Category: Madhya Pradesh

  • बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को मिला नया नेतृत्व, उज्जैन के प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया बने कुलगुरु, नियुक्ति आदेश जारी

    बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को मिला नया नेतृत्व, उज्जैन के प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया बने कुलगुरु, नियुक्ति आदेश जारी


    भोपाल । भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय यानी बीयू को नया कुलगुरु मिल गया है। मध्य प्रदेश के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया को विश्वविद्यालय का नया कुलगुरु नियुक्त किया है। इस संबंध में 14 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किया गया। नियुक्ति के साथ ही विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी अब प्रोफेसर बेड़िया के पास होगी। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से चार वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगा। इन दोनों में से जो भी अवधि पहले पूरी होगी उसी के आधार पर उनका कार्यकाल समाप्त होगा। इस नियुक्ति को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया वर्तमान में उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंधन संस्थान में व्यवसाय प्रबंधन के प्रोफेसर हैं। अब उन्हें प्रदेश की राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुलगुरु का पद किसी भी विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस पद पर नियुक्त व्यक्ति संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्था का नेतृत्व करता है। पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाने से लेकर विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन और प्रशासनिक फैसलों तक कुलगुरु की भूमिका अहम रहती है। ऐसे में प्रोफेसर बेड़िया के सामने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

    राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक प्रोफेसर बेड़िया का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से चार साल के लिए निर्धारित किया गया है। हालांकि यदि इस अवधि के दौरान उनकी उम्र 70 वर्ष पूरी हो जाती है तो उनका कार्यकाल उसी समय समाप्त हो जाएगा। इसका अर्थ है कि चार साल की अवधि और 70 वर्ष की आयु में से जो भी पहले पूरी होगी वही नियुक्ति की अंतिम समय सीमा होगी। उनकी नियुक्ति मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 13 की उपधारा एक के तहत की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी सेवा शर्तें और अन्य नियम विश्वविद्यालय के परिनियम एक के अनुसार निर्धारित होंगे।

    नियुक्ति आदेश में पुलिस सत्यापन और शैक्षणिक सहित अन्य दस्तावेजों की जांच से जुड़ी शर्तें भी शामिल की गई हैं। प्रोफेसर बेड़िया को अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार यदि सत्यापन के दौरान उन्हें सेवा के लिए अयोग्य पाया जाता है तो उनकी नियुक्ति समाप्त की जा सकती है। संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति आदेश की प्रतियां मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित विश्वविद्यालयों सहित अन्य अधिकारियों को भेजी गई हैं। आदेश को राजपत्र में प्रकाशित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में शामिल है। नए कुलगुरु की नियुक्ति के बाद विश्वविद्यालय की शैक्षणिक योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर नजर रहेगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के कामकाज का समन्वय भी कुलगुरु की जिम्मेदारियों में शामिल होगा। प्रोफेसर दीन दयाल बेड़िया के पदभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय के आगामी कार्यक्रमों और प्रशासनिक दिशा को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल राज्यपाल की ओर से उनकी नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया है और निर्धारित नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


  • जल संकट के बीच इंदौर में लाखों लीटर पानी सड़क पर बहा, ट्रक की टक्कर से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, टैंकरों से हो रही सप्लाई

    जल संकट के बीच इंदौर में लाखों लीटर पानी सड़क पर बहा, ट्रक की टक्कर से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, टैंकरों से हो रही सप्लाई


    इंदौर । इंदौर में नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने से बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होने का मामला सामने आया है। शहर में जहां एक ओर जल संकट और पानी की जरूरत को लेकर चिंता बनी हुई है वहीं दूसरी ओर बायपास स्थित भंडारी रिसोर्ट के पास पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी सड़क पर बहने लगा। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक ट्रक के वॉल से टकराने के कारण पाइपलाइन में लीकेज हुआ। पानी का दबाव इतना अधिक था कि तेज धार सड़क से ऊपर उठकर पास के ब्रिज तक पहुंच गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और नगर निगम की टीम को मरम्मत के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।

    नगर निगम के एमआईसी सदस्य के मुताबिक पाइपलाइन में लीकेज के कारण करीब तीन से चार एमएलडी पानी बर्बाद होने का अनुमान है। एमएलडी यानी मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी की मात्रा मापने की इकाई है। इस अनुमान के अनुसार नुकसान काफी बड़ा हो सकता है। हालांकि पानी की वास्तविक बर्बादी का आकलन संबंधित अधिकारियों की जांच और मरम्मत की स्थिति के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और सुधार कार्य शुरू कर दिया गया। टीम का प्रयास है कि लीकेज को जल्द से जल्द बंद कर जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य किया जा सके।

    इस घटना का असर शहर के करीब आठ क्षेत्रों की जलापूर्ति पर पड़ा है। पाइपलाइन में खराबी के चलते प्रभावित इलाकों में पानी कम दबाव और कम मात्रा में पहुंच रहा है। इससे स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं ताकि लोगों को पीने और अन्य जरूरी कामों के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद जलापूर्ति को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल लोगों को नियमित आपूर्ति बहाल होने तक वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान ट्रक के वॉल से टकराने को पाइपलाइन में लीकेज की वजह बताया जा रहा है। इस घटना ने निर्माण कार्यों के दौरान भूमिगत और मुख्य जल पाइपलाइनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में विकास कार्यों के साथ जरूरी सेवाओं से जुड़ी पाइपलाइनों की स्थिति और उनकी सुरक्षा पर ध्यान देना भी अहम है। यदि निर्माण स्थल पर पाइपलाइन की सही पहचान और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों तो इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि इस मामले में जिम्मेदारी और घटना की परिस्थितियों से जुड़ी पूरी जानकारी संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

    जल संकट के बीच पानी की इतनी बड़ी मात्रा के बर्बाद होने की आशंका ने जल संरक्षण की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। नर्मदा का पानी इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मुख्य पाइपलाइन में खराबी का असर कई इलाकों तक पहुंच सकता है। ऐसे में मरम्मत कार्य को समय पर पूरा करना और प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक जलापूर्ति बनाए रखना नगर निगम के लिए अहम है। फिलहाल निगम की टीम लीकेज सुधारने में जुटी है और टैंकरों के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पाइपलाइन की मरम्मत कब तक पूरी होती है और आठ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की नियमित आपूर्ति कब बहाल हो पाती है।

  • भिंड से कानपुर तक खूनी साजिश का खुलासा, नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कबूली, पचनदा में शव की तलाश जारी

    भिंड से कानपुर तक खूनी साजिश का खुलासा, नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कबूली, पचनदा में शव की तलाश जारी


    भिंड 
    । मध्य प्रदेश के भिंड में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक शादीशुदा युवक पर अपनी लिव-इन पार्टनर और नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने पहले युवती के लापता होने की सूचना दर्ज कराई और मामले को गुमशुदगी का रूप देने की कोशिश की। हालांकि पुलिस की पड़ताल और सख्ती के बाद उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि स्नेहलता की हत्या करने के बाद उसके शव को उत्तर प्रदेश के पचनदा क्षेत्र में नदी में फेंक दिया गया। फिलहाल पुलिस की टीम शव की तलाश में जुटी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा है और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क बिहार निवासी स्नेहलता से हुआ था। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे और उनका एक बेटा भी हुआ। पुलिस के मुताबिक समय के साथ आरोपी और उसकी पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा था। इसी पारिवारिक तनाव के बीच सत्यप्रकाश ने कथित तौर पर स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। बताया गया है कि 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को अपनी पत्नी के हवाले कर दिया। इसके बाद वह स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया।

    पुलिस की जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक इस यात्रा में एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य व्यक्ति भी साथ थे। आरोप है कि रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और उसके शव को पचनदा के पास नदी में फेंक दिया गया। हालांकि पुलिस अभी शव की तलाश कर रही है। शव बरामद होने और अन्य साक्ष्य सामने आने के बाद घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि में मदद मिल सकती है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित वारदात में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही और घटना को अंजाम देने के पीछे किन परिस्थितियों ने असर डाला।

    मामले को छिपाने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर गुमशुदगी की कहानी तैयार की। उसने भिंड की सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। इतना ही नहीं उसने इस संबंध में पर्चे भी छपवाए। शुरुआत में यह मामला युवती के लापता होने से जुड़ा नजर आया लेकिन पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ के दौरान आरोपी के बयान में सामने आई जानकारी के बाद मामला हत्या की आशंका से जुड़ गया और पुलिस ने शव की तलाश शुरू कर दी।

    सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के अनुसार लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है और शव की तलाश की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य अहम होंगे। शव मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच को दिशा मिल सकती है।

  • ग्वालियर में कृषि शिक्षा के मेधावियों को मिलेगी बड़ी सौगात, 666 छात्र-छात्राओं को उपाधियां, नई सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का शुभारंभ

    ग्वालियर में कृषि शिक्षा के मेधावियों को मिलेगी बड़ी सौगात, 666 छात्र-छात्राओं को उपाधियां, नई सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का शुभारंभ


    ग्वालियर । ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आज 15 अक्टूबर को 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह का आयोजन दोपहर 3:30 बजे विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में किया जाएगा। इस दौरान कृषि शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले 666 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव भी मनाया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना और भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

    दीक्षांत समारोह से पहले विश्वविद्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण सुविधा का लोकार्पण भी किया जाएगा। दोपहर 3:15 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल कृषि महाविद्यालय स्थित सीएआईआई यानी CAII में नवीन सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन करेंगे। इस यूनिट को CPU के नाम से जाना जाता है। इसके शुरू होने से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रसंस्करण संबंधी गतिविधियों को नई सुविधा मिलने की उम्मीद है। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद राज्यपाल मुख्य दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। इस तरह एक ही दिन विश्वविद्यालय में नई सुविधा की शुरुआत और विद्यार्थियों के सम्मान से जुड़े दो महत्वपूर्ण आयोजन होंगे।

    दीक्षांत समारोह में कुल 666 विद्यार्थियों को उपाधियां दी जाएंगी। इनमें 345 स्नातक यानी यूजी के विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा 294 स्नातकोत्तर यानी पीजी विद्यार्थियों और 27 पीएचडी शोधार्थियों को भी डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। यह समारोह उन विद्यार्थियों के लिए खास होगा जिन्होंने अपनी पढ़ाई और शोध के जरिए निर्धारित शैक्षणिक लक्ष्य हासिल किए हैं। डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके परिजन भी सभागार में मौजूद रहेंगे और इस उपलब्धि के साक्षी बनेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान चार विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। इनमें स्नातक स्तर के दो विद्यार्थी शामिल होंगे जबकि स्नातकोत्तर और पीएचडी श्रेणी से एक-एक विद्यार्थी को स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा। गोल्ड मेडल के जरिए उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मान्यता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त तीन विद्यार्थियों को सिरताज बहादुर सिन्हा स्मृति नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे भी बेहतर प्रदर्शन और कृषि क्षेत्र में नए अवसरों की तलाश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

    विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अरविंद कुमार शुक्ला के अनुसार समारोह में उन विद्यार्थियों को उपाधियां दी जाएंगी जिन्होंने 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच अपनी डिग्री पूरी की है। दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है क्योंकि इस दिन विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत को औपचारिक मान्यता मिलती है। ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाला यह समारोह भी विद्यार्थियों के लिए यादगार रहेगा। गोल्ड मेडल और स्मृति पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखेगी जबकि नई सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का लोकार्पण विश्वविद्यालय की सुविधाओं में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • भोपाल से इंदौर और जबलपुर तक उद्योगों का नया नेटवर्क, 30 दिन में बनेगी कंपनी, 3 लाख करोड़ के निवेश की तैयारी

    भोपाल से इंदौर और जबलपुर तक उद्योगों का नया नेटवर्क, 30 दिन में बनेगी कंपनी, 3 लाख करोड़ के निवेश की तैयारी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कॉरिडोर के एकीकृत विकास के लिए नई कंपनी के गठन को मंजूरी दी गई है। जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड राज्य शासन के स्वामित्व में काम करेगी। सरकार कंपनी को शुरुआती अंश पूंजी के रूप में 100 करोड़ रुपए देगी। इसका उद्देश्य उद्योगों के लिए नियोजित औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

    कैबिनेट में प्रस्तुत योजना के मुताबिक जबलपुर भोपाल और इंदौर को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर में पहले चरण के दौरान 10 हजार एकड़ क्षेत्र में तीन से पांच प्राथमिक औद्योगिक हब विकसित किए जाएंगे। सरकार ने मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। इससे एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। योजना के अगले तीन वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश आकर्षित करने और छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर तैयार करने का लक्ष्य भी रखा गया है। ये सभी आंकड़े फिलहाल सरकार की प्रस्तावित योजना और अनुमानित लक्ष्यों का हिस्सा हैं।

    कॉरिडोर में विकसित होने वाले औद्योगिक हब को प्लग एंड प्ले सुविधा के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसका मतलब है कि निवेशकों को उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। इनमें जमीन बिजली पानी सड़क सीवरेज और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा श्रमिकों के लिए आवास अस्पताल स्कूल कौशल विकास केंद्र और हरित क्षेत्र विकसित करने की भी योजना है। इन सुविधाओं के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा और उद्योग लगाने वाली कंपनियों को शुरुआती तैयारियों में मदद मिलने की उम्मीद है।

    परियोजना से प्रदेश के सात जिलों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने की योजना है। इनमें जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन भोपाल सीहोर देवास और इंदौर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में इंजीनियरिंग मैन्युफैक्चरिंग रक्षा और एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स फूड प्रोसेसिंग वेयरहाउसिंग आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। पर्यटन और सहायक औद्योगिक इकाइयों को भी बढ़ावा देने की योजना का हिस्सा बताया गया है। इससे स्थानीय कारोबार और संबंधित सेवाओं को भी लाभ मिलने की संभावना है।

    सरकार ने परियोजना के लिए समयसीमा भी तय की है। कैबिनेट में दी गई जानकारी के अनुसार अगले 30 दिनों में नई कंपनी का गठन करने का लक्ष्य है। छह महीने के भीतर पूरे कॉरिडोर की जीआईएस मैपिंग और लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। इसके बाद एक साल के भीतर प्राथमिक औद्योगिक हब का मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। कंपनी उद्योगों के लिए जमीन और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था तथा निवेश आकर्षित करने पर ध्यान देगी। सड़क निर्माण की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों के पास रहेगी।

    नई कंपनी मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम यानी एमपीआईडीसी से अलग भूमिका निभाएगी। एमपीआईडीसी प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का काम जारी रखेगा जबकि नई कंपनी सात जिलों में फैली इस विशेष कॉरिडोर परियोजना पर केंद्रित रहेगी। भूमि व्यवस्था के मामले में पहले सरकारी जमीन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि सहमति से खरीदने या कानून के अनुसार अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास देने की बात भी कही गई है। वन भूमि वाले क्षेत्रों में जरूरी सरकारी स्वीकृतियों और वनीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही काम आगे बढ़ सकेगा।

  • शिवपुरी में 7 साल की अवनी पर कुत्ते का हमला, चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें, जिला अस्पताल में इलाज जारी

    शिवपुरी में 7 साल की अवनी पर कुत्ते का हमला, चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें, जिला अस्पताल में इलाज जारी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के ककरा गांव में बुधवार शाम कुत्ते के हमले की घटना सामने आई है। घर के बाहर खेल रही सात साल की बच्ची अवनी आदिवासी पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्ची के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। उसकी चीख सुनकर नानी मौके पर पहुंचीं और उसे कुत्ते से बचाया। इसके बाद परिजन घायल बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसके मुंह पर आठ टांके लगाए हैं। फिलहाल बच्ची अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।

    जानकारी के मुताबिक अवनी के पिता राम अवतार आदिवासी और मां बुधवार को मजदूरी करने के लिए शिवपुरी गए हुए थे। बच्ची घर पर अपनी नानी के साथ थी। शाम के समय अवनी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गांव के एक कुत्ते ने उस पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि बच्ची के चेहरे और मुंह पर चोटें आ गईं। अचानक हुए हमले से बच्ची घबरा गई और जोर-जोर से चीखने लगी।

    बच्ची की आवाज सुनकर उसकी नानी तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अवनी को कुत्ते से बचाया और परिजनों की मदद से उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। घायल बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी चोटों का उपचार किया। मुंह पर गंभीर घाव होने के कारण आठ टांके लगाए गए। घटना के बाद परिवार के लोग बच्ची की हालत को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज जारी है।

    ग्रामीण इलाकों में बच्चे अक्सर घरों के आसपास खेलते हैं। ऐसे में कुत्तों के अचानक हमले की घटनाएं परिवारों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। इस मामले में बच्ची के माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे और वह अपनी नानी के साथ घर पर थी। यदि नानी समय पर मौके पर नहीं पहुंचतीं तो बच्ची को और गंभीर चोटें लग सकती थीं। हालांकि हमले की परिस्थितियों और कुत्ते के व्यवहार से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आना बाकी है।

    कुत्ते के काटने या चेहरे पर हमला करने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी होता है। घाव को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार रेबीज से बचाव के टीके तथा अन्य जरूरी उपचार कराना चाहिए। गंभीर घावों में देरी किए बिना अस्पताल पहुंचना महत्वपूर्ण है। अवनी के मामले में परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसका उपचार शुरू किया गया।

    फिलहाल सात साल की अवनी आदिवासी जिला अस्पताल में भर्ती है। इस घटना ने गांव में बच्चों की सुरक्षा और कुत्तों के हमलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार और आगे के उपचार को लेकर परिवार की नजर डॉक्टरों की निगरानी पर है।

  • शिवपुरी के मनियर में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने आए परिजन भी घायल, पुलिस जांच में जुटी

    शिवपुरी के मनियर में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने आए परिजन भी घायल, पुलिस जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के मनियर क्षेत्र में घर के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। बुधवार 14 अक्टूबर की देर शाम शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना में महिलाओं और युवकों समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों और घटना के दौरान हुए घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।

    जानकारी के अनुसार मनियर निवासी पांचो बाई कुशवाह ने अपनी शिकायत में बताया कि 14 अक्टूबर की शाम वह अपनी सास भग्गो बाई के साथ घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान लच्छी राठौर अमन राठौर अंजू राठौर और परमा राठौर वहां पहुंचे। पांचो बाई का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते इन लोगों ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और कथित तौर पर उनके बेटे विकास तथा सास भग्गो बाई के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान परिवार के सदस्यों को चोटें आईं।

    आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की। पांचो बाई के अनुसार विवाद के बाद जब परिवार के सदस्य शिकायत करने के लिए जा रहे थे तभी दूसरे पक्ष के कुछ परिजन भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान राकेश कुशवाह पंकज रचना और रजनी के साथ मारपीट की गई। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि किस व्यक्ति को कितनी चोट आई और मारपीट के दौरान घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया जा रहा है कि विवाद की वजह घर के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा करने को लेकर हुई कहासुनी थी। वहीं शिकायत में पुरानी रंजिश का आरोप भी लगाया गया है। ऐसे में पुलिस को यह जांचना होगा कि घटना वाहन खड़ा करने को लेकर तत्काल हुए विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे पहले से चला आ रहा कोई विवाद भी शामिल था। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। क्रॉस एफआईआर का मतलब है कि एक ही घटना के संबंध में दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इससे पुलिस को दोनों पक्षों के आरोपों की जांच करने और घटना की परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलेगा। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

    मनियर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद को लेकर चर्चा है। घर के बाहर वाहन खड़ा करने जैसे मुद्दे पर शुरू हुई कहासुनी के मारपीट तक पहुंचने से कई लोग घायल हुए। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • शिवपुरी में पति-पत्नी के विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, पत्नी कुएं में कूदी, आधे घंटे तक ग्रामीणों की अटकी रहीं सांसें

    शिवपुरी में पति-पत्नी के विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, पत्नी कुएं में कूदी, आधे घंटे तक ग्रामीणों की अटकी रहीं सांसें


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के सहरिया गांव में पति-पत्नी के बीच विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बुधवार दोपहर हुई कहासुनी के बाद एक महिला स्कूल के पास बने गहरे कुएं में कूद गई। महिला को कुएं में उतरता देख पति ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की और रस्सी डाली लेकिन वह बाहर आने के लिए तैयार नहीं हुई। बताया गया कि महिला इस बात से नाराज थी कि उसका पति घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा देता था। करीब आधे घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। आखिरकार पति ने सबके सामने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगी जिसके बाद महिला कुएं से बाहर आने को तैयार हुई।

    जानकारी के मुताबिक सहरिया गांव में रहने वाले जितेंद्र वंशकार खेती-किसानी करते हैं। परिवार में उनके वृद्ध माता-पिता के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा है। ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। आरोप है कि जितेंद्र अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और इसी वजह से कई बार घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा देता था। इस व्यवहार से महिला नाराज थी। बुधवार दोपहर भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने के बाद महिला घर से निकलकर स्कूल के पास स्थित गहरे कुएं में कूद गई।

    महिला के कुएं में उतरने की जानकारी मिलते ही पति ने उसे बचाने का प्रयास किया। उसने कुएं में रस्सी डाली और पत्नी से बाहर आने को कहा लेकिन महिला ने इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक उसने शर्त रखी कि जब तक पति ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़कर माफी नहीं मांगेगा तब तक वह कुएं से बाहर नहीं आएगी। इस बीच मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रस्सी और चारपाई भी अंदर डाले जाने की जानकारी सामने आई है। कुएं में महिला के करीब आधे घंटे तक रहने से मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई।

    आखिरकार पति ने ग्रामीणों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कान पकड़कर अपनी गलती स्वीकार करने का प्रयास किया। इसके बाद महिला शांत हुई और कुएं से बाहर निकल आई। घटना के दौरान किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रही। हालांकि महिला के बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। यह स्पष्ट नहीं है कि दंपती के बीच पहले हुए विवादों को लेकर कभी पुलिस या किसी अन्य स्तर पर शिकायत की गई थी या नहीं।

    दिनारा थाना प्रभारी रवींद्र कुशवाहा के मुताबिक फिलहाल महिला या उसके परिवार की ओर से पुलिस थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि यदि महिला या उसका परिवार शिकायत लेकर आता है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के पास औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है इसलिए घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

    यह घटना घरेलू विवाद के दौरान पैदा हुई गंभीर स्थिति को सामने लाती है। कुएं जैसे खतरनाक स्थान पर पहुंचना महिला की जान के लिए जोखिम भरा हो सकता था। ऐसे मामलों में विवाद बढ़ने पर सुरक्षित तरीके से मदद लेना और जरूरत पड़ने पर पुलिस या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करना जरूरी है। फिलहाल महिला के कुएं से सुरक्षित बाहर आने के बाद आगे की स्थिति पर नजर है और पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।

  • सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार

    सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के कोर्ट रोड स्थित दुर्गा टॉकीज के पास बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथ में हंसिया लेकर पहुंचे एक युवक ने दो भाइयों के साथ गाली-गलौज करते हुए हमला करने का प्रयास किया। आरोप है कि युवक नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराते हुए दोनों भाइयों की ओर बढ़ा। अपनी सुरक्षा के लिए दोनों भाइयों ने उसे पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक सवार दो युवक दुर्गा टॉकीज के पास पहुंचे थे। इनमें से एक युवक के हाथ में हंसिया था। आरोप है कि उसने नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े नीरज शर्मा तथा उनके भाई के पास पहुंचकर गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि युवक ने दोनों भाइयों पर हंसिया से हमला करने की कोशिश भी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

    बताया गया कि अपनी सुरक्षा के लिए नीरज शर्मा और उनके भाई ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने युवक के बंधे हुए पैर खोले और उसे अपने वाहन से थाने ले गई। मौके पर हुई इस कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ लगी रही। हालांकि घटनास्थल पर युवक को पकड़ने के दौरान क्या-क्या हुआ इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    हंगामा करने वाले युवक की पहचान दीपक नामदेव निवासी कृष्णपुरम कॉलोनी के रूप में बताई गई है। वह बाइक पर एक अन्य युवक के साथ वहां पहुंचा था। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद दूसरा युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसके साथी के बारे में जानकारी जुटा सकती है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर सकती है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दीपक नामदेव ने नीरज शर्मा और उनके भाई पर हमला करने का प्रयास क्यों किया। जानकारी के अनुसार नीरज शर्मा ने भी आरोपी को पहचानने से इनकार किया है। ऐसे में विवाद की वजह सामने आना बाकी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दोनों भाइयों के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    दुर्गा टॉकीज के पास रात के समय हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक के साथ मौके पर मौजूद दूसरे व्यक्ति की भूमिका भी स्पष्ट होना बाकी है।

  • डेयरी के बैनर पर मार्कर फेरने से भड़का विवाद, संचालक ने भाई और मां के साथ की मारपीट, चार लोगों पर केस

    डेयरी के बैनर पर मार्कर फेरने से भड़का विवाद, संचालक ने भाई और मां के साथ की मारपीट, चार लोगों पर केस


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में एक डेयरी के बैनर पर काले मार्कर से निशान बनाए जाने को लेकर दो डेयरी संचालकों के बीच विवाद हो गया। बुधवार रात शुरू हुआ यह विवाद मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि एक डेयरी संचालक अपने तीन साथियों के साथ दूसरे संचालक के घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर संचालक और उसके भाई के साथ लात-घूंसों तथा लाठियों से मारपीट की गई। बीच-बचाव करने आई उनकी मां को भी नहीं बख्शा गया। घटना में गगन धाकड़ घायल हो गया जिसे उपचार के लिए कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार कोलारस में गगन धाकड़ और रवि धाकड़ डेयरी का संचालन करते हैं। गगन धाकड़ के मुताबिक पड़ोसी रवि धाकड़ की डेयरी के बैनर पर किसी ने काले मार्कर से निशान बना दिए थे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि रवि धाकड़ अपने साथियों वीरू धाकड़ रामकृष्ण धाकड़ और सनी देवल जाटव के साथ गगन के घर पहुंच गया। वहां पहुंचकर उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। बैनर पर निशान किसने बनाए थे और इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    गगन धाकड़ के अनुसार जब उसके भाई राज धाकड़ ने गाली देने से मना किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि चारों लोगों ने गगन और राज के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों पर लात-घूंसे चलाए गए और लाठियों से भी हमला किया गया। घर में मौजूद मां राजकुमारी धाकड़ जब बेटों को बचाने के लिए बीच में आईं तो उनके साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। मारपीट में गगन धाकड़ घायल हुआ जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    घटना की सूचना मिलने पर कोलारस पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद राज धाकड़ की शिकायत पर रवि धाकड़ वीरू धाकड़ रामकृष्ण धाकड़ और सनी देवल जाटव के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। घटना के पीछे बैनर पर मार्कर से निशान बनाने का विवाद बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच में दोनों पक्षों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी।

    स्थानीय स्तर पर एक बैनर पर निशान बनाए जाने जैसी बात से शुरू हुआ विवाद परिवार के सदस्यों के साथ कथित मारपीट तक पहुंच गया। मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच के नतीजों पर नजर रहेगी। फिलहाल चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है और मामले की आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी।