Category: Madhya Pradesh

  • MP राज्यसभा चुनाव: BJP ने तीनों सीटें निर्विरोध जीतीं, निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे गए

    MP राज्यसभा चुनाव: BJP ने तीनों सीटें निर्विरोध जीतीं, निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे गए


    मध्‍य प्रदेश । भोपाल में राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के अंतिम चरण के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश की तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली। नामांकन वापसी की अंतिम समयसीमा दोपहर 3 बजे समाप्त होने के बाद चुनावी मुकाबला औपचारिक रूप से खत्म हो गया और भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

    रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने विधानसभा परिसर में भाजपा उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे। इस दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी औपचारिक कदम पूरे किए गए।

     समय सीमा खत्म होते ही साफ हुआ राजनीतिक गणित
    दोपहर 3 बजे नामांकन वापसी की अंतिम समयसीमा समाप्त होते ही यह स्पष्ट हो गया कि किसी अन्य दल से वैध चुनौती नहीं बची है। इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए तीनों भाजपा उम्मीदवारों को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया। चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में कोई अंतिम निर्णय न आने और नामांकन संबंधी विवाद पर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण राजनीतिक हलचल बनी रही, लेकिन कानूनी और चुनावी प्रक्रिया के अनुसार परिणाम तय हो गया।

     कांग्रेस की याचिका पर फैसला टला, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित
    इस बीच कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन इसे शुक्रवार तक के लिए टाल दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला मनमाना और नियमों के विपरीत है।

    वहीं, चुनाव आयोग की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं आया है, जिससे यह विवाद और गहराता नजर आया। हालांकि, समय सीमा समाप्त होने के बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने से भाजपा के पक्ष में स्थिति निर्णायक हो गई।

    भाजपा को मिली राजनीतिक बढ़त, राज्यसभा में मजबूत स्थिति
    तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत के बाद भाजपा की राज्यसभा में स्थिति और मजबूत हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम राज्य में संगठनात्मक मजबूती और विपक्ष की कमजोर स्थिति को भी दर्शाता है। निर्विरोध निर्वाचन ने यह भी संकेत दिया है कि इस चुनावी प्रक्रिया में मुकाबले की संभावना बेहद सीमित रह गई थी, जिसके चलते भाजपा को सीधा लाभ मिला।

    अन्य राज्यों में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत
    इसी चुनावी चरण में गुजरात में भी राज्यसभा की चारों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। राजस्थान में तीन सीटों में से दो पर भाजपा और एक पर कांग्रेस को जीत मिली है। गुजरात और मध्यप्रदेश में निर्विरोध जीत ने भाजपा के लिए राज्यसभा में संसदीय स्थिति को और मजबूत किया है, जबकि विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।

     राजनीतिक संदेश और आगे की दिशा
    राज्यसभा चुनाव के इस परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि कई राज्यों में भाजपा को राजनीतिक बढ़त मिल रही है। वहीं कांग्रेस के भीतर कानूनी और संगठनात्मक रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में ऐसे निर्विरोध परिणाम राज्यसभा की शक्ति संतुलन को और प्रभावित कर सकते हैं।

  • MPL 2026: इंदौर में क्रिकेट का तिहरा धमाका, मालवा-निमाड़ सहित तीन बड़े मुकाबले आज

    MPL 2026: इंदौर में क्रिकेट का तिहरा धमाका, मालवा-निमाड़ सहित तीन बड़े मुकाबले आज


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) का रोमांच गुरुवार को अपने चरम पर है। इंदौर में डेली कॉलेज ग्राउंड और होलकर स्टेडियम पर आज तीन अहम मुकाबले खेले जा रहे हैं, जिनमें अलग-अलग क्षेत्रों की टीमें एक-दूसरे से टकरा रही हैं। दिन की शुरुआत उज्जैन फाल्कन्स और जबलपुर रॉयल लायंस के मुकाबले से हुई, जिसमें दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

    मालवा स्टैलियन्स vs रॉयल निमाड़ ईगल्स: मध्य प्रदेश की बड़ी भिड़ंत
    दूसरा मुकाबला मालवा स्टैलियन्स और रॉयल निमाड़ ईगल्स के बीच हो रहा है। यह मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिच पर बड़े स्कोर की उम्मीद की जा रही है।

    मालवा स्टैलियन्स अपनी अंक तालिका में स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरी है, जबकि रॉयल निमाड़ ईगल्स आक्रामक खेल के दम पर जीत हासिल करने की कोशिश में है।

     रात का रोमांच: चंबल घड़ियाल्स vs ग्वालियर चीता
    दिन का तीसरा और सबसे रोमांचक मुकाबला रात 7:30 बजे होलकर स्टेडियम की फ्लडलाइट्स में खेला जाएगा। इसमें चंबल घड़ियाल्स और ग्वालियर चीता आमने-सामने होंगे।

    चंबल घड़ियाल्स अपनी मजबूत गेंदबाजी के लिए जानी जाती है, जबकि ग्वालियर चीता की टीम आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर मैच पलटने की क्षमता रखती है। यह मुकाबला अंक तालिका के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

    चौके-छक्कों की उम्मीद, दर्शकों के लिए फुल एंटरटेनमें
    होलकर स्टेडियम और डेली कॉलेज ग्राउंड की पिचें अब तक बल्लेबाजों के लिए मददगार रही हैं। ऐसे में आज के सभी मुकाबलों में बड़े शॉट्स, तेज रनगति और रोमांचक मोड़ देखने की पूरी संभावना है। दर्शकों के लिए यह दिन क्रिकेट से भरपूर मनोरंजन लेकर आया है, जहां हर मैच के साथ उत्साह और बढ़ता जा रहा है।

  • इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी

    इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, लेकिन राहत की बारिश फिलहाल दूर नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों में जहां दिन के तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं रात का तापमान 1 डिग्री बढ़ गया है।

    बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में मामूली वृद्धि के साथ दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना रहा।

     प्री-मानसून कमजोर, बारिश का इंतजार लंबा
    इस बार इंदौर में प्री-मानसून गतिविधियां बेहद कमजोर बनी हुई हैं। अब तक शहर में केवल करीब 1 इंच बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी कम मानी जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा, लेकिन उमस लोगों को परेशान करती रहेगी।

     प्रदेश में बारिश, लेकिन इंदौर में सूखा जैसा मौसम
    मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर, जबलपुर, बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र में मौसम सक्रिय है, लेकिन इंदौर और आसपास का इलाका इस सिस्टम से लगभग बाहर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी वजह से इंदौर में बादलों की सक्रियता नहीं बन पा रही है और बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

    आने वाले दिनों में भी राहत नही
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जून के आसपास ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा, लेकिन इंदौर में फिलहाल बारिश की कोई मजबूत संभावना नहीं दिख रही है।

    उमस और गर्मी से बढ़ी परेशानी
    बारिश न होने और हवा में नमी बढ़ने के कारण शहर में उमस का असर तेज हो गया है। दिन में गर्म हवाएं और रात में चिपचिपी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। लोग अब मानसून की औपचारिक एंट्री का इंतजार कर रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में राहत मिल सके।

  • इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला

    इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित शिव शक्ति नगर के एक पॉश बंगले में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि घर में लगे एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसके चलते पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    घटना रिवाज गार्डन के पीछे स्थित बंगला नंबर 5 की है, जो रितेश राजेंद्र दुबे का बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तेज गर्मी के बीच AC में तकनीकी खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और फिर अचानक ब्लास्ट हो गया। इसके बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई।

    आग लगते ही घर के अंदर मौजूद लोग और स्टाफ घबरा गए और चीख-पुकार मच गई। कई लोग अंदर फंस गए, लेकिन समय रहते स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी।

    सूचना मिलते ही कनाड़िया थाना पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घर में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों ने करीब 8 हजार लीटर पानी की बौछार की और लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में बंगले के अंदर काफी सामान जलकर खाक हो गया।

    फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के सही कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर AC में शॉर्ट सर्किट को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

  • रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति की जांच

    रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति की जांच


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के विभिन्न ठिकानों पर बुधवार को छापामार कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन और प्रारंभिक जांच के बाद विशेष न्यायालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर कार्रवाई की योजना बनाई गई। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार रात से ही टीमों को अलर्ट कर दिया गया था और बुधवार सुबह विभिन्न स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।

    जांच एजेंसियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान इंदौर स्थित आवासीय और व्यवसायिक परिसरों सहित अन्य संपत्तियों की जांच की गई। अधिकारियों ने दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और संपत्ति संबंधी अभिलेखों का परीक्षण शुरू किया है। लोकायुक्त का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों और आय के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।

    पूछताछ के दौरान संबंधित अधिकारी की ओर से वेतन के अतिरिक्त कुछ अन्य आय स्रोतों की जानकारी भी जांच दल को दी गई। इनमें परिवार द्वारा संचालित व्यवसाय, किराये से होने वाली आय तथा पत्नी की आय संबंधी विवरण शामिल बताए गए हैं। जांच एजेंसियां इन दावों और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर रही हैं ताकि वास्तविक आय और अर्जित संपत्तियों के बीच संबंध स्थापित किया जा सके।

    कार्रवाई के दौरान एक बैंक लॉकर की भी जांच की गई, जहां से सोने के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    लोकायुक्त जांच में इंदौर स्थित व्यवसायिक भवन, आवासीय संपत्तियों, प्लॉट और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि होने संबंधी जानकारी भी सामने आई है। संबंधित दस्तावेजों की वैधता, खरीद के समय की परिस्थितियों तथा भुगतान के स्रोतों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां संपत्ति के बाजार मूल्य और घोषित आय के बीच अंतर का भी विश्लेषण कर रही हैं।

    लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार संबंधित अधिकारी लगभग तीन दशक की सेवा अवधि में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ रहे हैं। जांच के दौरान उनके सेवाकाल, आय विवरण, संपत्ति घोषणाओं और वित्तीय अभिलेखों का भी परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों के सत्यापन और मूल्यांकन के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।

    लोकायुक्त ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांचाधीन है। जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही यह तय किया जाएगा कि आय और संपत्ति के बीच कितना अंतर है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई किस आधार पर की जाएगी। फिलहाल दस्तावेजी जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।

  • मानसून से पहले निगम का ‘ऑपरेशन डेंजर’ तेज: इंदौर में 100 से अधिक जर्जर इमारतें रडार पर, हादसे रोकने के लिए कार्रवाई शुरू

    मानसून से पहले निगम का ‘ऑपरेशन डेंजर’ तेज: इंदौर में 100 से अधिक जर्जर इमारतें रडार पर, हादसे रोकने के लिए कार्रवाई शुरू


    मध्‍य प्रदेश । मानसून के आगमन से पहले इंदौर नगर निगम ने शहरवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। बारिश के मौसम में पुराने और कमजोर ढांचों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी उद्देश्य से नगर निगम ने ‘ऑपरेशन डेंजर’ के तहत शहरभर में चिन्हित खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई तेज कर दी है।

    नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जो अत्यधिक जर्जर स्थिति में हैं और बारिश के दौरान किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। प्रारंभिक सर्वे में 100 से अधिक भवनों को जोखिमपूर्ण श्रेणी में रखा गया है। इन भवनों को नगर निगम की विशेष निगरानी सूची में शामिल किया गया है और संबंधित संपत्ति मालिकों को कानूनी नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

    नगर निगम के अपर आयुक्त प्रखर सिंह के मुताबिक, अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिन इमारतों की स्थिति अत्यंत खतरनाक पाई गई है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कई स्थानों पर निगम की टीमें मौके पर पहुंचकर जर्जर संरचनाओं को हटाने और ध्वस्त करने का कार्य कर रही हैं ताकि किसी अप्रिय घटना की संभावना को पहले ही समाप्त किया जा सके।

    अभियान के तहत शहर के अलग-अलग जोन और वार्डों में निगम की टीमें सक्रिय हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से भवनों की स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने से पहले सभी गंभीर रूप से खतरनाक भवनों पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाए।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई भवन अत्यधिक जर्जर दिखाई देता है या उसकी स्थिति लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है, तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जानी चाहिए। इसके अलावा जिन मकान मालिकों के भवन कमजोर या क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, उन्हें भी समय रहते आवश्यक मरम्मत या अन्य सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी गई है।

    प्रशासन का मानना है कि नागरिकों की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता मिलकर संभावित दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोक सकती है। इसी कारण निगम लगातार जागरूकता बढ़ाने के प्रयास भी कर रहा है ताकि लोग जोखिमपूर्ण भवनों के प्रति गंभीरता दिखाएं।

    जर्जर भवनों पर कार्रवाई के साथ-साथ नगर निगम ने मानसून से जुड़ी अन्य चुनौतियों से निपटने की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी, नालों की सफाई, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और कंट्रोल रूम की सक्रियता बढ़ाई गई है। निगम का दावा है कि बारिश के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें चौबीसों घंटे तैयार रहेंगी।

    नगर निगम का कहना है कि सुरक्षित और व्यवस्थित शहर उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी दिशा में मानसून पूर्व यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि बारिश के दौरान नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और संभावित हादसों को समय रहते रोका जा सके।

  • खजराना गणेश मंदिर का होगा भव्य कायाकल्प: दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर से लेकर नए सुविधा केंद्र तक, 30 करोड़ के मास्टर प्लान पर काम शुरू

    खजराना गणेश मंदिर का होगा भव्य कायाकल्प: दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर से लेकर नए सुविधा केंद्र तक, 30 करोड़ के मास्टर प्लान पर काम शुरू


    मध्‍य प्रदेश । देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र खजराना गणेश मंदिर का स्वरूप अब और अधिक भव्य तथा सुविधाजनक बनने जा रहा है। मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा तैयार किए गए व्यापक मास्टर प्लान के तहत पहले चरण के विकास कार्यों की शुरुआत होने वाली है। इस योजना का उद्देश्य मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार पहले चरण में गर्भगृह के प्रवेश द्वार की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इसके लिए द्वार पर लगी लगभग 150 किलोग्राम चांदी को पहले ही सुरक्षित रूप से हटाकर ट्रेजरी में जमा करा दिया गया है। इसके बाद संरचना की तकनीकी जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

    मंदिर के पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार मास्टर प्लान मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा जिला प्रशासन और नगर निगम के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 25 से 30 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जबकि पहले चरण के कार्यों पर 8 से 10 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी और दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अधिकांश कार्य रात के समय किए जाएंगे।

    मास्टर प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मंदिर के सामने स्थित सभा मंडप में बदलाव है। वर्तमान व्यवस्था में आगे खड़े श्रद्धालुओं के कारण पीछे मौजूद लोगों को भगवान के दर्शन करने में कठिनाई होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सभा मंडप को लगभग दो से ढाई फीट नीचे किया जाएगा। इससे लंबी कतार में खड़े श्रद्धालुओं को भी सीधे और सहज रूप से भगवान गणेश के दर्शन हो सकेंगे। साथ ही विशेष अवसरों पर आने वाले अतिथियों और नवविवाहित दंपतियों के लिए भी दर्शन व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी।

    योजना के तहत मंदिर परिसर में दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर का निर्माण भी किया जाएगा। इस कॉरिडोर में व्यवस्थित रेलिंग और कतार प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था होगी, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त स्टेप दर्शन व्यवस्था भी विकसित की जाएगी ताकि किसी भी स्थान पर भीड़ का दबाव न बने और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो।

    मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए कई अन्य सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। इनमें पार्किंग क्षेत्र का विस्तार, पार्किंग तक पहुंचने के लिए रोटरी निर्माण, नई गाड़ियों की पूजा के लिए अलग व्यवस्था, प्रसाद दुकानों के ऊपर शेड, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र तथा हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए वृक्षारोपण शामिल हैं।

    मंदिर परिसर में स्थित 33 छोटे मंदिरों में से कुछ मंदिरों को भी व्यवस्थित तरीके से पुनर्स्थापित किया जाएगा। प्रबंधन का कहना है कि कुछ मंदिरों में झुकाव की स्थिति देखी गई है, इसलिए उनकी संरचनात्मक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जाएगा। इसके अलावा वैदशाला और यज्ञशाला जैसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

    मंदिर प्रबंधन का मानना है कि खजराना गणेश मंदिर एक प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, जिसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और बदलती जरूरतों को देखते हुए यह मास्टर प्लान भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके पूरा होने के बाद मंदिर परिसर न केवल अधिक सुव्यवस्थित होगा, बल्कि श्रद्धालुओं को भी पहले से बेहतर और सुविधाजनक दर्शन अनुभव प्राप्त होगा।

  • छावनी सड़क चौड़ीकरण विवाद में नया मोड़: विरोधी पोस्टरों के बाद अब आभार संदेशों से सजे इलाके के रास्ते

    छावनी सड़क चौड़ीकरण विवाद में नया मोड़: विरोधी पोस्टरों के बाद अब आभार संदेशों से सजे इलाके के रास्ते


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर पिछले कई सप्ताह से जारी विवाद के बीच अब एक नया घटनाक्रम सामने आया है। कुछ दिन पहले तक जहां क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में लगाए गए पोस्टर चर्चा का केंद्र बने हुए थे, वहीं अब उन्हीं इलाकों में मुख्यमंत्री, मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करने वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इस बदलाव ने क्षेत्रीय राजनीति और स्थानीय जनभावनाओं को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

    नगर निगम द्वारा मास्टर प्लान के तहत छावनी और जिंसी क्षेत्र की सड़कों को 60 फीट चौड़ा करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। इस दौरान कई मकानों और दुकानों के हिस्सों को हटाया गया। कार्रवाई के बाद प्रभावित रहवासियों और व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाए थे कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया तथा कुछ स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक हिस्से तोड़े गए। इन आरोपों के चलते क्षेत्र में विरोध का माहौल बन गया था।

    कार्रवाई के बाद कई मकानों और दुकानों के बाहर विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों में प्रशासनिक कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए संदेश लिखे गए थे। कुछ पोस्टरों में भविष्य में इसी तरह की कार्रवाई अन्य क्षेत्रों में होने की आशंका जताते हुए चेतावनी जैसे संदेश भी दिए गए थे। इन पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रही थीं।

    अब उसी क्षेत्र में नए पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। पोस्टरों में मधुमिलन चौराहे से छावनी तक सड़क को 60 फीट चौड़ा किए जाने को व्यापारियों और रहवासियों के हित में बताया गया है। जानकारी के अनुसार ये पोस्टर भाजपा कार्यकर्ता पलक जैन की ओर से लगाए गए हैं।

    सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान एक हादसा भी चर्चा में रहा था। 22 मई को निगम की कार्रवाई के बीच बिजली का एक पोल गिर गया था, जिससे एक डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार घायल डॉक्टर की सर्जरी भी करनी पड़ी थी। इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को लेकर भी सवाल उठे थे।

    इसके अलावा कुछ रहवासियों ने आरोप लगाया था कि कार्रवाई से पहले मकानों पर लगाए गए निशानों में बदलाव किया गया, जिसके कारण कुछ भवनों को अपेक्षा से अधिक नुकसान पहुंचा। वहीं निगम कर्मचारियों पर बदसलूकी और दबाव बनाने जैसे आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से अलग-अलग स्तर पर स्पष्टीकरण दिए जाने की बात सामने आई थी।

    सड़क चौड़ीकरण के विरोध में जनहित पार्टी ने क्षेत्र में ‘न्याय रैली’ भी निकाली थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय और उचित राहत नहीं दी गई। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए थे तथा राहत और मुआवजे की मांग की थी।

    फिलहाल छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नए पोस्टरों के सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है और स्थानीय स्तर पर इसकी राजनीतिक एवं सामाजिक गूंज लगातार बनी हुई है।

  • इंदौर में बेकाबू नगर निगम टैंकर का कहर: कई वाहनों को मारी टक्कर, 4 घायल; गुस्साई भीड़ ने की तोड़फोड़

    इंदौर में बेकाबू नगर निगम टैंकर का कहर: कई वाहनों को मारी टक्कर, 4 घायल; गुस्साई भीड़ ने की तोड़फोड़


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के पटेल ब्रिज पर गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नगर निगम का एक पानी का टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर दौड़ने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर को अपनी ओर तेजी से आता देख सड़क पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। हादसे में चार लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टैंकर के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि टैंकर अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और आगे बढ़ते हुए सड़क पर चल रहे कई वाहनों को टक्कर मारता चला गया। टक्कर की आवाज और घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी के कारण आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए। कुछ ही पलों में इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि स्थिति को गंभीर होते देख चालक ने टैंकर को फुटपाथ की ओर मोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद टैंकर फुटपाथ पर चढ़ गया और वहां लगी रेलिंग को नुकसान पहुंचाते हुए रुक गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि चालक टैंकर को फुटपाथ की ओर नहीं मोड़ता तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था तथा अधिक संख्या में वाहन और लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।

    घटना में तीन से चार कारों और दो मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुंचा है। कई वाहनों के अगले हिस्से और बॉडी को गंभीर क्षति पहुंची है। टैंकर में सवार एक व्यक्ति के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी गंभीर जनहानि की सूचना नहीं मिली है। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली। प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास मौजूद लोगों का आरोप है कि वाहन की तकनीकी स्थिति की समय पर जांच नहीं की गई, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। आक्रोशित लोगों ने टैंकर में तोड़फोड़ भी की। कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा और लंबा जाम लग गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सामान्य बनाने के प्रयास शुरू किए। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। चालक के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है, क्योंकि घटना के बाद उसके मौके से चले जाने की बात सामने आई है।

    पुलिस के अनुसार मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर निगम की ओर से भी वाहन की तकनीकी स्थिति और हादसे के कारणों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।

  • मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर तेज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर तेज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार मजबूत होती जा रही हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है और तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, जबलपुर सहित 34 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण वातावरण में पर्याप्त नमी पहुंच रही है, जिससे प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। यही वजह है कि कई जिलों में दिनभर गर्मी रहने के बावजूद शाम होते-होते मौसम अचानक बदल रहा है और बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।

    बुधवार को बालाघाट, उमरिया और सौंसर सहित कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह मानसून के और सक्रिय होने तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।

    गुरुवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी व्यक्त की गई है।

    मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। वहीं 13 जून के लिए ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मौसम अधिक प्रभावशाली रहने की संभावना है।

    हालांकि बारिश और आंधी के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल संकेत हैं। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि खरीफ फसलों की तैयारी का दौर शुरू हो चुका है।

    फिलहाल नागरिकों को तेज हवाओं, बिजली गिरने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।