Category: Madhya Pradesh

  • मप्र कैबिनेट के बड़े फैसले: 6 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, 19,810 करोड़ के विकास कार्यों को दी मंजूरी

    मप्र कैबिनेट के बड़े फैसले: 6 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, 19,810 करोड़ के विकास कार्यों को दी मंजूरी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में लोक कल्याण और विकास कार्यों के लिए लगभग 19,810 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। साथ ही प्रदेश के छह जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

    विभिन्न विभागों की योजनाओं को मिली मंजूरी
    लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि बैठक में लोक निर्माण, सिंचाई, महिला एवं बाल विकास, कृषि और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

    सिंचाई और सड़क परियोजनाओं पर बड़ा खर्च
    मंत्रिपरिषद ने सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय मंजूरी दी है। इस परियोजना से 27 गांवों की करीब 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए 10,801 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें बीओटी मार्गों का विकास, परियोजनाओं के भुगतान और सड़क विकास निगम की बाह्य वित्त परियोजनाएं शामिल हैं, जिन्हें 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

    पोषण, ग्रामीण विकास और कृषि को बढ़ावा
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, कृषि क्षेत्र में ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन (SMAM)’ के तहत 2,250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा, लागत और समय की बचत होगी तथा ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
    प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके तहत जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए करीब 1,005 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    महिला सशक्तिकरण योजनाओं को भी समर्थन
    महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं—बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

    8 नए वन स्टॉप सेंटर खुलेंगे
    प्रदेश में आठ नए वन स्टॉप सेंटर शुरू करने का निर्णय लिया गया है। ये सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार (मनावर), पीथमपुर, इंदौर (लसूडिया, सांवेर) और झाबुआ (पेटलावद) में स्थापित किए जाएंगे।

    इन जिलों में बनेंगे नए मेडिकल कॉलेज
    मंत्रिपरिषद ने राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

  • भोपाल में शराब दुकान के खिलाफ धरना: जिपं उपाध्यक्ष ने शटर गिराकर किया विरोध, हाथों में तख्तियां

    भोपाल में शराब दुकान के खिलाफ धरना: जिपं उपाध्यक्ष ने शटर गिराकर किया विरोध, हाथों में तख्तियां


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ईंटखेड़ी में तो हालात ऐसे बन गए कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट खुद ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। नाराज लोगों ने पहले दुकान का शटर गिराया, फिर मौके पर टेंट लगाकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया।

    शटर गिराकर शुरू किया धरना, प्रशासन को दी चेतावनी

    ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही कलेक्टर को आवेदन देकर शराब दुकान हटाने की मांग की थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार दोपहर 12 बजे से दुकान के सामने ही धरना शुरू कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक दुकान हटाई नहीं जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और दुकान खुलने नहीं दी जाएगी।

    स्कूल-कॉलेज के रास्ते में दुकान, महिलाओं-बच्चों को परेशानी

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह दुकान भैंरोपुरा, कल्याणपुरा और खामखेड़ा जाने वाले मुख्य रास्ते पर स्थित है। यहां अक्सर लोग बैठकर शराब पीते हैं, जिससे राहगीरों खासकर महिलाओं और बच्चों  को भारी परेशानी होती है। क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी बढ़ रहा है, जिससे माहौल बिगड़ रहा है।

    भोपाल के कई इलाकों में एक जैसा विरोध

    ईंटखेड़ी ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य इलाकों में भी शराब दुकानों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है-

    अवधपुरी: ऋषिपुरम 80 फीट रोड पर लोग रोज सुंदरकांड पाठ कर विरोध जता रहे हैं।
    सेमराकलां: विजय नगर साईंराम कॉलोनी में एक साल से मांग, अब टेंट लगाकर भजन-कीर्तन।
    कोलार रोड (मंदाकिनी चौराहा): रहवासी इलाके और जैन मंदिर के पास दुकान शिफ्ट होने पर विरोध।
    पॉलिटेक्निक चौराहा: प्रोफेसर कॉलोनी के पास दुकान के खिलाफ छात्र संगठन भी सड़कों पर उतर चुके हैं।

    जनआंदोलन का रूप लेता विरोध

    भोपाल में शराब दुकानों को लेकर बढ़ता विरोध अब जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। ग्रामीणों और शहरवासियों का कहना है कि आबादी वाले इलाकों में ऐसी दुकानों से सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है।

  • लापरवाही पड़ी भारी: रतलाम में बिना सूचना गैरहाजिर 11 कर्मचारियों को नोटिस, कार्रवाई तय

    लापरवाही पड़ी भारी: रतलाम में बिना सूचना गैरहाजिर 11 कर्मचारियों को नोटिस, कार्रवाई तय


    रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। भारत की प्रस्तावित जनगणना 2027 के पहले चरण (मकान सूचीकरण और गणना) की तैयारी के तहत चल रहे प्रशिक्षण सत्र में 11 कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

    1 मई से शुरू होगा पहला चरण, ट्रेनिंग में ही लापरवाही

    जानकारी के मुताबिक, जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित इस प्रशिक्षण के पहले ही सत्र में 11 कर्मचारी बिना सूचना गायब रहे, जिससे प्रशासन नाराज हो गया।

    अधिकारियों का सख्त रुख, निलंबन की चेतावनी

    नोटिस अनिल भाना (नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी) की ओर से जारी किया गया है। स्पष्ट कहा गया है कि यदि संबंधित कर्मचारी 24 घंटे में संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

    जनगणना अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जनगणना कार्य में लापरवाही गंभीर अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना और 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।

    कई विभागों के कर्मचारी शामिल

    अनुपस्थित कर्मचारियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, मलेरिया विभाग और जिला अस्पताल सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम के कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर और भृत्य वर्ग के कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    प्रशासन का संदेश जनगणना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    प्रशासन ने साफ किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई तय है।

  • वारदात से पहले गिरफ्तारी: ग्वालियर में कैंसर हिल्स से भिंड का आरोपी पकड़ा, हथियार भी मिले

    वारदात से पहले गिरफ्तारी: ग्वालियर में कैंसर हिल्स से भिंड का आरोपी पकड़ा, हथियार भी मिले


    ग्वालियरमध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक संभावित बड़ी वारदात को टाल दिया। कैंसर हिल्स क्षेत्र में संदिग्ध हालात में खड़े एक बदमाश को क्राइम ब्रांच और कंपू थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं।

    पुलिस को देखते ही जंगल की ओर भागा, पीछा कर दबोचा

    डीएसपी क्राइम ब्रांच नागेन्द्र सिंह सिकरवार के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक शातिर बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में कैंसर हिल्स इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सर्चिंग शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक सुनसान रास्ते पर खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही वह जंगल की ओर भागने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

    पिस्टल और कारतूस बरामद, पूछताछ जारी

    तलाशी लेने पर आरोपी के पास से एक देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वह किस मंशा से हथियार लेकर वहां मौजूद था और किस वारदात की योजना बना रहा था।

    भिंड का निगरानीशुदा बदमाश, रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकुश भिंड जिले के लहार क्षेत्र का रहने वाला है और पुलिस का निगरानीशुदा बदमाश बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए ग्वालियर पुलिस ने भिंड पुलिस से उसका आपराधिक रिकॉर्ड मंगाया है।

    अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई

    इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा और कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।

  • मधुमक्खियों का हमला पड़ा भारी: जान बचाने मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, घंटों बाद सुरक्षित उतारा गया

    मधुमक्खियों का हमला पड़ा भारी: जान बचाने मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, घंटों बाद सुरक्षित उतारा गया


    ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक अनोखा लेकिन खतरनाक मामला सामने आया, जहां एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ने के बाद नीचे नहीं उतर सका। घटना पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित सम्राट मैरिज गार्डन के पास की है, जहां करीब 60 मीटर ऊंचे टावर पर युवक फंस गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया।

    मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा

    युवक की पहचान बंटी रावत के रूप में हुई है, जो एक टेलीकॉम कंपनी में टावर मेंटेनेंस का काम करता है। वह नियमित जांच के लिए टावर पर चढ़ा था, लेकिन इसी दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने उसे मुश्किल में डाल दिया।

    मधुमक्खियों के हमले से बढ़ी मुश्किल

    टावर पर काम करते समय अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। खुद को बचाने के प्रयास में वह और ऊपर चढ़ गया, लेकिन बाद में नीचे उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया और वहीं फंस गया। स्थिति को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

    एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने पहले स्थिति का जायजा लिया और फिर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया।

    प्राथमिक उपचार के बाद हालत सामान्य

    नीचे उतारने के बाद युवक को प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस के अनुसार उसकी हालत अब सामान्य है और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है।

  • ग्वालियर में इंस्पेक्टर पर रेप का आरोप: फेसबुक दोस्ती के बाद शादी का झांसा, केस दर्ज

    ग्वालियर में इंस्पेक्टर पर रेप का आरोप: फेसबुक दोस्ती के बाद शादी का झांसा, केस दर्ज


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक पुलिस इंस्पेक्टर पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। झांसी रोड थाना में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा ने फेसबुक के जरिए महिला से दोस्ती कर उसे शादी का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत करने वाली 38 वर्षीय महिला शहर में बुटीक चलाती है और वर्तमान में 9 महीने की गर्भवती बताई जा रही है।

    फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती, खुद को बताया अविवाहित

    पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2024 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान रूपेश शर्मा से हुई। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ीं। इस दौरान आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया और महिला को भरोसे में लिया, जबकि हकीकत में वह पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है।

    शादी का झांसा देकर बनाए संबंध

    महिला का आरोप है कि 2024 में ही आरोपी पहली बार उसके बुटीक पर आया, जहां उसने जबरन संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने शादी का वादा कर मामला शांत कराया। इसके बाद भी वह लगातार शादी का आश्वासन देकर महिला के साथ संबंध बनाता रहा। जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा।

    सच्चाई सामने आई तो दी धमकी

    शक होने पर महिला ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई, जिसमें उसकी शादी और बच्चों की सच्चाई सामने आई। विरोध करने पर इंस्पेक्टर ने उसे धमकाया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद देर रात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया।

    ड्यूटी से गायब आरोपी, विभागीय कार्रवाई की तैयारी

    मामले के सामने आने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा का मोबाइल बंद है और वह बिना सूचना ड्यूटी से भी गायब बताया जा रहा है। अखिलेश रैनवाल (एसपी, पीटीएस तिघरा) ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

    पुलिस जांच जारी, गिरफ्तारी की तैयारी

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए बढ़ते अपराधों और भरोसे के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अप्रैल में बढ़ी गर्मी: ग्वालियर में 36 डिग्री के पार तापमान, आगे और चढ़ेगा पारा

    अप्रैल में बढ़ी गर्मी: ग्वालियर में 36 डिग्री के पार तापमान, आगे और चढ़ेगा पारा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मौसम ने करवट ले ली है। अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश और ओलावृष्टि से मिली राहत अब खत्म हो चुकी है और गर्मी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो करीब आठ दिन बाद 36 डिग्री के पार पहुंचा। वहीं सोमवार को न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    पश्चिमी हवाओं का असर, तेजी से बढ़ेगा तापमान

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले दिनों सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन अब इसका असर खत्म हो गया है। वर्तमान में पश्चिमी हवाएं सक्रिय हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है।

    अगले 24 घंटे में 2-3 डिग्री तक उछाल

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय गर्म हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि रात का तापमान भी धीरे-धीरे 20 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का अहसास होने लगेगा।

    अप्रैल में ग्वालियर का गर्मी ट्रेंड सबसे अलग

    ग्वालियर में अप्रैल महीने की गर्मी का ट्रेंड अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा तीव्र रहता है। पिछले 10 वर्षों में यहां तापमान कई बार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐतिहासिक रूप से 28 अप्रैल 1958 को यहां 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। हालांकि इस महीने में कभी-कभी बारिश भी होती है, जिससे अस्थायी राहत मिलती है।

    गर्मी से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

    बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की जरूरत बताई गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

  • ग्वालियर हादसा: घर में आग से ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बाइक-स्कूटी जलीं; बोरिंग पंप से बुझाई गई आग

    ग्वालियर हादसा: घर में आग से ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बाइक-स्कूटी जलीं; बोरिंग पंप से बुझाई गई आग


    ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के मुरार इलाके में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक मकान में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना मुरार उपनगर में संकल्प हॉस्पिटल के पास प्रेमशंकर नारायण के बाड़े की है, जहां रात करीब 2:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के मकानों तक लपटें पहुंच गईं और लोग दहशत में घर छोड़कर बाहर निकल आए।

    एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू, रहवासियों ने खुद संभाली स्थिति

    मकान मालिक बल्ली कांदिल के अनुसार, घर के सामने निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पीछे परिवार रह रहा था। देर रात पड़ोसियों ने आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड के समय पर न पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला। बोरिंग पंप चालू कर पाइप से पानी डाला गया और आसपास के घरों से भी पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की गई। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

    ट्रैक्टर-स्कॉर्पियो समेत कई वाहन जलकर खाक

    इस भीषण आग में एक ट्रैक्टर, एक स्कॉर्पियो कार, तीन बाइक और एक स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग से लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आसपास के घरों की दीवारें भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं।

    दमकल पर लापरवाही के आरोप

    मकान मालिक ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था।

    स्पार्किंग से लगी आग की आशंका

    घटना स्थल पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में वाहनों में स्पार्किंग या पेट्रोल-डीजल के कारण आग लगने की आशंका जताई गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

    सिथौली फैक्ट्री में भी लगी आग, समय रहते पाया काबू

    इसी बीच सिथौली औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में भी रविवार रात कोयले के ढेर में आग लग गई। हालांकि कर्मचारियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए 10-15 मिनट में आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बाद में दमकल टीम ने पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया।

  • पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक पुलिस प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े टीआई पर विधवा महिला के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार 38 वर्षीय विधवा महिला, जो बुटीक संचालन का कार्य करती है, की पहचान लगभग दो वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी से हुई थी। बातचीत की शुरुआत सामान्य परिचय के रूप में हुई थी, लेकिन धीरे धीरे आरोपी ने खुद को अविवाहित और कुंवारा बताकर महिला का विश्वास जीत लिया। इसी विश्वास का लाभ उठाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है।

    पीड़िता का कहना है कि जब बाद में उसे यह जानकारी मिली कि आरोपी पहले से शादीशुदा है, तो उसके साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इस सच्चाई के सामने आने के बाद महिला ने साहस दिखाते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित टीआई के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकर पुरम इलाके की बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है और लोग पुलिस विभाग से निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपी अधिकारी की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

  • MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व

    MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही मप्र कॉलोनी एक्ट 2026 लागू करने जा रही है, जिसका मकसद शहरों के बढ़ते दबाव को कम करते हुए गांवों में भी व्यवस्थित कॉलोनियों का विकास करना है। इस प्रस्तावित कानून के तहत अब शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों में भी कॉलोनी बनाने के लिए सख्त नियम लागू होंगे। सरकार का दावा है कि इससे अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।

    अवैध कॉलोनी पर कड़ा प्रहार, अफसर भी नहीं बचेंगे

    नए कानून में अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने पर 7 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी और उन्हें 3 महीने तक की सजा हो सकती है। यह प्रावधान प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

    गरीबों के लिए 15% मकान आरक्षित, सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे घर

    इस एक्ट का सबसे अहम प्रावधान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए है। हर कॉलोनी में 15% क्षेत्र इन वर्गों के लिए आरक्षित रहेगा। इन मकानों या प्लॉट्स को कलेक्टर द्वारा तय बाजार मूल्य के 90% से अधिक कीमत पर नहीं बेचा जा सकेगा। साथ ही, खरीदार 15 साल तक इन संपत्तियों को बेच या ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।

    कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन और अनुमति अनिवार्य

    अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना रजिस्ट्रेशन कॉलोनी विकसित नहीं कर सकेगी। कॉलोनाइजर को जिला या राज्य स्तर पर पंजीयन कराना होगा, जिसकी वैधता 5 साल होगी। इसके अलावा कॉलोनी डेवलप करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आवेदन के 60 दिन के भीतर फैसला नहीं होने पर 15 दिन बाद अनुमति स्वतः मान्य मानी जाएगी।

    बुनियादी सुविधाएं देना होगी अनिवार्य

    नई कॉलोनियों में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क और खेल मैदान जैसी सुविधाएं देना अनिवार्य होगा। साथ ही पाथ-वे (पैदल मार्ग) बनाना भी जरूरी होगा। कॉलोनाइजर को इन सुविधाओं की गारंटी के लिए बैंक गारंटी या संपत्ति गिरवी रखनी होगी, ताकि अधूरे प्रोजेक्ट्स पर रोक लग सके।

    पुरानी अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत

    सरकार 2021 से पहले बनी करीब 7 हजार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी में है। इन कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है। इसके लिए निवासियों से विकास शुल्क भी लिया जा सकता है, हालांकि गरीब वर्ग को इसमें छूट दी जाएगी।

    क्यों जरूरी था नया कानून?

    शहरों में जहां कॉलोनी डेवलपमेंट के लिए सख्त नियम लागू हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में सिर्फ जमीन के बंटवारे के आधार पर कॉलोनियां बस रही थीं। इससे अव्यवस्थित विकास, संकरी सड़कें और सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं। नए कानून से इस असंतुलन को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

    मेट्रोपॉलिटन रीजन को मिलेगा बढ़ावा

    सरकार ने मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत भोपाल और इंदौर सहित 5 बड़े शहरों में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। इससे शहरी विस्तार को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।