Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल मेट्रो का अंडरग्राउंड मिशन तेज, दो TBM एक साथ कर रहीं खुदाई; 3.39 किमी सुरंग से जुड़ेंगे रेलवे स्टेशन और नादरा

    भोपाल मेट्रो का अंडरग्राउंड मिशन तेज, दो TBM एक साथ कर रहीं खुदाई; 3.39 किमी सुरंग से जुड़ेंगे रेलवे स्टेशन और नादरा


    भोपाल । भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना का अंडरग्राउंड काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाकों में सड़क यातायात का दबाव कम करने के लिए जमीन के करीब 60 फीट नीचे सुरंग तैयार की जा रही है। इस काम में लगी दोनों टनल बोरिंग मशीन यानी TBM एक साथ खुदाई कर रही हैं और अब तक करीब 260 मीटर सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि यह भूमिगत कॉरिडोर भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे बेहद व्यस्त इलाकों के नीचे से होकर गुजरेगा। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक अंडरग्राउंड रूट का पूरा काम अगले डेढ़ से दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

    भूमिगत सुरंग का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में दोनों TBM भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पहली टनल बोरिंग मशीन करीब 160 मीटर और दूसरी लगभग 100 मीटर सुरंग तैयार कर चुकी है। इस तरह दोनों मशीनें मिलकर करीब 260 मीटर भूमिगत रास्ता बना चुकी हैं। खुदाई के साथ ही सुरंग के भीतर प्री-कास्ट आरसीसी रिंग भी लगाई जा रही हैं। ये रिंग सुरंग की दीवारों को मजबूती देती हैं और जमीन के दबाव के बीच पूरे स्ट्रक्चर को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    भोपाल जैसे घनी आबादी वाले शहर में जमीन के नीचे इतनी बड़ी परियोजना को सुरक्षित तरीके से पूरा करना बड़ी चुनौती है। इसी वजह से निर्माण के दौरान आसपास के भवनों और दूसरी संरचनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। सुरंग के ऊपर मौजूद इमारतों में कंपन और जमीन के संभावित धंसाव यानी सेटलमेंट पर नजर रखने के लिए आधुनिक इंस्ट्रूमेंटेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इससे जमीन या किसी भवन में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

    सुरंग के अंदर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां फ्रेश एयर वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे भूमिगत हिस्से में पर्याप्त हवा पहुंचती रहे। इसके अलावा गैस मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सुरंग के भीतर गैस की लगातार जांच की जा रही है। निर्माण स्थल पर 24 घंटे सुरक्षा निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

    भोपाल मेट्रो के इस प्रोजेक्ट की एक खास बात यह भी है कि मध्यप्रदेश में पहली बार इस तरह दो TBM को एक साथ भूमिगत सुरंग निर्माण में लगाया गया है। यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच तैयार की जा रही है और आगे भोपाल रेलवे स्टेशन तथा नादरा बस स्टैंड जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगी। TBM तकनीक को खासतौर पर ऐसे घने शहरी इलाकों के नीचे काम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जहां ऊपर सड़क, इमारतें और लगातार चलता यातायात मौजूद रहता है।

    इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर में भोपाल और नादरा नाम से दो भूमिगत स्टेशन बनाए जा रहे हैं। दोनों स्टेशनों की लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। TBM से बनने वाली मुख्य सुरंग की लंबाई करीब 3.39 किलोमीटर रहेगी। नादरा स्टेशन के आगे बड़ा बाग के पास करीब 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो दोबारा जमीन के ऊपर आएगी।

    अंडरग्राउंड स्टेशनों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तीन प्रमुख स्तरों में तैयार किया जाएगा। ग्राउंड लेवल पर मुख्य प्रवेश और निकास, बस व वाहन ड्रॉप-ऑफ जोन, टिकट काउंटर और कमर्शियल दुकानें होंगी। कॉनकोर्स लेवल पर टिकटिंग व्यवस्था, ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट, ग्राहक सहायता केंद्र, एस्केलेटर, लिफ्ट और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं रहेंगी। सबसे नीचे प्लेटफॉर्म लेवल पर मेट्रो ट्रेन के प्लेटफॉर्म, डिजिटल डिस्प्ले, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा तथा आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    भोपाल में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन का काम भी जारी है। सुभाषनगर से एम्स के बीच करीब 6 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर पहले से मेट्रो संचालन के लिए तैयार है। अब इसी लाइन के दूसरे चरण में सुभाषनगर से करोंद के बीच काम आगे बढ़ रहा है। इस हिस्से में मेट्रो का एक महत्वपूर्ण भाग भूमिगत होगा। परियोजना को गति देने में भोपाल नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, पुलिस विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों का सहयोग मिल रहा है। अंडरग्राउंड काम पूरा होने के बाद भोपाल के व्यस्ततम हिस्सों में सड़क के ऊपर यातायात के साथ जमीन के नीचे मेट्रो का नया विकल्प उपलब्ध होगा।

  • मध्य प्रदेश में पुलिस महकमे को बड़ी मजबूती, 3 नई SISF बटालियन बनेंगी; हजारों पुलिसकर्मियों को प्रमोशन और भर्ती का ऐलान

    मध्य प्रदेश में पुलिस महकमे को बड़ी मजबूती, 3 नई SISF बटालियन बनेंगी; हजारों पुलिसकर्मियों को प्रमोशन और भर्ती का ऐलान


    भोपाल । मध्यप्रदेश में औद्योगिक संस्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित पुलिस विभाग की नवीन भर्ती और पदोन्नति आभार प्रदर्शन समारोह में राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल यानी एसआईएसएफ की तीन नई बटालियन गठित करने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन तीन बटालियनों में से एक का गठन खंडवा में किया जाएगा, जबकि बाकी दो बटालियन कहां स्थापित होंगी इसका फैसला बाद में किया जाएगा। सरकार के इस कदम को औद्योगिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसी कार्यक्रम में राज्य के अति पिछड़े जनजातीय समूहों के युवाओं को सुरक्षा बल में अवसर देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों की अलग-अलग कंपनियां गठित की जाएंगी। इन कंपनियों में संबंधित जनजातीय समुदायों के युवाओं को शामिल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इन समुदायों के युवाओं को रोजगार और सुरक्षा बल में प्रतिनिधित्व देने के साथ उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इस फैसले से आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं के लिए सरकारी सेवा में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में पदोन्नति को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 में प्रदेश के विभिन्न विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और पुलिस विभाग में 58 संवर्गों के कुल 27,534 अफसरों और कर्मचारियों को पदोन्नति मिली। इनमें 30 रक्षित निरीक्षक पदोन्नत होकर उप पुलिस अधीक्षक बने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए यह फैसला उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के कंधों पर लगे सितारे सिर्फ पदोन्नति का प्रतीक नहीं बल्कि बढ़ी हुई जिम्मेदारी और क्षमता का भी संकेत हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि पदोन्नति में लंबे समय तक आई रुकावट के कारण 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो गए और उन्हें अपने सेवाकाल में पदोन्नति का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि इस बात का उन्हें मलाल है, लेकिन अब पदोन्नति का रास्ता खोल दिया गया है और आगे पात्रता के आधार पर पुलिसकर्मियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग को मजबूत बनाने के लिए नए पदों की स्वीकृति और नियमित भर्ती पर सरकार लगातार काम कर रही है।

    डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि दिसंबर 2024 में पदभार संभालने के बाद पुलिस विभाग की विभिन्न शाखाओं की विस्तृत समीक्षा की गई थी। इस दौरान भर्ती एवं चयन शाखा में करीब 20 हजार पद खाली मिले। इनमें सब इंस्पेक्टर, सूबेदार, स्टेनो और एएसआई एम जैसे महत्वपूर्ण पद भी शामिल थे। डीजीपी के मुताबिक इन पदों पर करीब आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। लंबे समय तक रिक्तियां रहने के कारण मौजूदा पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव बढ़ रहा था और इसका असर विभाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ रहा था।

    सरकार ने अब इस स्थिति को बदलने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज की है। डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025 में करीब 6,500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। इसके बाद विभिन्न पदों पर भर्ती की अनुमति मिली। वर्ष 2026 में भी पुलिस विभाग के अलग-अलग पदों पर 9,662 भर्तियों की अनुमति दी गई है। विभिन्न संवर्गों में 14,704 उम्मीदवारों का चयन हो चुका है, जबकि पुलिस बैंड और एफएसएल से जुड़ी भर्तियां दूसरे चरण में हैं। कुल मिलाकर 9,751 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए भी सरकार ने अतिरिक्त पदों को मंजूरी दी है। डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति से हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार उठाए गए कदमों और सुरक्षा बलों को मजबूत करने के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश नक्सल समस्या से मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बना है।

    मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी पहनने के बाद व्यक्ति के भीतर जिम्मेदारी और साहस का अलग भाव पैदा होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस देशभक्ति और जनसेवा की भावना के साथ अपनी अलग पहचान बनाती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गृह विभाग की जिम्मेदारी उनके पास होने के कारण वह पुलिस और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान देने का प्रयास करते हैं। कार्यक्रम में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया और नई भर्तियों तथा पदोन्नतियों के लिए आभार व्यक्त किया गया।

  • BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस

    BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।

  • BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस

    BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।

  • मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद

    मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी भोपाल समेत विदिशा सीहोर शाजापुर रायसेन राजगढ़ और कई अन्य जिलों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। विदिशा में बाढ़ के पानी में बच्चों समेत 17 लोग फंस गए जिन्हें पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं भोपाल में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई जिसके बाद शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों तक पानी पहुंच गया।

    भोपाल में बारिश का असर रेलवे स्टेशन से लेकर पुलिस थाने तक दिखाई दिया। भोपाल रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर पानी भरने से रेल परिचालन प्रभावित होने की स्थिति बनी वहीं ईंटखेड़ी थाना परिसर में भी बारिश का पानी घुस गया। शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सेमरा इलाके में करीब 200 घरों के आसपास 5 से 6 फीट तक पानी भरने की सूचना है जिससे बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही फंसकर रह गए। अपोलो अस्पताल के आसपास की कॉलोनियों कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी और पुलिस हाउसिंग कॉलोनी में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। पेड़ गिरने के कारण वीआईपी रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

    बारिश का असर भोपाल के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। भोपाल बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के आसपास पानी बढ़ने और कई नदियों नालों के उफान पर आने से आवागमन प्रभावित हुआ। बैरसिया और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण कई रास्तों पर आवाजाही रोकनी पड़ी। ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया है। सीहोर में भी कई रास्तों पर पानी बहने लगा और श्यामपुर समेत कई इलाकों में मकानों के भीतर बारिश का पानी घुस गया। सेवनिया में मंदिर के डूबने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

    विदिशा में ग्राम बामनखेड़ा के लश्करपुर रोड पर बाढ़ का पानी भरने के बाद करीब 17 लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण जिले में नदी नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    शाजापुर जिले के अकोदिया क्षेत्र में कालीसिंध नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास नहीं जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नलखेड़ा रोड की पड़ाव कॉलोनी में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। वहीं उकावल जाने वाले मार्ग के रेलवे अंडरब्रिज में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई।

    रतलाम में भी सुबह से हो रही बारिश के कारण नदी नालों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ गया है। सैलाना के आडवानिया स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना तेज धार के साथ बहने लगा। सावन के दूसरे सोमवार के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ भी पहुंची। सीहोर में उफनते नाले के बीच एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने का मामला भी सामने आया। वहीं कई गांवों में रास्ते पानी में डूब गए हैं।

    पिछले 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो भोपाल में करीब 7 इंच बारिश हुई। नर्मदापुरम में 5 इंच रायसेन में 4.9 इंच राजगढ़ और शाजापुर में करीब 4.5 इंच तथा सीहोर में लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में नर्मदा का जलस्तर कुछ कम हुआ है लेकिन छोटा पुल अब भी पानी में डूबा हुआ है। उमरिया के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    लगातार बारिश से जहां किसानों को फसलों के लिए राहत मिली है वहीं जलभराव और बाढ़ ने कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं और जहां भी लोग पानी में फंस रहे हैं वहां रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों से नदी नालों पुलों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

  • मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद

    मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी भोपाल समेत विदिशा सीहोर शाजापुर रायसेन राजगढ़ और कई अन्य जिलों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। विदिशा में बाढ़ के पानी में बच्चों समेत 17 लोग फंस गए जिन्हें पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं भोपाल में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई जिसके बाद शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों तक पानी पहुंच गया।

    भोपाल में बारिश का असर रेलवे स्टेशन से लेकर पुलिस थाने तक दिखाई दिया। भोपाल रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर पानी भरने से रेल परिचालन प्रभावित होने की स्थिति बनी वहीं ईंटखेड़ी थाना परिसर में भी बारिश का पानी घुस गया। शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सेमरा इलाके में करीब 200 घरों के आसपास 5 से 6 फीट तक पानी भरने की सूचना है जिससे बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही फंसकर रह गए। अपोलो अस्पताल के आसपास की कॉलोनियों कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी और पुलिस हाउसिंग कॉलोनी में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। पेड़ गिरने के कारण वीआईपी रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

    बारिश का असर भोपाल के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। भोपाल बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के आसपास पानी बढ़ने और कई नदियों नालों के उफान पर आने से आवागमन प्रभावित हुआ। बैरसिया और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण कई रास्तों पर आवाजाही रोकनी पड़ी। ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया है। सीहोर में भी कई रास्तों पर पानी बहने लगा और श्यामपुर समेत कई इलाकों में मकानों के भीतर बारिश का पानी घुस गया। सेवनिया में मंदिर के डूबने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

    विदिशा में ग्राम बामनखेड़ा के लश्करपुर रोड पर बाढ़ का पानी भरने के बाद करीब 17 लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण जिले में नदी नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    शाजापुर जिले के अकोदिया क्षेत्र में कालीसिंध नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास नहीं जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नलखेड़ा रोड की पड़ाव कॉलोनी में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। वहीं उकावल जाने वाले मार्ग के रेलवे अंडरब्रिज में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई।

    रतलाम में भी सुबह से हो रही बारिश के कारण नदी नालों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ गया है। सैलाना के आडवानिया स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना तेज धार के साथ बहने लगा। सावन के दूसरे सोमवार के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ भी पहुंची। सीहोर में उफनते नाले के बीच एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने का मामला भी सामने आया। वहीं कई गांवों में रास्ते पानी में डूब गए हैं।

    पिछले 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो भोपाल में करीब 7 इंच बारिश हुई। नर्मदापुरम में 5 इंच रायसेन में 4.9 इंच राजगढ़ और शाजापुर में करीब 4.5 इंच तथा सीहोर में लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में नर्मदा का जलस्तर कुछ कम हुआ है लेकिन छोटा पुल अब भी पानी में डूबा हुआ है। उमरिया के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    लगातार बारिश से जहां किसानों को फसलों के लिए राहत मिली है वहीं जलभराव और बाढ़ ने कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं और जहां भी लोग पानी में फंस रहे हैं वहां रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों से नदी नालों पुलों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

  • ट्रेकिंग पर गए इंदौर निवासी अद्वैत की तलाश में जुटी बेंगलुरु पुलिस, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

    ट्रेकिंग पर गए इंदौर निवासी अद्वैत की तलाश में जुटी बेंगलुरु पुलिस, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

    नई दिल्ली । कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित शिवगंगे पहाड़ियों से मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी एक युवक के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। लापता युवक की पहचान 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय के रूप में हुई है, जो बेंगलुरु के बेगुर क्षेत्र में रहकर एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने घने पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान प्रारंभ कर दिया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, अद्वैत उपाध्याय ने शुक्रवार को सुबह ट्रेकिंग पर जाने से पूर्व अपनी मंगेतर को अपनी इस यात्रा की जानकारी दी थी। इसके बाद उसने आवागमन के लिए एक दुपहिया वाहन किराए पर लिया और शिवगंगे पहाड़ी की तलहटी में पहुंचा। सुबह लगभग साढ़े छह बजे उसने अपना वाहन पार्क किया और पहाड़ी की ओर चढ़ना शुरू किया। तलहटी के समीप स्थापित सीसीटीवी कैमरों में उसे अकेले पहाड़ी की ओर जाते हुए देखा गया है।

    पहाड़ी पर चढ़ने के कुछ समय बाद से ही अद्वैत का कोई संपर्क नहीं हो सका है और उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा है। लंबे समय तक सुराग न मिलने पर परिजनों ने किसी अनहोनी या राहजनी की आशंका व्यक्त की है। परिजनों को संदेह है कि सुनसान इलाका होने के कारण किसी आपराधिक तत्व ने उसे निशाना बनाया हो सकता है।

    घटना के संबंध में कडुगोडी पुलिस थाने में औपचारिक गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिवगंगे की कठिन और दुर्गम पहाड़ियों में पुलिसकर्मियों की विशेष टीमों के साथ डॉग स्क्वायड को भी तैनात किया गया है। पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दुर्घटना, राहजनी और अपहरण समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहन छानबीन कर रही है।

    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी कर्नाटक पुलिस के संपर्क में हैं। मध्य प्रदेश में अद्वैत के परिवारजन और रिश्तेदार उसकी सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। राज्य के गृह विभाग द्वारा भी इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि तलाशी अभियान में तेजी लाई जा सके।

    बेंगलुरु पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों और पर्यटकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुराग जुटाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। प्रशासन ने जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने और युवक को सुरक्षित ढूंढ निकालने का आश्वासन दिया है।

  • मध्य प्रदेश के गुना में भतीजे की करतूत की सजा मिलने और अपमानजनक होने से पीड़ित की मौत

    मध्य प्रदेश के गुना में भतीजे की करतूत की सजा मिलने और अपमानजनक होने से पीड़ित की मौत

    मध्य प्रदेश।  के गुना जिले से इंसानियत और सामाजिक ताने-बाने को तार-तार कर देने वाली एक दुखद घटना सामने आई है। जिले के राघौगढ़ क्षेत्र में एक युवक द्वारा शादीशुदा महिला को भगा ले जाने के बाद पीड़ित परिवार और गांव के लोगों ने आरोपी युवक के चाचा को बंधक बनाकर अमानवीय यातनाएं दीं। करीब सवा महीने पुराने इस घटनाक्रम का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पीड़ित व्यक्ति गहरे मानसिक सदमे में चला गया, जिससे उसकी दुखद मृत्यु हो गई।

    घटना के संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरपुरा गांव निवासी 45 वर्षीय अजोड़ सिंह बंजारा के भतीजे पर आरोप था कि वह पड़ोसी गांव की एक विवाहित महिला को अपने साथ ले गया था। इस बात से आक्रोशित होकर महिला के ससुराल पक्ष के लोगों ने अजोड़ सिंह को धोखे से पकड़ लिया और उन्हें बंधक बना लिया। आरोपियों ने पीड़ित के हाथ-पैर बांधकर उनके साथ जमकर मारपीट की और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के लिए उनके गले में जूते-चप्पलों की माला डालकर गांव में घुमाया।

    उस समय घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित व्यक्ति को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया था। पीड़ित परिजनों का कहना है कि इस गंभीर और अपमानजनक घटना के संबंध में पुलिस प्रशासन और जनसुनवाई के माध्यम से उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गई थीं। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई होती, तो यह अनहोनी टाली जा सकती थी।

    घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब शुक्रवार को पीड़ित किसी कार्यवश समीपस्थ कस्बे में गए थे। वहां एक परिचित व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर उसी पुरानी घटना का वायरल वीडियो दिखा दिया। वीडियो में खुद को बंधा हुआ और गले में जूतों की माला पहने देखकर पीड़ित बेहद आहत हुए। घर लौटने के बाद उन्होंने परिजनों से अपनी पीड़ा व्यक्त की कि लोग अब इस वीडियो के जरिए उनका उपहास उड़ा रहे हैं। इसके तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।

    मृतक अपने पीछे पत्नी, पांच बेटियों और एक मासूम बेटे का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे अमरपुरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मातम का माहौल है। घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय पुलिस चौकी और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस प्रशासन अब वायरल वीडियो, पूर्व में हुई मारपीट और पीड़ित की मृत्यु के कारणों की व्यापक स्तर पर जांच कर रहा है।

    कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक विचारकों का मानना है कि किसी अन्य व्यक्ति के अपराध की सजा किसी रिश्तेदार को देना और फिर सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री प्रसारित करना एक गंभीर अपराध है। गुना जिले की इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि साइबर अपराध और सामाजिक लिंचिंग के बढ़ते मामले किस प्रकार बेकसूर लोगों की जान ले रहे हैं।

  • भोपाल में अगले कई दिन बारिश के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान से बढ़ी राहत लेकिन सतर्क रहें लोग

    भोपाल में अगले कई दिन बारिश के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान से बढ़ी राहत लेकिन सतर्क रहें लोग


    भोपाल भोपाल में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। रविवार को शहर में बादल छाए रहने के बाद सोमवार से बारिश का दौर बढ़ने के आसार हैं। मौसम के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 अगस्त को भोपाल में रुक रुककर बारिश हो सकती है। इसके बाद मंगलवार को भी बारिश की संभावना बनी रहेगी जबकि बुधवार को हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। यानी राजधानी में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने के बजाय बादलों और बारिश के बीच बदलता नजर आ सकता है।

    बारिश के कारण भोपाल के तापमान में भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। दिन का तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है जबकि रात में तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस तक रहने के आसार हैं। ऐसे मौसम में सुबह और शाम के समय वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा और सुहाना महसूस हो सकता है। हालांकि लगातार बादल और बारिश के कारण कई इलाकों में उमस की स्थिति भी बनी रह सकती है।

    सोमवार को बारिश का दौर रहने के कारण शहर में लोगों को आवाजाही के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को गीली सड़कों पर अतिरिक्त सतर्कता रखनी चाहिए। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़क पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    भोपाल में बारिश के साथ तापमान में राहत मिलने की संभावना है। गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों के लिए बादल और बारिश राहत लेकर आ सकते हैं। हालांकि लगातार बारिश होने पर शहर की सड़कों पर जलभराव और यातायात संबंधी परेशानी भी सामने आ सकती है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की ओर से जल निकासी व्यवस्था पर नजर रखना जरूरी होगा।

    आने वाले दिनों में भी मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की संभावना नहीं है। गुरुवार को बारिश की संभावना बनी रहेगी जबकि शुक्रवार को बारिश के साथ गरज चमक और तूफानी गतिविधि की आशंका भी जताई गई है। इसके बाद शनिवार को हल्की बारिश और रविवार को कुछ समय के लिए बारिश की बौछारें देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में अगले सप्ताह के दौरान भोपाल के मौसम में बादलों और बारिश का असर लगातार बना रहने की संभावना है।

    मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचें और गरज चमक के समय पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। घर से बाहर निकलते समय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए भी स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखना जरूरी है।

    कुल मिलाकर भोपाल में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं। सोमवार से बारिश की संभावना बढ़ने के साथ तापमान में राहत बनी रह सकती है। हालांकि बारिश के कारण जलभराव और यातायात जैसी स्थानीय समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। इसलिए लोगों के लिए बारिश का आनंद लेने के साथ जरूरी सावधानी बरतना भी उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।

  • MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई जिलों में रातभर बरसे बादल, 21 जिलों में अलर्ट

    MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई जिलों में रातभर बरसे बादल, 21 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से कम बारिश के बाद अब मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। रविवार से कई जिलों में हालात बिगड़े और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। राजधानी भोपाल में शनिवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। कभी तेज तो कभी रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया है।

    रायसेन रोड स्थित पटेल नगर, सिटी की वसुंधरा कॉलोनी और शिवनगर समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सोमवार सुबह VIP रोड पर बीच सड़क पेड़ गिरने से जाम की स्थिति बन गई। प्रदेश के 21 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट जारी किया गया है।

    5 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
    मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक, सोमवार को राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट है।

    कई जिलों में तेज बारिश का दौर
    भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    रायसेन में रामलीला मैदान जलमग्न
    रायसेन में बीती रात से हो रही तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। शहर का रामलीला मैदान भी पानी में डूब गया है। लगातार बारिश से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    शुजालपुर में बारिश से किसानों को राहत की उम्मीद
    शुजालपुर में सोमवार तड़के करीब 3 बजे से तेज बारिश शुरू हुई। मानसून सीजन में यह पहला मौका है जब यहां इतनी तेज बारिश का दौर आया है। इससे किसानों और व्यापारियों की चिंता कुछ कम हुई है। आधा सावन बीतने के बावजूद कम बारिश के कारण शुजालपुर की नेवज और जमधड़ नदियों में पानी की धार नहीं चल पा रही थी। अब बारिश के बाद नदी-नालों में पानी आने की उम्मीद बढ़ी है।

    सीहोर में नदी-नाले उफान पर
    सीहोर के श्यामपुर क्षेत्र में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात मूसलाधार बारिश हुई। इसके बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और कई घरों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। सीहोर में रात करीब 12 बजे से तेज बारिश लगातार जारी है। सीवन नदी चद्दर पुल के ऊपर से बह रही है, जबकि सीटू नाला भी मछली पुल के ऊपर से पानी बहा रहा है।

    विदिशा में सड़कों पर भरने लगा पानी
    विदिशा में रविवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। सोमवार सुबह बारिश ने जोर पकड़ा, जिसके चलते शहर की सड़कों पर पानी भरने लगा। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।