Category: Madhya Pradesh

  • वंदे मातरम विवाद पर इंदौर में सियासी घमासान बीजेपी का 85 वार्डों में विरोध

    वंदे मातरम विवाद पर इंदौर में सियासी घमासान बीजेपी का 85 वार्डों में विरोध


    इंदौर । इंदौर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। नगर निगम के बजट सत्र में कुछ पार्षदों द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार के बाद यह मामला अब सड़कों तक पहुंच गया है और शहर के लगभग सभी वार्डों में विरोध प्रदर्शन और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है और लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है।

    शहर के अलग अलग इलाकों में बीजेपी कार्यकर्ता एकत्र होकर वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर रहे हैं और विरोध स्वरूप पुतला दहन भी किया जा रहा है। नवलखा चौराहे पर एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए विवादित पार्षदों के खिलाफ नाराजगी जताई। इसी तरह अन्य प्रमुख स्थानों पर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और राष्ट्रगीत के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    वार्ड क्रमांक 7 में आयोजित कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए। उन्होंने मंच से वंदे मातरम गाकर संदेश देने की कोशिश की और कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अधिकांश मुसलमान राष्ट्र और राष्ट्रगीत का सम्मान करते हैं और समाज को बांटने वाली मानसिकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

    यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब नगर निगम के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की कुछ महिला पार्षदों ने वंदे मातरम गाने से इनकार किया। इसके बाद से ही बीजेपी इस मुद्दे को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रही है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इस तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं है।

    वहीं कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर संयमित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है लेकिन राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं जिससे विवाद और गहराता नजर आ रहा है।

    इस बीच शहर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी इस मुद्दे को जनभावनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रही है। सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के जरिए पार्टी ने इसे एक बड़े अभियान का रूप दे दिया है।

    फिलहाल इंदौर में यह मुद्दा केवल एक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह सियासी टकराव का बड़ा कारण बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और भी तीखे बयान और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं जिससे शहर का माहौल और गर्माने की संभावना है।

  • किसानों के समर्थन में प्रदर्शन पड़ा भारी शाजापुर में कांग्रेस नेताओं पर केस दर्ज

    किसानों के समर्थन में प्रदर्शन पड़ा भारी शाजापुर में कांग्रेस नेताओं पर केस दर्ज

    शाजापुर । शाजापुर में किसानों के समर्थन में कांग्रेस द्वारा किए गए कलेक्ट्रेट कार्यालय घेराव का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 12 कांग्रेस नेताओं को नामजद करते हुए करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

    जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर गए। प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने बाद में पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की।

    लालघाटी थाना पुलिस ने जिन नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, कालापीपल के पूर्व विधायक और राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, सीताराम पवैया, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जयंत रामवीर सिंह सिकरवार, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष कमल चौधरी और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष इरशाद खान सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

    इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने खुलकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का गेहूं समय पर नहीं खरीद पा रही है और जब कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाती है तो उसके कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं।

    कुणाल चौधरी ने तीखे शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस न तो अंग्रेजों से डरी थी और न ही अब किसी दबाव में आएगी। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसानों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए जेल जाना पड़े तो कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे।

    कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि किसानों का गेहूं कब खरीदा जाएगा और किसानों पर हो रही वसूली कब बंद होगी। उन्होंने कर्ज माफी और फसल भुगतान जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

    इस पूरे मामले के बाद शाजापुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कर रहा है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

  • महेश्वर में बारात में दर्दनाक हादसा: पिकअप ने नाचते लोगों को कुचला, दूल्हे समेत 25 घायल

    महेश्वर में बारात में दर्दनाक हादसा: पिकअप ने नाचते लोगों को कुचला, दूल्हे समेत 25 घायल


    महेश्वर। मध्यप्रदेश के महेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम गुर्जर मोहना में शुक्रवार को एक शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बारात में नाच रहे लोगों के बीच घुसी एक पिकअप वाहन ने करीब 25 बारातियों को घायल कर दिया। हादसे में दूल्हे समेत कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दूल्हे की बहन की हालत नाजुक बनी हुई है।

    बारात के बीच अचानक बेकाबू हुआ वाहन
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूल्हा राकेश डाबर की बारात सजनीपुरा से बड़ीपुरा जा रही थी। इसी दौरान पीछे चल रही पिकअप का चालक नियंत्रण खो बैठा और उसका पैर एक्सीलेटर पर दब गया। इसके बाद वाहन तेजी से आगे बढ़ा और नाच रहे बारातियों के बीच जा घुसा।

    100 मीटर तक घसीटता ले गया, फिर पलटा

    अनियंत्रित पिकअप करीब 100 मीटर तक लोगों को घसीटते हुए ले गया। इसके बाद वाहन एक नीम के पेड़ से टकराकर पलट गया। हादसे में आसपास खड़ी कई मोटरसाइकिलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    कई घायलों के हाथ-पैर टूटे
    घटना में घायल 20 से 25 लोगों में से कई के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    दूल्हे की बहन की हालत गंभीर

    हादसे में दूल्हे को भी चोटें आई हैं, लेकिन उनकी बहन की हालत सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए खरगोन जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    प्रशासन और जनप्रतिनिधि पहुंचे अस्पताल
    घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक राजकुमार मेव अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    थाना प्रभारी जगदीश गोयल के मुताबिक पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है, जिसमें चालक की लापरवाही या वाहन की तकनीकी खराबी दोनों पहलुओं को देखा जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

  • ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा टला: नाव पलटने से 10 श्रद्धालु डूबे, समय रहते सभी को बचाया गया

    ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा टला: नाव पलटने से 10 श्रद्धालु डूबे, समय रहते सभी को बचाया गया


    खंडवा । मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में शुक्रवार को नर्मदा नदी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। झारखंड से आए श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलट गई, जिससे उसमें सवार 10 लोग डूब गए। हालांकि, समय रहते रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें से दो श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    नौका विहार के दौरान हुआ हादसा

    जानकारी के मुताबिक, झारखंड के रांची से करीब 52 श्रद्धालुओं का समूह ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचा था। दोपहर के समय सभी लोग अलग-अलग नावों में बैठकर नर्मदा नदी में नौका विहार कर रहे थे। इसी दौरान एक नाव में सवार 10 लोग ब्रह्मपुरी घाट से संगम घाट की ओर जा रहे थे।

    चट्टान से टकराने के बाद पलटी नाव

    नवीन घाट के पास नाव अचानक एक चट्टान से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि लकड़ी की नाव का एक हिस्सा टूट गया और उसमें पानी भरने लगा। कुछ ही पलों में नाव असंतुलित होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग नदी में गिर गए।

    होमगार्ड की तत्परता से बची जानें

    घटना के समय मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आठ लोगों की हालत सामान्य है, जबकि दो श्रद्धालुओं ने ज्यादा पानी निगल लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।

    गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती

    दोनों गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सनावद भेजा गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनके फेफड़ों में पानी चला गया है, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

    पुलिस कर रही जांच
    खंडवा पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल लोगों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल घटना के कारणों की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • किसानों के मुद्दे पर गरजे जीतू पटवारी शिवराज और बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

    किसानों के मुद्दे पर गरजे जीतू पटवारी शिवराज और बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप


    भोपाल । भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने किसानों की स्थिति और राज्य की कृषि नीतियों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है।

    जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ लगातार धोखा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कृषि आय को बढ़ाने के बड़े बड़े दावे किए लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग ही नजर आती है। उन्होंने कहा कि बार बार किए गए वादों के बावजूद किसानों की आमदनी में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।

    उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में किसानों को अपनी उपज बेचने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। कई बार फसल खुले में पड़ी रह गई और समय पर खरीद नहीं हो सकी। इसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। पटवारी ने आरोप लगाया कि नीतियों की खामियों का फायदा कुछ चुनिंदा व्यापारियों को मिला है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने खाद और उर्वरक की समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता को लेकर लगातार संकट की स्थिति बनी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के दावे किए जाते रहे हैं लेकिन वास्तविकता इससे अलग रही है।

    पटवारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर सिस्टम में पारदर्शिता की कमी है और कई निर्णयों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है कांग्रेस अध्यक्ष ने वल्लभ भवन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वहां पर फैसलों में अनियमितताओं की बात सामने आती रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी कमजोरी बताया।

    इसके अलावा उन्होंने मुरैना और इंदौर से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक स्तर पर कई मुद्दों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और संस्कृति के मुद्दों पर किसी को भी किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है और हर दल को अपनी प्राथमिकता तय करने का अधिकार है।

    जीतू पटवारी ने अंत में कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि वह किसानों के मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलनात्मक रुख अपनाएंगे और जरूरत पड़ी तो विरोध स्वरूप उपवास भी करेंगे। इस बयान के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सत्तापक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

  • आयुर्वेदिक दवाओं के बहाने तांत्रिक बनकर लाखों की ठगी पुलिस जांच में जुटी

    आयुर्वेदिक दवाओं के बहाने तांत्रिक बनकर लाखों की ठगी पुलिस जांच में जुटी


    जबलपुर । जबलपुर जिले में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां शातिर ठगों ने खुद को तांत्रिक बताकर एक युवक से बड़ी रकम ऐंठ ली। यह पूरा मामला पारिवारिक समस्याओं के समाधान के नाम पर की गई धोखाधड़ी से जुड़ा है। पीड़ित चंद्रकांत सोनी सिवनी घंसौर क्षेत्र के निवासी हैं जिनके साथ यह वारदात हुई।

    जानकारी के अनुसार दो जालसाजों ने खुद को तांत्रिक बताकर युवक को यह विश्वास दिलाया कि उसकी पारिवारिक समस्याओं का समाधान विशेष आयुर्वेदिक दवाओं और अनुष्ठानों से संभव है। इसी झांसे में लेकर उन्होंने अलग अलग जगहों से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया। ठगों ने योजना बनाकर दवा दुकानों से सीधे बड़ी मात्रा में आयुर्वेदिक उत्पाद मंगवाए और भुगतान पीड़ित से कराया।

    दमोह नाका स्थित एक आयुर्वेदिक दवा दुकान से लगभग 5 लाख 25 हजार रुपये की दवाएं खरीदी गईं। इसके बाद नागपुर स्थित एक अन्य दवा दुकान से लगभग साढ़े 12 लाख रुपये की दवाएं मंगवाई गईं। इस तरह कुल रकम साढ़े 17 लाख रुपये तक पहुंच गई।

    ठगों ने यहां तक दावा किया कि यदि इन दवाओं का उपयोग और अनुष्ठान विधिवत किया जाए तो पारिवारिक समस्याएं समाप्त हो जाएंगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इसी विश्वास के आधार पर पीड़ित लगातार उनके जाल में फंसता गया।

    मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रयागराज से भी दवाएं मंगवाने की बात कही गई। इसी दौरान पीड़ित को संदेह हुआ और उसे महसूस हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। शक गहराने पर उसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।

    कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक सुनियोजित ठगी का मामला है जिसमें तांत्रिक बनकर लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया।

    पुलिस अब दवा दुकानों से जुड़े लेनदेन और आरोपियों के बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस तरह के फर्जी तांत्रिकों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर

    मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 26 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार रात आदेश जारी कर नई पदस्थापनाएं तय कीं। इस फेरबदल में 14 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, जिन आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है, उनमें 14 जिलों के कलेक्टरों को इधर से उधर किया गया है।
    इनमें धार जिले के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि मौजूदा भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद के साथ आयुक्त सह-संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग की पदेन सचिव शिल्पा गुप्ता को हटाकर गृह विभाग में सचिव बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह पर गृह विभाग में सचिव अभिषेक सिंह को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय पदस्थ किया गया है।

    महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटाकर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है।

    संभाग स्तर पर भी बदलाव

    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है। वहीं, शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है, जबकि उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव पदस्थ किया गया है। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    अन्य जिलों में भी फेरबदल

    इसके अलावा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है।

    इसी प्रकार श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।

  • बैतूल में मंदिर पर हाथ साफ बाबा रामदेव मंदिर की दान पेटी से चोरी

    बैतूल में मंदिर पर हाथ साफ बाबा रामदेव मंदिर की दान पेटी से चोरी

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई नगर में स्थित बाबा रामदेव मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। बीती रात अज्ञात बदमाशों ने मंदिर परिसर में घुसकर दान पेटी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात की है, जब मंदिर परिसर सुनसान था। बदमाश सुनियोजित तरीके से अंदर घुसे और कुछ ही समय में दान पेटी को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दान पेटी पिछले करीब चार महीनों से नहीं खोली गई थी, जिसके कारण उसमें अच्छी-खासी राशि जमा होने की संभावना जताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का मानना है कि यह वारदात पूर्व नियोजित हो सकती है और इसमें किसी परिचित या रेकी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

    बाबा रामदेव मंदिर में हुई इस चोरी ने स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मंदिर परिसरों में निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दान पेटी में कितनी राशि थी और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया। यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।

  • एमपी कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की बड़ी परीक्षा: 15 अप्रैल से परफॉर्मेंस रिव्यू, कमजोर पाए गए तो हो सकती है छुट्टी

    एमपी कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की बड़ी परीक्षा: 15 अप्रैल से परफॉर्मेंस रिव्यू, कमजोर पाए गए तो हो सकती है छुट्टी


    भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने के अभियान के तहत नियुक्त 71 जिलाध्यक्षों के कामकाज की अब सख्त समीक्षा होने जा रही है। अगले हफ्ते होने वाली इस प्रक्रिया में उनके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और कमजोर पाए जाने पर कार्रवाई, यहां तक कि पद से हटाने का फैसला भी लिया जा सकता है।

    दिल्ली से वरिष्ठ नेताओं की निगरानी

    पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार की समीक्षा को बेहद अहम माना जा रहा है। दिल्ली से वरिष्ठ नेता वामसी रेड्डी भी भोपाल पहुंचकर पूरे रिव्यू प्रोसेस की निगरानी करेंगे, जिससे पारदर्शिता और सख्ती सुनिश्चित की जा सके।

    15 से 18 अप्रैल तक संभागवार समीक्षा बैठकें

    प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी 15 से 18 अप्रैल के बीच चार दिनों तक संभागवार बैठकें करेंगे। इन बैठकों में जिलाध्यक्षों को बुलाकर संगठन निर्माण, अब तक के काम, सामने आई चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    किसानों के मुद्दे पर 16 अप्रैल को प्रदर्शन

    16 अप्रैल को कांग्रेस, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में होने वाले इस धरने में गेहूं खरीदी में देरी और किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाया जाएगा।

    ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन और प्रशिक्षण

    17 अप्रैल को नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें संगठन को मजबूत करने की रणनीति के साथ उनकी जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही जिलाध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे।

    संगठन विस्तार लगभग पूरा

    कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश में संगठन का ढांचा तेजी से मजबूत हुआ है। अब तक 23 हजार में से करीब 21 हजार पंचायत कमेटियों का गठन किया जा चुका है। आने वाले समय में इन्हें सक्रिय कर जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।

  • डॉक्टर ने जताई जान का खतरा, पुलिस से मांगी सुरक्षा, आरोपी सलाखों के पीछे!

    डॉक्टर ने जताई जान का खतरा, पुलिस से मांगी सुरक्षा, आरोपी सलाखों के पीछे!


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Dewas में सामने आए ब्लैकमेलिंग मामले ने तूल पकड़ लिया है। शहर के कई डॉक्टर एकजुट होकर कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस से सुरक्षा की मांग की। डॉक्टरों का कहना है कि एक महिला डॉक्टर का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ असामाजिक तत्व उन्हें परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

    पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा

    सीएसपी Sumit Agrawal ने बताया कि डॉक्टरों ने आवेदन देकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कुछ लोग माहौल का गलत फायदा उठाकर डॉक्टरों को परेशान कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें हर संभव सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है।

    7 आरोपियों पर केस, 5 गिरफ्तार

    कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि ये लोग मरीज बनकर डॉक्टरों से संपर्क करते थे, स्टिंग ऑपरेशन करते थे और फिर ब्लैकमेलिंग करते थे। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

    रेलवे स्टेशन से दबोचे गए आरोपी

    गिरफ्तार आरोपियों में पटियाला निवासी Vinay Arora और उसकी साथी Rajni Bhatia शामिल हैं, जिन्हें देवास रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। दोनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके अलावा एक आरोपी पुलिस रिमांड पर है, जबकि एक महिला और एक अन्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है।

    महिला डॉक्टर का लाइसेंस रद्द, अस्पताल सील

    मामले में कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर Charu Tiwari के नर्सिंग होम का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसीलदार सपना शर्मा की मौजूदगी में मेडिकल टीम ने अस्पताल पहुंचकर परामर्श कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड को सील कर दिया।

    देवास ब्लैकमेलिंग मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस जहां आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है, वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा और मेडिकल सिस्टम की साख बनाए रखना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।