Category: Madhya Pradesh

  • प्यार, धोखा और शोषण: शिवपुरी में लिव-इन रिलेशन का चौंकाने वाला मामला

    प्यार, धोखा और शोषण: शिवपुरी में लिव-इन रिलेशन का चौंकाने वाला मामला


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्किन केयर सिर्फ सुंदर दिखने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह हेल्थ का अहम हिस्सा बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, अनियमित खान-पान और तनाव के कारण लोगों की त्वचा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए सही देखभाल बेहद जरूरी हो गई है।
    सनस्क्रीन से आयुर्वेद तक बढ़ा ट्रेंड
    भारत में स्किन केयर ट्रेंड तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहां लोग सिर्फ फेस वॉश या क्रीम तक सीमित रहते थे, वहीं अब सनस्क्रीन, सीरम और नैचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बढ़ गया है। खासतौर पर UV किरणों से बचाव के लिए सनस्क्रीन को डेली रूटीन का जरूरी हिस्सा माना जा रहा है। इसके अलावा आयुर्वेदिक और हर्बल प्रोडक्ट्स जैसे एलोवेरा, हल्दी और चंदन भी फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं।
    लाइफस्टाइल का सीधा असर त्वचा पर
    स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल त्वचा की सबसे बड़ी दुश्मन है। देर रात तक जागना, जंक फूड खाना और पानी कम पीना त्वचा को डल और बेजान बना देता है। वहीं नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार त्वचा को अंदर से स्वस्थ बनाते हैं।
    हाइड्रेशन और डाइट का रखें ध्यान
    त्वचा को हेल्दी रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा फलों और हरी सब्जियों का सेवन स्किन को जरूरी पोषण देता है। विटामिन C, E और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट स्किन को चमकदार बनाए रखने में मदद करती है।
    बेसिक स्किन केयर रूटीन अपनाएं
    एक अच्छा स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है। इसमें क्लेंज़िंग, मॉइश्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन शामिल होना चाहिए। हफ्ते में 1-2 बार स्क्रब और फेस मास्क का इस्तेमाल भी फायदेमंद रहता है।
    नेचुरल उपाय भी कारगर
    घरेलू उपाय भी स्किन केयर में काफी असरदार साबित होते हैं। जैसे दही, बेसन, शहद और गुलाब जल का इस्तेमाल त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है। हालांकि, किसी भी नए प्रोडक्ट या उपाय को अपनाने से पहले स्किन टाइप को समझना जरूरी है।

  • बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना पर बवाल, हटाने की अपील के विरोध में प्रदर्शन

    बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना पर बवाल, हटाने की अपील के विरोध में प्रदर्शन


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र स्थित छितीपुर गांव में एक खेल मैदान अब विवाद का केंद्र बन गया है। यहां शासकीय मैदान के बीच अचानक बिना प्रशासनिक अनुमति एक मूर्ति स्थापित किए जाने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया।

    खेल मैदान के बीच रखी गई मूर्ति, ग्रामीणों की भीड़ जुटी

    जानकारी के अनुसार, छितीपुर गांव का यह मैदान स्थानीय युवाओं के लिए क्रिकेट और अन्य खेल गतिविधियों का मुख्य केंद्र है। इसी मैदान के बीच अज्ञात लोगों द्वारा मूर्ति रख दी गई। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण खासतौर पर बहुजन समाज की महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और मूर्ति के समर्थन में जुट गईं।

    पुलिस की अपील ठुकराई, धरने पर बैठे ग्रामीण

    मौके पर पहुंची दिनारा थाना पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि किसी भी सार्वजनिक या सरकारी जमीन पर मूर्ति स्थापित करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होता है। साथ ही, मैदान के बीच मूर्ति होने से खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी।
    हालांकि, पुलिस की समझाइश का ग्रामीणों पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके विरोध में ग्रामीण मूर्ति के चारों ओर बैठकर धरने पर बैठ गए और हटाने से साफ इनकार कर दिया।

    तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन सतर्क

    घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क है।

    अधिकारियों को दी गई सूचना, निर्देश का इंतजार

    दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह ने बताया कि शासकीय भूमि पर अज्ञात लोगों द्वारा मूर्ति रखी गई है। मामले की सूचना अनुविभागीय अधिकारी (SDO) को दे दी गई है और उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    छितीपुर गांव का यह मामला अब प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है। एक ओर नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर स्थानीय लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजर टिकी हुई है।

  • MP: भैरूंदा में शिवानंद महाराज का बड़ा दावा- बोले- यहां से 'BJP का एक भी विधायक जीता तो मूंछ-मुंडी कटवा दूंगा

    MP: भैरूंदा में शिवानंद महाराज का बड़ा दावा- बोले- यहां से 'BJP का एक भी विधायक जीता तो मूंछ-मुंडी कटवा दूंगा


    सीहोर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर जिले (Sehore district) के भैरूंदा में आयोजित सातदेव महायज्ञ (Saatdev Mahayagna) के दौरान शिवानंद महाराज (Shivanand Maharaj) का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में महाराज ने बीजेपी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए बड़ा दावा किया है.

    वीडियो में शिवानंद महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि पूरे जिले में अगर एक भी विधायक जीत गया तो वह अपनी मूंछ कटवा देंगे और यहां तक कि अपनी मुंडी भी कटवा लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यहां से न कोई सांसद जीतेगा और न ही कोई विधायक. साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह जिसे कहेंगे वही चुनाव जीतेगा और लाख कोशिश के बावजूद दूसरे उम्मीदवार जीत नहीं पाएंगे.

    शिवानंद महाराज का विवादित बयान

    अपने बयान में महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने उनके कार्यक्रम का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को भी कार्यक्रम में आने से रोक दिया गया था और उन्हें रोककर रखा गया. महाराज ने यह भी कहा कि उन्हें किसी की जरूरत नहीं है और 2028 में जीतकर दिखाने की चुनौती दी।


    बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    इस पूरे बयान के दौरान अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया जा रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है. वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • MP: इंदौर में साइबर ठगी के चौकाने वाले आंकड़े, रोज 87 लोग शिकार बन गंवा रहे अपनी गाढ़ी कमाई

    MP: इंदौर में साइबर ठगी के चौकाने वाले आंकड़े, रोज 87 लोग शिकार बन गंवा रहे अपनी गाढ़ी कमाई


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore city) में साइबर ठगी (Cyber ​​fraud) के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। केवल मार्च (March) माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो क्राइम ब्रांच (Crime Branch.) के पास साइबर धोखाधड़ी की कुल 2600 शिकायतें (2600 Complaints) प्राप्त हुई हैं। इसके अनुसार शहर में हर दिन लगभग 87 लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। हालांकि पुलिस लगातार जागरूकता अभियान और साइबर पाठशाला के माध्यम से लोगों को सचेत कर रही है, लेकिन अपराधियों के नए-नए तरीके आम जनता पर भारी पड़ रहे हैं।

    शेयर ट्रेडिंग और अतिरिक्त आय का लालच फंसा रहा
    ठगी के इन मामलों में सबसे ज्यादा मामले शेयर ट्रेडिंग के नाम पर सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी अतिरिक्त आय का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए उकसाते हैं। हैरानी की बात यह है कि इन शिकार होने वालों में केवल कम पढ़े-लिखे लोग ही नहीं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, बड़े व्यापारी और बड़ी संख्या में घरेलू महिलाएं भी शामिल हैं। लालच के इसी चक्रव्यूह का फायदा उठाकर ठग लाखों रुपयों पर हाथ साफ कर रहे हैं।


    ठगी के नए तरीके आ रहे

    अपराधी अब केवल पुराने तरीकों तक सीमित नहीं हैं। अब बिजली कनेक्शन काटने, गैस कनेक्शन बंद होने या बैंक अधिकारी बनकर फोन करने के साथ-साथ एपीके (APK) फाइल का उपयोग किया जा रहा है। अपराधी पीड़ित को एक संदेहास्पद एपीके फाइल भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है। इसके बाद बिना किसी ओटीपी के खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं। अक्सर पीड़ित को इस बात की भनक तब लगती है जब बैंक से पैसा कटने का मैसेज प्राप्त होता है।


    1930 पर तुरंत करें शिकायत

    राहत की बात यह है कि क्राइम ब्रांच अब त्वरित कार्रवाई कर रही है। यदि पीड़ित समय रहते पुलिस तक पहुंचता है, तो पैसों की वापसी संभव हो पा रही है। पिछले तीन महीनों में पुलिस ने ठगों के बैंक खाते ब्लॉक करवाकर लगभग पौने दो करोड़ रुपये रिफंड करवाए हैं। इसके अलावा, अब पीड़ितों के लिए ई-एफआईआर की व्यवस्था भी शुरू की गई है। नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करते ही ई-एफआईआर दर्ज हो जाती है, जिसे बाद में संबंधित थाने में असल कायमी के लिए भेजा जाता है। इस नई व्यवस्था के कारण पिछले दस दिनों में ही इंदौर के विभिन्न थानों में 50 से अधिक केस दर्ज किए जा चुके हैं।

  • मऊगंज में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर ट्रक से टकराईं दो बाइक, 3 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

    मऊगंज में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर ट्रक से टकराईं दो बाइक, 3 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल


    मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा लौर थाना क्षेत्र के पन्नी-पथरिया नेशनल हाईवे पर हुआ, जहां दो तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक से जा टकराईं।

    पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तीन युवक पल्सर बाइक से हाईवे पर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि वे तेज गति में बाइक चलाने के साथ-साथ मोबाइल पर रील भी बना रहे थे। इसी दौरान उनका ध्यान भटक गया और बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पहली दुर्घटना के तुरंत बाद पीछे से आ रही एक अन्य टीवीएस अपाचे बाइक भी हादसे का शिकार हो गई। दूसरी बाइक का चालक अचानक स्थिति को संभाल नहीं पाया और वह भी उसी ट्रेलर से टकरा गया। इस दूसरी टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को तत्काल मऊगंज के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    थाना प्रभारी रीना सिंह ने बताया कि हादसे में तीन युवकों की मौत हुई है, जिनकी पहचान बेला गांव निवासी उपलक्ष्य कोल (17), अमरीश कोल (22) और हेमराज कोल (17) के रूप में हुई है। वहीं चितई पुरवा पिपरा निवासी प्रशांत द्विवेदी (19) और प्रदीप द्विवेदी (17) गंभीर रूप से घायल हैं।

    पुलिस को मृतकों के पास से एक गन लाइटर भी मिला है। फिलहाल ट्रेलर ट्रक को जब्त कर लिया गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि लोकभवन में हुआ कार्यक्रम

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि लोकभवन में हुआ कार्यक्रम

    भोपाल । भोपाल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। इस मौके पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर बाबा साहेब को नमन किया।

    कार्यक्रम का आयोजन भोपाल स्थित लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में किया गया जहां राज्यपाल ने डॉ. अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने संविधान निर्माता के रूप में बाबा साहेब के अतुलनीय योगदान को याद किया और उनके विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

    इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लोकभवन के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और बाबा साहेब को आदरांजलि अर्पित की।

    समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय समाज को समानता न्याय और अधिकारों का जो संदेश दिया वह आज भी प्रासंगिक है और देश के विकास का मार्गदर्शन करता है।

    यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और समता के संदेश को दोहराने का अवसर भी बना। बाबा साहेब के जीवन और संघर्ष को याद करते हुए लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    इस प्रकार भोपाल के लोकभवन में आयोजित यह कार्यक्रम अंबेडकर जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा जहां संविधान निर्माता को पूरे आदर भाव के साथ याद किया गया।

  • महू में अंबेडकर जयंती पर बवाल श्रद्धालुओं से धक्का मुक्की पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

    महू में अंबेडकर जयंती पर बवाल श्रद्धालुओं से धक्का मुक्की पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

    इंदौर । मध्यप्रदेश के महू में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया जब श्रद्धा और उत्साह के बीच पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जन्मस्थली पर देशभर से हजारों अनुयायी पहुंचे थे और पूरे क्षेत्र में आस्था का माहौल बना हुआ था।

    सुबह से ही लोग अपने परिवारों के साथ बाबा साहेब को नमन करने और इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए वहां एकत्रित हो रहे थे। कई श्रद्धालु जन्मस्थली परिसर में फोटो और वीडियो के जरिए इस पल को सहेज रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने अचानक लोगों को हटाना शुरू कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट सूचना के पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लोगों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया। इस दौरान कई लोगों के साथ धक्का मुक्की भी हुई जिससे माहौल बिगड़ गया और मौके पर अफरा तफरी मच गई। दूर दराज से आए अनुयायियों ने इस व्यवहार का विरोध किया और नाराजगी खुलकर सामने आई।

    देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और लोगों ने मौके पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं का आरोप था कि उन्हें सम्मान के साथ श्रद्धांजलि देने का मौका नहीं दिया जा रहा है और उनके साथ अनावश्यक सख्ती बरती जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा था। वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए लेकिन यह सख्ती कई लोगों को नागवार गुजरी।

    इस घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम श्रद्धालुओं की भावनाओं और गरिमा को नजरअंदाज किया जा सकता है। आस्था के इस बड़े आयोजन में बेहतर भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है ताकि किसी भी तरह का विवाद पैदा न हो।

    फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में बेहतर व्यवस्था और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि श्रद्धा और सम्मान का माहौल बना रहे।

  • खड़े ट्रेलर से भिड़ी बाइक मऊगंज में भीषण हादसा 3 लोगों की मौके पर मौत

    खड़े ट्रेलर से भिड़ी बाइक मऊगंज में भीषण हादसा 3 लोगों की मौके पर मौत

    रसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में इन दिनों एक बड़ा कारोबारी और कानूनी विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है जहां तुलसी ब्रांड को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए हैं। एक तरफ पतंजलि फूड्स लिमिटेड है तो दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर संचालित अनिल इंडस्ट्रीज। मामला ट्रेडमार्क और कॉ पीराइट अधिकारों से जुड़ा हुआ है जिसने अब कानूनी रूप ले लिया है।

    बताया जा रहा है कि तुलसी नाम से खाद्य तेल के ब्रांड को लेकर विवाद शुरू हुआ। पतंजलि फूड्स लिमिटेड का दावा है कि तुलसी उनका अधिकृत ब्रांड है और इस नाम का उपयोग किसी अन्य संस्था द्वारा करना नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके बाद कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश जारी किए।

    इसी आदेश के तहत नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र के जोहारिया में स्थित अनिल इंडस्ट्रीज पर पतंजलि की लीगल टीम ने पहुंचकर कार्रवाई की। आरोप है कि अनिल इंडस्ट्रीज तुलसी नाम से खाद्य तेल बेच रही थी जो कि ट्रेडमार्क नियमों का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार किसी भी पंजीकृत ब्रांड नाम के साथ समान या भ्रम पैदा करने वाले शब्दों का उपयोग करना अवैध माना जाता है।

    हालांकि इस मामले में अनिल इंडस्ट्रीज के मालिक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने उत्पाद के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की हैं जिनमें ट्रेडमार्क और कॉपीराइट से संबंधित औपचारिकताएं शामिल हैं। उनका दावा है कि उन्होंने अपने ब्रांड का विज्ञापन भी प्रकाशित कराया था और उस समय किसी भी प्रकार की आपत्ति सामने नहीं आई थी।

    इतना ही नहीं उन्होंने पतंजलि फूड्स लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार जब उन्होंने अपने उत्पादों को पतंजलि के माध्यम से बेचने से इनकार किया तो उनके खिलाफ इस तरह की कानूनी कार्रवाई की गई।

    यह मामला अब पूरी तरह न्यायालय के अधीन है और अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने दावों पर कायम हैं जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि वास्तविक रूप से किसका पक्ष मजबूत है।

    इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि व्यापारिक दुनिया में ब्रांड और पहचान को लेकर प्रतिस्पर्धा किस हद तक जा सकती है। ट्रेडमार्क और कॉपीराइट जैसे कानूनी अधिकार जहां कंपनियों की पहचान की रक्षा करते हैं वहीं इनके दुरुपयोग के आरोप भी समय समय पर सामने आते रहते हैं। अब सभी की नजर न्यायालय के फैसले पर टिकी है जो यह तय करेगा कि इस विवाद में कौन सही है और कौन गलत।

  • तुलसी ब्रांड ,पर कानूनी घमासान पतंजलि फूड्स और ,अनिल इंडस्ट्रीज आमने सामने

    तुलसी ब्रांड ,पर कानूनी घमासान पतंजलि फूड्स और ,अनिल इंडस्ट्रीज आमने सामने


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में इन दिनों एक बड़ा कारोबारी और कानूनी विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है जहां तुलसी ब्रांड को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए हैं। एक तरफ पतंजलि फूड्स लिमिटेड है तो दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर संचालित अनिल इंडस्ट्रीज। मामला ट्रेडमार्क और कॉ पीराइट अधिकारों से जुड़ा हुआ है जिसने अब कानूनी रूप ले लिया है।

    बताया जा रहा है कि तुलसी नाम से खाद्य तेल के ब्रांड को लेकर विवाद शुरू हुआ। पतंजलि फूड्स लिमिटेड का दावा है कि तुलसी उनका अधिकृत ब्रांड है और इस नाम का उपयोग किसी अन्य संस्था द्वारा करना नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके बाद कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश जारी किए।

    इसी आदेश के तहत नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र के जोहारिया में स्थित अनिल इंडस्ट्रीज पर पतंजलि की लीगल टीम ने पहुंचकर कार्रवाई की। आरोप है कि अनिल इंडस्ट्रीज तुलसी नाम से खाद्य तेल बेच रही थी जो कि ट्रेडमार्क नियमों का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार किसी भी पंजीकृत ब्रांड नाम के साथ समान या भ्रम पैदा करने वाले शब्दों का उपयोग करना अवैध माना जाता है।

    हालांकि इस मामले में अनिल इंडस्ट्रीज के मालिक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने उत्पाद के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की हैं जिनमें ट्रेडमार्क और कॉपीराइट से संबंधित औपचारिकताएं शामिल हैं। उनका दावा है कि उन्होंने अपने ब्रांड का विज्ञापन भी प्रकाशित कराया था और उस समय किसी भी प्रकार की आपत्ति सामने नहीं आई थी।

    इतना ही नहीं उन्होंने पतंजलि फूड्स लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार जब उन्होंने अपने उत्पादों को पतंजलि के माध्यम से बेचने से इनकार किया तो उनके खिलाफ इस तरह की कानूनी कार्रवाई की गई।

    यह मामला अब पूरी तरह न्यायालय के अधीन है और अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने दावों पर कायम हैं जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि वास्तविक रूप से किसका पक्ष मजबूत है।

    इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि व्यापारिक दुनिया में ब्रांड और पहचान को लेकर प्रतिस्पर्धा किस हद तक जा सकती है। ट्रेडमार्क और कॉपीराइट जैसे कानूनी अधिकार जहां कंपनियों की पहचान की रक्षा करते हैं वहीं इनके दुरुपयोग के आरोप भी समय समय पर सामने आते रहते हैं। अब सभी की नजर न्यायालय के फैसले पर टिकी है जो यह तय करेगा कि इस विवाद में कौन सही है और कौन गलत।

  • सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल

    सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल


    सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर निकाली जा रही रैली के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और नकाबपोश लोगों ने एक घर में घुसकर हमला कर दिया। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

    यह है मामला

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे भीम आर्मी द्वारा अंबेडकर जयंती रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक बोलेरो वाहन खड़ा था, जिसे हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। रैली में शामिल कुछ लोगों ने गाड़ी हटाने को कहा, लेकिन बात बढ़ने पर बोलेरो में तोड़फोड़ कर दी गई।

    इसके बाद मनी शुक्ला ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि करीब 50 नकाबपोश लोग पथराव करते हुए मनी शुक्ला के घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।

    हमले में 4 लोग घायल

    हमले में मनी शुक्ला (22) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा उनके परिवार के 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला (40) और दिव्यांश शुक्ला (22) को भी चोटें आई हैं। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की।

    अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

    हमले के विरोध में दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को घेरकर मारपीट की गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया, कमर्जी, बहरी थाना और सिहावल चौकी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। क्षेत्र में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।