Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर में टाटा सूमो में लगी आग, सोता व्यक्ति जिंदा जल गया; पास की दुकान भी राख

    जबलपुर में टाटा सूमो में लगी आग, सोता व्यक्ति जिंदा जल गया; पास की दुकान भी राख


    जबलपुर। सिहोरा में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। स्थानीय वार्ड नंबर-3 में खड़ी पुरानी टाटा सूमो में सो रहे एक व्यक्ति की मच्छर भगाने के लिए जलाई गई अगरबत्ती (Mosquito Coil) से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने सूमो को पूरी तरह घेर लिया और पास की एक दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। दुकान जलकर खाक हो गई।

    स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक कई सालों से इस पुरानी सूमो में ही रह रहा था। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया और अक्सर गाड़ी के पास ही खाना बनाता तथा रात में उसी में सोता था।स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक कई सालों से इस पुरानी सूमो में ही रह रहा था। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया और अक्सर गाड़ी के पास ही खाना बनाता तथा रात में उसी में सोता था। सूमो के अंदर बड़ी मात्रा में पन्नियां और ज्वलनशील कचरा भरा हुआ था, जिसने आग को तेजी से फैलाने में मदद की। जब व्यक्ति बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, तब तक आग ने पूरी गाड़ी को घेर लिया और शख्स अंदर ही फंस गया। दम घुटने और बुरी तरह झुलसने के कारण उसकी मौत हो गई।

    आसपास के लोग धुआं और आग की लपटें देखकर तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी और खुद भी आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

    घटना के समय सूमो पुरानी और ज्वलनशील कचरे से भरी होने के कारण आग की लपटें तेजी से फैल गईं। आसपास के लोग बताते हैं कि व्यक्ति अकेला रहता था और उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। घटना ने इलाके में खौफ और सहानुभूति दोनों पैदा कर दी है।

    पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे भड़की और क्यों व्यक्ति समय रहते बाहर नहीं निकल पाया। स्थानीय लोग भी इस घटना को मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सुरक्षा और ज्वलनशील वस्तुओं की अनदेखी का नतीजा बता रहे हैं।

  • भोपाल में हिस्ट्रीशीटर के घर और अस्पताल में ताबड़तोड़ फायरिंग, बेटे इमरान घायल

    भोपाल में हिस्ट्रीशीटर के घर और अस्पताल में ताबड़तोड़ फायरिंग, बेटे इमरान घायल


    भोपाल। शनिवार तड़के राजधानी में हुई गैंगवार ने लोगों को दहला दिया। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस के अशोका गार्डन स्थित घर पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमला शादाब गेट और उसके गिरोह के 8 से 10 साथियों ने किया। हमले में लल्लू रईस के बेटे इमरान के पैर में गोली लगी है। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घायल इमरान को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां भी बदमाशों ने घुसकर फायरिंग की। गोली अस्पताल की खिड़कियों और दीवारों पर लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लल्लू रईस ने बताया कि अस्पताल परिसर में भी उन पर हमला किया गया, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

    पुलिस के मुताबिक मामला अशोका गार्डन और कोहेफिजा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। दोनों थानों की पुलिस आरोपी बदमाशों की तलाश में जुट गई है।

    लल्लू रईस ने घटना के सिलसिले को बताते हुए कहा कि शनिवार सुबह करीब 5:45 बजे शादाब गेट, शावर, गुड्डू स्टेशन और अल्लू परवेज सहित 8-10 लोग उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने उनके बेटे इमरान का पीछा करते हुए घर तक आकर पीछे से उस पर गोली चलाई। इमरान ने जान बचाने के लिए घर के अंदर घुसकर गेट लॉक कर लिया, लेकिन इसी बीच एक गोली उसके पैर को छूती हुई लगी।

    लल्लू रईस का कहना है कि यह हमला दो साल पहले की रंजिश का नतीजा है। इमरान ने दो साल पहले शादाब गेट के भाई पर हमला किया था, जिसमें उसकी उंगलियां कट गई थीं। इसी बदले की भावना में शनिवार की सुबह फायरिंग की गई।

    लल्लू रईस ने बताया कि आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों में जुआ और सट्टे का अवैध कारोबार चलाते हैं। वह इनके काले कारनामों के वीडियो बनाकर उजागर करते हैं, जिससे पुलिस कार्रवाई करती है और अवैध कारोबार बंद हो जाते हैं। इसी कारण से आरोपी उनकी हत्या की साजिश रच रहे थे।

    एसीपी अनिल बाजपेयी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हमीदिया अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में भय का माहौल बना दिया है।

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  • 26 टन गोमांस तस्करी केस: असलम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज, 500 पेज के आरोप-पत्र के बाद अदालत सख्त

    26 टन गोमांस तस्करी केस: असलम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज, 500 पेज के आरोप-पत्र के बाद अदालत सख्त



    भोपाल भोपाल में चर्चित गोमांस तस्करी मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ ‘चमड़ा’ को अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य की अदालत ने शुक्रवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।

    सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि असलम कुरैशी निर्दोष है और उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए जमानत आवेदन निरस्त करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया।

    इस मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच पूरी करने के बाद 6 मार्च को करीब 500 पन्नों का आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया था। आरोप-पत्र में आरोपी असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

    दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जहांगीराबाद इलाके के पास एक कंटेनर को पकड़ा था। कंटेनर में करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा जा रहा था। आरोप लगाया गया था कि स्लॉटर हाउस में गोवंश का अवैध कत्ल कर मांस को चोरी-छिपे बाहर भेजा जा रहा था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कंटेनर से बरामद मांस के सैंपल लेकर जांच के लिए मथुरा स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजे थे। जांच रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि होने के बाद 8 जनवरी को जहांगीराबाद थाने में मामला दर्ज किया गया था।

    एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

  • MP में झुलसाने लगी गर्मी, नर्मदापुरम में पारा 40.1 डिग्री, 15-17 मार्च के बीच बदलेगा मौसम

    MP में झुलसाने लगी गर्मी, नर्मदापुरम में पारा 40.1 डिग्री, 15-17 मार्च के बीच बदलेगा मौसम



    भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। प्रदेश में लगातार सूरज की तीखी तपिश बनी हुई है। शुक्रवार को नर्मदापुरम में लगातार दूसरे दिन तीव्र लू चली और अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि शनिवार को कुछ इलाकों में गर्मी से हल्की राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार 15, 16 और 17 मार्च को प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी हिस्सों, खासकर ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश होने का अनुमान है।

    तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने एडवायजरी जारी कर लोगों को दोपहर में बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी पीने और घर के अंदर तापमान कम रखने के लिए ओवन जैसे उपकरणों का सीमित उपयोग करने को कहा गया है।

    प्रदेश में पिछले दो दिनों से तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है।

    नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। शुक्रवार को पचमढ़ी को छोड़कर लगभग सभी शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा। पांच बड़े शहरों में भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    इसके अलावा नर्मदापुरम में 40.1 डिग्री, रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री, खरगोन में 38.4 डिग्री तथा सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    कल से बदल सकता है मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 15 मार्च से इसका असर शुरू होगा और जिन जिलों में बारिश होगी वहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि अन्य शहरों में गर्मी का असर बना रहेगा।

    गर्मी बढ़ने की वजह
    मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर मध्य प्रदेश पहुंच रही है, जिससे गर्म हवाओं का असर बढ़ रहा है।

    तीन दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान
    15 मार्च: ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर।
    16 मार्च: रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।
    17 मार्च: अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट।

  • ग्वालियर में बैंक कर्मचारी से चेन स्नेचिंग: टहलने निकली महिला से बाइक सवार ने झपट्टा मारकर सोने की चेन छीनी, CCTV के आधार पर तलाश

    ग्वालियर में बैंक कर्मचारी से चेन स्नेचिंग: टहलने निकली महिला से बाइक सवार ने झपट्टा मारकर सोने की चेन छीनी, CCTV के आधार पर तलाश


    ग्वालियरग्वालियर में चेन स्नेचिंग की एक और वारदात सामने आई है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात टहलने निकली एक महिला बैंक कर्मचारी से बाइक सवार बदमाश ने झपट्टा मारकर सोने की चेन लूट ली और फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है।

    घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित एमपी संस डिपार्टमेंटल स्टोर और होटल सुगरपॉम के पास की है। यहां बलवंत नगर स्थित गौरा अपार्टमेंट जी-2 में रहने वाली 39 वर्षीय कृपा देवी, जो एसबीआई बैंक के होम लोन विभाग में कार्यरत हैं, शुक्रवार रात रोज की तरह टहलने के लिए निकली थीं। जब वह एमपी संस और होटल सुगरपॉम के पास पहुंचीं, तभी सामने से बाइक पर आया एक युवक उनके पास पहुंचा और बाइक की रफ्तार धीमी कर झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली।

    महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाते हुए फरार हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में सर्चिंग शुरू की। हालांकि देर रात तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका।

    पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें कुछ जगहों पर संदिग्ध बाइक सवार दिखाई दिया है। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी की पहचान करने और उसकी तलाश में जुट गई है। मामले में चेन स्नेचिंग का केस दर्ज कर लिया गया है।

    पीड़ित महिला कृपा देवी के मुताबिक आरोपी युवक की उम्र करीब 25 से 26 साल के बीच होगी। वह पतले-दुबले शरीर का था और बाइक पर अकेला था। उसने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और सफेद धारियों वाली शर्ट पहन रखी थी। पुलिस इसी हुलिए के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

    गौरतलब है कि ग्वालियर में हाल के दिनों में इस तरह की घटनाएं बढ़ती नजर आ रही हैं। पिछले सप्ताह सिटी सेंटर इलाके में भी टहलने निकली एक बुजुर्ग महिला को बाइक सवार दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर डराया और फिर उनके जेवर लूटकर फरार हो गए थे।

    इस मामले में एएसपी विदिता डागर का कहना है कि महिला से बाइक सवार बदमाश द्वारा चेन झपटने की घटना सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश की जा रही है। कुछ जगहों पर सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनके आधार पर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • मध्यप्रदेश में मार्च में ही ‘हीट अटैक’: नर्मदापुरम 40°C पार, हीट स्ट्रोक का खतरा; 15-17 मार्च को कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    मध्यप्रदेश में मार्च में ही ‘हीट अटैक’: नर्मदापुरम 40°C पार, हीट स्ट्रोक का खतरा; 15-17 मार्च को कई जिलों में बारिश का अलर्ट



    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और कुछ जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। शुक्रवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया। यहां लगातार दूसरे दिन तीव्र लू का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है और लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए।

    प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री और खरगोन में 38.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में गर्मी का असर इसलिए तेज हुआ है क्योंकि हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर हो गई है। इसके साथ ही हवा में नमी काफी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं तापमान को और बढ़ा रही हैं।

    हालांकि शनिवार से मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि 14 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 15 मार्च से मध्यप्रदेश में दिखाई देगा। इसके कारण प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

    15 मार्च को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं 16 मार्च को रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। 17 मार्च को अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में बारिश होगी वहां तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में गर्मी का असर बना रहेगा।

    तेज गर्मी और पानी की कमी को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भोपाल को जल अभावग्रस्त घोषित करते हुए निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी कर कहा है कि बिना अनुमति ट्यूबवेल खोदने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि सरकारी ट्यूबवेल और पीएचई विभाग की नल-जल योजनाएं जारी रहेंगी।

    डॉक्टरों के अनुसार मार्च का मौसम स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। इसलिए लोगों को सुबह और देर रात की ठंडी हवा से बचने और खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है।

  • आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है भारत : ज्योतिरादित्य सिंधिया

    आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है भारत : ज्योतिरादित्य सिंधिया


    ग्वालियर।
    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है और भारत अब आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया शुक्रवार को ग्वालियर जिले में घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भितरवार को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। मध्य प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना, लाडली बहना योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश की लाडली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 रुपये तक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत गरीब एवं जरूरतमंद परिवार की बेटियों का निशुल्क विवाह कराया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 10 करोड़ बहनों के घरों में रसोई गैस सिलेंडर पहुंचाया हैं। भितरवार की जनता को शिक्षा, सड़क एवं रेललाइन की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमेशा विकास कार्यों की सौगातें देकर आते हैं। उन्होंने आज लाडली बहना योजना की राशि करने के साथ-साथ इस क्षेत्र को लगभग 122 करोड़ रुपये की सौगातें दी हैं।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.25 करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त के रूप में 1836 करोड़ रुपये अंतरित किए। कार्यक्रम में ग्वालियर जिले को 122 करोड़ रुपये के 54 विकास कार्यों की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।


    सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया हैः सिलावट

    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है। आज लाडली बहनों के खाते में 1500 रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर अंचल के विकास में कोई कसर नहीं रखी है। अब प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है। प्रदेश में बीते दो साल के अंदर ही लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा है। प्रदेश में वर्ष 2029 तक 100 लाख हैक्टेयर भूमि संचित होगी। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केन बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती कालीसिंध चंबल योजना का काम तेजी से चल रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया।


    महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को मिली आर्थिक सहायता

    ग्वालियर जिले के अंतर्गत शबरी माता मंदिर परिसर में लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरण के लिए आयोजित भव्य समारोह में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए। साथ ही सामुदायिक भवन अधिकार के लिये सहरिया जनजाति की वन अधिकार समिति को वन अधिकार पत्र सौंपा गया। यह अधिकार पत्र मिल जाने से आरोन तिराहा घाटीगांव स्थित शबरी माता देव स्थान को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    इस अवसर पर लाड़ली बहनों द्वारा स्वयं तैयार की गई शॉल ओढ़ाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। साथ ही स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हस्तशिल्प उत्पादों की टोकरी भी मुख्यमंत्री को सौंपी।


    इन कार्यों का हुआ भूमिपूजन व लोकार्पण

    कार्यक्रम में शबरी माता परिसर में लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित हुए भव्य समारोह के माध्यम से ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। इनमें लगभग 62 करोड़ के 19 कार्यों का लोकार्पण व लगभग 60 करोड़ रुपये लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

  • डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए यहां की बहनों को लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना के रूप में डबल खुशियां मिल रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर परिसर, घाटीगांव में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में लाड़ली बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन के मामले में पूरे देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश के पांच लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर करीब 65 लाख बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। आज प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां कार्यरत हैं। हम महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारी बहनें अब फैक्ट्रियों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं। प्रदेश के 47 प्रतिशत नए स्टार्ट-अप का नेतृत्व अब हमारी बहनों के हाथों में है। हम सभी बहनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत प्रत्येक कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन-बेटियां भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से पहले आज बहनों को 1500 रुपये की सौगात मिल रही है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त के रूप में एक हजार 836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की हर लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। लाड़ली बहन योजना में अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों को दी जा चुकी है। उन्होंने सभी लाड़ली बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे हर महीने मिलने वाली इस राशि से अपनी बेहतरी के लिए कोई भी रुचिकर काम-धंधा शुरु करें और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें।

    मुख्यमंत्री ने ग्वालियर जिले को 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने सिंगल क्लिक से लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से कुलैथ घाटीगांव में शासकीय सांदीपनि विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 महीने बाद लाड़ली बहना योजना के तीन साल पूरे हो जाएंगे। इन तीन साल में प्रदेश की बहनों की जिन्दगी जिस तरह से बदली है, वह भूतो न भविष्यति है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक 42 हजार 308 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि बहनों के खाते में भेजी गई है। लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की बहनें अब आत्म-निर्भर बन गई हैं। अब वे मजबूर नहीं, मजबूत हो गई हैं। इस योजना ने बहनों को न केवल आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है, बल्कि इन्हें ‘रिस्क’ लेने और अपने जीवन को बेहतर बनाने के सपने देखने की हिम्मत भी दी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर मध्य प्रदेश का गौरव है। ये धरती शक्ति के आशीर्वाद से सिंचित है और शक्ति की उपासना से ही हमारा संसार सुरक्षित है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र मध्य प्रदेश के साथ देश की इकॉनामी डेवलपमेंट में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। कभी बीहड़ों के लिए मशहूर रहा यह क्षेत्र हमारी सरकार के प्रयासों से आज औद्योगिक गतिविधियों का नया केन्द्र और प्रगति का नया उदाहरण बन रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं।


    प्रमुख घोषणाएं

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आरोन-पटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि 120 करोड़ रुपये की यह परियोजना क्षेत्र के किसानों का जीवन खुशहाल कर देगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर घाटीगांव सहित चिनौर और करैया में भी सांदीपनि विद्यालय खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भितरवार पीएचसी का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाया जायेगा। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। घाटीगांव में शबरी माता के भव्य मंदिर और शबरी धाम निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। भगवान देवनारायण का भी धाम बनाया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से देवनारायण मंदिर में हर साल सांस्कृतिक आयोजन कराये जाएंगे।

    महिला सम्मेलन को केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, जिला पंचायत अध्यक्षा दुर्गेश कुंवर जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान भाई एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।

  • मप्र में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में हुई वृद्धि, उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश के बाद आदेश जारी

    मप्र में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में हुई वृद्धि, उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश के बाद आदेश जारी


    भोपाल । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निर्देशों के अनुपालन में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त एवं जनोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जूनियर डॉक्टर पूर्ण समर्पण से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और सुदृढ़ करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभायेंगे।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूर्ण करते हैं। मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी जूनियर डॉक्टर अग्रणी भूमिका निभाते हैं।



    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जूनियर डॉक्टर के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को सकारात्मक समाधान के निर्देश दिए थे। उसके अनुक्रम में विभाग द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि करते हुए 1 अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है। इसके तहत पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये, द्वितीय वर्ष का 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये तथा तृतीय वर्ष का 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है। इसी प्रकार इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये किया गया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये तथा जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एवं सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

  • भोपाल: घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने कलेक्टर ने गठित किया विशेष जांच दल

    भोपाल: घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने कलेक्टर ने गठित किया विशेष जांच दल


    भोपाल । राजधानी में घरेलू रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भोपाल द्वारा जारी एक ताज़ा आदेश के अनुसार, जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों और गोदामों के निरीक्षण के लिए 23 जिला स्तरीय अधिकारियों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है ।

    आयात में रुकावट के चलते कड़ा फैसला
    प्रशासन ने यह कदम केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद उठाया है, जिनमें वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के कारण आयात में हुई बाधा का हवाला दिया गया है । सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही की जाए ।

    आदेश के तहत अब अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य किसी भी वाणिज्यिक श्रेणी जैसे होटल, मॉल या फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जाएगी ।

    निरीक्षण के लिए तैनात अधिकारीघरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध अंतरण और व्यवसायिक उपयोग को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कमान सौंपी गई है। प्रमुख नियुक्तियों में शामिल हैं:

    कृषि विभाग से सुरेन्द्र अमरूते और अमित सिंह ।
    महिला एवं बाल विकास विभाग से सुनील सोलंकी ।
    परिवहन विभाग से क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जीतेन्द्र शर्मा ।
    शिक्षा विभाग से जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार ।
    इसके अलावा जल संसाधन, मत्स्य, और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है ।

    प्रतिदिन देनी होगी रिपोर्ट
    कलेक्टर के निर्देशानुसार, नियुक्त किए गए सभी अधिकारी आवंटित गैस एजेंसियों और गोदामों का प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे । वे अपनी रिपोर्ट संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) को सौंपेंगे । यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या गैस की कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं ।यह व्यवस्था जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की एजेंसियों (IOCL, BPCL, HPCL) पर समान रूप से लागू होगी ।