Category: Madhya Pradesh

  • शहडोल में डकैती का तांडव: बंदूक की नोक पर किसान दंपति को बनाया बंधक, मुंह पर टेप चिपकाकर लाखों के जेवर ले उड़े बदमाश

    शहडोल में डकैती का तांडव: बंदूक की नोक पर किसान दंपति को बनाया बंधक, मुंह पर टेप चिपकाकर लाखों के जेवर ले उड़े बदमाश


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम नागरिकों के घरों में घुसकर तांडव मचाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला बुढार थाना क्षेत्र के ग्राम धनगांव का है, जहाँ देर रात हथियारों से लैस आधा दर्जन बदमाशों ने एक किसान परिवार को निशाना बनाया। लूट और डकैती की इस खौफनाक वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ग्रामीणों के मन में सुरक्षा को लेकर गहरा डर पैदा कर दिया है।

    आधी रात को ‘मौत’ का साया घटना की शुरुआत तब हुई जब किसान ओमप्रकाश केवट अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। तभी अचानक बंदूक और धारदार चाकू से लैस पांच से अधिक नकाबपोश बदमाश दीवार फांदकर घर के भीतर दाखिल हुए। आहट पाकर जब तक ओमप्रकाश कुछ समझ पाते, बदमाशों ने उन्हें और उनकी पत्नी को हथियारों की नोक पर बंधक बना लिया। बदमाशों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया; उन्होंने सबसे पहले पति-पत्नी के हाथ-पैर रस्सी से बांधे और शोर मचाने से रोकने के लिए उनके मुंह पर टेप चिपका दिया।

    आधे घंटे तक मची रही लूटपाट बंधक बने किसान दंपति के सामने बदमाश करीब आधे घंटे तक घर के भीतर मौत का तांडव मचाते रहे। अलमारियों के ताले तोड़कर और संदूकों को खंगालते हुए बदमाशों ने लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और घर में रखी नकदी समेट ली। डकैती को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर बेखौफ होकर मौके से फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित दंपति ने जैसे-तैसे खुद को बंधनों से मुक्त किया और शोर मचाकर आसपास के लोगों व पुलिस को सूचित किया।

    सवालों के घेरे में कानून-व्यवस्था सूचना मिलते ही बुढार थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। हालांकि, अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। शहडोल जिले में बीते कुछ समय से पुलिसकर्मियों पर हमले और अब बंधक बनाकर डकैती जैसी घटनाओं ने जनता के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गश्त न के बराबर है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ होकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और पुराने अपराधियों की कुंडली खंगाल कर सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है।

  • सिस्टम फेल तो महिलाएं बनीं 'चंडी': खंडवा में अवैध शराब माफिया को पहनाई चप्पलों की माला, सड़क पर निकाला जुलूस

    सिस्टम फेल तो महिलाएं बनीं 'चंडी': खंडवा में अवैध शराब माफिया को पहनाई चप्पलों की माला, सड़क पर निकाला जुलूस


    खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के पंधाना थाना क्षेत्र के बिहार गांव में शराबियों और अवैध शराब माफियाओं के आतंक से तंग आकर महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया। जब बार-बार की शिकायतों के बाद भी प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली, तो महिलाओं ने खुद ही ‘रणचंडी’ का रूप धारण कर लिया और अवैध शराब बेचने वाले एक युवक को पकड़कर उसे चप्पलों की माला पहनाई और पूरे गांव में उसका जुलूस निकाला।

    प्रशासनिक अनदेखी ने किया मजबूर इस आक्रोश की जड़ें महीनों पुरानी हैं। बिहार गांव की महिलाएं लंबे समय से गांव में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने और उसे बेचे जाने का विरोध कर रही थीं। शराब के कारण न केवल गांव का माहौल खराब हो रहा था, बल्कि घरेलू हिंसा और आर्थिक तंगी ने भी परिवारों को बर्बाद करना शुरू कर दिया था। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने जिला मुख्यालय पर जनसुनवाई से लेकर आबकारी विभाग तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन रसूखदार शराब माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभागीय सुस्ती ने अंततः महिलाओं को खुद मोर्चा संभालने पर मजबूर कर दिया।

    सरेराह निकाला सबक सिखाने वाला जुलूस बीते दिन जब गांव का ही एक युवक अवैध रूप से शराब तैयार कर खुलेआम बेच रहा था, तब गांव की दर्जनों महिलाओं ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। गुस्से से भरी महिलाओं ने पहले उसे जमकर फटकार लगाई और फिर चप्पलों की एक माला तैयार कर उसके गले में डाल दी। इसके बाद महिलाओं ने युवक को पूरे गांव की गलियों में घुमाया और नारेबाजी की। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाएं यह संदेश देती नजर आ रही हैं कि यदि वर्दी अपना फर्ज नहीं निभाएगी, तो उन्हें ही समाज की शुद्धि के लिए आगे आना होगा।

    खौफ में माफिया चर्चा में साहस जुलूस निकाले जाने के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन किसी ने भी महिलाओं को रोकने की हिम्मत नहीं की। यह घटना अन्य अवैध कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश बन गई है। हालांकि कानूनी जानकारों का मानना है कि इस तरह कानून हाथ में लेना सही नहीं है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब रक्षक ही मौन हो जाएं, तो पीड़ित के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। फिलहाल इस वायरल वीडियो के बाद पंधाना पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन असली सवाल अब भी बरकरार है—क्या अब आबकारी विभाग की नींद खुलेगी?

  • कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश

    कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश


    भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे अन्नदाता किसानों के कल्याण की चिंता करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। वर्ष 2026 को सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है और इसका प्रभावी क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का जीवन संवारना और उनकी बेहतरी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। किसान रथ का शुभारंभ स्थानीय सांसद और विधायक के साथ किया जाए। किसानों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए और उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिक से अधिक मूंगफली और उड़द की फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, जलवायु एवं ऊर्जा के अनुकूल कृषि अपनाने और संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए ई-गवर्नेंस पोर्टल का लाभ उठाने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वित प्रयास किए जाएं। इस वर्ष किसानों के कल्याण में उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित 15 से अधिक विभाग सक्रिय भूमिका निभाएंगे।पराली और नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतने, खेत का भूसा गौशालाओं तक पहुंचाने और फसल अवशेष से बायोगैस संयंत्र स्थापित करने पर जोर दिया गया। सभी कलेक्टर्स अपने जिलों में इस पर निगरानी रखें।

    मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करने और पशुपालकों को नस्ल सुधार पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया। मत्स्य पालन के लिए जिला स्तर पर अधिकाधिक मत्स्य प्रक्षेत्र विकसित किए जाएं और नगरीय क्षेत्रों में फिश पार्लर स्थापित किए जाएं।कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया कि कृषक कल्याण वर्ष की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कृषि उपज मंडियों का निरीक्षण और विपणन पर ध्यान देकर मूल्य संवर्धन सुनिश्चित किया जाए। दुग्धोत्पादन बढ़ाने के लिए नवाचारी तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने कार्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन, छोटे-बड़े कार्यक्रमों, हितग्राहियों के सत्यापन और सहयोग, नई योजनाओं की शुरुआत और नवाचार को अपनाने पर जोर दिया। वित्तीय स्त्रोतों जैसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप, CSR और केंद्र सरकार की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभ दिलाने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने फरवरी में डिण्डोरी में कोदो-कुटकी बोनस वितरण, गुलाब महोत्सव राज्यस्तरीय एग्रीस्टैक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी और मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।

  • राजधानी में दिल दहला देने वाली घटना बालकनी में खून से लथपथ मिला बच्चा

    राजधानी में दिल दहला देने वाली घटना बालकनी में खून से लथपथ मिला बच्चा


    भोपाल ।राजधानी भोपाल के गौतम नगर इलाके में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। बच्चा अपने ही घर की बालकनी में खून से लथपथ और अचेत अवस्था में मिला था। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन इलाज के दौरान शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

    घटना शुक्रवार रात करीब एक बजकर पचास मिनट की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार जब घर में बच्चे की मौजूदगी नजर नहीं आई तो उसकी तलाश की गई। इसी दौरान वह घर की बालकनी में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। उसके सिर से लगातार खून बह रहा था। घबराए परिजन बिना समय गंवाए उसे कमला नेहरू अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने गंभीर हालत में उसका इलाज शुरू किया लेकिन शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।

    गौतम नगर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मृतक की पहचान इब्राहिम पिता रिजवान लाला के रूप में हुई है। इब्राहिम अपने परिवार के साथ जेपी नगर क्षेत्र में रहता था और पास के स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था। उसके पिता बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का काम करते हैं। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

    शनिवार सुबह फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। बालकनी और आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि बच्चे के सिर में गोली लगी थी। हालांकि गोली किस दिशा से आई और किस हथियार से चलाई गई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।

    जांच के दौरान एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि बच्चे के घर में देर रात तक बाहरी युवकों का आना जाना होता था। स्थानीय लोगों और शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पिता के मेलजोल के चलते कुछ बाहरी युवक अक्सर घर आते थे। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए हर संभावित एंगल से जांच कर रही है।थाना प्रभारी का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला किसी दुर्घटना से जुड़ा है लापरवाही का परिणाम है या किसी आपराधिक साजिश से संबंधित है। घर के सभी सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि घर में कोई हथियार मौजूद था या गोली बाहर से आई।

    बच्चे की मौत के बाद पड़ोसियों और परिचितों में गहरा शोक है। लोगों का कहना है कि इब्राहिम शांत स्वभाव का बच्चा था और नियमित रूप से स्कूल जाता था। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि यदि किसी भी तरह की लापरवाही या अपराध सामने आता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • महाकाल भस्म आरती: भांग, चंदन और त्रिनेत्र से सजा बाबा का 'राजा स्वरूप', त्रयोदशी पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब

    महाकाल भस्म आरती: भांग, चंदन और त्रिनेत्र से सजा बाबा का 'राजा स्वरूप', त्रयोदशी पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शनिवार को भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के 4 बजे जैसे ही मंदिर के रजत कपाट खुले, पूरा परिसर ‘जय महाकाल’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती के दौरान भगवान का ऐसा दिव्य श्रृंगार किया गया कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए।

    पंचामृत अभिषेक और शाही श्रृंगार परंपरा के अनुसार, मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर उन्हें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रसों से बने पंचामृत से स्नान कराया गया। स्नान के उपरांत बाबा का श्रृंगार शुरू हुआ, जिसमें चंदन का त्रिपुंड, मस्तक पर त्रिनेत्र और भांग के विशेष लेपन से उन्हें ‘राजा स्वरूप’ दिया गया। भगवान का यह रूप इतना मनमोहक था कि हर आँख बस उन्हें निहारती रह गई।

    भस्म रमाई और दिव्य आभूषण भस्म अर्पण की प्रक्रिया से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरिओम’ का जल अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपूर आरती हुई और फिर ज्योतिर्लिंग को सूती कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। भस्म आरती के पश्चात बाबा को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाएं धारण कराई गईं। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से सुसज्जित होकर बाबा महाकाल अपने पूर्ण वैभव में नजर आए।

    नंदी के कान में मनोकामनाएं और गूंजते जयकारे इस अलौकिक आरती का गवाह बनने के लिए देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुँचे थे। भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं। मान्यता है कि नंदी जी के माध्यम से भक्तों की पुकार बाबा महाकाल तक शीघ्र पहुँचती है। आरती के अंत तक पूरा मंदिर परिसर शिव भक्ति के रंग में डूबा रहा और भक्तों ने इस पुण्य लाभ से स्वयं को धन्य महसूस किया।

    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शनिवार को भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के 4 बजे जैसे ही मंदिर के रजत कपाट खुले, पूरा परिसर ‘जय महाकाल’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती के दौरान भगवान का ऐसा दिव्य श्रृंगार किया गया कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए।

    पंचामृत अभिषेक और शाही श्रृंगार परंपरा के अनुसार, मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर उन्हें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रसों से बने पंचामृत से स्नान कराया गया। स्नान के उपरांत बाबा का श्रृंगार शुरू हुआ, जिसमें चंदन का त्रिपुंड, मस्तक पर त्रिनेत्र और भांग के विशेष लेपन से उन्हें ‘राजा स्वरूप’ दिया गया। भगवान का यह रूप इतना मनमोहक था कि हर आँख बस उन्हें निहारती रह गई।

    भस्म रमाई और दिव्य आभूषण भस्म अर्पण की प्रक्रिया से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरिओम’ का जल अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपूर आरती हुई और फिर ज्योतिर्लिंग को सूती कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। भस्म आरती के पश्चात बाबा को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाएं धारण कराई गईं। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से सुसज्जित होकर बाबा महाकाल अपने पूर्ण वैभव में नजर आए।

    नंदी के कान में मनोकामनाएं और गूंजते जयकारे इस अलौकिक आरती का गवाह बनने के लिए देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुँचे थे। भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं। मान्यता है कि नंदी जी के माध्यम से भक्तों की पुकार बाबा महाकाल तक शीघ्र पहुँचती है। आरती के अंत तक पूरा मंदिर परिसर शिव भक्ति के रंग में डूबा रहा और भक्तों ने इस पुण्य लाभ से स्वयं को धन्य महसूस किया।

  • MP Morning News: रीवा में भैरव लोक का उदय, IFS मीट का भव्य समापन और PM आवास योजना में बड़ा बदलाव

    MP Morning News: रीवा में भैरव लोक का उदय, IFS मीट का भव्य समापन और PM आवास योजना में बड़ा बदलाव

    भोपाल/रीवा । मध्य प्रदेश आज विकास और परंपरा के अनूठे संगम का साक्षी बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले के प्रवास पर रहेंगे, जहाँ वे सहस्राब्दी प्राचीन विरासत को आधुनिक स्वरूप में जनता को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही राजधानी भोपाल में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का समागम अपने अंतिम पड़ाव पर है, और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई है।

    रीवा को मिलेगी भैरव लोक की सौगात

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र में लगभग 1000 वर्ष पुरानी विश्वविख्यात भैरव प्रतिमा के परिसर में विकसित किए गए भैरव लोक काल भैरव लोक का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1:50 बजे गुढ़ पहुँचकर भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके पश्चात वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं से भी जुड़ा है; वे श्यामशाह मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी अस्पताल पहुँचकर सुपर स्पेशलिटी भवन के विस्तार कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करेंगे।

    IFS सर्विस मीट 2026: खेल और संस्कृति का संगम

    राजधानी भोपाल में चल रही दो दिवसीय IFS सर्विस मीट 2026′ का आज समापन होने जा रहा है। भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के इस समागम का दूसरा दिन खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के नाम रहेगा। सुबह से ही मैनिट MANIT के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में क्रिकेट और बैडमिंटन जैसे मुकाबलों में अधिकारी अपना दमखम दिखा रहे हैं। वहीं, शाम को भारतीय वन प्रबंधन संस्थान IIFM के परिसर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जहाँ अधिकारी और उनके परिजन कलात्मक प्रस्तुतियां देंगे। यह मीट वन संरक्षण के साथ-साथ अधिकारियों के बीच समन्वय और सौहार्द बढ़ाने का एक बड़ा मंच साबित हुई है।

    PM आवास योजना: अब तीन किस्तों में मिलेगी राशि

    ग्रामीण क्षेत्र के आवासहीनों के लिए एक बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब पक्के मकान के निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान तीन समान किस्तों में किया जाएगा। नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लाभार्थियों को अब ₹1,20,000 की कुल राशि ₹40,000-₹40,000 की तीन किस्तों में दी जाएगी। यह व्यवस्था निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। पहली किस्त स्वीकृति के तुरंत बाद, दूसरी किस्त नींव प्लिंथ लेवल तैयार होने पर और तीसरी किस्त छत के स्तर लिंटल लेवल तक काम पहुँचने पर सीधे हितग्राही के खाते में भेजी जाएगी।

  • शहर में तेंदुआ देखा गया वन विभाग ने सुरक्षित पकड़कर किया रेस्क्यू

    शहर में तेंदुआ देखा गया वन विभाग ने सुरक्षित पकड़कर किया रेस्क्यू


    इंदौर के देव गुराडिया इलाके के पास शनिवार सुबह रिहायशी क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी। स्थानीय लोगों ने खेत और मकानों के आसपास जंगली जानवर जैसी मूवमेंट देखी और तुरंत वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    कुछ देर की मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। इस दौरान इलाके में जमा भीड़ को हटा कर स्थिति को काबू में किया गया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह तेंदुआ अक्सर पास के रालामंडल जंगल से भटक कर शहरी इलाके की ओर आ जाता है। पिछले वर्षों में भी देव गुराडिया और आसपास की कॉलोनियों में तेंदुए दिखाई देने की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं।रेस्क्यू के बाद तेंदुए को जांच और मेडिकल परीक्षण के लिए कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय लाया गया। प्रभारी डॉक्टर उत्तम यादव ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ फीमेल है और फिलहाल स्वस्थ नजर आ रहा है। तेंदुए का फिजिकल एनालिसिस और मेडिकल एग्जामिनेशन किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की चोट या बीमारी का पता लगाया जा सके।

    वन विभाग का कहना है कि पूरी तरह फिट पाए जाने पर तेंदुए को वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा। विभाग के अधिकारी इसे शहरी इलाकों में सुरक्षित छोड़ने के लिए उपयुक्त समय और स्थान का इंतजार कर रहे हैं। वन विभाग का मानना है कि रिहायशी इलाकों में जंगली जानवरों की मूवमेंट में वृद्धि का कारण आसपास के जंगलों और मानव गतिविधियों का बढ़ना है।

    स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि तेंदुए या अन्य जंगली जानवर दिखाई देने पर किसी भी तरह का खतरा  लें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वन विभाग ने इस घटना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि शहर और जंगल के बीच बढ़ता इंटरेक्शन वन्य जीवों और लोगों दोनों के लिए जोखिम बढ़ाता है। इस मामले में रेस्क्यू टीम की तत्परता ने न केवल तेंदुए की जान बचाई बल्कि स्थानीय निवासियों को भी सुरक्षित रखा।वन विभाग इस घटना को सफल ऑपरेशन के रूप में देख रहा है और तेंदुए को जल्द ही वापस जंगल में छोड़कर उसकी प्राकृतिक स्थिति में लौटाने की तैयारी कर रहा है। इस तरह की घटनाएं यह भी दर्शाती हैं कि वन्यजीवों और शहरी क्षेत्रों के बीच तालमेल बनाए रखना कितना आवश्यक है।

  • MP में ठंड और बारिश का 'डबल अटैक': 20 जिलों में घने कोहरे का पहरा, 2 फरवरी तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज

    MP में ठंड और बारिश का 'डबल अटैक': 20 जिलों में घने कोहरे का पहरा, 2 फरवरी तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज


    भोपाल । मध्य प्रदेश में कुदरत के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग IMD ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के आसमान पर बादलों का पहरा रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    अगले 24 घंटे: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना जैसे उत्तरी बेल्ट के साथ-साथ विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है।

    कोहरे की सफेद चादर में लिपटे 20 जिले बारिश की चेतावनी के साथ ही प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आज सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग समेत रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और छतरपुर जैसे जिलों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुबह के वक्त धुंध का असर देखा गया।

    2 फरवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 2 फरवरी तक लगातार बनी रह सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठंड से आंशिक राहत मिली है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। 2 फरवरी के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी और कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में कुदरत के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के आसमान पर बादलों का पहरा रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    अगले 24 घंटे: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना जैसे उत्तरी बेल्ट के साथ-साथ विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है।

    कोहरे की सफेद चादर में लिपटे 20 जिले बारिश की चेतावनी के साथ ही प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आज सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग समेत रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और छतरपुर जैसे जिलों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुबह के वक्त धुंध का असर देखा गया।

    2 फरवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 2 फरवरी तक लगातार बनी रह सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठंड से आंशिक राहत मिली है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। 2 फरवरी के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी और कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • 16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल: आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे कमलेश्वर डोडियार, BAP विधायक का बड़ा ऐलान

    16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल: आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे कमलेश्वर डोडियार, BAP विधायक का बड़ा ऐलान


    शहडोल । मध्य प्रदेश की आदिवासी राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया, जब भारत आदिवासी पार्टी BAP के इकलौते और चर्चित विधायक कमलेश्वर डोडियार शहडोल जिले के दौरे पर पहुँचे। अपनी सादगी और मोटरसाइकिल से विधानसभा पहुँचकर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले सैलाना विधायक डोडियार ने शहडोल की धरती से न केवल राजनीतिक नब्ज टटोली, बल्कि प्रशासन और सत्ताधारी दल पर तीखे प्रहार कर आगामी विधानसभा सत्र के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

    शहडोल के बहाने प्रदेशव्यापी मिशन की तैयारी भारत आदिवासी पार्टी ने शहडोल से स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनकी लड़ाई अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। विधायक डोडियार ने ऐलान किया कि आगामी 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में वे शहडोल जिले के आदिवासियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को सदन के पटल पर पुरजोर तरीके से रखेंगे। उन्होंने साफ कहा कि आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए उनकी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने को तैयार है।

    छात्राओं की सुरक्षा और छात्रावासों के हालात पर गहरी चिंता शहडोल दौरे के दौरान डोडियार ने आदिवासी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने छात्रावासों से छात्राओं के लापता होने के मामलों को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन इन मामलों में पारदर्शी जांच करने के बजाय लीपापोती करने में जुटा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यदि समाज की बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार के विकास के तमाम दावे महज कागजी और खोखले हैं।”

    माफिया तंत्र और चरमराती कानून व्यवस्था पर प्रहार जिले की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए विधायक डोडियार ने एक लंबी फेहरिस्त गिनाई। उन्होंने एएसआई और पटवारी की कुचलकर हुई हत्या, तहसीलदार पर रेत माफियाओं के हमले और पुलिस पर लगातार हो रहे हमलों का हवाला देते हुए कहा कि शहडोल में माफिया तंत्र पूरी तरह हावी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज, भू और कोल माफिया प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।

    विशेष रूप से अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा उठाते हुए डोडियार ने कहा कि रेत ठेका नहीं होने के बावजूद बड़े पैमाने पर चोरी की रेत उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो पुलिस ने माफियाओं के सामने पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गंभीर हालातों में सुधार नहीं हुआ, तो भारत आदिवासी पार्टी शहडोल से एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी।

  • इंदौर की जल त्रासदी: भागीरथपुरा में मौत का तांडव जारी, दूषित पानी ने ली 31वीं जान; वेंटिलेटर पर अब भी थमी हैं साँसें

    इंदौर की जल त्रासदी: भागीरथपुरा में मौत का तांडव जारी, दूषित पानी ने ली 31वीं जान; वेंटिलेटर पर अब भी थमी हैं साँसें


    इंदौर । स्वच्छता में सात बार से देश का सिरमौर रहने वाला इंदौर आज अपनी ही एक बस्ती, भागीरथपुरा, में सिसक रहा है। यहाँ दूषित पेयजल के कारण उपजी त्रासदी रुकने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार शाम एक और बुजुर्ग की मौत के साथ इस जलजनित बीमारी ने अब तक कुल 31 लोगों को अपना ग्रास बना लिया है। 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी, जो पिछले एक महीने से अस्पताल के बिस्तर पर जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे, अंततः जिंदगी की जंग हार गए। उनकी मृत्यु ने एक बार फिर नगर निगम के दावों और शहर की ‘स्मार्ट’ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कलई खोल दी है।

    अस्पताल में अब भी जारी है संघर्ष मृतक एकनाथ सूर्यवंशी के परिजनों के अनुसार, वे लगभग 20 से 25 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे। दूषित पानी के सेवन से शुरू हुए उल्टी-दस्त के मामूली दिखने वाले लक्षणों ने धीरे-धीरे उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला बोल दिया। संक्रमण इतना घातक था कि उनकी किडनी और लिवर ने काम करना बंद कर दिया, जिससे ‘मल्टी ऑर्गन फेलियर’ की स्थिति बन गई। वर्तमान में भी अस्पताल में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है; दो मरीज अभी भी जीवन रक्षक प्रणाली वेंटिलेटर और आईसीयू पर हैं, जबकि 8-10 अन्य मरीजों का उपचार जारी है।

    लापरवाही की गंदी नालियाँ और टूटता भरोसा भागीरथपुरा की यह त्रासदी एक प्रशासनिक चूक का भयावह परिणाम है। यहाँ पेयजल की पाइपलाइनों में सीवर और ड्रेनेज का गंदा पानी रिसकर मिल गया। जिस पानी से लोगों की प्यास बुझनी थी, उसी ने उनके घरों में जहर घोल दिया। देखते ही देखते 450 से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ गए। शुरुआत में मौतों का आंकड़ा कम था, लेकिन संक्रमण के गहरे जख्मों के कारण अब यह संख्या 31 तक जा पहुँची है। हालांकि निगम अब हाईटेक निगरानी की बातें कर रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का आक्रोश चरम पर है। उनका कहना है कि जब अपनों को खो दिया, तब प्रशासन की नींद टूटी है।

    सियासी तापमान और प्रशासनिक कवायद इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे के बाद अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 3 फरवरी को इंदौर में एक बड़े धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, नगर निगम आयुक्त और महापौर का दावा है कि प्रभावित क्षेत्र में पानी की आपूर्ति रोक दी गई है और टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाया जा रहा है। सैंपलिंग और टेस्टिंग बढ़ा दी गई है, लेकिन सवाल वही है कि “स्वच्छता के नंबर 1” शहर में ऐसी बुनियादी और घातक चूक हुई ही कैसे यह घटना एक सबक है कि केवल सतही सफाई ही स्वच्छता नहीं है, बल्कि जमीन के नीचे दौड़ती पाइपलाइनों में शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।