Category: Madhya Pradesh

  • गणतंत्र दिवस 2026: देशभक्ति के रंग में रंगा मध्य प्रदेश, डिप्टी सीएम से लेकर अफसरों तक ने किया झंडा वंदन

    गणतंत्र दिवस 2026: देशभक्ति के रंग में रंगा मध्य प्रदेश, डिप्टी सीएम से लेकर अफसरों तक ने किया झंडा वंदन


    नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश पूरी तरह देशभक्ति के रंग में डूबा नजर आया। प्रदेशभर में 26 जनवरी को उत्साह, उमंग और राष्ट्रीय गौरव के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, सागर और अन्य जिलों तक राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ भव्य परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह आयोजित किए गए। हर जिले में लोकतंत्र और संविधान के प्रति आस्था का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

    राजधानी भोपाल में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने संविधान के मूल्यों, एकता और अखंडता को बनाए रखने का आह्वान किया। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसके आदर्शों पर चलकर ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

    सागर जिले में उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने पीटीसी ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। झंडा वंदन के पश्चात उन्होंने परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित भगवानदास रैकवार का सम्मान कर जिले को गौरवान्वित किया गया। समारोह में विभिन्न स्कूलों और शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिनमें सामाजिक जागरूकता, विकास योजनाओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रही।

    इंदौर में नेहरू स्टेडियम में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने झंडा वंदन किया। उन्होंने परेड की सलामी लेते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समर्पित और ईमानदार अधिकारी-कर्मचारी ही प्रदेश और देश की प्रगति की मजबूत नींव होते हैं। समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया और विद्यार्थियों तथा नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

    प्रदेश के अन्य जिलों में भी मंत्री, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्धारित स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। हर जगह देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संविधान के प्रति निष्ठा के संकल्प के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। कुल मिलाकर गणतंत्र दिवस 2026 ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास के संकल्प को और मजबूत किया।

  • लखनऊ में THAR के पहियों के नीचे 25 मिनट तक फंसा रहा कारोबारी, चीख-पुकार सुन बचाने दौड़े लोग

    लखनऊ में THAR के पहियों के नीचे 25 मिनट तक फंसा रहा कारोबारी, चीख-पुकार सुन बचाने दौड़े लोग

    नई दिल्ली।लखनऊ के पॉश इलाके विभूति खंड में एक थार गाड़ी ने कारोबारी पवन पटेल को कुचल दिया. यह हादसा तब हुआ जब आरोपी चालक कार को आगे-पीछे कर रहा था. इस दौरान पवन पटेल के दोनों पैर गाड़ी के पहियों के नीचे फंस गए और वह करीब 25 मिनट तक वहीं दबे रहे. मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने अफरा-तफरी के बीच कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला.

    सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल कारोबारी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

    25 मिनट तक पहियों के नीचे मची चीख-पुकार
    हादसे के वक्त मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी. बताया जा रहा है कि थार के नीचे दबे पवन पटेल दर्द से तड़पते रहे, लेकिन उन्हें निकालना आसान नहीं था. करीब 25 मिनट की कड़ी जद्दोजहद के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें गाड़ी के नीचे से निकाला जा सका. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और कारोबारी की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है.

    पुलिस की कार्रवाई और हादसे की वजह

    विभूति खंड पुलिस के मुताबिक, यह हादसा गाड़ी को बैक या आगे करने के दौरान लापरवाही की वजह से हुआ. इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और वजह थी.

  • पन्ना के 'जंगल रत्न' बने नेशनल हीरो: पीएम मोदी ने 'मन की बात' में की बीट गार्ड जगदीश अहिरवार की सराहना

    पन्ना के 'जंगल रत्न' बने नेशनल हीरो: पीएम मोदी ने 'मन की बात' में की बीट गार्ड जगदीश अहिरवार की सराहना


    पन्ना/नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के एक साधारण से बीट गार्ड ने अपनी असाधारण लगन से पूरे देश का ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात में पन्ना के वनकर्मी जगदीश प्रसाद अहिरवार के कार्यों की विशेष रूप से चर्चा की। पीएम ने जगदीश के ‘औषधीय ज्ञान’ और प्रकृति के प्रति उनके समर्पण को देश के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया है।जमीनी स्तर पर काम करने वाले एक वनकर्मी को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान न केवल पन्ना जिले, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के वन विभाग के लिए गौरव का विषय है।

    जगदीश का औषधीय खजाना सवा सौ पौधों की पहचान

    प्रधानमंत्री ने देश को बताया कि जगदीश प्रसाद अहिरवार ने अपने वन सेवा कार्यकाल के दौरान केवल ड्यूटी ही नहीं की बल्कि जंगलों को एक चलती-फिरती ‘किताब’ की तरह पढ़ा। अद्भुत संकलन जगदीश ने पन्ना के जंगलों में पाए जाने वाले 125 सवा सौ से अधिक औषधीय पौधों की पहचान की। विस्तृत शोध उन्होंने इन पौधों के केवल नाम ही नहीं जुटाए, बल्कि उनके वैज्ञानिक नाम, स्थानीय उपयोग, औषधीय गुण और पारंपरिक उपचार पद्धतियों को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया। जमीनी मेहनत: यह कार्य किसी लैब में नहीं, बल्कि वर्षों तक जंगल की पगडंडियों पर चलने, स्थानीय जानकारों से संवाद करने और निरंतर अवलोकन करने का परिणाम है।

    पीएम मोदी ने क्यों की तारीफ

    प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि जगदीश जैसे कर्मठ लोग हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और जैव-विविधता के संरक्षण के असली प्रहरी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा जगदीश प्रसाद जी ने जंगलों की जिस संपदा को दस्तावेजों में सहेजा है, वह हमारी आने वाली पीढ़ियों और आयुर्वेद के क्षेत्र में काम करने वाले शोधकर्ताओं के लिए बहुत कीमती है।

    वनकर्मियों के योगदान को मिली नई पहचान

    अक्सर बीट गार्ड जैसे निचले स्तर के कर्मचारी गुमनामी में रहकर जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हैं। जगदीश अहिरवार का उल्लेख होने से पूरे देश के वनकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। पन्ना के अधिकारियों के अनुसार, जगदीश का यह ज्ञान अब स्थानीय स्तर पर लोगों को जड़ी-बूटियों के प्रति जागरूक करने में काम आ रहा है।

  • भोजशाला में 'मिशन शांति' सफल: 8 हजार जवानों की मुस्तैदी के बाद थिरके खाकी के कदम, वायरल हुआ जश्न का वीडियो

    भोजशाला में 'मिशन शांति' सफल: 8 हजार जवानों की मुस्तैदी के बाद थिरके खाकी के कदम, वायरल हुआ जश्न का वीडियो


    धार । मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला परिसर में ‘वसंत पंचमी’ का महापर्व इस बार आपसी सौहार्द और कड़े सुरक्षा घेरे के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पिछले कई दिनों से बिना सोए दिन-रात तनावपूर्ण ड्यूटी कर रहे करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों ने जब शनिवार को राहत की सांस ली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनी कर्तव्यनिष्ठा की अग्निपरीक्षा में पास होने के बाद पुलिस लाइन में आयोजित एक भोज के दौरान जवानों का मानवीय और खुशनुमा चेहरा सामने आया, जहां वे फिल्मी गानों पर जमकर थिरकते नजर आए।

    खाकी का तनावमुक्त अवतार: ड्यूटी के बाद ‘डांस’ का तड़का

    शुक्रवार को भोजशाला में पूजा और नमाज का संयोग एक ही दिन था, जिसे लेकर प्रशासन और पुलिस पर भारी दबाव था। स्थानीय पुलिस से लेकर केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 7,000 से 8,000 जवानों ने शहर के चप्पे-चप्पे पर पहरा दिया। लगातार फ्लैग मार्च और बिना ब्रेक के की गई ड्यूटी के बाद शनिवार को धार पुलिस लाइन में इन जवानों के लिए ‘विशेष भोज’ का आयोजन किया गया था।अनायास बना जश्न का माहौल: रक्षित निरीक्षक पुरुषोत्तम विश्नोई के अनुसार, विभाग की ओर से केवल भोजन की व्यवस्था थी, लेकिन ड्यूटी आवंटन के लिए लगे स्पीकर्स पर जैसे ही संगीत बजा, जवानों ने अपनी थकान मिटाने के लिए डांस करना शुरू कर दिया।सोशल मीडिया पर वायरल: वर्दी में जवानों के इस डांस का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग पुलिसकर्मियों के इस तनावमुक्ति के तरीके और उनकी कड़ी मेहनत की जमकर सराहना कर रहे हैं।

    शांतिपूर्ण आयोजन: एक बड़ी उपलब्धि

    भोजशाला विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार की चुनौती बड़ी थी। पुलिस बल ने जिस धैर्य और अनुशासन के साथ हजारों की भीड़ को नियंत्रित किया, उसने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की एक मिसाल पेश की है। दिन-रात की कठिन ड्यूटी और फ्लैग मार्च के बाद जब जिम्मेदारी सफलतापूर्वक पूरी हुई, तो जवानों का यह उत्साह स्वाभाविक था। यह उनके मानसिक तनाव को कम करने की एक सकारात्मक पहल है। स्थानीय अधिकारी

    मानवीय पक्ष की प्रशंसा

    अक्सर पुलिस का सख्त चेहरा ही सामने आता है, लेकिन धार का यह वीडियो दिखाता है कि वर्दी के पीछे भी एक इंसान है, जिसे लंबी थकान के बाद मुस्कुराने और थिरकने का पूरा हक है। शहरवासियों ने भी पुलिस की इस भूमिका की प्रशंसा की है, क्योंकि उनकी सजगता के कारण ही शहर में शांति और भाईचारा बना रहा।

  • बीना रेलवे फाटक ओवरब्रिज पर गड्ढों से खतरा, विधायक निर्मला सप्रे ने दी आंदोलन की चेतावनी

    बीना रेलवे फाटक ओवरब्रिज पर गड्ढों से खतरा, विधायक निर्मला सप्रे ने दी आंदोलन की चेतावनी


    बीना /सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में बीना शहर के झांसी फाटक ओवरब्रिज पर सड़क की बिगड़ती हालत ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ओवरब्रिज के निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही खतरे में है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इस मामले में विधायक निर्मला सप्रे ने रेलवे और सेतु विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो वह और उनके पार्टी कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे।

    मरम्मत कार्य नाममात्र ही हुआ

    स्थानीय लोगों और पार्षद बीडी रजक के अनुसार, ओवरब्रिज कई वर्षों के संघर्ष और दोनों विभागों की सहयोगी प्रक्रिया के बाद बना था। निर्माण पूरा होने के कुछ महीनों में ही सड़क पर गहरे गड्ढे पड़ने लगे। स्थानीय वाहन चालक कई बार दुर्घटनाओं का शिकार हुए। गड्ढों के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। पार्षद और नागरिकों ने कई बार धरना प्रदर्शन और शिकायत के माध्यम से मरम्मत की मांग की, लेकिन विभागीय कार्रवाई नाममात्र ही हुई। इससे लोगों में भारी आक्रोश है।

    विभागीय समन्वय की कमी का उदाहरण

    विधायक निर्मला सप्रे का कहना है कि उन्होंने कई अवसरों पर रेलवे और सेतु विभाग के अधिकारियों से गड्ढों की समस्या के बारे में बात की, लेकिन दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। उनका कहना है कि “किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली, जिसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो वह मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन करेंगे और जनता की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएंगे। विधायक ने बताया कि झांसी फाटक ओवरब्रिज का महत्व इसलिए भी है क्योंकि पहले रेलवे क्रॉसिंग की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा था। ओवरब्रिज बनने के बाद भी गड्ढों के कारण यही जोखिम कायम है। उन्होंने विभागों से अपील की कि तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जाए और सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।

    स्थानीय लोगों की परेशानियां

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गड्ढों के कारण वाहन चालकों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। छात्रों और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए यह सड़क रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे अधिक इस्तेमाल होती है। सड़क की खस्ता हालत ने लोगों में निराशा और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया है। पार्षद बीडी रजक ने भी कहा कि लंबे समय से विभागीय लापरवाही और अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि बिना विलंब किए मरम्मत कार्य पूरा किया जाए और जनता को राहत मिले। वर्तमान में यह मामला विभागीय समन्वय की कमी और जनप्रतिनिधियों की चेतावनी को गंभीरता से न लेने का उदाहरण बन गया है। विधायक निर्मला सप्रे का आंदोलन की चेतावनी देने का निर्णय इस बात का संकेत है कि स्थानीय लोग अब इंतजार करने को तैयार नहीं हैं।

  • MP Board Exam 2025-26: नकल पर नकेल कसने की पूरी तैयारी, प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग; मोबाइल एप से होगी हर कदम की निगरानी

    MP Board Exam 2025-26: नकल पर नकेल कसने की पूरी तैयारी, प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग; मोबाइल एप से होगी हर कदम की निगरानी

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    भोपाल । मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल MPBSE ने बोर्ड परीक्षाओं 2025-26 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार परीक्षा में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    प्रश्न-पत्रों की होगी डबल पैकिंग

    एमपी बोर्ड ने नकल और पेपर लीक रोकने के लिए इस बार प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग व्यवस्था लागू की है। प्रश्न-पत्रों को पहले सीलबंद पैकेट में रखा जाएगा और फिर इन्हें लोहे की पेटियों में सुरक्षित किया जाएगा। ये पेटियां पूरी तरह सील रहेंगी और परीक्षा वाले दिन ही सीधे परीक्षा केंद्र के एग्जाम हॉल में खोली जाएंगी। इससे पहले किसी भी स्तर पर प्रश्न-पत्र खोलने की अनुमति नहीं होगी।बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था से प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी और पेपर लीक की आशंका लगभग खत्म हो जाएगी।

    मोबाइल एप से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग

    इस बार बोर्ड परीक्षा की निगरानी पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से की जाएगी। मंडल द्वारा विकसित विशेष मोबाइल एप के माध्यम से प्रश्न-पत्रों के हर बंडल की निगरानी की जाएगी। परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारियों और केंद्राध्यक्षों को यह एप अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। इस एप के जरिए प्रश्न-पत्र खोलने का समय प्रश्न-पत्र वितरण की जानकारी परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल तैयार होने की एंट्री मूल्यांकन केंद्र पर बंडल जमा करने की पुष्टि जैसी सभी जानकारियां रियल-टाइम में बोर्ड मुख्यालय तक पहुंचेंगी। साथ ही हर बंडल की लोकेशन ट्रैक की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    नकल पर सख्त कार्रवाई

    एमपी बोर्ड पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सामूहिक नकल की स्थिति में पूरे परीक्षा केंद्र की परीक्षा निरस्त की जा सकती है। इसके अलावा दोषी पाए जाने पर संबंधित छात्रों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी। नियमों के अनुसार, गंभीर मामलों में तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

    10 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं

    एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। इस वर्ष प्रदेशभर से करीब 16 लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और अनुशासन को लेकर जिला स्तर पर भी विशेष टीमें गठित की गई हैं।

    छात्रों से अपील

    बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हों। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

  • तलाक केस में बड़ा विवाद: महिला के वकील ने बदला पक्ष, कोर्ट में दी धमकी; मामला थाने तक पहुंचा

    तलाक केस में बड़ा विवाद: महिला के वकील ने बदला पक्ष, कोर्ट में दी धमकी; मामला थाने तक पहुंचा

    बैतूल । जिला न्यायालय परिसर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब तलाक के एक मामले को लेकर सीनियर अधिवक्ता अंशुल गर्ग और महिला पक्षकार रिया तिवारी के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़ते हुए खुले तौर पर धमकी तक पहुंच गया। महिला द्वारा जज के सामने ही अधिवक्ता को कोर्ट के बाहर देख लेने की धमकी दिए जाने के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।जानकारी के अनुसार, रिया तिवारी ने अपने पति पर प्रताड़ना और धोखे से शादी करने के आरोप लगाए थे। महिला की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था और वह बैतूल जेल में बंद था। इस मामले में शुरुआत में रिया की ओर से अधिवक्ता अंशुल गर्ग पैरवी कर रहे थे।

    केस बीच में छोड़ने पर भड़की महिला

    विवाद की जड़ उस समय बनी जब अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने महिला का केस बीच में छोड़ दिया और बाद में उसी महिला के पति की ओर से पैरवी करते हुए उसकी जमानत करवा दी। इस बात से आहत और नाराज रिया तिवारी ने अदालत में ही अधिवक्ता पर गंभीर आरोप लगाए और कथित तौर पर धमकी दे दी कोर्ट परिसर में हुए इस घटनाक्रम के बाद माहौल गरमा गया। अधिवक्ता अंशुल गर्ग और बार काउंसिल से जुड़े अन्य सदस्य कोतवाली थाना पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस एफआईआर दर्ज कर ही रही थी कि इसी दौरान महिला रिया तिवारी भी थाने पहुंच गई, जहां एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।

    पुलिस ने कराई सुलह की कोशिश

    कोतवाली थाना पुलिस को दोनों पक्षों को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालात को देखते हुए पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाइश दी। हालांकि मामला पूरी तरह शांत होने में समय लगा।

    महिला पर मामला दर्ज

    रिया तिवारी का आरोप है कि अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने उसे धोखा दिया और अधिक पैसे लेकर पाला बदल लिया। उसका कहना है कि तलाक का केस छोड़कर पति को जमानत दिलाना नैतिक और पेशेवर रूप से गलत है। वहीं अधिवक्ता अंशुल गर्ग का कहना है कि वे किस पक्ष की पैरवी करेंगे, यह उनका कानूनी अधिकार है और इसके लिए उन्हें धमकाया या डराया नहीं जा सकता। कोतवाली थाना पुलिस ने महिला रिया तिवारी के खिलाफ धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

  • उज्जैन में अलग अंदाज में नजर आए सीएम डॉ. मोहन यादव: बैलगाड़ी चलाकर जीता जनता का दिल, शंख-खड़ताल बजाई, भजन गाकर लहराई धर्म ध्वजा

    उज्जैन में अलग अंदाज में नजर आए सीएम डॉ. मोहन यादव: बैलगाड़ी चलाकर जीता जनता का दिल, शंख-खड़ताल बजाई, भजन गाकर लहराई धर्म ध्वजा


    उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार सुबह उज्जैन में एक बिल्कुल अलग और अनोखे अंदाज में नजर आए। धर्म नगरी उज्जैन में आयोजित आनंद उत्सव राहगीरी कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सीएम ने न केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों को अपनाया, बल्कि अपनी सादगी और सहज व्यवहार से आमजन का दिल भी जीत लिया। मुख्यमंत्री का यह रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं। रविवार सुबह आयोजित आनंद उत्सव राहगीरी कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलन कर की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खेलों, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामुदायिक मेलजोल को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए।

    बैलगाड़ी चलाकर दिखाया सादगी भरा अंदाज

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सबसे खास और चर्चित पल तब देखने को मिला, जब उन्होंने पारंपरिक बैलगाड़ी की लगाम खुद अपने हाथों में थाम ली। मुख्यमंत्री ने बैलगाड़ी की सवारी ही नहीं की, बल्कि स्वयं उसे आगे बढ़ाया। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच जनता ने मुख्यमंत्री का उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य परंपरा और सादगी के संगम के रूप में देखा गया।

    शंख-खड़ताल बजाकर गाया भजन

    राहगीरी उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने शंख और खड़ताल बजाई, धर्म ध्वजा लहराई और भजन गाकर भक्तिमय माहौल बना दिया। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर मौजूद कलाकारों और आमजन ने भी भजन में सुर मिलाया। पूरा वातावरण धार्मिक उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।

    परेड की सलामी और सुरक्षा संदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहगीरी उत्सव से पहले पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त परेड की सलामी भी ली। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों के अनुशासन और सेवा भावना की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यातायात सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को स्वयं हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाया।

    बच्चों को उपहार, मंचों पर हुआ स्वागत

    राहगीरी उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार वितरित किए और उनसे संवाद भी किया। विभिन्न मंचों पर कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जहां मुख्यमंत्री का जगह-जगह स्वागत और सम्मान किया गया। आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार को बेहद सराहा।

    उज्जैन को मिलेंगी करोड़ों की सौगात

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पूरे दिन उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे धर्म नगरी उज्जैन को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों में भी मुख्यमंत्री शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य उज्जैन को धार्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक और विकास के केंद्र के रूप में और मजबूत करना है। कुल मिलाकर आनंद उत्सव राहगीरी में मुख्यमंत्री का यह अलग और सहज अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सादगी, संस्कृति और संवेदनशीलता के इस संगम ने उज्जैनवासियों को एक यादगार सुबह का अनुभव दिया।

  • इंदौर में कार रेंटल धोखाधड़ी का खुलासा: आरोपी ने किराए पर लेकर गिरवी रखी 24 लग्जरी कारें, कीमत 3 करोड़

    इंदौर में कार रेंटल धोखाधड़ी का खुलासा: आरोपी ने किराए पर लेकर गिरवी रखी 24 लग्जरी कारें, कीमत 3 करोड़



    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में कार रेंटल के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने शातिर आरोपी संजय कालरा को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से करीब 3 करोड़ रुपये कीमत की 24 लग्जरी कारें जब्त की गई हैं। अब तक इस मामले में 40 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस को और बड़े खुलासों की उम्मीद है।

    मामला तब सामने आया जब एक फरियादी ने शिकायत दी कि आरोपी ने उसकी कार किराए पर ली थी।

    शुरू में आरोपी नियमित रूप से किराया देता रहा, लेकिन कुछ महीने बाद अचानक भुगतान रोक दिया। जब फरियादी ने कार वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शिकायत दर्ज होने के बाद कई और पीड़ित सामने आए।

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी महंगी और लग्जरी गाड़ियां किराए पर लेकर उन्हें अलग-अलग जगहों पर गिरवी रखता और मोटी रकम वसूल करता था। आरोपी ने यह तरीका सिर्फ इंदौर में ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी अपनाया।

    ऑडी, एक्सयूवी, थार जैसी कई महंगी कारें इस धोखाधड़ी का हिस्सा रही हैं।

    अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में संजय कालरा ने अब तक की गई ठगी स्वीकार की। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 24 लग्जरी कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 3 करोड़ रुपये है।

    डीसीपी आनंद कलादि के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अब तक 40 से अधिक शिकायतें मिली हैं। पुलिस की पूछताछ अभी जारी है और 16 और कारों की बरामदगी होने की संभावना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन शामिल था और गिरवी रखी गई कारों के पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।

  • 25 जनवरी महाकाल भस्म आरती: चंद्र अर्पण और चंदन से हुआ दिव्य श्रृंगार, अलसुबह उमड़े श्रद्धालु, घर बैठे करें बाबा महाकाल के दर्शन

    25 जनवरी महाकाल भस्म आरती: चंद्र अर्पण और चंदन से हुआ दिव्य श्रृंगार, अलसुबह उमड़े श्रद्धालु, घर बैठे करें बाबा महाकाल के दर्शन


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार को अलसुबह भव्य और दिव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया। तड़के ठीक 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही बाबा महाकाल के जयकारों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष और मनोहारी श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

    मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों द्वारा विधि-विधान से गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। अभिषेक क्रम में दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से भगवान का अभिषेक संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार और वैदिक विधानों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

    अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। भगवान के मस्तक पर चंद्र अर्पित किया गया, वहीं चंदन से त्रिपुंड और त्रिनेत्र अंकित कर भांग से मनोहारी श्रृंगार रचा गया। श्रृंगार के इस अलौकिक स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम के जल का अर्पण किया गया और ध्यान मंत्रों के साथ भगवान का आवाहन किया गया।

    भस्म अर्पण की परंपरा के तहत कपूर आरती की गई। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर विधि-विधान से भस्म रमाई गई। भस्म आरती के इस दुर्लभ दृश्य को देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु अलसुबह ही मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। भस्म रमाने के बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्प अर्पित किए गए। फूलों और आभूषणों से भगवान का भव्य अलंकरण किया गया।

    भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन भी किए। परंपरा अनुसार श्रद्धालु नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते नजर आए। श्रद्धालुओं का मानना है कि नंदी के माध्यम से कही गई प्रार्थना सीधे बाबा महाकाल तक पहुंचती है और शीघ्र फलित होती है।

    पूरे भस्म आरती आयोजन के दौरान जय श्री महाकाल हर-हर महादेव और बाबा महाकाल की जय के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। अलसुबह की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। देश-विदेश से आए भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

    जो श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर दर्शन नहीं कर सके, वे मंदिर समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए लाइव दर्शन के माध्यम से घर बैठे बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सके। महाकाल की भस्म आरती न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारत की सबसे प्राचीन और अद्वितीय धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है।