Category: Madhya Pradesh

  • राकेश अग्रवाल हत्याकांड में नए सुराग की तलाश, रेलवे स्टेशन के CCTV में कैद हुआ वरुण, रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ के बाद भी पुलिस के हाथ खाली

    राकेश अग्रवाल हत्याकांड में नए सुराग की तलाश, रेलवे स्टेशन के CCTV में कैद हुआ वरुण, रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ के बाद भी पुलिस के हाथ खाली


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। 30 सितंबर को हुई इस वारदात के बाद से मेडिसिनल केयरटेकर वरुण कुमार फरार है और पुलिस अब तक उसका पता नहीं लगा सकी है। आरोपी की तलाश में मध्य प्रदेश समेत पंजाब उत्तर प्रदेश और हरियाणा में संभावित ठिकानों पर जांच की जा रही है। इस बीच भोपाल रेलवे स्टेशन के CCTV कैमरों में वरुण की गतिविधियां सामने आई हैं। फुटेज के मुताबिक वह 30 सितंबर की सुबह करीब 3 बजकर 51 मिनट पर रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिया था। पुलिस अब इन तस्वीरों के आधार पर उसकी फरारी के रास्ते और संभावित यात्रा से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
    वरुण की तलाश को तेज करने के लिए पुलिस उसके रिश्तेदारों दोस्तों और परिचितों से लगातार पूछताछ कर रही है। अब तक 100 से अधिक लोगों से जानकारी जुटाई जा चुकी है। आरोपी के पिता ग्वालियर में बहन पटियाला में और कुछ दोस्त आगरा तथा मथुरा में रहते हैं। पुलिस इन लोगों से तीन से चार बार पूछताछ कर चुकी है। जांचकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि वारदात के बाद वरुण किन लोगों के संपर्क में रहा और क्या उसे फरार होने के दौरान किसी ने मदद पहुंचाई। हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अब तक किसी रिश्तेदार या दोस्त की संलिप्तता सामने नहीं आई है। पुलिस आगरा से वृंदावन जाने वाले मार्ग पर 80 से अधिक स्थानों पर आरोपी के पोस्टर भी चिपका चुकी है ताकि उसके बारे में सूचना मिलने की संभावना बढ़ सके।
    इस हत्याकांड की जांच में एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी का पुराना मामला भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी में निवेश और अधिक रिटर्न का लालच देकर किस्तों में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ली गई लेकिन बाद में पैसे वापस नहीं किए गए। जांच के बाद अक्टूबर 2025 में अजीत के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी और उसे गिरफ्तार भी किया गया था। अब पुलिस इस पुराने मामले से जुड़े लोगों दस्तावेजों अदालत की कार्यवाही और अग्रवाल की गवाही सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि धोखाधड़ी के मामले और हत्या के बीच किसी संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
    पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि वरुण कुमार को 27 सितंबर को वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल के घर काम पर रखा गया था। एजेंसी से उसके दस्तावेज पुराने रोजगार और सत्यापन से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। वरुण का पंजाब के पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी चरित्र प्रमाण पत्र भी मिला है। यह प्रमाण पत्र उसने नौकरी के उद्देश्य से बनवाया था और इसमें उसे अच्छे चरित्र वाला तथा अपराधमुक्त बताया गया था। पुलिस अब इस दस्तावेज की पृष्ठभूमि और नौकरी पर रखे जाने से संबंधित प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
    फिलहाल भोपाल रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज आरोपी की तलाश में महत्वपूर्ण कड़ी बने हुए हैं। पुलिस फुटेज और संभावित यात्रा रिकॉर्ड का मिलान कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्टेशन पर दिखाई देने के बाद वरुण किस दिशा में गया। चार राज्यों में तलाश और परिचितों से पूछताछ के बावजूद आरोपी का पता नहीं चल पाया है। ऐसे में जांच की दिशा अब उसके संभावित ठिकानों संपर्कों और पुराने मामलों से जुड़े तथ्यों पर केंद्रित है। पुलिस को उम्मीद है कि CCTV फुटेज और अन्य जानकारियों के मिलान से फरारी के रास्ते का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

  • भोपाल के श्रमोदय विद्यालय में बच्चों को परोसी गई छिपकली वाली सब्जी! 13 विद्यार्थी बीमार, अस्पताल में भर्ती

    भोपाल के श्रमोदय विद्यालय में बच्चों को परोसी गई छिपकली वाली सब्जी! 13 विद्यार्थी बीमार, अस्पताल में भर्ती


    भोपाल । भोपाल के रातीबड़ स्थित श्रमोदय विद्यालय के हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि आलू की सब्जी में छिपकली मिलने के बावजूद वही सब्जी बच्चों को परोस दी गई, जिसके बाद 13 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल सामान्य है।

    घटना में बीमार हुए विद्यार्थी कक्षा छठवीं से नौवीं तक के हैं। जानकारी के अनुसार, हॉस्टल में खाना खाने के बाद बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल जयप्रकाश (जेपी) अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों की टीम ने उपचार शुरू किया और सभी विद्यार्थियों को निगरानी में रखा गया।

    घटना सामने आने के बाद हॉस्टल में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और कैंटीन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। भोजन तैयार करने से लेकर उसे परोसने तक बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

    परिजनों ने प्रबंधन की सूचना व्यवस्था पर उठाए सवाल

    बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि प्रबंधन ने उन्हें घटना की सूचना समय पर नहीं दी। परिवारों को स्कूल के ग्रुप के माध्यम से मामले का पता चला, जिसके बाद वे अपने बच्चों की स्थिति जानने के लिए जेपी अस्पताल पहुंचे।

    परिजनों के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली थी कि बच्चों को ऐसी सब्जी परोसी गई, जिसमें छिपकली मिली थी। इस मामले ने हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और भोजन की नियमित जांच की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    प्रिंसिपल ने कैंटीन संचालक को थमाया नोटिस

    श्रमोदय विद्यालय की प्रिंसिपल रत्ना दुबे ने बताया कि कैंटीन संचालक की गलती के कारण बच्चों को छिपकली वाली सब्जी परोसी गई। घटना में 13 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ी थी, जिन्हें इलाज के लिए जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रिंसिपल ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली।

    रत्ना दुबे के अनुसार, फिलहाल सभी विद्यार्थी स्वस्थ हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कैंटीन संचालक को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं, जेपी अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर रत्नेश जैन ने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद बच्चों को अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। फिलहाल सभी की हालत सामान्य है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

    पुलिस जांच में जुटी, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

    मामले की जानकारी मिलने के बाद रातीबड़ थाना पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रामबाबू सिंह ने बताया कि परिजनों ने शिकायत की है कि बच्चों को छिपकली वाली सब्जी खिलाई गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कैंटीन संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    हॉस्टल में हुई इस घटना ने विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और खाना बांटने से पहले उसकी जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना होगा कि स्कूल प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदारों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के क्या इंतजाम किए जाते हैं।

  • MP में 20 अक्टूबर से बढ़ेगी रात की ठंड, इंदौर में पारा 15.8 डिग्री पर पहुंचा, दिन में गर्मी बरकरार

    MP में 20 अक्टूबर से बढ़ेगी रात की ठंड, इंदौर में पारा 15.8 डिग्री पर पहुंचा, दिन में गर्मी बरकरार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। कहीं दिन में तेज धूप और गर्मी परेशान कर रही है, तो कहीं रात का तापमान गिरने से ठंडक महसूस होने लगी है। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग के कई इलाकों में मौसम बदला रहा। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि कई जगह बादल छाए रहे।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, सोमवार से सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव खत्म होने की संभावना है। इसके बाद रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर से रात में ठंड बढ़ने का अनुमान जताया है। हालांकि, अक्टूबर के दौरान दिन में गर्मी का असर बना रह सकता है।

    इंदौर सबसे ठंडा, भोपाल में 17.8 डिग्री रहा पारा

    रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में रात का पारा 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा शाजापुर में 16.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.9 डिग्री, पचमढ़ी में 17.5 डिग्री और भोपाल में 17.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

    दूसरी ओर, दिन के तापमान में अभी खास गिरावट नहीं आई है। ग्वालियर और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल दिन और रात के मौसम में अंतर देखने को मिल रहा है।

    रविवार को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना में मौसम में बदलाव देखा गया। कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि अन्य स्थानों पर बादलों की आवाजाही रही।

    पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम पर नजर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में यदि इन मौसम प्रणालियों का असर मध्य प्रदेश तक पहुंचता है, तो कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।

    हालांकि, फिलहाल अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। मौसम प्रणालियों की गतिविधियों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

    3 अक्टूबर को मानसून की विदाई, फिर भी हुई बारिश

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो गया था। इसके बावजूद सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में दोबारा बारिश का दौर देखने को मिला।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की स्थितियां देखने को मिली हैं। इस बार भी मौसम का यही मिला-जुला रूप सामने आ रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने के साथ दिन गर्म रहे, जबकि रात में अपेक्षाकृत ठंडक महसूस हुई। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

    सामान्य से 1.5 इंच कम हुई बारिश

    जून से सितंबर के मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

    क्षेत्रवार आंकड़ों में अंतर रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रहा।

    इन जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के कई जिलों में मानसूनी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। पूर्वी हिस्से में बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में बारिश सामान्य के आंकड़े तक पहुंच गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इसके विपरीत, 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम का दोहरा मिजाज बना हुआ है। दिन में गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, जबकि आने वाले दिनों में रातें ठंडी होने की संभावना है।

  • इंदौर के तीन सरकारी कॉलेजों में वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप, पहली बार मतदाता बनने के लिए 96 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन

    इंदौर के तीन सरकारी कॉलेजों में वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप, पहली बार मतदाता बनने के लिए 96 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन

    मध्य प्रदेश। के इंदौर में युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने और मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तीन सरकारी कॉलेजों में विशेष मतदाता पंजीयन शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के विद्यार्थियों को पहली बार मतदाता पहचान पत्र बनवाने और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में सहायता दी गई। कॉलेज परिसरों में ही पंजीयन की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

    यह अभियान श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, शासकीय होलकर साइंस कॉलेज और शासकीय न्यू लॉ कॉलेज में चलाया गया। शिविरों का उद्देश्य ऐसे पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में शामिल करने में मदद करना था, जिन्होंने अभी तक अपना पंजीयन नहीं कराया है। इसके साथ ही युवाओं को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

    श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में आयोजित शिविर के दौरान कुल 96 विद्यार्थियों ने मतदाता पंजीयन कराया। इनमें पहले दिन 39 विद्यार्थियों ने आवेदन किया, जबकि अंतिम दिन 57 विद्यार्थियों ने पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की। इस तरह दोनों दिनों में पंजीयन कराने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 96 रही। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ममता चंद्रशेखर ने बताया कि मध्य प्रदेश के अन्य सरकारी कॉलेजों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए गए हैं। इनका उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने में सहायता करना है।

    शासकीय होलकर साइंस कॉलेज में भी विद्यार्थियों ने शिविर में हिस्सा लिया। कॉलेज के कर्मचारी राजेंद्र चौरसिया के अनुसार, यहां छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ पंजीयन प्रक्रिया में भाग लिया। शिविर के दौरान लगभग 15 से 20 विद्यार्थी मतदाता पंजीयन के लिए शामिल हुए। इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई और पंजीयन प्रक्रिया को समझने में मदद मिली।

    शासकीय न्यू लॉ कॉलेज में 5 और 9 अक्टूबर को विशेष मतदाता पंजीयन शिविर लगाए गए। दोनों दिन शिविर का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित था। विद्यार्थियों को आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी गई और फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी करने में सहायता की गई। उनसे कक्षा 10वीं की मार्कशीट, बिजली का बिल, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार की फोटो और माता-पिता के मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज लाने को कहा गया था।

    न्यू लॉ कॉलेज की छात्रा डिंपल वर्मा ने बताया कि शिविर में अधिकारियों ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया। उनके अनुसार, दूसरे शहरों से आकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को मतदाता पहचान पत्र बनवाने और उससे जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कॉलेज परिसर में आयोजित शिविर उनके लिए उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें पंजीयन की प्रक्रिया समझने और आवेदन पूरा करने में मदद मिलती है।

    इंदौर जिले में दो लोकसभा क्षेत्र, नौ विधानसभा क्षेत्र और कुल 3,210 मतदान केंद्र हैं। ऐसे में नए मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए कॉलेजों में आयोजित शिविर महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में सामने आए हैं। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नागरिक मतदाता बनने के पात्र होते हैं, लेकिन मतदान करने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। कॉलेजों में चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए विद्यार्थियों को पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने की दिशा में सहायता दी जा रही है।

  • सीजेपी आंदोलन और रेल परिचालन में बदलाव से भोपाल मंडल में 4500 टिकट रद्द, यात्रियों को 35 लाख रुपये का रिफंड मिलेगा

    सीजेपी आंदोलन और रेल परिचालन में बदलाव से भोपाल मंडल में 4500 टिकट रद्द, यात्रियों को 35 लाख रुपये का रिफंड मिलेगा

    मध्य प्रदेश। के भोपाल रेल मंडल में 9 और 10 अक्टूबर को करीब 4500 यात्रियों के टिकट रद्द हुए हैं। सीजेपी आंदोलन और रेल परिचालन में हुए बदलाव के बीच यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। रेलवे प्रशासन के अनुसार, टिकट रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को कुल 35 लाख रुपये का रिफंड दिया जाएगा। यह राशि 24 से 48 घंटे के भीतर यात्रियों के खातों में वापस भेजने की व्यवस्था की गई है।

    रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनें निरस्त होने से प्रभावित यात्रियों को नियमानुसार टिकट का पूरा रिफंड मिलेगा। इसके लिए करीब 35 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मधुर वर्मा ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि उन्हें रिफंड के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि उनके खातों में वापस कर दी जाएगी। इस व्यवस्था से टिकट रद्द होने के कारण प्रभावित यात्रियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

    9 अक्टूबर को दिल्ली की ओर आने-जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें निरस्त रहीं। इनमें मुंबई-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस, जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, एमपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस शामिल थीं। इन ट्रेनों के रद्द होने से दिल्ली जाने वाले और वहां से लौटने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन यात्रियों ने पहले से आरक्षण करा रखा था, उनकी यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हुईं।

    10 अक्टूबर को भी रेल सेवाओं पर असर जारी रहा। दिल्ली से भोपाल आने वाली हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सकी। इसी दिन कोटा-हजरत निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस भी निरस्त रही। लगातार दो दिनों तक ट्रेनों के रद्द होने और परिचालन में बदलाव के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजनाओं में फेरबदल करना पड़ा। कुछ यात्रियों को यात्रा टालनी पड़ी, जबकि अन्य को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

    भोपाल मंडल में रेल परिचालन से जुड़ा एक अन्य बदलाव बीना-आगासौद यार्ड में चल रहे रीमॉडलिंग कार्य के कारण किया गया है। इस काम के चलते 15 अक्टूबर तक करीब 17 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। यार्ड में चल रहे कार्य के कारण निर्धारित अवधि के दौरान संबंधित ट्रेनों का परिचालन बदले हुए मार्गों से किया जा रहा है। इससे यात्रियों के लिए अपनी ट्रेन की स्थिति और यात्रा मार्ग की जानकारी रखना जरूरी हो गया है।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन के परिचालन की स्थिति और बदले हुए मार्ग की जानकारी जांचने की सलाह दी है। खासकर दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन के समय और परिचालन से संबंधित अपडेट की पुष्टि करनी चाहिए। टिकट रद्द होने की स्थिति में प्रभावित यात्रियों को नियमानुसार पूरा रिफंड देने और 24 से 48 घंटे के भीतर 35 लाख रुपये लौटाने की व्यवस्था की गई है। वहीं, बीना-आगासौद यार्ड में रीमॉडलिंग के कारण 15 अक्टूबर तक मार्ग परिवर्तन लागू रहने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनानी होगी।

  • .पूजा-पाठ और त्योहारों को लेकर विवाद में पति पर पत्नी की हत्या का आरोप, राजगढ़ में कुल्हाड़ी से हमला कर वारदात को दिया अंजाम

    .पूजा-पाठ और त्योहारों को लेकर विवाद में पति पर पत्नी की हत्या का आरोप, राजगढ़ में कुल्हाड़ी से हमला कर वारदात को दिया अंजाम

    मध्य प्रदेश: के राजगढ़ जिले में धार्मिक मान्यताओं और पूजा-पाठ को लेकर पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद एक गंभीर आपराधिक घटना में बदल गया। गुराड़खेड़ा गांव में रामबाबू गुर्जर पर अपनी पत्नी गायत्रीबाई गुर्जर (36) की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या करने का आरोप है। घटना शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे की बताई गई है। वारदात के बाद आरोपी पति के फरार होने की जानकारी सामने आई है। यह घटना राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र की है। मृतका के पिता ने बताया कि गायत्रीबाई ने घटना से पहले फोन कर अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। उसने पिता से जल्द आने के लिए कहा था और आशंका व्यक्त की थी कि उसका पति उसे मार देगा। इस फोन कॉल के बाद हुई वारदात से परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

    परिजनों के मुताबिक, रामबाबू और गायत्रीबाई के बीच भगवान में आस्था रखने, पूजा-पाठ करने और त्योहार मनाने को लेकर अक्सर विवाद होता था। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि रामबाबू अपनी पत्नी के पूजा करने पर आपत्ति जताता था। वह उससे कहता था कि भगवान को नहीं मानना चाहिए और भगवान ही सब कुछ नहीं हैं। परिवार के अनुसार, गायत्रीबाई धार्मिक गतिविधियों में रुचि रखती थी, जबकि पति को उसके पूजा-पाठ और त्योहार मनाने से परेशानी थी। यह भी बताया गया कि रामबाबू अधिकतर समय घर से बाहर रहता था। परिजनों ने धार्मिक मान्यताओं को लेकर होने वाले विवाद को इस घटना की पृष्ठभूमि बताया है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    शुरुआती जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह गायत्रीबाई पर कुल्हाड़ी से चार वार किए गए। उसकी पीठ पर तीन और गर्दन पर एक वार किया गया था। हमले में महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। राजगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी मंजू मखेनिया के मुताबिक, पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की टीम को बुलाया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी रामबाबू गुर्जर की तलाश शुरू कर दी है। जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और पारिवारिक विवाद की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

    गुराड़खेड़ा गांव राजगढ़ कोतवाली थाने से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित है। गांव राजस्थान की सीमा से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गायत्रीबाई का शव उसके पिता को सौंप दिया गया। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे शव जिला अस्पताल पहुंचा था। मृतका के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा गब्बर 14 साल का है, जबकि छोटा बेटा धनराज आठ साल का है। मां की मौत के बाद दोनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • ग्वालियर के डबरा में 8 करोड़ की जमीन के विवाद में गोलीबारी, संदीप परिहार की मौत, मौके से करीब 50 कारतूस बरामद

    ग्वालियर के डबरा में 8 करोड़ की जमीन के विवाद में गोलीबारी, संदीप परिहार की मौत, मौके से करीब 50 कारतूस बरामद

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में टेकनपुर के पास शुक्रवार शाम जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। करीब आधे घंटे तक चली इस घटना में संदीप परिहार की मौत हो गई। बताया गया है कि संदीप भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य आलोक शर्मा के भाई नवीन शर्मा का कर्मचारी था। गोलीबारी के दौरान उसके पेट में चार गोलियां लगीं। पुलिस उसे घायल अवस्था में एक स्कूल के अंदर से बरामद कर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे पक्ष के एक युवक के भी गोली लगने से घायल होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विवाद हाईवे से लगी चार बीघा जमीन को लेकर था, जिसकी कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    यह जमीन टेकनपुर बस स्टैंड के पास पुरानी रोड पर स्थित है। इसे लेकर नवीन शर्मा और श्याम गुर्जर के बीच विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, नवीन शर्मा का पिछले तीन वर्षों से इस जमीन पर कब्जा था। शुक्रवार को वहां बाउंड्री वॉल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान श्याम गुर्जर पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ने पर गोलीबारी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां से गुजर रहे लोगों के अनुसार, घटनास्थल पर लगातार गोलियां चलाई गईं। बताया गया कि करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग में बड़ी संख्या में राउंड दागे गए। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    जमीन के स्वामित्व को लेकर भी पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब पांच महीने पहले जमीन की रजिस्ट्री श्याम गुर्जर और विनय गुर्जर के नाम कराई गई थी। रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण भी हो गया था। इससे पहले करीब आठ महीने पूर्व जमीन का इकरारनामा किए जाने के समय भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। बताया गया है कि यह जमीन पहले डबरा निवासी हरीबाबू सेठ की थी, जिसे गुर्जर पक्ष ने खरीद लिया था। इसके बावजूद जमीन पर कब्जे और निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। शुक्रवार को बाउंड्री वॉल के निर्माण के दौरान यही विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। तलाशी के दौरान संदीप परिहार स्कूल के अंदर घायल अवस्था में मिला। उसके पेट में चार गोलियां लगी थीं। पुलिस उसे ग्वालियर लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर खड़ी थार गाड़ी पर भी गोलियों के निशान मिले हैं। पुलिस ने इस गाड़ी से करीब 50 कारतूस बरामद किए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर और आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए। दूसरे पक्ष के एक युवक के घायल होने की जानकारी की भी चर्चा रही, लेकिन पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी।

    मृतक संदीप परिहार के भाई ने विनय गुर्जर, सोनेराम गुर्जर, लालो गुर्जर, बाबा और अन्य लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। पुलिस इन आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर ने बताया कि जमीन विवाद के दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के समय तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। पुलिस की जांच में गोलीबारी की परिस्थितियों, बरामद कारतूसों और दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर चले आ रहे विवाद से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

  • 350 करोड़ की जमीन का विवाद फिर चर्चा में, अयोध्यापुरी मामले में कंपनी की रजिस्ट्री वैध, रहवासी संघ ने दी हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

    350 करोड़ की जमीन का विवाद फिर चर्चा में, अयोध्यापुरी मामले में कंपनी की रजिस्ट्री वैध, रहवासी संघ ने दी हाईकोर्ट जाने की चेतावनी


    इंदौर। शहर की अयोध्यापुरी कॉलोनी की करीब चार एकड़ बेशकीमती जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में जिला कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिला न्यायाधीश डॉ. शुभ्रा सिंह की अदालत ने सिम्पलेक्स इन्वेस्टमेंट एंड मेगा फाइनेंस कंपनी के पक्ष में फैसला देते हुए अयोध्यापुरी रहवासी कल्याण संघ के दावों को खारिज कर दिया।
    विवादित जमीन की मौजूदा कीमत करीब 350 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अदालत ने 65 पेज के फैसले में देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था की ओर से कंपनी के पक्ष में की गई रजिस्ट्री को वैध माना है। इस निर्णय के बाद फिलहाल जमीन के स्वामित्व को लेकर कंपनी की कानूनी स्थिति मजबूत हुई है। हालांकि रहवासी संघ ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है जिससे इस मामले में आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रहने की संभावना है।
    अयोध्यापुरी की इस जमीन को लेकर विवाद का प्रमुख मुद्दा उसके स्वामित्व और सहकारी संस्था की ओर से किए गए हस्तांतरण की वैधता रहा है। अदालत में रहवासी कल्याण संघ की ओर से जमीन पर अपने दावे प्रस्तुत किए गए थे। वहीं कंपनी की ओर से जमीन की खरीद और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को वैध बताया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने 24 फरवरी 2007 को कंपनी के पक्ष में हुई रजिस्ट्री को कानूनी रूप से वैध माना। फैसले के अनुसार संस्था की वार्षिक आमसभा में प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद जमीन बेचने की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
    अदालत ने विवादित अतिरिक्त जमीन पर संस्था के सदस्यों के व्यक्तिगत भूखंड होने के दावे को भी पर्याप्त दस्तावेजों के अभाव में स्वीकार नहीं किया। मामले में संस्था के पास कुल 6.75 लाख वर्गफीट जमीन होने का पक्ष रखा गया था। इसमें सदस्यों को प्लॉट आवंटित किए जाने के बाद बची हुई जमीन कंपनी को बेचे जाने की बात कही गई। रहवासी संघ की ओर से ऐसा ठोस दस्तावेज लेआउट या नक्शा प्रस्तुत नहीं किया जा सका जिससे विवादित अतिरिक्त जमीन पर किसी सदस्य का व्यक्तिगत भूखंड होना साबित हो सके।
    फैसले में संस्था और कंपनी के बीच हुए अनुबंध तथा रजिस्ट्री में धोखाधड़ी के पर्याप्त प्रमाण भी नहीं पाए गए। इसी आधार पर जमीन के हस्तांतरण को अवैध घोषित करने की मांग स्वीकार नहीं की गई। इस निर्णय के साथ जिला कोर्ट ने रहवासी संघ के दावों को खारिज कर दिया। हालांकि यह निचली अदालत का फैसला है और इसके खिलाफ उच्च अदालत में अपील की जा सकती है।
    इस मामले में प्रशासन और सहकारिता विभाग की भूमिका भी चर्चा में रही है। पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह के कार्यकाल में विवादित जमीन की रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल की गई थी। सहकारिता विभाग के माध्यम से कोर्ट में आवेदन भी दिया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान प्रशासन और विभाग की ओर से प्रभावी पक्ष नहीं रखे जाने का मामला सामने आया। अब फैसले के बाद प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।
    अयोध्यापुरी रहवासी कल्याण संघ के सचिव एमके सिंह ने फैसले पर असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही है। उनका दावा है कि जमीन की पहली रजिस्ट्री संस्था के नाम हुई थी और कंपनी ने गलत तरीके से जमीन हासिल कर दोहरी रजिस्ट्री कराई। संघ का कहना है कि विवादित जमीन पर सदस्यों को प्लॉट आवंटित किए जाने हैं। इन दावों पर अब उच्च अदालत में सुनवाई होने की स्थिति बन सकती है।
    कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि अभी अदालत के आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। आदेश मिलने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा और फिर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि कानूनी आधार बनता है तो ऊपरी अदालत में अपील के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल जिला कोर्ट के फैसले ने कंपनी के पक्ष को मजबूती दी है लेकिन रहवासी संघ की प्रस्तावित अपील और प्रशासन के अगले कदम से 350 करोड़ रुपये की इस जमीन का विवाद आगे भी कानूनी चर्चा में बना रह सकता है।
  • जबलपुर के भेड़ाघाट में पर्यटकों को मिलेगी नौका विहार की सुविधा, नर्मदा उत्सव के लिए विशेष इंतजाम, सुरक्षा पर प्रशासन का जोर

    जबलपुर के भेड़ाघाट में पर्यटकों को मिलेगी नौका विहार की सुविधा, नर्मदा उत्सव के लिए विशेष इंतजाम, सुरक्षा पर प्रशासन का जोर


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में नर्मदा उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस उत्सव से पहले नगर परिषद पंचवटी क्षेत्र में नौका विहार की सुविधा दोबारा शुरू करने जा रही है। बरसात के कारण बंद नौका विहार सोमवार से शुरू करने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। नगर परिषद ने नौका विहार के लिए 300 लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई हैं। वहीं पंचकोसी यात्रा और नर्मदा परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त लाइफ जैकेट भी मंगाई गई हैं।
    भेड़ाघाट अपनी प्राकृतिक सुंदरता और नर्मदा नदी के मनमोहक दृश्यों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां स्थित पंचवटी क्षेत्र में नौका विहार पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। बरसात के दौरान नदी के जलस्तर और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए नौका विहार बंद कर दिया गया था। अब मौसम और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसे फिर से शुरू करने की तैयारी की गई है। नौका विहार शुरू होने से यहां आने वाले पर्यटक नर्मदा के प्राकृतिक सौंदर्य का करीब से आनंद ले सकेंगे।
    24 और 25 अक्टूबर को होने वाले नर्मदा उत्सव को लेकर नगर परिषद की ओर से आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। नौकाओं की व्यवस्था से लेकर साफ सफाई और पर्यटकों की सुविधाओं तक विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी ने बताया कि उत्सव को देखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने लोगों से भेड़ाघाट पहुंचकर नौका विहार और नर्मदा उत्सव का आनंद लेने की अपील भी की है।
    नौका विहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसके लिए 300 लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं ताकि नौकाओं में बैठने वाले लोगों को सुरक्षा उपकरण मिल सकें। पंचकोसी यात्रा और नर्मदा परिक्रमा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र में पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त लाइफ जैकेट भी मंगाई गई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक यात्राओं और पर्यटन गतिविधियों के दौरान लोगों को आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध रहें।
    पंचकोसी यात्रा के दौरान पंचवटी से भेड़ाघाट के बीच नौकाओं का संचालन किया जाता है। इस दौरान नौकाओं में गोताखोरों की टीम भी तैनात रहती है ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। नदी में नौका विहार के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है। लाइफ जैकेट का इस्तेमाल और नौका संचालकों के निर्देशों का पालन संभावित दुर्घटनाओं से बचाव में मदद कर सकता है।
    नगर परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नौका विहार शुरू करने से पहले जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। नर्मदा उत्सव के दौरान भेड़ाघाट में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में साफ सफाई सुरक्षा और यातायात सहित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना जरूरी होगा।
    नौका विहार दोबारा शुरू होने और नर्मदा उत्सव की तैयारियों के साथ भेड़ाघाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन की तैयारियों के बीच पर्यटकों से भी अपील है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और नर्मदा की पवित्रता बनाए रखने में सहयोग दें।

  • शिवपुरी में नवरात्रि पर ट्रैफिक प्लान लागू, रात 10 बजे तक फिजिकल रोड पर कार और भारी वाहनों की एंट्री बंद

    शिवपुरी में नवरात्रि पर ट्रैफिक प्लान लागू, रात 10 बजे तक फिजिकल रोड पर कार और भारी वाहनों की एंट्री बंद


    शिवपुरी। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन माता की प्रतिमाएं लेने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शिवपुरी में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शहर के फिजिकल क्षेत्र में रविवार को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक कुछ प्रमुख मार्गों पर कार टैक्सी और भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सड़क पर जाम की स्थिति से बचने के लिए यह व्यवस्था लागू की है। इस दौरान फिजिकल रोड पर केवल दोपहिया वाहन ही चल सकेंगे। वहीं नवरात्रि के दौरान इस मार्ग पर डीजे वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। ऐसे में माता की प्रतिमाएं लेने जाने वाले लोगों और इस क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन चालकों को बदले हुए ट्रैफिक रूट का ध्यान रखना होगा।

    जानकारी के अनुसार शिवपुरी के फिजिकल रोड पर कई मूर्तिकार माता की प्रतिमाएं तैयार करते हैं। नवरात्रि शुरू होने से पहले और पहले दिन जिले के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां प्रतिमाएं लेने पहुंचते हैं। इसके कारण सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है और भीड़ के चलते यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस ने फिजिकल क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने का निर्णय लिया है ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और प्रतिमाएं लेने आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपना काम पूरा कर सकें।

    नई व्यवस्था के तहत पुराने बस स्टैंड से फिजिकल होते हुए आकाशवाणी और पीजी कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर कार टैक्सी और भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। इस सड़क पर केवल दोपहिया वाहन चालकों को जाने की अनुमति होगी। सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लागू इस व्यवस्था के दौरान चार पहिया वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा। इससे फिजिकल रोड पर भीड़ को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    यातायात पुलिस के मुताबिक धर्मवीर घाटी से फिजिकल रोड की ओर भी केवल दोपहिया वाहन ही जा सकेंगे। कार और अन्य चार पहिया वाहनों के साथ भारी वाहन चालकों को दो बत्ती होते हुए परशुराम तिराहे के रास्ते आगे जाना होगा। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे प्रतिबंधित मार्ग पर जाने की कोशिश न करें और अपनी यात्रा के दौरान वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। इससे अनावश्यक जाम से बचा जा सकेगा और दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी नहीं होगी।

    नवरात्रि के दौरान फिजिकल रोड पर डीजे वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। यातायात प्रभारी रणवीर यादव ने बताया कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखना और सड़क पर यातायात को सुरक्षित बनाए रखना है।

    नवरात्रि के पहले दिन माता की प्रतिमाएं लेने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण शिवपुरी के फिजिकल क्षेत्र में यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी रखने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। खासतौर पर कार टैक्सी और भारी वाहन चालकों को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लागू प्रतिबंधों का ध्यान रखना चाहिए। बदले हुए ट्रैफिक रूट का पालन करने से न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि श्रद्धालुओं को भी माता की प्रतिमाएं लेने में सुविधा मिल सकेगी।