Category: Madhya Pradesh

  • MP : मालवा-निमाड़ में भीषण गर्मी का कहर, 11 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम सबसे गर्म शहर

    MP : मालवा-निमाड़ में भीषण गर्मी का कहर, 11 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम सबसे गर्म शहर

    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मालवा-निमाड़ क्षेत्र समेत इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिले अगले चार दिनों तक लू की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग ने 11 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल में सुबह से बादल छाए रहने के बावजूद उमस और गर्मी बनी हुई है।

    मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने दोहरे रंग दिखाए। कहीं तेज लू चली तो कहीं आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। निमाड़ क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।

    चक्रवात और टर्फ से बदला मौसम

    IMD के मुताबिक प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम सक्रिय होने से कई जिलों में मौसम बदला। बालाघाट, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़, धार, इंदौर, देवास, सीहोर, सागर, छिंदवाड़ा और रायसेन में दिनभर तेज गर्मी रही, लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। निवाड़ी और बालाघाट में ओलावृष्टि भी हुई। भोपाल में दिन के समय बादल और धूप का मिला-जुला असर रहा, जबकि रात में कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    रतलाम में लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड गर्मी

    मंगलवार को रतलाम लगातार तीसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा धार में 44.5 डिग्री, श्योपुर और शाजापुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। खरगोन में 43.6 डिग्री, गुना में 43.3 डिग्री और सागर में 43.2 डिग्री तापमान रहा। वहीं प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। इंदौर में 43.6 डिग्री, भोपाल में 42.6 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और ग्वालियर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    आज इन जिलों में लू का अलर्ट

    बुधवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, मंदसौर, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, रीवा, सतना, शहडोल और सागर समेत कई जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

    मई में 11 दिन तक बदला रहा मौसम
    प्रदेश में 30 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर 10 मई तक जारी रहा। कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी चक्रवात और टर्फ सिस्टम के असर से प्रदेश में लगातार मौसम बदला। मई के 12 दिनों में से 11 दिन कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओलावृष्टि दर्ज की गई। हालांकि बुधवार के लिए मौसम विभाग ने बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।

  • शिवपुरी में दो दर्दनाक मौतें: करंट लगने और जहरीला पदार्थ खाने से हड़कंप

    शिवपुरी में दो दर्दनाक मौतें: करंट लगने और जहरीला पदार्थ खाने से हड़कंप


    नई दिल्ली । शिवपुरी के राजा की मुड़ेरी गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। 65 वर्षीय डोंगर सिंह तोमर अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी अचानक बिजली का तार टूटकर उन पर गिर गया। टूटे हुए तार में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सिरसौद थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बिजली लाइन की स्थिति और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं।

    जहरीली दवा खाने से दूसरी मौत
    इसी दिन दूसरी घटना शिवपुरी के सर्किट हाउस रोड क्षेत्र की है, जहां 50 वर्षीय सरवन पाल ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया। परिजन उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरवन पाल ने यह कदम किन कारणों से उठाया। पुलिस मामले को आत्महत्या के एंगल से भी जांच रही है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस संबंध में भी मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी, कारणों की तलाश जारी
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा लिया है और जांच शुरू कर दी है।
    एक तरफ जहां बिजली हादसे में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जहरीले पदार्थ के सेवन का कारण अभी रहस्य बना हुआ है।

    शिवपुरी की ये दोनों घटनाएं क्षेत्र में शोक का माहौल छोड़ गई हैं। एक तरफ तकनीकी लापरवाही से हादसा, तो दूसरी तरफ संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • उज्जैन में बड़ा विवाद: यादव समाज से परिवार निष्कासित, सामाजिक गतिविधियों पर लगी रोक

    उज्जैन में बड़ा विवाद: यादव समाज से परिवार निष्कासित, सामाजिक गतिविधियों पर लगी रोक


    नई दिल्ली । उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के ग्राम बंगरेड में यह पूरा विवाद एक शादी समारोह से शुरू हुआ। डॉक्टर विष्णु प्रसाद यादव के यहां आयोजित कार्यक्रम में समाज की ओर से चंदा और धर्मशाला किराए को लेकर असहमति सामने आई। समाज द्वारा ₹5100 की बजाय ₹11,000 की राशि तय किए जाने पर वॉट्सऐप ग्रुप में चर्चा शुरू हुई। इसी दौरान नरेंद्र यादव ने सुझाव दिया कि यदि किसी से गलती हुई है तो उसे स्वीकार कर राशि वापस कर देनी चाहिए।

     टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद, फोन पर गाली-गलौज का आरोप
    पीड़ित नरेंद्र यादव का आरोप है कि उनकी इस टिप्पणी के बाद कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। इसके बाद समाज के एक पंच के भाई ईश्वरलाल यादव ने उन्हें फोन कर अपशब्द कहे और समाज छोड़ने तक की बात कही। नरेंद्र यादव का कहना है कि उन्होंने यह पूरी बात समाज के ग्रुप में भी साझा की, लेकिन किसी सदस्य ने उनका समर्थन नहीं किया।

     सामाजिक बहिष्कार और निष्कासन का संदेश
    आरोप है कि बिना किसी निष्पक्ष बैठक और बिना उनका पक्ष सुने ही समाज के वॉट्सऐप ग्रुप में उनके परिवार को निष्कासित करने का संदेश जारी कर दिया गया। इसके बाद उनके परिवार को गांव के सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में शामिल होने से रोक दिया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

     प्रशासन तक पहुंचा मामला, पहले भी की गई शिकायत
    नरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने पहले भी एसपी कार्यालय में शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
    बाद में समाज की बैठक जरूर हुई, लेकिन उसमें उन्हें शामिल नहीं किया गया। बैठक में केवल चंदे की राशि वापस कर मामले को समाप्त मान लिया गया।

    न्याय की मांग और गंभीर आरोप
    पीड़ित का आरोप है कि धर्मशाला किराए और चंदे में कथित अनियमितताओं का विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और सामाजिक रूप से अलग-थलग कर दिया गया। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

     धर्म परिवर्तन की चेतावनी से बढ़ा मामला
    नरेंद्र यादव ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और समाज में उनका सम्मान वापस नहीं किया गया, तो वे परिवार सहित धर्म परिवर्तन करने और अदालत जाने पर विचार करेंगे।

     प्रशासन की प्रतिक्रिया
    जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत को जांच में ले लिया है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    यह मामला सामाजिक संगठनों में आंतरिक विवाद, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते तनाव और सामाजिक बहिष्कार जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। प्रशासन की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

    छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली । अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में 19 वर्षीय ख्याति जैन, जो बीए की छात्रा थी, ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब उसकी मां किसी काम से बाहर गई हुई थी, उसी दौरान उसने यह कदम उठाया।
    ब्लेड से काटी नस
    छात्रा ने ब्लेड से अपने हाथ की नस काट ली, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
    पुलिस जांच शुरू
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

    खजूरी सड़क में अस्पताल अटेंडर ने लगाई फांसी
    23 वर्षीय युवक ने दी जान
    खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के भैंसाखेड़ी में 23 वर्षीय राकेश मेहरा, जो एक अस्पताल में अटेंडर के रूप में कार्यरत था, ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    घर में मिला शव
    पुलिस के अनुसार, राकेश ने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी लगाई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    कारण अज्ञात
    मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

    पुलिस की जांच जारी, कारणों की तलाश
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान और मोबाइल डेटा की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    भोपाल में सामने आई ये दोनों घटनाएं मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।

  • भोपाल में दिल दहला देने वाली वारदात, बाइक विवाद में बीच-बचाव करने वाले युवक पर चाकू से हमला

    भोपाल में दिल दहला देने वाली वारदात, बाइक विवाद में बीच-बचाव करने वाले युवक पर चाकू से हमला


    नई दिल्ली । भोपाल के छोला मंदिर क्षेत्र में एक मामूली सड़क हादसा बड़ी हिंसक घटना में बदल गया। रविवार शाम करीब 7:30 बजे नितिन लोधी की बाइक एक नाबालिग से टकरा गई। इसी बात को लेकर मौके पर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। नाबालिग के साथ आए दीपक ठाकुर और उसके साथियों ने नितिन से बहस शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख चचेरे भाई अजय लोधी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने की कोशिश की।

    बीच-बचाव करने पर दी धमकी
    अजय लोधी ने झगड़े को खत्म कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि इसी दौरान दीपक ठाकुर ने उसे धमकी दे दी। उस समय तो मामला शांत हो गया, लेकिन तनाव बना रहा।

    रात में फिर भड़का विवाद, मारपीट में बदला मामला
    कुछ घंटों बाद दोनों पक्ष रासलाखेड़ी इलाके में फिर आमने-सामने आ गए। इस बार विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान दीपक ठाकुर और उसके साथियों ने मिलकर अजय लोधी पर हमला कर दिया।

     चाकू से हमला, पेट में गंभीर चोट
    हमले के दौरान अजय के पेट में चाकू घोंप दिया गया। चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी आंतें बाहर आ गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया।

    इलाज के दौरान मौत, परिवार में मातम
    अजय लोधी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने लगातार इलाज किया। हालांकि, मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार और इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।

    पुलिस कार्रवाई: हत्या का केस दर्ज, दो गिरफ्तार
    शुरुआत में पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन मौत के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूछताछ की जा रही है।

    ग्वालियर की घटना ने भी बढ़ाई चिंता
    इसी तरह की एक और घटना में ग्वालियर में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावरों द्वारा लगातार लाठियां बरसाई जा रही हैं।

    भोपाल की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटे विवाद कैसे जानलेवा रूप ले सकते हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

  • मनासा कोर्ट के बाहर बवाल: दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी, वीडियो आया सामने

    मनासा कोर्ट के बाहर बवाल: दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी, वीडियो आया सामने


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा नगर में सोमवार शाम कोर्ट परिसर के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वैवाहिक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे मुख्य मार्ग पर दहशत का माहौल बन गया।

    घटना के बाद मौके पर मौजूद दुकानदारों ने तुरंत अपने शटर गिरा दिए, जबकि राहगीर जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ ही देर में पूरी सड़क रणभूमि जैसी स्थिति में बदल गई।

    यह विवाद ग्राम मालाहेड़ा निवासी एक युवती के विवाह से जुड़ा बताया जा रहा है, जो चार साल पहले सावन कुंड क्षेत्र में हुआ था। आरोप है कि ससुराल पक्ष युवती को अपने साथ रखने से मना कर रहा था, जिससे मामला कोर्ट तक पहुंचा। इसी मामले में युवती का मामा सोमवार को मनासा कोर्ट पहुंचा था, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया।

    देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते दिखाई दे रहे हैं।

    सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से चार को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

    एसडीएम किरण आंजना ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थान पर हिंसा और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल विभिन्न गांवों के लोगों की पहचान कर ली गई है और आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

  • पूर्व विधायक पर जमीन कब्जे के आरोप निकले बेबुनियाद, प्रशासन ने की साफ पुष्टि

    पूर्व विधायक पर जमीन कब्जे के आरोप निकले बेबुनियाद, प्रशासन ने की साफ पुष्टि


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील में पूर्व विधायक Shishupal Yadav पर लगे जमीन कब्जे के आरोपों को प्रशासन ने पूरी तरह निराधार बताया है। यह विवाद 9 मई को हुए एक सीमांकन प्रकरण से जुड़ा है, जिसके बाद 10 मई को वायरल वीडियो सामने आने से मामला सुर्खियों में आ गया था।
    तहसीलदार द्वारा मंगलवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि सीमांकन की पूरी कार्रवाई तत्कालीन एसडीएम के आदेश पर और नियमानुसार की गई थी। यह प्रक्रिया प्रकरण क्रमांक 0025/अ-74/2025-26 के तहत की जा रही थी, जिसमें खसरा नंबर 612/4/1 की लगभग 245 आरे भूमि का सीमांकन शामिल था।
    जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे, लेकिन पूर्व विधायक शिशुपाल यादव वहां उपस्थित नहीं थे। जैसे ही सीमा चिन्ह लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई थी।
    किसानों की ओर से लगाए गए आरोपों में कहा गया था कि जमीन पर जबरन कब्जा कराया जा रहा है और हाईकोर्ट के स्टे का उल्लंघन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की मौके पर कोई पुष्टि नहीं हुई और न ही किसी प्रकार का कब्जा या धमकी जैसी स्थिति पाई गई।
    तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित खसरा भूमि एकल स्वामित्व वाली है और इसका हाईकोर्ट में चल रहे अन्य मामलों से कोई संबंध नहीं है। पहले इस भूमि का स्वामित्व अलग व्यक्ति के पास था, बाद में नामांतरण के बाद पूर्व विधायक का नाम दर्ज हुआ।
    प्रशासन के अनुसार सीमांकन के समय खेत में फसल कट चुकी थी और मौके पर किसी भी तरह की खेती या कब्जे की स्थिति नहीं पाई गई। केवल सीमा चिन्ह लगाने का विरोध किया गया था। अब प्रशासन की इस सफाई के बाद मामला शांत होने की बजाय राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।

  • पन्ना में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट और कुल्हाड़ी से हमला

    पन्ना में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट और कुल्हाड़ी से हमला


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बीजाखेड़ा में मंगलवार को जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पिछले कई दिनों से चल रहे आपसी विवाद के चलते दो पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
    जानकारी के अनुसार, यह विवाद सुमन चौधरी और काशीराम चौधरी के परिवारों के बीच पिछले लगभग आठ दिनों से चल रहा था। मंगलवार को दीवार गिराने को लेकर दोनों पक्षों में फिर से कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गई।
    इस दौरान लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी का जमकर इस्तेमाल किया गया। झड़प में सुमन चौधरी के हाथ में कुल्हाड़ी लगने से गंभीर चोट आई, जबकि दूसरे पक्ष के काशीराम चौधरी के सिर पर डंडे से वार किया गया, जिससे वे भी घायल हो गए।
    घटना की सूचना मिलते ही शाहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण किया गया।
    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे विवाद की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि विवाद का मूल कारण जमीन और सीमा पर बनी दीवार को लेकर चल रहा मतभेद था।
    फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है और मामले पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • CMO की सख्ती: सड़क पर उतरी टीम, शहरवासियों को दिलाई सफाई की शपथ

    CMO की सख्ती: सड़क पर उतरी टीम, शहरवासियों को दिलाई सफाई की शपथ


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के रायसेन नगर में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह मुख्य नगर पालिका अधिकारी Surekha Jatav के नेतृत्व में टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।
    निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 9:30 बजे मुख्य मार्ग स्थित एक होंडा शोरूम के सामने कर्मचारियों द्वारा सड़क पर कचरा फेंका हुआ पाया गया। इस लापरवाही पर नगर पालिका टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 2500 रुपए का जुर्माना वसूल किया। साथ ही शोरूम प्रबंधन को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
    नगर पालिका की टीम ने केवल कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। श्रीजी कॉलोनी गेट क्षेत्र में निवासियों को नालियों या सड़कों पर कचरा न फेंकने की समझाइश दी गई और उन्हें निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालने के लिए प्रेरित किया गया।
    सीएमओ ने मौके पर मौजूद नागरिकों को “स्वच्छ रायसेन, सुंदर रायसेन” की शपथ दिलाई और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
    नगर पालिका की इस कार्रवाई से शहर में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है और लोगों में भी सकारात्मक संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • पेट्रोल पंप अग्निकांड से हड़कंप, 13 वाहन जले और भारी नुकसान का अनुमान

    पेट्रोल पंप अग्निकांड से हड़कंप, 13 वाहन जले और भारी नुकसान का अनुमान


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर में हुए पेट्रोल पंप आग हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। सोमवार रात भारत पेट्रोल पंप पर अचानक भड़की आग में 13 लोग झुलस गए, जबकि 12 मोटरसाइकिल और एक डीजल टैंकर जलकर खाक हो गया।
    अब इस दर्दनाक हादसे का एक नया वीडियो सामने आया है, जो लोगों को झकझोर रहा है। वीडियो में आग में झुलसा एक युवक अस्पताल ले जाए जाने के बजाय अपने पैसों की चिंता करता नजर आता है। यह दृश्य हादसे की भयावहता और उसकी मानसिक स्थिति दोनों को उजागर करता है।
    वीडियो में युवक सड़क किनारे पानी से भरी सीमेंट की टंकी के पास बैठा दिखाई देता है। उसके शरीर पर गंभीर जलन के निशान हैं और कपड़े जलकर त्वचा से चिपक चुके हैं। आसपास मौजूद लोग उसे पानी डालकर राहत देने की कोशिश करते हैं।
    इसी दौरान एंबुलेंस मौके पर पहुंचती है और लोग उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह देते हैं, लेकिन युवक कहता है “मेरे पास पैसे रखे हैं।” इस पर वहां मौजूद लोग उसे समझाते हैं कि पहले इलाज जरूरी है, पैसे बाद में देख लिए जाएंगे।
    जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब पेट्रोल पंप पर डीजल टैंकर से ईंधन खाली किया जा रहा था। इसी दौरान एक बाइक में अचानक स्पार्क हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। कुछ ही सेकंड में पूरा परिसर आग की चपेट में आ गया।
    बताया जा रहा है कि पंप पर कैन में भी ईंधन दिया जा रहा था, जिससे आग और तेजी से फैल गई। तेज लपटों के कारण वहां मौजूद लोगों को संभलने या वाहन हटाने का मौका तक नहीं मिला। इस भयावह हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।