भूसा लेने जा रहा था बंजारा परिवार
लोहे के पाइप टकराए हाईटेंशन लाइन से
महिला और बच्चे की मौके पर मौत
दो लोग गंभीर रूप से झुलसे

भूसा लेने जा रहा था बंजारा परिवार
लोहे के पाइप टकराए हाईटेंशन लाइन से
महिला और बच्चे की मौके पर मौत
दो लोग गंभीर रूप से झुलसे

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे बैतूल विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के प्रयासों को प्रमुख माना जा रहा है। उनके निरंतर प्रयासों के चलते ही यह स्वीकृति मिली है, जिससे स्थानीय स्तर पर शिक्षा और कौशल विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्वीकृत राशि के तहत शासकीय आईटीआई बैतूल में 60 सीट क्षमता वाले बालक छात्रावास के निर्माण के लिए 3.41 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को रहने की सुविधा मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
वहीं कोसमी स्थित शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई में 60 सीट क्षमता वाले बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए 3.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा यहां 6 ट्रेड शेड भवनों के निर्माण के लिए 7.26 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इन ट्रेड शेड्स के बनने से विभिन्न तकनीकी ट्रेड्स में प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और छात्राओं को आधुनिक संसाधनों के साथ सीखने का अवसर मिलेगा।
इस योजना का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निवेश से स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और वे तकनीकी क्षेत्रों में अधिक दक्ष बन सकेंगे।
स्थानीय स्तर पर भी इस घोषणा का स्वागत किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि इससे बैतूल जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और विशेष रूप से छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इस प्रकार बैतूल आईटीआई को मिली यह 14.11 करोड़ रुपये की सौगात न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह जिले के समग्र विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार एक अप्रैल की दोपहर करीब तीन बजे ग्राम शिवसागर पुलिया के पास विप्लव विश्वास और उनकी पत्नी सुशांति विश्वास पर एक नकाबपोश व्यक्ति ने अचानक धारदार हथियार दाव से हमला कर दिया। इस हमले में विप्लव विश्वास गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका बायां हाथ कलाई से लगभग अलग हो गया। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शुरुआत में आरोपी की पहचान करना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि वह नकाब पहनकर आया था और मौके से फरार हो गया था। लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और तकनीकी जांच के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पूछताछ शुरू की।
जांच के दौरान डिजिटल ट्रांजैक्शन पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बनकर सामने आया। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और लेनदेन के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। इसके बाद संदिग्ध से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग अपराधों को सुलझाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। इस मामले में भी डिजिटल ट्रांजैक्शन ने आरोपी की पहचान उजागर करने में अहम भूमिका निभाई।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हमले के पीछे की असली वजह क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
इस त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से अपराध को अंजाम दें, लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं और वे अंततः पकड़ में आ ही जाते हैं।

2018 के बयान से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला 29 अक्टूबर 2018 का है, जब झाबुआ में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए कार्तिकेय चौहान का नाम लिया था। हालांकि बाद में उन्होंने इसे भ्रम बताया, लेकिन यह बयान विवाद का कारण बन गया।
कार्तिकेय ने दर्ज कराया मानहानि केस
इस बयान को अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए कार्तिकेय चौहान ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जानबूझकर उनके और उनके परिवार के खिलाफ गलत बयान दिया। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज किया गया।
समन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे राहुल
भोपाल एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा जारी समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। अब इस केस में हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने होंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार और मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त प्रयासों से स्व. श्री गुरकीरत सिंह मनोचा का पार्थिव शरीर कनाडा से भारत लाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान बाबा श्री महाकाल से प्रार्थना की कि परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यह समय परिवार और समाज के लिए बहुत कठिन है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव मदद प्रदान करने के लिए तत्पर है।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया और विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा भी उपस्थित थे। सभी ने स्व. श्री मनोचा को पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार के प्रयासों से इस दुखद समय में परिवार को उचित सहायता दी जाएगी और उनके अंतिम संस्कार की सभी व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रूप से की जाएँगी। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के दुखद हादसे समाज और सरकार को यह याद दिलाते हैं कि जीवन अनिश्चित है और हमें आपसी सहयोग और संवेदनशीलता के साथ ऐसे समय में खड़ा होना चाहिए।
स्व. श्री गुरकीरत सिंह मनोचा के निधन ने उनके परिवार, मित्र और प्रदेशवासियों को गहरे शोक में डाल दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके योगदान और यादों को सम्मानित करते हुए कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और उनके परिवार के साथ शासन हर संभव मदद करेगा।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया और भावपूर्ण तरीके से अपने श्रद्धा और संवेदनाएँ व्यक्त कीं। यह कार्यक्रम उज्जैन में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक पल के रूप में याद रखा जाएगा।

कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
वसंत विहार स्थित अत्याधुनिक तारामंडल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और वरिष्ठ विचारक सुरेश सोनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह आयोजन शासन, विज्ञान और संस्कृति के संगम का प्रतीक बनकर उभरा। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत, सांसद अनिल फिरोजिया सहित देश-विदेश के वैज्ञानिक, खगोलविद और शिक्षाविद भी उपस्थित रहे।
साइंस सेंटर से उज्जैन को नई पहचान
करीब 15.20 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक साइंस सेंटर ने उज्जैन को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान दी है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से तैयार यह केंद्र विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
विज्ञान और सनातन के बीच सेतु
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान के बीच सेतु निर्माण करना है। ‘महाकाल’ यानी समय की अवधारणा को वैज्ञानिक नजरिए से समझने का प्रयास किया जा रहा है। इसरो के वैज्ञानिकों के साथ जापान सहित कई देशों के विशेषज्ञ इसमें भाग ले रहे हैं।
युवाओं के लिए खास आकर्षण
इस आयोजन में युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। सैटेलाइट मेकिंग वर्कशॉप, यूएवी और आरसी प्लेन ट्रेनिंग, टेलीस्कोप से आकाश अवलोकन और सनस्पॉट स्टडी जैसी गतिविधियां उन्हें विज्ञान से जोड़ रही हैं। डोंगला में डीप स्काई ऑब्जर्वेशन भी विशेष आकर्षण का केंद्र है।
विकास परियोजनाओं की भी शुरुआत
सम्मेलन के साथ ही विकास कार्यों का भी शुभारंभ हुआ। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 701 करोड़ रुपये की लागत से 19 किलोमीटर लंबे फोर-लेन बायपास का भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा 22 करोड़ रुपये की लागत से विक्रमादित्य हेरिटेज होटल के विस्तार की घोषणा की गई।
आस्था और विज्ञान का अनोखा संगम
वक्ताओं ने कहा कि उज्जैन में महाकाल की नगरी में ‘समय’ पर हो रहा यह मंथन आस्था और आधुनिक विज्ञान के संगम का प्रतीक है। यह आयोजन न केवल नई सोच को जन्म देगा, बल्कि युवाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

यह कार्रवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा 2 अप्रैल 2026 को सुनाए गए फैसले के बाद हुई, जिसमें राजेंद्र भारती को एफडी फर्जीवाड़े के मामले में तीन साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया था।
संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। इसी आधार पर 2 अप्रैल 2026 से उनकी सदस्यता निरस्त मानी गई और सीट खाली घोषित कर दी गई।
क्या है मामला
राजेंद्र भारती पर जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष रहते हुए एफडी दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप था। जांच में सामने आया कि अवधि और ब्याज दर में बदलाव कर अवैध लाभ लिया गया। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। हालांकि कोर्ट ने उन्हें जमानत भी दे दी है, जिससे उन्हें तत्काल जेल नहीं जाना पड़ा।
राजनीतिक विवाद तेज
इस फैसले के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई भाजपा के दबाव में की गई है और नियमों के खिलाफ है। पार्टी ने कहा है कि वह इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधायक को अपील का समय दिए जाने के बावजूद सदस्यता खत्म करना गलत है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ वकीलों की टीम इस मामले को लेकर कानूनी तैयारी कर रही है।
वहीं, राज्य सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई कानून के तहत हुई है और इसका किसी राजनीतिक मकसद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो साल से अधिक की सजा मिलने पर सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।
आगे क्या होगा
अदालत ने राजेंद्र भारती को अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है। यदि इस दौरान उन्हें उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलती है, तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय है। नियमों के अनुसार, सीट खाली होने के छह महीने के भीतर चुनाव कराना आवश्यक होता है। विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त होने की जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी है, अब आगे की प्रक्रिया आयोग तय करेगा।

तड़के होने वाली भस्म आरती में भाग लेने के बाद धर्मेंद्र प्रधान करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर ध्यान में लीन रहे। इस दौरान मंदिर परिसर में गूंजते वैदिक मंत्र, ढोल-नगाड़ों की ध्वनि और भक्तिमय वातावरण ने पूरे अनुभव को आध्यात्मिक बना दिया।
आरती के बाद केंद्रीय मंत्री ने गर्भगृह में भगवान महाकाल का अभिषेक कर देश की उन्नति, समाज की समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि भस्म आरती का अनुभव आत्मिक संतोष देने वाला होता है और यह आंतरिक शांति व ऊर्जा का स्रोत है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में शांति और सद्भाव की आवश्यकता पहले से अधिक है। ऐसे समय में भगवान महाकाल के चरणों में उन्होंने देश की प्रगति, सनातन संस्कृति के विस्तार और विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उज्जैन में श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर में उन्हें गौसेवा का अवसर मिला, जिसे उन्होंने भारतीय संस्कृति की करुणा और लोकमंगल की भावना का प्रतीक बताया।

कमलनाथ का बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस लगातार देश में LPG की किल्लत और लंबी लाइनों की शिकायत कर रही है। गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच एलपीजी और ईंधन की उपलब्धता को लेकर बहस भी हुई। भाजपा ने कहा कि सरकार स्थिति को सक्रिय रूप से प्रबंधित कर रही है जबकि कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर ईंधन की उपलब्धता पर सवाल उठाए।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा अगर संकट नहीं है तो इसका असर जमीन पर दिखना चाहिए। उपभोक्ता को भरोसा होना चाहिए कि उन्हें मांग पर LPG पेट्रोल और डीजल मिलेंगे। अगर दबाव है तो प्रधानमंत्री के दावे सही नहीं हैं।
सांसद मनीष तिवारी ने सवाल उठाया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार कब तक अस्थायी समाधान अपनाएगी। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति से निपटने के लिए उत्पाद शुल्क कम करना और सीमा शुल्क हटाना जरूरी है। उधर कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि अप्रैल के बाद से हर चीज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और चुनाव खत्म होने के बाद उर्वरक पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

गिरफ्तार आरोपियों को ग्वालियर लाया गया है, जहां उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम को पहले कुछ चुनिंदा खातों में डाला गया और फिर 15 राज्यों के 300 से ज्यादा बैंक खातों में ट्रांसफर कर ट्रेल छिपाने की कोशिश की गई।
दिल्ली से पकड़े गए आरोपी, बैंक नेटवर्क का खुलासा
जांच में पता चला कि करीब 28 लाख रुपये इंडसइंड बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उन्हें “म्यूल अकाउंट” के रूप में साइबर ठगों को बेचते थे। पूरा नेटवर्क टेलीग्राम के जरिए संचालित होता था।
कौन क्या करता था
हरीश गढ़वाल (27) – छिंदवाड़ा निवासी, दिल्ली में रहकर बैंक खाते खुलवाता और ऑपरेट करता था।
सौरव यादव (23) – इसके खाते में 28 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।
शरद डेहरिया (20) – सौरव के साथ जॉइंट अकाउंट संचालित करता था।
300 से ज्यादा खातों में पहुंचाई गई रकम
ठगी की राशि सबसे पहले दिल्ली, नोएडा, आंध्र प्रदेश के गुंटूर और वाराणसी के पांच खातों में भेजी गई। इनमें आंध्र प्रदेश के दो खातों में करीब 1.5 करोड़ और दिल्ली-यूपी के खातों में लगभग 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद यह रकम देश के 15 राज्यों के 300 से अधिक खातों में फैलाई गई।
फर्जी फर्म के जरिए लेनदेन
जांच के दौरान दिल्ली की एक फर्म “जिंग्गा क्रंच एंड स्नैक्स” के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ की, जिन्होंने बताया कि यह फर्म दूसरों के कहने पर खोली गई थी और बदले में उन्हें 2.5 लाख रुपये कमीशन मिला था।
ऐसे रचा गया ठगी का जाल
ग्वालियर के विंडसर हिल्स निवासी 90 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर को आरोपियों ने व्हाट्सऐप कॉल कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। आधार और पैन कार्ड के दुरुपयोग का डर दिखाकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया गया। आरोपियों ने 27 दिनों तक उन्हें वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा और इस दौरान अलग-अलग खातों में 2.52 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।