Category: Madhya Pradesh

  • रतलाम ऑनलाइन फ्रॉड: सेना का फर्जी अधिकारी बताकर महिला से ठगी, एडवांस किराए का झांसा देकर उड़ाए 93,888 रुपये।

    रतलाम ऑनलाइन फ्रॉड: सेना का फर्जी अधिकारी बताकर महिला से ठगी, एडवांस किराए का झांसा देकर उड़ाए 93,888 रुपये।


    रतलाम /मध्य प्रदेश के रतलाम में ऑनलाइन ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। यहाँ साइबर अपराधियों ने देशभक्ति और सेना के प्रति लोगों के सम्मान का फायदा उठाते हुए एक महिला को अपना शिकार बनाया। स्टेशन रोड थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपना मकान किराये पर देने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन दिया था, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह विज्ञापन उनके लिए मुसीबत बन जाएगा। 5 नवंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताया। आरोपी ने बड़ी चालाकी से महिला को झांसा दिया कि उसकी पोस्टिंग रतलाम में होने वाली है और उसे जल्द से जल्द एक अच्छे किराये के मकान की जरूरत है।

    ठग ने बातचीत के दौरान महिला का विश्वास जीतने के लिए मकान का किराया 9 हजार रुपये तय किया और बिना किसी आना-कानी के दो महीने का एडवांस किराया देने पर भी सहमति जता दी। जब भरोसा पूरी तरह कायम हो गया, तो शातिर ठग ने भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बहाने महिला से उनके बैंक खाते का विवरण मांग लिया। जैसे ही महिला ने अपना बैंक अकाउंट नंबर साझा किया, उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ मैसेज आने शुरू हो गए। आरोपी ने एक के बाद एक तीन किस्तों में महिला के खाते से कुल 93,888 रुपये पार कर दिए। पहली बार में 27 हजार, फिर 26,999 और अंत में 39,889 रुपये कटते ही महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई।

    ठगी का अहसास होते ही पीड़िता ने बिना देर किए साइबर सेल और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री व मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों “आर्मी ऑफिसर” बनकर ठगी करना अपराधियों का एक प्रचलित तरीका बन गया है, क्योंकि लोग सेना के नाम पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक विवरण, ओटीपी या पिन साझा न करें, चाहे वह खुद को किसी भी बड़े पद का अधिकारी क्यों न बताए।

  • यूजीसी मानकों के पालन और पारदर्शिता पर बहस, राज्य सरकार को समय मिला..

    यूजीसी मानकों के पालन और पारदर्शिता पर बहस, राज्य सरकार को समय मिला..


    जबलपुर । रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह की अंतिम मोहलत दी है यह आदेश शुक्रवार को न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान दिया अगली सुनवाई 23 मार्च को निर्धारित की गई है

    याचिका में नियुक्ति प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए गए
    याचिका एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष सचिन रजक द्वारा दायर की गई है याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता उत्कर्ष अग्रवाल ने तर्क दिया कि कुलगुरु की नियुक्ति निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं हुई याचिका में कहा गया कि पीएचडी उपाधि के बाद न्यूनतम दस वर्ष का शैक्षणिक अनुभव अनिवार्य होता है जबकि इस मानदंड का पालन नहीं किया गया

    यूजीसी मानकों और चयन प्रक्रिया पर बहस
    सुनवाई के दौरान यह भी मुद्दा उठा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं और चयन प्रक्रिया के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है याचिका में तर्क दिया गया कि यदि प्राध्यापक पद पर मूल नियुक्ति ही नियमों के विरुद्ध रही हो तो कुलगुरु पद पर की गई नियुक्ति की वैधता पर सवाल उठना स्वाभाविक है

    राज्य सरकार ने मांगा अतिरिक्त समय
    राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी ने न्यायालय में पक्ष रखा और जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय का अनुरोध किया न्यायालय ने आदेश में कहा कि प्रतिवादियों को 7 अप्रैल 2025 को नोटिस तामील किया जा चुका है लेकिन अब तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं हुआ इसे देखते हुए चार सप्ताह का अंतिम अवसर दिया गया

    सार्वजनिक हित और विशेषज्ञों की राय
    मामला उच्च शिक्षा प्रशासन और नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा होने के कारण इसे सार्वजनिक हित से महत्वपूर्ण माना जा रहा है विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायालय का अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासनिक नियुक्तियों के मानकों और जवाबदेही के दायरे को स्पष्ट कर सकता है

    आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें
    फिलहाल सभी पक्षों की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है जहां राज्य सरकार का जवाब और न्यायालय की टिप्पणी मामले की दिशा तय कर सकती है यह विवाद न केवल आरडीवीवी बल्कि राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक नियुक्तियों के लिए भी उदाहरण बन सकता है

  • तीन दिवसीय सर्वे 22 फरवरी तक जारी, गिद्ध संरक्षण नीति सुदृढ़ करने की तैयारी

    तीन दिवसीय सर्वे 22 फरवरी तक जारी, गिद्ध संरक्षण नीति सुदृढ़ करने की तैयारी

    इंदौर । इंदौर वनमंडल में गिद्धों की संख्या का आकलन करने के लिए वन विभाग ने तीन दिवसीय शीतकालीन गणना अभियान शुरू किया है यह अभियान 20 फरवरी से शुरू होकर 22 फरवरी तक चलेगा पहले दिन कुल 97 गिद्ध दर्ज किए गए, जिनमें सभी Egyptian Vulture प्रजाति के थे प्रदेशव्यापी स्तर पर संचालित यह सर्वे गिद्ध संरक्षण रणनीति तय करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है

    चोरल रेंज में सर्वाधिक गिद्ध
    वन अधिकारियों के अनुसार खराब मौसम और कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा के बावजूद निर्धारित समय पर सर्वे पूरा किया गया इंदौर, महू, मानपुर और चोरल रेंज में केवल बैठे हुए गिद्धों की गणना की गई क्योंकि विभागीय नियमों के तहत यही आंकड़े मान्य माने जाते हैं रेंजवार आंकड़ों में चोरल क्षेत्र में सर्वाधिक 89 गिद्ध दर्ज किए गए जबकि इंदौर रेंज में 4 और महू और मानपुर में 2-2 गिद्ध देखे गए

    सर्वे की प्रक्रिया और तकनीकी मदद
    गणना के लिए 38 चिन्हित स्थानों पर सुबह 6 से 8 बजे के बीच 16 टीमों ने सर्वे किया प्रमुख निगरानी बिंदुओं में तिंछा फाल, देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड, पातालपानी और पेडमी शामिल थे इस बार कुछ स्थानों पर डेटा संग्रह के लिए Epicollect5 मोबाइल एप का उपयोग किया गया है जिससे आंकड़ों की पारदर्शिता और सटीकता बढ़ने की उम्मीद है

    गिद्धों की गिरती संख्या और संरक्षण की आवश्यकता
    वन विभाग का कहना है कि गिद्ध पर्यावरण के प्राकृतिक क्लीनर माने जाते हैं लेकिन बीते वर्षों में उनकी संख्या में लगातार गिरावट दर्ज हुई पशु उपचार में प्रयुक्त डाइक्लोफेनाक जैसी दवाओं के दुष्प्रभाव इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं इसी पृष्ठभूमि में विभाग ने जागरूकता अभियान और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है

    पिछले वर्षों की तुलना
    पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार 2025 में इंदौर क्षेत्र में 86 गिद्ध दर्ज हुए थे जबकि 2023 में 114 और 2021 में 117 गिद्ध पाए गए इस बार शुरुआती संख्या अपेक्षाकृत बेहतर मानी जा रही है हालांकि अंतिम आंकड़े अभियान समाप्त होने के बाद जारी होंगे

    भविष्य की योजना और संरक्षण नीति
    वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह सर्वे केवल गणना तक सीमित नहीं है बल्कि संरक्षण नीति को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम है नियमित निगरानी से आवास संरक्षण, भोजन स्रोत और मानवीय हस्तक्षेप से जुड़े जोखिमों की पहचान संभव होगी यह अभियान सार्वजनिक हित से जुड़ी महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल के रूप में देखा जा रहा है

  • अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित

    अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित



    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। शनिवार को बादलों की छाया बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम प्रभावी होगा, जो खासकर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखाएगा।

    पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।

    तेज हवाओं और आंधी के चलते रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे दानों पर असर और किसानों की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में 25 जिलों में फसल नुकसान हो सकता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व अमला मैदान में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है।

    अगले दो दिनों का मौसम का अंदाजा
    22 फरवरी: बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रह सकते हैं।
    23 फरवरी: दक्षिणी जिलों में नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश होने की संभावना।

    बारिश की संभावना वाले जिले
    मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इनके आस-पास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने और बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    जबलपुर में भी मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार देर रात हल्के बादल छाए और वातावरण में नमी महसूस की गई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया और ठंड का असर बढ़ गया। सुबह का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • 52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह: शास्त्रीय कला का भव्य संगम

    52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह: शास्त्रीय कला का भव्य संगम



    खजुराहो। मध्यप्रदेश विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में शुक्रवार से 52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह प्रारंभ हो गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि यह समारोह हमारी राष्ट्रीय धरोहर और शास्त्रीय संस्कृति का अनमोल संगम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खजुराहो “पत्थरों में प्राण” की भूमि है, जहां कंदरिया महादेव, चतुर्भुज, वामन, चित्रगुप्त और पार्वती मंदिर जैसे ऐतिहासिक देवालय मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि 52वाँ नृत्य समारोह इस वर्ष भगवान नटराज को समर्पित है और इसका आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को भगवान शिव के नटराज स्वरूप से जोड़ने का अद्वितीय प्रयास है।

    समारोह की प्रमुख विशेषताएँ
    मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री मोहन यादव

    विशिष्ट उपस्थितगण: संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, सांसद खजुराहो वी.डी. शर्मा, अपर मुख्य सचिव संस्कृति विभाग श्री शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव और कलेक्टर छतरपुर श्री पार्थ जायसवाल।

    पुस्तक विमोचन: नटराज – भगवान शिव के नृत्य मुद्रा, खजुराहो एवं नृत्य समारोह कॉफी टेबल बुक, बुंदेली – इतिहास, संस्कृति और गौरव, बुन्देलखण्ड – मध्यप्रदेश की अमूल्य विरासत।

    आयोजन में सहयोग: संस्कृति विभाग, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (दक्षिण मध्य क्षेत्र), मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन छतरपुर।

    पहली दिन की भव्य प्रस्तुतियाँ
    कथक नृत्य – सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी, दिल्ली

    नृत्यनाटिका: प्रतिष्ठा: शाश्वत तत्वों का आह्वान

    पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के प्रति श्रद्धांजलि।

    भरतनाट्यम नृत्य – सुश्री अनुराधा वेंकटरमन, चेन्नई

    मंगलाचरण में शिव के विभिन्न रूपों का दृश्य।

    राग हंसध्वनि एवं आदि ताल में संगीतबद्ध प्रस्तुति।

    ओडिसी नृत्य – सुश्री शुभदा वरडाकर, भुवनेश्वर

    प्रस्तुति: अभेदम्

    अद्वैत वेदान्त की गहन परंपरा के माध्यम से आत्मा और परमात्मा की एकता का संदेश।

    अगले दिन की झलक
    21 फरवरी, 2026, शाम 6:30 बजे

    श्री विश्वदीप (दिल्ली) – कथक

    श्री प्रभात मेहतो (झारखंड) – छाऊ

    सुश्री अक्मारल काइना रोवा (कजाकिस्तान) – भरतनाट्यम

    मुख्यमंत्री का संदेश
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की शास्त्रीय कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अंतर्राष्ट्रीय मंच है। उन्होंने कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश कला साधकों के लिए एक प्रेरणास्थल है, जहाँ वे बार-बार लौटना चाहेंगे।

  • भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए होली स्पेशल: तीन नई ट्रेनें, आरामदायक और सुरक्षित सफर

    भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए होली स्पेशल: तीन नई ट्रेनें, आरामदायक और सुरक्षित सफर


    भोपाल। होली के त्योहार के मौके पर रेलवे ने भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। गोरखपुर, बनारस और अन्य प्रमुख शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने तीन स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। ये ट्रेनें भोपाल मंडल के प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी और बढ़ती यात्रा मांग को पूरा करेंगी।

    यात्रियों को अब त्योहार के दौरान लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा, आराम और सुरक्षित सफर का लाभ मिलेगा, साथ ही समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना भी आसान होगा।

    एलटीटी-बनारस-एलटीटी स्पेशल (01073/01074)
    सेवा तिथियां

    लोकमान्य तिलक टर्मिनल → बनारस: 25, 26 फरवरी और 4, 5 मार्च

    बनारस → लोकमान्य तिलक टर्मिनल: 27, 28 फरवरी और 6, 7 मार्च

    मुख्य पड़ाव: इटारसी, रानी कमलापति, बीना और अन्य प्रमुख स्टेशन

    कोच संरचना: कुल 22 कोच — एसी, स्लीपर और सामान्य

    रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुँचने के साथ-साथ आरामदायक सफर का भी भरोसा मिलेगा।

    इस होली, रेलवे ने भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए यात्रा को और भी सुलभ, आरामदायक और यादगार बनाने की पूरी तैयारी कर ली है।

  • भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    भोपालभोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रचारक विनय सिंह और उनके साथी को टक्कर मार दी। हादसे में संघ प्रचारक विनय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी को गंभीर चोटें आई हैं। चार पहिया वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है।

    हादसे का विवरण
    विनय सिंह 55 वर्षीय थे और ग्राम मेघराकलां, बैरसिया के रहने वाले थे। वह खेती-किसानी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय प्रचारक का काम भी कर रहे थे। गुरुवार दोपहर वह अपने मित्र के साथ बाइक पर गोलखेड़ी से घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

    पुलिस कार्रवाई
    ईंटखेड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और CCTV कैमरों के माध्यम से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हिट-एंड-रन के मामलों में आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाकर पूरे इलाके में सघन जांच की जा रही है।

    स्थानीय और संघ प्रतिक्रिया
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विनय सिंह समाज सेवा और प्रचार के कार्य में हमेशा सक्रिय रहे और उनका योगदान याद किया जाएगा।

    यह घटना राजधानी में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे पर चिंता बढ़ा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी ने आरोपी वाहन को देखा हो या उसकी जानकारी हो, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दें।

  • MP में लंबे समय से रह रहे लोगों की लीज का नवीनीकरण संभव, नियमों में होगा संशोधन

    MP में लंबे समय से रह रहे लोगों की लीज का नवीनीकरण संभव, नियमों में होगा संशोधन


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि वर्षों से किसी भूमि पर रह रहे या व्यापार कर रहे लोगों के लिए भूमि लीज के नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया जाएगा। भोपाल में विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि समय-समय पर व्यापारिक और आवासीय परियोजनाओं के लिए दी गई लीज में परिवार बढ़ने और भूमि विभाजन के कारण नवीनीकरण में समस्या आती है।

    मंत्री ने कहा कि लंबे समय से लोग किसी भूमि पर रह रहे हैं या कारोबार कर रहे हैं, ऐसे में भूमि हटाना व्यावहारिक नहीं है। इसलिए नियम में संशोधन करके ऐसा रास्ता निकाला जाएगा कि संबंधित निकाय की आय बढ़े और लीज का नवीनीकरण भी संभव हो। यह घोषणा उन्होंने विधानसभा में कांग्रेस के डॉ. हिरालाल अलावा और भाजपा के अभिलाष पांडेय के प्रश्नों के जवाब में की।

    डॉ. हिरालाल अलावा ने मनावर नगर पालिका परिषद की भूमि के अवैध हस्तांतरण का मामला उठाया। जांच में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और अन्य कर्मचारी दोषी पाए गए थे, लेकिन चार वर्ष में भी अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
    इस बदलाव से न केवल भूमि संबंधी विवादों का समाधान होगा, बल्कि लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी बनेगी।