चुका है, जिसके असर से केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो गई है। विभाग का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य समय से करीब पांच दिन पहले आगे बढ़ रहा है और 26 मई तक केरल पहुंच सकता है, जबकि आमतौर पर इसकी एंट्री 1 जून को होती है।

    केरल के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो रही है। पटनामथिट्टा और अलाप्पुझा समेत कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में भी पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    दूसरी ओर उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। बांदा सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। झांसी, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में भी लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। दिल्ली में भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है।

    हरियाणा और पंजाब के सिरसा, रोहतक, हिसार और बठिंडा जैसे शहरों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह 10 बजे के बाद ही तेज गर्म हवाओं के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।

    पहाड़ी राज्यों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक माना जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने 19 मई से मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 और 23 मई को कुछ क्षेत्रों में बारिश होने से राहत मिलने की उम्मीद है।

    राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी भीषण गर्मी बनी हुई है, जहां तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। चंडीगढ़ में भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में और तेज लू चलने की चेतावनी दी है।

    भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से पानी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करें। बाहर जाते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढककर रखें। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।