Category: Madhya Pradesh

  • फोन पर ऑर्डर, घर तक डिलीवरी: देवास में अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 79 हजार की शराब जब्त

    फोन पर ऑर्डर, घर तक डिलीवरी: देवास में अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 79 हजार की शराब जब्त


    मध्यप्रदेश। देवास में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने एक ऐसे कथित नेटवर्क का खुलासा किया है, जो मोबाइल फोन के माध्यम से ऑर्डर लेकर ग्राहकों तक शराब पहुंचाने का काम कर रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 79 हजार रुपये मूल्य की 84 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर के जयप्रकाश नगर क्षेत्र में एक मकान से अवैध शराब का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित स्थान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद अमित राठौर नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से मोबाइल फोन के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ग्राहकों से ऑर्डर प्राप्त होने के बाद शराब को तय स्थानों पर पहुंचाया जाता था। अधिकारियों के अनुसार यह गतिविधि एक संगठित डिलीवरी व्यवस्था की तरह संचालित की जा रही थी। हालांकि पूरे नेटवर्क की वास्तविक संरचना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

    आबकारी विभाग का कहना है कि आरोपी के कब्जे से बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है और उसके स्रोत की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों तक की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक अवैध शराब का कारोबार केवल बिक्री तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे अक्सर एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय रहता है, इसलिए मामले की गहन जांच की जा रही है।

    जांच एजेंसियों ने आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड से इस अवैध कारोबार के दायरे और अवधि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    आबकारी और पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में पनपने नहीं दिया जाएगा।

    फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क के आकार और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

  • मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने पर देवास में कांग्रेस का धरना, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

    मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने पर देवास में कांग्रेस का धरना, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप


    मध्यप्रदेश। राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में जारी हलचल के बीच कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के विरोध में देवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बुधवार को शहर कांग्रेस इकाई के नेतृत्व में पुष्कर मंडूक तालाब के समीप धरना आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

    कांग्रेस का यह धरना करीब पांच घंटे तक चला। इस दौरान पार्टी नेताओं ने नामांकन पत्र निरस्त किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि राज्यसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक कदम प्रतीत होता है।

    धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवार को चुनावी मुकाबले से बाहर करने के उद्देश्य से साजिश रची गई है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया किसी भी प्रकार के पक्षपात या दबाव से मुक्त होनी चाहिए।

    प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नामांकन पत्र निरस्त होने की घटना लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का एक “काला दिन” बताते हुए कहा कि यदि ऐसी घटनाओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को केवल राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय मानती है।

    धरने में शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने और पूरे मामले की पारदर्शी समीक्षा की मांग भी उठाई।

    धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और प्रशासन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक अपनी आपत्तियां पहुंचाने का प्रयास किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना जनता और राजनीतिक दलों का संवैधानिक अधिकार है तथा वे इसी अधिकार के तहत अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

    फिलहाल राज्यसभा चुनाव और नामांकन विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति में और भी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले को लेकर अपना विरोध आगे भी जारी रखेगी।

  • बैंक ग्राहक के झोले पर ब्लेड मारकर उड़ाए 60 हजार, सात दिन में महिला गिरफ्तार

    बैंक ग्राहक के झोले पर ब्लेड मारकर उड़ाए 60 हजार, सात दिन में महिला गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश। देवास जिले के उदयनगर क्षेत्र में बैंक ग्राहक के झोले को ब्लेड से काटकर 60 हजार रुपये चोरी करने के मामले का पुलिस ने सात दिन के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से चोरी गई पूरी राशि बरामद करने की बात कही है। मामले के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    पुलिस के अनुसार घटना 2 जून 2026 की है। पीपलपाटी निवासी चम्पालाल यादव ट्रैक्टर की किश्त जमा करने के लिए 60 हजार रुपये लेकर उदयनगर स्थित एसबीआई बैंक पहुंचे थे। शिकायत के मुताबिक बैंक में राशि जमा करने के दौरान हाट बाजार क्षेत्र में किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके झोले को ब्लेड या किसी नुकीली वस्तु से काट दिया और उसमें रखी नकदी निकाल ली। घटना का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने बैंक परिसर और आसपास के हाट बाजार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक महिला संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दिखाई दी। पुलिस के मुताबिक विभिन्न स्थानों पर लगे कैमरों से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो फुटेज के आधार पर महिला की पहचान करने का प्रयास किया गया। तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के बाद पुलिस महिला तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान सुधा पति शिवचरण सिसोदिया, निवासी कड़ियां सांसी, थाना बोड़ा, जिला राजगढ़ के रूप में की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को 9 जून को सीहोर जिले के सलकनपुर क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान महिला ने कथित रूप से चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उसके कब्जे से चोरी गए 60 हजार रुपये बरामद कर जब्त कर लिए गए।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में त्रिनेत्रम अभियान के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे काफी उपयोगी साबित हुए। कैमरों में दर्ज फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाया गया। पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक और निगरानी व्यवस्था के कारण अपराधों की जांच में तेजी आई है और आरोपियों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है।

    मामले की जांच पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरनारायण बाथम, एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी विजेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने विभिन्न पहलुओं की जांच करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

    पुलिस ने नागरिकों से भीड़भाड़ वाले बाजारों, बैंक परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर नकदी लेकर जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

  • तीन गोलियां लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर: लश्कर आतंकी को ढेर करने वाले सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी का रीवा में भव्य स्वागत

    तीन गोलियां लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर: लश्कर आतंकी को ढेर करने वाले सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी का रीवा में भव्य स्वागत


    मध्यप्रदेश। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने के बाद सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी बुधवार को अपने गृह जिले रीवा पहुंचे, जहां उनका भव्य और भावनात्मक स्वागत किया गया। सिरमौर तहसील के डेलही गांव निवासी संजय तिवारी के सम्मान में रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं की बारिश और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच विंध्य के इस वीर सपूत का अभिनंदन किया गया।

    संजय तिवारी को यह प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रदान किया गया है। सुरक्षा बलों को एक विशेष अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अभियान के दौरान आतंकियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई।

    मुठभेड़ के दौरान संजय तिवारी अग्रिम हमला दल का हिस्सा थे। भारी गोलीबारी के बीच उन्होंने साहसपूर्वक आगे बढ़ते हुए मोर्चा संभाले रखा। इस दौरान उनके बांह, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों में तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी पोजीशन नहीं छोड़ी और जवाबी कार्रवाई जारी रखी। उनके साहस और दृढ़ संकल्प के चलते एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली।

    रीवा पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में संजय तिवारी ने कहा कि उनके लिए देश सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान लगी चोटों की उन्हें कोई चिंता नहीं थी। उनका एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि आतंकी किसी भी हालत में बचकर न निकल पाए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई उनके कर्तव्य का हिस्सा है और इसी भावना के साथ उन्होंने अभियान को अंजाम दिया।

    संजय तिवारी की इस उपलब्धि पर पूरे विंध्य क्षेत्र में गर्व का माहौल है। उनके स्वागत के लिए स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या स्टेशन पहुंची। लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उनके साहस को राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

    इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि संजय तिवारी ने अपने शौर्य, साहस और समर्पण से न केवल रीवा और विंध्य क्षेत्र, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि तीन गोलियां लगने के बावजूद जिस तरह संजय ने मोर्चा संभाले रखा, वह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करता है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारे जवान किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं।

    संजय तिवारी की वीरता की यह कहानी केवल एक सैनिक के साहस का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की उस भावना को भी दर्शाती है, जो भारतीय सुरक्षा बलों को दुनिया की सबसे सक्षम और सम्मानित सेनाओं में शामिल करती है। रीवा की धरती अपने इस वीर पुत्र की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रही है।

  • रुपए दोगुने करने का झांसा, सैकड़ों निवेशक परेशान: दंपती पर करोड़ों की कथित ठगी का आरोप

    रुपए दोगुने करने का झांसा, सैकड़ों निवेशक परेशान: दंपती पर करोड़ों की कथित ठगी का आरोप


    मध्यप्रदेश। रीवा में निवेश पर रकम दोगुनी करने का लालच देकर कथित रूप से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने लोगों को आकर्षक निवेश योजना का भरोसा दिलाकर बड़ी मात्रा में धन एकत्र किया और बाद में फरार हो गया। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़ित बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    पीड़ितों के अनुसार असलम और उसकी पत्नी अबला सुल्ताना उर्फ नंदा ने लोगों को कम समय में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता गया, जिससे क्षेत्र के अन्य लोग भी इस योजना से जुड़ते चले गए। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी। आरोप है कि बाद में जब निवेशकों ने अपनी राशि वापस मांगनी शुरू की तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया और फिर संपर्क से बाहर हो गए।

    प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस कथित ठगी से करीब 200 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। कई परिवारों ने वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई बचत निवेश की थी, जबकि कुछ लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर भी रकम लगाई थी। आरोपियों के कथित रूप से फरार होने के बाद अब इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    पीड़ित असलम अंसारी ने बताया कि दंपती ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाया था। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को भुगतान मिलने से लोगों का भरोसा बढ़ गया और अधिक लोग निवेश करने लगे। हालांकि बाद में रकम वापस मांगने पर उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद आरोपियों के गायब होने की बात सामने आई।

    एक अन्य पीड़िता जन्नत खान ने बताया कि उन्होंने अपनी वर्षों की बचत इस योजना में निवेश की थी। उनके कहने पर परिवार के अन्य सदस्यों ने भी रकम लगाई थी। अब न तो पैसा वापस मिल रहा है और न ही आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं अपनी जीवनभर की जमा पूंजी खोने के कारण गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही हैं।

    प्रदर्शन के दौरान पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने तथा निवेशकों की राशि वापस दिलाने की मांग की। कई महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि कथित ठगी के कारण उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।

    मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच की जाएगी और तथ्यों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पीड़ितों को जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

    फिलहाल पीड़ितों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और उनकी राशि वापस दिलाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

  • एक ही दिन में बुझ गए दो जीवन: रीवा के कारोबारी की मौत के बाद पत्नी भी नहीं सह सकीं सदमा

    एक ही दिन में बुझ गए दो जीवन: रीवा के कारोबारी की मौत के बाद पत्नी भी नहीं सह सकीं सदमा


    मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के रीवा और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से सामने आई एक मार्मिक घटना ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। रीवा के युवा कारोबारी प्रदीप सोनी की अचानक हुई मौत के कुछ समय बाद उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत की भी मृत्यु हो गई। एक ही दिन में हुई इन दोनों घटनाओं ने परिजनों, मित्रों और स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार प्रदीप सोनी रीवा के अनंतपुर क्षेत्र स्थित अपने घर में अकेले रह रहे थे। उनकी पत्नी वैशाली कुछ दिनों के लिए अपने मायके उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में गई हुई थीं। रविवार को जब लंबे समय तक प्रदीप का मोबाइल फोन बंद मिला और उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के सदस्य उनके घर पहुंचे, लेकिन दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर प्रवेश किया गया। वहां प्रदीप मृत अवस्था में मिले।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और चिकित्सकीय टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में चिकित्सकों ने कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई है। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के अनुसार प्रदीप और वैशाली का विवाह वर्ष 2021 में हुआ था। दोनों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव था और परिवार के लोग उन्हें एक-दूसरे के प्रति बेहद समर्पित बताते हैं। प्रदीप के पिता परमानंद सोनी ने बताया कि परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि बेटे की अचानक हुई मृत्यु ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

    इधर उत्तराखंड में मौजूद वैशाली को पति के निधन की सूचना मिली तो वह गहरे सदमे में चली गईं। परिजनों के अनुसार सूचना मिलने के कुछ समय बाद वह घर से निकल गईं। बाद में उनका शव जाजरदेवल थाना क्षेत्र के एक जलाशय के पास मिला। मौके से उनका मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान भी बरामद हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दोनों घटनाओं के बाद सोनी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ही दिन में बेटे और बहू को खो देने से परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं। रिश्तेदारों और परिचितों का लगातार घर पहुंचना जारी है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच में किसी प्रकार की आपराधिक आशंका सामने नहीं आई है। दोनों राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर पर घटनाओं की जांच कर रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।

    इस घटना के साथ ही युवाओं में बढ़ते हृदय संबंधी जोखिमों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी अन्य कारक हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। चिकित्सकों का सुझाव है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर ऐसे जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    फिलहाल यह घटना एक ऐसे परिवार की त्रासदी बनकर सामने आई है, जिसने कुछ ही घंटों के अंतराल में अपने दो प्रिय सदस्यों को खो दिया। पूरे घटनाक्रम ने लोगों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है और हर किसी की संवेदनाएं शोकग्रस्त परिवार के साथ हैं।

  • बिजली खंभे की स्टे तार में उतरे करंट से 6 वर्षीय मासूम की मौत, गांव में आक्रोश

    बिजली खंभे की स्टे तार में उतरे करंट से 6 वर्षीय मासूम की मौत, गांव में आक्रोश


    मध्यप्रदेश। जबलपुर जिले के ग्राम कुड़रिया में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। घर के पास लगे बिजली खंभे की स्टे तार में कथित रूप से करंट आने से छह वर्षीय बालक की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली व्यवस्था में लंबे समय से खामियां थीं, जिनकी शिकायतें संबंधित विभाग तक पहुंचाई गई थीं, लेकिन समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

    जानकारी के अनुसार ग्राम कुड़रिया निवासी संदीप काछी का छह वर्षीय पुत्र श्लोक काछी मंगलवार को घर के बाहर गया था। इसी दौरान वह बिजली खंभे के पास पहुंचा, जहां खंभे को सहारा देने वाली स्टे तार में कथित रूप से करंट प्रवाहित हो रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तार के संपर्क में आते ही बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया।

    काफी समय तक बच्चे के घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की गई। इसी बीच ग्रामीणों ने बच्चे को बिजली खंभे के पास अचेत अवस्था में पड़ा देखा। सूचना मिलते ही परिजन और गांव के लोग मौके पर पहुंचे तथा तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीणों ने घटना के लिए बिजली विभाग की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि संबंधित खंभे और विद्युत लाइन में पहले भी तकनीकी समस्या की शिकायत की गई थी। ग्रामीणों के अनुसार कई बार विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैन को इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर बिजली के तार और उपकरण जर्जर स्थिति में हैं। बरसात और तेज हवाओं के बाद यह स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सुरक्षा संबंधी समस्याओं की अनदेखी के कारण यह दुखद हादसा हुआ। घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है और वे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि विद्युत व्यवस्था में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी या लापरवाही थी या नहीं।

    हादसे के बाद ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गांव में विद्युत लाइनों और खंभों का व्यापक निरीक्षण कराया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पूरे गांव की संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं और सभी की नजर जांच रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • राज्यसभा नामांकन विवाद पर जबलपुर में कांग्रेस का धरना, भाजपा और निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

    राज्यसभा नामांकन विवाद पर जबलपुर में कांग्रेस का धरना, भाजपा और निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल


    मध्यप्रदेश। राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में जारी विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में बुधवार को जबलपुर तहसील कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी तरीके से धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी के नगर और ग्रामीण संगठन से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

    दोपहर 12 बजे शुरू हुआ यह धरना शाम तक जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और निर्वाचन आयोग के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। कार्यक्रम में कांग्रेस के नगर अध्यक्ष, ग्रामीण अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरना स्थल पर पार्टी नेताओं ने संबोधन करते हुए राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया।

    कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने सभा को संबोधित करते हुए भाजपा और राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन लंबे समय से सामाजिक और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं, लेकिन उनके नामांकन को निरस्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई है। घनघोरिया ने कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले को लोकतंत्र और राजनीतिक शुचिता के खिलाफ मानती है।

    अपने संबोधन में कांग्रेस विधायक ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कई राजनीतिक टिप्पणियां भी कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक परंपराओं का सम्मान नहीं कर रहा है। घनघोरिया ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के पास राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त समर्थन था और राजनीतिक परंपरा के अनुसार विपक्ष को प्रतिनिधित्व मिलने का अवसर दिया जाना चाहिए था।

    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान विपक्ष को कमजोर करने के प्रयास किए गए। हालांकि ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में उठाते रहेंगे।

    धरना-प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का कहना है कि नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले को लेकर पार्टी कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। वहीं पार्टी नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

    राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्पन्न यह विवाद प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर कांग्रेस इस फैसले को लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बता रही है, वहीं दूसरी ओर निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों की वैधता और नियमों को लेकर बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

    फिलहाल जबलपुर में हुए इस धरना-प्रदर्शन ने राज्यसभा चुनाव से जुड़े विवाद को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजर इस मामले में आगे होने वाली राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • नमकीन-ड्राई फ्रूट पैकेटों में छिपाकर हो रही थी डोडा चूरा तस्करी, जबलपुर पुलिस ने किया बड़े नेटवर्क का खुलासा

    नमकीन-ड्राई फ्रूट पैकेटों में छिपाकर हो रही थी डोडा चूरा तस्करी, जबलपुर पुलिस ने किया बड़े नेटवर्क का खुलासा


    मध्यप्रदेश। जबलपुर में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में डोडा चूरा तस्करी के एक कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी मादक पदार्थ की तस्करी के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाते थे। वे नमकीन और ड्राई फ्रूट के पैकेटों में डोडा चूरा भरकर उसकी सप्लाई करते थे ताकि सामान्य जांच के दौरान किसी को संदेह न हो। इस मामले में एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि मालवा क्षेत्र से डोडा चूरा लाकर महाकौशल क्षेत्र के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। इसी दौरान 8 जून को कटंगी थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का दावा है कि ट्रक चालक स्टॉपर तोड़कर भाग निकला, जिसके बाद टीम ने उसका पीछा किया और करीब पांच किलोमीटर दूर वाहन को रोक लिया।

    पुलिस के अनुसार ट्रक चालक ने प्रारंभिक पूछताछ में वाहन में रासायनिक खाद भरी होने की जानकारी दी थी। हालांकि तलाशी के दौरान ट्रक के केबिन में रखी कुछ बोरियों ने पुलिस का ध्यान आकर्षित किया। जब इन बोरियों की जांच की गई तो उनमें नमकीन और ड्राई फ्रूट के पैकेट मिले। पैकेटों को खोलने पर कथित तौर पर उनके भीतर डोडा चूरा बरामद हुआ।

    पुलिस ने ट्रक से कुल 73 पैकेट जब्त किए, जिनमें लगभग 18 किलो 130 ग्राम डोडा चूरा मिला। बरामद सामग्री के संबंध में पूछताछ के दौरान ट्रक चालक और उसके सहयोगी ने कुछ अन्य लोगों के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की।

    जांच के क्रम में पुलिस एक संदिग्ध के घर पहुंची। घर की तलाशी में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन बाहर खड़ी कार की जांच के दौरान उसी तरह के पैकेट बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि कार से 6 किलो 628 ग्राम डोडा चूरा, 50 हजार रुपए नकद और एक तौल मशीन जब्त की गई। अधिकारियों का मानना है कि तौल मशीन का उपयोग कथित तौर पर मादक पदार्थ की पैकिंग और बिक्री में किया जाता था।

    इसके बाद पुलिस ने एक महिला आरोपी के घर भी दबिश दी, जहां से कथित रूप से डोडा चूरा बरामद हुआ। पूछताछ में महिला ने पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिनके आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक अन्य संदिग्ध, जिसे पुलिस इस नेटवर्क का प्रमुख सदस्य मान रही है, अभी फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

    अधिकारियों के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था तथा इसकी पहुंच किन-किन क्षेत्रों तक थी। साथ ही अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस का दावा है कि महाकौशल क्षेत्र में डोडा चूरा तस्करी के खिलाफ यह अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक है। हालांकि मामले से जुड़े सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।

  • नकली सोने पर 43 लाख का गोल्ड लोन! PNB में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, 15 लोगों पर FIR दर्ज

    नकली सोने पर 43 लाख का गोल्ड लोन! PNB में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, 15 लोगों पर FIR दर्ज


    मध्यप्रदेश। जबलपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सदर शाखा से जुड़ा एक बड़ा बैंकिंग फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक प्रबंधन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर्स सहित 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर उसे असली बताने की रिपोर्ट तैयार की गई और उसके आधार पर करीब 43 लाख रुपए का गोल्ड लोन स्वीकृत करा लिया गया। मामले के सामने आने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और गोल्ड लोन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस के अनुसार यह कथित फर्जीवाड़ा दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच किया गया। शिकायत में कहा गया है कि बैंक द्वारा अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर ने कुछ ग्राहकों के साथ मिलकर नकली आभूषणों को असली सोना प्रमाणित किया। बैंक ने वैल्यूअर की रिपोर्ट पर भरोसा करते हुए गोल्ड लोन स्वीकृत कर दिया और संबंधित आभूषण बैंक के लॉकर में सुरक्षित रख दिए गए।

    जानकारी के मुताबिक बैंक ने न्यू रामनगर स्थित एक ज्वेलरी कारोबारी को गोल्ड वैल्यूअर के रूप में अधिकृत किया था। आरोप है कि उन्होंने बैंक में आए कई ग्राहकों के नकली सोने को अपनी जांच रिपोर्ट में असली बताया, जिसके आधार पर लोन स्वीकृत हुए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक अन्य अधिकृत वैल्यूअर ने भी एक मामले में कथित रूप से नकली आभूषणों को असली प्रमाणित किया।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब गोल्ड लोन लेने वाले कई खाताधारकों ने निर्धारित अवधि के बाद भी अपनी किस्तें जमा नहीं कीं। बैंक की ओर से नोटिस जारी किए गए, लेकिन अपेक्षित जवाब नहीं मिलने पर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद लॉकर में रखे गए गिरवी आभूषणों की दोबारा जांच कराई गई। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि जिन आभूषणों के आधार पर लोन स्वीकृत किए गए थे, उनमें से कई नकली थे।

    इसके बाद बैंक प्रबंधन ने पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू की और फरवरी 2026 में पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है।

    कैंट थाना पुलिस के मुताबिक शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा बैंक को हुए नुकसान की वास्तविक राशि कितनी है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी सामने आए हैं।

    बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड लोन प्रक्रिया में वैल्यूअर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला माना जाएगा। हालांकि मामले में दर्ज आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है। बैंक प्रबंधन भी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है। पूरे घटनाक्रम पर अब जांच एजेंसियों और बैंक अधिकारियों की नजर बनी हुई है।