Category: Madhya Pradesh

  • MP में गर्मी का कहर तेज, राजगढ़ 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, अगले 4 दिन और बढ़ेगा तापमान

    MP में गर्मी का कहर तेज, राजगढ़ 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, अगले 4 दिन और बढ़ेगा तापमान



    भोपाल । मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश का आधा हिस्सा इस समय हीटवेव की चपेट में है और कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। रविवार को राजगढ़ सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं 11 जिलों में तापमान 43 डिग्री और 4 जिलों में 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। इसके चलते लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत कई जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के पार रहने की संभावना है।

    वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में लू का अलर्ट नहीं होने के बावजूद तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, धार, देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, शहडोल और सिंगरौली समेत कई क्षेत्रों में दिनभर गर्म हवाएं और उमस बनी रहेगी।

    रविवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। राजगढ़ के बाद रतलाम में 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री, नौगांव और खजुराहो में 44.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा गुना, श्योपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, दतिया, दमोह, खरगोन और टीकमगढ़ में भी पारा 43 डिग्री के पार पहुंचा। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 43 डिग्री, इंदौर में 42.8 डिग्री, भोपाल में 42.7 डिग्री, ग्वालियर में 42.6 डिग्री और जबलपुर में 42.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी बनी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं।

  • शिवपुरी में पुरानी रंजिश पर खूनी संघर्ष, कई लोग घायल

    शिवपुरी में पुरानी रंजिश पर खूनी संघर्ष, कई लोग घायल


    शिवपुरी  मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के खद्द गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गड़ासी, लाठी-डंडों और बंदूक तक का इस्तेमाल किया गया। घटना में दोनों पक्षों के 6 से 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच पिछले करीब आठ महीने से विवाद चला आ रहा था। बताया जा रहा है कि पहले एक पक्ष का युवक दूसरे पक्ष की बहू को अपने साथ ले गया था। बाद में पुलिस ने महिला को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। तभी से दोनों परिवारों के बीच तनाव बना हुआ था और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही थी।

    शनिवार सुबह यह रंजिश फिर हिंसक झड़प में बदल गई। खद्द गांव निवासी बृजमोहन यादव अपने भाई सियाराम यादव के साथ खेत पर पानी की मोटर चालू करने पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के ऐवरन यादव, वीरू यादव, सिंधिया यादव और मेघसिंह यादव वहां आ गए। आरोप है कि ऐवरन यादव बंदूक लेकर पहुंचा था और आते ही पुरानी दुश्मनी को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान गड़ासी और लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में सियाराम यादव के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि सेवा यादव के हाथ, रामहेत यादव के माथे और हाथ, लोकेन्द्र यादव के कंधे और पैर तथा राजेन्द्र यादव के सिर में चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचे बृजमोहन यादव भी घायल हो गए।

    घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में सभी का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बैराड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।

    पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और हमला करने के आरोप लगाए हैं। इसी आधार पर क्रॉस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान बंदूक का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।

    गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

  • कीमती सामान नहीं मिला तो जूते चुराकर भागे चोर, CCTV में कैद

    कीमती सामान नहीं मिला तो जूते चुराकर भागे चोर, CCTV में कैद


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के खतौरा गांव में चोरी की एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां शनिवार देर रात 7 से 8 बदमाश चोरी की नीयत से एक घर में घुसे, लेकिन जब उन्हें कोई कीमती सामान नहीं मिला तो वे घर से दो जोड़ी जूते चुराकर फरार हो गए। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है।

    जानकारी के अनुसार, खतौरा गांव निवासी मोहर सिंह कुशवाह के घर में शनिवार रात करीब 3:38 बजे बदमाश बाउंड्री फांदकर अंदर दाखिल हुए। सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध घर के आसपास घूमते और छत पर चढ़ने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बदमाश करीब 10 मिनट तक घर के अंदर और बाहर मंडराते रहे। कुछ आरोपियों के पास हथियार होने की भी आशंका जताई गई है।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह करीब 4 बजे मोहर सिंह कुशवाह की नींद खुली। उन्होंने घर में लगे एलसीडी स्क्रीन पर देखा कि कुछ सीसीटीवी कैमरों के एंगल बदले हुए हैं। शक होने पर जब रिकॉर्डिंग चेक की गई तो घर में कई बदमाश घूमते नजर आए।

    परिवार के अनुसार, चोरों ने घर में काफी तलाश की, लेकिन उन्हें कोई नकदी या कीमती सामान हाथ नहीं लगा। आखिर में बदमाश किरायेदारों के दो जोड़ी जूते उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय संदिग्ध गतिविधियां बढ़ रही हैं और पुलिस गश्त को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। यह घटना भले ही सुनने में अजीब लगे, लेकिन इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अगर बदमाश हथियार लेकर घरों में घुस रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

  • सनघटा डैम में कार्रवाई: बालाजी क्रेशर सील, भारी मात्रा में गिट्टी जब्त

    सनघटा डैम में कार्रवाई: बालाजी क्रेशर सील, भारी मात्रा में गिट्टी जब्त


    नई दिल्ली। शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में निर्माणाधीन सनघटा डैम परियोजना में गुणवत्ता को लेकर सामने आई लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के औचक निरीक्षण के बाद खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बालाजी क्रेशर को सील कर दिया। मौके से करीब 4 हजार घनमीटर गिट्टी के साथ एक पोकलेन और एक हाइड्रा मशीन भी जब्त की गई है।

    दरअसल, शनिवार को कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सनघटा डैम, निर्माणाधीन पंप स्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के कार्यों का अचानक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। कई जगहों पर सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल सामने आए, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके निर्देश के बाद खनिज विभाग की टीम हरकत में आई और खनिज निरीक्षक सोनू श्रीवास के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की गई।

    खनिज विभाग ने गिट्टी निर्माण के लिए संचालित बालाजी क्रेशर को सील कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगली अनुमति तक क्रेशर बंद रहेगा। इसके अलावा मौके पर मौजूद लगभग 4000 घनमीटर गिट्टी को जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान एक पोकलेन मशीन और एक हाइड्रा मशीन भी जब्त की गई, जिनका उपयोग निर्माण कार्यों में किया जा रहा था।

    प्रशासन की इस कार्रवाई से निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में चल रही अन्य परियोजनाओं की भी गुणवत्ता जांच की जाएगी और जहां भी अनियमितता मिलेगी वहां सख्त कार्रवाई होगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। अब प्रशासन की सख्ती से उम्मीद जगी है कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी।

    यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब सरकारी परियोजनाओं में लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

  • जुनैद सुल्तानी और अशद साबरी के बीच सूफियाना मुकाबला, श्रद्धालुओं की भीड़

    जुनैद सुल्तानी और अशद साबरी के बीच सूफियाना मुकाबला, श्रद्धालुओं की भीड़


    सागर । सागर में सर्वधर्म कौमी एकता और भाईचारे के प्रतीक माने जाने वाले पीली कोठी वाले बाबा की दरगाह पर इन दिनों आस्था और सूफियाना रंग का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां आयोजित हो रहे कुतुब हजरत सैयद दाऊद मक्की चिश्ती साबरी के 76वें सालाना उर्स के दूसरे दिन शनिवार रात दरगाह परिसर कव्वालियों और गजलों की गूंज से सराबोर रहा। दूर-दूर से पहुंचे अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर मत्था टेककर अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।

    उर्स के दूसरे दिन आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में मशहूर फनकार जुनैद सुल्तानी कव्वाल पार्टी और अशद निशहद साबरी कव्वाल पार्टी के बीच शानदार मुकाबला हुआ। दोनों कलाकारों की सूफियाना प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। कव्वालियों की धुन पर लोग देर रात तक झूमते रहे और दरगाह परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।

    कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई। इसके बाद नाते पाक, सलाम और फातिहा पेश की गई। दरगाह पर पहुंचे लोगों ने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। आयोजन के दौरान तबर्रुक भी वितरित किया गया।

    उर्स कमेटी के अध्यक्ष अरशद अली ने बताया कि तीन दिवसीय उर्स का समापन रविवार को होगा। अंतिम दिन हिंदुस्तान के मशहूर फनकार चांद कादरी कव्वाल पार्टी और शब्बीर सदाकत साबरी कव्वाल पार्टी के बीच कव्वाली मुकाबला आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के साथ उर्स का औपचारिक समापन होगा।

    उर्स में शहर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। दरगाह परिसर में लगे मेले में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। आयोजन में उर्स कमेटी के सदस्य और स्थानीय लोग लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।

    यह उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया है, जहां हर धर्म और समुदाय के लोग एक साथ शामिल होकर इंसानियत और मोहब्बत का संदेश दे रहे हैं।

  • NTA भंग करने की मांग तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन

    NTA भंग करने की मांग तेज, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन

    रीवा। NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच रीवा में भी सियासी और छात्र संगठनों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने 19 मई को डिप्टी सीएम आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के खिलाफ यह आंदोलन किया जाएगा।

    रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में NSUI रीवा जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता घंटी और शंख बजाकर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    NSUI ने “NEET 2026 न्याय अभियान” के तहत कई अहम मांगें रखी हैं। संगठन ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही प्रभावित छात्रों के लिए मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता और फ्री लीगल एड उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।

    संगठन का कहना है कि यदि दोबारा परीक्षा आयोजित की जाती है तो छात्रों को मुफ्त यात्रा और ठहरने की सुविधा भी सरकार को उपलब्ध करानी चाहिए। NSUI नेताओं ने कहा कि केवल री-एग्जाम कराना समाधान नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

    प्रेस वार्ता में नेताओं ने 2015 के AIPMT पेपर लीक, 2024 और अब 2026 के NEET विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार सामने आ रहे घोटाले शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कोटा, सीकर और जयपुर जैसे बड़े कोचिंग हब की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई।

    इधर, NSUI के प्रदर्शन ऐलान से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी रीवा में मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    रीवा में बढ़ते विरोध प्रदर्शन से साफ है कि NEET पेपर लीक मामला अब सिर्फ शिक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक और जनआंदोलन बनता जा रहा है।

  • रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू

    रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू


    रीवा  रीवा शहर के करहिया स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार ट्रक की लापरवाही के चलते एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से कार में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार मोड़ से गुजर रही थी, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक कट मार दिया। ट्रक के अचानक सामने आने से कार चालक घबरा गया और वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ते ही कार सड़क से नीचे उतरकर सीधे नाले में जा घुसी।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए कार में फंसे सवारों को बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि सभी को हल्की चोटें आई हैं।

    जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग सतना निवासी बताए जा रहे हैं, जो किसी काम से परौहा टोला बोदा बाग की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के बाद मौके पर काफी देर तक भीड़ जमा रही और स्थानीय लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नाराजगी जताई।

    लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रक और अन्य भारी वाहन तेज गति से चलते हैं और मोड़ पर अचानक कट मार देते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मोड़ों पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी इस घटना की जांच और सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

  • आरती के दौरान विवाद बढ़ा, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ने उठाया कदम

    आरती के दौरान विवाद बढ़ा, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ने उठाया कदम

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध गढ़कालिका मंदिर में रविवार दोपहर आरती के दौरान अचानक ऐसा विवाद खड़ा हो गया जिसने पूरे परिसर का माहौल तनावपूर्ण कर दिया। किन्नर अखाड़े की तेलंगाना शाखा की महामंडलेश्वर साध्वी काली नंद गिरी और मंदिर के पुजारियों व सुरक्षा कर्मियों के बीच हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

    जानकारी के अनुसार, साध्वी काली नंद गिरी दोपहर 12 बजे की आरती में शामिल होने मंदिर पहुंची थीं। आरती के दौरान भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें किनारे हटने के लिए कहा गया, ताकि अन्य श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिल सके। इसी बात को लेकर साध्वी आक्रोशित हो गईं और मामला धीरे-धीरे विवाद में बदल गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद साध्वी ने विरोध स्वरूप अपनी कार से पेट्रोल लाकर खुद पर डाल लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। यह देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया और एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कारणों से एक गेट को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया, जबकि दूसरे गेट से दर्शन व्यवस्था जारी रखी गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई और जीवाजीगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए साध्वी को समझाइश दी और उन्हें थाने ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    मंदिर प्रशासन का कहना है कि आरती के दौरान भारी भीड़ थी और केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए साध्वी से थोड़ा किनारे होने का अनुरोध किया गया था। इसी साधारण व्यवस्था संबंधी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद किन परिस्थितियों में इतना गंभीर हुआ। प्रशासन ने कहा है कि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • सरकार में परफॉर्मेंस रिव्यू मीटिंग, आज तय होंगे कामकाज के नए फोकस

    सरकार में परफॉर्मेंस रिव्यू मीटिंग, आज तय होंगे कामकाज के नए फोकस


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के ढाई साल पूरे होने से ठीक पहले आज भोपाल में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक होने जा रही है, जिसमें मंत्रियों के कामकाज का विस्तृत आकलन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व कार्यालय में मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे।

    इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के गठन (दिसंबर 2023) से लेकर अब तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन करना और आने वाले ढाई साल के लिए नए लक्ष्य तय करना है। हर मंत्री को अपने विभाग का पूरा रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना होगा, जिसमें उपलब्धियां और अधूरे कार्य दोनों शामिल रहेंगे।

    बैठक में सबसे पहले प्रभार वाले जिलों में विभिन्न समितियों के गठन की स्थिति पर सवाल उठाए जाएंगे। दिशा समिति, जनभागीदारी समिति, जिला स्तरीय समन्वय समिति और मॉनिटरिंग कमेटी जैसी व्यवस्थाओं के गठन और उनके कामकाज की समीक्षा की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि कौन सी समितियां सक्रिय हैं और कौन सी अब तक अधूरी हैं।

    इसके अलावा मंत्रियों से उनके प्रभार वाले क्षेत्रों और स्वयं की विधानसभा सीटों की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा होगी। खासकर हारी हुई सीटों पर संगठन की रणनीति, बूथ स्तर की स्थिति और विपक्ष की गतिविधियों पर फोकस रहेगा।

    बैठक में यह भी पूछा जाएगा कि मंत्रियों ने अपने विभागों में किन समस्याओं का सामना किया, कौन सी नई पहल की और कहां सुधार की जरूरत है। कुछ मंत्री अफसरों की कार्यशैली से जुड़ी शिकायतें भी रख सकते हैं।

    आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भी तैयारियों की समीक्षा होगी। मंत्रियों से पूछा जाएगा कि उनके जिलों में चुनावी स्थिति कैसी है, कौन से क्षेत्र मजबूत हैं और किन जगहों पर रणनीति बदलने की जरूरत है।

    साथ ही प्रत्येक मंत्री से यह रिपोर्ट ली जाएगी कि मुख्यमंत्री संकल्प पत्र के तहत दिए गए लक्ष्यों में से कितने पूरे हुए हैं और कितने अभी लंबित हैं। निगम, मंडल और बोर्ड के साथ समन्वय की स्थिति भी जांची जाएगी।

    राज्यमंत्रियों के साथ कार्य विभाजन को लेकर भी स्पष्टता मांगी जाएगी कि कौन-कौन से कार्य कैबिनेट स्तर पर देखे जा रहे हैं और कौन से राज्यमंत्री संभाल रहे हैं।

    बैठक में मंत्रियों के दौरे, जनसंपर्क, विकास कार्यों की समीक्षा और प्रमुख योजनाओं जैसे लाड़ली बहना, किसान कल्याण, गृह प्रवेश योजना आदि में उनकी भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

    अंत में प्रभार वाले जिलों की प्रमुख समस्याओं जैसे जल संकट, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पर समाधान की रणनीति भी प्रस्तुत करनी होगी। यह बैठक सरकार के अगले ढाई साल की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

  • जेसीबी कार्रवाई से बड़ा हादसा, लाखों का सामान मलबे में दबा

    जेसीबी कार्रवाई से बड़ा हादसा, लाखों का सामान मलबे में दबा


    उज्जैन । उज्जैन के योगीपुरा क्षेत्र में रामघाट जाने वाली गली में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान शनिवार देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जेसीबी से की जा रही कार्रवाई के बीच अचानक एक मकान भरभराकर गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और पूरा परिवार बेघर हो गया।

    गिरा हुआ मकान राजेंद्र राव सावदेकर का बताया जा रहा है, जो मकान क्रमांक-12 में रहते थे। मकान गिरने से घर में रखा टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे, गीजर, पानी की टंकी, किराना सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मकान ढहते और मलबा सड़क पर फैलते हुए दिखाई दे रहा है।

    हादसे के समय परिवार घर पर मौजूद नहीं था, क्योंकि खतरे को देखते हुए वे पहले ही रिश्तेदार के घर चले गए थे। हालांकि जब सुबह उन्हें घटना की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और अपने टूटे हुए घर को देखकर सदमे में आ गए।

    पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासन की ओर से न तो स्पष्ट सूचना दी गई और न ही सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। उनका कहना है कि पहले चौड़ीकरण 7 फीट बताया गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 10 फीट कर दिया गया और इसी दौरान बिना किसी चेतावनी के मकान तोड़ दिया गया।

    स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद डर का माहौल है। कई रहवासियों ने अपने घर खाली कर दिए हैं, क्योंकि आसपास के मकानों में दरारें और धंसने की स्थिति देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में करीब 15 परिवार इस चौड़ीकरण कार्रवाई से प्रभावित हो रहे हैं।

    पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगभग 25 लाख रुपए के नुकसान का दावा करते हुए मुआवजे की मांग की है। वहीं पीड़ित की मां ने रोते हुए कहा कि उनका सब कुछ खत्म हो गया और अब वे सड़क पर आ गए हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्याय और उचित मुआवजा दिलाने की अपील की है।

    दूसरी ओर भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। साथ ही आसपास के मकानों को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का काम भी शुरू किया जा रहा है।