घटना के बाद पीड़ित पिता ने बैराड़ थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कमलकिशोर धाकड़ के खिलाफ मारपीट और धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Category: Madhya Pradesh
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पारिवारिक विवाद बना हिंसा, बेटे ने पिता पर किया हमला और दी जान से मारने की धमकी
नई दिल्ली। शिवपुरी (बैराड़ थाना क्षेत्र) मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। ग्राम गाजीगढ़ में जमीन के बंटवारे और केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) की एनओसी को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी।घटना 12 मई की शाम की बताई जा रही है, जब 65 वर्षीय हरचरण धाकड़ अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा कमलकिशोर धाकड़ घर पहुंचा और जमीन के बंटवारे तथा केसीसी की एनओसी को लेकर विवाद करने लगा। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपी बेटे ने गाली-गलौज करते हुए पिता को जमीन पर गिरा दिया।आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने बुजुर्ग पिता पर लात-घूंसों से हमला किया और डंडे से भी वार कर दिया, जिससे उनके माथे पर गंभीर चोट लग गई और खून निकल आया। घटना से घर में अफरा-तफरी मच गई।मौके पर छोटा बेटा रिंकू धाकड़ और गांव के प्रताप धाकड़ पहुंचे और बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया। लेकिन जाते-जाते आरोपी बेटे ने पिता को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे परिवार दहशत में आ गया।
घटना के बाद पीड़ित पिता ने बैराड़ थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कमलकिशोर धाकड़ के खिलाफ मारपीट और धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां संपत्ति विवाद ने पारिवारिक रिश्तों को दर्दनाक मोड़ दे दिया। -

सतना में अवैध शराब का भंडाफोड़, 126 लीटर शराब और बाइक के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली। सतना जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और आबकारी विभाग ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। इन मामलों में कुल तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 126 लीटर अवैध शराब के साथ दो बाइक भी जब्त की गई हैं।पहली कार्रवाई कोलगवां थाना क्षेत्र की बाबूपुर चौकी पुलिस ने की, जहां गोरइया मोड़ के पास घेराबंदी कर दो सगे भाइयों को पकड़ा गया। आरोपी संदीप चौधरी (22) और संजय चौधरी (20), निवासी बराज, बाइक से अवैध शराब की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने उनकी बाइक (MP 19 ZF 7595) को रोककर तलाशी ली, जिसमें प्लास्टिक की बोरियों में भरी 6 पेटी देशी शराब बरामद हुई।बरामद शराब की कुल मात्रा करीब 54 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 हजार रुपए आंकी गई है। वहीं आरोपियों की बाइक, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई जा रही है, उसे भी जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में दोनों भाइयों ने शराब की अवैध बिक्री के लिए सप्लाई की बात स्वीकार की है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।दूसरी कार्रवाई आबकारी विभाग ने जिगनहट क्षेत्र के पास की, जहां एक आरोपी को बड़ी खेप के साथ पकड़ा गया। आरोपी संतू कोल (27), निवासी जवाहर नगर गली नंबर-7, बाइक (MP 19 ZQ 3518) पर अवैध शराब लेकर जा रहा था। जांच के दौरान उसके पास से तीन बड़े थैलों में भरी 72 लीटर शराब बरामद हुई।आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त शराब और बाइक की कुल कीमत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपए आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया है।पुलिस और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अवैध नेटवर्क पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। -

सतना में चोरी केस का पर्दाफाश, 6 मामलों के आरोपी की एक महीने बाद गिरफ्तारी
नई दिल्ली। सतना (सिविल लाइन थाना क्षेत्र) सतना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान बंटी उर्फ चट्टा के रूप में हुई है, जो न सिर्फ एक घर में हुई चोरी का मुख्य आरोपी है, बल्कि अन्य 6 चोरी के मामलों में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।घटना 7 अप्रैल की है, जब वार्ड-1 अमौधा खुर्द निवासी 60 वर्षीय निशा सिंह अपने घर से बाहर थीं। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने सूने घर का फायदा उठाते हुए नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
करीब एक महीने तक चली जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी बंटी उर्फ चट्टा (20), निवासी बसोर बस्ती-नारायण तालाब, थाना कोलगवां को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने निशा सिंह के घर में हुई चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, अभी तक चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और नकदी की बरामदगी नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस की जांच अभी जारी है।
टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार, आरोपी एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज 5 अन्य चोरी के मामलों में भी तलाश की जा रही थी। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों और फरार साथियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
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CBSE 12th Result 2026: क्या फेल हुआ डिजिटल सिस्टम? जानिए रिजल्ट लेट होने की असली वजह
नई दिल्ली। CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 (CBSE 12th Result 2026) का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है। बोर्ड की ओर से अभी तक रिजल्ट जारी करने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। इसी बीच ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कॉपियों के मूल्यांकन की डिजिटल प्रक्रिया में तकनीकी और संचालन संबंधी दिक्कतों की वजह से रिजल्ट में देरी हो रही है। हालांकि CBSE ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम?
CBSE ने पिछले कुछ वर्षों में मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया था। इस सिस्टम में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल फॉर्म में परीक्षकों को भेजा जाता है। इसके बाद शिक्षक ऑनलाइन ही कॉपियां जांचते हैं। माना जाता है कि इससे रिजल्ट जल्दी तैयार होता है और मानवीय गलतियों की संभावना कम होती है। लेकिन इस बार कई शिक्षकों ने तकनीकी समस्याओं, सर्वर स्लो होने और लॉगिन दिक्कतों की शिकायत की है। इसी कारण रिजल्ट में देरी की चर्चा तेज हो गई है।कब जारी हो सकता है रिजल्ट?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CBSE 12वीं का रिजल्ट मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में जारी किया जा सकता है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र CBSE की आधिकारिक वेबसाइट, DigiLocker और UMANG ऐप के जरिए अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। बोर्ड की ओर से छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपडेट पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें। रिजल्ट जारी होने के बाद डिजिटल मार्कशीट भी उपलब्ध करा दी जाएगी। -

करोंद में भीषण आग: KFC के पास बिल्डिंग में लगी आग, सामान और AC जलकर नष्ट
नई दिल्ली। भोपाल (करोंद) राजधानी भोपाल के करोंद इलाके में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक चार मंजिला व्यावसायिक बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे इलाके में फैल गया और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।यह बिल्डिंग पीपुल्स हॉस्पिटल के सामने स्थित है और इसमें इलेक्ट्रॉनिक शोरूम समेत फूड आउटलेट भी संचालित हो रहे हैं। आग क्रोमा के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के पास रखे जनरेटर में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जो देखते ही देखते फैल गई। इसी फ्लोर पर KFC आउटलेट भी मौजूद है, हालांकि आग सीधे आउटलेट तक नहीं पहुंची और बड़ा नुकसान टल गया।आग की चपेट में आने से कई एयर कंडीशनर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्नीचर जलकर खाक हो गए, जिससे लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय बिल्डिंग में ज्यादा भीड़ मौजूद नहीं थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।आग लगते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। काले धुएं और ऊंची लपटों को देखकर इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पीपुल्स हॉस्पिटल की फायर ब्रिगेड सबसे पहले मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसके बाद नगर निगम की दमकल भी पहुंच गई और दोनों टीमों ने मिलकर करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।फायर अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह जनरेटर में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग तेजी से फैलने के बावजूद समय पर कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही निशातपुरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और पूरे मामले की जांच जारी है। -

शाहपुर में सनसनीखेज खुलासा: दोहरे हत्याकांड के आरोपी दबोचे गए, अवैध शराब विवाद में की थी हत्या
नई दिल्ली।सागर (शाहपुर/सानौधा) मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले दो युवकों पर बेरहमी से लाठी-रॉड से हमला किया और बाद में पूरे मामले को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की।घटना 8 मई की रात की है, जब नीलेश अहिरवार, अंशुल यादव और उनके तीन अन्य साथियों ने सूरज अहिरवार और नीरज प्रजापति पर हमला कर दिया। आरोपियों को शक था कि दोनों युवक अवैध शराब बेचते हैं। इसी शक के चलते पहले विवाद हुआ और फिर बात हिंसक झगड़े में बदल गई। हमले में नीरज प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सूरज ने दो दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे छिपाने की कोशिश भी की। उन्होंने नीरज के शव को क्षतिग्रस्त बाइक के साथ सड़क किनारे फेंक दिया ताकि यह घटना किसी सड़क दुर्घटना जैसी लगे। इतना ही नहीं, पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी को भी जानबूझकर खंती में उतार दिया गया। लेकिन पुलिस की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नीलेश अहिरवार को उसके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान वह भागने की कोशिश में गिर पड़ा, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। वहीं दूसरा आरोपी अंशुल यादव को अमोदा तिराहे के पास उस समय पकड़ा गया जब वह फरार होने की तैयारी में था और परिजनों से मिलने आया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ में वारदात में इस्तेमाल लाठी-रॉड भी बरामद कर ली गई है।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी नीलेश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। वहीं अंशुल यादव के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज है।इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने चक्काजाम किया और शराब दुकान में आगजनी की भी घटना सामने आई थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों भगवत पटेल, छोटू उर्फ हर्ष सिंह और अभिषेक पटेल की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। -

गूगल मैप की गलती या किस्मत? शराब से भरा ट्रक सीधे थाने पहुंचा, 1500 पेटी जब्त
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां गूगल मैप के चक्कर और ड्राइवर की थकान के कारण शराब से भरा ट्रक सीधे पुलिस थाने के पास पहुंच गया। मकरोनिया थाना पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोक लिया और उसमें भरी करीब 1500 पेटी बॉम्बे व्हिस्की को जब्त कर लिया।यह ट्रक (MP 09 DF 0620) खरगोन जिले के बड़वाह से लोड होकर जबलपुर होते हुए रीवा जा रहा था, लेकिन रास्ते में ड्राइवर की आंख लग जाने और गलत नेविगेशन के कारण वाहन सागर की ओर मुड़ गया।कैसे भटका ट्रक?
पूछताछ में ड्राइवर रामचंद्र वर्मा ने बताया कि सफर के दौरान वह थकान के कारण सो गया था। इस दौरान हेल्पर ने वाहन संभाला और गूगल मैप की मदद से रास्ता तय करने की कोशिश की। लेकिन गलत रूटिंग के चलते ट्रक सागर पहुंच गया और बहेरिया मार्ग पर मकरोनिया थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान पकड़ लिया गया।शराब की खेप और दस्तावेजों की जांच
पुलिस के अनुसार ट्रक में भारी मात्रा में शराब की खेप मिली है, जिसे फिलहाल सुरक्षित रखवा दिया गया है। ड्राइवर और हेल्पर ने बताया कि यह खेप वैध है और सभी दस्तावेज मौजूद हैं।हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:
सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है
सत्यापन के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी
शराब की खेप की वैधता की पुष्टि जरूरी हैपुलिस की कार्रवाई
मकरोनिया थाना पुलिस ने ट्रक को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, बिना सत्यापन किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। दस्तावेजों की जांच के बाद ही तय किया जाएगा कि मामला सामान्य परिवहन का है या इसमें कोई अनियमितता है।चर्चा में आया मामला
इस घटना ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है, जहां लोग इसे “गूगल मैप का कन्फ्यूजन” और “ड्राइवर की गलती” से जोड़कर देख रहे हैं। -

चीता प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव: अब कूनो से होंगे ट्रांसफर, विशाल बाड़े में होगी नई शिफ्टिंग
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट अब एक नए चरण में पहुंच गया है। कूनो नेशनल पार्क में सफल पुनर्वास के बाद अब राज्य के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में चीतों की बसाहट की तैयारी तेजी से चल रही है। खास बात यह है कि इस बार चीतों को विदेश से नहीं, बल्कि कूनो नेशनल पार्क से ही ट्रांसफर किया जाएगा। वन विभाग ने इसके लिए मुहली रेंज में विशाल और आधुनिक बोमा (बाड़े) तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। जुलाई तक निर्माण पूरा होने के बाद अगस्त और सितंबर के बीच चीतों की शिफ्टिंग की संभावना जताई जा रही है।भोपाल के वन विहार जितना बड़ा बाड़ा
नौरादेही में बन रहे कुल पांच बाड़ों का क्षेत्रफल लगभग 439 एकड़ है, जो भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान (करीब 451 एकड़) के लगभग बराबर है। इनमें 14 फीट ऊंचे सॉफ्ट रिलीज बाड़े और 10 फीट ऊंचे क्वॉरंटीन बाड़े शामिल हैं। सुरक्षा के लिए 6 लेयर इलेक्ट्रिक फेंसिंग भी लगाई जा रही है। वन विभाग का कहना है कि इन बाड़ों का उद्देश्य चीतों को सुरक्षित वातावरण में धीरे-धीरे प्राकृतिक माहौल के लिए तैयार करना है।कूनो का ‘गौरव’ बन सकता है पहला शिफ्टेड चीता
सूत्रों के अनुसार, कूनो नेशनल पार्क से चार चीतों दो नर और दो मादा को नौरादेही लाया जा सकता है। इनमें प्रसिद्ध चीता ‘गौरव’ का नाम भी चर्चा में है। कूनो अब देश में चीता प्रोजेक्ट का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां चीतों की संख्या 57 से अधिक हो चुकी है।बाघ, तेंदुआ और चीता एक साथ रहेंगे
नौरादेही टाइगर रिजर्व को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह देश का पहला ऐसा क्षेत्र होगा जहां बाघ, तेंदुआ और चीता एक साथ सह-अस्तित्व में रहेंगे। यहां विशाल खुले घास के मैदान और शिकार की पर्याप्त उपलब्धता इसे चीतों के लिए अनुकूल बनाती है। विशेषज्ञों के अनुसार चिंकारा, चीतल और सांभर की मौजूदगी इस प्रोजेक्ट को और मजबूत बनाती है। तीनों बड़े शिकारी जानवरों के अलग-अलग शिकार पैटर्न होने से टकराव की संभावना भी कम मानी जा रही है।ग्रामीणों को किया जाएगा जागरूक
वन विभाग 20 मई से आसपास के गांवों में “चीता चौपाल” शुरू करेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को चीतों के व्यवहार, सुरक्षा और सह-अस्तित्व के बारे में जागरूक करना है। करीब 100 वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए कूनो भी भेजा जाएगा।नौरादेही टाइगर रिजर्व: एक नजर में
स्थापना: 1975
टाइगर रिजर्व दर्जा: 20 सितंबर 2023
कुल क्षेत्रफल: 2339 वर्ग किमी (मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व)
जिलों में फैला: सागर, दमोह, नरसिंहपुर
कोर एरिया: 1414 वर्ग किमी -

उज्जैन में नीट विवाद पर सियासी गरमाहट, युवक कांग्रेस का प्रदर्शन-टावर चौक पर फूंका पुतला
नई दिल्ली। उज्जैन में NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले के बाद छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम युवक कांग्रेस ने शहर के व्यस्त टावर चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के साथ-साथ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और इसे देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है।युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अर्पित यादव ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं है, बल्कि यह देश के 22 लाख से अधिक छात्रों के सपनों और मेहनत पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन छात्रों ने वर्षों तक कठिन परिश्रम किया, उन्हें अब अव्यवस्था और भ्रष्ट प्रणाली की कीमत चुकानी पड़ रही है।उन्होंने यह भी कहा कि कई परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए भारी कर्ज लिया, जबकि कुछ ने अपने गहने तक बेच दिए, लेकिन परिणामस्वरूप उन्हें अनिश्चितता और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। यादव ने इसे शिक्षा व्यवस्था में संगठित भ्रष्टाचार का परिणाम बताया और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह से सवालों के घेरे में आ चुकी है। उनका आरोप था कि बार-बार पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के कारण छात्रों का भरोसा टूट रहा है।प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस ने NTA अधिकारियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो देश की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में आ सकती है।टावर चौक पर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसमें चंद्रभान सिंह चंदेल, अजीत सिंह ठाकुर, रहीम लाल, ललित मीना, पोप सिंह, यश जैन, हिमांशु शुक्ला और योगेश दायमा सहित कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।पुलिस प्रशासन ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखा, जबकि प्रदर्शन कुछ समय बाद शांतिपूर्वक समाप्त हुआ। हालांकि, छात्रों और संगठनों का आक्रोश अब भी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है। -

उज्जैन में अनोखी पहल: सिंहस्थ कार्यों के निरीक्षण में अधिकारी ट्रैवलर बस से पहुंचे, खर्च में भारी कटौती
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Ujjain में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच प्रशासन ने ईंधन बचत की दिशा में एक अनोखी और अनुकरणीय पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत अपील और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है।अब सिंहस्थ कार्यों के निरीक्षण के लिए अधिकारी अलग-अलग वाहनों की बजाय एक ही ट्रैवलर बस में यात्रा कर रहे हैं। बुधवार को संभागायुक्त, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त सहित करीब 15 अधिकारी एक साथ बस में बैठकर 29 किलोमीटर लंबे घाट क्षेत्र के निरीक्षण के लिए पहुंचे।
पहले स्थिति यह थी कि हर दिन विभिन्न विभागों के अधिकारी 15 अलग-अलग इनोवा वाहनों से निरीक्षण के लिए निकलते थे, जिससे भारी मात्रा में ईंधन खर्च होता था। अनुमान के अनुसार, केवल एक दिन के निरीक्षण में लगभग 6750 रुपये तक का ईंधन खर्च हो जाता था।नई व्यवस्था के तहत अब सभी अधिकारी एक साथ यात्रा कर रहे हैं, जिससे खर्च में भारी कमी आई है। ट्रैवलर बस के उपयोग से यह पूरा सफर अब लगभग 250 रुपये के डीजल खर्च में पूरा हो रहा है, हालांकि बस का दैनिक किराया करीब 4100 रुपये है।प्रशासन का कहना है कि इस पहल से न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी दबाव घटेगा। पहले कई वाहनों के काफिले से सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बन जाती थी, अब एक ही वाहन से यात्रा होने पर यह समस्या कम हो गई है।निरीक्षण के दौरान अधिकारी सुबह 6 बजे से घाटों और प्रस्तावित एप्रोच रोड का जायजा लेते हैं और कई किलोमीटर पैदल भी चलते हैं। इस दौरान निर्माण कार्यों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि यह निर्णय न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे टीम भावना भी मजबूत होगी। सभी अधिकारी एक साथ यात्रा करेंगे तो समन्वय बेहतर होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी आसान होगी।कलेक्टर ने इसे एक अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था आगे चलकर अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बन सकती है।