Category: Madhya Pradesh

  • पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा विदिशा का उदयपुर: सरकार ने दी 'विरासत गांव' की सौगात, चार प्राचीन धरोहरें राज्य संरक्षित घोषित

    पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा विदिशा का उदयपुर: सरकार ने दी 'विरासत गांव' की सौगात, चार प्राचीन धरोहरें राज्य संरक्षित घोषित


    विदिशा । मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत में अब एक और सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। विदिशा जिले की गंजबसौदा तहसील में स्थित ऐतिहासिक गांव ‘उदयपुर’ को मध्य प्रदेश सरकार ने ‘विरासत गांव  के तौर पर विकसित करने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम न केवल इस प्राचीन क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित करेगा, बल्कि इसे देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की सूची में भी अग्रणी स्थान दिलाएगा।

    उदयपुर अपनी भव्य स्थापत्य कला और समृद्ध इतिहास के लिए दुनिया भर के पुरातत्व प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध है। यहाँ का भव्य ‘नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर’ पहले से ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित राष्ट्रीय स्मारक है। अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय ने गांव की चार अन्य महत्वपूर्ण धरोहरों को ‘राज्य संरक्षित स्मारक’ के रूप में अधिसूचित कर दिया है। सरकार की इस योजना के तहत उदयसागर तालाब, प्राचीन गणेश मंदिर और ऐतिहासिक बावड़ी जैसे स्थलों का विशेष जीर्णोद्धार और संरक्षण किया जाएगा।

    विरासत गांव के तौर पर विकसित होने से यहाँ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य यहाँ आने वाले पर्यटकों को मध्य प्रदेश की पौराणिक और शिवकालीन वास्तुकला से रूबरू कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंजबसौदा के उदयपुर में वो तमाम खूबियाँ मौजूद हैं जो इसे खजुराहो या ओरछा जैसी पहचान दिला सकती हैं। संरक्षण की इस पहल से उदयपुर की प्राचीन गलियां, मंदिर और जल संरचनाएं एक बार फिर अपने पुराने वैभव को प्राप्त कर सकेंगी।

  • मसीहा बने डिप्टी सीएम: सड़क किनारे तड़प रहे घायल बालक के लिए रुकवाया काफिला, सरकारी वाहन से भेजा अस्पताल

    मसीहा बने डिप्टी सीएम: सड़क किनारे तड़प रहे घायल बालक के लिए रुकवाया काफिला, सरकारी वाहन से भेजा अस्पताल


    भोपाल। राजनीति के व्यस्त गलियारों के बीच मानवता की एक बेहद मार्मिक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने एक सड़क दुर्घटना में घायल बालक की जान बचाकर संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की है। यह वाकया उस समय हुआ जब श्री शुक्ल सागर प्रवास से वापस भोपाल लौट रहे थे। विदिशा-भोपाल मार्ग पर जैसे ही उनकी नजर एक अचेत अवस्था में पड़े बालक पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल की देरी किए तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया।

    घटनास्थल पर पहुँचकर उप मुख्यमंत्री ने देखा कि बालक अंकित कुमार यादव गंभीर रूप से घायल है और उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता है। एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय श्री शुक्ल ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखा और अपने ही काफिले के ‘फॉलो वाहन’ से बालक को तुरंत निकटतम अस्पताल रवाना किया। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं संबंधित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ को फोन कर घायल बच्चे के उपचार के लिए विशेष निर्देश दिए।

    उप मुख्यमंत्री की इस तत्परता का सुखद परिणाम यह रहा कि बालक अंकित को ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिल सका। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण अब बालक का स्वास्थ्य स्थिर है और उसकी जान खतरे से बाहर है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अब आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कर रही है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उप मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की जा रही है, जो यह संदेश देता है कि पद और पावर से ऊपर किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है।

  • MP मॉर्निंग न्यूज़: मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक, 100% सैलरी का तोहफा और 60 हजार करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट

    MP मॉर्निंग न्यूज़: मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक, 100% सैलरी का तोहफा और 60 हजार करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट


    भोपाल । कैबिनेट बैठक और कर्मचारियों को सौगात आज शाम 4 बजे मंत्रालय में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। सबसे ज्यादा चर्चा सरकारी कर्मचारियों के 100% वेतन वाले प्रस्ताव पर है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार अब भर्ती के पहले साल से ही पूरा वेतन देने और प्रोबेशन पीरियड परिवीक्षा अवधि के पुराने नियमों को खत्म करने पर विचार कर रही है। यदि इस पर मुहर लगती है, तो हजारों नए कर्मचारियों का सालों का इंतजार खत्म होगा।

    बिजली सेक्टर में ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री आज 4000 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए एक बड़े एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। अनूपपुर जिले में नए पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिसमें करीब 60,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश होगा। इससे न केवल 2030-31 तक राज्य की बिजली मांग पूरी होगी, बल्कि लगभग 8000 लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसमें अडानी पावर और टोरेंट पावर जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स का रंगारंग शुभारंभ राजधानी भोपाल का टीटी नगर स्टेडियम आज शाम 630 बजे युवा ऊर्जा से सराबोर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का उद्घाटन करेंगे। समारोह में मशहूर गायक कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। 28 खेलों में प्रदेश भर के 1 लाख से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे, जो राज्य के खेल इतिहास में एक जनआंदोलन की तरह उभरा है।

    बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल आम जनता के लिए आज मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद आज बैंक खुलने थे, लेकिन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की हड़ताल के कारण ताले नहीं खुलेंगे। बैंक कर्मचारी 5-डे वर्किंग हर शनिवार छुट्टी की मांग पर अड़े हैं। प्रदेश की 7000 से अधिक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा, हालांकि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जारी रहेंगे।

    सियासी हलचल दिल्ली में कांग्रेस की मंथन संगठन को मजबूत करने के लिए एमपी कांग्रेस के दिग्गज जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने दिल्ली में आलाकमान के साथ बैठक की। निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाए और निष्क्रिय जिलाध्यक्षों पर गाज गिर सकती है।

  • महाकाल के मस्तक पर सजा त्रिशूल: माघ शुक्ल नवमी पर बाबा का दिव्य भांग श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब

    महाकाल के मस्तक पर सजा त्रिशूल: माघ शुक्ल नवमी पर बाबा का दिव्य भांग श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब


    उज्जैन । धर्म और आस्था की नगरी उज्जैन में आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मंगलवार तड़के ठीक 4 बजे जब मंदिर के कपाट खोले गए, तो पूरा परिसर ‘जय महाकाल’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा को दिव्य स्नान कराया गया।

    आज की भस्म आरती विशेष थी क्योंकि बाबा महाकाल के मस्तक पर चंदन का त्रिपुंड और भांग से त्रिनेत्र बनाया गया, साथ ही त्रिशूल अर्पित कर उनका मनमोहक श्रृंगार किया गया। भस्म अर्पण की प्रक्रिया से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और विशेष मंत्रोच्चार के बीच भगवान का आह्वान हुआ। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को सूती वस्त्र से ढांककर भस्म रमाई गई, जो श्रद्धालुओं के लिए किसी साक्षात ईश्वरीय अनुभव से कम नहीं था।

    श्रृंगार के अगले चरण में बाबा को शेषनाग का रजत मुकुट, मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाएं धारण कराई गईं। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से सुसज्जित महाकाल के इस रूप को देख भक्त भाव-विभोर हो उठे। मंदिर के नंदी हॉल में विराजमान नंदी महाराज के कानों में अपनी मनोकामनाएं कहते श्रद्धालु आशीर्वाद मांगते नजर आए। भस्म आरती के दौरान उमड़े इस जनसैलाब ने यह सिद्ध कर दिया कि अवंतिका नगरी में महाकाल की महिमा अपरंपार है। इस भव्य आरती के साथ ही मंदिर में मंगलवार के अन्य विशेष अनुष्ठानों की शुरुआत हुई।

  • MP में कुदरत के दोहरे तेवर: कड़ाके की ठंड के बीच 28 जिलों में बारिश का अलर्ट, 4.9 डिग्री तक लुढ़का पारा

    MP में कुदरत के दोहरे तेवर: कड़ाके की ठंड के बीच 28 जिलों में बारिश का अलर्ट, 4.9 डिग्री तक लुढ़का पारा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इस समय कुदरत के दोहरे तेवर देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां कोहरे और शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया हैवहीं दूसरी तरफ अब बारिश की दस्तक ने ठंड की तीव्रता को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर इस समय साइक्लोनिक सर्कुलेशन चक्रवातीय परिसंचरण और एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले दो दिन यानी 27 और 28 जनवरी को प्रदेश के 28 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    मौसम के इस बदले मिजाज के कारण तापमान में 4.9 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभाग समेत कई इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजगढ़ में पारा गिरकर 6.6 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि दतिया, शिवपुरी और पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों में भी रात का तापमान 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर में पारा 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जिससे उत्तर मध्य प्रदेश में कंपकंपी बढ़ गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 30 जनवरी को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से न केवल जनवरी के अंतिम दिन बल्कि फरवरी की शुरुआत भी बारिश और बूंदाबांदी के साथ हो सकती है। बारिश होने के कारण रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड का अहसास और ज्यादा तीखा होगा।

    इन इलाकों में रहें सावधान आज यानी 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना और सागर जैसे संभागों में बारिश का येलो अलर्ट है। वहीं कल 28 जनवरी को पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों जैसे जबलपुर, शहडोल, सीधी, रीवा और कटनी में पानी गिरने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार

    शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। जिले में लगातार पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाएं यह साफ कर रही हैं कि अपराधियों के मन से वर्दी का खौफ खत्म होता जा रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला देवलौंद थाना क्षेत्र का है जहाँ बाणसागर बाजार में एक ज्वेलरी शॉप को लेकर हुए आपसी विवाद को सुलझाने गए सहायक उप निरीक्षक ASI महेश झा पर सरेआम हमला कर दिया गया।

    घटना के वक्त एएसआई महेश झा दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तभी मौके पर मौजूद सुनील सोनी नामक व्यक्ति ने अपना आपा खो दिया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारी पर हमला बोल दिया। इस झड़प में पुलिसकर्मी को चोटें आई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील सोनी को हिरासत में ले लिया है और उस पर शासकीय कार्य में बाधा डालने व जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर ही पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

    हैरानी की बात यह है कि शहडोल में पुलिस पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो हाल ही में बस स्टैंड पर ड्यूटी कर रहे महेश पाठक को एक बस ने कुचल दिया था वहीं ब्यौहारी में विवाद सुलझाने गए प्रधान आरक्षक और आरक्षक के साथ बस मालिकों द्वारा अभद्रता की गई थी। इसके साथ ही पुलिस लाइन में एक आरक्षक द्वारा सुसाइड की घटना ने विभाग के अंदरूनी तनाव और बाहरी चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

    जिले में कानून की रक्षा करने वालों पर हो रहे इन हमलों ने आम जनता के मन में असुरक्षा का भाव भर दिया है। जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा? फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बना रही है। क्या यह हमलों का सिलसिला पुलिस की नरम कार्यप्रणाली का नतीजा है या प्रशासनिक ढिलाई का? यह एक बड़ा सवाल है।

  • जबलपुर में सनसनी: रिटायर्ड महिला डॉक्टर के अपहरण का आरोप, करोड़ों की संपत्ति पर भू-माफिया की नजर

    जबलपुर में सनसनी: रिटायर्ड महिला डॉक्टर के अपहरण का आरोप, करोड़ों की संपत्ति पर भू-माफिया की नजर


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर के पॉश इलाके राइट टाउन से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने वाली 70 वर्षीय रिटायर्ड महिला डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के अपहरण के आरोपों ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोग महिला डॉक्टर को उनके ही घर से जबरन उठाकर एक कार में बिठाकर ले गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ संदिग्ध लोग उन्हें ले जाते हुए नजर आ रहे हैं।

    डॉ. हेमलता की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने पुलिस को पत्र लिखकर इस मामले में गहरी साजिश और अपहरण की आशंका जताई है। घटना के दौरान जब पड़ोसी डॉ. मुखर्जी ने हस्तक्षेप कर पूछताछ करने की कोशिश की, तो इन अज्ञात लोगों ने उनके साथ भी बदतमीजी की और खुद को किसी बड़े प्रसिद्ध मंदिर के ट्रस्ट से जुड़ा हुआ बताया। हालांकि, स्थानीय लोगों और चिकित्सा जगत के जानकारों का मानना है कि यह कोई धार्मिक सेवा नहीं, बल्कि महिला की करोड़ों की बेशकीमती संपत्ति को हड़पने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश है।

    पीड़ित डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की स्थिति इस समय बेहद नाजुक है। हाल ही में एक महीने पहले उनके पति का निधन हुआ है और कुछ साल पहले वे अपने इकलौते डॉक्टर बेटे को भी खो चुकी हैं। घर में अकेली रहने वाली डॉक्टर फिलहाल मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, जिसका फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है। राइट टाउन जैसे महंगे इलाके में उनके बंगले और जमीन की कीमत करोड़ों में है, जिसे कब्जाने के लिए भू-माफिया और आपराधिक तत्व सक्रिय हो गए हैं।

    IMA के हस्तक्षेप के बाद जबलपुर का मदन महल थाना पुलिस हरकत में आया है। पुलिस ने फिलहाल शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और वायरल वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वास्तव में वे लोग किसी मंदिर से जुड़े हैं या केवल जायदाद के दस्तावेजों पर अंगूठे लगवाने के लिए यह नाटक रचा गया है। आने वाले घंटों में पुलिस की जांच यह साफ करेगी कि डॉ. हेमलता सुरक्षित हैं या वे किसी बड़े भू-माफिया सिंडिकेट के चंगुल में फंस चुकी हैं।

  • MP में लौटी कड़ाके की ठंड: 15 शहरों में कोल्ड-डे जैसे हालात, 27–28 जनवरी को मावठे और बारिश का अलर्ट

    MP में लौटी कड़ाके की ठंड: 15 शहरों में कोल्ड-डे जैसे हालात, 27–28 जनवरी को मावठे और बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। राजधानी भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 15 से अधिक शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति बनी हुई है। ठंडी हवाओं, घने कोहरे और गिरते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 27 और 28 जनवरी को प्रदेश में मावठा गिरने की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। इस दौरान भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार जताए गए हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक हिमालय क्षेत्र के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, वहीं प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन की भी एक्टिविटी बनी हुई है। इसी सिस्टम के असर से मौसम ने अचानक करवट ली है। शनिवार और रविवार की रात प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दतिया में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री, गुना में 7.7 डिग्री, श्योपुर और पचमढ़ी में 8.4 डिग्री, नौगांव में 9 डिग्री तथा रीवा और रतलाम में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    रविवार को दिन के तापमान में भी खासा असर देखने को मिला। गुना में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कोल्ड-डे की श्रेणी में आता है। नौगांव में अधिकतम तापमान 20 डिग्री, दतिया में 20.1 डिग्री, श्योपुर में 20.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 20.7 डिग्री, शिवपुरी और रतलाम में 21 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 21.2 डिग्री, धार में 21.4 डिग्री, रीवा में 21.6 डिग्री और दमोह में 21.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश के कई शहरों में सुबह और रात के समय घना कोहरा भी छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, सागर, सतना, सीधी, रायसेन, राजगढ़, रीवा, मंडला, मलाजखंड, नौगांव, गुना, खजुराहो, उमरिया और दमोह जैसे जिलों में कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। ठंड और कोहरे के चलते लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

    मौसम विभाग ने बारिश को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, विदिशा, सागर, शिवपुरी, श्योपुर, शाजापुर, अशोकनगर, आगर मालवा, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, रतलाम, राजगढ़, गुना, नीमच और मंदसौर में बारिश होने की संभावना है। वहीं 28 जनवरी को जबलपुर, विदिशा, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, सतना, सागर, रायसेन, मऊगंज, मैहर, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर, उमरिया और कटनी में मावठे के साथ बारिश हो सकती है। कुल मिलाकर प्रदेश में ठंड का असर अभी कुछ दिन और बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, ठंड से बचाव के उपाय अपनाने और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • भोपाल में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने फहराया तिरंगा: परेड की सलामी ली, संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

    भोपाल में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने फहराया तिरंगा: परेड की सलामी ली, संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन


    नई दिल्ली । 77वें गणतंत्र दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। परेड की सलामी लेने के साथ उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का भव्य नज़ारा देखने को मिला। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पूरा वातावरण तिरंगे की शान, देशभक्ति के गीतों और नागरिक गर्व से ओत-प्रोत नजर आया।

    परेड में कुल 23 प्लाटून ने अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। इसके साथ ही अश्वरोही दल, शौर्य दल और डॉग स्क्वाड की प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी प्रभावशाली बना दिया। सशस्त्र बलों और पुलिस टुकड़ियों की सधी हुई कदमताल ने उपस्थित जनसमूह को गर्व की अनुभूति कराई। राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण कर जवानों के उत्साह और अनुशासन की सराहना की।

    झंडा वंदन के पश्चात अपने संबोधन में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने प्रदेश और देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह दिन हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सुदृढ़ करने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है।

    राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान सभा के सभी सदस्यों और अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं महापुरुषों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता और सशक्त संविधान प्राप्त हुआ। बाबा साहेब के विचार सामाजिक न्याय, समता और बंधुत्व के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जो आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक हैं।

    उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मध्य प्रदेश को बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है। उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर प्रदेश निरंतर सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि आज भारत विश्व पटल पर एक सशक्त, आत्मविश्वासी और सम्मानित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है और देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

    राज्यपाल ने किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी तैयारियां पहले से ही की जा रही हैं। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का बजट वर्ष 2002-03 में जहां 600 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य के तहत कृषि विकास का बहुआयामी मॉडल अपनाया गया है, जिसमें तकनीक, नवाचार, प्राकृतिक खेती, बाजार और डिजिटल पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।कुल मिलाकर, भोपाल में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह संविधान के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और विकास के संकल्प को दोहराने का सशक्त मंच बना, जिसने नागरिकों में देश के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।

  • रिंग रोड निर्माण में दर्दनाक हादसा: पुल पिलर की सेंट्रिंग गिरने से मजदूर की मौत, दो घायल

    रिंग रोड निर्माण में दर्दनाक हादसा: पुल पिलर की सेंट्रिंग गिरने से मजदूर की मौत, दो घायल


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार देर रात रिंग रोड निर्माण के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यू भेड़ाघाट क्षेत्र के ललपुर गांव के पास निर्माणाधीन पुल के पिलर की सेंट्रिंग अचानक गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में पश्चिम बंगाल निवासी एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान शेख नैरुद्दीन के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात के समय पुल के पिलर पर सेंट्रिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से भारी ढांचा गिर पड़ा। सेंट्रिंग के नीचे काम कर रहे मजदूर संभल भी नहीं पाए और मलबे में दब गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूरों ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई।

    हादसे में घायल हुए मजदूरों के नाम राहिल और राजेश्वर बताए जा रहे हैं। दोनों को हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों मजदूर फिलहाल निगरानी में हैं और उनका इलाज जारी है।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया और एहतियातन रिंग रोड पर चल रहा निर्माण कार्य तुरंत रोक दिया गया। प्रारंभिक जांच में सेंट्रिंग के गिरने की वजह तकनीकी खामी या लापरवाही मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

    बताया जा रहा है कि रिंग रोड पर यह पुल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बनवाया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण कार्य में नाबालिगों से भी काम कराया जा रहा था और मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जोखिम भरे कार्य में लगाया गया था। हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य आवश्यक सुरक्षा साधनों की कमी के आरोप भी सामने आए हैं।

    इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। मजदूरों की जान की कीमत पर तेजी से काम पूरा करने की प्रवृत्ति पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं मृतक मजदूर के परिजनों को सूचना दे दी गई है और मुआवजे की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है। कुल मिलाकर यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।