Category: Madhya Pradesh

  • बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने

    बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी शहर की मदकपुरा कॉलोनी में शनिवार दोपहर पड़ोसियों के बीच चल रहा विवाद उस समय हिंसक रूप ले बैठा, जब बिजली के तार हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। घटना में एक महिला के घायल होने की जानकारी सामने आई है। महिला ने पड़ोसी परिवार पर बाल पकड़कर घसीटने और सड़क पर गिराकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं, घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, मदकपुरा कॉलोनी निवासी शिवानी कुशवाह और उनके पड़ोसी मिथलेश लोधी के परिवार के बीच पहले से कुछ विवाद चल रहा था। शनिवार को बिजली के तार हटाने के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआती बहस देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई और फिर दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई।

    शिवानी कुशवाह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान मिथलेश लोधी, उनके पति अमर लोधी और बेटे हजरत लोधी ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, उन्हें बाल पकड़कर सड़क पर गिराया गया और घसीटते हुए पीटा गया। इस घटना में घायल होने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के समय आसपास के लोग भी मौजूद थे, लेकिन विवाद बढ़ने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    देहात थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिवानी कुशवाह की रिपोर्ट पर मिथलेश लोधी, अमर लोधी और हजरत लोधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, मिथलेश लोधी की शिकायत के आधार पर शिवानी कुशवाह और उनके पति के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। इस ताजा घटना के बाद कॉलोनी में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने की हिदायत दी है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।

  • पूरनखेड़ी के पास बड़ा सड़क हादसा टला: कैंटर की टक्कर से ट्रैक्टर तीन हिस्सों में टूटा, चालक फरार

    पूरनखेड़ी के पास बड़ा सड़क हादसा टला: कैंटर की टक्कर से ट्रैक्टर तीन हिस्सों में टूटा, चालक फरार


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। लुकवासा चौकी क्षेत्र के अंतर्गत पूरनखेड़ी के पास बांस से भरे एक ट्रैक्टर और मिर्च से लदी आयशर कैंटर के बीच हुई जोरदार टक्कर में ट्रैक्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर तीन हिस्सों में बंट गया और उस पर लदा बांस सड़क पर दूर-दूर तक फैल गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर अशोकनगर से बांस लेकर बीरखेड़ी की ओर जा रहा था। इसी दौरान शिवपुरी की दिशा से आ रही मिर्च लदी आयशर कैंटर ने ट्रैक्टर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर का प्रभाव इतना अधिक था कि ट्रैक्टर का अगला और पिछला हिस्सा अलग हो गया तथा वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रैक्टर में लदा बांस राजमार्ग पर बिखर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। कई वाहन सड़क के दोनों ओर रुक गए और जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे तथा सड़क पर फैले बांस को हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य किया जा सका।

    पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद आयशर कैंटर का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरनखेड़ी क्षेत्र में इन दिनों नव निर्मित पुल के निर्माण कार्य के चलते यातायात एकांकी मार्ग यानी सिंगल लेन से संचालित किया जा रहा है। सड़क का यह हिस्सा अपेक्षाकृत संकरा है, जिसके कारण भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य के कारण पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    रहवासियों और वाहन चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन से मांग की है कि निर्माणाधीन हिस्से में जल्द से जल्द आवश्यक सुधार किए जाएं और यातायात के लिए पर्याप्त चौड़ाई उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि मानसून की शुरुआत होने वाली है और यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार कैंटर चालक की तलाश की जा रही है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन सड़क मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

  • खजराना में अवैध अहाते को लेकर बवाल: वीडियो बना रहीं महिलाओं से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप

    खजराना में अवैध अहाते को लेकर बवाल: वीडियो बना रहीं महिलाओं से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब बंगाली चौराहे के पास स्थित एक शराब दुकान के समीप संचालित कथित अवैध अहाते का वीडियो बनाने पहुंचीं कुछ महिलाओं और दुकान से जुड़े लोगों के बीच विवाद हो गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और एक महिला का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

    जानकारी के अनुसार, बंगाली चौराहे के समीप स्थित किशकिंधा अपार्टमेंट में करीब 24 परिवार निवास करते हैं। रहवासियों का आरोप है कि शराब दुकान के पास अवैध रूप से अहाता संचालित किया जा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र में आए दिन शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    शनिवार रात अपार्टमेंट में रहने वाली कुछ महिलाएं कथित अवैध अहाते की स्थिति का वीडियो बनाने पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि वे क्षेत्र में हो रही समस्याओं को रिकॉर्ड कर प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थीं। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और विवाद की स्थिति बन गई।

    रहवासियों का आरोप है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान दुकान के कर्मचारियों ने कविता रोकड़े नामक महिला का मोबाइल छीन लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। महिलाओं ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में पहले भी शराबियों के जमावड़े के कारण असामाजिक गतिविधियों और महिलाओं से अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसकी शिकायत प्रशासन को कई बार की जा चुकी है।

    दूसरी ओर, मामले की सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और तत्काल किसी बड़े विवाद को बढ़ने से रोकते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    रहवासियों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। उनका आरोप है कि शराब दुकान के आसपास कथित अवैध अहाते और अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे यातायात और आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने तथा कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग भी की है।

    मामले ने एक बार फिर शहर में शराब दुकानों के आसपास सुरक्षा, अतिक्रमण और स्थानीय नागरिकों की परेशानियों को लेकर बहस छेड़ दी है। अब क्षेत्र के लोग प्रशासनिक कार्रवाई और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।

  • राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

    राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच


    मध्यप्रदेश । इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय हलचल मच गई जब एक युवक और युवती के साथ रहने की सूचना पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों को राऊ थाने लाया गया, जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार मामला कमला नगर क्षेत्र का है। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक युवक, जिसकी पहचान सूफियान उर्फ सैफी अली निवासी सदर बाजार के रूप में बताई जा रही है, एक युवती के साथ किराए के मकान में रह रहा है। सूचना मिलने के बाद कुछ संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा दोनों को अपने साथ राऊ थाने ले गए।

    बताया गया है कि संबंधित मकान इकबाल खान का है, जहां युवक और युवती रह रहे थे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने युवक को पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पहले बाणगंगा क्षेत्र में सैलून संचालित करता था। वहीं उसकी युवती से पहचान हुई थी। बाद में वह राऊ क्षेत्र के श्रमिक इलाके में सैलून का काम करने लगा और किराए के मकान में रहने लगा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मकान मालिक द्वारा किरायेदारों की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    कुछ संगठन कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि युवक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था, लेकिन उसकी पहचान और भूमिका को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

    राऊ थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर के अनुसार मामले में प्राप्त शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पक्षों से जानकारी जुटा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। युवती और युवक दोनों के बयान लिए जा रहे हैं तथा उनके रहने की परिस्थितियों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

    मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा

    इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा


    मध्यप्रदेश । इंदौर में लंबे समय से बनी हुई उमस और गर्मी के बीच रविवार को प्री-मानसून गतिविधियों ने राहत पहुंचाई। अलसुबह शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई, तेज हवाएं चलीं और बिजली कड़कने के साथ कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में शहर में 29.1 मिमी यानी एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम सुहावना रहा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ उमस फिर महसूस होने लगी।

    बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। शनिवार रात न्यूनतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 19.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य तापमान से लगभग 5 डिग्री कम रहा। पिछले चार दिनों से रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ था, लेकिन मौसम में आए अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी।

    शनिवार को दिनभर शहर में उमस का असर बना रहा और लगातार चौथे दिन अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि रात में मौसम का मिजाज बदलने के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस बनी रही।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय टर्फ लाइन और प्री-मानसून सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इंदौर सहित उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज गर्मी और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय पूरे मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी घटनाएं सामने आई हैं। मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य से थोड़ी धीमी है और यह लगभग तीन से चार दिन देरी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में मानसून के 18 जून तक प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में जून माह के दौरान अब तक 55.2 मिमी यानी दो इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। महीने का आधा समय अभी बाकी है, ऐसे में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। सामान्य तौर पर जून महीने में शहर में मानसून पूर्व अच्छी बारिश देखने को मिलती है और इस बार भी यही स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

    इंदौर के मौसम इतिहास की बात करें तो वर्ष 1980 में जून महीने में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में पांच इंच बारिश हुई थी। तापमान के रिकॉर्ड में 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • खून फैक्ट्री में नहीं बनता, इंसान ही बचाता है इंसान की जिंदगी: थैलेसीमिया पीड़ित वैभव बने रक्तदान जागरूकता की मिसाल

    खून फैक्ट्री में नहीं बनता, इंसान ही बचाता है इंसान की जिंदगी: थैलेसीमिया पीड़ित वैभव बने रक्तदान जागरूकता की मिसाल


    मध्यप्रदेश । विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर इंदौर के 29 वर्षीय वैभव सोनी की कहानी मानवता, संघर्ष और सेवा का ऐसा उदाहरण पेश करती है, जो हर किसी को प्रेरित कर सकती है। महज दो वर्ष की उम्र में उन्हें पता चला कि वे Thalassemia से पीड़ित हैं। डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उनकी जिंदगी नियमित रूप से खून चढ़ाने पर निर्भर रहेगी। तब से लेकर आज तक वैभव का जीवन रक्तदाताओं की संवेदनशीलता और समाज के सहयोग से आगे बढ़ रहा है।

    वर्तमान में वैभव को हर आठ से दस दिन में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। बचपन में यह अंतराल लगभग एक महीने का था, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ खून की आवश्यकता भी बढ़ती गई। अब तक उन्हें 400 से अधिक यूनिट रक्त चढ़ाया जा चुका है। लगातार रक्त चढ़ने के कारण शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हृदय, लिवर और अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए उन्हें नियमित दवाइयों और इंजेक्शनों का सहारा लेना पड़ता है। उनके उपचार पर हर महीने लगभग 20 से 25 हजार रुपए खर्च होते हैं।

    हालांकि इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद वैभव ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई पूरी की और अपनी बीमारी को समाजसेवा का माध्यम बना लिया। बचपन में अपने माता-पिता को रक्त की व्यवस्था के लिए संघर्ष करते देखकर उनके मन में यह संकल्प पैदा हुआ कि वे अन्य मरीजों को इस परेशानी से बचाने के लिए काम करेंगे।

    यही सोच उन्हें रक्तदान जागरूकता अभियान से जोड़कर ले गई। पिछले कई वर्षों से वे विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर रहे हैं और लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे ‘मानवता की पहचान’ संस्था के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। हाल ही में इंदौर के प्रसिद्ध Khajrana Ganesh Temple परिसर में आयोजित दो दिवसीय महारक्तदान शिविर में उनकी टीम ने 821 यूनिट रक्त संग्रहित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।

    संस्था द्वारा अब तक हजारों यूनिट रक्त संग्रह किया जा चुका है। वर्ष 2022 में एक ही स्थान पर 12 घंटे के भीतर 951 यूनिट रक्त एकत्र कर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया गया था। इस उपलब्धि को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज किया गया। इसके अलावा संस्था को ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में भी स्थान मिल चुका है। वैभव इन अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। समाजसेवा और थैलेसीमिया मरीजों की मदद के लिए उन्हें ‘रियल लाइफ हीरो’ सहित कई सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं।

    वैभव कहते हैं कि विज्ञान ने भले ही बड़ी प्रगति कर ली हो, लेकिन आज भी खून किसी फैक्ट्री में नहीं बनता। एक इंसान ही दूसरे इंसान की जिंदगी बचा सकता है। वे बताते हैं कि एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है, क्योंकि ब्लड बैंक में इसे विभिन्न घटकों में विभाजित कर जरूरतमंद मरीजों को दिया जाता है।

    वे युवाओं से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील करते हैं। साथ ही थैलेसीमिया जैसी बीमारी को रोकने के लिए विवाह से पहले जांच कराने पर भी जोर देते हैं। उनका मानना है कि जागरूकता और समय पर जांच के माध्यम से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

    विश्व रक्तदाता दिवस पर वैभव की कहानी यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि संकल्प मजबूत हो तो व्यक्ति न केवल अपनी जिंदगी संवार सकता है, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में भी उम्मीद की रोशनी जगा सकता है।

  • MPL 2026 में फीके पड़े IPL सितारे, 15 लाख के आशुतोष 95 रन पर सिमटे; माधव तिवारी और अक्षत रघुवंशी बने नई सनसनी

    MPL 2026 में फीके पड़े IPL सितारे, 15 लाख के आशुतोष 95 रन पर सिमटे; माधव तिवारी और अक्षत रघुवंशी बने नई सनसनी


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) 2026 में जहां IPL में चमक बिखेर चुके खिलाड़ियों पर क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई थीं, वहीं लीग के शुरुआती चरण में कई बड़े नाम अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी ओर कुछ युवा खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है और खुद को भविष्य के सितारों के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं।

    सबसे ज्यादा चर्चा मालवा स्टैलियन्स के कप्तान आशुतोष शर्मा की हो रही है। MPL 2026 की नीलामी में उन्हें सबसे ऊंची बोली लगाकर 15 लाख रुपए में खरीदा गया था। लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी होने के कारण उनसे बड़े और मैच जिताऊ प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन अब तक छह पारियों में वह केवल 95 रन ही बना सके हैं। उनका खराब फॉर्म टीम और प्रशंसकों दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

    वहीं IPL में लगातार दूसरी बार Royal Challengers Bengaluru को खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार भी शुरुआती मैचों में संघर्ष करते नजर आए। हालांकि मालवा स्टैलियन्स के खिलाफ उन्होंने 30 गेंदों में नाबाद 65 रन की शानदार पारी खेलकर वापसी के संकेत जरूर दिए, लेकिन कुल मिलाकर तीन मैचों में उनके 105 रन उम्मीदों के अनुरूप नहीं माने जा रहे हैं।

    इंदौर पिंक पैंथर्स के कप्तान वेंकटेश अय्यर भी अब तक अपने पुराने रंग में दिखाई नहीं दिए हैं। तीन मुकाबलों में उन्होंने 88 रन बनाए हैं और सिर्फ एक विकेट हासिल किया है। हालांकि मालवा स्टैलियन्स के खिलाफ 22 गेंदों में 54 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया, लेकिन निरंतरता की कमी साफ नजर आई।

    गेंदबाजी में भी कुछ बड़े नाम अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए। कुलदीप सेन, जो IPL में अपनी तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, MPL में अब तक प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं। एक मुकाबले में उन्होंने चार ओवर में 47 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके।

    युवा खिलाड़ियों ने मचाया धमाल

    जहां IPL सितारे संघर्ष कर रहे हैं, वहीं उज्जैन फाल्कन्स के ऑलराउंडर माधव तिवारी लीग के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने पांच मैचों में 286 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 182.19 का रहा है। इसके अलावा गेंदबाजी में भी सात विकेट लेकर उन्होंने अपनी ऑलराउंड क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है।

    रीवा जगुआर्स के युवा बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी ने भी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। दो मैचों में उन्होंने 127 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 276.09 का रहा है। 32 गेंदों में खेली गई 85 रन की पारी लीग की सबसे चर्चित पारियों में शामिल हो चुकी है।

    गेंदबाजों में चमके आवेश खान

    चंबल घड़ियाल के तेज गेंदबाज आवेश खान ने अपने IPL अनुभव का शानदार उपयोग करते हुए तीन मैचों में छह विकेट झटके हैं। उनकी 6.83 की इकॉनमी दर्शाती है कि उन्होंने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया।

    उधर, भोपाल लेपर्ड्स के आधिकारिक कप्तान अरशद खान अभी तक मैदान पर नहीं उतरे हैं। उनकी गैरमौजूदगी में अनिकेत वर्मा ने टीम की कमान संभाली और चार मैचों में 137 रन बनाकर जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।

    इसके अलावा शिवांग कुमार, कुमार कार्तिकेय, शिवम शुक्ला और मंगेश यादव जैसे खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। विशेष रूप से शिवम शुक्ला का एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा MPL 2026 के अब तक के सबसे यादगार प्रदर्शनों में गिना जा रहा है।

    लीग के शुरुआती चरण ने यह साफ कर दिया है कि MPL केवल बड़े नामों की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह युवा प्रतिभाओं को खुद को साबित करने का बेहतरीन मंच भी बनता जा रहा है।

  • इंदौर में 22 जोनों में लगेंगे जनकल्याण कैंप, तीन दिन तक एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं

    इंदौर में 22 जोनों में लगेंगे जनकल्याण कैंप, तीन दिन तक एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं


    मध्यप्रदेश । इंदौरवासियों के लिए राहत और सुविधा भरी खबर है। अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, आवेदन जमा करने या विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत नगर पालिक निगम इंदौर शहर के सभी 22 जोन कार्यालयों में तीन दिवसीय जनकल्याण कैंप आयोजित करने जा रहा है। ये कैंप 16 जून से 18 जून तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

    नगर निगम द्वारा आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करना है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पात्र होने के बावजूद अब तक लाभ से वंचित हैं। कैंप के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण भी किया जाएगा।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार विभिन्न विभागों के मैदानी अमले की सहायता से पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनका पंजीयन, आवेदन स्वीकृति और योजनाओं के लाभ वितरण की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी। कैंप में विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इन शिविरों के जरिए लोगों को योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित होगा। इससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सकेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

    इस प्रकार आयोजित होंगे कैंप
    अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे के अनुसार जनकल्याण कैंप चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे0-
    16 जून : जोन क्रमांक 1 से 8 तक के जोन कार्यालयों में
    17 जून : जोन क्रमांक 9 से 15 तक के जोन कार्यालयों में
    18 जून : जोन क्रमांक 16 से 22 तक के जोन कार्यालयों में

    कैंप के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आवेदन, पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, पात्रता जांच और सेवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं भी मौके पर ही पूरी की जाएंगी। इससे नागरिकों का समय और श्रम दोनों बचेंगे तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।

    नगर निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कैंपों के सफल संचालन और अधिकतम नागरिकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से बड़ी संख्या में जरूरतमंद नागरिक लाभान्वित होंगे और सरकारी योजनाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा।

  • मां के सामने छोटे तालाब में डूबा 15 वर्षीय किशोर, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

    मां के सामने छोटे तालाब में डूबा 15 वर्षीय किशोर, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत


    मध्यप्रदेश । भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 15 वर्षीय किशोर की जान चली गई। छोटे तालाब में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से किशोर डूब गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 15 वर्षीय अनस कुरैशी के रूप में हुई है, जो जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित बड़ी वाली मस्जिद इलाके का निवासी था। बताया जा रहा है कि अनस मुखबधिर था। शनिवार शाम उसने अपनी मां से पार्क घूमने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उसकी मां उसे लिली टॉकीज के पास स्थित पार्क लेकर पहुंची।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पार्क पहुंचने के बाद मां वहीं बैठी रही, जबकि अनस छोटे तालाब के किनारे पानी में उतर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह नहाने के दौरान धीरे-धीरे गहरे हिस्से की ओर चला गया। कुछ ही देर बाद वह पानी में डूबने लगा। बेटे को संकट में देखकर मां ने मदद के लिए आवाज लगाई।

    मां की पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और किशोर को पानी से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच जाएगी, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही जहांगीराबाद थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि किशोर अपनी मां के साथ पार्क आया था और नहाते समय हादसे का शिकार हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है तथा मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    हादसे के बाद परिवार और मोहल्ले में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनस मिलनसार स्वभाव का था और इलाके में सभी उसे जानते थे। उसकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल है।

    इस घटना ने एक बार फिर जलाशयों और तालाबों के आसपास सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेड्स और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

  • भोपाल में संदिग्ध नेटवर्क की जांच तेज, एटीएस रडार पर फराज और उसके संपर्क; डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल जारी

    भोपाल में संदिग्ध नेटवर्क की जांच तेज, एटीएस रडार पर फराज और उसके संपर्क; डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल जारी


    मध्यप्रदेश । भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह से पूछताछ के बाद मध्यप्रदेश एटीएस और अन्य जांच एजेंसियों ने अपनी जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है, जिनमें सोशल मीडिया गतिविधियां, संपर्कों का नेटवर्क, डिजिटल संचार और कथित विदेशी कनेक्शन शामिल हैं। फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और एजेंसियां सभी तथ्यों की पुष्टि में जुटी हुई हैं।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, फराज को राजधानी भोपाल के काजी कैंप इलाके से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उसकी निशानदेही पर सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला को उत्तर प्रदेश के देवबंद क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद 16 जून तक रिमांड पर भेजा गया है, ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके।

    एटीएस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए गए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे उनके संपर्कों, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी किन-किन ऑनलाइन समूहों से जुड़े हुए थे और उनकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था।

    सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रियता के संकेत मिले हैं। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इन जानकारियों का सत्यापन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी रिपोर्टों का विश्लेषण किया जाएगा।

    फराज के बारे में जानकारी मिली है कि वह स्थानीय स्तर पर एक क्लीनिक में काम करता था और बैटरी रिपेयरिंग का कार्य भी करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने देवबंद में धार्मिक शिक्षा प्राप्त की थी, जहां उसकी मुलाकात नईम अब्दुल्ला से हुई थी। एजेंसियां दोनों के बीच संबंधों और संपर्कों की प्रकृति को समझने की कोशिश कर रही हैं।

    एटीएस ने अदालत को बताया है कि मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों से प्राप्त जानकारी की फोरेंसिक जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इससे आरोपियों के संपर्कों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।

    इस बीच जांच एजेंसियां बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध फंडिंग या वित्तीय गतिविधि के प्रमाण मिलते हैं तो उस दिशा में भी विस्तृत जांच की जाएगी। हालांकि अभी तक किसी भी वित्तीय कनेक्शन को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    गिरफ्तारी के बाद फराज के निवास और उसके कार्यस्थल पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय स्तर पर उसके परिचितों और संपर्कों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि उसके सामाजिक और डिजिटल संपर्कों का दायरा कितना बड़ा था तथा क्या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आती है।

    अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जांच जारी है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध सूचनाओं को आरोपों और जांच के दायरे में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आएंगे।