Category: Madhya Pradesh

  • नशे के नेटवर्क पर सख्ती की तैयारी, रीवा संभाग में करोड़ों की ड्रग्स और 312 वाहन जब्त, युवाओं को बचाने पर फोकस

    नशे के नेटवर्क पर सख्ती की तैयारी, रीवा संभाग में करोड़ों की ड्रग्स और 312 वाहन जब्त, युवाओं को बचाने पर फोकस


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा संभाग में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले 18 महीनों के दौरान नशे के कारोबार में शामिल 1615 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इस अवधि में गांजा और कोरेक्स से लेकर हेरोइन स्मैक ब्राउन शुगर और एमडी ड्रग्स जैसे नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। इनकी कुल कीमत 13 करोड़ 17 लाख 39 हजार 600 रुपये बताई गई है। वहीं नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल होने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी जब्त किया गया है। अब प्रशासन का जोर नशे के कारोबार को रोकने के साथ इसकी लत से पीड़ित लोगों के उपचार और पुनर्वास पर भी रहेगा।

    उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा के सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि नशीले पदार्थों के उत्पादन और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

    बैठक में रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत ने पिछले 18 महीनों की कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत किया। उनके मुताबिक इस दौरान 5535 किलो 931 ग्राम गांजा और 97 हजार 665 शीशी कोरेक्स जब्त की गई। इसके अलावा 4 लाख 13 हजार 310 नशीली टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस ने अफीम के 450 हरे पौधों के साथ 123.6 ग्राम हेरोइन 206.54 ग्राम स्मैक 244 ग्राम ब्राउन शुगर और 3 किलो 87 ग्राम एमडी ड्रग्स भी जब्त की है। जब्त नशीले पदार्थों की कुल कीमत 13 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

    नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने 181 दोपहिया और 131 चारपहिया वाहन जब्त किए हैं। इन वाहनों की कुल कीमत 10 करोड़ 41 लाख 70 हजार रुपये बताई गई है। अधिकारियों का मानना है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों पर कार्रवाई करना भी इस नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    रीवा संभाग में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ भी अभियान चलाया गया। पिछले 18 महीनों में इस संबंध में 11 हजार 998 मामले दर्ज किए गए और 12 हजार 199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 35 हजार 890 लीटर अवैध देशी शराब और 22 हजार 807 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। जब्त शराब की कीमत 3 करोड़ 97 लाख 53 हजार 333 रुपये बताई गई है। उप मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए।

    राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र में कृषि उद्योग व्यापार और बुनियादी सुविधाओं के विकास से लोगों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय करने और पीड़ितों को उपचार के साथ पुनर्वास की सुविधा देने पर जोर दिया। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि इसी सप्ताह नशे की लत से पीड़ित 50 लोगों की पहचान कर उन्हें पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने की योजना है। कोरेक्स की लत से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।

    बैठक में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन की कोशिश है कि नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ लोगों को नशे से बाहर निकालने के लिए उपचार और जागरूकता पर भी काम किया जाए।

  • मध्य प्रदेश के विकास को मिलेगी नई दिशा, 55 जिलों के लिए चयनित CM Fellows का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

    मध्य प्रदेश के विकास को मिलेगी नई दिशा, 55 जिलों के लिए चयनित CM Fellows का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में सुशासन और विकास कार्यों को प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत चयनित सीएम फेलोज के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 55 जिलों के लिए चयनित सीएम फेलोज शामिल हो रहे हैं। इसका उद्देश्य युवा पेशेवरों को शासन व्यवस्था और विकास से जुड़े कार्यों की बेहतर समझ प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत चयनित इन प्रतिभागियों को पांच दिनों तक कार्यक्रम से संबंधित जरूरी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें विकास योजनाओं की प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। इस पहल के माध्यम से युवा पेशेवरों को प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों से जोड़ने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है।

    राज्य सरकार की इस पहल में जिलों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विकास योजनाओं को जमीन पर लागू करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय जरूरतों की समझ जरूरी होती है। ऐसे में सीएम फेलोज के प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें शासन की प्रक्रियाओं से परिचित कराना और विकास संबंधी कार्यों में उनकी भागीदारी के लिए तैयार करना है। प्रदेश के 55 जिलों के लिए चयनित प्रतिभागियों को एक साथ प्रशिक्षण दिए जाने से उन्हें कार्यक्रम के उद्देश्यों और काम करने के तरीकों को समझने का अवसर मिलेगा।

    भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित यह कार्यक्रम सुशासन और नीति निर्माण से जुड़े विषयों पर केंद्रित है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम की कार्यप्रणाली और उसके उद्देश्यों की जानकारी दी जाएगी। इसके जरिए युवा पेशेवरों को प्रशासनिक व्यवस्था के साथ समन्वय बनाकर काम करने और विकास योजनाओं की प्रक्रिया को समझने में मदद मिल सकती है।

    सीएम फेलोज कार्यक्रम को युवा प्रतिभाओं और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। विकास कार्यों में प्रभावी भागीदारी के लिए योजनाओं की जानकारी के साथ उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया को समझना भी जरूरी है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण इसी दिशा में एक कदम है। इसके माध्यम से चयनित प्रतिभागियों को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यक्रम की अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश में विकास और सुशासन से जुड़ी पहल को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। अब प्रशिक्षण के दौरान दी जाने वाली जानकारी और उसके बाद जिलों में सीएम फेलोज की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से युवा पेशेवरों को प्रशासनिक कामकाज की समझ विकसित करने और विकास संबंधी गतिविधियों में योगदान देने में मदद मिलेगी।

  • मैहर में मां शारदा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 11 बजे तक 71 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

    मैहर में मां शारदा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 11 बजे तक 71 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन


    मैहर । शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मैहर स्थित त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को भी सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। सुबह 11 बजे तक कुल 71 हजार 570 श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन कर चुके थे। नवरात्र के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के साथ ही दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

    मैहर में मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में सबसे बड़ी संख्या पैदल मार्ग का इस्तेमाल करने वालों की रही। सुबह 11 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 68 हजार 500 श्रद्धालु पैदल मार्ग से मंदिर पहुंचे। वहीं 870 भक्त वैन मार्ग के जरिए दर्शन करने पहुंचे। इसके अलावा रोपवे की सुविधा का उपयोग करते हुए 2 हजार 200 श्रद्धालुओं ने मंदिर तक पहुंचकर मां के दर्शन किए। इन तीनों माध्यमों से पहुंचे भक्तों की कुल संख्या 71 हजार 570 दर्ज की गई। नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर और दर्शन मार्गों पर लगातार चहल पहल बनी हुई है।

    मां शारदा के दरबार में उमड़ रही भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेले में तैनात पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था संभाल रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि भक्तों को दर्शन के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

    नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है। इससे पहले रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत और डीआईजी हेमंत चौहान ने मैहर पहुंचकर मां शारदा के दर्शन किए थे। इस दौरान उन्होंने मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद पुलिस इंतजामों को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए गए।

    मेले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया गया है। पुलिस ट्रेनिंग सेंटर रीवा से एक उप पुलिस अधीक्षक सहित 100 आरक्षकों को मेला ड्यूटी में तैनात किया गया है। अतिरिक्त बल की तैनाती का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखना और भीड़ के दबाव के बीच व्यवस्था को बनाए रखना है।

    शारदीय नवरात्र के दौरान मैहर में मां शारदा के दर्शन के लिए भक्तों का पहुंचना जारी है। सुबह 11 बजे तक 71 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना मेले में उमड़ रही आस्था और उत्साह को दर्शाता है। प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि नवरात्र के शेष दिनों में भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल और बेहतर व्यवस्था के बीच मां शारदा के दर्शन कराए जा सकें।

  • सीमित संसाधन भी नहीं रोक सके ध्रुव की उड़ान, किसान पुत्र ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर रचा इतिहास

    सीमित संसाधन भी नहीं रोक सके ध्रुव की उड़ान, किसान पुत्र ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर रचा इतिहास


    मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के एक छोटे से ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर कक्षा 10वीं के छात्र ध्रुव शुक्ला ने राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया है। शिवपुरी में आयोजित प्रतियोगिता में ध्रुव ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर अपने जिले का नाम रोशन किया। उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में पहला स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं 4×100 मीटर रिले दौड़ में टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता। एक ही प्रतियोगिता में तीन पदक हासिल करने की इस उपलब्धि से उनके विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। ध्रुव की सफलता को उनकी मेहनत अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है।

    ध्रुव शुक्ला मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खर्रा में कक्षा 10वीं के छात्र हैं। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है। उनके पिता रामदीन शुक्ला खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले ध्रुव ने सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा साबित की है। उनकी इस उपलब्धि ने यह दिखाया है कि किसी खिलाड़ी की सफलता केवल महंगी सुविधाओं पर निर्भर नहीं करती बल्कि नियमित अभ्यास दृढ़ इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति लगन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    शिवपुरी में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में ध्रुव ने अपनी गति और खेल कौशल का परिचय दिया। 100 मीटर और 200 मीटर जैसी प्रतिस्पर्धी दौड़ों में स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी तैयारी और मेहनत को दर्शाता है। इसके बाद उन्होंने 4×100 मीटर रिले दौड़ में अपनी टीम के साथ भाग लेते हुए रजत पदक जीता। व्यक्तिगत स्पर्धाओं के साथ टीम स्पर्धा में भी पदक हासिल करना उनके लिए खास उपलब्धि रही। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने अपने विद्यालय और क्षेत्र को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है।

    ध्रुव की इस सफलता में उनके कोच और विद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी सौरभ त्रिपाठी का महत्वपूर्ण योगदान बताया गया है। उनके मार्गदर्शन में ध्रुव नियमित अभ्यास करते रहे और अपनी दौड़ की तकनीक अनुशासन तथा प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। सीमित सुविधाओं के बीच प्रशिक्षण हासिल करते हुए ध्रुव ने प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। खिलाड़ी की मेहनत के साथ सही मार्गदर्शन भी खेल में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण होता है और ध्रुव की उपलब्धि इसका उदाहरण है।

    ध्रुव शुक्ला की सफलता ग्रामीण क्षेत्रों के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेलों में करियर बनाने का सपना देखते हैं। कई बार सुविधाओं की कमी खिलाड़ियों के सामने चुनौती बनती है लेकिन निरंतर अभ्यास और मेहनत से आगे बढ़ने के रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। ध्रुव की उपलब्धि से यह संदेश मिलता है कि प्रतिभा को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो छोटे गांवों से भी खिलाड़ी बड़ी प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना सकते हैं।

    ध्रुव के तीन पदक जीतने पर विद्यालय के प्राचार्य शिक्षकगण जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता जताई है। सभी ने ध्रुव और उनके कोच सौरभ त्रिपाठी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अब ध्रुव के सामने अपनी इस सफलता को आगे बढ़ाने और आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती होगी। उनकी उपलब्धि ने मऊगंज जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की उम्मीद भी जगाई है।

  • सतना में गरबा प्रैक्टिस से लौट रही युवती का रास्ता रोककर छेड़छाड़, शादी का दबाव बनाने का आरोप, हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

    सतना में गरबा प्रैक्टिस से लौट रही युवती का रास्ता रोककर छेड़छाड़, शादी का दबाव बनाने का आरोप, हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में गरबा प्रैक्टिस करके घर लौट रही एक युवती के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने युवती का रास्ता रोककर उस पर शादी करने का दबाव बनाया। युवती ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसका मुंह दबाने की कोशिश की और मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया। घटना के बाद आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना 2 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे की है। युवती धवारी स्थित रंगभूमि पैलेस में गरबा प्रैक्टिस करने गई थी। अभ्यास खत्म होने के बाद वह पैदल अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान व्यंकट क्रमांक-1 स्कूल के पास ध्रुव पटारिया स्कूटी से वहां पहुंचा और युवती का रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवक ने युवती का हाथ पकड़कर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की और शादी करने के लिए दबाव बनाने लगा। युवती ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसका मुंह दबाने का प्रयास किया। इस दौरान उसने युवती का मोबाइल भी छीन लिया और जमीन पर पटक दिया जिससे मोबाइल टूट गया।

    घटना के दौरान आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी वहां से भाग निकला। जाने से पहले उसने युवती को धमकी भी दी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस के पास पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

    सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान ध्रुव पटारिया उम्र 22 वर्ष पिता राकेश पटारिया निवासी कंपनी बाग थाना सिटी कोतवाली सतना के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में पहले से कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। हालांकि इन मामलों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक जानकारी में नहीं दिया गया है। इस कार्रवाई में महिला प्रधान आरक्षक नीरा बागरी प्रधान आरक्षक मनोज सिंह बघेल आरक्षक धीरेन्द्र पटेल बलराम चौधरी और शिव कुमार तिवारी की भूमिका रही।

    घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी आवाजाही से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजनों से लौटते समय भी सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। ऐसे मामलों में पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
  • रावण दहन किस शास्त्र में लिखा है, उज्जैन में युवा ब्राह्मण समाज का सवाल, चार समितियों को कानूनी नोटिस

    रावण दहन किस शास्त्र में लिखा है, उज्जैन में युवा ब्राह्मण समाज का सवाल, चार समितियों को कानूनी नोटिस

     
    उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में दशहरे पर होने वाले रावण दहन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने रावण दहन आयोजित करने वाली चार समितियों को वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजकर सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। समाज ने आयोजकों से सवाल किया है कि आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण वध होने का उल्लेख किस धर्मशास्त्र या पुराण में मिलता है। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक प्रमाण नहीं दिया गया तो वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले के सामने आने के बाद शहर में दशहरा उत्सव से पहले धार्मिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।उज्जैन  ।

    जानकारी के मुताबिक 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व के अवसर पर उज्जैन में विभिन्न स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इससे पहले अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने इस पर आपत्ति जताते हुए संबंधित आयोजक समितियों को नोटिस जारी कराया है। महाकाल मंदिर के पुजारी और संगठन के संस्थापक अध्यक्ष महेश पुजारी ने अधिवक्ता अश्विन चौधरी के माध्यम से यह नोटिस भिजवाया है। जिन चार समितियों को नोटिस भेजा गया है उनमें लाला ओम अमरनाथ खत्री दशहरा उत्सव समिति कार्तिक मेला दशहरा उत्सव समिति सिद्धवट दशहरा समिति और शास्त्री नगर दशहरा उत्सव समिति शामिल हैं।

    नोटिस में आयोजकों से कहा गया है कि वे स्पष्ट करें कि आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण वध किए जाने का उल्लेख किस धार्मिक ग्रंथ में मौजूद है। समाज ने संबंधित समितियों से इस तिथि पर रावण दहन नहीं करने का अनुरोध भी किया है। नोटिस के अनुसार सात दिन के भीतर शास्त्रीय आधार स्पष्ट नहीं किया गया तो आगे कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी गई है। इसमें संभावित कार्रवाई से जुड़े हर्जे और खर्च की जिम्मेदारी भी आयोजक समितियों पर डालने की बात कही गई है। हालांकि इस मामले में आयोजक समितियों का पक्ष सामने आने के बाद ही उनकी प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक अध्यक्ष महेश पुजारी का कहना है कि रावण दहन के नाम पर ब्राह्मण समाज का अपमान नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि देश के कई हिस्सों में रावण दहन की परंपरा के दौरान ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने आयोजक समितियों से सवाल किया कि यदि रावण दहन धार्मिक परंपरा का हिस्सा है तो उसके समर्थन में शास्त्रीय प्रमाण सार्वजनिक किए जाने चाहिए। महेश पुजारी का कहना है कि रावण के चरित्र और उससे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं पर चर्चा करते समय किसी समुदाय का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

    महेश पुजारी ने यह भी कहा कि अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज देश की विभिन्न संस्थाओं से रावण दहन बंद करने का अनुरोध कर रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए ब्राह्मणों की शिखा और यज्ञोपवीत के अपमान की घटनाओं पर भी अपनी बात रखी। संगठन की मांग है कि धार्मिक आयोजनों में किसी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों से बचा जाए।

    फिलहाल उज्जैन में दशहरे से पहले रावण दहन का मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर आयोजन समितियों की तैयारियां जारी हैं तो दूसरी ओर युवा ब्राह्मण समाज ने शास्त्रीय प्रमाण और जवाबदेही की मांग उठाई है। अब सात दिन की समयसीमा में समितियां क्या जवाब देती हैं और इस विवाद पर प्रशासन या आयोजकों की ओर से क्या रुख सामने आता है इस पर सबकी नजर रहेगी।

  • कांग्रेस का झंडा नहीं, सनातन स्वाभिमान का संदेश लेकर निकलेंगे दिग्विजय सिंह, उज्जैन से अयोध्या तक पत्नी के साथ 950 किमी की पदयात्रा

    कांग्रेस का झंडा नहीं, सनातन स्वाभिमान का संदेश लेकर निकलेंगे दिग्विजय सिंह, उज्जैन से अयोध्या तक पत्नी के साथ 950 किमी की पदयात्रा


    उज्जैन । महाकाल से रामलला तक दिग्विजय सिंह की पदयात्रा, पांच पवित्र नदियों का जल लेकर जाएंगे अयोध्या
    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर से सत्य-सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण पांच पवित्र नदियों के जल से भरे कलश होंगे जिन्हें विशेष रूप से तैयार किए जा रहे रथ में रखकर अयोध्या ले जाया जाएगा। करीब 950 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा का समापन अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में करने की योजना है। यात्रा में दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय भी उनके साथ पैदल चलेंगी। आयोजकों के मुताबिक यह यात्रा लगभग 70 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
    यात्रा को लेकर उज्जैन में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को शिप्रा गार्डन में आयोजित बैठक में आयोजन की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। यात्रा के शुभारंभ के दिन 20 अक्टूबर को सुबह 8 बजे नृसिंह घाट के पास बालाजी गार्डन में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन-अर्चन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें दिग्विजय सिंह के साथ हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है। धार्मिक अनुष्ठान के बाद कन्या भोज और विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इसके बाद पदयात्रा अपने गंतव्य अयोध्या की ओर रवाना होगी।
    आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यात्रा में कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल के झंडे और बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य सत्य धर्म न्याय सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक करना बताया गया है। इसके साथ ही चंदा चोरी और वोट चोरी के आरोपों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग भी यात्रा के दौरान उठाई जाएगी। आयोजक इसे किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम के बजाय सामाजिक और धार्मिक जनजागरण की पहल के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
    यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह और अमृता राय प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर पैदल चलेंगे। आयोजकों की योजना के अनुसार यात्रा में लगभग 2000 से 3000 लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की जा रही है। अलग-अलग पड़ावों पर यात्रा से जुड़ने के लिए लोगों ने पंजीकरण भी कराया है। दिग्विजय सिंह यात्रा की तैयारी के लिए नियमित रूप से पैदल चलने का अभ्यास कर रहे हैं ताकि लंबे सफर के दौरान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ा जा सके।
    उज्जैन जिले में यात्रा का प्रवास पांच दिनों का प्रस्तावित है। पहला पड़ाव कनिपुरा में होगा। इसके बाद यात्रा सिंदूरिया तराना और कनासिया से होते हुए शाजापुर जिले में प्रवेश करेगी। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान धार्मिक आयोजनों और जनसंपर्क के जरिए यात्रा के संदेश को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है।
    यात्रा के लिए विशेष रथ तैयार किया जा रहा है जिसमें पांच पवित्र नदियों के जल से भरे कलश स्थापित किए जाएंगे। भरत पोरवाल के निर्देशन में महावीर जैन और सतीश शर्मा रथ निर्माण का काम कर रहे हैं। इसी क्रम में शिप्रा नदी का जल कल्याणपुरा घाट से एकत्र किया गया। सुरेंद्र सुहाने अभिषेक गौर योगेंद्र सिंह परिहार भरत पोरवाल और नासिर पटेल ने इस प्रक्रिया में भाग लिया। शिप्रा नदी से लाया गया जल फिलहाल राजेंद्र वशिष्ठ के निवास स्थित मंदिर में सुरक्षित रखा गया है। यात्रा के शुभारंभ पर इसे विशेष रथ में स्थापित किया जाएगा। अब सभी की निगाहें 20 अक्टूबर को होने वाले शुभारंभ और उज्जैन से अयोध्या तक निकलने वाली इस लंबी पदयात्रा पर टिकी हैं।
  • उज्जैन में रावण दहन की तैयारियां तेज, 8 कारीगर 25 दिन से बना रहे विशाल पुतले, खराब मौसम का भी नहीं होगा ज्यादा असर

    उज्जैन में रावण दहन की तैयारियां तेज, 8 कारीगर 25 दिन से बना रहे विशाल पुतले, खराब मौसम का भी नहीं होगा ज्यादा असर


    उज्जैन ।उज्जैन में दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 20 अक्टूबर को मनाए जाने वाले दशहरे पर इस बार शहर में 101 फीट ऊंचे दो विशाल रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इन पुतलों को खास डिजाइन और आकर्षक स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। दशहरा मैदान और कार्तिक मेला परिसर में होने वाले रावण दहन के लिए दोनों पुतलों का निर्माण दशहरा मैदान में ही किया जा रहा है। फिलहाल कारीगर इन्हें अंतिम रूप देने में जुटे हैं। विशाल आकार के साथ 3D डिजाइन और वाटरप्रूफ बनावट इस बार के पुतलों की खास विशेषता होगी।
    रावण के पुतले तैयार करने वाले कारीगर राम लखन कहार के मुताबिक इस बार उन्होंने तीन स्थानों के लिए पुतले बनाए हैं। इनमें झाल स्कूल के लिए वाल्मीकि रावण का पुतला तैयार किया गया है। वहीं दशहरा मैदान और कार्तिक मेला परिसर के लिए 101 फीट ऊंचे विशाल रावण बनाए जा रहे हैं। दोनों बड़े पुतलों को अलग-अलग थीम और रूप देने की तैयारी की गई है ताकि दशहरा उत्सव के दौरान वे लोगों के आकर्षण का केंद्र बन सकें।
    दशहरा मैदान में तैयार हो रहे रावण के पुतले को राक्षसी सेना के राजा का स्वरूप दिया जा रहा है। इसे सामान्य रावण की तरह दिखाने के बजाय एक विशाल और प्रभावशाली राजा के रूप में सजाया जा रहा है। इसके चेहरे पर राक्षसी छवि उभारी जा रही है। बड़े-बड़े दांत और मुकुट पर लगाए जा रहे सींग इसके स्वरूप को खास बनाएंगे। इस डिजाइन के कारण पुतले की ऊंचाई निर्धारित 101 फीट से कुछ अधिक भी हो सकती है। कारीगरों की कोशिश है कि रावण का स्वरूप दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करे और आयोजन की भव्यता बढ़ाए।
    इस बार पुतलों को फुल 3D डिजाइन में तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य रावण की आकृति को अधिक वास्तविक और आकर्षक रूप देना है। इसके साथ ही पुतलों को वाटरप्रूफ बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है ताकि बारिश या खराब मौसम के कारण निर्माण सामग्री पर कम से कम असर पड़े। दशहरा पर्व के दौरान मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए यह तैयारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्तिक मेला परिसर के लिए तैयार किए जा रहे 101 फीट ऊंचे रावण को भी राजा जैसा रूप दिया गया है। उसके हाथ में कांटेदार पारंपरिक हथियार रहेगा जो पुतले के प्रभावशाली स्वरूप को और उभारेगा।
    दोनों विशाल पुतलों को तैयार करने के लिए आठ कारीगरों की टीम पिछले करीब 25 दिनों से लगातार काम कर रही है। पुतलों का ढांचा तैयार करने से लेकर उनके चेहरे की बनावट सजावट और अंतिम फिनिशिंग तक कई चरणों में काम किया जा रहा है। अब दोनों पुतलों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। आयोजकों की तैयारी है कि दशहरा पर्व से पहले निर्माण का काम पूरा कर लिया जाए ताकि रावण दहन के आयोजन में किसी तरह की परेशानी न आए।
    इस बार उज्जैन में दशहरा मैदान और कार्तिक मेला परिसर में होने वाला रावण दहन विशाल पुतलों और उनकी खास डिजाइन के कारण चर्चा में है। 3D स्वरूप वाटरप्रूफ बनावट और राक्षसी सेना के राजा जैसी थीम आयोजन को अलग पहचान दे सकती है। दशहरा पर्व पर इन पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
  • गरबा पंडालों में संदिग्ध युवकों की रैंडम चेकिंग, रात 2 बजे तक निगरानी, मंदिर जाने वाली महिलाओं के लिए भी विशेष पेट्रोलिंग

    गरबा पंडालों में संदिग्ध युवकों की रैंडम चेकिंग, रात 2 बजे तक निगरानी, मंदिर जाने वाली महिलाओं के लिए भी विशेष पेट्रोलिंग


    उज्जैन । नवरात्रि के दौरान उज्जैन में गरबा पंडालों में शामिल होने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है। शहर में शक्ति स्क्वॉड अभियान के तहत गरबा स्थलों और आसपास के इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उज्जैन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 15 चीता पार्टी और 34 एफआरवी वाहनों में महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। पुलिस टीमें रात 8 बजे से सुबह 2 बजे तक गरबा स्थलों पर निगरानी रखेंगी। इसके अलावा सुबह मंदिर जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है।

    मंगलवार रात शक्ति स्क्वॉड की टीम ने शहर के कई प्रमुख गरबा पंडालों का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान संदिग्ध नजर आने वाले युवकों की रैंडम चेकिंग की गई और उनसे पूछताछ भी की गई। पुलिस ने गरबा स्थलों पर सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया है। इसका उद्देश्य भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और महिलाओं या युवतियों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ अथवा अभद्र व्यवहार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करना है।

    उज्जैन में शक्ति स्क्वॉड अभियान पिछले दो वर्षों से नवरात्रि के दौरान चलाया जा रहा है। इस बार अभियान का तीसरा वर्ष है। इसका मुख्य उद्देश्य गरबा खेलने के बाद देर रात घर लौटने वाली महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। नवरात्रि में गरबा आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीमों को नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

    मंगलवार रात पुलिस ने दशहरा मैदान राजा राम सामाजिक न्याय परिसर इंजीनियरिंग कॉलेज और तारामंडल क्षेत्र के गरबा स्थलों पर पहुंचकर जांच की। इन स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और जरूरत के मुताबिक संदिग्धों से पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह की औचक जांच का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और आयोजनों में शामिल महिलाओं तथा परिवारों के बीच सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना है।

    सुरक्षा व्यवस्था के तहत शहर में 15 चीता पार्टियों और 34 एफआरवी वाहनों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। एफआरवी वाहनों में महिला अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। पुलिस के मुताबिक गरबा आयोजनों के दौरान रात 8 बजे से सुबह 2 बजे तक विशेष निगरानी रहेगी। वहीं सुबह 4 बजे से 8 बजे तक मंदिर जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए चार पेट्रोलिंग वाहन तैनात रहेंगे। इससे सुबह के समय भी प्रमुख रास्तों और मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

    महिलाओं के खिलाफ अपराधों में पहले शामिल रहे लोगों पर भी पुलिस नजर रख रही है। इसके लिए संबंधित लोगों की सूची तैयार की गई है और शक्ति स्क्वॉड की टीमें गरबा पंडालों के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी कर रही हैं। पुलिस का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान महिलाओं और युवतियों को ऐसा माहौल देना है जिसमें वे बिना डर के गरबा आयोजनों में शामिल हो सकें और सुरक्षित घर लौट सकें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छेड़छाड़ या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • 80 वर्षीय बुजुर्ग को आया बैंक अधिकारी का वीडियो कॉल, सीनियर सिटीजन कार्ड का झांसा देकर खाते से उड़ाए 10 लाख

    80 वर्षीय बुजुर्ग को आया बैंक अधिकारी का वीडियो कॉल, सीनियर सिटीजन कार्ड का झांसा देकर खाते से उड़ाए 10 लाख


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है जहां सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 80 वर्षीय रिटायर्ड प्रिंसिपल के बैंक खाते से 10 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपी ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताकर बुजुर्ग से वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर बातचीत की और इसी दौरान ATM कार्ड का नंबर पिन बैंक खाते की जानकारी तथा जन्मतिथि हासिल कर ली। कुछ समय बाद बुजुर्ग को ठगी का संदेह हुआ तो उन्होंने पड़ोसी को घटना की जानकारी दी और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि तब तक उनके खाते से तीन बार में पूरी रकम निकाली जा चुकी थी। माधव नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    पुलिस के अनुसार फरियादी सनत कुमार जैन उज्जैन के निर्माण नगर सेठीनगर क्षेत्र के निवासी हैं। वह आईटीआई कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। 11 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे उनके वॉट्सऐप नंबर पर एक अनजान मोबाइल नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया। उसने बुजुर्ग से पूछा कि क्या वह सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाना चाहते हैं। बुजुर्ग ने जब इसमें रुचि दिखाई तो आरोपी ने कार्ड बनवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही।
    इसी बहाने आरोपी ने उनसे ATM कार्ड का नंबर पिन बैंक खाते से संबंधित जानकारी और जन्मतिथि पूछ ली। बुजुर्ग को लगा कि बैंक से जुड़ी औपचारिकता पूरी की जा रही है इसलिए उन्होंने मांगी गई जानकारी साझा कर दी। जानकारी हासिल करने के बाद कॉल करने वाले ने उन्हें कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा और फिर फोन काट दिया। इसके कुछ समय बाद सनत कुमार जैन को आशंका हुई कि उनके साथ धोखाधड़ी हो सकती है। उन्होंने तुरंत अपने पड़ोसी संजय शंकमनिरकर को पूरी घटना बताई। पड़ोसी ने भी इसे साइबर ठगी का मामला होने की आशंका जताई और शिकायत करने की सलाह दी।
    इसके बाद बुजुर्ग ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि खाते में हुए लेनदेन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जब उन्होंने बैंक पासबुक में एंट्री कराई तो पता चला कि खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकाली गई है। पहले खाते से 5 लाख रुपये निकाले गए। इसके बाद 3 लाख रुपये और फिर 2 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। इस तरह कुल 10 लाख रुपये खाते से निकल गए। घटना के सामने आने के बाद परिवार और आसपास के लोगों में भी चिंता का माहौल है।
    माधव नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उस मोबाइल नंबर की जानकारी जुटा रही है जिससे बुजुर्ग को वीडियो कॉल किया गया था। साथ ही खाते से निकाली गई रकम किन खातों में पहुंची और लेनदेन में किन लोगों की भूमिका रही इसकी भी पड़ताल की जा रही है। जांच के जरिए ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
    यह घटना बुजुर्गों को निशाना बनाकर की जाने वाली साइबर ठगी के तरीकों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत भी बताती है। बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले किसी अनजान व्यक्ति को ATM कार्ड का नंबर पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। सीनियर सिटीजन कार्ड या किसी अन्य बैंकिंग सुविधा के नाम पर जानकारी मांगे जाने पर संबंधित बैंक की आधिकारिक शाखा या हेल्पलाइन से पुष्टि करना जरूरी है।