Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग

    शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग


    मध्‍यप्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बदरवास थाना क्षेत्र के चितारा गांव में तेज हवाओं और बारिश के चलते चार मकानों की टीन शेड उड़ गईं। घटना के समय घरों में मौजूद लोगों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकलना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

    ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते कई मकानों की टीन शेड हवा में उड़ गईं। चितारा गांव निवासी भरत जाटव के घर में उस समय उनका दिव्यांग भाई छोटू जाटव, पत्नी मायावती, मां श्रीयाबाई और चार बच्चे मौजूद थे। अचानक छत की टीन शेड उड़ने लगी तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग घबराकर घर से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान पर शरण ली।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में कई मकानों को नुकसान पहुंच गया। भरत जाटव के अलावा विजय जाटव, लखन जाटव और इमरत जाटव के मकानों की टीन शेड भी तेज आंधी में उड़ गईं। बारिश के कारण घरों में रखा घरेलू सामान, कपड़े और अनाज भी भीगकर खराब हो गया।

    इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल मकानों तक ही सीमित नहीं रहा। विजय जाटव की मोटरसाइकिल पर टीन शेड का हिस्सा गिर गया, जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक हुए इस नुकसान ने प्रभावित परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि कई लोगों के लिए यह मकान और उसमें रखा सामान ही उनकी जीवनभर की पूंजी है।

    गांव के लोगों ने बताया कि आंधी और बारिश का असर इतना ज्यादा था कि कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल देखा गया। हालांकि मौसम सामान्य होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों की टीन शेड उड़ गई हैं, उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है ताकि वे अपने घरों की मरम्मत कर सकें और सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें।

  • भस्म आरती में दिव्य स्वरूप में सजे बाबा महाकाल: रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और आभूषणों से हुआ अलौकिक श्रृंगार

    भस्म आरती में दिव्य स्वरूप में सजे बाबा महाकाल: रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और आभूषणों से हुआ अलौकिक श्रृंगार


    मध्यप्रदेश । धर्मनगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान भक्तों को बाबा महाकाल के दिव्य और मनमोहक स्वरूप के दर्शन हुए। प्रातःकालीन बेला में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के बीच भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रों और घंटियों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

    मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले सभा मंडप में विराजमान वीरभद्र भगवान के समक्ष स्वस्ति वाचन किया गया और भगवान महाकाल से पूजा-अर्चना की आज्ञा ली गई। इसके पश्चात चांदी के पट खोले गए और गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। पुजारियों ने भगवान महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारकर विधिवत जलाभिषेक किया।

    इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद तथा विभिन्न फलों के रस से निर्मित पंचामृत द्वारा भगवान का अभिषेक किया गया। वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न इस पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भाग लिया।

    भस्म आरती के दौरान नंदी हॉल में नंदी महाराज का भी स्नान, ध्यान और विशेष पूजन किया गया। वहीं भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और आकर्षक आभूषणों से किया गया। भगवान को भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट और पवित्र भस्म अर्पित कर उनका दिव्य स्वरूप सजाया गया।

    भस्म अर्पण के पश्चात बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पों की विशेष मालाएं धारण कराई गईं। इस अलौकिक श्रृंगार ने भगवान महाकाल के स्वरूप को और अधिक दिव्यता प्रदान की। पूजन के समापन पर फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।

    भस्म आरती में देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। परंपरा के अनुसार महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। यह भस्म आरती महाकाल मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण और अद्वितीय धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है।

    धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इसी कारण प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और बाबा महाकाल की कृपा प्राप्त करते हैं।

  • साइबर ठगी के पैसों से खरीदा सोना, उज्जैन में पकड़ा गया गिरोह: MBA पास युवकों का नेटवर्क बेनकाब, BJP नेता का बेटा निकला मास्टरमाइंड

    साइबर ठगी के पैसों से खरीदा सोना, उज्जैन में पकड़ा गया गिरोह: MBA पास युवकों का नेटवर्क बेनकाब, BJP नेता का बेटा निकला मास्टरमाइंड


    मध्यप्रदेश । साइबर अपराधियों द्वारा ठगी के पैसों को वैध बनाने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों का एक चौंकाने वाला मामला उज्जैन में सामने आया है। उज्जैन पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी से हासिल रकम को सोने में निवेश कर उसे नकदी में बदलने की साजिश रच रहा था। मामले में नर्मदापुरम के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी एक स्थानीय भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है।

    पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिमेष वर्मा, कशिश बढ़ानी और राहुल गुप्ता आपस में मित्र हैं और तीनों उच्च शिक्षित हैं। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर उज्जैन के विभिन्न ज्वेलरी शोरूम से करीब 4.65 लाख रुपए का सोना खरीदा। इन खरीदारी का भुगतान साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर किया गया था।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब फ्रीगंज स्थित एक ज्वेलर्स के बैंक खाते को संदिग्ध ट्रांजेक्शन के चलते होल्ड कर दिया गया। शोरूम संचालक ने इसकी सूचना माधवनगर थाने में दी। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में खरीदारी करने आए युवक के मोबाइल पर आए एक कॉल का नंबर स्क्रीन पर दिखाई दे गया। यही नंबर जांच का सबसे अहम सुराग साबित हुआ।

    माधवनगर थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से महाकाल क्षेत्र के एक होटल में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनिमेष वर्मा कुछ महीने पहले क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से टेलीग्राम पर सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में आया था। ठगों ने उसे मोटे कमीशन और त्वरित मुनाफे का लालच दिया था।

    आरोपियों ने पिछले दस दिनों में उज्जैन के कई ज्वेलरी शोरूम से सोना खरीदा। दुकानदारों के क्यूआर कोड दिल्ली में बैठे साइबर ठगों को भेजे जाते थे। इसके बाद राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के शिकार लोगों के बैंक खातों से सीधे भुगतान किया जाता था। सोना खरीदने के बाद उसे बेचकर रकम को नकदी में बदलने की योजना थी।

    उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के पीड़ितों के खातों से लाखों रुपए के भुगतान की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का हिस्सा है, जो ठगी के पैसों को पेट्रोल पंपों और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश कर वैध बनाने का प्रयास करता है।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 21 जून तक रिमांड पर लिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए एक विशेष टीम दिल्ली भेजी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर अपराध के इस संगठित नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

  • ढाबा संचालक को उम्रकैद: महिला से दुष्कर्म और जातिसूचक प्रताड़ना के मामले में उज्जैन कोर्ट का बड़ा फैसला

    ढाबा संचालक को उम्रकैद: महिला से दुष्कर्म और जातिसूचक प्रताड़ना के मामले में उज्जैन कोर्ट का बड़ा फैसला


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले में वर्ष 2024 में सामने आए दुष्कर्म और अत्याचार के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। महिला के साथ दुष्कर्म करने और जातिसूचक अपमान करने के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को अदालत ने कठोर दंड देते हुए समाज में ऐसे अपराधों के प्रति सख्त संदेश दिया है।

    मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया के अनुसार यह घटना 15 सितंबर 2024 की है। पीड़िता अपने एक परिचित युवक के साथ मोटरसाइकिल से महिदपुर क्षेत्र स्थित घड़ी वाले बाबा के दर्शन करने गई थी। दर्शन के बाद दोनों रात करीब 10 बजे माकड़ौन थाना क्षेत्र में स्थित एक ढाबे पर भोजन करने पहुंचे। यह ढाबा आरोपी लाखन सिंह गुर्जर द्वारा संचालित किया जाता था।

    अभियोजन के अनुसार भोजन करने के बाद जब दोनों ने बिल का भुगतान करना चाहा तो आरोपी ने पैसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने दोनों पर रात में वहीं रुकने का दबाव बनाया। जब पीड़िता और उसके साथी ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए दोनों को अपमानित भी किया।

    मामले में यह भी सामने आया कि आरोपी ने हथियार दिखाकर पीड़िता के साथी को वहां से भगा दिया। इसके बाद उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया और घटना की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    पुलिस ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य पेश किए, जिन्हें न्यायालय ने स्वीकार करते हुए आरोपी को दोषी माना।

    मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी लाखन सिंह गुर्जर (37), निवासी ग्राम झिरनिया, थाना माकड़ौन, जिला उज्जैन को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(वी) के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई तथा 6 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।

    इस फैसले को महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यायालय के निर्णय ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और जातिगत अत्याचार जैसे गंभीर मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।

  • महाकाल की शरण में पहुंचे युजवेंद्र चहल, भस्म आरती में हुए शामिल; बोले- यह अनुभव शब्दों से परे

    महाकाल की शरण में पहुंचे युजवेंद्र चहल, भस्म आरती में हुए शामिल; बोले- यह अनुभव शब्दों से परे


    मध्यप्रदेश । भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल शुक्रवार सुबह धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। चहल ने तड़के आयोजित होने वाली भस्म आरती में भाग लिया और करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में रहकर पूजा-अर्चना की। उनके मंदिर पहुंचने की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं और क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह देखने को मिला।

    जानकारी के अनुसार, युजवेंद्र चहल सुबह करीब 3 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की अलौकिक भस्म आरती का दर्शन किया। आरती के दौरान चहल पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। महाकाल मंदिर की आध्यात्मिक और दिव्य वातावरण ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।

    भस्म आरती में शामिल होने के बाद चहल ने नंदी महाराज का पूजन और अभिषेक किया। परंपरा के अनुसार उन्होंने नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित किया गया। मंदिर के पुजारियों के माध्यम से उन्होंने विशेष पूजा कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    दर्शन और पूजन के उपरांत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से युजवेंद्र चहल का सम्मान किया गया। मंदिर प्रशासन ने उन्हें बाबा महाकाल का प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

    महाकाल के दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में युजवेंद्र चहल ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि उन्हें जो आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ है, उसे शब्दों में व्यक्त करना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उन्हें अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। चहल ने यह भी कहा कि जब भी उन्हें बाबा महाकाल का बुलावा मिलेगा, वे दोबारा उज्जैन आकर दर्शन अवश्य करेंगे।

    गौरतलब है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। क्रिकेट, फिल्म और राजनीति जगत की कई नामचीन हस्तियां भी समय-समय पर बाबा महाकाल के दरबार में मत्था टेकने आती रही हैं। अब इस कड़ी में भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल का नाम भी जुड़ गया है।

  • महाकाल नगरी में लापरवाही का वीडियो वायरल: ई-रिक्शा की छत पर बैठाकर घुमाया श्रद्धालु, पुलिस ने किया जब्त

    महाकाल नगरी में लापरवाही का वीडियो वायरल: ई-रिक्शा की छत पर बैठाकर घुमाया श्रद्धालु, पुलिस ने किया जब्त


    मध्यप्रदेश । उज्जैन में महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। इसी बीच एक ई-रिक्शा चालक की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने न केवल यातायात नियमों की अनदेखी की बल्कि एक यात्री की जान भी जोखिम में डाल दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और संबंधित चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

    वायरल वीडियो में ई-रिक्शा क्रमांक 4778 दिखाई दे रहा है, जिसमें निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। इतना ही नहीं, एक यात्री वाहन की छत पर बैठकर सफर करता नजर आया। सड़क पर चल रहे अन्य लोगों ने इस खतरनाक दृश्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

    वीडियो सामने आने के बाद उज्जैन यातायात पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में वीडियो सही पाए जाने पर ई-रिक्शा को जब्त कर लिया गया और चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।

    यातायात डीएसपी दिलीप परिहार ने बताया कि चालक द्वारा वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना और यात्री को छत पर बैठाकर परिवहन करना गंभीर नियम उल्लंघन है। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए वाहन का चालान तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे मामलों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें। कुछ समय बचाने या अधिक कमाई के लालच में नियमों की अनदेखी करना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ओवरलोड वाहनों में सफर न करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही दिखाई देने पर तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

    सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

    मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

    उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

    दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

    इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

    उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

  • सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज उज्जैन में: स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस योजना की करेंगे समीक्षा

    सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज उज्जैन में: स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस योजना की करेंगे समीक्षा


    मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

    उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

    दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

    इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

    उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

  • गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं

    गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। भांजे के घर आयोजित गोद भराई समारोह में शामिल होने जा रहे दो सगे भाइयों की ट्रैक्टर की टक्कर से मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक चला रहा पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और जिस घर में उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम का माहौल छा गया।

    जानकारी के अनुसार मरंडवा गांव निवासी 80 वर्षीय पीरूलाल मोथलिया और उनके छोटे भाई 75 वर्षीय भागीरथ मोथलिया अपने पोते अभिषेक के साथ बाइक से उज्जैन जा रहे थे। अभिषेक बाइक चला रहा था। तीनों नागझिरी क्षेत्र में रहने वाले अपने भांजे के यहां आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। परिवार में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

    बताया जा रहा है कि गांव से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग पर पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

    अस्पताल ले जाते समय पीरूलाल मोथलिया ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल भागीरथ मोथलिया को उज्जैन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर शाम उनकी भी मौत हो गई। हादसे में घायल अभिषेक का इलाज जारी है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    परिजनों ने बताया कि पीरूलाल मोथलिया खेती-किसानी का कार्य करते थे, जबकि भागीरथ मोथलिया मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। परिवार सामाजिक और शासकीय क्षेत्र में भी सक्रिय रहा है। परिवार का एक सदस्य वर्तमान में उज्जैन में पटवारी के पद पर कार्यरत है।

    हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। शुक्रवार सुबह दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। अंतिम संस्कार के लिए दोनों शवों को उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    पुलिस ने मामले में दुर्घटना का प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। एक परिवार जो खुशियों के समारोह में शामिल होने निकला था, वह कुछ ही पलों में अपनों को खोने के गहरे दुख में डूब गया।

  • रविवार को कुछ देर के लिए गायब हो जाएगी परछाई: 21 जून को दिखेगा ‘जीरो शैडो डे’, साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा

    रविवार को कुछ देर के लिए गायब हो जाएगी परछाई: 21 जून को दिखेगा ‘जीरो शैडो डे’, साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा


    मध्यप्रदेश । आसमान और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 21 जून का दिन बेहद खास रहने वाला है। इस दिन उज्जैन सहित कर्क रेखा के आसपास स्थित क्षेत्रों में एक अनोखी खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जिसे ‘शून्य छाया दिवस’ यानी ‘जीरो शैडो डे’ कहा जाता है। इस दौरान कुछ क्षणों के लिए लोगों और वस्तुओं की परछाई लगभग गायब हो जाएगी। यह नजारा हर दिन देखने को नहीं मिलता, बल्कि पृथ्वी और सूर्य की विशेष स्थिति के कारण साल में चुनिंदा अवसरों पर ही दिखाई देता है।

    उज्जैन की जीवाजी वेधशाला के अनुसार यह दुर्लभ घटना 21 जून को दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर दिखाई देगी। इस समय सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी अधिकतम उत्तरी स्थिति के करीब होगा और उसकी किरणें लगभग सीधी धरती पर पड़ेंगी। परिणामस्वरूप खड़ी वस्तुओं की छाया बेहद छोटी होकर लगभग शून्य हो जाएगी। वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से इस खगोलीय घटना का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कराया जाएगा।

    21 जून को केवल जीरो शैडो डे ही नहीं, बल्कि वर्ष का सबसे बड़ा दिन भी माना जाता है। इस दिन सूर्य की स्थिति ऐसी होती है कि उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की अवधि सबसे अधिक और रात सबसे छोटी होती है। उज्जैन में सूर्योदय सुबह 5:42 बजे और सूर्यास्त शाम 7:16 बजे होगा। यानी दिन की कुल अवधि 13 घंटे 34 मिनट रहेगी, जबकि रात केवल 10 घंटे 26 मिनट की होगी।

    खगोलविदों के अनुसार पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है और सूर्य की परिक्रमा करती है। इसी कारण वर्षभर सूर्य की स्थिति बदलती हुई दिखाई देती है। 21 जून को सूर्य कर्क रेखा के सबसे निकट पहुंच जाता है। चूंकि उज्जैन कर्क रेखा के करीब स्थित है, इसलिए यहां सूर्य की किरणें लगभग लंबवत पड़ती हैं। यही वजह है कि दोपहर के समय परछाई सिकुड़कर लगभग समाप्त हो जाती है।

    इस खगोलीय घटना का वैज्ञानिक महत्व भी काफी बड़ा है। जीरो शैडो डे पृथ्वी की गति, उसकी धुरी के झुकाव और सूर्य की स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। स्कूलों, कॉलेजों और विज्ञान प्रेमियों के लिए यह दिन एक प्राकृतिक प्रयोगशाला की तरह होता है, जहां खगोलीय सिद्धांतों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा जा सकता है।

    वैज्ञानिकों के अनुसार 21 जून के बाद सूर्य की आभासी गति दक्षिण दिशा की ओर दिखाई देने लगेगी, जिसे दक्षिणायन कहा जाता है। इसके साथ ही उत्तरी गोलार्द्ध में दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें लंबी होने लगेंगी। आगामी 23 सितंबर को शरद विषुव के अवसर पर दिन और रात लगभग बराबर हो जाएंगे।

    इस तरह 21 जून केवल कैलेंडर का एक दिन नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांड के अद्भुत संतुलन को करीब से देखने और समझने का दुर्लभ अवसर भी है।