Category: Madhya Pradesh

  • पीथमपुर में नाबालिग अपहरण-रेप का आरोपी गिरफ्तार, बस स्टैंड से दबोचा गया!

    पीथमपुर में नाबालिग अपहरण-रेप का आरोपी गिरफ्तार, बस स्टैंड से दबोचा गया!


    पीथमपुर। पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को Eicher Bus Stand के पास से घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी बस स्टैंड क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

    फरवरी से चल रहा था फरार

    यह मामला फरवरी महीने का है, जब एक नाबालिग के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। घटना के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी मानपुर के पास सेजगढ़ का रहने वाला है।

    पीड़िता के बयान के आधार पर गंभीर धाराएं

    जांच अधिकारी चाँदनी सिंगार के अनुसार, नाबालिग पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सके और अन्य पहलुओं की भी जांच हो सके।

    कोर्ट में पेशी की तैयारी

    पुलिस ने बताया कि आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

     कानून के शिकंजे में अपराधी

    इस कार्रवाई से साफ है कि पुलिस अपराधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए सक्रिय है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ती है।

  • भोपाल में हाई प्रोफाइल केस, EOW में शिकायत दर्ज, 237 प्रोजेक्ट की मंजूरी पर सियासत गरम

    भोपाल में हाई प्रोफाइल केस, EOW में शिकायत दर्ज, 237 प्रोजेक्ट की मंजूरी पर सियासत गरम


    भोपाल । भोपाल में भ्रष्टाचार के मामले में हलचल मची हुई है। पूर्व आईएफएस आजाद सिंह डबास ने 4 आईएएस अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 23 मई 2025 को बिना सिया बैठक के 237 प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई थी। इस प्रक्रिया में करोड़ों के भ्रष्टाचार के संकेत मिलते हैं।

    शिकायत के अनुसार आरोपित अधिकारियों में आईएएस अशोक बर्णवाल नवनीत मोहन कोठारी उमा महेश्वरी आर और श्रीमन शुक्ला शामिल हैं। आजाद सिंह डबास का कहना है कि इन अधिकारियों ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते हुए परियोजनाओं को अनुमति दी। जबकि पर्यावरण मंजूरी से पहले सिया की बैठक बुलाना अनिवार्य होता है।

    पूर्व आईएफएस ने आरोप लगाया कि बिना बैठक के परियोजनाओं को अनुमति देना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि यह करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार को जन्म देता है। उन्होंने EOW से इन सभी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और जांच करने की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार आरोपित अधिकारियों में तत्कालीन एसीएस पर्यावरण अशोक बर्णवाल प्रमुख सचिव पर्यावरण नवनीत मोहन कोठारी सदस्य सचिव सिया उमा महेश्वरी आर और प्रभारी सदस्य सचिव सिया श्रीमन शुक्ला शामिल थे। शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस गैरकानूनी मंजूरी से पर्यावरण और सरकारी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला राज्य के प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ईओडब्ल्यू की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोप कितने प्रमाणिक हैं। इस मामले ने न केवल सरकारी अधिकारियों बल्कि बड़ी परियोजनाओं की प्रक्रिया पर भी ध्यान खींचा है।

    पूर्व IFS आजाद सिंह डबास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूरी महसूस हुई। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी स्तर के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। उनका यह कदम भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

    राज्य के प्रशासनिक माहौल में इस मामले ने हलचल मचा दी है और ईओडब्ल्यू द्वारा की जाने वाली कार्रवाई को लेकर जनता और मीडिया में उत्सुकता बढ़ गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि FIR दर्ज होती है तो यह मामले की गंभीरता को दर्शाएगा और भविष्य में परियोजना मंजूरी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

  • माता-पिता के विवाद से परेशान युवक ने उठाया खौफनाक कदम, जहर खाया

    माता-पिता के विवाद से परेशान युवक ने उठाया खौफनाक कदम, जहर खाया


    इंदौर। इंदौर के आजाद नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक कलह से परेशान एक 19 वर्षीय युवक ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। यह घटना बुधवार की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है।

    मृतक की पहचान अनुराग (19) के रूप में हुई है, जो पवनपुरी पालदा क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। बताया जा रहा है कि वह अपने माता-पिता के बीच चल रहे विवाद से मानसिक रूप से बेहद परेशान था।

    छोटे भाई से बातचीत के बाद उठाया कदम

    पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से पहले अनुराग की अपने छोटे भाई से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उसे पता चला कि उसके पिता ने उसकी मां के साथ मारपीट की है।

    यह बात सुनकर वह काफी आहत हो गया। इसके बाद उसकी अपने पिता से भी बातचीत हुई, जो विवाद में बदल गई। इसी मानसिक तनाव में आकर अनुराग ने जहर खा लिया।

    अस्पताल में तोड़ा द

    घटना के बाद अनुराग की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसके रिश्तेदार नीरज उसे गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा दुख और सदमा है।

    कामकाजी युवक था, तीन साल से रह रहा था इंदौर में

    पुलिस के मुताबिक, अनुराग मूल रूप से नर्मदापुरम जिले के बिशोनी गांव का रहने वाला था। वह पिछले तीन साल से इंदौर में रहकर एक दाल मिल में काम कर रहा था और अपने परिवार की मदद कर रहा था। परिवार में उसके माता-पिता और एक छोटा भाई हैं। उसके पिता पेशे से ड्राइवर बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    आजाद नगर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।

    पारिवारिक तनाव के गंभीर परिणाम

    यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि पारिवारिक विवाद का असर सिर्फ पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालता है। ऐसे मामलों में संवाद और समझदारी बेहद जरूरी होती है।

  • कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने मातृत्व अवकाश वेतन से वंचित नहीं करने का किया निर्देश

    कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने मातृत्व अवकाश वेतन से वंचित नहीं करने का किया निर्देश

    जबलपुर । जबलपुर मध्यप्रदेश में गेस्ट फैकल्टी के मातृत्व अवकाश को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले से कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गेस्ट फैकल्टी को मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन से वंचित नहीं किया जा सकता है।

    मामला कटनी जिले के शासकीय तिलक पीजी कॉलेज से जुड़ा है जहां गेस्ट फैकल्टी प्रीति साकेत ने मातृत्व अवकाश का लाभ लेने के प्रयास में याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार कॉलेज के प्रिंसिपल ने उन्हें मातृत्व अवकाश से वंचित कर दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी राज्य सरकार के अधीन कार्यरत संस्थान में 12 महीनों में 80 दिन कार्य करने की शर्त लागू नहीं होगी।

    हाईकोर्ट ने मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 की धारा 5(1) का हवाला देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को 26 हफ्ते की सवेतन छुट्टी का पूरा हक मिलेगा। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि संवैधानिक न्यायालय द्वारा भारत के संविधान की मूल भावना और नीति-निर्देशक सिद्धांतों की उपेक्षा नहीं की जा सकती।

    अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मातृत्व अवकाश सिर्फ निजी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है बल्कि राज्य के अधीन काम करने वाली गेस्ट फैकल्टी पर भी लागू होता है। कोर्ट के आदेश में कहा गया कि अवकाश के दौरान वेतन रोकना अवैध होगा और यह महिलाओं के अधिकारों का हनन है।

    कोर्ट ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता प्रीति साकेत को 26 हफ्ते की सवेतन मातृत्व छुट्टी प्रदान की जाए और उनके वेतन में किसी प्रकार की कटौती न की जाए। अदालत ने इस फैसले को बड़े सामाजिक महत्व का बताया और कहा कि कामकाजी महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण मिलना चाहिए।

    इस फैसले से न केवल याचिकाकर्ता को राहत मिली है बल्कि पूरे राज्य की गेस्ट फैकल्टी और अन्य संस्थानों में कामकाजी महिलाओं को भी यह संदेश गया कि मातृत्व अवकाश के अधिकार से किसी को वंचित नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला कामकाजी महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा और अन्य मामलों में भी समान प्रवृत्ति को बढ़ावा देगा।

    कोर्ट के इस निर्णय ने यह स्पष्ट किया कि मातृत्व अवकाश सिर्फ समय की अवधि तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें सवेतन अवकाश का भी अधिकार शामिल है। इससे महिलाओं को नौकरी में बने रहने अपनी स्वास्थ्य और बच्चे की देखभाल करने और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

  • पलक झपकते ही उड़ाए पैसे, दो युवतियों की चालाकी का वीडियो वायरल

    पलक झपकते ही उड़ाए पैसे, दो युवतियों की चालाकी का वीडियो वायरल


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले में बैंक के बाहर दिनदहाड़े हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करैरा थाना क्षेत्र में दो युवतियों ने मिलकर महज 15–20 सेकंड में एक युवक के बैग से 90 हजार रुपये उड़ा लिए। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें उनकी प्लानिंग और तरीका साफ नजर आ रहा है।

    बैंक से रकम निकालते ही बने निशाना

    जानकारी के मुताबिक, ग्राम डुमघना निवासी 26 वर्षीय आकाश श्रीवास्तव, जो एसबीआई कियोस्क संचालक हैं, मंगलवार सुबह करीब 11:40 बजे State Bank of India की गांधी रोड स्थित करैरा शाखा पहुंचे थे। उन्होंने अपने कियोस्क खाते से 1 लाख 60 हजार रुपये निकाले और बैग में रखकर बैंक से बाहर निकल गए। लेकिन जैसे ही वह बैंक के गेट तक पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठी दो युवतियों ने उन्हें अपना निशाना बना लिया।

    एक ने रोका, दूसरी ने काटा बैग

    CCTV फुटेज के अनुसार, एक युवती अचानक आकाश के सामने आ गई और बातचीत में उलझा लिया। उसने रास्ता रोककर उनका ध्यान भटका दिया। इसी दौरान दूसरी युवती पीछे आकर खड़ी हो गई और ब्लेड से बैग को बेहद सफाई से काट दिया। कुछ ही सेकंड में बैग से 90 हजार रुपये निकाल लिए गए और दोनों युवतियां वहां से आराम से निकल गईं। यह पूरी वारदात इतनी तेजी से हुई कि युवक को भनक तक नहीं लगी।

    CCTV में दिखी पूरी साजिश

    फुटेज में साफ दिख रहा है कि दोनों युवतियां पहले से बैंक के बाहर मौजूद थीं और मौके का इंतजार कर रही थीं। एक युवती ने चप्पल ठीक करने जैसे बहाने से इशारे कर साथी को संकेत दिया, जबकि दूसरी ने चोरी को अंजाम दिया।

    वारदात के बाद दोनों पैदल वहां से निकल गईं। बताया जा रहा है कि वे ई-रिक्शा (टमटम) से बैंक तक पहुंची थीं, जिससे यह पूरी घटना सुनियोजित लग रही है।

    कियोस्क पहुंचने पर हुआ खुलासा

    आकाश को चोरी की जानकारी तब हुई जब वह अपने कियोस्क सेंटर पहुंचे और बैग चेक किया। पैसे गायब देख वह तुरंत बैंक लौटे और CCTV फुटेज की जांच कराई, जिसमें पूरी घटना सामने आ गई।

    पुलिस ने दर्ज किया केस, तलाश जारी

    करैरा थाना प्रभारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद दो अज्ञात युवतियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है।

    सतर्कता जरूरी, ऐसे बचें

    इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। बैंक से पैसे निकालते समय बैग को सुरक्षित रखें और अनजान लोगों से दूरी बनाए रखें, ताकि इस तरह की वारदातों से बचा जा सके।

  • 2 हजार के विवाद में महिला पर हमला, सिर पर भगौनी मारकर किया घायल

    2 हजार के विवाद में महिला पर हमला, सिर पर भगौनी मारकर किया घायल


    शिवपुरी।
    शहर की खाटू श्याम कॉलोनी में महज 2000 रुपये के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पड़ोसियों के बीच शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया गया। आरोप है कि पड़ोसी युवक ने महिला के सिर पर भगौनी (रसोई का बर्तन) से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

    गाली-गलौज के बाद बढ़ा विवाद

    घटना 8 अप्रैल की शाम की बताई जा रही है। कॉलोनी निवासी रचना (34) अपने घर के बाहर खड़ी थीं, तभी उनके पड़ोसी विकास धाकड़ अपनी मां के साथ वहां पहुंचे। दोनों के बीच पहले से ही पैसों के लेन-देन को लेकर तनाव चल रहा था। आरोप है कि आते ही मां-बेटे ने रचना को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। रचना द्वारा विरोध जताने पर विवाद और बढ़ गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और आसपास के लोग भी इकट्ठा होने लगे।

    भगौनी से किया हमला, महिला लहूलुहान

    विवाद के दौरान आरोपी विकास धाकड़ घर के अंदर गया और वहां से भगौनी लेकर बाहर आया। इसके बाद उसने रचना के सिर पर जोरदार वार कर दिया। अचानक हुए इस हमले से रचना जमीन पर गिर गईं और उनके माथे से खून बहने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला को पीठ में भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने घायल महिला को संभाला।

     पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

    घटना के बाद रचना सीधे थाने पहुंचीं और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी विकास धाकड़ और उसकी मां के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    छोटी बात, बड़ा विवाद-सतर्क रहने की जरूरत

    यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि छोटे-छोटे आर्थिक विवाद किस तरह बड़े अपराध का रूप ले सकते हैं। समाज में ऐसे मामलों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की जरूरत है, ताकि किसी की जान और सुरक्षा खतरे में न पड़े।

  • ग्वालियर केंद्रीय जेल में बड़ा खुलासा प्रहरी के आरोपों के बाद खुद ही हुआ निलंबित

    ग्वालियर केंद्रीय जेल में बड़ा खुलासा प्रहरी के आरोपों के बाद खुद ही हुआ निलंबित


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है जहां जेल के भीतर कथित रूप से रुपए के लेनदेन और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं इस बार आरोप किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि जेल के भीतर कार्यरत एक प्रहरी ने ही लगाए हैं जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है

    जेल प्रहरी पवन शर्मा ने सहायक जेल अधीक्षक नीरज यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि केंद्रीय जेल में बंद कैदियों से विभिन्न सुविधाओं के नाम पर अवैध वसूली की जाती है उन्होंने आरोप लगाया कि रुपए न देने पर कैदियों को प्रताड़ित भी किया जाता है जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं

    प्रहरी के मुताबिक जेल के अंदर प्रतिबंधित गतिविधियां भी पैसों के बल पर संचालित हो रही हैं उनका आरोप है कि कैदियों को रुपए लेकर गांजा और अन्य नशीले पदार्थ उपलब्ध कराए जाते हैं इतना ही नहीं बैरक बदलवाने के नाम पर कैदियों से 50 हजार रुपए तक वसूले जाते हैं वहीं फोन पर बात कराने के लिए 2 मिनट के 500 रुपए तक लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है इसके अलावा कैदियों की मांग के अनुसार अन्य सामान भी पैसे लेकर उपलब्ध कराया जाता है

    इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद जेल प्रशासन हरकत में आया लेकिन कार्रवाई का रुख कुछ अलग ही नजर आया जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने आरोप लगाने वाले प्रहरी पवन शर्मा को ही निलंबित कर दिया बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई झूठे और निराधार आरोप लगाने के आधार पर की गई है

    वहीं इस पूरे मामले में सहायक जेल अधीक्षक नीरज यादव पर लगे आरोपों को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है हालांकि इस घटनाक्रम ने जेल प्रशासन की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पहले भी प्रदेश की जेलों में अवैध गतिविधियों और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाएं होती रही हैं ऐसे में ग्वालियर केंद्रीय जेल का यह मामला न केवल प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है बल्कि जेल सुधार व्यवस्था पर भी बहस को तेज कर सकता है

    फिलहाल इस पूरे प्रकरण में आगे क्या जांच होती है और सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं लेकिन इतना जरूर है कि इन आरोपों ने जेल व्यवस्था की छवि पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है

  • देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट

    देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट


    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां देर रात घर लौट रहे एक दंपति पर बदमाशों ने हमला कर दिया और लूट की कोशिश के दौरान पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और छोटी बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है

    जानकारी के अनुसार यह घटना अटेर थाना क्षेत्र की है जहां बुधवार देर रात नीलेश जाटव अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ बाइक से अपनी ससुराल जामना गांव से खरिका गांव लौट रहे थे रास्ते में रमटा गांव के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और नीलेश की पत्नी का पर्स छीनने का प्रयास किया

    जब नीलेश जाटव ने बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने बिना देर किए उस पर गोली चला दी गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया खून से लथपथ हालत में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पत्नी गहरे सदमे में चली गई

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया वहीं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए

    मृतक के छोटे भाई अविंद जाटव ने बताया कि नीलेश परिवार के साथ ससुराल से लौट रहे थे तभी दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी पत्नी का पर्स छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी उन्होंने बताया कि हमलावर दो युवक थे जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके

    इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है यह वारदात एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है जहां आम नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं

  • खेल सुविधाओं में बड़ा विस्तार सिंगरौली में बनेगा हाईटेक खेल परिसर छात्रों को मिलेगा लाभ

    खेल सुविधाओं में बड़ा विस्तार सिंगरौली में बनेगा हाईटेक खेल परिसर छात्रों को मिलेगा लाभ


    सिंगरौली । सिंगरौली जिले में खेल सुविधाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है जहां जिला प्रशासन और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बीच ₹13.29 करोड़ की लागत से आधुनिक खेल परिसर के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं यह परियोजना जिले के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलने वाली साबित होगी

    इस पहल को साकार रूप देने में कलेक्टर गौरव बैनल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है जिनके प्रयासों से शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है लंबे समय से जिले में आधुनिक खेल सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी जिसे अब यह परियोजना दूर करेगी

    सीएसआर मद के अंतर्गत शुरू होने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना में खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी इसमें स्विमिंग पूल बास्केटबॉल कोर्ट लॉन टेनिस कोर्ट बैडमिंटन कोर्ट टेबल टेनिस की व्यवस्था के साथ क्रिकेट नेट प्रैक्टिस पिच भी शामिल होगी इसके अलावा परिसर में पार्किंग और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी समुचित विकास किया जाएगा जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों को सुविधा मिल सके

    खास बात यह है कि इस खेल परिसर में विभिन्न खेलों के लिए प्रशिक्षण अकादमियां भी स्थापित की जाएंगी जहां प्रशिक्षित कोच युवाओं को नियमित प्रशिक्षण देंगे इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा बल्कि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में भी सक्षम हो सकेंगे

    परियोजना का क्रियान्वयन मध्य प्रदेश आवास एवं अवसंरचना विकास संस्था द्वारा किया जाएगा जबकि इसके संचालन के लिए एक स्वतंत्र सोसायटी का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे यह व्यवस्था परियोजना के सुचारू संचालन और रखरखाव को सुनिश्चित करेगी

    इस खेल परिसर के निर्माण से सिंगरौली के युवाओं को अपने ही जिले में उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा यह परियोजना खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगी

    परियोजना के मार्च 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है इसके बाद सिंगरौली जिले में खेल गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी और यहां के खिलाड़ी अपने सपनों को साकार करने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकेंगे यह पहल निश्चित रूप से क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी

  • असम केरल और पुडुचेरी में वोटिंग सीएम मोहन यादव ने मतदाताओं से की अहम अपील

    असम केरल और पुडुचेरी में वोटिंग सीएम मोहन यादव ने मतदाताओं से की अहम अपील


    भोपाल । देश में लोकतंत्र के महापर्व का उत्साह एक बार फिर देखने को मिल रहा है जहां असम केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है इन तीनों राज्यों में सुबह से ही मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था को दर्शा रही हैं

    इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों खासकर इन राज्यों के मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है उन्होंने अपने संदेश में पारंपरिक और प्रभावी नारे पहले मतदान फिर जलपान को दोहराते हुए लोगों को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि असम केरल और पुडुचेरी में आज लोकतंत्र का महापर्व है विधानसभा चुनाव 2026 के इस महत्वपूर्ण अवसर पर सभी मतदाताओं से विनम्र आग्रह है कि वे अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें उन्होंने यह भी कहा कि हर एक वोट केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं होता बल्कि यह विकास और सुशासन की मजबूत नींव रखने का भी आधार बनता है

    दरअसल इन तीनों राज्यों में चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से जोरदार प्रचार अभियान चल रहा था जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए थे इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी चुनाव प्रचार में शामिल हुए जिनमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी भी उल्लेखनीय रही

    मतदान के दिन उनकी यह अपील खास मायने रखती है क्योंकि यह न केवल मतदाताओं को जागरूक करने का प्रयास है बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने का संदेश भी देती है चुनाव आयोग द्वारा भी लगातार मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में हिस्सा लें

    आज का दिन इन राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाताओं का निर्णय आने वाले वर्षों की राजनीति और विकास की दिशा तय करेगा ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने अधिकार के साथ अपने कर्तव्य का भी पालन करे

    लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नागरिक सक्रिय रूप से इसमें भाग लें और मतदान के जरिए अपनी आवाज दर्ज कराएं यही कारण है कि पहले मतदान फिर जलपान जैसा संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है जितना पहले था यह केवल एक नारा नहीं बल्कि जागरूक नागरिक बनने की पहचान भी है