Category: Madhya Pradesh

  • पार्षद से संसद तक का सफर! महेश केवट बनेंगे राज्यसभा सांसद, केवट-मल्लाह समाज को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व

    पार्षद से संसद तक का सफर! महेश केवट बनेंगे राज्यसभा सांसद, केवट-मल्लाह समाज को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा नाम चर्चा के केंद्र में है, जो अब तक राष्ट्रीय राजनीति से दूर था, लेकिन जल्द ही संसद के उच्च सदन में पहुंच सकता है। निवाड़ी जिले के ऐतिहासिक नगर ओरछा के निवासी महेश केवट का राज्यसभा सांसद बनना लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की राह काफी आसान हो गई है। यदि कांग्रेस को अदालत से राहत नहीं मिलती, तो महेश केवट मध्य प्रदेश से केवट, मल्लाह, माझी, भोई और रैकवार समाज के पहले राज्यसभा सांसद बनेंगे।

    ओरछा के वार्ड नंबर 12 स्थित हरिशंकरी मोहल्ले में रहने वाले महेश केवट का राजनीतिक सफर बेहद साधारण पृष्ठभूमि से शुरू हुआ। वे वर्ष 2000 से 2005 तक ओरछा नगर परिषद के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहने वाले महेश के परिवार का धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र से भी गहरा जुड़ाव है। उनके परिवार के सदस्य ओरछा के प्रसिद्ध फूलबाग स्थित लाला हरदौल बैठका की वर्षों से सेवा करते आ रहे हैं। उनके छोटे भाई आज भी नियमित रूप से यहां सेवा कार्य करते हैं। महेश स्वयं सीमेंट व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।

    महेश केवट का राजनीतिक सफर हमेशा आसान नहीं रहा। वर्ष 2022 के नगर परिषद चुनाव के दौरान स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाते हुए निष्कासन की कार्रवाई की थी। हालांकि बाद में जब मामले की जांच हुई तो प्रदेश स्तर पर उनके निष्कासन का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद भाजपा संगठन ने वर्ष 2023 में औपचारिक रूप से निष्कासन समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने महेश के राजनीतिक कद को और अधिक चर्चा में ला दिया।

    भाजपा संगठन में हाल ही में हुए बदलावों के बाद पार्टी ने ऐसे चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई, जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हों लेकिन अब तक बड़े पदों पर न पहुंचे हों। इसी रणनीति के तहत सामाजिक रूप से प्रभावशाली लेकिन राजनीतिक रूप से अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व वाले केवट और निषाद समाज पर फोकस किया गया। महेश केवट को पहले मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया और अब उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने बड़ा सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महेश केवट का चयन केवल मध्य प्रदेश तक सीमित रणनीति नहीं है। अगले वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां निषाद, केवट और मल्लाह समाज की बड़ी राजनीतिक भूमिका है। ओरछा की भौगोलिक स्थिति झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण महेश केवट भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश में भी प्रभावी प्रचारक साबित हो सकते हैं।

    मध्य प्रदेश में भी ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, विंध्य, महाकौशल और नर्मदा क्षेत्र की कई विधानसभा सीटों पर केवट, मल्लाह, कहार, धीमर और निषाद समाज का प्रभाव माना जाता है। ऐसे में भाजपा का यह दांव आगामी चुनावों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक छोटे नगर के जनप्रतिनिधि से लेकर राज्यसभा सांसद बनने की दहलीज तक पहुंचे महेश केवट की कहानी अब प्रदेश की राजनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व और नए नेतृत्व के उभार का बड़ा उदाहरण बनती नजर आ रही है।

  • राज्यसभा चुनाव पर सियासी संग्राम तेज: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग के दरवाजे

    राज्यसभा चुनाव पर सियासी संग्राम तेज: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग के दरवाजे


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनावी राजनीति में उस समय बड़ा मोड़ आ गया जब कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। चुनाव अधिकारियों ने हलफनामे में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए उनका नामांकन खारिज कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार करार दिया है। इस फैसले के विरोध में पार्टी ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक व्यापक आंदोलन शुरू कर दिया है और अब मामला सीधे चुनाव आयोग के समक्ष पहुंच गया है
    बुधवार को भोपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक उपवास शुरू किया। वहीं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गणवेश टांगकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के चलते कार्यालय का मुख्य गेट बंद रखा गया था, जिसके बाद कार्यकर्ता विरोध दर्ज कर लौट गए।

    इधर दिल्ली में कांग्रेस का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नामांकन निरस्त करने का निर्णय न केवल पक्षपातपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।

    दरअसल, भाजपा ने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी छिपाई है। इसी आधार पर उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। चुनाव अधिकारियों ने आपत्ति को उचित मानते हुए नामांकन रद्द कर दिया। कांग्रेस का तर्क है कि यह मामला एक निजी शिकायत से जुड़ा है और इसका चुनावी हलफनामे में उल्लेख अनिवार्य नहीं था।

    तेलंगाना से कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित मामले में नोटिस मिलने पर मीनाक्षी नटराजन पहले ही जवाब दे चुकी थीं। उन्होंने दलील दी कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 223 के तहत निजी शिकायतों का जवाब देना नागरिक का अधिकार है और ऐसी शिकायतों को आपराधिक मामला मानकर चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करना आवश्यक नहीं है। रेड्डी ने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम से यह आशंका पैदा होती है कि चुनाव आयोग किसी प्रकार के दबाव में काम कर रहा है।

    राज्यसभा चुनाव के इस विवाद ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस जहां इसे “लोकतंत्र की हत्या” और “सीट चोरी” बता रही है, वहीं भाजपा चुनाव आयोग के फैसले को नियमों के अनुरूप बता रही है। अब सभी की नजरें चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई और कांग्रेस की शिकायत पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं, जो राज्यसभा चुनाव की दिशा और राजनीतिक माहौल दोनों को प्रभावित कर सकता है।

  • MP में CM मोहन यादव का बड़ा फैसला….शासकीय नौकरी में दो बच्चों की अधिकतम सीमा समाप्त

    MP में CM मोहन यादव का बड़ा फैसला….शासकीय नौकरी में दो बच्चों की अधिकतम सीमा समाप्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) और इसके लिए आवेदन करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें 2 बच्चों वाले नियम का पालन नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने गुरुवार को ना सिर्फ नए प्रस्ताव को वापस लेने का आदेश दिया, बल्कि पुराने नियमों को भी खत्म करने को कहा है। यादव ने प्रस्तावित सिविल सर्विसेज रूल्स के मसौदे से उस नियम को हटाने का आदेश दिया, जिसके तहत सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम दो बच्चों की सीमा निर्धारित करने की बात कही गई थी।

    मोहन यादव ने आधिकारिक पोर्टल से ट्राफ्ट को तुरंत हटाने को कहा है। हालांकि, यह नियम प्रदेश में काफी पुराना है। 2001 में सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रावधान को लागू किया था। इसके तहत दो से अधिक जीवित बच्चों वाले उम्मीदवारों को सीधी भर्ती या विभागों में नियुक्ति के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

    सीएम ने नया आदेश प्रकाशित करने को कहा
    मध्य प्रदेश में 2001 में लागू किए गए नियम के मुताबिक, 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले लोग सरकारी नौकरी के योग्य नहीं थे। इसके अलावा एमपी सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स 1965 के तहत दो से अधिक बच्चे होना सरकारी कर्मचारियों के लिए कदाचार माना जाता था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर अब तक के सबी नियमों को हटाने का आदेश दिया है। उन्होंने नया मसौदा तैयार करने का आदेश दिया है।

    नए मसौदे के बाद सीएम का ऐक्शन
    दरअसल, मध्य प्रदेश में सेवा की सामान्य शर्तें नियम 2026 का मसौदा तैयार किया गया था और इस पर आम लोगों से 15 जून तक सुझाव मांगे गए थे। इसमें लाए गए कई नए नियमों के बीच बच्चे वाले पुराने नियम को भी शामिल किया गया था। लेकिन अब मोहन यादव सरकार ने इसे खत्म करने का आदेश दे दिया है।

  • MP: नामांकन रद्द होने पर मीनाक्षी नटराजन ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- फर्जी बात पेश की

    MP: नामांकन रद्द होने पर मीनाक्षी नटराजन ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- फर्जी बात पेश की


    भोपाल।
    मंगलवार को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से कांग्रेस (Congress) की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन (Rajya Sabha candidate Meenakshi Natarajan) का नामांकन रद्द कर दिया गया. चुनाव अधिकारियों ने पाया कि उनके नामांकन पत्रों के साथ जमा किए गए हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर छिपाई गई थी।

    यह घटनाक्रम तब हुआ, जब बीजेपी नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराते हुए नटराजन की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की. बीजेपी का आरोप था कि लीडर नेता ने तेलंगाना में चल रहे एक अदालती मामले की जानकारी अपने चुनावी हलफनामे में नहीं दी थी, यह एक जरूरी दस्तावेज है, जिसे उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय जमा करना होता है। पार्टी ने तर्क दिया कि जानकारी न देना ज़रूरी जानकारी छिपाने के बराबर है और इसके आधार पर उनका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए।

    मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन रद्द होने के बाद बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि जब बीजेपी ने देखा कि कांग्रेस का पूरा विधायक दल एकजुट है और सभी विधायक लगातार पार्टी बैठकों में शामिल हो रहे हैं, तब उसे समझ आ गया कि खरीद-फरोख्त की राजनीति सफल नहीं होगी. उनके मुताबिक, बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर पहले ही यह दिखा दिया था कि उसकी राजनीतिक शुचिता किस स्तर पर पहुंच चुकी है. जब उन्हें लगा कि कांग्रेस के विधायकों में कोई टूट नहीं है, तब इस स्थिति से निपटने के लिए एक ‘फर्जी बात’ पेश कर दी।

    मीनाक्षी ने कहा कि जिस मामले को आधार बनाकर उनका नामांकन रद्द किया गया, वह केवल एक कानूनी नोटिस था. उस पर न तो किसी अदालत ने संज्ञान लिया था और न ही कोई मामला दर्ज हुआ था. उन्होंने कहा कि वह मामला प्री-कॉग्निसेंस स्टेज पर था, इसलिए उसे चुनावी हलफनामे में दर्ज करने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई कानूनी मामला ही अस्तित्व में नहीं है, तब जानकारी छिपाने का आरोप कैसे लगाया जा सकता है. उनके मुताबिक, अगर किसी मामले में अदालत संज्ञान ले चुकी होती या उनके खिलाफ आरोप तय हो चुके होते और वह उसे छिपातीं, तब यह आरोप उचित माना जा सकता था।

    कांग्रेस लीडर ने यह भी आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर के आखिरी आदेश में उनकी तरफ से रखे गए कानूनी तर्कों का कोई उल्लेख नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि इससे साफ हो जाता है कि यह फैसला किस राजनीतिक दबाव और मंशा से प्रेरित था. मीनाक्षी नटराजन ने कहा, “यह ऐसी कानूनी लड़ाई नहीं है, जिसे हम अदालत में हार गए हों, बल्कि यह वह लड़ाई है जिसे हमने राजनीतिक इच्छाशक्ति के सामने गंवाया है।

    उन्होंने आगे कहा कि यह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है, जो पहले वोट चोरी से शुरू हुई और अब सीट चोरी तक पहुंच गई है. चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष संवैधानिक संस्था की तरह नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल के एक फ्रंटल संगठन की तरह काम कर रहा है. उनके मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • आज का मौसम: गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, शाम को बदल सकता है मौसम का मिजाज

    आज का मौसम: गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, शाम को बदल सकता है मौसम का मिजाज


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। सुबह से ही तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है, जबकि दोपहर के बाद मौसम करवट ले सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने लगी हैं, जिसके चलते कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    बीते दिनों भोपाल में हुई छिटपुट बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी थी। सोमवार को दिनभर गर्म और उमसभरा मौसम रहने के बाद शाम को हुई बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई। मौसम विभाग का मानना है कि ऐसी परिस्थितियां आज भी देखने को मिल सकती हैं।

    आज दिन का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, लेकिन दोपहर बाद बादलों का असर बढ़ सकता है।

    प्री-मानसून गतिविधियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे उमस महसूस होगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की प्रगति के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस के बीच राहत के लिए शाम के मौसम का इंतजार करना पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति में सतर्क रहें। गरज-चमक की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए।

    कुल मिलाकर आज का दिन गर्मी और उमस के साथ शुरू होगा, लेकिन शाम होते-होते बादल और हल्की बारिश मौसम को सुहावना बना सकते हैं। ऐसे में किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी की नजरें आसमान पर टिकी रहेंगी, क्योंकि मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं दिख रही है।

  • झाबुआ के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिला, एक दिन पहले शादी में जाने निकली थीं

    झाबुआ के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिला, एक दिन पहले शादी में जाने निकली थीं


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर खरडू छोटी गांव के माल फालिया इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक बिना मुंडेर के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना का पता तब चला जब कुछ बच्चे कुएं के पास नीम के पेड़ पर खेल रहे थे।

    खेल के दौरान बच्चों की नजर अचानक कुएं के अंदर पड़ी, जहां उन्हें एक शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। घबराए बच्चों ने तुरंत गांव की ओर दौड़ लगाई और लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

    ग्रामीणों ने तत्काल मामले की सूचना गांव के तड़वी (ग्राम प्रमुख) को दी, जिन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही झाबुआ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।

    पुलिस ने मृतका की पहचान झकेला गांव निवासी 70 वर्षीय तितली बाई (पति दूला बामनिया) के रूप में की है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि बुजुर्ग महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं, जिससे मामले को लेकर कई पहलुओं पर जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, तितली बाई रविवार शाम करीब 5 बजे एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए खरडू बड़ी गांव जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अनसिग नामक व्यक्ति के खेत में बने बिना मुंडेर के कुएं के पास उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे उनके गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि कुआं बिना मुंडेर का था, जिससे हादसे की संभावना और बढ़ जाती है। वहीं, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है।

    झाबुआ कोतवाली थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

    इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण प्रशासन से ऐसे खुले कुओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित कारणों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

  • लक्जरी कार से 30 पेटी अवैध शराब जब्त, तस्कर कार छोड़कर फरार

    लक्जरी कार से 30 पेटी अवैध शराब जब्त, तस्कर कार छोड़कर फरार


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। झकनावदा पुलिस ने बिजोरी-रूपाखेड़ा मार्ग पर घेराबंदी कर एक लक्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। हालांकि कार्रवाई के दौरान वाहन चालक पुलिस को देखकर मौके से फरार होने में सफल रहा।

    यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस कप्तान देवेंद्र पाटीदार के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध लक्जरी कार में अवैध शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी।

    कुछ समय बाद पुलिस टीम ने बिजोरी-रूपाखेड़ा मार्ग पर एक संदिग्ध कार को रोका। जैसे ही चालक ने पुलिस को देखा, उसने वाहन रोक दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आ सका।

    इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें 30 पेटी लाल देसी मसाला शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कुल मात्रा लगभग 270 लीटर बताई जा रही है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने वाहन और शराब दोनों को कब्जे में ले लिया।

    इस कार्रवाई को अंजाम देने में पेटलावद एसडीओपी अनुरक्ति सबनानी, रायपुरिया थाना प्रभारी गीता जाटव और झकनावदा चौकी प्रभारी सुरेंद्रसिंह सिसोदिया की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम में शामिल आरक्षक राजू मुवेल, सैनिक लक्ष्मण मेड़ा और आरक्षक शंकर भाभर ने भी सक्रियता से कार्रवाई में सहयोग किया।

    पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच में जुटी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

  • जबलपुर रेलवे स्टेशन पर विजिलेंस का एक्शन, 3 टीटीई सस्पेंड; जांच में मिले 46 हजार रुपए अतिरिक्त

    जबलपुर रेलवे स्टेशन पर विजिलेंस का एक्शन, 3 टीटीई सस्पेंड; जांच में मिले 46 हजार रुपए अतिरिक्त


    मध्यप्रदेश । जबलपुर रेलवे स्टेशन पर पश्चिम मध्य रेलवे के विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोंडवाना एक्सप्रेस में ड्यूटी पर तैनात तीन टीटीई को संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पकड़ लिया है। जांच के दौरान तीनों टीटीई के पास निर्धारित सीमा से करीब 46 हजार रुपए अधिक नकदी पाई गई, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।

    मामला सोमवार का है, जब दिल्ली से जबलपुर पहुंची गोंडवाना एक्सप्रेस ट्रेन में विजिलेंस टीम ने अचानक जांच अभियान चलाया। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच में ड्यूटी पर तैनात टीटीई मनोज कुशवाहा, कुंदन कुमार और अनिकेश कुमार की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। यह कार्रवाई यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई।

    जानकारी के अनुसार, यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों को शिकायत दी थी कि टीटीई उनसे जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं, लेकिन बदले में कोई रसीद नहीं दी जा रही। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम ने जबलपुर स्टेशन पर पहले से ही निगरानी बढ़ा दी थी और ट्रेन के पहुंचते ही जांच शुरू कर दी।

    जांच के दौरान टीम ने तीनों टीटीई के पास मौजूद नकदी का मिलान किया, जिसमें भारी गड़बड़ी सामने आई। कुंदन कुमार के पास 32 हजार रुपए अतिरिक्त पाए गए, जबकि अनिकेश कुमार के पास 14 हजार रुपए और मनोज कुशवाहा के पास 300 रुपए अतिरिक्त नकदी मिली। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 46 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि पाई गई।

    सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि एक टीटीई ने अपनी अतिरिक्त नकदी दूसरे टीटीई को सौंप दी थी, जिससे प्रारंभिक जांच में रकम का असंतुलन दिखाई दिया। हालांकि रेलवे विजिलेंस टीम इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि यह राशि किस उद्देश्य से एक-दूसरे को दी गई थी और इसका स्रोत क्या था।

    मामले के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों टीटीई को तत्काल निलंबित कर दिया है। सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि यात्रियों की शिकायतों और जांच में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला न केवल अनुशासनहीनता से जुड़ा है, बल्कि यात्रियों के विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस तरह की शिकायतों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। विजिलेंस टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अतिरिक्त राशि किस आधार पर वसूली गई थी, क्या इसमें अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।

  • जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली

    जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली


    मध्यप्रदेश । जबलपुर शहर में आपराधिक घटनाओं पर शिकंजा कसते हुए गढ़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने युवक पर तीन राउंड फायरिंग करने वाले शातिर बदमाश करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    यह पूरा मामला सोमवार रात करीब 10:30 बजे का है, जब आरोपी करण विश्वकर्मा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाइक से लाल बिल्डिंग इलाके में पहुंचा था। वहीं उसकी मुलाकात अंकित लखेरा नामक युवक से हुई। दोनों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    गुस्से में आकर करण विश्वकर्मा ने अपने पास रखी पिस्टल निकाल ली और एक के बाद एक तीन राउंड फायर कर दिए। अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे और पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि गोली सीधे अंकित लखेरा को नहीं लगी। लेकिन फायरिंग से बचने के लिए भागते समय वह दीवार से टकरा गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस सक्रिय हुई और इलाके में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि करण विश्वकर्मा को अंकित लखेरा पर शक था कि वह उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी उसके विरोधियों तक पहुंचाता है। इसी शक के चलते दोनों के बीच करीब एक महीने पहले भी विवाद हुआ था, जो बाद में रंजिश में बदल गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस विवाद में हर्ष अहिरवार और आर्यन नामक अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।

    पुलिस के अनुसार, करण विश्वकर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। यह भी सामने आया है कि वह पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।

    गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कहां से लाया गया था।

    फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को आपसी रंजिश और शक के आधार पर हुई हिंसक घटना मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही आरोपी महिला की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि घटना में उसकी कितनी और क्या भूमिका थी।

  • कटरा में घेराबंदी कर वाहन पकड़ा, ड्राइवर बोला- ठेकेदार की है शराब

    कटरा में घेराबंदी कर वाहन पकड़ा, ड्राइवर बोला- ठेकेदार की है शराब


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले में अवैध शराब के परिवहन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कटरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर एक स्कॉर्पियो वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। इस कार्रवाई में वाहन चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वाहन और शराब दोनों को कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस को यह कार्रवाई एक पुख्ता मुखबिर सूचना के आधार पर मिली। सूचना में बताया गया था कि एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन में बड़ी मात्रा में शराब लोड कर उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कटरा क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी।

    कुछ समय बाद एक स्कॉर्पियो वाहन तेजी से गुजरता हुआ दिखाई दिया, जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। वाहन को घेराबंदी कर जब रोका गया तो चालक शुरुआत में हड़बड़ाया, लेकिन तलाशी लेने पर पूरा मामला सामने आ गया। वाहन के अंदर 25 पेटी शराब रखी हुई मिली, जिसे अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था।

    पुलिस ने मौके पर ही शराब को जब्त कर लिया और वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सिद्धार्थ सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो वाहन का नंबर MP 17 CC 8377 है। बरामद शराब की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 12 हजार रुपये आंकी गई है।

    इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ में गिरफ्तार चालक ने दावा किया है कि यह शराब एक ठेकेदार की है और उसे केवल परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध कराया गया था। हालांकि पुलिस इस बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।

    एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि पुलिस इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रही है। चालक के बयान के आधार पर शराब के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध कारोबार की पुष्टि होती है, तो संबंधित सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने यह भी बताया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। समय-समय पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूरत में अवैध शराब के कारोबार को बढ़ने नहीं दिया जाएगा और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

    फिलहाल पुलिस जब्त वाहन और शराब को कब्जे में लेकर आगे की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस टीम सक्रिय हो गई है।