भोज के बाद देर रात शुरू हुई परेशानी
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
50 से ज्यादा मरीज मोहगांव में भर्ती

भोज के बाद देर रात शुरू हुई परेशानी
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
50 से ज्यादा मरीज मोहगांव में भर्ती

यह भीषण दुर्घटना सिरसौद थाना क्षेत्र के टोंगरा रोड पर हुई जहां एक ऑटो में सवार होकर नवविवाहित दंपती और उनके परिजन यात्रा कर रहे थे बताया जा रहा है कि वे किसी पारिवारिक कार्य से जा रहे थे तभी सामने से आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे ऑटो के ऊपर पलट गया
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो पूरी तरह ट्रक के नीचे दब गया और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला आसपास मौजूद लोगों ने जैसे ही यह मंजर देखा तो वे सहम गए और तुरंत राहत कार्य के लिए दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी
इस हादसे में जिन चार लोगों की मौत हुई उनमें 50 वर्षीय अजेश पुत्र पीतम शाक्य 20 वर्षीय राजेश्वर पुत्र वीरेंद्र शाक्य 35 वर्षीय राजो पत्नी हरविलास शाक्य और 22 वर्षीय वीरेंद्र पुत्र प्रीतम शाक्य शामिल हैं सभी मृतक ग्राम राजगढ़ तेंदुआ के निवासी बताए जा रहे हैं
हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि मृतकों में दूल्हा और दुल्हन भी शामिल थे जिनकी शादी मात्र दो दिन पहले ही हुई थी नई जिंदगी की शुरुआत से पहले ही यह सफर हमेशा के लिए थम गया जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है
घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है

पहली घटना तिघरा थाने की है जहां एएसआई फिरोज खान और सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुशवाह के बीच बैटरी चोरी के एक मामले को लेकर विवाद शुरू हुआ बताया जा रहा है कि बहस इतनी तीखी हो गई कि एएसआई ने सब इंस्पेक्टर पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दे डाली इस दौरान सिपाही कमल रावत और रवि गुर्जर का नाम भी विवाद में सामने आया घटना ने पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और आपसी समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं
मामले की गंभीरता को देखते हुए धर्मवीर यादव ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए एएसआई फिरोज खान सहित सिपाही कमल रावत और रवि गुर्जर को लाइन हाजिर कर दिया है यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के संदेश के तौर पर देखी जा रही है हालांकि इस घटना ने यह भी संकेत दिया है कि आंतरिक स्तर पर तनाव और विवाद किस हद तक बढ़ चुके हैं
इसी बीच शहर के बहोड़ापुर इलाके से एक और चिंताजनक मामला सामने आया है जहां छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के अपहरण का प्रयास किया गया जानकारी के अनुसार छात्रा स्कूल बस से उतरकर अपने घर की ओर जा रही थी तभी कार सवार कुछ बदमाशों ने उसे जबरन ले जाने की कोशिश की लेकिन छात्रा के जोर जोर से चिल्लाने पर आरोपी घबरा गए और मौके से फरार हो गए
घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी जिसके बाद उसके पिता विक्रमादित्य प्रधान ने थाने में शिकायत दर्ज कराई पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश शुरू कर दी है
इन दोनों घटनाओं ने एक साथ मिलकर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जहां एक ओर पुलिस को आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है वहीं दूसरी ओर खुद पुलिस महकमे के भीतर अनुशासनहीनता की घटनाएं सामने आ रही हैं ऐसे में जरूरत है कि न केवल आंतरिक व्यवस्था को मजबूत किया जाए बल्कि शहर में कानून व्यवस्था को भी और अधिक सख्ती से लागू किया जाए ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें

इसी स्थिति को देखते हुए अब अफसरों ने तय किया है कि ऐसे मामलों में मुख्य सचिव का नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी इसके तहत अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव सचिव और कलेक्टर स्तर के अधिकारी संबंधित अदालतों में आवेदन प्रस्तुत कर मुख्य सचिव का नाम विलोपित कराने की पहल करेंगे इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुख्य सचिव को सीधे तौर पर नोटिस जारी न हों और प्रशासनिक कार्यों पर अनावश्यक प्रभाव न पड़े
जानकारी के अनुसार वर्तमान में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में निकायों से जुड़े कई मामले विचाराधीन हैं जिनमें याचिकाकर्ताओं द्वारा मुख्य सचिव को भी पक्षकार बनाया गया है जबकि प्रशासन का मानना है कि मुख्य सचिव किसी एक विभाग के प्रभारी नहीं होते इसलिए उन्हें ऐसे मामलों में शामिल करना उचित नहीं है
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जहां भी मुख्य सचिव का नाम पक्षकार के रूप में जोड़ा गया है वहां उसे हटाने की कार्रवाई की जाए अधिकारियों का तर्क है कि इससे न केवल कानूनी प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और सुव्यवस्थित होगी बल्कि जिम्मेदारी भी सीधे संबंधित विभागों तक सीमित रहेगी
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2026 में अब तक 38 मामलों में से 9 में मुख्य सचिव को रिसपोंडेंट बनाया गया है जबकि दो मामलों में उनके नाम से अवमानना के प्रकरण भी दर्ज हैं वहीं वर्ष 2025 में कुल 88 मामलों में से 15 में मुख्य सचिव को पक्षकार बनाया गया था ये आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि समय के साथ यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है
इस पूरी कवायद को प्रशासनिक सुधार और जिम्मेदारियों के स्पष्ट निर्धारण के रूप में देखा जा रहा है माना जा रहा है कि यदि यह रणनीति सफल होती है तो भविष्य में उच्च स्तर के अधिकारियों को अनावश्यक कानूनी उलझनों से राहत मिलेगी और शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगी

घटना उस समय की है जब इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस की पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देते हुए वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया उनके इस रुख का सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने विरोध किया लेकिन कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है इसी चुप्पी को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा और कहा कि इस मुद्दे पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद पार्षद ने राष्ट्रीय गीत गाने से मना किया और यह कहते हुए पीछे हट गई कि वह इसे नहीं गाएंगी उन्होंने इसे बेशर्मी की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस की विचारधारा और मानसिकता को दर्शाता है उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता भारत माता की जय बोलने से भी बचते हैं जो देशभक्ति की भावना के विपरीत है
मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जवाब मांगा उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह ऐसे बयानों और आचरण का समर्थन करता है या नहीं यदि पार्टी इस मामले में कार्रवाई करने में असमर्थ है तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए
उन्होंने आगे कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपने प्राण न्योछावर किए ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं न केवल उन बलिदानों का अपमान हैं बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी समय समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों पर विवाद खड़ा करती रही है
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय प्रतीक को लेकर बहस छेड़ दी है जहां एक ओर इसे देशभक्ति और एकता का प्रतीक माना जाता है वहीं दूसरी ओर कुछ वर्गों द्वारा इसे लेकर अलग विचार भी सामने आते रहे हैं फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल ट्रांजिट विजिट पर पहुंचे थे जहां से उन्हें रायसेन में आयोजित कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए रवाना होना था स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुष्प गुच्छ भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर उनका आत्मीय स्वागत किया साथ ही उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित भी किया इस दौरान वातावरण में आत्मीयता और गरिमा का संतुलित संगम देखने को मिला
अल्प विश्राम के पश्चात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर से रायसेन के लिए रवाना हुए जहां कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को नई तकनीक और नवाचार से जोड़ने की पहल की जा रही है यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है
इस अवसर पर प्रदेश के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग राज्य मंत्री कृष्णा गौर भोपाल सांसद आलोक शर्मा विधायक विष्णु खत्री महापौर मालती राय और जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति शामिल रहे सभी ने रक्षा मंत्री का पुष्प भेंट कर स्वागत किया जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई
भोपाल का यह दृश्य केवल एक स्वागत समारोह नहीं बल्कि राजनीतिक समन्वय और विकासात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक बन गया जहां केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल की मजबूत तस्वीर उभर कर सामने आई रायसेन में होने वाला कृषि महोत्सव इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है जो किसानों को सशक्त बनाने और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी हुई है जब राहुल गांधी ने झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान कथित रूप से पनामा पेपर्स लीक का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान का नाम लिया था इस बयान को लेकर कार्तिकेय चौहान ने भोपाल स्थित एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था जिसके बाद अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ समन भी जारी किया था
राहुल गांधी ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए जबलपुर हाईकोर्ट का रुख किया और अपनी याचिका में यह तर्क दिया कि उनके पक्ष को सुने बिना ही निचली अदालत में मामला दर्ज कर लिया गया जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है उन्होंने अदालत से इस पूरे प्रकरण को निरस्त करने की मांग की है
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उसे अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले इसी क्रम में अदालत ने कार्तिकेय चौहान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है ताकि दोनों पक्षों के तर्कों को विस्तार से सुना जा सके
इसके साथ ही अदालत ने राहुल गांधी को भी निर्देश दिया है कि वे निचली अदालत में लंबित इस प्रकरण की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि मामले की वर्तमान स्थिति को समझने में आसानी हो और आगे की सुनवाई निष्पक्ष तरीके से की जा सके
यह मामला केवल एक कानूनी विवाद नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बन चुका है क्योंकि इसमें देश के प्रमुख राजनीतिक चेहरों के नाम जुड़े हुए हैं ऐसे में हाईकोर्ट का यह रुख इस बात का संकेत देता है कि अदालत हर पहलू को गंभीरता से परखना चाहती है
आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई और दोनों पक्षों के जवाब के आधार पर यह तय होगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी फिलहाल हाईकोर्ट के इस कदम ने पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है और सभी की निगाहें अब अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं

इस विशेष आयोजन में छात्रों ने पहली बार टेलिस्कोप के माध्यम से आसमान में चमकते तारों और ग्रहों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया यह अनुभव उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था जहां वे अब तक केवल किताबों और चित्रों में देखे गए ब्रह्मांड को अपनी आंखों से देख सके इस दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को खगोल विज्ञान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं जिससे उनकी जिज्ञासा और अधिक बढ़ी
यह कार्यशाला मध्य प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन सिंगरौली के संयुक्त प्रयासों से आयोजित की गई जिसने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देने का काम किया इस पहल को सिंगरौली के इतिहास में पहली बार आयोजित किया गया है और इसे एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि यह आधुनिक विज्ञान को सीधे छात्रों के अनुभव से जोड़ता है
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना और नवाचार तथा अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाना था इस प्रकार के आयोजन छात्रों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद करते हैं जिससे वे भविष्य में विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें
कार्यशाला के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी छात्रों के उत्साह को सराहा और इस तरह के कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखने की बात कही इस अवसर पर राज्यमंत्री राधा सिंह सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम कलेक्टर गौरव बैनल जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे और जिला शिक्षा अधिकारी एस वी सिंह सहित विद्यालय के प्राचार्य शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे
छात्रों ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन और सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के आयोजन उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक हैं बल्कि उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा भी देते हैं यह आयोजन निश्चित रूप से सिंगरौली के शैक्षणिक वातावरण को नई ऊर्जा देने वाला साबित होगा

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत मैसर्स अपरवा कंपनी के कर्मचारी भैरूंदा स्थित सुभाष कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रहे थे यह कार्य नियमित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा था लेकिन इसी दौरान स्थानीय स्तर पर विरोध की स्थिति बन गई
आरोप है कि वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि कैलाश धावरे मौके पर पहुंचे और उन्होंने कथित रूप से स्थानीय लोगों को स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने के लिए उकसाया देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ लोगों ने आक्रोश में आकर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को उखाड़ दिया इसके बाद उनमें ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई जिससे करीब 13 स्मार्ट मीटर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए
घटना यहीं नहीं रुकी बल्कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ गाली गलौज और झूमाझटकी भी की गई जिससे टीम के सदस्यों में डर और अफरा तफरी का माहौल बन गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति कुछ समय के लिए पूरी तरह बेकाबू हो गई थी और मौके पर मौजूद लोग दो गुटों में बंटते नजर आए
इस पूरे मामले को लेकर मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के सहायक प्रबंधक टेकसिंह बाल्के ने थाना भैरूंदा में लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैलाश धावरे के खिलाफ अपराध क्रमांक 198/26 दर्ज कर लिया है
पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ साथ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 और 140 के तहत मामला कायम किया है फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना में और कौन कौन लोग शामिल थे
यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि विकास और तकनीकी बदलाव से जुड़ी योजनाओं को लागू करने से पहले जनजागरूकता और संवाद कितना जरूरी है क्योंकि जानकारी के अभाव और अफवाहों के चलते ऐसी परियोजनाएं विवाद का कारण बन जाती हैं अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों पर किस तरह की कार्रवाई होती है