Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी छात्रावास विवाद में बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद अधीक्षिका हटाई गईं, जांच में मिलीं गंभीर खामियां

    शिवपुरी छात्रावास विवाद में बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद अधीक्षिका हटाई गईं, जांच में मिलीं गंभीर खामियां


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी में छात्राओं की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की अधीक्षिका प्रीति सूर्येश को उनके पदभार से हटा दिया है। छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अधीक्षिका की कार्यप्रणाली को लेकर छात्राओं द्वारा की गई शिकायतों की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया।

    जानकारी के अनुसार छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने 9 जून को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं रखी थीं। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके बाद 11 जून को भी छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी समस्याओं को विस्तार से प्रशासन के सामने रखा।

    छात्राओं के अनुसार छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन में कई बार कीड़े निकल रहे थे। इसके अलावा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, शौचालयों की संख्या कम थी तथा साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। छात्राओं ने अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ छात्राओं ने यह आरोप भी लगाया था कि शिकायत करने के बाद उन्हें दबाव में लेने और धमकाने का प्रयास किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसने छात्रावास का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच दल ने छात्राओं, कर्मचारियों और संबंधित अभिलेखों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी।

    जांच रिपोर्ट में छात्रावास की व्यवस्थाओं में कई खामियां और अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई। साथ ही यह भी पाया गया कि अधीक्षिका प्रीति सूर्येश अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित स्तर की जिम्मेदारी नहीं निभा पाईं। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

    इसके बाद जिला स्तर पर जारी आदेश में प्रीति सूर्येश को शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, शिवपुरी के अधीक्षकीय प्रभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया। उन्हें अब शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम शाला, कोटा में शिक्षकीय कार्य के लिए पदस्थ किया गया है।

    वहीं छात्रावास की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए नई जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। शासकीय अनुसूचित जाति कन्या सीनियर छात्रावास, फतेहपुर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका अनीता तिग्गा को छात्रावास का नया प्रभार सौंपा गया है। प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और छात्रावासों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    यह कार्रवाई छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया के रूप में देखी जा रही है। अब छात्राओं को उम्मीद है कि नई व्यवस्था के तहत छात्रावास की मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार होगा।

  • दो साल से फरार ब्राउन शुगर तस्कर इंदौर में गिरफ्तार, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

    दो साल से फरार ब्राउन शुगर तस्कर इंदौर में गिरफ्तार, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो साल से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो ब्राउन शुगर तस्करी के मामले में वांछित था। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, लेकिन मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया गया।

    पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में भंडारी ब्रिज के पास एमआर-4 रोड पर कार्रवाई के दौरान शादाब खान नामक आरोपी को 105.16 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच के दौरान इमरान पिता शमशेर साकरिया निवासी Pratapgarh का नाम सह-आरोपी के रूप में सामने आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था।

    क्राइम ब्रांच को शुक्रवार को सूचना मिली कि फरार आरोपी इमरान साकरिया पटेल प्रतिमा चौराहे के आसपास मौजूद है और वहां से भागने की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल रणनीति बनाकर इलाके में घेराबंदी की। बताया गया कि आरोपी नीली जींस और नीली चौकड़ीदार शर्ट पहने हुए था, जिससे उसकी पहचान करने में पुलिस को आसानी हुई।

    जैसे ही पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, आरोपी मौके से भागने लगा। हालांकि क्राइम ब्रांच की टीम ने उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

    मामले की जानकारी देते हुए Rajesh Kumar Tripathi ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने मामले से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया है। इसके बाद उसकी विधिवत गिरफ्तारी कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के तीन मामले दर्ज हैं, जबकि एक अन्य मामला मारपीट से संबंधित बताया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और कहीं वह मादक पदार्थों की तस्करी के अन्य मामलों में भी शामिल तो नहीं था।

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार और वांछित आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों की अवैध तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • MPL में आज ‘सुपर सैटरडे’, तीन बड़े मुकाबलों से तय होगी सेमीफाइनल की दिशा; मालवा, ग्वालियर और उज्जैन पर दबाव

    MPL में आज ‘सुपर सैटरडे’, तीन बड़े मुकाबलों से तय होगी सेमीफाइनल की दिशा; मालवा, ग्वालियर और उज्जैन पर दबाव


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में जारी मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। लीग मुकाबलों के अंतिम दौर में हर मैच का महत्व बढ़ गया है और शनिवार को आयोजित ‘सुपर सैटरडे’ को पूरे टूर्नामेंट का सबसे अहम दिन माना जा रहा है। दिनभर खेले जाने वाले तीन मुकाबलों के नतीजे से सेमीफाइनल की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी और कई टीमों की किस्मत तय होगी।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इंदौर के डेली कॉलेज ग्राउंड और Holkar Stadium पर टिकी हुई हैं, जहां दिनभर रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। अंक तालिका में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी होने के कारण हर टीम के लिए यह मुकाबले ‘करो या मरो’ जैसे बन गए हैं।

    दिन का पहला मुकाबला डेली कॉलेज ग्राउंड पर मालवा स्टैलियंस और Jabalpur Royal Lions के बीच खेला गया। जबलपुर की टीम अपने प्रमुख बल्लेबाज रितिक ताडा की शानदार फॉर्म के भरोसे मैदान में उतरी, जबकि मालवा स्टैलियंस के लिए यह मुकाबला टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदें जिंदा रखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। टीम प्रबंधन और समर्थकों की नजरें इस मैच पर विशेष रूप से बनी रहीं क्योंकि हार की स्थिति में मालवा के लिए आगे की राह कठिन हो सकती है।

    दूसरा मुकाबला भी डेली कॉलेज ग्राउंड पर खेला जा रहा है, जहां Bundelkhand Bulls और Gwalior Cheetahs आमने-सामने हैं। ग्वालियर टीम की कमान भारतीय क्रिकेटर Rajat Patidar के हाथों में है। पिछली हार के बाद टीम पर दबाव है और वह जीत के साथ जोरदार वापसी करना चाहेगी। दूसरी ओर बुंदेलखंड बुल्स अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरी है। इस मुकाबले का परिणाम भी सेमीफाइनल की दौड़ को प्रभावित कर सकता है।

    दिन का सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल मुकाबला दोपहर बाद होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां Ujjain Falcons का सामना Rewa Jaguars से होगा। उज्जैन फाल्कन्स की टीम इस समय अच्छे लय में दिखाई दे रही है। टीम के बल्लेबाज माधव तिवारी और सोहम पटवर्धन लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं रीवा जगुआर्स अपनी पिछली गलतियों को सुधारते हुए जीत दर्ज करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।

    टूर्नामेंट अब उस मोड़ पर पहुंच चुका है जहां एक जीत या हार पूरी अंक तालिका का समीकरण बदल सकती है। कई टीमों के अंक बेहद करीब हैं, इसलिए नेट रन रेट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में कप्तानों और टीम प्रबंधन के सामने सिर्फ जीत ही नहीं बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल करने की चुनौती भी होगी।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार के मुकाबलों के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। यही वजह है कि खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशंसकों की उत्सुकता भी चरम पर है। इंदौर में खेला जा रहा यह ‘सुपर सैटरडे’ MPL के इतिहास के सबसे रोमांचक दिनों में से एक साबित हो सकता है।

  • इंदौर में मल्टी के नीचे हार्डवेयर दुकान में भीषण आग, समय रहते खाली कराए गए फ्लैट; बड़ा हादसा टला

    इंदौर में मल्टी के नीचे हार्डवेयर दुकान में भीषण आग, समय रहते खाली कराए गए फ्लैट; बड़ा हादसा टला


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के वीर सावरकर नगर क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब माया भवन मल्टी के भूतल पर स्थित एक हार्डवेयर दुकान में अचानक आग लग गई। आग लगते ही दुकान से धुएं का घना गुबार उठने लगा और देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। घटना के समय मल्टी में रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई और लोग तुरंत अपने फ्लैट छोड़कर नीचे सड़क पर आ गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। स्थानीय निवासी बाल्टियों और प्लास्टिक के केनों में पानी भरकर आग पर डालने लगे। हालांकि दुकान में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती रही और लोगों के प्रयास पर्याप्त साबित नहीं हुए।

    मल्टी में रहने वाले निवासी सुभाष चौधरी ने बताया कि आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया था। स्थिति को देखते हुए सभी परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि बिल्डिंग में मौजूद सभी फ्लैटों के लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद Prashant Badwe भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तत्काल पानी का टैंकर बुलवाने की व्यवस्था की और यह सुनिश्चित किया कि बिल्डिंग में कोई व्यक्ति अंदर फंसा न हो। इसी दौरान इंदौर फायर ब्रिगेड की दो दमकल गाड़ियां भी घटनास्थल पर पहुंच गईं।

    दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार आग पर नियंत्रण पाने के लिए करीब 20 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो यह ऊपरी मंजिलों तक फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शुभम इंटरप्राइजेज नामक हार्डवेयर दुकान में लगी थी, जो जी प्लस थ्री भवन के भूतल पर किराए से संचालित की जा रही थी। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक दुकान में बड़ी मात्रा में पीवीसी फिटिंग सामग्री, पेंट, थिनर, हार्डवेयर का सामान और लकड़ी का फर्नीचर रखा हुआ था। इन ज्वलनशील वस्तुओं के कारण आग तेजी से फैल गई और दुकान के भीतर रखा काफी सामान जलकर नष्ट हो गया।

    आग की तीव्रता का असर ऊपरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट तक भी पहुंचा। आग और गर्मी के कारण फ्लैट में लगे पर्दे, पलंग और एलईडी टीवी को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।

    फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील सामग्री में किसी तकनीकी कारण से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

  • इंदौर में मानसून का इंतजार बढ़ा, गर्मी और उमस से बेहाल शहर; प्री-मानसून गतिविधियां भी कमजोर

    इंदौर में मानसून का इंतजार बढ़ा, गर्मी और उमस से बेहाल शहर; प्री-मानसून गतिविधियां भी कमजोर


    मध्‍य प्रदेश । मालवा की आर्थिक राजधानी इंदौर में जून का दूसरा सप्ताह समाप्ति की ओर है, लेकिन शहरवासियों को अब तक मानसून पूर्व राहत नहीं मिल सकी है। गर्मी और उमस का दोहरा असर लोगों को परेशान कर रहा है। पिछले कई दिनों से मौसम लगभग एक जैसा बना हुआ है। दिन का तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह से तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को लगातार उमस का सामना करना पड़ रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, लेकिन इंदौर क्षेत्र पर उनका अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि जून के दूसरे सप्ताह तक शहर में केवल लगभग एक इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य स्थिति की तुलना में काफी कम मानी जा रही है।

    आमतौर पर जून माह में इंदौर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलती है। पिछले छह वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2020 से 2025 के बीच जून महीने में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। पिछले वर्ष अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन साथ ही अच्छी बारिश ने मौसम को राहतभरा बनाए रखा था। सामान्य तौर पर जून महीने में इंदौर अपने वार्षिक वर्षा कोटे का लगभग 20 प्रतिशत प्राप्त कर लेता है। वर्ष 2025 में जून के दौरान करीब साढ़े पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    इंदौर के मौसम इतिहास पर नजर डालें तो जून महीने में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। वर्ष 1980 में शहर में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जो अब भी एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। तापमान के लिहाज से 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में दोबारा गति पकड़ ली है। इसके चलते मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। वर्तमान अनुमान के अनुसार 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में दस्तक दे सकता है। हालांकि तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी।

    प्रदेश के कई जिलों में हाल के दिनों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। लेकिन इंदौर और उसके आसपास के इलाकों में इन गतिविधियों का प्रभाव बेहद सीमित रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के सक्रिय होते ही इंदौर में बारिश की स्थिति बेहतर होगी और लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

    फिलहाल शहरवासी आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और मानसून की पहली जोरदार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो न केवल तापमान में गिरावट लाएगी बल्कि लंबे समय से बनी उमस से भी राहत दिलाएगी।

  • इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों का महामंथन आज, खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूल खेती पर बनेगी साझा रणनीति

    इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों का महामंथन आज, खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूल खेती पर बनेगी साझा रणनीति


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इन दिनों अंतरराष्ट्रीय कृषि कूटनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। 9 से 13 जून तक आयोजित BRICS कृषि सम्मेलन के अंतिम दिन शनिवार को सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा।

    सम्मेलन के समापन दिवस से पहले शहर के मेघदूत उपवन में विकसित विशेष “ब्रिक्स वाटिका” में विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों और अतिथियों ने फलदार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री Bhagirath Choudhary, मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री Tulsi Silawat, इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargav तथा विधायक Ramesh Mendola सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

    ब्रिक्स वाटिका को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रतीक के रूप में विकसित किया गया है। यहां कुल 51 फलदार पौधे लगाए जाने की योजना बनाई गई है। उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह वाटिका आने वाले वर्षों में BRICS देशों की साझेदारी और हरित विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगी। इससे पहले इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान ग्लोबल गार्डन और यूरेशियन सम्मेलन के दौरान यूरेशिया गार्डन भी विकसित किए गए थे।

    मेघदूत उपवन को BRICS सम्मेलन के अनुरूप विशेष रूप से सजाया गया है। परिसर में “BRICS INDIA” थीम आधारित आकर्षक आइलैंड, गुलाब उद्यान, संगीतमय फाउंटेन, कमल थीम आधारित सजावट और आधुनिक लैंडस्केपिंग तैयार की गई है। साथ ही BRICS सदस्य देशों के राष्ट्रीय ध्वज भी लगाए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत कर रहे हैं।

    सम्मेलन के अंतिम दिन होने वाली कृषि मंत्रियों की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि कृषि क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करेंगे। विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आजीविका को मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा कृषि व्यापार को बढ़ावा देने, सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने और कृषि उत्पादकता सुधारने पर भी चर्चा होगी।

    बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि व्यवस्था को अधिक टिकाऊ और लचीला बनाना रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के बीच कृषि क्षेत्र को नई तकनीकों और वैज्ञानिक नवाचारों की आवश्यकता है। इसी दिशा में BRICS देश साझा अनुसंधान, तकनीकी साझेदारी और नवाचार आधारित कृषि मॉडल पर विचार करेंगे।

    शनिवार को सुबह 10 बजे से कृषि मंत्रियों की बैठक शुरू होगी। इसके बाद विभिन्न द्विपक्षीय बैठकों का दौर चलेगा। सम्मेलन के समापन पर सदस्य देशों की सहमति से एक साझा दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जिसमें कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक खाद्य संकट, जलवायु परिवर्तन और कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों के बीच इंदौर में आयोजित यह BRICS सम्मेलन भविष्य की कृषि नीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।

  • ‘वायरल गर्ल’ की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई टली, जन्म प्रमाण पत्र को लेकर उठी आपत्तियां; 23 जून को होगी अगली सुनवाई

    ‘वायरल गर्ल’ की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई टली, जन्म प्रमाण पत्र को लेकर उठी आपत्तियां; 23 जून को होगी अगली सुनवाई


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर स्थित Madhya Pradesh High Court में शुक्रवार को सोशल मीडिया पर चर्चित ‘वायरल गर्ल’ की याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनके जन्म और पहचान संबंधी दस्तावेजों में कथित रूप से हेरफेर कर उन्हें नाबालिग साबित करने की कोशिश की गई, जिससे उनकी वैध शादी को विवादित बनाया जा सके। हालांकि सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका में मौजूद कमियों और जन्म प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि को लेकर आपत्तियां दर्ज की गईं। इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आवश्यक सुधार करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित कर दी।

    याचिका में दावा किया गया है कि उनके जन्म रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव किया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनके पिता द्वारा जन्म संबंधी अभिलेखों में छेड़छाड़ कर उन्हें वास्तविक उम्र से कम दिखाने का प्रयास किया गया। याचिका के अनुसार छोटे भाई के दस्तावेजों को उनके दस्तावेज बताकर प्रस्तुत किया गया, जिससे उनकी आयु को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई। याचिकाकर्ता का कहना है कि वह बालिग हैं और उनके आधिकारिक रिकॉर्ड में कथित हस्तक्षेप की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

    मामले ने उस समय अधिक तूल पकड़ा जब मार्च 2026 में विवाह के बाद उनकी उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। याचिका में कहा गया है कि फिल्म शूटिंग के सिलसिले में केरल प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात एक युवक से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने विवाह कर लिया। विवाह के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस संबंध को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

    इसी बीच National Commission for Scheduled Tribes की ओर से विवाह के समय याचिकाकर्ता की उम्र को लेकर आशंका व्यक्त की गई थी। इसके बाद मामले में पुलिस जांच शुरू हुई और उपलब्ध शिकायतों एवं दस्तावेजों के आधार पर युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि उम्र संबंधी विवाद और दस्तावेजों की सत्यता का मुद्दा अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

    याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाह को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। याचिकाकर्ता और उनके पति ने अदालत से अनुरोध किया है कि मूल जन्म प्रमाण पत्र को बहाल किया जाए तथा रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

    शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता P. V. Dinesh वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत पक्ष ने याचिका में तकनीकी खामियों और जन्म प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि की स्पष्टता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद अदालत के समक्ष जन्म प्रमाण पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत की गई।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकीलों को निर्देश दिया कि वे याचिका में मौजूद त्रुटियों को दूर करें और दस्तावेजों की स्पष्ट एवं प्रमाणित प्रतियां रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करें। अदालत ने इसके लिए 10 दिन का समय प्रदान किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी, जहां संशोधित दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर आगे विचार किया जाएगा।

  • MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना

    MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की आहट के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी रफ्तार बढ़ा दी है और मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल रही है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। श्योपुर, सागर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी सहित कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर दिखाई दिया। सबसे ज्यादा नुकसान श्योपुर जिले में हुआ, जहां आंधी और बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में चार लोगों की जान चली गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सागर में आधा इंच पानी बरसा।

    मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, देवास, शाजापुर और आगर-मालवा सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप खिलने के आसार हैं।

    श्योपुर जिले के रजपुरा गांव में तेज हवाओं के कारण एक कच्ची दीवार गिर गई, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दब गए। इस हादसे में भीमा आदिवासी, उनकी पत्नी सीमा और बहू राजवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए राजस्थान रेफर किया गया है। वहीं जिले में ही तेज आंधी के दौरान एक ऑटो पलटने से एक महिला की भी मौत हो गई।

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। जबलपुर और सीहोर में हवा की रफ्तार सबसे अधिक 74 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई। भोपाल में 56, ग्वालियर में 57 और अशोकनगर में 59 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी ने भी जनजीवन को प्रभावित किया।

    हालांकि, जून माह में अब तक प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसतन 2 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके बाद मानसून की औपचारिक एंट्री होने पर बारिश का दायरा और व्यापक हो सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने के साथ किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

  • ‘सप्लीमेंट्री की कभी गुंजाइश नहीं रही’: राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल बोले- संगठन ने जो जिम्मेदारी दी, उसे परिणाम देकर साबित किया

    ‘सप्लीमेंट्री की कभी गुंजाइश नहीं रही’: राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल बोले- संगठन ने जो जिम्मेदारी दी, उसे परिणाम देकर साबित किया


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की निर्विरोध जीत के बाद राजधानी भोपाल में भाजपा प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान राज्यसभा सदस्य चुने गए Rajneesh Agrawal ने अपने राजनीतिक सफर, संगठन के भरोसे और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की।

    राजनीतिक जीवन और राज्यसभा में अपनी भूमिका को लेकर रजनीश अग्रवाल ने कहा कि देश के सामने प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो लक्ष्य रखा है, वही उनका भी विजन है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण में जो भी जिम्मेदारी उन्हें मिलेगी, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।

    अपने छात्र जीवन से लेकर वर्तमान तक के सफर पर उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा और आनंद के साथ निभाया। उनके अनुसार व्यक्ति को नियति द्वारा सौंपे गए कार्य को पूरी प्रतिबद्धता से करना चाहिए और परिणाम देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक के जीवन में उन्हें जो अवसर मिले, उनमें उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से काम किया।

    राज्यसभा और लोकसभा के पिछले चुनावों में नाम चर्चा में आने के बावजूद अवसर नहीं मिलने के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि पार्टी नेतृत्व का निर्णय सर्वोपरि होता है। उनके मुताबिक नेतृत्व परिस्थितियों और संगठन की जरूरतों के आधार पर निर्णय लेता है और एक कार्यकर्ता के रूप में उनका दायित्व उन निर्णयों का सम्मान करना है।

    बुंदेलखंड क्षेत्र से जुड़े होने के कारण क्षेत्रीय अपेक्षाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी मातृभूमि, गांव और क्षेत्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी हमेशा बनी रहेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल आश्वासन देने के बजाय परिणामों के आधार पर काम को परखा जाना चाहिए। जहां भी उनकी भूमिका होगी, वे अपनी जिम्मेदारी निभाने का पूरा प्रयास करेंगे।

    अपने जीवन की चुनौतियों और दिव्यांगता से जुड़े प्रश्न पर रजनीश अग्रवाल ने कहा कि संगठन और नेतृत्व ने उन पर हमेशा भरोसा जताया और कठिन से कठिन जिम्मेदारियां सौंपीं। उन्होंने कहा कि उन जिम्मेदारियों में असफलता की कोई गुंजाइश नहीं थी और उन्होंने हर बार परिणाम देकर उस भरोसे को साबित किया।

    उन्होंने कहा, “एक कार्यकर्ता से संगठन सौ प्रतिशत योगदान की अपेक्षा करता है। मेरा प्रयास हमेशा रहेगा कि मैं सौ प्रतिशत से भी अधिक देने की कोशिश करूं।” उनके अनुसार राज्यसभा सदस्य के रूप में मिली नई जिम्मेदारी भी संगठन के विश्वास का प्रतीक है और वे इस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

    राज्यसभा में प्रवेश के साथ अब रजनीश अग्रवाल की भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठनात्मक अनुभव और लंबे सार्वजनिक जीवन का लाभ उन्हें संसद में प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा।

  • धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे से पहले युकां-एनएसयूआई नेताओं को हिरासत में लिया गया, NEET मुद्दे पर प्रदर्शन की थी तैयारी

    धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे से पहले युकां-एनएसयूआई नेताओं को हिरासत में लिया गया, NEET मुद्दे पर प्रदर्शन की थी तैयारी


    मध्‍य प्रदेश । राजधानी भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उन्हें विरोध प्रदर्शन करने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई, जबकि पुलिस इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बता रही है।

    जानकारी के अनुसार युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता NEET परीक्षा और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने कई नेताओं को उनके घरों से तथा कुछ को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के आसपास से हिरासत में ले लिया।

    हिरासत में लिए गए नेताओं में युवक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अमित खत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार शामिल हैं। संगठन के अनुसार दोनों को उनके निवास स्थान से पुलिस अपने साथ ले गई। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया और अन्य कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने से हिरासत में लिया गया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे को भी कांग्रेस कार्यालय के बाहर से पुलिस ने हिरासत में लिया।

    युवक कांग्रेस और एनएसयूआई लंबे समय से NEET परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन के नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों से छात्रों का विश्वास प्रभावित हुआ है और इसी कारण वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

    इस बीच मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने भी केंद्रीय मंत्री के दौरे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही समस्याओं के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा है।

    सिंघार ने मऊगंज की छात्रा आकांक्षा के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

    उधर भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और गड़बड़ियों पर कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भोपाल में प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे हैं।

    फिलहाल हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई और संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।