Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन में बदमाशों का तांडव: 12 से ज्यादा आरोपियों ने हिस्ट्रीशीटर का मकान जलाया, भागते वक्त दो झुलसे

    उज्जैन में बदमाशों का तांडव: 12 से ज्यादा आरोपियों ने हिस्ट्रीशीटर का मकान जलाया, भागते वक्त दो झुलसे


    नई दिल्ली।मध्य प्रदेश के उज्जैन में गैंगवार ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां बदमाशों ने एक हिस्ट्रीशीटर के मकान को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। घटना ढांचा भवन क्षेत्र में 11 अप्रैल की रात हुई, जिसका सीसीटीवी वीडियो अब सामने आया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि 12 से ज्यादा बदमाश हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

    पेट्रोल डालते ही भड़की आग, कुछ ही सेकंड में जल उठा मकान

    सीसीटीवी में दिख रहा है कि बदमाश पहले मकान के सामने जमा होते हैं। कुछ आरोपी चाकू और अन्य हथियार लिए हुए हैं, जबकि उनके साथी दोपहिया वाहनों पर थोड़ी दूरी पर खड़े नजर आते हैं। इसी दौरान एक बदमाश बोतल में भरा पेट्रोल मकान पर डालता है और दूसरा उसमें आग लगा देता है। देखते ही देखते आग भड़क उठती है और पूरा मकान चपेट में आ जाता है।

    पुरानी रंजिश बनी वजह, दो बदमाश खुद भी झुलसे

    सूत्रों के अनुसार, यह हमला पुरानी गैंग रंजिश का नतीजा है। बताया जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर रौनक गुर्जर और यशवेंद्र उर्फ छम्बू बुंदेला गैंग के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी के चलते विरोधी गैंग के करीब 12 बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। आगजनी के दौरान सड़क पर फैले पेट्रोल की वजह से दो आरोपी खुद भी आग की चपेट में आ गए और झुलसते हुए भागते नजर आए।

    फायरिंग की भी आशंका, बाल-बाल बची 14 वर्षीय बच्ची

    घटना के दौरान फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इसी बीच एक 14 वर्षीय बच्ची अपनी मां के साथ वहां से गुजर रही थी, जो बाल-बाल बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    पुलिस जांच में जुटी, CCTV से होगी पहचान

    मामले की जांच कर रहे विवेक कनोडिया (टीआई, चिमनगंज मंडी थाना) ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पता लगाया जा सके।

  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महिला सशक्तिकरण और योजनाओं पर करेंगे संबोधन…

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महिला सशक्तिकरण और योजनाओं पर करेंगे संबोधन…


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 15 अप्रैल को नारी शक्ति वंदन अभियान के अंतर्गत एक भव्य और वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन शहर के प्रतिष्ठित रवींद्र भवन में संपन्न होगा, जहां राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहकर संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी और उनके समग्र विकास की दिशा में सरकार की योजनाओं और प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाना है।

    यह कार्यक्रम नारी शक्ति वंदन पखवाड़े का हिस्सा है, जो 25 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में विभिन्न गतिविधियों के साथ मनाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से महिलाओं के उत्थान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान को केंद्र में रखते हुए कई स्तरों पर जागरूकता और लाभकारी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। राजधानी में होने वाला यह मुख्य कार्यक्रम इस पूरे अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नारी सशक्तिकरण पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। सरकार का मानना है कि बेटियों और बहनों का विकास ही समाज और प्रदेश के समग्र विकास की आधारशिला है। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि राज्य सरकार महिलाओं के हित में किस प्रकार निरंतर कार्य कर रही है।

    राज्य सरकार द्वारा लाडली बहना योजना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश की बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। अब तक इस योजना के माध्यम से करोड़ों की राशि सीधे महिलाओं के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

    नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के दौरान राज्यभर में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना ही नहीं बल्कि उन्हें समाज के हर क्षेत्र में समान भागीदारी के लिए प्रेरित करना भी है। इसी क्रम में लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की दिशा में भी चर्चा और पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और निरंतर ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। इस आयोजन को प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की गंभीरता और संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है।

  • प्रशासन और रेलवे की त्वरित कार्रवाई से वैगन आइसोलेट कर टला बड़ा हादसा…


    खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा रेलवे क्षेत्र में सोमवार को उस समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई जब पनवेल से जबलपुर की ओर जा रही 32 वैगनों वाली एक गुड्स ट्रेन के एलपीजी से भरे एक वैगन में अचानक गैस रिसाव की आशंका सामने आई। इस घटना के बाद रेलवे परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया तथा सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल आपातकालीन कदम उठाए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे रूट पर रेल संचालन को नियंत्रित कर दिया गया और सभी संबंधित विभाग सक्रिय हो गए।

    जैसे ही ट्रेन खंडवा जंक्शन के समीप पहुंची, रेल कर्मचारियों ने एक वैगन से गैस रिसाव के संकेत महसूस किए। इसके बाद बिना देरी किए ट्रेन को आउटर पर रोक दिया गया और प्रभावित वैगन को तुरंत अलग कर आइसोलेट किया गया। मौके पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल पहुंचा और स्थिति का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही नियंत्रण व्यवस्था संभाली और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे क्षेत्र को सतर्क कर दिया गया।

    लीकेज की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञ टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और रिसाव रोकने के लिए गीली बोरियों और बालू रेत का उपयोग किया गया। इस दौरान लगातार निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि गैस का फैलाव न्यूनतम रहे और किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो। लगभग तीन घंटे तक चले इस रेस्क्यू और नियंत्रण अभियान में रेलवे और प्रशासनिक टीम पूरी तरह सक्रिय रही।

    इस घटना के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ और कई ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोकी या नियंत्रित की गई। कुल मिलाकर लगभग छह ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ, जिससे मार्ग पर अस्थायी अवरोध की स्थिति बनी रही। हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद अन्य वैगनों को सुरक्षित रूप से आगे के गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है जो वैगन में आई खराबी और रिसाव के कारणों की विस्तृत जांच करेगी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह तकनीकी खामी से जुड़ा मामला हो सकता है, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

    समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पूरे मामले में रेलवे और प्रशासन की सतर्कता से स्थिति को नियंत्रण में लाने में सफलता मिली और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल की गई।

  • सतना के 17 मेधावी छात्र करेंगे इसरो और श्रीहरिकोटा का दौरा, विज्ञान मंथन यात्रा के लिए व्यंकट-वन स्कूल से चयन

    सतना के 17 मेधावी छात्र करेंगे इसरो और श्रीहरिकोटा का दौरा, विज्ञान मंथन यात्रा के लिए व्यंकट-वन स्कूल से चयन

    भोपाल। मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MP CST) की ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ के तहत सतना स्थित शासकीय एक्सीलेंस स्कूल व्यंकट-वन के 17 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थी 20 से 27 अप्रैल तक देश की प्रमुख अंतरिक्ष संस्थान इसरो के बेंगलुरु (कर्नाटक) स्थित मुख्यालय और आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) का शैक्षणिक भ्रमण करेंगे।

    शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य और मार्गदर्शन
    इस दल का नेतृत्व रसायन विज्ञान के शिक्षक डॉ. रामानुज पाठक और भौतिक विज्ञान की शिक्षिका नविता जायसवाल करेंगे। उनके मार्गदर्शन में छात्र वैज्ञानिक प्रयोग, अवलोकन और विश्लेषण की प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे।

    95 प्रतिशत से अधिक अंक वालों का चयन
    एमपी सीएसटी की इस विज्ञान मंथन यात्रा में एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई के विज्ञान संकाय के 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं का चयन किया जाता है। इसके लिए पात्रता के रूप में पिछली कक्षा में 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अनिवार्य हैं। चयनित छात्रों को आगे एक परीक्षा भी देनी होती है। इस परीक्षा में सफल प्रतिभागियों को पांच वर्षों तक प्रतिमाह 1200 से 1500 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

    व्यंकट-वन स्कूल से चयनित छात्र
    व्यंकट-वन एक्सीलेंस स्कूल से चयनित विद्यार्थियों में शामिल हैं—
    12वीं कक्षा: तोषी गौतम, पल्लवी राठौड़, ऋषिका त्रिपाठी, रुद्राक्ष त्रिपाठी
    11वीं कक्षा: आदित्य पांडेय, अखंड प्रताप यादव, कंचन चौधरी, रितिक तिवारी, नेहा पटेल
    10वीं कक्षा: कृष्णा गुप्ता, मोहिना गुप्ता, प्राची कुशवाहा, राधे गुप्ता, अंशराज सिंह तोमर

    प्राचार्य ने बताया उद्देश्य
    स्कूल के प्राचार्य केएस बघेल ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह योजना छात्रों में वैज्ञानिक प्रतिभा की पहचान करने, उनकी समझ को मजबूत करने और उन्हें वैज्ञानिक विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के लिए शुरू की गई है। यह योजना 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।

  • इंदौर जिला कोर्ट का कड़ा रुख: दूसरी शादी छुपाने वाले पति को झटका, तलाक केस खारिज, FIR होगी दर्ज

    इंदौर जिला कोर्ट का कड़ा रुख: दूसरी शादी छुपाने वाले पति को झटका, तलाक केस खारिज, FIR होगी दर्ज


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में एक अहम मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए बिना तलाक दूसरी शादी करने वाले पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इंदौर जिला कोर्ट ने पति द्वारा दायर तलाक याचिका को खारिज कर दिया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 494 के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह मामला प्रेम विवाह, धोखाधड़ी और द्विविवाह (बिगैमी) से जुड़ा हुआ है, जिसने कानूनी और सामाजिक स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है।

    पहले प्रेम विवाह, फिर अलगाव और दूसरी शादी

    जानकारी के अनुसार, नंदानगर निवासी नितिन ने वर्ष 2016 में रीना से प्रेम विवाह किया था। शुरुआती वर्षों में दंपती का जीवन सामान्य रहा, लेकिन संतान न होने के कारण रिश्तों में दूरी आने लगी। वर्ष 2018 के बाद दोनों अलग रहने लगे। इसी बीच, वर्ष 2021 में नितिन ने पारिवारिक सहमति से सोनम नामक महिला से दूसरी शादी कर ली, जबकि पहली पत्नी से उसका कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ था।

    पहली पत्नी ने जताई आपत्ति, कोर्ट पहुंचा मामला

    जब पहली पत्नी रीना को दूसरी शादी की जानकारी मिली तो उसने इसका विरोध किया। इसी दौरान नितिन ने तलाक के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। नोटिस मिलने पर रीना ने अपने वकील पवन राय के माध्यम से जवाब प्रस्तुत किया और कोर्ट को बताया कि बिना तलाक दिए ही नितिन ने दूसरी शादी कर ली है। साथ ही यह भी सामने आया कि दूसरी पत्नी से उसका एक बच्चा भी है, जबकि नितिन ने शुरुआत में दूसरी शादी से इनकार किया।

    फोटो और दस्तावेज बने अहम सबूत

    रीना की ओर से कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश किए गए, जिनमें नितिन और सोनम की शादी के फोटो, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और अस्पताल व नगर निगम से जुड़े दस्तावेज शामिल थे। इन सबूतों के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपी ने जानबूझकर पहली शादी के रहते दूसरी शादी की और पत्नी के साथ धोखाधड़ी की।

    कोर्ट का फैसला: तलाक याचिका खारिज, FIR के निर्देश

    दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद इंदौर जिला कोर्ट ने रीना के पक्ष में पेश साक्ष्यों को सही माना और नितिन की तलाक याचिका खारिज कर दी। साथ ही कोर्ट ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 494 के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अब यह मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया में विचाराधीन रहेगा।

    क्या कहती है IPC की धारा 494

    भारतीय दंड संहिता की धारा 494 के तहत, यदि कोई व्यक्ति अपने जीवनसाथी के जीवित रहते और पहला विवाह वैध होने के बावजूद दूसरी शादी करता है, तो यह द्विविवाह (बिगैमी) अपराध माना जाता है। इसमें अधिकतम 7 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

  • इंदौर में दोस्ती की आड़ में दरिंदगी: 12 साल की छात्रा से दुष्कर्म, जेवर-नकदी भी ठगे

    इंदौर में दोस्ती की आड़ में दरिंदगी: 12 साल की छात्रा से दुष्कर्म, जेवर-नकदी भी ठगे


    इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ के एक प्रतिष्ठित थाना क्षेत्र में बारह वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दोस्ती के नाम पर विश्वासघात और फिर घिनौनी दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक युवक ने पहले मासूम बच्ची को अपने झांसे में लेकर उससे दोस्ती की और फिर एकांत का फायदा उठाकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। अपराधी की हैवानियत यहीं नहीं थमी बल्कि उसने इस कुकृत्य के बाद बच्ची को डराना और धमकाना शुरू कर दिया ताकि वह किसी को कुछ बता न सके।

    हैवानियत के बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खौफनाक दौर

    दुष्कर्म की इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बच्ची की मासूमियत और डर का फायदा उठाते हुए उसे बदनाम करने की धमकी दी। लोक लाज और समाज के डर से सहमी छात्रा अपराधी के इशारों पर नाचने को मजबूर हो गई। आरोपी ने इसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया और बच्ची पर घर से कीमती जेवर और नकदी लाने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। डरी-सहमी छात्रा ने बदनामी के डर से अपने ही घर की अलमारी में सेंध लगाना शुरू कर दिया और समय-समय पर घर के गहने और मेहनत की कमाई आरोपी के हवाले करती रही। आरोपी का दुस्साहस इतना बढ़ गया था कि वह लगातार और अधिक धन की मांग कर रहा था जिससे बच्ची मानसिक तनाव के गहरे भंवर में फंसती चली गई।

    परिजनों की चौकसी से उजागर हुआ दरिंदगी का राज

    इस पूरी घटना का पर्दाफाश तब हुआ जब घर की महिलाओं ने अलमारी से कीमती जेवर और नकदी को गायब पाया। पहले तो परिजनों को लगा कि घर में कोई बाहरी चोर घुस आया है लेकिन जब घर का सामान बार-बार गायब होने लगा तो उन्हें किसी करीबी पर शक हुआ। इसी दौरान उन्होंने अपनी बारह वर्षीय बेटी के व्यवहार में एक अजीब सा डर और चिड़चिड़ापन महसूस किया। जब माता-पिता ने बच्ची को विश्वास में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। छात्रा ने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची ने बताया कि किस तरह दोस्ती के नाम पर उसे धोखा दिया गया और फिर उसे आर्थिक रूप से लूटने का सिलसिला शुरू हुआ।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई और आरोपी की सरगर्मी से तलाश

    मामले की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल टीम गठित की गई। पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है और उसे इस सदमे से बाहर निकालने के लिए मनोवैज्ञानिकों द्वारा काउंसलिंग भी प्रदान की जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपा हो उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाएगा।

  • शिकायत के बाद सख्त कार्रवाई: जगदीश नगर में 12 अवैध रो हाउस ढहाए, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

    शिकायत के बाद सख्त कार्रवाई: जगदीश नगर में 12 अवैध रो हाउस ढहाए, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाणगंगा क्षेत्र के जगदीश नगर में बन रहे रो-हाउस को जमींदोज कर दिया। शिकायत मिलने के बाद निगम की रिमूवल टीम सोमवार को मौके पर पहुंची और अवैध कॉलोनी में बन रहे 12 रो-हाउस पर पोकलेन मशीन चलाकर उन्हें तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान 3 पोकलेन मशीन और 70 से अधिक निगमकर्मी मौजूद रहे, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

    शिकायत के बाद जांच, फिर चला बुलडोजर

    नगर निगम के रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि कॉलोनी सेल विभाग को सर्वे नंबर 242/1 पर अवैध कॉलोनी काटने और रो-हाउस निर्माण की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि बिना अनुमति के निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बाद भवन अनुज्ञा से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि शुभम साहू नामक व्यक्ति द्वारा यह निर्माण कराया जा रहा था।

    6 तैयार, 6 निर्माणाधीन-सभी पर चला पोकलेन

    अधिकारियों के मुताबिक, यहां कुल 12 रो-हाउस बनाए जा रहे थे, जिनमें से 6 लगभग तैयार हो चुके थे और उनमें पुट्टी तक का काम पूरा हो गया था, जबकि 6 निर्माणाधीन थे। अच्छी बात यह रही कि इन रो-हाउस में कोई रह नहीं रहा था, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध या जनहानि नहीं हुई। ये मकान 5 से 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बनाए जा रहे थे।

    कमिश्नर के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

    हाल ही में नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद से निगम की टीम लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रही है और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह की कॉलोनियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

    अवैध निर्माण पर सख्ती का संदेश

    इस कार्रवाई के जरिए नगर निगम ने साफ संदेश दिया है कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। शहर में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है।

  • छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में आग लगने से 50 लाख से अधिक का हुआ नुकसान, दो लोग झुलसे

    छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में आग लगने से 50 लाख से अधिक का हुआ नुकसान, दो लोग झुलसे

    छिंदवाड़ा। जिले के सोनपुर रोड स्थित एक डिस्पोजल फैक्ट्री में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई और भारी नुकसान हो गया। सुबह 6 बजे के बाद आग पर काबू पा लिया गया, हालांकि फैक्ट्री के अंदर से अभी भी बीच-बीच में धुआं उठ रहा है।

    आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की 5 गाड़ियां लगातार पानी डालती रहीं, जबकि नगर निगम के 4 टैंकर भी मौके पर लगाए गए। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में रखी पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और हालात बेकाबू हो गए।

    आग की चपेट में आए मालिक और परिजन
    यह फैक्ट्री दीपक साहू (30), पिता लालचंद साहू की बताई जा रही है। घटना के समय फैक्ट्री परिसर में बने आवास में उनका परिवार मौजूद था। आग लगने के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति झुलस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में फैक्ट्री संचालक दीपक साहू भी घायल हो गए। बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जबकि मौके पर पहुंचे डॉक्टर मनन गोगिया ने दीपक साहू का प्राथमिक उपचार किया।

    परिवार में मचा कोहराम
    घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। फैक्ट्री को आग में जलता देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। फैक्ट्री परिसर में रखे सिलेंडर और डीजल से भरे जनरेटर को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    28 लाख रुपये की नकदी सुरक्षित बचाई गई
    आग फैलने के दौरान परिवार ने सूझबूझ दिखाते हुए घर में रखे 28 लाख रुपये नकद सुरक्षित बाहर निकाल लिए। हालांकि घरेलू सामान आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया। आग की चिंगारियां पास के खेतों तक भी पहुंचीं, जिससे वहां खड़ी फसल को नुकसान हुआ।

    प्रशासन मौके पर पहुंचा
    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नायब तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे। भाजपा नेता अरविंद राजपूत, डॉक्टर मनन गोगिया और कई समाजसेवियों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

    कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि सुबह तक आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन अंदर ज्वलनशील सामग्री अधिक होने के कारण अभी भी धुआं निकल रहा है। एहतियात के तौर पर मौके पर टीम तैनात की गई है।

  • अमरनाथ यात्रा 2026: इंदौर में मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए ‘अग्निपरीक्षा’, रात 3 बजे से सड़कों पर श्रद्धालु

    अमरनाथ यात्रा 2026: इंदौर में मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए ‘अग्निपरीक्षा’, रात 3 बजे से सड़कों पर श्रद्धालु


    इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर में श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, लेकिन मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने की अव्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। 29 जून से शुरू होने वाली यात्रा के लिए अनिवार्य मेडिकल सर्टिफिकेट लेने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों नहीं, बल्कि पूरी रात इंतजार करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल की खिड़की खुलने से करीब 10 घंटे पहले ही लोग लाइन में लगने को मजबूर हैं, जिससे पूरा सिस्टम चरमराता नजर आ रहा है।

    रात 3 बजे से लाइन, फुटपाथ बना इंतजार का ठिकाना

    शहर के जिला अस्पताल और अन्य निर्धारित केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आए श्रद्धालु रात 11 बजे से ही अस्पताल परिसर में पहुंचकर डेरा डाल रहे हैं। कई लोग खुले आसमान के नीचे फुटपाथ पर ही रात गुजार रहे हैं। सुबह 3 बजे तक अस्पताल के गलियारे खचाखच भर जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। यह स्थिति बताती है कि श्रद्धालुओं की संख्या के मुकाबले व्यवस्थाएं बेहद कम हैं।

    महिलाओं पर ज्यादा असर, लाइन में ही नाश्ता

    इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर महिला श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है। लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने के कारण महिलाएं लाइन में ही नाश्ता करने को मजबूर हैं। थकान और असुविधा के चलते कई बार खिड़की खुलने से पहले ही विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से भी यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है।

    सिर्फ दो डॉक्टर, हजारों की भीड़ धीमी प्रक्रिया से बढ़ी नाराजगी

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद मेडिकल जांच के लिए केवल दो डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसी कारण पूरी प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है और सैकड़ों श्रद्धालु घंटों इंतजार करने के बाद भी सर्टिफिकेट नहीं बनवा पा रहे। मेडिकल सर्टिफिकेट में देरी के कारण यात्रा पंजीयन भी अटक रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    व्यवस्था पर उठे सवाल, सुधार की मांग तेज

    श्रद्धालुओं का कहना है कि एक तरफ सरकार यात्रा को सुगम बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह नाकाफी हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए, अलग-अलग काउंटर बनाए जाएं और महिलाओं व बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।