सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। आग बुझाने के बाद कार के अंदर से बच्चे का जला हुआ शव बरामद किया गया। थाना प्रभारी कुलदीप खत्री के अनुसार, टीम के पहुंचने से पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया था।
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इंदौरः महू में दर्दनाक हादसा, कार में आग लगने से 4 वर्षीय बच्चे की जलकर मौत
इंदौर । जिले के महू क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय बच्चे की कार में जलकर मौत हो गई। घटना सिमरोल थाना क्षेत्र की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिराग नामक बच्चा अपने पिता संजय बढ़िया के साथ इंदौर-खंडवा रोड स्थित एक कार्यस्थल पर गया था। संजय, जो पेशे से मैकेनिक हैं, कार के बाहर काम में व्यस्त थे, जबकि बच्चा वाहन के अंदर बैठा हुआ था।इसी दौरान अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी कार कुछ ही देर में जलकर खाक हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के कारण वे सफल नहीं हो सके।प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए महू सिविल अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। -

बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप
सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर जनप्रतिनिधि की दबंगई का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के कचनी मोड़ पर हुई इस घटना ने बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि बीजेपी पार्षद संतोष शाह ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिजली विभाग की मेंटेनेंस टीम पर हमला करवा दिया, जिसमें न केवल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई बल्कि विभागीय वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।बताया जा रहा है कि बिजली विभाग की टीम नियमित मेंटेनेंस कार्य के लिए क्षेत्र में पहुंची थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि पार्षद के इशारे पर मौजूद लोगों ने टीम को घेर लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान विभाग की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।
घटना के बाद किसी तरह कर्मचारी वहां से अपनी जान बचाकर निकले और सीधे कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे काम बंद आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इससे न केवल सिंगरौली जिले की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून को हाथ में लेंगे तो आम कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी कामकाज में लगे कर्मचारियों को कई बार किस तरह के दबाव और जोखिम का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि कर्मचारियों में विश्वास बहाल हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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मध्यप्रदेश में आग का कहरः खेतों से शहर तक भड़की लपटें, किसानों की मेहनत राख
मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में तापमान बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाओं ने भयावह रूप लेना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सामने आई घटनाओं ने न केवल प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि आमजन और खासकर किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। भोपाल से लेकर बैतूल, ग्वालियर, झाबुआ, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम तक आग ने ऐसा तांडव मचाया कि देखते ही देखते लाखों की संपत्ति जलकर खाक हो गई।भोपाल जिले के ग्राम कुठार में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग भड़क उठी। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली और करीब 15 एकड़ में खड़ी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पानी और ट्रैक्टर ट्रॉली की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही पलों में खत्म हो गई और वे अब मुआवजे की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
उधर ग्वालियर में एक इलेक्ट्रिक वाहन चलते-चलते आग की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की बैटरी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और कुछ ही देर में पूरा वाहन धू-धू कर जलने लगा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने EV सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
झाबुआ जिले के रायपुरिया में एक खेत में लगे मोबाइल टावर में आग लगने से हड़कंप मच गया। टावर से उठती लपटों को देखकर आसपास के ग्रामीण और दुकानदार मौके पर इकट्ठा हो गए। आग में टावर पर लगे महंगे उपकरण और केबल जलकर नष्ट हो गए। पेटलावद से फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। क्षेत्र में स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था न होने से लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला।
छिंदवाड़ा में छोटा तालाब क्षेत्र स्थित तिलक मार्केट में एक मशीनरी टूल्स की दुकान में देर रात आग लग गई। धुएं के गुबार से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही तीन दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
नर्मदापुरम के इटारसी में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक भोजनालय में भी आग लगने की घटना सामने आई। स्थानीय लोगों की सतर्कता से तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया। हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस जांच कर रही है।
सबसे भयावह स्थिति बैतूल जिले में देखने को मिली, जहां आग ने कई गांवों में तबाही मचा दी। शाहपुर ब्लॉक के सांगवानी गांव में 13 किसानों की करीब 20 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। लगभग 300 क्विंटल गेहूं आग की भेंट चढ़ गया। सिलपटी गांव में भी 5 एकड़ फसल नष्ट हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसान अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए। जिले के आठ गांवों में फैली इस आग ने किसानों को आर्थिक रूप से तोड़कर रख दिया है।
लगातार बढ़ती इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि गर्मी के मौसम में आगजनी की रोकथाम के लिए ठोस और त्वरित उपायों की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, लेकिन प्रभावित लोग जल्द से जल्द राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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जमाखोरी पर बड़ा एक्शन LPG जब्ती और FIR तेज मांग से पेट्रोल डीजल व्यवस्था पर दबाव
भोपाल । मध्यप्रदेश में गैस सिलेंडर और पेट्रोल डीजल की आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जमाखोरी और अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेशभर में अब तक 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है जबकि 2888 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत की गई है जिसका उद्देश्य जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाना है।प्रशासन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया जिसमें अब तक 2046 स्थानों पर छापेमारी और निरीक्षण किया गया। इन कार्रवाइयों के दौरान बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर अवैध रूप से संग्रहित पाए गए जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में एलपीजी और पेट्रोल डीजल का कुल स्टॉक पर्याप्त है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
हालांकि दूसरी ओर जमीनी स्थिति कुछ जिलों में अलग नजर आ रही है। पेट्रोल और डीजल की सामान्य दैनिक बिक्री जहां लगभग 18548 लाख लीटर रहती है वहीं हाल के दिनों में कई जिलों में इसकी मांग 2 से 2.5 गुना तक बढ़ गई है। इस अचानक बढ़ी मांग के चलते कई पेट्रोल पंपों पर लंबी लंबी कतारें देखी गईं और कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति भी बन गई। सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए वितरण केंद्रों पर अतिरिक्त समय तक काम किया जा रहा है ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाया जा सके।
इसी बीच पेट्रोल पंप संचालकों के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। पेट्रोलियम कंपनियों ने अब तक दी जाने वाली क्रेडिट सुविधा को बंद कर दिया है जिसके तहत पंप संचालकों को भुगतान के लिए एक सप्ताह का समय मिलता था। इस व्यवस्था के खत्म होने से कई पेट्रोल पंपों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है और कुछ पंपों पर ईंधन की उपलब्धता संकट के स्तर तक पहुंच गई है।
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि तेल कंपनियां न तो उधारी की सुविधा दे रही हैं और न ही पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित कर रही हैं जिससे पंप संचालकों के सामने संचालन का संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश में कुल करीब 4500 पेट्रोल पंप संचालित हैं जिनमें से लगभग 260 केवल भोपाल में हैं। ऐसे में यदि सप्लाई और भुगतान की स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर एक तरफ प्रशासन जमाखोरी पर सख्ती दिखा रहा है तो दूसरी ओर बढ़ती मांग और बदली हुई सप्लाई व्यवस्था ने स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और तेल कंपनियां मिलकर इस संकट का समाधान कैसे निकालती हैं ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान
शाजापुर । मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं और ताजा मामला आगर मालवा जिले से सामने आया है जहां तेज रफ्तार का कहर एक और जान ले गया। सुसनेर से कुरावर जा रही एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे मौके पर अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार यह बस सुसनेर से कुरावर की ओर जा रही थी तभी बड़ागांव के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई और कई लोग अंदर ही फंस गए। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नलखेड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी शिनाख्त करने में जुटी हुई है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बस की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि यातायात नियमों का पालन और वाहनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। खासकर निजी बसों में ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बन रही हैं।
जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और लोगों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। फिलहाल इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम भोपाल में जुटेंगे तीन राज्यों के युवा विधायक
भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है जहां 30 और 31 मार्च 2026 को युवा विधायकों का एक विशेष और अनूठा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा की इस पहल में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 55 से अधिक युवा विधायक एक मंच पर एकत्रित होंगे और लोकतंत्र तथा देश के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श करेंगे। खास बात यह है कि इस सम्मेलन में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों की आयु 45 वर्ष से कम है जिससे यह आयोजन पूरी तरह युवा नेतृत्व और उनकी सोच पर केंद्रित रहेगा।दो दिवसीय इस सम्मेलन का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस अवसर पर नरेन्द्र सिंह तोमर और रमन सिंह जैसे वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे जो युवा विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की मौजूदगी इस सम्मेलन को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी।
इस सम्मेलन में तीनों राज्यों से युवा विधायकों की भागीदारी भी संतुलित और व्यापक है। मध्यप्रदेश से 18, छत्तीसगढ़ से 15 और राजस्थान से 22 विधायक इसमें शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल संख्या के लिहाज से बड़ा है बल्कि इसके उद्देश्यों की दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पहली बार इस तरह तीन राज्यों के युवा जनप्रतिनिधियों को एक साझा मंच दिया जा रहा है जहां वे अपने अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।
सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा और मंथन किया जाएगा जिनमें लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका और विकसित भारत 2047 का विजन शामिल है। इन सत्रों में युवा विधायक अपने अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचार, सफल योजनाओं और जमीनी अनुभवों को साझा करेंगे। इसके साथ ही वे उन चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे जो भविष्य में शासन और नीति निर्माण के दौरान सामने आ सकती हैं। इस तरह यह मंच केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि व्यावहारिक समाधान खोजने का भी प्रयास करेगा।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार यह सम्मेलन विधान परिषद भवन में आयोजित किया जाएगा जहां विभिन्न सत्रों के माध्यम से युवा नेतृत्व को सशक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा। यह आयोजन संसदीय प्रणाली को समझने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश के भविष्य की राजनीति को आकार देने की दिशा में एक सार्थक पहल है। यहां लिए गए विचार और सुझाव आने वाले वर्षों में नीति निर्माण और विकास के एजेंडे को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि युवा विधायक इस मंच से किस तरह के विचार और विजन देश के सामने रखते हैं और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अपनी भूमिका को कैसे परिभाषित करते हैं।
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भोपाल में शुरू हुआ सूखे कचरे से कोयला बनाने का ट्रायल, प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का होगा निपटारा
भोपाल। भोपाल के आदमपुर छावनी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। यहां पीपीपी मोड में 220 करोड़ रुपए की लागत से टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का निपटारा किया जा सकेगा। इसका ट्रायल रन भी शुरू कर दिया गया है।स्वच्छ भारत मिशन में नई पहल
नगर निगम ने यह कदम सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल के तहत उठाया है। शहर से निकलने वाले सूखे कचरे का सही निपटारा सुनिश्चित करने के लिए आदमपुर छावनी में नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के माध्यम से यह प्लांट स्थापित किया गया है।ट्रायल रन और क्षमता
प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो चुका है। इसके तहत पहले तीन दिनों में निगम द्वारा 800 टन सूखा कचरा प्लांट को दिया गया। पूरे ट्रायल के दौरान लगभग 1800 टन सूखा कचरा प्रोसेस किया जाएगा। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने शुक्रवार को प्लांट का निरीक्षण किया।लागत और लाभ
15 एकड़ भूमि पर बने इस प्लांट से नगर निगम को सूखे कचरे के निपटान पर होने वाला खर्च कम होगा। पीपीपी मोड में 220 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित यह प्लांट नई टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिससे नया लेगसी कचरा तैयार नहीं होगा।देश में अपनी तरह का दूसरा प्रोजेक्ट
एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि बनारस के बाद भोपाल देश का दूसरा शहर है, जिसने टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित किया। बनारस के अनुभव से सीख लेकर भोपाल में अपग्रेड टेक्नॉलॉजी का उपयोग किया गया है। इस प्रोजेक्ट से नगर निगम हर रोज शहर के सूखे कचरे का प्रभावी निपटारा कर सकेगा। -

आगर मालवा में बस पलटी, हादसे में बुजुर्ग की मौत, 15 यात्री घायल
आगर मालवा। आगर मालवा में शनिवार सुबह एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा बड़ागांव के पास हुआ। हादसे में एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 यात्री घायल हुए।बस सुसनेर से नलखेड़ा होते हुए कुरावर जा रही थी। बड़ागांव के पास सड़क पर एक बुजुर्ग भैंस लेकर जा रहा था। बस चालक की लापरवाही के कारण बस ने बुजुर्ग को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई और बस अनियंत्रित होकर पलट गई। मृतक की पहचान गोकुल सिंह यादव के रूप में हुई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने घायलों को बस से बाहर निकाला और नलखेड़ा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया। सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी रविन्द्र कुमार बोयट और बड़ागांव चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और जांच शुरू कर दी।
हादसे के समय बस में कुल 20 यात्री सवार थे। इनमें से 15 यात्री घायल हुए। घायलों को 108 और 112 एंबुलेंस की मदद से आगर मालवा जिला अस्पताल और मोहन बड़ोदिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। बड़ागांव चौकी प्रभारी सरदार सिंह परमार ने बताया कि गंभीर रूप से घायल चार लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि बस चालक की लापरवाही हादसे की मुख्य वजह थी। मामला जांच के अधीन है और पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से मिले, आर्थिक मदद का ऐलान
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार की रात हुई सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजन से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दोपहर बाद छिंदवाड़ा पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ादायक है। मध्य प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के संकट की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई थी। इन परिवारों को संबल योजना की चार लाख रुपये की राशि भी प्रदान की जायेगी। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को भी आवश्यक सहायता और नि:शुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्हाेंने कहा कि दुर्घटना में सभी घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 ग्रामों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिले
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिले के ग्राम करेर तहसील मोहखेड़ की सिया पत्नी कृष्णा इनवाती, रामदास पुत्र सुकलू पराने, दौलत पवार, भागवती पत्नी दान सिंह और शकुन पत्नी लखीचन्द्र यादव के निवास जाकर मुलाकात की। ग्राम करेर में प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ग्राम ग्वारा और ग्राम झिरिया पहुंचे। उन्होंने यहां प्रभावित परिवारों के सदस्यों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के सदस्यों से चर्चा कर कहा कि दुख की इस घड़ी में मध्य प्रदेश सरकार आपके साथ है। आपको हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
जिला अस्पताल में उपचाररत घायलों का जाना हाल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में हुई सड़क दुर्घटना के घायल व्यक्तियों से भेंट की और उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। उन्हाेंने चिकित्सकों को सभी घायलों की समुचित चिकित्सा के निर्देश दिए। उन्होंने अब तक किए गए उपचार की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर घायलों को नागपुर अथवा अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जाए। राज्य सरकार घायलों के नि:शुल्क उपचार के लिए कटिबद्ध है। उन्हाेंने कहा कि अन्य जगह रेफर किए जाने की स्थिति में भी राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी।
घायलों का सहयोग करने वाले जवानों को किया जायेगा पुरस्कृत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन, नागरिकों और पुलिस बल के उन जवानों की सराहना की, जिन्होंने दुर्घटना के बाद सभी स्थितियों को कुशलतापूर्वक सम्हाला। उन्होंने उन पुलिस जवानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की, जिन्होंने घायलों की पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से सहायता की। वे रामनवमी के पहले से निर्धारित सतना जिले के चित्रकूट के विभिन्न कार्यक्रमों को निरस्त कर छिंदवाड़ा में प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे।
छिंदवाड़ा में पिकअप और बस की भिड़ंत में 10 लोगों की हो गई थी मौत
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार की रात मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई थी। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।छिंदवाड़ा में गुरुवार को हितग्राही सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस शाम करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी यह हादसा हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 6 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्राम करेर में एक साथ उठी पांच अर्थियां
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों में से पांच करेर गांव के निवासी थे, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को करेर गांव में जब मृतकों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। हर ओर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं। परिजन अपने प्रियजनों के शवों से लिपटकर विलाप करते नजर आए।