Category: Madhya Pradesh

  • छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने पर इंदौर में सियासत तेज छत्रपति शिवाजी स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस भाजपा आमने सामने

    छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने पर इंदौर में सियासत तेज छत्रपति शिवाजी स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस भाजपा आमने सामने


    इंदौर /मध्य प्रदेश के Indore में स्थित Chhota Nehru Stadium का नाम बदलने के प्रस्ताव के बाद शहर की राजनीति अचानक गरमा गई है। नगर निगम की मेयर इन काउंसिल बैठक में स्टेडियम का नाम बदलकर Chhatrapati Shivaji Maharaj के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया गया है। जैसे ही यह प्रस्ताव सामने आया वैसे ही इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई और Bharatiya Janata Party तथा Indian National Congress आमने सामने आ गए।

    दरअसल नगर निगम मुख्यालय में आयोजित मेयर इन काउंसिल की बैठक में शहर के ऐतिहासिक छोटे नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था जिसे बैठक में मंजूरी दे दी गई। प्रस्ताव के अनुसार अब इस स्टेडियम का नाम छत्रपति शिवाजी स्टेडियम रखने की बात कही जा रही है। यह निर्णय सामने आते ही शहर की राजनीति में बहस और बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

    इस मुद्दे पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस के प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला का कहना है कि यदि शहर में कोई नया और भव्य स्टेडियम बनाया जाता है तो उसका नाम छत्रपति शिवाजी के नाम पर रखा जाना सम्मान की बात होगी लेकिन पहले से मौजूद छोटे नेहरू स्टेडियम का नाम बदलना उचित नहीं है। उनका कहना है कि यह केवल एक नाम बदलने का मामला नहीं है बल्कि इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े व्यक्तित्वों के सम्मान से भी जुड़ा विषय है। कांग्रेस का आरोप है कि जब भी स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े किसी नाम या विरासत की बात सामने आती है तब भाजपा नेताओं की असहजता और राजनीतिक सोच दिखाई देने लगती है।

    वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargav ने कहा कि नगर निगम ने फिलहाल केवल प्रस्ताव पारित किया है और इस पर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया आगे चलेगी। उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि छोटा नेहरू आखिर कौन हैं और इस नाम के पीछे किस ऐतिहासिक संदर्भ को जोड़ा जाता है।

    महापौर ने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति में ऐसा कौन सा व्यक्तित्व रहा है जिसे छोटा नेहरू के नाम से जाना गया हो। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश आज भी नेहरू की नीतियों के परिणाम भुगत रहा है और कांग्रेस को इतिहास के नाम पर राजनीति करने के बजाय स्पष्टता से जवाब देना चाहिए।

    स्टेडियम के नाम बदलने को लेकर शुरू हुई यह बहस अब केवल नगर निगम के प्रस्ताव तक सीमित नहीं रही बल्कि यह शहर की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रस्ताव पर आगे क्या फैसला होता है और क्या वास्तव में छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी स्टेडियम किया जाएगा या फिर राजनीतिक दबाव के चलते इस पर पुनर्विचार किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे ने इंदौर की राजनीति में एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।

  • ग्वालियर में देर रात फायरिंग से दहशत, टैंकर से डीजल चोरी का विरोध करने पर व्यापारी को धमकाया

    ग्वालियर में देर रात फायरिंग से दहशत, टैंकर से डीजल चोरी का विरोध करने पर व्यापारी को धमकाया


    ग्वालियर में टैंकर से डीजल चोरी रोकने पर व्यापारी पर फायरिंग, बाल बाल बची जान ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई जब टैंकर से डीजल चोरी कर रहे बदमाशों ने विरोध करने पर किराना व्यापारी पर फायरिंग कर दी। गोली व्यापारी को नहीं लगी लेकिन दुकान के काउंटर में जा धंसी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

    घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सिकरौदा और सिरोल के बीच स्थित लखनौती गांव की है। यहां महेश शर्मा की हाईवे किनारे किराना और जनरल स्टोर की दुकान है। महेश शर्मा ने बताया कि रात करीब दो बजे उनकी दुकान के सामने रेस्टोरेंट के पास खड़े एक टैंकर से दो युवक डीजल चोरी कर रहे थे।

    आवाज सुनकर जब उन्होंने बाहर आकर देखा तो बदमाश टैंकर से डीजल निकाल रहे थे। महेश शर्मा ने घटना का वीडियो बनाने के लिए मोबाइल निकाला। जैसे ही बदमाशों को इसका पता चला उन्होंने देसी तमंचे से व्यापारी पर फायर कर दिया। गोली सीधा दुकान के काउंटर में जाकर धंस गई और व्यापारी बाल बाल बच गए।

    फायरिंग करने के बाद आरोपी व्यापारी को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से व्यापारी और उनका परिवार डर गया। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    बताया जा रहा है कि घटना के कुछ घंटे बाद वही बदमाश सुबह करीब चार बजे एक थार गाड़ी में सवार होकर फिर से दुकान के पास आए और व्यापारी को दोबारा धमकाया। इससे इलाके में और ज्यादा भय का माहौल बन गया।

    सूचना मिलने के बाद झांसी रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुकान में लगी गोली और काउंटर को हुए नुकसान का पंचनामा तैयार किया है।

    महेश शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। थाना पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और क्षेत्र के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला है।

    पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग अलग टीमों को लगाया गया है और जल्द ही उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। वहीं इस घटना के बाद हाईवे किनारे रहने वाले दुकानदारों में भी डर का माहौल है और वे पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

  • चैत्र नवरात्र में मैहर में रुकेंगी 15 एक्सप्रेस ट्रेनें, श्रद्धालुओं के लिए पांच मिनट का ठहराव

    चैत्र नवरात्र में मैहर में रुकेंगी 15 एक्सप्रेस ट्रेनें, श्रद्धालुओं के लिए पांच मिनट का ठहराव


    जबलपुर। चैत्र नवरात्र मेला के अवसर पर मैहर में इस बार 15 एक्सप्रेस ट्रेनें रुकेंगी और रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों के अस्थाई ठहराव को स्वीकृति प्रदान की है। ये ट्रेनें 19 मार्च से एक अप्रैल के मध्य दोनों दिशाओं में पांच मिनट के लिए मैहर स्टेशन पर रुकेंगी। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां शारदा देवी मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं और इन अस्थायी ठहरावों से उनकी यात्रा और सुविधाजनक हो जाएगी।

    प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु देवी दर्शन एवं पूजन के लिए मैहर आते हैं। रेलवे की यह पहल उनके लिए मेला स्थल तक आने का महत्वपूर्ण साधन साबित होगी। इसके अलावा पश्चिम मध्य रेल ने कटनी और सतना के बीच मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन दोनों शहरों के बीच 14 ट्रिप चलाएगी और मैहर स्टेशन पर भी ठहराव करेगी। कटनी और सतना दोनों जंक्शन स्टेशन हैं और मैहर इनके बीच स्थित है। इन जंक्शन पर उतरने वाले यात्री मेला स्पेशल ट्रेन का उपयोग कर मां शारदा देवी के दर्शन कर सकेंगे।

    पश्चिम मध्य रेल की मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन 19 मार्च से एक अप्रैल तक प्रतिदिन किया जाएगा। यह ट्रेन अनारक्षित होगी और श्रद्धालु जनरल टिकिट लेकर इसमें यात्रा कर सकेंगे। ट्रेन क्रमांक 09015 कटनी से सुबह 5.25 बजे प्रस्थान करेगी और सुबह 6.55 बजे मैहर स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 8.50 बजे यह सतना स्टेशन पर ठहराव करेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 09016 सतना से शाम 7.25 बजे प्रस्थान करेगी और रात 8 बजे मैहर तथा रात 11.50 बजे कटनी जंक्शन पहुंचेगी।

    मेल स्पेशल ट्रेन का मार्ग पटवारा, झुकेही, पकरिया रोड, अमदरा, घुनवारा, भदनपुर, मैहर, उंचेहरा और लगरगवां स्टेशनों से होकर गुजरेगा। इस तरह मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन और सुविधाएं आसान और सुलभ होंगी।

    रेलवे की इस सुविधा से न केवल स्थानीय बल्कि अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ा लाभ होगा और वे समय पर आरामदायक यात्रा कर मेला स्थल पर पहुंच सकेंगे। इस पहल से मैहर में नवरात्र मेला और भी व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के अनुकूल आयोजित किया जाएगा।

  • केरल से महेश्वर पहुंचे मोनालिसा के पिता, मुख्यमंत्री से अनुरोध- बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए

    केरल से महेश्वर पहुंचे मोनालिसा के पिता, मुख्यमंत्री से अनुरोध- बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए


    खरगोन। चर्चित ‘कुंभ गर्ल’ मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले ने अपनी बेटी को सुरक्षित घर लौटाने की मांग करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है। जयसिंह भोंसले के अनुसार उनकी बेटी केरल में मुस्लिम युवक फरमान खान के साथ शादी करने के पीछे धोखे का शिकार हुई है और यह एक तरह का लव जिहाद है।

    जयसिंह भोंसले के मुताबिक उन्हें केरल से महेश्वर आने के बाद बताया गया कि उनकी बेटी को वहां से भगा दिया गया और कहा गया कि अब उसका किसी से कोई संबंध नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है, इसलिए मुख्यमंत्री से निवेदन है कि उसे सुरक्षित घर लौटाया जाए।

    मोनालिसा के पिता ने बताया कि वे लगातार अपनी बेटी से संपर्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं और चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करे ताकि उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट सके। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा था कि उनकी बेटी फिल्मों में आगे काम करेगी और दो फिल्मों में उन्होंने एक्टिंग कर ली थी।

    इस बीच हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक समीर माहुले ने कहा कि मोनालिसा एक सीधी-सादी लड़की है और समझाइश देकर उसे घर वापसी कराई जाएगी। महेश्वर के भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने इसे पूर्व नियोजित लव जिहाद करार दिया और पिता के साथ दुर्व्यवहार की बात कही।

    वहीं, केरल में मोनालिसा ने अपने बयान में लव जिहाद से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने मंदिर में शादी की है। उन्होंने बताया कि शादी के समय उनके पिता जयसिंह वहां थे और उन्हें इस बारे में जानकारी थी, लेकिन नाराजगी के चलते वे शामिल नहीं हुए।

    मोनालिसा ने शादी से पहले थंपानूर पुलिस स्टेशन जाकर पिता से खतरे की बात कही और सुरक्षा की मांग की थी। पुलिस ने उनके 18 वर्ष का होने का हवाला देते हुए उनके पिता को वहां से जाने को कहा।

    मोनालिसा को पहली बार फिल्मों में ब्रेक देने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने भी इसे लव जिहाद करार दिया और कहा कि उन्हें इस मामले में धमकियां मिल रही हैं। मामले ने देशभर में बहस को जन्म दिया है और अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के हस्तक्षेप की उम्मीद जताई जा रही है।

  • पीपल के पेड़ से उड़ा मधुमक्खियों का छत्ता, मंदसौर में दशा माता पूजा में भगदड़ और 15 घायल

    पीपल के पेड़ से उड़ा मधुमक्खियों का छत्ता, मंदसौर में दशा माता पूजा में भगदड़ और 15 घायल

    मंदसौर के नई आबादी क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब सांसद सुधीर गुप्ता के निवास क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास दशा माता की पूजा के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। लगभग 50 महिलाएं पीपल के पेड़ के नीचे पूजा कर रही थीं कि अचानक पेड़ पर लगे मधुमक्खी के छत्ते से मधुमक्खियां उड़ने लगीं और महिलाओं पर हमला कर दिया।

    इस हमले में करीब 15 महिलाएं घायल हुईं। दो महिलाओं की स्थिति गंभीर थी जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अन्य घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मधुमक्खियों के अचानक हमले से पूजा अधूरी रह गई और महिलाओं में भगदड़ मच गई।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी इस छत्ते को हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पूरी तरह से हटा नहीं पाई गई थी। इसके कारण आज फिर से मधुमक्खियों का हमला हुआ। अभी भी वहां पेड़ पर दो-तीन मधुमक्खी के छत्ते लगे हैं जिससे सतर्क रहने की जरूरत है।

    सांसद के निवास क्षेत्र में यह घटना सुरक्षा और पूजा स्थल पर सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने घायल महिलाओं की देखभाल में सहयोग किया और मंदिर प्रांगण की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही।

    मौके पर मौजूद लोग बताते हैं कि पूजा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के छत्ते से उड़ने से भगदड़ मच गई और सभी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक मेडिकल सहायता मुहैया कराई।

    घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मधुमक्खियों के छत्ते हटाने और पूजा स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

  • सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

    सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

    सागर जिले के बहरोल में शुक्रवार की सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई जब सेंट्रल बैंक की शाखा में आग लग गई। सुबह करीब नौ बजे बैंक में धुआं उठते देख स्थानीय लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस और बैंक कर्मचारियों को सूचना दी। बहरोल थाना से पुलिस और बंडा नगर पंचायत की दमकल मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने के लिए आनन-फानन में कार्रवाई की।

    जैसे ही दमकल टीम बैंक की शटर खोली और अंदर पहुंची तो आग कैश काउंटर के पास लगी हुई दिखाई दी। वहां रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें आग की चपेट में आ गईं। हालांकि त्वरित पानी डालने और दमकल कर्मियों की सतर्क कार्रवाई से आग पर जल्दी काबू पा लिया गया। इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बैंक में रखे दस्तावेज जलकर खाक हो गए।

    आग लगने की सूचना पाते ही बैंक के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। लोग धुआं और आग को देखकर चिंतित नजर आए और तुरंत पुलिस को सूचना देने में मदद की। बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कैश काउंटर के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पूरी जांच अभी चल रही है।

    इस घटना के कारण शाखा में फिलहाल कामकाज बंद कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बैंक के दस्तावेजों के नुकसान की भरपाई और जांच का काम जल्द ही शुरू होगा।

    स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। अधिकारी बता रहे हैं कि आग फैलने का खतरा कम था, लेकिन यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि बैंक शाखाओं में सुरक्षा और आग सुरक्षा उपायों को नियमित रूप से लागू करना कितना आवश्यक है।

    पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी बैंक शाखा या सार्वजनिक स्थल पर असामान्य धुआं या आग का संकेत देखें तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। वहीं बैंक प्रशासन भी आग से सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम और दस्तावेजों के रखरखाव पर नजर रखेगा।

    इस घटना ने बैंकिंग और वित्तीय सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। दस्तावेजों का नुकसान भले ही अपूरणीय है, लेकिन किसी के हताहत न होने से राहत की सांस ली जा सकती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों और जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।

  • महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में

    महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर स्थित घुरैया मार्केट में महज 21 वर्षीय एक महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है, जब किरन पत्नी पुष्पेंद्र लोधी का शव उसके अपने ही घर में फंदे से लटका हुआ पाया गया। जैसे ही परिजनों की नजर फंदे पर झूलती किरन पर पड़ी, घर में कोहराम मच गया और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के मायके पक्ष के बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। किरन के मायके वालों का आरोप है कि यह महज आत्महत्या नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष द्वारा किए गए मानसिक और शारीरिक शोषण का परिणाम है।

    परिजनों ने बताया कि किरन का विवाह करीब तीन साल पहले पुष्पेंद्र लोधी के साथ हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगे थे। “शादी के बाद से ही उसे चैन से रहने नहीं दिया गया, ससुराल वालों का व्यवहार उसके प्रति लगातार क्रूर होता जा रहा था,” मायके पक्ष ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह बात स्पष्ट रूप से कही है। उनका दावा है कि इसी निरंतर हो रहे उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।

    इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराजपुरा थाना सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस ने घटना के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। सीएसपी ने आगे जानकारी दी कि मायके पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और उनके बयानों को आधार मानते हुए गुरुवार रात को ससुराल पक्ष के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर लिया गया है।

     पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे केवल प्रताड़ना ही मुख्य कारण था या कुछ और भी तथ्य छिपे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्वालियर में हुई इस घटना ने एक बार फिर नवविवाहिताओं की सुरक्षा और उनके प्रति हो रहे सामाजिक व पारिवारिक व्यवहार पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

  • मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में लू और गर्म हवाओं का असर, 10 शहरों में पारा 38°C पार

    मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में लू और गर्म हवाओं का असर, 10 शहरों में पारा 38°C पार


    मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही मौसम ने गर्मी के तेवर दिखाए हैं। गुरुवार को नर्मदापुरम, रतलाम और धार में तेज गर्म हवाएं चलीं और शुक्रवार को भी यहां लू का अलर्ट जारी है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री दर्ज किया गया।

    अन्य शहरों में रतलाम 39.5°C, खजुराहो 39°C, धार 38.8°C, दमोह-टीकमगढ़ 38.5°C, खंडवा 38.1°C, मंडला, श्योपुर और खरगोन में पारा 38°C के आसपास रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर 37.8°C, उज्जैन 37.5°C, ग्वालियर 37.2°C, भोपाल 37°C और जबलपुर 36.9°C तापमान के साथ गर्म रहे।

    मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बदल गई है। हवा में नमी बहुत कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आती गर्म हवाएं प्रदेश में पारे को बढ़ा रही हैं।

    15 और 16 मार्च को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहने की संभावना है। 15 मार्च को ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश का अनुमान है। वहीं, 16 मार्च को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में मौसम बदलेगा।

    विशेषज्ञों ने बताया कि मार्च में दिन के समय गर्मी और रात में हल्की ठंड रहने से सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ सकते हैं। इसलिए सुबह और रात को ठंडी हवा से बचाव करना जरूरी है।

    मौसम विभाग ने कहा कि मार्च में पारा बढ़ने का यह सीजनल ट्रेंड है, लेकिन असली लू अप्रैल-मई में चलेगी। अप्रैल और मई में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45°C पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी अधिक गर्मी रहेगी।

    प्रदेश के मौसम में मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। पिछले दस साल के आंकड़ों के अनुसार मार्च में तीनों मौसम – गर्मी, ठंड और बारिश का ट्रेंड रहता है। इंदौर में दिन का पारा 41.1°C तक पहुंच चुका है, जबकि ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 8°C तक दर्ज किया गया।

    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में मार्च में दिन में तेज गर्मी और कभी-कभी बारिश का असर देखा जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दिन में हल्के कपड़े पहनें और शीतल पेय का सेवन संतुलित करें ताकि स्वास्थ्य पर असर न पड़े।

  • ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन, 122 करोड़ के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

    ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन, 122 करोड़ के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

    ग्वालियर जिले के घाटीगांव में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे और प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1836 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। यह राशि योजना की 34वीं किस्त के रूप में दी जा रही है। वहीं ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। इसमें 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इसके अलावा सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी।

    लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के दौरान राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा घाटीगांव के पास देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे और उसके बाद हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

    प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के तहत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और इस दौरान 54,140 करोड़ रुपए सीधे महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। अब योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं को कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

    लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बने उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह और 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय शामिल हैं। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की नई सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग के हॉल और छात्रावास तथा भितरवार में नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।

  • घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की अवैध बिक्री पर कड़ा नियंत्रण, इंदौर में हेल्पलाइन जारी 0731-2993900

    घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की अवैध बिक्री पर कड़ा नियंत्रण, इंदौर में हेल्पलाइन जारी 0731-2993900

    इंदौर जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध बिक्री को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा और गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। अब नागरिक गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए निर्धारित हेल्पलाइन नंबर 0731-2993900 पर संपर्क कर सकते हैं।

    कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने बताया कि घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री और कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।

    कंट्रोल रूम के संचालन के लिए जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम तैनात की गई है। इसमें सहायक आपूर्ति अधिकारी कल्पना परामानिक, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सवेसिंह गामड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित नागर, रोहित बर्मन, महेश जगताप तथा अब्दुल समद शामिल हैं। यह टीम प्राप्त शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए उनका त्वरित निराकरण करेगी।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति और वितरण पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई एजेंसी या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता हुआ गैस की अवैध बिक्री करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उपभोक्ता अपनी शिकायतें हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा कलेक्टोरेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक 221 में कार्यालय समय के दौरान व्यक्तिगत रूप से समस्या या सुझाव भी दे सकते हैं।

    जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें गैस सिलेंडर की उपलब्धता, कीमत या वितरण से जुड़ी कोई अनियमितता दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना दें। प्रशासन का मानना है कि उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलेगी।