Category: Madhya Pradesh

  • सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों की बुनियाद को झकझोर कर रख दिया है इस पूरे मामले में एक पत्नी का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है प्रियंका नाम की महिला ने अपने ही पति की हत्या की साजिश रचकर उसे अंजाम दिलाया और इसके बाद खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए लूट और डकैती की कहानी गढ़ दी

    जानकारी के अनुसार प्रियंका और उसके पति देव कृष्ण पुरोहित के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों के रिश्तों में दरार इतनी गहरी हो चुकी थी कि आए दिन झगड़े होते थे हाल ही में सामने आए कुछ वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों के बीच फोन पर बात करने को लेकर तीखी बहस होती थी प्रियंका किसी से फोन पर बात कर रही थी और जब उसके पति ने इस बारे में पूछा तो उसने जवाब देने से इनकार कर दिया जिससे विवाद और बढ़ गया

    एक वीडियो में दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि प्रियंका अपने पति के साथ मारपीट पर उतर आती है बताया जा रहा है कि झगड़े के दौरान उसने अपने पति के हाथ पर काट लिया था और उसकी कॉलर पकड़कर जोरदार बहस की थी इन घटनाओं से यह साफ संकेत मिलते हैं कि दोनों के रिश्ते सामान्य नहीं थे इसके बावजूद पति अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करता रहा

    बताया जा रहा है कि प्रियंका का किसी अन्य व्यक्ति कमलेश के साथ प्रेम संबंध था और वही उसके दिमाग में बसा हुआ था कुछ समय पहले वह घर छोड़कर भी चली गई थी लेकिन उसका पति उसे वापस घर ले आया उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यही फैसला उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश और एक सुपारी किलर सुरेंद्र के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची उसने एक लाख रुपए देकर हत्या की सुपारी दी और घर के दरवाजे खुले छोड़ दिए ताकि आरोपी आसानी से अंदर आ सकें और वारदात को अंजाम दे सकें

    हत्या के बाद प्रियंका ने ऐसा नाटक किया मानो घर में लूटपाट हुई हो ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की और महज बारह घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया पुलिस ने प्रियंका और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है

    इस मामले को और भी चौंकाने वाला बनाने वाली बात यह है कि बताया जा रहा है कि पति की हत्या के बाद प्रियंका ने उसके शव के पास ही अपने प्रेमी के साथ संबंध बनाए यह जानकारी सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं

    यह घटना न केवल एक आपराधिक साजिश की कहानी है बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब रिश्तों में विश्वास खत्म हो जाता है तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है

  • हौसलों की उड़ान: गांव की पहली बहू मीनाक्षी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

    हौसलों की उड़ान: गांव की पहली बहू मीनाक्षी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल


    भोपाल । गुना जिले के बमोरी ब्लॉक से निकलकर एक साधारण ग्रामीण महिला ने आज ऐसी उड़ान भरी है जो पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है श्रीमती मीनाक्षी फराक्टे आज केवल एक नाम नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और संघर्ष की पहचान बन चुकी हैं राजमाता स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न सिर्फ अपने जीवन को बदला बल्कि दर्जनों महिलाओं को रोजगार और आत्मविश्वास की राह दिखाई है

    मीनाक्षी शिवाजी राज सीएलएफ से जुड़ी हैं और उन्नत आजीविका प्रोसेसिंग केंद्र की सेंटर इंचार्ज के रूप में कार्य कर रही हैं उनका काम केवल प्रबंधन तक सीमित नहीं है बल्कि वह ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाती हैं इस यात्रा की शुरुआत आसान नहीं थी लेकिन उन्होंने हर चुनौती को अवसर में बदल दिया

    प्रोसेसिंग केंद्र में किसान दीदियों से कच्चा माल खरीदा जाता है और उसे प्रोसेस करके तैयार उत्पादों के रूप में बाजार में भेजा जाता है समूह की महिलाएं कभी घर घर जाकर कभी दुकानों में और कभी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री करती हैं यह काम शुरुआत में बेहद कठिन था क्योंकि समाज में महिलाओं की इस भूमिका को लेकर भरोसा नहीं किया जाता था

    जब मीनाक्षी और उनकी साथी महिलाएं पहली बार दुकानों पर सामान लेकर पहुंचीं तो उन्हें कई सवालों का सामना करना पड़ा क्या आप समय पर सामान दे पाएंगी क्या गुणवत्ता बनी रहेगी क्या महिलाएं इस जिम्मेदारी को निभा सकती हैं ऐसे संदेह हर कदम पर उनके सामने खड़े थे कई बार उन्हें एक ही दुकान पर बार बार जाना पड़ा और दुकानदारों को समझाना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी

    धीरे धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी और लोगों का भरोसा बढ़ता गया लगातार प्रयास और गुणवत्ता के दम पर आज यह यूनिट लगभग सत्तर लाख रुपये की बिक्री कर चुकी है जिसमें अकेले मीनाक्षी का योगदान पच्चीस से तीस लाख रुपये तक रहा है उनकी व्यक्तिगत आय जो पहले केवल पांच हजार रुपये थी वह अब बढ़कर पच्चीस हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच चुकी है यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक सोच में भी बड़ा परिवर्तन है

    मीनाक्षी कहती हैं कि मार्केटिंग कोई कठिन काम नहीं है डर सिर्फ शुरुआत न करने से लगता है जब हम पहला कदम बढ़ाते हैं तो रास्ते खुद बनते जाते हैं उनका मानना है कि आत्मविश्वास और मेहनत के साथ कोई भी महिला अपने जीवन को बदल सकती है

    उनकी सफलता की कहानी यहीं खत्म नहीं होती हाल ही में उन्हें दिल्ली में आयोजित एआई समिट में भाग लेने का अवसर मिला जहां वे पहली बार हवाई जहाज में बैठीं यह अनुभव उनके जीवन का ऐतिहासिक पल था वे गर्व से कहती हैं कि वे अपने गांव की पहली बहू हैं जिसने फ्लाइट से यात्रा की है यह उपलब्धि उनके परिवार और पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बन गई

    मीनाक्षी अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के समर्थन और योजनाओं को देती हैं उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं और समूह की शक्ति ने उनके जैसे कई जीवन बदल दिए हैं आज उनकी कहानी यह साबित करती है कि यदि हौसले मजबूत हों तो गांव की महिलाएं भी आसमान को छू सकती हैं और अपने सपनों को साकार कर सकती हैं

  • कार टक्कर विवाद से भड़की हिंसा अनूपपुर में महिला के साथ बदसलूकी पर प्रदर्शन

    कार टक्कर विवाद से भड़की हिंसा अनूपपुर में महिला के साथ बदसलूकी पर प्रदर्शन


    अनूपपुर । अनूपपुर जिले में शुक्रवार रात एक रेस्टोरेंट संचालिका के साथ हुई मारपीट और कथित छेड़छाड़ की घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है जहां घटना के बाद स्थानीय लोगों और महिला समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है लेकिन कार्रवाई से असंतुष्ट भीड़ ने शनिवार को थाने का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

    पुलिस के अनुसार यह घटना शुक्रवार की रात करीब साढ़े सात बजे की है। निरंजन शुक्ला अपनी कार से रेस्टोरेंट के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी बाहर खड़ी कुछ बाइकों से टकरा गई। इसी बात को लेकर रेस्टोरेंट संचालक दीपक पटेल और निरंजन शुक्ला के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बहस धीरे धीरे झगड़े में बदल गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

    इसी दौरान दीपक पटेल की पत्नी और रेस्टोरेंट संचालिका पिंकी पटेल बीच बचाव करने के लिए आगे आईं। लेकिन आरोप है कि इस दौरान स्थिति और बिगड़ गई। महिला का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा गया। साथ ही उनके साथ गलत हरकत करने की भी बात कही गई है।

    घटना की जानकारी फैलते ही शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग कोतवाली थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों को उनके सामने लाया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।

    स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब भीड़ थाने के भीतर तक पहुंच गई और नारेबाजी करने लगी। पुलिस ने हालात को संभालने के लिए समझाइश देने का प्रयास किया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि चार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और मामले में विधि अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

    थाना प्रभारी के अनुसार यह मामला गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है जिसमें मारपीट और छेड़छाड़ जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने दो नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही पीड़ित महिला के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं जिन्हें आगे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

    पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं इलाके में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और निगरानी रखी जा रही है।

    इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में आक्रोश बना हुआ है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

  • जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: 5 अस्पताल और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त, इलाज पर लगी रोक

    जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: 5 अस्पताल और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त, इलाज पर लगी रोक


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने निजी चिकित्सा संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 अस्पतालों और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद इन सभी संस्थानों को अब मरीजों के उपचार और भर्ती की अनुमति नहीं होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

    समय सीमा खत्म, फिर भी नहीं कराया नवीनीकरण

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच पंजीयन का नवीनीकरण कराना अनिवार्य था। इसके बाद भी कई संस्थानों ने 1 अप्रैल 2026 की अंतिम तिथि तक आवेदन नहीं किया। इसी लापरवाही के चलते यह सख्त कार्रवाई की गई।

    1 अप्रैल से सभी संस्थान अवैध घोषित

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत कोठारी के आदेश के बाद इन सभी अस्पतालों और क्लीनिकों को 1 अप्रैल से अवैध घोषित कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बिना वैध पंजीयन किसी भी तरह का इलाज या भर्ती पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

    किन अस्पतालों पर गिरी गाज

    जिन प्रमुख अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है उनमें शामिल हैं-

    एस.सी. गुप्ता मेमोरियल हॉस्पिटल (स्टाफ की कमी)
    संकल्प हॉस्पिटल (नगर निगम से दस्तावेज सत्यापन नहीं)
    नामदेव नर्सिंग होम (नवीनीकरण नहीं कराया)
    बटालिया आई हॉस्पिटल (स्वयं बंद करने का आवेदन)
    सरकार हॉस्पिटल (स्वयं संस्थान बंद किया)


    क्लीनिकों की स्थिति और भी गंभीर

    जांच में सामने आया कि जिले के कुल 240 क्लीनिकों में से 89 ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया, जबकि 32 संस्थानों के दस्तावेज अधूरे पाए गए। इनमें एलोपैथी, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी क्लीनिक के साथ कई पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर भी शामिल हैं।

    स्वास्थ्य विभाग के सख्त निर्देश

    स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभावित संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि–

    किसी भी नए मरीज को भर्ती न किया जाए
    पहले से भर्ती मरीजों का उपचार पूरा कर डिस्चार्ज किया जाए
    संस्थानों के बाहर लगे बोर्ड तुरंत हटाए जाएं

    सख्ती का संदेश साफ

    यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत की गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि बिना वैध पंजीयन के किसी भी संस्थान को संचालित पाए जाने पर आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • दतिया में सनसनीखेज वारदात, कॉन्स्टेबल ने रिकवरी एजेंट का किया अपहरण, फायरिंग के बाद मचा हड़कंप

    दतिया में सनसनीखेज वारदात, कॉन्स्टेबल ने रिकवरी एजेंट का किया अपहरण, फायरिंग के बाद मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक पुलिस कॉन्स्टेबल और उसके साथियों पर एक रिकवरी एजेंट का अपहरण करने, फायरिंग करने और मारपीट करने का गंभीर आरोप सामने आया। घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

    फायरिंग कर दहशत, बोलेरो में जबरन बैठाकर अपहरण

    जानकारी के अनुसार, फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले रिकवरी एजेंट विजय रावत को बाइक की बकाया किस्त को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने निशाना बनाया। आरोप है कि कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी, उसके भाई छोटू मांझी और अन्य साथियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी।

    इसके बाद आरोपियों ने फायरिंग कर दहशत फैलाई और विजय रावत को जबरन बोलेरो गाड़ी में बैठाकर अपहरण कर लिया। इस दौरान आरोपी लगातार धमकाते रहे और बाइक वापस कराने का दबाव बनाते रहे।

    7 किलोमीटर तक पुलिस का पीछा, दो आरोपी गिरफ्तार

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने करीब 7 किलोमीटर तक उनका पीछा किया। अंततः भेड़पुरा और भांडेरी फाटक के पास बोलेरो फंस गई, जिसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर भागने लगे।

    पुलिस ने मौके से छोटू मांझी और बंटी नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी समेत अन्य आरोपी फरार हैं।

    अपहरण से पहले महिला पर भी फायरिंग का आरोप

    मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि अपहरण से कुछ घंटे पहले ही आरोपियों ने एक महिला पर फायरिंग की थी, जिससे इलाके में पहले से ही दहशत का माहौल था। पुलिस का कहना है कि यह दोनों घटनाएं एक ही आपराधिक गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं।

    पुलिस कॉन्स्टेबल पर गंभीर सवाल

    आरोपियों में शामिल कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी दिनारा थाने में पदस्थ बताया गया है। बताया जा रहा है कि वह गुरुवार को ड्यूटी पर भी नहीं पहुंचा था। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की भूमिका और आंतरिक निगरानी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

    बाइक किस्त विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला

    पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरा विवाद एक बाइक की बकाया किस्त को लेकर शुरू हुआ था। फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट द्वारा बाइक जब्त किए जाने के बाद आरोपियों ने रंजिश में यह पूरी वारदात की।

    ग्वालियर में भी अपहरण की कोशिश से दहशत

    इसी बीच ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां कक्षा 6 की छात्रा के अपहरण की कोशिश की गई। हालांकि छात्रा की सूझबूझ से यह साजिश नाकाम हो गई।

    दतिया में कॉन्स्टेबल समेत कई लोगों पर रिकवरी एजेंट का अपहरण, फायरिंग और मारपीट का आरोप लगा है। पुलिस ने 7 KM पीछा कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य फरार हैं। घटना से इलाके में दहशत फैल गई है।

  • मध्यप्रदेश में फिरौती गैंग पर बड़ा प्रहार मुरैना से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार

    मध्यप्रदेश में फिरौती गैंग पर बड़ा प्रहार मुरैना से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार


    भोपाल । मध्यप्रदेश में संगठित अपराध और फिरौती के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है जहां पुलिस ने मुरैना से प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है जिसे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग और हैरी बॉक्सर गैंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है यह गिरफ्तारी राज्य में सक्रिय फिरौती गैंग के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है

    गिरफ्तारी के बाद अदालत ने आरोपी को 15 अप्रैल 2026 तक SIT मध्यप्रदेश की रिमांड पर भेज दिया है जिसके बाद उससे भोपाल में गहन पूछताछ की जा रही है जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान गैंग के कई छिपे हुए राज सामने आ सकते हैं और पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं

    प्रदीप शुक्ला पर आरोप है कि उसने अशोकनगर के एक कारोबारी को करोड़ों रुपये की फिरौती देने की धमकी दी थी इसके अलावा भोपाल इंदौर और खरगोन जैसे शहरों में भी कई कारोबारियों को हैरी बॉक्सर गैंग के नाम पर धमकियां मिली थीं अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन सभी मामलों के पीछे एक ही मास्टरमाइंड या वही नेटवर्क सक्रिय था

    सूत्रों के अनुसार प्रदीप शुक्ला को इस पूरे गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य माना जा रहा है जबकि अन्य कई आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है SIT को उम्मीद है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचना आसान होगा और उनके काम करने के तरीके यानी मॉडस ऑपरेंडी का भी खुलासा हो सकेगा

    इस कार्रवाई ने राज्य में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ सख्त रुख को और स्पष्ट कर दिया है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं जिससे फिरौती और धमकी के मामलों में बड़ा खुलासा होने की संभावना है

  • रीवा में तेज रफ्तार पिकअप ऑटो की आमने सामने भिड़ंत, 5 लोग घायल, 2 की हालत नाजुक

    रीवा में तेज रफ्तार पिकअप ऑटो की आमने सामने भिड़ंत, 5 लोग घायल, 2 की हालत नाजुक


    रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ जब पनवार थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप और ऑटो की आमने सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में ऑटो सवार 5 लोग घायल हो गए जिनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

    जानकारी के मुताबिक ऑटो रामबाग से देवरी की ओर यात्रियों को लेकर जा रहा था। सुबह शिवपुर के पास पहुंचते ही सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवा पहुंचाया गया जहां उनका इलाज शुरू हुआ।

    दो घायलों की हालत गंभीर रीवा रेफर

    घायलों में योगेंद्र यादव 38 और राजकुमारी यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रीवा रेफर किया गया है जबकि अन्य घायलों का इलाज जवा अस्पताल में जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पनवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
    हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बढ़ती लापरवाही पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार और बिना लाइसेंस वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं खासकर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

  • रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर

    रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर


    भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। रायसेन के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।

    किसानों के लिए बदलाव का मंच बनेगा महोत्सव
    उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन खेती को नई दिशा देंगे।

    किसान अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

    राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान है। कृषि और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक पूरी व्यवस्था किसान की मेहनत पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र से जुड़ने और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को स्मार्ट बनाने की अपील की।

    सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का जिक्र

    अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। फसल बीमा बिजली सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

    तकनीक और नवाचार पर विशेष फोकस
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मेले में देशभर के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहां एकीकृत खेती बागवानी ड्रोन तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

    किसानों के लिए सीखने का मंच
    उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए एक प्रशिक्षण मंच है जहां वे वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे एक तरह से किसानों का स्कूल बताया गया।

    जिलों के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप

    शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा रायसेन सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएं बनाई गई हैं ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को और बेहतर बनाया जा सके।

  • मैहर हाईवे पर हादसा: खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में ट्रेलर की जोरदार टक्कर, 15 घायल, 2 की हालत गंभीर

    मैहर हाईवे पर हादसा: खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में ट्रेलर की जोरदार टक्कर, 15 घायल, 2 की हालत गंभीर


    मैहर।
    मध्य प्रदेश के मैहर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जहां तेज रफ्तार ट्रेलर ने खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मार दी। इस हादसे में करीब 15 लोग घायल हो गए जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार सभी लोग एक बरहों कार्यक्रम से लौट रहे थे और बेलदरा जा रहे थे। रास्ते में डीजल खत्म होने के कारण वाहन को राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर रिगरा ब्रिज के पास किनारे खड़ा कर दिया गया था। शनिवार सुबह करीब 5 बजे पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने खड़े वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रॉली में बैठे लोग घायल हो गए और मौके पर अफरा तफरी मच गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 हाइवे पेट्रोलिंग और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल मैहर और अमरपाटन भेजा गया जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के मुताबिक घायलों में संखिबाई साकेत अजय बुंकर प्रदीप साकेत और संतोष साकेत सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है।

    टक्कर के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया था जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया और यातायात बहाल कराया। नादन देहात थाना प्रभारी पंचराज सिंह ने बताया कि ट्रेलर को क्रेन की मदद से जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में लिया गया है। मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

  • भोपाल पहुंचकर रुकी आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा, 200 किमी पैदल आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

    भोपाल पहुंचकर रुकी आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा, 200 किमी पैदल आए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका


    भोपाल। मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर निकली आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा राजधानी पहुंचते ही थम गई। बैतूल से करीब 200 किलोमीटर का सफर तय कर आए आंदोलनकारियों को पुलिस ने बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के पास रोक दिया और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी।

    11 दिन में तय किया लंबा सफर
    यह पदयात्रा 1 अप्रैल को बैतूल जिले के अंबेडकर चौक से शुरू हुई थी। लक्ष्य था 11 दिनों में भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना और आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाना। पूर्व छात्र नेता रामकुमार नागवंशी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा को आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा नाम दिया गया। उनका कहना है कि गांव-गांव में सेवाएं देने वाली इन कार्यकर्ताओं को न तो उचित वेतन मिलता है और न ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा, इसलिए यह आंदोलन उनके अधिकारों के लिए है।

    राजधानी में एंट्री पर पुलिस ने रोका रास्ता

    शनिवार सुबह करीब 8:45 बजे जब पदयात्रा बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के पास पहुंची, तब पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें मुख्यमंत्री निवास तक नहीं जाने दिया गया और पास ही बैठा दिया गया।

    व्यक्तिगत अनुभव से जुड़ा आंदोलन
    रामकुमार नागवंशी ने बताया कि उनके परिवार की महिलाएं भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनके संघर्ष को करीब से देखने के बाद ही उन्होंने इस पदयात्रा की शुरुआत की। उनके मुताबिक यह लाखों महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई है। तेज गर्मी के बावजूद कार्यकर्ताओं ने लगातार पैदल यात्रा जारी रखी। रास्ते में गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद किया और समर्थन जुटाया।

    मुख्य मांगें और आगे की रणनीति

    आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, साथ ही उनके वेतन और सुविधाओं में सुधार किया जाए। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।