Category: Madhya Pradesh

  • राजधानी भोपाल बना किसान आंदोलन का केंद्र सड़क पर हवन भोजन और अर्धनग्न प्रदर्शन सीएम हाउस की सुरक्षा कड़ी कई रास्ते बंद

    राजधानी भोपाल बना किसान आंदोलन का केंद्र सड़क पर हवन भोजन और अर्धनग्न प्रदर्शन सीएम हाउस की सुरक्षा कड़ी कई रास्ते बंद


    भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर किसान आंदोलन का केंद्र बन गई है। मूंग की सरकारी खरीदी ई टोकन व्यवस्था में सुधार न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और अन्य कृषि संबंधी मांगों को लेकर हजारों किसान दूसरे दिन भी आंदोलन पर डटे हुए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन ने अब और उग्र रूप ले लिया है। सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने के लिए कई किसान अर्धनग्न होकर धरने पर बैठे हैं जबकि प्रदर्शन स्थल पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन कर सरकार से किसानों के हित में निर्णय लेने की प्रार्थना भी की गई।

    किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई खेती की बढ़ती लागत और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। मूंग की पूरी सरकारी खरीदी सुनिश्चित करने ई टोकन प्रणाली को पारदर्शी बनाने और सभी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी वजह से किसानों ने राजधानी में डेरा डालकर आंदोलन को निर्णायक रूप देने का फैसला किया है।

    धरना स्थल पर किसानों का जीवन भी संघर्ष की मिसाल बन गया है। कई किसान पूरी रात खुले आसमान के नीचे रहे और सुबह जहां जगह मिली वहीं आराम करते नजर आए। दोपहर होते ही कई समूहों ने सड़क किनारे चूल्हे जलाए और दाल बाटी बनाकर सामूहिक भोजन किया। किसानों का कहना है कि वे लंबी लड़ाई के लिए तैयार होकर आए हैं और मांगें पूरी होने तक वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं को भी प्रदर्शन स्थल पर आकर उनके साथ भोजन करने और उनकी समस्याएं सुनने का निमंत्रण दिया।

    आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में महिलाएं प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारे लिखे। उन्होंने किसानों के संघर्ष को परिवार और समाज की लड़ाई बताते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

    सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए किसानों ने सद्बुद्धि यज्ञ भी किया। यज्ञ के माध्यम से उन्होंने प्रार्थना की कि सरकार किसानों की पीड़ा को समझे और उनकी जायज मांगों को जल्द स्वीकार करे। कई किसानों ने अपनी आर्थिक बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है और यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।

    किसानों के मुख्यमंत्री आवास घेराव के ऐलान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एम्स के पास वीर सावरकर सेतु सहित कई संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और यातायात को दूसरे रास्तों से मोड़ा जा रहा है। इसके कारण होशंगाबाद रोड एम्स बंसल प्लाजा कटारा हिल्स और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रही जिससे आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और यातायात पर दबाव कम हो।

    फिलहाल राजधानी में आंदोलन और प्रशासन दोनों आमने सामने की स्थिति में हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। अब प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार किसानों से बातचीत कर कोई समाधान निकालती है या आंदोलन और तेज होता है।

  • MP में फिर IAS अफसरों के तबादले, 3 जिलों को मिले नए कलेक्टर

    MP में फिर IAS अफसरों के तबादले, 3 जिलों को मिले नए कलेक्टर


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 8 अधिकारियों के तबादले किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत तीन जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जबकि कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां और अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं। इस फेरबदल का सबसे ज्यादा असर छतरपुर, बालाघाट और रतलाम जिलों में देखने को मिला है।

    नई नियुक्तियों के तहत पार्थ जायसवाल (2015 बैच) को छतरपुर कलेक्टर पद से हटाकर शहडोल का कलेक्टर बनाया गया है। वहीं, मृणाल मीणा (2015 बैच) को बालाघाट से स्थानांतरित कर छतरपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। कुमार सत्यम (2017 बैच), जो अब तक ग्वालियर में अपर कलेक्टर थे, उन्हें बालाघाट जिले की कमान सौंपी गई है।

    रतलाम कलेक्टर को मिली नई जिम्मेदारी
    मिशा सिंह (2016 बैच) को रतलाम कलेक्टर पद से हटाकर भोपाल में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अपर आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले जारी तबादला सूची में उनकी जगह अजय काटेसरिया को रतलाम कलेक्टर नियुक्त किया जा चुका है।

    अदिति गर्ग को स्किल डेवलपमेंट की जिम्मेदारी
    अदिति गर्ग (2015 बैच) को मंदसौर कलेक्टर पद से भोपाल बुलाकर मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की परियोजना संचालक और मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

    अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां
    तबादला आदेश के अनुसार दिनेश जैन (2011 बैच) को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है। वहीं, गिरीश शर्मा (2011 बैच) को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि अंकित अस्थाना (2014 बैच) को कर्मचारी चयन मंडल, मध्य प्रदेश का संचालक नियुक्त किया गया है।

    स्वरोचिष सोमवंशी को मिला अतिरिक्त प्रभार
    राज्य सरकार ने स्वरोचिष सोमवंशी (2012 बैच) को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव तथा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई 2026 को जारी पूर्व पदस्थापन आदेशों में संशोधन करते हुए यह नई तबादला सूची तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

  • अपनी मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे किसान, सड़क पर बनाई दाल-बाटी, सीएम हाउस का घेराव करने पर अड़े

    अपनी मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे किसान, सड़क पर बनाई दाल-बाटी, सीएम हाउस का घेराव करने पर अड़े


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग की फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर पूरी खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत मालवा और नर्मदापुरम संभाग के 19 किसान संगठनों के बैनर तले हजारों किसान भोपाल पहुंच गए हैं। प्रदर्शनकारी वीर सावरकर सेतु पर डटे हुए हैं, जहां उन्होंने सड़क किनारे कंडों पर दाल-बाटी बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

    किसानों का कहना है कि लंबा आंदोलन जारी रखने के लिए वे अपने साथ भोजन की पूरी व्यवस्था लेकर आए हैं। सड़क किनारे कंडों पर बाटियां सेंकी जा रही हैं और दाल तैयार की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan और मुख्यमंत्री Mohan Yadav को भी दाल-बाटी खाने का आमंत्रण दिया है।

    किसानों के आंदोलन को देखते हुए कलेक्टर ने नर्मदापुरम रोड स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर के आदेश के बाद क्षेत्र के सभी स्कूल आज बंद रहेंगे। किसानों का बुधवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का दावा है। किसान मूंग की 100% सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि वे मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देंगे और मांगें पूरी होने तक वापस नहीं लौटेंगे।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली ही बना ठिकाना
    आंदोलन में शामिल किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ही भोजन, बिस्तर और जरूरी सामान लेकर आए हैं। उनका कहना है कि पुलिस जहां रोकेगी या रात जहां होगी, वहीं ट्रॉली में रुक जाएंगे, लेकिन मांगें पूरी होने तक वापस नहीं लौटेंगे। आंदोलन के चलते भोपाल-नागपुर मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ है।

    सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा
    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने मंत्रालय में किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मूंग खरीदी सहित किसानों के सभी मुद्दों पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है और सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।

    क्या है किसानों की मुख्य मांग?
    किसान संगठनों का आरोप है कि सरकार की मौजूदा नीति के तहत प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग ही समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है, जबकि एक एकड़ में औसतन 4 से 5 क्विंटल उत्पादन होता है। सरकार ने मूंग का MSP ₹8,668 प्रति क्विंटल तय किया है।

    खुले बाजार में भारी नुकसान
    खरीदी की सीमा तय होने के कारण किसानों को बची हुई उपज खुले बाजार में ₹4,000 से ₹5,500 प्रति क्विंटल के भाव पर बेचनी पड़ रही है। किसानों का दावा है कि इससे उन्हें हर क्विंटल पर ₹3,000 से ₹4,000 तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    हनुमान चालीसा के साथ शुरू हुआ मार्च
    संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन की शुरुआत नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर धरना और हनुमान चालीसा के पाठ से हुई। तिरंगा हाथ में लेकर और “जय जवान, जय किसान” के नारे लगाते हुए किसान बुधनी होते हुए भोपाल पहुंचे। रास्ते में प्रशासन ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत से कोई समाधान नहीं निकल सका।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ा जोर, 5 जिलों में अति भारी और 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून ने पकड़ा जोर, 5 जिलों में अति भारी और 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है। वहीं देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर और छतरपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी हिस्से में सक्रिय एक अन्य चक्रवाती सिस्टम के कारण मजबूत मौसमीय परिस्थितियां बनी हुई हैं। यह सिस्टम ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में व्यापक बारिश करा रहा है। आने वाले दिनों में इसके कमजोर होकर पहले अवदाब और फिर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

    इन जिलों में भी होगी बारिश
    बुधवार को भोपाल, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।

    मंगलवार को भी कई जिलों में बरसे बादल
    मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि मुरैना समेत कई जिलों में तेज वर्षा रिकॉर्ड की गई। रात के समय भी कई इलाकों में मौसम सक्रिय बना रहा।

    अब तक 17% कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 13.6 इंच (345.9 मिमी) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि तक 16.5 इंच (418.4 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में फिलहाल 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, लगातार सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में इस कमी के घटने की उम्मीद है।

    1 अगस्त तक रहेगा असर
    मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मानसूनी सिस्टम का प्रभाव 1 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • मप्र में किसान आंदोन के बीच मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह को लिखा पत्र

    मप्र में किसान आंदोन के बीच मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह को लिखा पत्र


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन के बीच ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश के लिए तय मूंग खरीदी के लक्ष्य को 4.54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया है।

    कृषि मंत्री कंषाना ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश सरकार ने 14 मई और 3 जुलाई 2026 को ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए केंद्र सरकार को 8.06 लाख मीट्रिक टन खरीदी का प्रस्ताव भेजा था। इसके मुकाबले केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए 4.54 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा करीब 14.30 लाख हेक्टेयर है। अनुमानित उत्पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के आधार पर कुल उत्पादन करीब 20.16 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत यानी 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए।

    कृषि मंत्री के अनुसार, पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया था, जबकि प्रदेश में वास्तविक खरीदी 7.72 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची थी। इस वर्ष मूंग उपार्जन का लाभ लेने के लिए 3.47 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, लेकिन अब तक करीब 82 हजार किसानों से ही खरीदी हो सकी है।

    उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का अधिकतम लाभ दिलाने और उन्हें भविष्य में दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीदी सीमा बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने केंद्र से राष्ट्रीय स्तर पर तय लक्ष्य में अन्य मूंग उत्पादक राज्यों की बचत मात्रा का हिस्सा मध्यप्रदेश को देने की मांग की है।

    इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार की मूंग खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग पर केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पहले जवाब दिया था कि ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 में देशभर के लिए मंजूर 5.23 लाख मीट्रिक टन मूंग में से 4.54 लाख मीट्रिक टन यानी करीब 87 प्रतिशत मात्रा मध्य प्रदेश को दी गई है। केंद्र का कहना है कि यह प्रदेश को अब तक दिया गया सबसे बड़ा मूंग खरीदी कोटा है। पीएम-आशा योजना के तहत किसानों को एमएसपी का लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी को मंजूरी दी गई थी।

    भोपाल में बीच सड़क पर डटे हजारों किसान, बुधवार को सीएम हाउस कूच

    इधर, प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर करीब दो हजार किसान भोपाल पहुंच गए हैं और होशंगाबाद रोड पर डटे हुए हैं। मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे किसानों को मंगलवार शाम को पुलिस ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च- एडवांस मैटेरियल एंड प्रोसेसेज रिसर्च इंस्टीट्यूट के सामने रोक दिया, जिसके बाद वे सड़क पर ही बैठ गए।

    किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि वे रात सड़क पर ही गुजारेंगे और बुधवार सुबह मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, एडिशनल एसपी अनिल शर्मा ने कहा कि किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यह किसानों का आखिरी पॉइंट तय किया गया है।

    संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं। सोमवार को बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंची। रास्ते में कई जगह पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान बैरिकेडिंग हटाते हुए आगे बढ़ते रहे।

    भोपाल में प्रवेश के बाद किसान हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान वे लगातार ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे लगाते रहे। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी शहर में आगे बढ़ता रहा, लेकिन 11 मील बायपास पर पुलिस और किसानों के बीच बैरिकेडिंग को लेकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन किसान बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए। इसके बाद किसान 11 मील से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर गए। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन भी चल रहे थे।

    भोपाल कूच में शामिल किसान लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ पहुंचे हैं। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात दिन का राशन और पानी लेकर आए हैं। कई किसान दाल-बाटी भी बनाकर साथ लाए हैं। किसानों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।

    मुख्यमंत्री ने अफसरों और कृषि मंत्री के साथ की बैठक

    किसान आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार देश शाम अपने निवास पर अधिकारियों और कृषि मंत्री के साथ बैठक की। बैठक में किसानों की मांगों और आंदोलन की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दिए।

  • दतिया विधानसभा उपचुनावः मतदान की तैयारियां पूर्ण, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

    दतिया विधानसभा उपचुनावः मतदान की तैयारियां पूर्ण, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। यहां 30 जुलाई को मतदान होना है। क्षेत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से मतदान संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर ली गई हैं।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े तथा पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में निकाले गए फ्लैग मार्च में पुलिस बल के जवानों ने भाग लिया। फ्लैग मार्च का उद्देश्य मतदाताओं में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण स्थापित करना तथा असामाजिक तत्वों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संदेश देना रहा।

    फ्लैग मार्च भैरव मंदिर से प्रारंभ होकर तिगैलिया, टाउन हॉल, बड़ा बाजार, पटवा तिराहा, किला चौक, दारूगर की पुलिया, बिहारी जी मंदिर तिगैलिया, भैरव मंदिर, राजगढ़ चौराहा, सीता सागर, पुरानी कलेक्ट्रेट, सिविल लाइन और झांसी चुंगी पुल होते हुए देर रात पुलिस लाइन दतिया पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विधानसभा उप निर्वाचन को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है।

    आज शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज से होगा सामग्री का वितरण

    जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जानकारी दी गई दतिया विधानसभा उप निर्वाचन 2026 अंतर्गत 30 जुलाई को मतदान सम्पन्न कराने के लिए आज बुधवार को प्रातः 5 बजे से शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज दतिया से सामग्री का वितरण किया जाएगा। मतदान सामग्री के सुचारु वितरण एवं प्राप्ति के लिए पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। प्रत्येक काउंटर से 10 से 12 मतदान केंद्रों की सामग्री का वितरण एवं वापसी होगी, जिससे प्रक्रिया तेज एवं सुव्यवस्थित रहे। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए परिसर में पर्याप्त टेंट लगाने, बसों की क्रमबद्ध पार्किंग, वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मतदान दलों से निर्धारित समय का पालन करने एवं अपने साथ छाता रखने के लिए भी कहा गया है।

    स्ट्रांग रूम एवं निर्वाचन व्यवस्थाओं का सतत निरीक्षण

    शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम सहित निर्वाचन से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं का सतत स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्ट्रांग रूम, मतगणना कक्ष, सामग्री वितरण एवं सामग्री जमा करने के कक्षों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया गया है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था एवं बैरीकेडिंग की समीक्षा कर कार्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण किया गया है।

    सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश

    निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, बैरीकेडिंग एवं निर्बाध बिजली सहित सभी मूलभूत व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निष्ठा एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे।

    निर्वाचन प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित

    जिला निर्वाचन प्रशासन द्वारा परिवहन व्यवस्था एवं रूट चार्ट, ईवीएम एवं वीवीपैट की उपलब्धता, मतदान दलों का प्रशिक्षण, सामग्री वितरण एवं प्राप्ति, आदर्श आचरण संहिता के पालन, रैंडमाइजेशन, कानून व्यवस्था, एमसीएमसी, कम्युनिकेशन प्लान, स्वीप गतिविधियां, शिकायत एवं कंट्रोल रूम, ईटीबीपीएस, वेबकास्टिंग, विद्युत एवं चिकित्सा व्यवस्था, वीडियोग्राफी, फूड पैकेट्स, टेलीफोन एवं इंटरनेट तथा निर्वाचन कार्मिकों के पहचान पत्र वितरण सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

    वर्षा को लेकर विशेष सतर्कता

    मानसून को देखते हुए निर्वाचन प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। मतदान दलों के वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग, वैकल्पिक मार्ग, टेंट की व्यवस्था तथा चिकित्सा दलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। यदि किसी पुल पर पानी बहने की स्थिति बनेगी तो वहां से किसी भी मतदान दल का वाहन नहीं निकाला जाएगा तथा पूर्व निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, व्हीलचेयर एवं प्राथमिक उपचार जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

    माइक्रो ऑब्जर्वरों को दिया गया प्रशिक्षण
    दतिया विधानसभा उपनिर्वाचन-2026 को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में माइक्रो ऑब्जर्वरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रेक्षक श्री विजय भारती की उपस्थिति में मतदान केंद्रों पर निष्पक्षता बनाए रखने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा प्रत्येक गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।

    अंतरराज्यीय सीमा पर कड़ी सुरक्षा

    विधानसभा उपनिर्वाचन को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उनाव थाना क्षेत्र स्थित मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गई है। पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है तथा सीमा से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की सघन जांच की जा रही है। नकदी, शराब एवं अन्य संदिग्ध सामग्री की विशेष जांच की जा रही है ताकि निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित न हो।

    एसएसटी की कार्रवाई में नकदी एवं आभूषण जप्त

    एसएसटी टीम द्वारा विभिन्न नाको पर वाहन जांच के दौरान कुल 98 लाख 80 हजार 800 रुपये नकद जब्त किए गए। संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राशि को जिला कोषालय में जमा कराया गया। वहीं बसई चेकिंग प्वाइंट पर एक अन्य वाहन से 1685 ग्राम चांदी एवं 8.5 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए, जिनके संबंध में भी कोई प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। आभूषणों को भी सुरक्षार्थ जिला कोषालय में जमा कराया गया।

    सामान्य प्रेक्षक ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण
    सामान्य प्रेक्षक विजय भारती ने बसई क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदाता सूची, मूलभूत सुविधाओं एवं निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

    घर-घर पहुंचाई जा रही वोटर पर्चियां

    मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को वोटर पर्चियों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे मतदान दिवस पर अपनी वोटर स्लिप तथा पहचान के लिए आयोग द्वारा निर्धारित कोई एक दस्तावेज़ साथ लेकर आएं तथा लोकतंत्र के इस महापर्व में अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी करें।

    वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों के लिए होम वोटिंग

    निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों एवं पात्र दिव्यांग मतदाताओं को डाक मतपत्र के माध्यम से घर पर ही मतदान की सुविधा प्रदान की गई। निर्वाचन दल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतदाताओं के घर पहुंचकर गोपनीय एवं निष्पक्ष वातावरण में मतदान संपन्न कराई गई। यह व्यवस्था ऐसे मतदाताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है जो शारीरिक कारणों से मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते है।

    विधानसभा स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित

    दतिया विधानसभा उपनिर्वाचन-2026 के सफल संचालन के लिए न्यू कलेक्ट्रेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक-4 में विधानसभा स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी निर्वाचन संबंधी जानकारी अथवा शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 8305199022 जारी किया गया है। जिला निर्वाचन प्रशासन ने नागरिकों से आवश्यकता पड़ने पर इस नंबर पर संपर्क करने की अपील की है।

  • मप्र में आठ आईएएस अधिकारियों का तबादला, चार जिलों के कलेक्टर बदले

    मप्र में आठ आईएएस अधिकारियों का तबादला, चार जिलों के कलेक्टर बदले


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के आठ अधिकारियों का तबादला करते हुए उनकी नवी पदस्थापना की है। इनमें चार जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। इस संबंध में मंगलवार शाम को सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किए हैं।

    जारी आदेश के अनुसार, बड़ा फेरबदल 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह की पोस्टिंग को लेकर किया गया है। दो दिन पहले जारी तबादला सूची में उन्हें शहडोल कलेक्टर बनाया गया था, लेकिन अब संशोधित आदेश में उनकी पोस्टिंग नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल में अपर आयुक्त के पद पर कर दी है। मिशा सिंह प्रेग्नेंट हैं, इसी वजह से उन्होंने भोपाल या इंदौर में पदस्थापना का अनुरोध किया था।

    इसके साथ ही पार्थ जायसवाल को छतरपुर से शहडोल कलेक्टर, मृणाल मीणा को बालाघाट से छतरपुर कलेक्टर और ग्वालियर के अपर कलेक्टर कुमार सत्यम को बालाघाट का कलेक्टर बनाया गया है। अदिति गर्ग को मंदसौर कलेक्टर पद से हटाकर परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड बनाया गया है।

    इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में उप आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है। वहीं गिरीश शर्मा को अपर सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना को उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के साथ संचालक कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    तबादला आदेश के मुताबिक, स्वरोचिष सोमवंशी को आगामी आदेश तक आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी के साथ सचिव, राज्य योजना आयोग तथा संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इससे पहले इस संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग के पास था।

  • सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत राज्य में रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर चल रहा है। भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। इस रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव (स्टापेज) होगा। निशातपुरा रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो रेल गाड़ियों- डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के निशातपुर स्टेशन पर नए ठहराव (स्टॉपेज) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मालवा एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। हर विभाग में नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। गत 12 साल में रेलवे का “न भूतो न भविष्यति” विकास हुआ है। भारतीय रेलवे में द्रुत गति से विकास कार्य हो रहे हैं। निशातपुरा स्टेशन के शुभारंभ से अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को ट्रैक और इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी।

    अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए बचेगा समय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे के माध्यम से उज्जैन सिंहस्थ: 2028 को लेकर लगातार सौगातें मिल रही हैं। सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु मध्य प्रदेश आएंगे। ऐसे में नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ की लागत से विकसित निशातपुरा स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां अनेक नई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए समय बचेगा। भोपाल मुख्य स्टेशन जाए बिना डायरेक्ट ट्रेन मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में रेल लाइन आती है, तो यात्री सुविधाओं के साथ व्यापार, कृषि और माल ढुलाई आदि कार्यों में सुविधा मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मध्य प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश के लिए भारत सरकार ने रेल बजट में की 24 गुना बढ़ोतरी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे व्यापार-व्यवसाय की सुगमता और रोजगार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। भारतीय रेल का नेटवर्क इतना बड़ा है, जिसमें कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग हमारी ट्रेनों में सफर कर रहे होते हैं। देश में रेलवे के 70 मंडल मुख्यालय हैं। मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक का शत प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक रेल गाड़ियों की शुरुआत की है। अब भोपाल के पास ट्रेनों के आधुनिक कोच तैयार किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि देश के साथ ही मध्य प्रदेश बदल रहा है। वर्ष 2009 से 2014 तक मध्य प्रदेश में रेलवे का बजट केवल 632 करोड़ रुपये था, जो अब वर्ष 2026-27 तक 15 हजार 288 करोड़ रुपये हो गया है। भारत सरकार ने प्रदेश के लिए रेल बजट में 24 गुना वृद्धि की है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में रेलवे के 1 लाख 18 हजार करोड़ लागत के नए कार्य जारी हैं। वर्ष 2014 के बाद प्रदेश में 2800 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनों का निर्माण हुआ है, जो डेनमार्क देश की कुल सीमा से भी अधिक है।

    प्रतिदिन बिछाया जा रहा है 34 किलोमीटर रेलवे ट्रेक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जहां एक दिन में मात्र 4 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ट्रैक बिछाने की रफ्तार 34 किलोमीटर प्रतिदिन है। भोपाल में अब रानी कमलापति स्टेशन, भोपाल मेन स्टेशन, संत हिरदाराम स्टेशन और अब निशातपुरा स्टेशन हो गए हैं। मध्य प्रदेश को 13 नए अमृत स्टेशनों की सौगात मिली है। वडोदरा -रतलाम और इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम चल रहे हैं। पहले कभी मीटर गेज लाइनें हुआ करती थीं, जो धीरे-धीरे ब्रॉडगेज हो गईं और ब्रॉडगेज डबल लाइन हो गईं। अब ट्रिपल और फोर लाइन का विकास हो रहा है।

    ध्य प्रदेश में रेल सुविधाएं बढ़ीं

    पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे अपने यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए अधोसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में रेल मार्गों का विकास, आधुनिक ट्रेनों का संचालन, सेफ्टी और सिक्योरिटी में सुधार रेल यात्रा को नए आयाम प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में मध्य प्रदेश को रेलवे की अनेक सुविधाएं मिली हैं। खजुराहो से वाराणसी वंदेभारत एक्सप्रेस, रीवा-पुणे, डॉ. अंबेडकर नगर-गोंडा के लिए नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इसी अवधि में बीना-इटारसी और कटनी-बीना की तीसरी लाइन, कटनी अपग्रेड सेपरेटर, इटारसी के अप और डाउन ग्रेड सेपरेटर के साथ ही कटनी-सिंगरौली-रीवा-सतना रेल रूट का दोहरीकरण किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में फ्लाई ओवर का शुभारंभ किया है, जिसमें मदन महल स्टेशन पर बना केबिल स्टे ब्रिज शामिल है। प्रदेश में 13 अमृत स्टेशनों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हो चुका है। स्टेशनों पर यात्रियों के लिए एस्केलेटर और एफओबी उपलब्ध कराए रहे हैं। भोपाल स्टेशन के पास बने निशातपुरा स्टेशन पर दो नई ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को भोपाल स्टेशन की भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। पश्चिम मध्य रेलवे निशानपुरा स्टेशन को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    कार्यक्रम में विधायक विष्णु खत्री, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी सहित पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

  • इंदौर के सारांश जैन का टीम इंडिया में सपना हुआ साकार पहली बार टेस्ट टीम में मिली जगह श्रीलंका दौरे पर दिखाएंगे दम

    इंदौर के सारांश जैन का टीम इंडिया में सपना हुआ साकार पहली बार टेस्ट टीम में मिली जगह श्रीलंका दौरे पर दिखाएंगे दम


    इंदौर  इंदौर के लिए गर्व का पल सामने आया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया है जिसमें मध्यप्रदेश के होनहार स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। वर्षों की मेहनत निरंतर प्रदर्शन और धैर्य के बाद आखिरकार सारांश का टीम इंडिया तक पहुंचने का सपना पूरा हो गया है। उनके चयन से न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

    33 वर्षीय सारांश जैन लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में मध्यप्रदेश की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया ए टीम की ओर से दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में उन्होंने नाबाद 70 रन बनाने के साथ छह विकेट लेकर अपनी ऑलराउंड क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। यही प्रदर्शन उनके लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खोलने में निर्णायक साबित हुआ।

    प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सारांश का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 54 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 2223 रन बनाए हैं और 188 विकेट अपने नाम किए हैं। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में लगातार योगदान देने की उनकी क्षमता उन्हें एक उपयोगी ऑलराउंडर बनाती है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने श्रीलंका दौरे के लिए उन पर भरोसा जताया है।

    सारांश जैन का क्रिकेट सफर इंदौर के विजय क्लब से शुरू हुआ था। इसी मैदान पर उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं और अपने खेल को निखारा। इसी क्लब में भारतीय बल्लेबाज रजत पाटीदार के साथ भी उन्होंने अभ्यास किया। वर्षों तक घरेलू क्रिकेट में मेहनत करने के बाद अब उन्हें देश की सर्वोच्च क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।

    सारांश के चयन के पीछे उनके परिवार का संघर्ष भी प्रेरणादायक है। उनके पिता सुबोध जैन मध्यप्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। उनका सपना भारत के लिए खेलना था लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। अब बेटे सारांश के जरिए उनका सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। कठिन परिस्थितियों में भी पिता ने बेटे का मनोबल कभी टूटने नहीं दिया। वहीं बड़े भाई ने अपना क्रिकेट करियर छोड़कर सारांश के सपनों को पूरा करने में पूरा सहयोग दिया।

    भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर होगा। इस दौरे पर सारांश के पास टेस्ट कैप हासिल कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने करियर की शानदार शुरुआत करने का सुनहरा अवसर होगा।

    भारतीय टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे जबकि केएल राहुल उपकप्तान होंगे। बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। वहीं स्पिन विभाग में रविंद्र जडेजा कुलदीप यादव मानव सुथार और सारांश जैन पर बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। यदि उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलता है तो यह उनके करियर का सबसे यादगार क्षण होगा और भारतीय क्रिकेट में एक नई शुरुआत भी।

  • कैबिनेट: मप्र के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 2 हजार 480 करोड़ स्वीकृति

    कैबिनेट: मप्र के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 2 हजार 480 करोड़ स्वीकृति


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याण को गति देने के लिए लगभग 2 हजार 480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई। बैठक में खेल गतिविधियों, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई।

    प्रमुख निर्णयों में अक्टूबर 2026 में भोपाल में ‘महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी’ के भव्य आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई, जिससे राज्य की खेल अवसंरचना और पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी। कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए रिहन्द एवं मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजनाओं और किसानों को समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान योजना की निरंतरता को मंजूरी मिली। प्रदेश को तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने के उद्देश्य से आईआईएसईआर (IISER) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और आईटी पार्कों के विकास के लिए 857 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इन निर्णय में आई टी पार्क की स्थापना के वर्ष 2031 तक संचालन की निरंतरता की स्वीकृति महत्वपूर्ण है ,इसके तहत करीब 8000 युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के लिए 198 करोड़ रुपये, कर्मचारी कल्याण एवं पेंशन योजनाओं के लिए 982 करोड़ रुपये और ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा के निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय और नारायणगढ़ में 9 नए न्यायिक पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

    महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 के भोपाल में आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने माह अक्टूबर 2026 में महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 के भोपाल के बरखेड़ा नाथू में स्थित अन्तर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्पलेक्स में आयोजन के लिए संभावित व्यय राशि 18 करोड़ 74 लाख रूपये के व्यय की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।

    हॉकी इण्डिया को अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा देश में हॉकी खेल का संचालन, प्रोत्साहन और अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए अधिकृत किया गया है। प्रतियोगिता वर्ष 2010 से निरन्तर 2 वर्ष के अन्तराल में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का मुख्य उद्‌द्देश्य एशियाई महिला हॉकी टीमों की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 में एशिया की प्रमुख 6 महिला टीमों (भारत, चीन, जापान, मलेशिया, साउथ कोरिया, एवं थाईलैण्ड) के लगभग 200 खिलाडी व सपोर्ट स्टॉफ के सम्मिलित होने की संभावना है।

    यह अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हॉकी इण्डिया और खेल और युवा कल्याण विभाग ‌द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जायेगी। अनुबंध अनुसार हॉकी इण्डिया को खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘पेजेंटिंग पार्टनर’ राईटस के लिए 11 करोड़ रूपये दिये जाएंगे। अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विभाग दवारा 7 करोड़ 74 लाख रूपये का व्यय किया जायेगा। इस प्रकार आयोजन पर लगभग 18 करोड़ 74 लाख रूपये का व्यय होना संभावित है।

    भोपाल के बरखेड़ा नाथू में अन्तर्राष्ट्रीय स्पोटर्स कॉम्पलेक्स को नवीन एवं आधुनिक तकनीकों के अनुरूप अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए तैयार किया गया है। एशिया स्तर की अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन से वैश्विक स्तर पर मध्यप्रदेश में निर्मित खेल अधोसरंचना का प्रचार प्रसार होगा। इससे प्रदेश के हॉकी खिलाड़ियों के मनोबल में वृ‌द्धि होगी और एशिया के प्रमुख देशों से सम्मिलित हुई टीमों के खिलाड़ियों के भोपाल आगमन से प्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 111 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सिंगरौली की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना को सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 111 करोड़ 4 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य गोविन्द वल्लभ पंत सागर रिजर्वायर (रिहन्द नदी पर स्थित) से संचित जल का उद्वहन कर सिंगरौली, माड़ा, वैढन और जावद तहसील के 119 गांवों में 38,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए जल प्रदान करना है।

    मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 184 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मंदसौर की मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 184 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना लिफ्ट सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मंदसौर जिले की 46,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना सहित विभिन्न योजनाओं के लिए 857 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने आईसर में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 85 करोड़ 51 लाख रूपये सहित विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 857 करोड़ 21 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

    आई टी पार्क स्थापना की निरंतरता को मंजूरी: 8000 को मिलेगा रोजगार

    प्रदेश में आईटी पार्क की स्थापना’ संबंधी योजना के लिए 595 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत प्रदेश में इन्दौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में आई.टी. पार्को की स्थापना की गयी है। आई.टी. पार्क एवं आई.टी. टावर्स की स्थापना से प्रदेश में आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना का विकास होगा जिससे देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित कर निवेश एवं औ‌द्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। परिणामस्वरुप प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा 8000 से अधिक स्थानीय युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक लगभग 22000 युवाओ को रोजगार प्राप्त हो चुका है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के अंतर्गत संपादित एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आई.टी. एवं ई.एस.डी.एम. क्षेत्र का विस्तार होगा जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ होगी। डिजिटल एवं तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी तथा मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते तकनीकी एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित होगा।

    मंत्रि-परिषद ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) की स्थापना के लिए कुल लागत 85 करोड़ 51 लाख रूपये में से 17 करोड़ 90 लाख रूपये को आगामी तीन वर्षों तक प्रदाय किए जाने की स्वीकृति दी है। यह एक उन्नत अनुसंधान एवं विकास (R&D) आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करेगा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन प्रौ‌द्योगिकी, UAV डिजाइन एवं निर्माण, स्वायत्त प्रणालियों तथा उन्नत अनुप्रयोगों पर अनुसंधान एवं नवाचार को बढावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त केंद्र में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), प्रोटोटाइप विकास एवं परीक्षण जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी, जिससे राज्य में ड्रोन प्रौ‌द्योगिकी का एक समग्र एवं आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो सकेगा।

    ‘नई तकनीक के लिए एम.पी.एस.ई.डी.सी. एवं अन्य संस्थाओं को सहायता’ योजना के लिए 110 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य शासन एवं उसके विभिन्न विभागों को नवीनतम सूचना प्रौ‌द्योगिकी एवं डिजिटल समाधान उपलब्ध कराकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना एवं नागरिकों को त्वरित, सरल और सुरक्षित ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करना है। इसमें AI/ML आधारित बिजनेस इंटेलिजेंस, व्हाट्‌सऐप चैटवॉट, ड्रोन सेवाएं, एसएमएस गेटवे, MP CODE, ई-साइन, राज्य ई-मेल नीति, लो-कोड/नो-कोड प्लेटफॉर्म और सिक्योरिटी ऑडिट लैब जैसी प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं।

    ‘मध्यप्रदेश स्टेट स्पाटियल डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर (एम.पी. एस एस डी आई)’ योजना के लिए 40 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। योजना के उद्देश्य राज्य में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तकनीक का उपयोग कर एकीकृत स्थानिक डाटा (Spatial Data) का निर्माण, संधारण एवं अद्‌यतन करते हुए विभिन्न विभागों, एजेसियों तथा योजनाओं को अद्‌यतन, विश्वसनीय एवं सुगम जीआइएस आधारित सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इससे आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति, भूमि प्रबंधन, शहरी विकास एवं सड़क मरम्मत जैसे क्षेत्रों में रियल टाइम मॉनिटरिंग और निर्णय क्षमता में वृद्धि हुई है।

    इसी तरह ‘क्लाउड सेवाओं का प्रदाय व प्रबंधन’ के लिए 26 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य डिजिटल मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने और शासन की सभी सेवाओं में डिजिटल परिवर्तन (डिटिटल ट्रांसफार्मेशन) को गति देना है। इस योजना के अंतर्गत, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPSEDC) ‌द्वारा तैयार क्लाउड अंगीकरण रूपरेखा (Cloud Adoption Framework) के आधार पर सभी शासकीय एवं अर्ध-शासकीय विभागों को सुरक्षित, लचीली, स्केलेवल एवं किफायती क्लाउड सेवाएं प्रदान की जा रही है। इसके माध्यम से शासन को अपने आईटी संसाधनों के निर्माण और रखरखाव पर भारी पूंजीगत निवेश की आवश्यकता नहीं होती है। आवश्यकतानुसार कम्प्यूटिंग संसाधन, स्टोरेज, नेटवर्किंग तथा सॉफ्टवेयर सेवाएँ क्लाउड प्लेटफॉर्म से प्राप्त कर सकते है।

    ग्वालियर में वि‌द्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय की स्थापना की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर में वि‌द्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय और 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। सृजन संबंधी कार्यवाही के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है। उल्लेखनीय है कि सभी बड़े राजस्व संभागों (सागर, शहडोल, नर्मदापुरम को छोडकर) में विद्युत निरीक्षकालय के वृत्त कार्यालय स्थापित है। वर्तमान में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत सुरक्षा और राजस्व संग्रहण संबंधी कार्य भोपाल मुख्यालय से संपादित होते हैं। ग्वालियर में नवीन वृत्त कार्यालय प्रारंभ करने से विशेषत: मुरैना के बामौर और भिंड के मालनपुर औ‌द्योगिक क्षेत्र को लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त भविष्य में मुरैना में 600 मेगावाट का बैटरी स्टोरेज सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया जाना है जिसके लिए भी ग्वालियर में नवीन वृत्त कार्यालय स्थापित किया जाना आवश्यक है।

    नारायणगढ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सहित 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मंदसौर के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का एक नवीन पद सहित 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। इससे वहां नियमित रूप से न्यायालय का संचालन हो सकेगा जिससे स्थानीय अधिवक्ताओं और लोगों की मांग के साथ प्रकरणों का निराकरण किया जा सकेगा और आम जन को सुलभ व त्वरित न्याय मिल सकेगा।

    प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन के लिए 129 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की गतिविधियों से संबंधित योजनाओं के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 129 करोड़ 12 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति राशि से अकादमी के स्थापना एवं कार्यालयीन व्यय, मिशन कर्मयोगी, विभागीय परिसंपतियों का संधारण एवं प्रशासन अकादमी परिसर में प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए भौतिक सुविधाओं का निर्माण संबंधित कार्य किए जायेंगे।

    संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास के लिए 198 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मिशन शक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर क्रियान्वयन के लिए 198 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    संकल्प -हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना का उद्देश्य जिला स्तर पर एक ऐसी इकाई के रूप में कार्य करना है जो महिलाओं को उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता के साथ-साथ पहुंच प्रदान करें। यह योजना पूर्व से सभी 52 जिलों में संचालित है और अब इसे 3 नवगठित जिलों में संचालित किया जायेगा।

    शक्ति सदन का उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सक्षम वातावरण बनाना तथा अवैध व्यापार, संकट में फंसी महिलाओं को कठिन परिस्थितियों से उबार कर एक नई शुरुआत करवाना है। वर्तमान में प्रदेश में 14 शक्ति सदन अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से संचालित है। भारत सरकार द्वारा 5 नये शक्ति सदन स्वीकृत किये गये हैं।

    शहरी/ग्रामीण कामकाजी महिलाओं को सुविधाजनक व सुरक्षित आवास प्रदान करने के लिए सखी निवास योजना को लागू किया गया है। पूर्व में इस योजना का नाम महिला विश्रामालय था। सखी निवास में सभी वर्ग की कामकाजी महिलाओं को प्रवेश दिया जाता है। सखी निवास में महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर संचालन का भी प्रावधान है। प्रदेश में 3 शासकीय सखी निवास संचालित है।

    कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा योजनाओं के लिए 982 करोड़ रूपये की स्वीकृति


    मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग के अंतर्गत कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा की योजनाओं के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 982 करोड़ 49 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा की योजनाओं, पेंशन तथा कर्मचारी कल्याण संचालनालय, जिला पेंशन कार्यालय, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, पेंशनर कल्याण कोष, शासकीय सेवक परिवार कल्याण निधि पर ब्याज, शासकीय कर्मचारी समूह बीमा योजना, शासकीय कर्मचारी सह समूह बीमा योजना को संचालित किया जायेगा।

    समर्थन मूल्य पर उपार्जन पर किसानों को बोनस भुगतान योजना की निरंतरता की स्वीकृति
    मंत्रि-परिषद ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत 500 करोड़ से अधिक की योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर किसानों को उपार्जन पर बोनस भुगतान के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक में निरंतर संचालन की स्वीकृति दी है।

    मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम 2011 में संशोधन की स्वीकृति


    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 में संशोधन की स्वीकृति दी है। भारत सरकार द्वारा जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के माध्यम से विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 में किए गए संशोधनों को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने, Compliance Reduction and Deregulation के अंतर्गत की गई अनुशंसाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा नाप-तौल उपकरणों के सत्यापन शुल्क के पुनरीक्षण के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है।