Category: Madhya Pradesh

  • केसरिया महल में सजे बाबा रणजीत, जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह आरती के बाद शुरू हुए दर्शन

    केसरिया महल में सजे बाबा रणजीत, जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह आरती के बाद शुरू हुए दर्शन


    इंदौर । इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर बाबा रणजीत को केसरिया महल की थीम में विराजमान किया गया है, जहां भक्तों के लिए दर्शन के द्वार खोल दिए गए हैं। मंदिर परिसर को केसरिया पर्दों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और रंगमय दिखाई दे रहा है।

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। गर्मी से राहत देने के लिए परिसर में कूलर, पानी और शरबत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य के कारण बड़ी पार्किंग से ही भक्तों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है, वहीं दर्शन के बाद प्रसाद वितरण की भी सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है।

    मंदिर के मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास के अनुसार, राम-हनुमान जन्मोत्सव के तहत मंदिर को केसरिया महल की थीम पर सजाया गया है। फूलों से सजे बंगले के साथ केसरिया पर्दों ने मंदिर की भव्यता को और बढ़ा दिया है। रात 10 बजे से महाभिषेक की शुरुआत हुई, जिसके बाद श्रृंगार का क्रम सुबह 3 बजे तक चला। सुबह 6 बजे जन्मोत्सव आरती के बाद भक्तों के लिए दर्शन प्रारंभ कर दिए गए।

    पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिग-जैग लाइन व्यवस्था बनाई गई है। करीब 40 कूलर और पानी की फुहार वाले पंखे लगाए गए हैं, वहीं जमीन पर कारपेट बिछाकर व्यवस्था को आरामदायक बनाया गया है। साथ ही तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं ताकि भक्त कार्यक्रमों को आसानी से देख सकें।

    भक्तों के लिए तीन स्थानों पर पानी और एक स्थान पर शरबत की व्यवस्था की गई है। दर्शन के बाद प्रसाद के रूप में फ्रूट सलाद, लस्सी और छाछ वितरित किए जाएंगे। 7 अप्रैल को लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं के लिए चलित भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।

    इसी क्रम में इंदौर के पितृ पर्वत पर भी हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर के महेश दलोदरा ने बताया कि गुरुवार सुबह 5 बजे मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक-पूजन होगा, जिसके बाद दाल-टिक्कड़ का भोग अर्पित किया जाएगा और फूलों से भगवान का श्रृंगार किया जाएगा। शाम 6 बजे आरती के साथ भव्य आतिशबाजी होगी और करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

  • काम के दौरान काल बन गई लकड़ी मंडला में मजदूर की दर्दनाक मौत

    काम के दौरान काल बन गई लकड़ी मंडला में मजदूर की दर्दनाक मौत


    मंडला । मध्यप्रदेश के मंडला जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है जिसने एक बार फिर कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिले के मोहगांव प्रोजेक्ट अंतर्गत देवरी दादर डिपो में बुधवार दोपहर एक श्रमिक की जान उस समय चली गई जब वह लकड़ी लोडिंग का काम कर रहा था

    जानकारी के अनुसार डिपो में भारी लकड़ियों को वाहन में लोड किया जा रहा था इसी दौरान अचानक लकड़ी का एक बड़ा छठ्ठा असंतुलित होकर एक मजदूर के ऊपर गिर गया हादसा इतना भयावह था कि श्रमिक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उसे उठाकर इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया

    घायल श्रमिक को Anjaniya Primary Health Centre लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए इलाज शुरू किया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसे मृत घोषित कर दिया गया इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है

    मृतक की पहचान मोहगांव रैयत निवासी 55 वर्षीय छत्तर सिंह तेकाम के रूप में हुई है जो लंबे समय से डिपो में श्रमिक के रूप में कार्यरत थे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है वहीं अस्पताल में जैसे ही यह खबर पहुंची मृतक के परिजन भी वहां पहुंचे जहां उनका रो रोकर बुरा हाल हो गया

    इस हादसे के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि उन्हें शुरुआत में फोन पर केवल हल्की चोट लगने की जानकारी दी गई थी जबकि वास्तविक स्थिति बेहद गंभीर थी परिजनों का आरोप है कि हादसा मोहगांव प्रोजेक्ट के रसईया दोन डिपो में हुआ था लेकिन घायल को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाने के बजाय स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जिससे समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका

    परिजनों ने यह भी मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो शायद मजदूर की जान बचाई जा सकती थी

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है खासकर ऐसे स्थानों पर जहां भारी मशीनरी और वजनदार सामग्री के साथ काम किया जाता है थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है

    प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह इस मामले की गंभीरता को समझते हुए न केवल जांच को निष्पक्ष रूप से पूरा करे बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम भी उठाए ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े

  • सिंगरौली ने रचा इतिहास खनिज राजस्व में 4681 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली

    सिंगरौली ने रचा इतिहास खनिज राजस्व में 4681 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश का सिंगरौली जिला एक बार फिर अपनी पहचान को मजबूत करते हुए सुर्खियों में आ गया है इस बार वजह है खनिज राजस्व वसूली में बनाया गया ऐतिहासिक रिकॉर्ड वित्तीय वर्ष 2025 26 में जिले ने 4681.05 करोड़ रुपये की शानदार वसूली कर न केवल अपने तय लक्ष्य का 96.86 प्रतिशत हासिल किया बल्कि पूरे प्रदेश में पहला स्थान भी कायम रखा है

    सिंगरौली को देश के प्रमुख खनन क्षेत्रों में गिना जाता है यहां कोयला और अन्य खनिज संसाधनों की प्रचुरता है यही कारण है कि जिले की अर्थव्यवस्था में खनन का अहम योगदान रहता है इस बार प्रशासन ने योजनाबद्ध रणनीति और कड़ी निगरानी के साथ राजस्व वसूली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है

    केवल खनिज राजस्व ही नहीं बल्कि कर वसूली के क्षेत्र में भी जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है प्रशासन ने निर्धारित लक्ष्य का 97.61 प्रतिशत हासिल करते हुए 946.80 करोड़ रुपये की वसूली की है यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि जिले में वित्तीय प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था बेहद मजबूत हुई है

    इस उपलब्धि के पीछे प्रशासन की सख्ती और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मुख्य कारण माना जा रहा है खासतौर पर अवैध खनन के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति ने बड़ा असर दिखाया है पूरे साल में 289 मामलों में कार्रवाई करते हुए 2.20 करोड़ रुपये की वसूली की गई है इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हुई है

    जिला प्रशासन का कहना है कि यह सफलता किसी एक विभाग की नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है खनिज विभाग अधिकारियों और मैदानी अमले की लगातार निगरानी और समन्वय के कारण यह संभव हो सका है साथ ही तकनीक के उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था ने भी इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है

    सिंगरौली का यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन गया है यह दिखाता है कि यदि सही रणनीति और कड़ाई से नियमों का पालन किया जाए तो राजस्व वसूली में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है आने वाले समय में भी प्रशासन इस गति को बनाए रखने और नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में काम करता रहेगा

    इस उपलब्धि ने न केवल जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है बल्कि प्रदेश स्तर पर उसकी पहचान को भी और सशक्त किया है सिंगरौली का यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है जहां खनन और राजस्व प्रबंधन को लेकर सुधार की आवश्यकता है

  • एक गलती और जिंदगी दांव पर ओवरटेक के चक्कर में खौफनाक सड़क हादसा

    एक गलती और जिंदगी दांव पर ओवरटेक के चक्कर में खौफनाक सड़क हादसा

    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन शहर से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है जिसने एक बार फिर सड़क पर लापरवाही के खतरनाक अंजाम को उजागर कर दिया है आनंद नगर इलाके में सुबह के समय एक ऐसा हादसा हुआ जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं

    जानकारी के मुताबिक सींट्रिंग का काम करने वाला युवक सद्दाम अहमद अपनी बाइक से लोहे का सरिया लेकर जा रहा था सुबह का वक्त था और सड़क पर सामान्य ट्रैफिक चल रहा था इसी दौरान उसने एक स्कूल बस को ओवरटेक करने की कोशिश की लेकिन यह कोशिश उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गई जैसे ही उसने बस को पार करने की कोशिश की बाइक पर रखा सरिया बस से टकरा गया और जोरदार झटके के साथ सीधे उसके गले में जा धंसा

    हादसा इतना खतरनाक था कि लोहे का सरिया युवक के गले में करीब चार इंच तक अंदर घुस गया और मौके पर ही खून बहने लगा यह दृश्य इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए लेकिन इसी बीच इंसानियत की एक मिसाल भी देखने को मिली एक ऑटो चालक ने बिना समय गंवाए घायल युवक को अपनी गाड़ी में बैठाया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया

    अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया लेकिन युवक की हालत को गंभीर देखते हुए उसे तुरंत Indore रेफर कर दिया गया जहां उसका इलाज जारी है बताया जा रहा है कि फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है बताया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े एक चालक ने घायल को तुरंत शिफ्ट करने में संवेदनशीलता नहीं दिखाई और वीडियो बनने के डर से ही कार्रवाई की इस तरह का व्यवहार गंभीर सवाल खड़े करता है क्योंकि आपात स्थिति में हर पल कीमती होता है और ऐसी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है

    यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही किस तरह जानलेवा बन सकती है खासकर ओवरटेक करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है अक्सर लोग जल्दबाजी या जोखिम लेकर आगे निकलने की कोशिश करते हैं लेकिन एक छोटी सी चूक जिंदगी और मौत के बीच की दूरी को खत्म कर सकती है

    सड़क सुरक्षा के नियम सिर्फ औपचारिकता नहीं हैं बल्कि हमारी जिंदगी की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं ऐसे में हर वाहन चालक की जिम्मेदारी है कि वह नियमों का पालन करे और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे यह हादसा एक चेतावनी है कि कुछ सेकंड की जल्दबाजी पूरे जीवन पर भारी पड़ सकती है

  • एमपी में 5 अप्रैल तक बदला रहेगा मौसम, आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट, फिर बढ़ेगी गर्मी

    एमपी में 5 अप्रैल तक बदला रहेगा मौसम, आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट, फिर बढ़ेगी गर्मी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत वेदर सिस्टम के कारण पिछले 72 घंटों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है। बुधवार को राज्य के लगभग आधे हिस्से में मौसम में बदलाव देखने को मिला, जबकि गुरुवार को भोपाल और इंदौर सहित करीब 30 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास और शाजापुर में बारिश हो सकती है।

    हवा की रफ्तार भी तेज रहने वाली है। छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का अनुमान है, जबकि अन्य जिलों में यह रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।

    बुधवार को भी कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि सीहोर में आंधी के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा।

    बारिश के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.6 डिग्री और रायसेन, दमोह व सागर में 38 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 38.4 डिग्री, भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री और उज्जैन में 35.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय हैं, जिसके चलते आंधी, बारिश और ओलों की स्थिति बनी हुई है। साथ ही प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती सिस्टम भी प्रभावी हैं।

    अप्रैल के पहले सप्ताह में मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिससे 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके बाद मौसम साफ होने के साथ गर्मी का दौर तेज हो जाएगा।

    महीने के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी, जबकि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दक्षिणी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं के चलते भीषण गर्मी पड़ने के आसार हैं।

  • MP: CM मोहन यादव का किसानों के हित में बड़ा ऐलान… कंबाइन हार्वेस्टर को किया टोल मुक्त

    MP: CM मोहन यादव का किसानों के हित में बड़ा ऐलान… कंबाइन हार्वेस्टर को किया टोल मुक्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कंबाइन हार्वेस्टर (Combine Harvester) को टोल टैक्स से मुक्त (Toll Tax free) कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। फसल कटाई के लिए हार्वेस्टर एक जरूरी उपकरण है। टोल प्लाजा पर शुल्क न लगने से इनके परिवहन का खर्च कम होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधी मदद पहुंचाना है। सरकार के इस फैसले से कृषि कार्यों में सुगमता आएगी। यही नहीं मध्य प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    कंबाइन हार्वेस्टर को नहीं देना होगा टोल
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए काम कर रही है और इसीलिए अब कंबाइन हार्वेस्टर को टोल टैक्स नहीं देना होगा। उन्होंने बताया कि फसल काटने के लिए यह मशीन बहुत जरूरी है और टोल में छूट मिलने से इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का खर्च कम हो जाएगा। इससे खेती की लागत घटेगी और सीधा फायदा किसानों को मिलेगा।

    नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी
    एमपी के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सड़क विकास निगम की बैठक हुई जिसमें इंदौर-उज्जैन और उज्जैन-जावरा के बीच नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई। इन सड़कों को नॉन एक्सेस कंट्रोल प्रोजेक्ट के तहत बनाया जाएगा। बैठक में पश्चिमी भोपाल बायपास के नए रास्ते को भी मंजूरी दी गई और इसे बनाने की अनुमति दी गई। साथ ही साल भर के खर्चों और मैनेजमेंट से जुड़े दूसरे जरूरी विषयों पर भी चर्चा करके फैसले लिए गए।


    गेहूं खरीद में देरी पर भड़के किसान

    इस बीच राज्य में MSP पर गेहूं की सरकारी खरीद में देरी को लेकर किसान संगठनों ने बुधवार को गहरी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार पर व्यवस्थाओं में लापरवाही का आरोप लगाया। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। एमपी सरकार ने निर्णय किया है कि वह गेहूं की खरीद के दौरान किसानों को 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी देगी।

    भारतीय किसान संघ के मालवा प्रांत के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पटेल ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि हर साल 15 मार्च के आसपास एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाती है पर इस साल इसकी तारीख लगातार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गलत दावा कर रही है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से प्लास्टिक की बोरियों की कमी हो गई है। इसी कारण गेहूं की खरीद टल रही है। सरकार की अव्यवस्थित नीतियों ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है।

  • MP: खंडवा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुएं में फेंकी मूर्ति… भड़के हिंदू संगठन, मचा बवाल

    MP: खंडवा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुएं में फेंकी मूर्ति… भड़के हिंदू संगठन, मचा बवाल


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे की ओर पिछले एक हफ्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई (Remove Encroachment) चल रही है जिसके तहत 100 से अधिक मकान तोड़े जा चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान एक मूर्ति को कुएं में फेंकने का वीडियो वायरल होने पर हिंदू संगठनों ने रेलवे अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर नगर निगम में हंगामा किया।


    अब तक 100 से ज्यादा मकान तोड़े गए

    खंडवा के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे के काम के लिए बीते एक हफ्ते से लगातार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अब तक 100 से ज्यादा मकान तोड़े जा चुके हैं जिससे प्रभावित परिवारों में बहुत गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रहने का दूसरा इंतजाम किए बिना की गई इस कार्रवाई से कई परिवार बेघर होने वाले हैं। आलम यह है कि इलाके में तनाव बना हुआ है।


    मूर्ति को कुएं में गिराए जाने का वीडियो वायरल

    लोग उस वक्त और भड़क गए जब बुधवार को रेलवे अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एक मूर्ति को कुएं में फेंकते हुए दिखाया गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और रेलवे अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


    दोहरे मापदंड का आरोप

    हिंदू जागरण मंच के नेता माधव झा ने रेलवे प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर मंदिरों को बिना किसी पूर्व अनुमति के तोड़ा जा रहा है, जबकि मजारों के मामले में नोटिस देकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर धार्मिक स्थलों को लेकर इस तरह का भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इस आरोप के बाद मौके पर माहौल और अधिक गरमा गया।


    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    रेलवे अधिकारियों, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय तक तीखी बहस होती रही। मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बढ़ते तनाव को देखते हुए समझाइश का प्रयास किया गया। फिलहाल रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की संवेदनशील परिस्थितियों में अधिक सावधानी बरती जाएगी और धार्मिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    कांग्रेस का हंगामा, मुख्य द्वार पर लगाना पड़ा ताला
    रेलवे की अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर जनता में पहले से ही नाराजगी बनी हुई थी। इसी मुद्दे पर बुधवार को खंडवा नगर निगम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि नगर निगम के मुख्य द्वार पर स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए ताला तक लगाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई।


    महापौर ने दिया पुनर्वास का भरोसा

    आखिरकार खंडवा महापौर अमृता यादव ने प्रदर्शनकारियों और प्रभावित परिवारों को नई जगह पर जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। महापौर के इस आश्वासन के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और विवाद अस्थायी रूप से थम गया। हालांकि, प्रभावित परिवारों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि जब तक लिखित और ठोस पुनर्वास योजना सामने नहीं आती, उनका विरोध जारी रहेगा।

  • MP: सीएम ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के विकास को लेकर की चर्चा

    MP: सीएम ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के विकास को लेकर की चर्चा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्रियों और राज्य के संसद सदस्यों से मुलाकात कर प्रदेश के विकास संबंधी योजनाओं पर चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय संचार और उत्तर पूर्वी विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन , केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर से भी मुलाकात की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और महेन्द्र सिंह भी उनके साथ उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके पहले मध्य प्रदेश के सांसदों से विकास के विभिन्न मुद्दों पर वन-टू-वन चर्चा की। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में संसद सदस्यों के साथ मध्य प्रदेश भवन में हुई बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

  • डिजिटल कार्यप्रणाली से पारदर्शिता, त्वरित निर्णय एवं जवाबदेही होगी अधिक सुदृढ़: डीजीपी

    डिजिटल कार्यप्रणाली से पारदर्शिता, त्वरित निर्णय एवं जवाबदेही होगी अधिक सुदृढ़: डीजीपी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने कहा कि ई-आफिस प्रणाली के माध्यम से कार्यों में पारदर्शिता एवं गति आएगी, जिससे पुलिस कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने सभी इकाइयों को निर्देशित किया कि ई-आफिस का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

    डीजीपी मकवाणा बुधवार को पुलिस मुख्यालय भोपाल में आयोजित ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हाल ही में सम्पन्न नवरात्रि पर्व की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आगामी हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।

    पुलिस विभाग में ई-आफिस प्रणाली के प्रभावी एवं अनिवार्य उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस विभाग के समस्त कार्यालयों में डिजिटल कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करते हुए कार्यों में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय क्षमता एवं जवाबदेही को बढ़ाना है।

    प्रशिक्षण सत्र में प्रदेश के पुलिस आयुक्त इंदौर/भोपाल, समस्त पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस अधीक्षक (भोपाल, इंदौर, जबलपुर), प्रशिक्षण शालाओं के पुलिस अधीक्षक एवं समस्त सेनानी ऑनलाईन उपस्थित थे। साथ ही पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र, सहायक पुलिस महानिरीक्षक दीपक ठाकुर, ऋचा चौबे, एनआईसी से धर्मेंद्र जैन, सौरभ, देवेंद्र तिवारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

    डीजीपी ने कहा कि सभी अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थलों, विशेषकर धार्मिक स्थलों का निरीक्षण करें तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने भीड़ प्रबंधन के दौरान एंट्री एवं एग्जिट मार्ग पृथक रखने, क्रॉस मूवमेंट रोकने, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, मजबूत बैरिकेडिंग एवं सेक्टर आधारित व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए, साथ ही वीआईपी मूवमेंट के दौरान आमजन की आवाजाही बाधित न हो, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा। पूर्व में घटित घटनाओं से सीख लेते हुए अधिकारियों को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश भी दिए।

    अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एससीआरबी जयदीप प्रसाद ने ई-आफिस की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर इसका 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जा चुका है तथा इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है। उन्होंने डिजिटल कार्यप्रणाली को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए सभी अधिकारियों से इसे प्राथमिकता के साथ अपनाने का आह्वान किया।

    एनआईसी से उपस्थित प्रशिक्षक अधिकारियों द्वारा ई आफिस प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल्स, फाइल प्रबंधन, नोटशीट, पत्राचार एवं अनुमोदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई तथा अधिकारियों के प्रश्नों के समाधान भी किए गए।

    बैठक में ई-विवेचना (e-Vivechana) ऐप के संबंध में भी जानकारी दी गई। समस्त पुलिस इकाइयों में पदस्थ विवेचकों को वितरित किए जा रहे ई-विवेचना टैबलेट के माध्यम से संपूर्ण अनुसंधान कार्य किए जाने तथा उनका प्रशिक्षण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही घटना स्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी हेतु ई-साक्ष्य ऐप, अनुसंधान की प्रभावी मॉनीटरिंग हेतु संदेश ऐप, तथा वर्ष 2016 से 2018 के लंबित चालानों के डेटा डिजिटाइजेशन हेतु उपलब्ध यूटिलिटी का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

    साथ ही, Measurement Collection Unit (MCU) के संबंध में भी आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। यह इकाई आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम, 2022 के अंतर्गत स्थापित एक विशेष सुविधा है, जिसके माध्यम से गिरफ्तार व्यक्तियों के बायोमेट्रिक डाटा जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन, डीएनए सैंपल एवं फोटोग्राफ संग्रहित एवं विश्लेषित किए जाते हैं। इससे अपराधियों की पहचान एवं ट्रैकिंग प्रक्रिया आधुनिक एवं अधिक प्रभावी होगी।

  • मुरैना पुलिस ने अवैध शराब सहित कार चालक को धर दबोचा

    मुरैना पुलिस ने अवैध शराब सहित कार चालक को धर दबोचा


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पोरसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने बीती रात गश्त के दौरान एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस की टीम ग्राम जोटई रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक संदिग्ध कार पर नजर गई। वाहन को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें करीब पांच लाख रुपए मूल्य की 19 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई।

    पुलिस ने मौके पर कार चालक सुखबीर सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसका वितरण किस तरह किया जाना था।

    पोरसा थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को शराब तस्करी रोकने की दिशा में अहम कदम बताया। अधिकारीयों ने कहा कि गश्त और सतर्कता के कारण ही इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सका। घटना से इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास की जानकारी मिली।

    पुलिस अब आरोपी के अन्य सहयोगियों और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है। अवैध शराब के इस बड़े जखीरे की बरामदगी पुलिस के सक्रिय अभियान की सफलता को दर्शाती है।