Category: Madhya Pradesh

  • Khandwa Incident: मालगाड़ी में LPG लीकेज से अफरा-तफरी, रेलवे ट्रैफिक हुआ प्रभावित

    Khandwa Incident: मालगाड़ी में LPG लीकेज से अफरा-तफरी, रेलवे ट्रैफिक हुआ प्रभावित


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खंडवा में रविवार रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन से गैस रिसाव का मामला सामने आया। यह मालगाड़ी महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (बिटौनी) जा रही थी, जिसमें भारत पेट्रोलियम के कुल 32 वैगन जुड़े हुए थे। रात करीब 9:30 बजे खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर खड़ी इस ट्रेन में स्टाफ बदलने के दौरान गैस की तेज बदबू महसूस हुई। जांच में एक वैगन से एलपीजी गैस का रिसाव पाया गया, जिसके बाद रेलवे और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    तत्काल कार्रवाई: लीकेज वैगन को किया आइसोलेट

    मामले की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। ऋषव गुप्ता और मनोज कुमार राय मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। टेक्निकल टीम की मदद से रिसाव वाले वैगन को बाकी 31 वैगनों से अलग कर सुरक्षित दूरी पर आइसोलेट किया गया। प्राथमिक बचाव के तौर पर वैगन को गीली बोरियों और गीली रेत से ढंक दिया गया, ताकि गैस के प्रभाव को कम किया जा सके। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को भी सतर्क किया गया।

    3 घंटे की मशक्कत, 6 ट्रेनें रहीं प्रभावित

    इस पूरे ऑपरेशन में करीब 3 घंटे का समय लगा। रात 12:30 बजे तक स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सका। इस दौरान रेलवे यातायात प्रभावित रहा और राजधानी एक्सप्रेस व मंगला एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनें प्रभावित हुईं। अधिकारियों द्वारा स्थिति सामान्य घोषित करने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू की गई।

    पीथमपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम, बड़ा खतरा टला

    कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से विशेषज्ञ तकनीकी टीम को बुलाया गया है, जो आगे की जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि एक वैगन में भारी मात्रा में गैस भरी होती है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था, जिससे पूरे शहर को खतरा हो सकता था।

    सतर्कता से टला बड़ा हादसा, जांच जारी

    प्रशासन की तत्परता और रेलवे की सूझबूझ से एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि आखिर लीकेज किस वजह से हुआ। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।

  • आंधी-बारिश खत्म, 16 से भीषण गर्मी, लू भी चलेगी:भोपाल, इंदौर-उज्जैन संभाग के शहरों में पारा बढ़ा; रतलाम में 41°C तक पहुंचा तापमान

    आंधी-बारिश खत्म, 16 से भीषण गर्मी, लू भी चलेगी:भोपाल, इंदौर-उज्जैन संभाग के शहरों में पारा बढ़ा; रतलाम में 41°C तक पहुंचा तापमान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और हालात यह हैं कि कई जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। रतलाम में सबसे अधिक 41°C तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, अब प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ेगा और 16 अप्रैल से लू चलने की स्थिति बन जाएगी। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

    कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा

    रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज गर्मी दर्ज की गई। रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4°C, धार, मंडला और नर्मदापुरम में 40.2°C तापमान रहा। इसके अलावा दमोह, रीवा और टीकमगढ़ में 39.5°C, जबकि खरगोन में 39.2°C दर्ज किया गया। भोपाल में 38.6°C, जबलपुर में 38.7°C और ग्वालियर में 36.1°C तापमान रहा।

    15 अप्रैल का सिस्टम कमजोर, लू से नहीं मिलेगी राहत

    मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 अप्रैल को एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन यह काफी कमजोर रहेगा। इसका असर न के बराबर होगा, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बना रहेगा। 16 अप्रैल से धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से ही हर साल तेज गर्मी पड़ती है और इस बार भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

    लोगों ने अपनाए बचाव के उपाय, एडवाइजरी जारी

    गर्मी बढ़ने के साथ ही लोग इससे बचने के उपाय भी अपनाने लगे हैं। कोई चेहरे पर कपड़ा बांधकर बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का जूस, ठंडे पेय और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और दोपहर के समय धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

    अप्रैल की शुरुआत रही बदली, अब दिखेगा असली असर

    इस बार अप्रैल की शुरुआत आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हुई थी। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के कई जिलों में मौसम लगातार बदलता रहा। ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि 45 से अधिक जिलों में कहीं न कहीं पानी गिरा। हालांकि अब मौसम पूरी तरह साफ हो गया है और गर्मी का असली असर दिखाई देने लगा है।

    रिकॉर्ड तोड़ सकती है गर्मी, पुराने आंकड़े दे रहे संकेत

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के अंतिम दिनों में तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। भोपाल में 1996 में 44.4°C, इंदौर में 1958 में 44.6°C और जबलपुर में 1970 में 45.4°C तक तापमान दर्ज किया जा चुका है। ग्वालियर में तो पारा 46°C के पार जा चुका है, जो इसे प्रदेश का सबसे गर्म शहर बनाता है।

  • एमआरपी से महंगी शराब की बिक्री, जबलपुर में देर रात तक जारी अवैध कारोबार

    एमआरपी से महंगी शराब की बिक्री, जबलपुर में देर रात तक जारी अवैध कारोबार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में शराब बिक्री को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शहर के धनवंतरी नगर और गढ़ा क्षेत्र में देर रात तक अवैध रूप से शराब बेचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दुकानें बंद होने के बाद भी बगल में बनी छोटी खिड़की से रात 12 बजे से लेकर 1 बजे तक शराब बेची जा रही है। इस घटनाक्रम ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है और संबंधित विभागों की जानकारी में होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

    एमआरपी से महंगी शराब, ‘ब्लैक’ का खुला खेल

    वायरल वीडियो में सामने आया है कि देर रात शराब खरीदने वालों से एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है। एक वीडियो में धनवंतरी नगर क्षेत्र में एक युवक रात करीब साढ़े 12 बजे बीयर खरीदता दिख रहा है, जहां उसने दो बीयर के पैसे दिए लेकिन उसे केवल एक ही दी गई। पैसे वापस मांगने पर खिड़की बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुकानें बंद होने के बाद शटर के नीचे या साइड में बनी खिड़की से 24 घंटे शराब की सप्लाई की जाती है। रात के समय इस ‘ब्लैक’ कारोबार में दाम और भी बढ़ा दिए जाते हैं, जिससे ठेकेदार मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

    स्थानीय लोगों के आरोप-संरक्षण में चल रहा अवैध धंधा

    रहवासियों का कहना है कि नए शराब ठेकों के टेंडर बढ़ने के बाद ठेकेदार ज्यादा कमाई के लिए नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की कथित मिलीभगत के चलते यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है। धनवंतरी नगर, गढ़ा और आसपास के इलाकों में देर रात शराब बिक्री के कारण विवाद, झगड़े और असामाजिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

    कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता, फिर शुरू हो जाता है खेल

    कुछ मामलों में स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर जरूर पहुंची, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने शटर पर डंडा मारकर औपचारिकता निभाई और वहां से चली गई, जिसके बाद थोड़ी देर में फिर से वही अवैध बिक्री शुरू हो गई। इससे लोगों का भरोसा प्रशासनिक कार्रवाई पर कमजोर होता जा रहा है।

    वायरल वीडियो से बढ़ा दबाव, जांच की उठी मांग

    लगातार सामने आ रहे वीडियो में दुकानों के बाहर देर रात तक भीड़, ऑर्डर लेकर नंबर देना और भुगतान के बाद खिड़की से शराब देना जैसे दृश्य स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि पुलिस और आबकारी विभाग इस मामले में क्या सख्त कदम उठाते हैं या फिर यह ‘खिड़की सिस्टम’ यूं ही चलता रहेगा।

  • जबलपुर में यूथ कांग्रेस का विरोध, राष्ट्रीय अध्यक्ष चिब ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

    जबलपुर में यूथ कांग्रेस का विरोध, राष्ट्रीय अध्यक्ष चिब ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब एकदिवसीय दौरे पर शहर पहुंचे हैं और दोपहर में सिविक सेंटर में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट घेराव के लिए कूच किया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी तय मानी जा रही है, जिससे शहर का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

    ‘ट्रेड डील से किसानों पर पड़ेगा भारी असर’ चिब का आरोप

    सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उदय भानु चिब ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहा है, ऐसे में प्रस्तावित यूएस ट्रेड डील किसानों के लिए घातक साबित होगी। चिब ने आरोप लगाया कि इस समझौते से देश का डेटा अमेरिका के पास चला जाएगा और मजदूर वर्ग की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कहा कि यह डील किसानों को बर्बादी की ओर धकेल देगी और केंद्र सरकार इसे लागू कर देशहित के साथ समझौता कर रही है।

    देशभर में आंदोलन की तैयारी, सरकार को दी चेतावनी

    यूथ कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। भारतीय युवा कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। चिब ने चेतावनी दी कि जब तक केंद्र सरकार इस ट्रेड डील को वापस नहीं लेती, तब तक देशभर में आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन जल्द ही विभिन्न राज्यों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा, जिससे सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।

    महंगाई और विदेश नीति पर भी साधा निशाना

    प्रेस वार्ता के दौरान उदय भानु चिब ने महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि हालात इतने खराब हैं कि लोगों को 3500 रुपए तक में गैस सिलेंडर ब्लैक में खरीदना पड़ रहा है और लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने केंद्र की विदेश नीति को “पूरी तरह फेल” करार देते हुए कहा कि इससे देश में संकट जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है और आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

    चुनाव को लेकर बड़ा दावा, बीजेपी पर साधा निशाना

    आगामी चुनावों को लेकर भी उदय भानु चिब ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 4 मई को आने वाले नतीजों में भारतीय जनता पार्टी किसी भी राज्य में सरकार नहीं बना पाएगी। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है।

  • शिवपुरी के नरवर किले में खजाने की खोज का खेल, पुलिस को मिले औजार और कंबल

    शिवपुरी के नरवर किले में खजाने की खोज का खेल, पुलिस को मिले औजार और कंबल


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला के ऐतिहासिक नरवर किला में एक बार फिर दफीनाखोरों की सक्रियता ने प्रशासन को चौंका दिया है। किले में स्थित मां पसर देवी मंदिर के पीछे खजाने की तलाश में करीब 20 फीट गहरी सुरंग खोदे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खास बात यह है कि सुरंग को बड़ी चालाकी से झाड़ियों से ढककर छिपाने की कोशिश की गई थी, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। सूचना मिलते ही नरवर पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां से खुदाई में इस्तेमाल किए गए औजार, एरोसोल स्प्रे कैन और कंबल बरामद हुए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि दफीनाखोर कई दिनों से सुनियोजित तरीके से इस काम को अंजाम दे रहे थे।

    आस्था और अफवाहों के बीच पनपी खजाने की लालसा

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, मां पसर देवी मंदिर की एक विशेष मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में विराजमान है और उसके नीचे प्राचीन खजाना छिपा हुआ है। इसी आस्था और अफवाह ने दफीनाखोरों को लालच में डाल दिया। माना जा रहा है कि खजाने तक पहुंचने के लिए ही मंदिर के पीछे सुरंग खोदी जा रही थी। दफीनाखोर रात के अंधेरे में खुदाई करते और सुबह होने से पहले सुरंग को झाड़ियों से ढक देते थे, जिससे लंबे समय तक यह गतिविधि छिपी रही। मौके से मिले कंबल और अन्य सामान इस बात के संकेत देते हैं कि आरोपी रातभर वहीं रुककर काम करते थे। यह पूरा घटनाक्रम न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं, पुलिस ने तेज की जांच

    गौरतलब है कि नरवर किला में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी खजाने की तलाश में अवैध खुदाई के कई मामले सामने आ चुके हैं। हर बार प्रशासन कार्रवाई करता है, लेकिन फिर भी दफीनाखोर नई चाल के साथ सक्रिय हो जाते हैं। इस बार मिली सुरंग और बरामद सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। प्रशासन ने किले की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित

    खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर रविवार रात एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन में रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। समय रहते रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    दरअसल महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (भिटौनी) जा रही भारत पेट्रोलियम की मालगाड़ी में 32 वैगन थे। रात करीब 9:30 बजे ट्रेन आउटर पर खड़ी थी, तभी स्टाफ बदलने के दौरान गैस की तेज गंध महसूस हुई। जांच में एक वैगन से एलपीजी गैस रिसाव की पुष्टि हुई।

    जानकारी के अनुसार, शिफ्ट खत्म होने पर ट्रैक चेक कर रहे एक रेलवे कर्मचारी ने पहले गैस की आवाज और फिर तेज गंध महसूस की। पास जाकर देखने पर एक वैगन से तेजी से गैस निकलती दिखाई दी। कर्मचारी ने तुरंत स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी, जिसके बाद पूरे सिस्टम को अलर्ट कर दिया गया। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी, स्टेशन प्रबंधक अरविंद साहा, आरपीएफ और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेराबंदी में लिया गया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई।


    तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    गंभीर स्थिति को देखते हुए रेलवे और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों ने 3 घंटे की मशक्कत के बाद लीकेज वाले 1 वैगन को बाकी 31 वैगन से अलग कर आइसोलेट किया। एहतियात के तौर पर लीकेज वाले वैगन को गीले बारदान (बोरियों) और गीली बालू रेत से ढंक दिया गया। लीकेज वैगन को अलग करने और स्थिति को सुरक्षित करने में प्रशासन को करीब 3 घंटे का समय लगा। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया और बाकी 31 वैगन वाली ट्रेन को जबलपुर रवाना कर रात 12:30 बजे के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है।


    3 घंटे प्रभावित रहा रेल यातायात

    रात 12:30 बजे अधिकारी मौके से रवाना हुए। इस पूरे घटनाक्रम के कारण रेलवे यातायात भी बाधित हुआ और राजधानी व मंगला एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनें प्रभावित रहीं। कई ट्रेनों को आउटर और नजदीकी स्टेशनों पर रोकना पड़ा। करीब रात 12:30 बजे स्थिति नियंत्रण में आने के बाद ट्रेनों की आवाजाही बहाल की गई।


    कलेक्टर बोले— एक वैगन ही गंभीर खतरनाक था

    मौके पर पहुंचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, “32 वैगन वाली ट्रेन में एलपीजी गैस भरी हुई थी। एक वैगन में लीकेज पाया गया। जिसे आइसोलेट करके फर्स्ट एड के रूप में गीली बोरियों से ढ़का गया हैं। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है। टीम वहां से रवाना हो गई हैं। एक वैगन में इतनी गैस भरी रहती है कि, यदि हादसा होता तो पूरा शहर दहल सकता था।”

  • बोहरा धर्मगुरु सैयदना सैफुद्दीन बुरहानपुर पहुंचे, अनुयायियों ने किया स्वागत

    बोहरा धर्मगुरु सैयदना सैफुद्दीन बुरहानपुर पहुंचे, अनुयायियों ने किया स्वागत


    बुरहानपुर।
    दुनिया भर के दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन रविवार की रात आठ बजे मध्य प्रदेश के बुरहानपुर पहुंचे। वे मुम्बई ट्रेन द्वारा बुरहानपुर आए। यहां रेलवे स्टेशन पर समुदाय के हजारों अनुयायियों ने उनका भव्य स्वागत किया।

    दाऊदी बोहरा जमात प्रो कमेटी के कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया कि सैयदना सैफुद्दीन अपने पूर्वज, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब की पुण्यतिथि (उर्स) मनाने के लिए बुरहानपुर आए हैं। वे मंगलवार को बुरहानपुर स्थित दरगाह-ए-हकीमी की हकीमी मस्जिद में प्रवचन देंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश समेत देश के अन्य हिस्सों से हजारों बोहरा समुदाय के सदस्य शहर में मौजूद रहेंगे।

    मुलायमवाला ने बताया कि सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जन्म 1665 में 34वें धर्मगुरु सैयदना बदरुद्दीन बिन मुल्ला राज के कार्यकाल में हुआ था। वे साहित्य प्रेमी और एक महान लेखक थे, जिन्होंने उर्दू, संस्कृत, फारसी और अरबी में कई पुस्तकें लिखी थीं। अपनी धर्मपरायणता, विनम्रता और विद्वत्ता के लिए प्रसिद्ध, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जीवन और विरासत आज भी दुनिया भर के हजारों दाऊदी बोहरा सदस्यों को प्रेरित करती है। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को बुरहानपुर स्थित दरगाह-ए-हकीमी की हकीमी मस्जिद में उर्स का आयोजन हो रहा है, जिसमें सैयदना सैफुद्दीन समाजजनों को संबोधित करेंगे।

  • वैशाख कृष्ण एकादशी पर महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती का भव्य आयोजन

    वैशाख कृष्ण एकादशी पर महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती का भव्य आयोजन

    उज्जैन। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी पर सोमवार तड़के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का दिव्य आयोजन श्रद्धा और आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातः लगभग चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई और गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। इस पवित्र अवसर पर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष संचार महसूस किया गया और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।

    कपाट खुलने के पश्चात पुजारियों ने विधि-विधान से सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु ध्यानमग्न होकर इस दिव्य अनुष्ठान का साक्षी बने।

    अभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया जिसमें भांग, चंदन और आभूषणों का प्रयोग किया गया। भगवान के मस्तक पर शिवलिंग, डमरू और अन्य प्रतीकों से अलंकरण किया गया, जिससे उनका स्वरूप अत्यंत आकर्षक और दिव्य दिखाई दिया। सुगंधित पुष्पों और रुद्राक्ष की मालाओं से सजाए गए इस श्रृंगार ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही रजत निर्मित शेषनाग मुकुट और मुण्डमाल अर्पित कर श्रृंगार को भव्य रूप दिया गया।

    भस्म आरती से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई और ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म अर्पित की गई। यह प्राचीन परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और विधि से निभाई जा रही है, जो इस आरती को विशेष महत्व प्रदान करती है।

    असुबह आयोजित इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और हर ओर जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    आरती के दौरान मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं ताकि श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित दर्शन का अवसर मिल सके। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

  • मध्‍य प्रदेश में गर्मी का असर होने लगा तेज, 16 अप्रैल से लू की चेतावनी, 5 शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार

    मध्‍य प्रदेश में गर्मी का असर होने लगा तेज, 16 अप्रैल से लू की चेतावनी, 5 शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार


    भोपाल। मध्‍य प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर थमते ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। रविवार को प्रदेश के 5 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। सबसे ज्यादा तापमान रतलाम में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है। 16 अप्रैल से हीट वेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र, जिसमें इंदौर और उज्जैन संभाग शामिल हैं, सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे।

    तापमान की बात करें तो रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4 डिग्री, धार, मंडला और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, रीवा और टीकमगढ़ में 39.5 डिग्री, खरगोन में 39.2 डिग्री, जबकि रायसेन, छिंदवाड़ा, उमरिया, सतना और मलाजखंड में तापमान 39 डिग्री के आसपास रहा। बैतूल और सागर में 38.8 डिग्री, गुना और शाजापुर में 38.4 डिग्री, नौगांव में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री तथा सिवनी और सीधी में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    प्रदेश के बड़े शहरों में इंदौर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव कमजोर रहेगा। इससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी।

    गर्मी से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं। कोई चेहरे को कपड़े से ढंककर बाहर निकल रहा है, तो कोई गन्ने का जूस, ठंडे पेय और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में तेज धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

    वहीं, 16 अप्रैल से प्रदेश के धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, उसी तरह अप्रैल और मई गर्मी के सबसे प्रभावी महीने होते हैं, जिनमें अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है।

  • MP के वन विभाग की बड़ी उपलब्धि… वन विहार से उड़ा गिद्ध को पाकिस्तान में मिली नई जिंदगी

    MP के वन विभाग की बड़ी उपलब्धि… वन विहार से उड़ा गिद्ध को पाकिस्तान में मिली नई जिंदगी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के वन विभाग (Forest Department) ने वन्यजीव संरक्षण में टेक्नोलॉजी और इंटरनेशनल कॉर्डिनेशन (Technology and International Coordination in Conservation) का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है. 2 साल की एक मादा सिनेरेयस गिद्ध जिसे भोपाल वन विहार में इलाज के बाद रिहा किया गया था, अब पाकिस्तानी सहयोग के चलते सुरक्षित है।

    इस गिद्ध को इसी साल 22 जनवरी को शाजापुर के सुसनेर से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था. वन विहार नेशनल पार्क के वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर (VCBC) में इसका इलाज हुआ.

    इसे ‘फिट फॉर रिलीज’ घोषित करने के बाद माइक्रोचिप और GPS-GSM टेलीमेट्री डिवाइस से लैस किया गया. 25 मार्च को इसे रायसेन के हलाली डैम क्षेत्र में छोड़ा गया, जिससे इसकी रीयल-टाइम निगरानी संभव हो सकी. यह काम WWF-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) के सहयोग से किया गया।


    पाकिस्तान में रेस्क्यू

    रिहाई के बाद निगरानी में पाया गया कि यह मादा गिद्ध राजस्थान होते हुए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर 6 अप्रैल तक पाकिस्तान पहुंच गई. 7 अप्रैल को सिग्नल नहीं मिले तो WWF-इंडिया ने तत्परता दिखाते हुए WWF-पाकिस्तान से संपर्क किया. पाकिस्तान वन विभाग और WWF-पाकिस्तान के सहयोग से इस गिद्ध को खानेवाल जिले में स्थानीय निवासियों से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

    मादा गिद्ध 7 अप्रैल को खानेवाल और मुल्तान क्षेत्रों में आए भीषण ओलावृष्टि तूफान के कारण उड़ान भरने में असमर्थ हो गई और जमीन पर पाई गई। वन्यजीव अधिकारियों ने इसे रेस्क्यू कर प्राथमिक इलाज दिया. WWF-पाकिस्तान की देखरेख में इसे स्थानीय वल्चर कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर में शिफ्ट किया गया. गिद्ध को हल्की चोटें आई थीं और अब वह स्वस्थ हो रहा है।

    वन विहार, WWF-इंडिया के माध्यम से WWF-पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क में है और गिद्ध के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है. पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद इसे दोबारा प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।


    भोपाल की मादा गिद्ध को पाकिस्तान के खानेवाल जिले में मिली नई जिंदगी.

    इससे पहले, साल 2025 में एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान तक 4300 किमी की यात्रा कर वापस भारत लौटा था. 23 फरवरी 2026 को भी 5 गिद्धों का सफल पुनर्वास और टैगिंग की गई।