Category: Madhya Pradesh

  • चार दिन तक बारिश का डबल अटैक एमपी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    चार दिन तक बारिश का डबल अटैक एमपी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट


    मध्य प्रदेश  मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। प्रदेश में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार के लिए उमरिया शहडोल अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 27 से 30 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की जा सकती है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक निम्न दबाव क्षेत्र और डिप्रेशन सक्रिय है जबकि पश्चिमी विक्षोभ भी जल्द प्रभाव दिखाएगा। इन सभी मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। रविवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई और अब इसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा।

    भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर कटनी छिंदवाड़ा सिवनी नरसिंहपुर पांढुर्णा रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच यानी 334.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक 15.5 इंच यानी 395.2 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से केवल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है जबकि 41 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। निवाड़ी पूर्वी मध्य प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां औसत से अधिक वर्षा हुई है। दूसरी ओर भोपाल इंदौर सीहोर राजगढ़ देवास हरदा बुरहानपुर नीमच मंदसौर दमोह सिवनी आगर मालवा और भिंड जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से बेहतर रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि जून महीने में कमजोर मानसून के कारण बारिश का आंकड़ा काफी पीछे रह गया था। जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी लेकिन पिछले कुछ दिनों तक बारिश कमजोर रहने से प्रदेश फिर औसत से नीचे पहुंच गया। अब सक्रिय मानसूनी सिस्टम से उम्मीद है कि बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई मध्य प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण बारिश वाला महीना होता है क्योंकि पूरे मानसून की लगभग 40 प्रतिशत वर्षा इसी महीने में होती है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश 37.3 इंच मानी जाती है जबकि भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच रहती है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालों से दूर रहने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

  • आखिरी समय पर बदली फ्लाइट तो एयरलाइन पर गिरी कानूनी गाज कश्मीर ट्रिप खराब होने पर छह यात्रियों को मिलेगा मुआवजा

    आखिरी समय पर बदली फ्लाइट तो एयरलाइन पर गिरी कानूनी गाज कश्मीर ट्रिप खराब होने पर छह यात्रियों को मिलेगा मुआवजा


    भोपाल । भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एयर इंडिया को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए छह वरिष्ठ नागरिक यात्रियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने एयरलाइन को कुल 96 हजार रुपए की राशि क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि यह राशि 8 दिसंबर 2024 से सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित आदेश की तारीख से दो महीने के भीतर संबंधित यात्रियों को दी जाए। आयोग ने माना कि एयरलाइन ने यात्रियों को यात्रा शुरू होने से महज दो घंटे पहले फ्लाइट कार्यक्रम में बदलाव की सूचना दी जिससे उनकी पूरी यात्रा योजना बुरी तरह प्रभावित हुई और उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।

    मामले के अनुसार भोपाल निवासी छह वरिष्ठ नागरिकों ने 13 अप्रैल 2024 को 11 मई 2024 की भोपाल से दिल्ली होते हुए श्रीनगर और 17 मई 2024 की वापसी यात्रा के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट बुक की थी। टिकटों पर करीब 1.18 लाख रुपए खर्च किए गए थे। टिकट कन्फर्म होने के बाद यात्रियों ने श्रीनगर पहलगाम और गुलमर्ग में होटल हाउसबोट स्थानीय टैक्सी पर्यटन पैकेज और अन्य सेवाओं की अग्रिम बुकिंग भी कर ली थी। वापसी यात्रा के लिए दिल्ली से रानी कमलापति स्टेशन तक वंदे भारत एक्सप्रेस के आरक्षित टिकट भी पहले से बुक थे।

    यात्रा के दिन एयर इंडिया ने उड़ान शुरू होने से लगभग दो घंटे पहले सूचना दी कि निर्धारित यात्रा संभव नहीं होगी और यात्रियों को अगले दिन भेजा जाएगा। अचानक हुए इस बदलाव के कारण पूरी यात्रा योजना अस्तव्यस्त हो गई। यात्रियों को होटल बुकिंग दोबारा करनी पड़ी स्थानीय परिवहन और पर्यटन पैकेज बदलने पड़े जबकि रेलवे टिकटों में भी बदलाव करना पड़ा। उनका कहना था कि यदि समय रहते जानकारी दी जाती तो इतना बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं होता। यात्रियों ने एयरलाइन से कई बार मुआवजे की मांग की लेकिन राहत नहीं मिलने पर जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

    सुनवाई के दौरान एयर इंडिया ने अपना बचाव करते हुए कहा कि फ्लाइट रद्द नहीं हुई थी बल्कि दिल्ली में बर्ड स्ट्राइक की अप्रत्याशित घटना के कारण उड़ान प्रभावित हुई थी। एयरलाइन के अनुसार इसी वजह से यात्रियों की दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की आशंका थी इसलिए उन्हें अगले दिन की उड़ान में समायोजित किया गया। एयर इंडिया ने इसे अपने नियंत्रण से बाहर की स्थिति बताते हुए सेवा में कमी से इनकार किया।

    हालांकि आयोग ने एयरलाइन के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि यदि वास्तव में बर्ड स्ट्राइक हुई थी तो उसके समर्थन में डीजीसीए की जांच रिपोर्ट तकनीकी रिपोर्ट या अन्य आधिकारिक दस्तावेज पेश किए जाने चाहिए थे लेकिन एयरलाइन ऐसा कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी। केवल लिखित दावा करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि फोर्स मेज्योर का दावा करने वाली एयरलाइन पर ही उसे प्रमाणित करने की जिम्मेदारी होती है।

    परिवादियों की ओर से पैरवी करने वाली अधिवक्ता कल्पना वर्मा ने बताया कि यात्रियों ने प्रति व्यक्ति लगभग 40 हजार रुपए के वास्तविक नुकसान का दावा किया था लेकिन आयोग ने फिलहाल प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और एक हजार रुपए वाद व्यय देने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा। यह फैसला उन यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिन्हें अंतिम समय में फ्लाइट में बदलाव या एयरलाइन की लापरवाही के कारण परेशानी उठानी पड़ती है।

  • एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन गिरेगा तेज पानी

    एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन गिरेगा तेज पानी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने सोमवार के लिए छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले चार दिनों तक कई इलाकों में तेज से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    आईएमडी भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।

    कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और डिप्रेशन भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से मौसम और अधिक सक्रिय होगा। इसी वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    अब तक सामान्य से 15% कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (334.9 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 15.5 इंच (395.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक जबकि 41 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। पूर्वी क्षेत्र में निवाड़ी ऐसा एकमात्र जिला है, जहां औसत से अधिक बारिश हुई है।

  • मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या

    मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सप्ताह पहले जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर एक सड़क हादसे में हुई पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं, बल्कि रेत के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई में रची गई सुनियोजित हत्या थी।

    रेत कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर उसकी गाड़ी को पहले से सड़क के दोनों ओर खड़े हाईवा से कुचलकर हादसे का रूप दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है।

    गौरतलब है कि नरसिंहपुर जिले के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर गत 19 जुलाई को एक बेकाबू हाईवा ने सड़क किनारे अपनी कार खड़ी करके सेल्फी ले रहे 6 युवकों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर के पावला निवासी राजेंद्र लोधी (28) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (30) ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा है।

    पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि राजेंद्र लोधी और आरोपी आनंद पटेल दोनों बेलखेड़ा क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार से जुड़े थे। दोनों के बीच अवैध रेत कारोबार में वर्चस्व और आर्थिक हितों को लेकर विवाद था। जबलपुर के डॉ. अमित खरे की भी राजेंद्र से रुपये के लेनदेन को लेकर रंजिश थी, इसीलिए आनंद और डॉ. अमित खरे ने हत्या की साजिश रची। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे ने मुख्य आरोपी को घटना को हादसा दिखाने व साक्ष्य छिपाने के तरीके बताए। घटना वाले दिन आरोपी राजा, अरविंद और भरत पटेल लगातार राजेंद्र लोधी की लोकेशन मुख्य आरोपी आनंद पटेल तक पहुंचा रहे थे। राजेंद्र साथियों के साथ जैसे ही वहां पहुंचा, हाईवा से उनकी गाड़ी को कुचल दिया।

    नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र पटेल के बीच व्यापार की पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश में राजेंद्र पटेल सहित पांच युवकों को हाईवा से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हत्या में इस्तेमाल हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगल से बरामद हो गई। पूछताछ में राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद आरोपी भी पकड़े गए।

    पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शुभम, प्रीतम और ऋतुराज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बताया कि साजिश में जबलपुर के अस्पताल संचालक अमित खरे भी शामिल था। उसने आनंद पटेल को हत्या को हादसा दिखाने के तरीके बताए थे। वहीं, राजा पटेल ने राजेंद्र लोधी की रेकी कर उसकी लोकेशन आरोपियों तक पहुंचाई।

  • MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन

    MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में संस्कृति विभाग के सहयोग से रविवार देर शाम मानस भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक ‘युगप्रवर्तक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार’ विषय पर आधारित महानाट्य मंचन हुआ। नागपुर के ‘नादब्रह्म’ संस्था के कलाकारों ने डॉ. हेडगेवार’ के जीवन के संघर्षों और विचारों को मंच पर जीवंत कर दिया।

    कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मप्र उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार पालीवाल, उद्योगपति एवं समाजसेवी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. कैलाश गुप्ता थे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में बोलना सौभाग्य के साथ-साथ जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के कार्यों का सही मूल्यांकन उसके विचारों और उनके दीर्घकालीन प्रभाव से होता है। डॉ. हेडगेवार ने अपने 51 वर्ष के जीवन में मात्र 15 वर्षों के संघ कार्य के माध्यम से जिस संगठन की नींव रखी, वह आज विश्व के लिए आश्चर्य का विषय है।

    मंत्री सिंह ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के मन में बचपन से ही देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प था। उन्होंने क्रांतिकारी के रूप में कार्य किया, शिक्षा के लिए कलकत्ता गए और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में देश की आजादी के लिए कार्य किया तथा वर्ष 1930 में जंगल कानून के विरोध में सत्याग्रह करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भी भुगता।

    उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार केवल देश की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि स्वतंत्र भारत के निर्माण को लेकर भी चिंतित थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की और अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण तथा संगठन निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके प्रयासों का परिणाम है कि आज संघ विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में शामिल है।

    मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यदि हम डॉ. हेडगेवार के जीवन से थोड़ी भी प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में अपनाएं, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महानाट्य के माध्यम से उनके जीवन और विचारों को समझना अधिक सहज होगा तथा यह प्रस्तुति समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक बनेगी।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजकों ने बताया कि नागपुर के ‘नादब्रह्म’ द्वारा निर्मित ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ (संघ सृजन का भव्य नाट्य आविष्कार) महानाट्य का यह 57वां मंचन है तथा इसकी 151 प्रस्तुतियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में इसका सफल मंचन हो चुका है। मध्य प्रदेश में यह इसका आठवां प्रदर्शन रहा।

    इस महानाट्य के संयोजक निखिल देशकर, संरक्षक रविजी भुसारी (ज्येष्ठ प्रचारक, रा.स्व.संघ), निर्माता पद्माकर धानोरकर, लेखक डॉ. अजय प्रधान, निर्देशक सुबोध सुर्जकर और संगीत शैलेश दाणी द्वारा तैयार किया गया था। कार्यक्रम में महाकौशल प्रांत के प्रांत संचालक , विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पाण्डेय, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, डॉ. जितेन्द्र जामदार, भाजपा के प्रदेश दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संदीप रजक सहित गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

  • इंदौर में जैन संत सुधासागर महाराज का मंगलप्रवेश, जुलूस में उमड़े हजारों समाजजन

    इंदौर में जैन संत सुधासागर महाराज का मंगलप्रवेश, जुलूस में उमड़े हजारों समाजजन


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर में रविवार को राष्ट्रसंत सुधासागर महाराज का नगर प्रवेश हुआ। इस अवसर पर निकले भव्य मंगल प्रवेश जुलूस में हजारों समाजजनों ने महाराज श्री की अगवानी की।

    राजवाड़ा पर जैन समाज के परिवार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे। जुलूस बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर मल्हारगंज, खजूरी बाजार, राजवाड़ा, जवाहर मार्ग और राजमोहल्ला होते हुए दलालबाग पहुंचा। मार्ग में जगह-जगह मंच लगाकर जुलूस का स्वागत किया गया। महिलाएं मंगलगान गाते हुए जुलूस में शामिल हुईं।

    यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर मुनिश्री का स्वागत किया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा में शामिल हुए। जुलूस में पांच जैन तीर्थों की झांकियां, उज्जैन का 101 सदस्यीय महाकाल बैंड, नासिक का महिला बैंड, 11 विंटेज कारें, दो हाथी, 24 बग्घियां, 12 अश्वारोही बालक-बालिकाएं और 60 महिला मंडल मुख्य आकर्षण रहे।

    इसके बाद दलालबाग में धर्मसभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुनिश्री ने अपने प्रवचन दिए। मंगल प्रवेश के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुनिश्री से आशीर्वाद लिया। मुनि सुधासागर महाराज को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त है। जब उनका मंगल प्रवेश जुलूस राजवाड़ा पहुंचा तो जैन समाज के हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

  • नरसिंहपुर हाईवे कांड का सनसनीखेज खुलासा, अवैध रेत कारोबार की दुश्मनी में हाईवा से कुचलकर ली गई पांच जानें

    नरसिंहपुर हाईवे कांड का सनसनीखेज खुलासा, अवैध रेत कारोबार की दुश्मनी में हाईवा से कुचलकर ली गई पांच जानें


    नरसिंहपुर मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 19 जुलाई को जबलपुर भोपाल नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शुरुआती जांच में जिसे सामान्य सड़क दुर्घटना माना जा रहा था वह दरअसल अवैध रेत कारोबार की खूनी रंजिश का नतीजा निकला। छह दिन तक चली गहन जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित सामूहिक हत्या थी जिसे दुर्घटना का रूप देने की पूरी तैयारी पहले से कर ली गई थी। इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

    पुलिस के मुताबिक अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने के लिए कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। वारदात वाले दिन आरोपियों ने राजेंद्र लोधी की हर गतिविधि पर नजर रखी। उसकी लोकेशन लगातार मुख्य आरोपी तक पहुंचाई जाती रही। जैसे ही राजेंद्र अपने साथियों के साथ तय स्थान पर पहुंचा वैसे ही पहले से हाईवे के दोनों ओर खड़े हाईवा वाहनों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और कुचल दिया। इस हमले में राजेंद्र लोधी सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसका इलाज जारी है।

    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक वाहन का टूटा हुआ अंग्रेजी अक्षर ए मिला जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और हत्या में इस्तेमाल हाईवा को हीरापुर बंदरोहा के जंगल से बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया जिसके बाद एक के बाद एक आरोपियों की गिरफ्तारी होती चली गई।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक डॉ अमित खरे भी इस साजिश का हिस्सा थे। आरोप है कि उन्होंने हत्या को सड़क हादसा दिखाने और सबूत मिटाने के तरीके बताए। वारदात के बाद आरोपियों के बीच हुई बातचीत में मौत की पुष्टि होने पर खुशी जताने जैसी बातें भी सामने आई हैं जो इस साजिश की गंभीरता को दर्शाती हैं।

    पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार राजेंद्र लोधी और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच लंबे समय से अवैध रेत कारोबार और आर्थिक हितों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया और पांच लोगों की जान चली गई।

    पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। इस खुलासे के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े आपराधिक गठजोड़ पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • देवशयनी एकादशी पर भोपाल में उमड़ी आस्था सुंदरकांड पाठ भजन संध्या और 111 दीपों की महाआरती ने बांधा समां

    देवशयनी एकादशी पर भोपाल में उमड़ी आस्था सुंदरकांड पाठ भजन संध्या और 111 दीपों की महाआरती ने बांधा समां


    भोपाल । देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर राजधानी भोपाल का वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया। नवयुवक मंडल साहू समाज द्वारा श्री लक्ष्मीनारायण साहू समाज मंदिर स्थित मां कर्मा देवी रोड घोड़ा निक्कास में भव्य श्रीरामचरितमानस सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमानजी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर जय श्रीराम और बजरंगबली के जयघोष से गूंजता रहा।

    कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ किया। सुंदरकांड के प्रत्येक चौपाई और दोहे के साथ पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और हनुमानजी की अटूट भक्ति का स्मरण करते हुए सुख समृद्धि और समाज के कल्याण की कामना की।

    सुंदरकांड पाठ के पश्चात आयोजित भजन संध्या ने पूरे माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। प्रसिद्ध भजन गायक रुपेश राज और हरीश कुशवाहा ने श्रीराम और हनुमानजी की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए। उनकी मधुर प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन होकर झूमते रहे। पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत और जयकारों से गूंजता रहा।

    कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावपूर्ण क्षण 111 दीपों से की गई भव्य महाआरती रही। दीपों की दिव्य रोशनी और आरती की गूंज ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। महाआरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने धर्म एवं समाज की उन्नति की प्रार्थना की।

    नवयुवक मंडल साहू समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि यह मंडल का पहला सामूहिक धार्मिक आयोजन था। इसका उद्देश्य समाज में धार्मिक सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को मजबूत करना तथा युवाओं को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि समाज में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिल सके।

    इस अवसर पर प्रदेश जिला और स्थानीय इकाइयों के पदाधिकारी समाज के वरिष्ठजन महिलाएं युवा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज को एकजुट करने वाला प्रेरणादायी प्रयास बताया। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं बल्कि सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं।

    देवशयनी एकादशी के इस भव्य आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब समाज एकजुट होकर धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे बढ़ता है तो आस्था के साथ साथ सामाजिक एकता भी मजबूत होती है। सुंदरकांड पाठ भजन संध्या और 111 दीपों की महाआरती ने इस धार्मिक उत्सव को श्रद्धा भक्ति और सांस्कृतिक गौरव का यादगार आयोजन बना दिया।

  • बिजली कंपनियों में प्रमोशन पर घमासान 140 से ज्यादा पद खाली फिर भी इंजीनियरों को नहीं मिल रही पदोन्नति

    बिजली कंपनियों में प्रमोशन पर घमासान 140 से ज्यादा पद खाली फिर भी इंजीनियरों को नहीं मिल रही पदोन्नति


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में पदोन्नति नियम 2025 लागू होने के बाद विभागों में प्रमोशन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सामान्य प्रशासन और वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब ऊर्जा विभाग की बिजली कंपनियों में भी पदोन्नति को लेकर असंतोष सामने आया है। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल अभियंता संघ ने आरोप लगाया है कि पात्र और वरिष्ठ इंजीनियरों को पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है जबकि बड़ी संख्या में पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। संघ ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।

    अभियंता संघ का कहना है कि सरकार की मंशा सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरकर प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की है लेकिन बिजली कंपनियों में इसके विपरीत स्थिति बनी हुई है। संघ का आरोप है कि जुलाई 2026 में मंडल कैडर के अधिकारियों को पदोन्नति दे दी गई लेकिन कंपनी कैडर के योग्य और वरिष्ठ इंजीनियरों को अब तक पदोन्नति नहीं दी गई। इससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

    संघ के अनुसार मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता के लगभग 69 पद रिक्त हैं। वहीं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में ऐसे 72 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी में भी कार्यपालन अभियंता से अधीक्षण अभियंता तक के कई पद रिक्त हैं लेकिन इन पदों पर भी पदोन्नति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है।

    अभियंता संघ ने यह भी दावा किया है कि 10 जुलाई से 17 जुलाई 2026 के बीच ऐसी स्थिति थी जब मंडल कैडर में पदोन्नति के लिए कोई पात्र अधिकारी उपलब्ध नहीं था। इसके बावजूद कंपनी कैडर के योग्य इंजीनियरों को अवसर नहीं दिया गया। संघ का कहना है कि अब हाल ही में जिन अधिकारियों को पदोन्नति मिली है वे कई वर्षों तक अगली पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होंगे जिससे रिक्त पद लंबे समय तक खाली रह सकते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी।

    संघ ने ऊर्जा विभाग पर वर्ष 2011 के आदेश की गलत व्याख्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में इसी प्रकार की परिस्थितियों में कंपनी कैडर के अधिकारियों को पदोन्नति दी गई थी लेकिन इस बार अलग रवैया अपनाया जा रहा है। अभियंताओं के अनुसार यह निर्णय न तो नियमों की भावना के अनुरूप है और न ही कर्मचारियों के साथ न्याय करता है।

    अभियंता संघ का कहना है कि वरिष्ठ इंजीनियरों को समय पर पदोन्नति नहीं मिलने से केवल अधिकारियों का करियर प्रभावित नहीं होगा बल्कि नीचे के पद भी रिक्त नहीं हो पाएंगे। इसका सीधा असर नई भर्तियों पर पड़ेगा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी कम हो जाएंगे। इसलिए रिक्त पदों को समय पर भरना प्रशासनिक और रोजगार दोनों दृष्टि से आवश्यक है।

    संघ ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से मांग की है कि पदोन्नति नियम 2025 के तहत पात्रता और वरिष्ठता के आधार पर सभी रिक्त पदों पर जल्द पदोन्नति दी जाए। साथ ही सभी बिजली कंपनियों के लिए एक समान और स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद की स्थिति पैदा न हो।

    अभियंता संघ ने चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इंजीनियरों का बढ़ता असंतोष बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी।

  • दतिया की चुनावी जंग में आरोप प्रत्यारोप तेज भाजपा की नई रणनीति नरोत्तम का टैंकर और सिंधिया के तंज बने चर्चा का केंद्र

    दतिया की चुनावी जंग में आरोप प्रत्यारोप तेज भाजपा की नई रणनीति नरोत्तम का टैंकर और सिंधिया के तंज बने चर्चा का केंद्र


    भोपाल । मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार अब पूरी तरह गर्मा चुका है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। चुनावी सभाओं में विकास के मुद्दों के साथ साथ तंज व्यंग्य और राजनीतिक बयानबाजी भी सुर्खियां बटोर रही है। नेताओं के बयान और चुनावी रणनीतियां इस उपचुनाव को लगातार दिलचस्प बना रही हैं।

    भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है लेकिन प्रचार अभियान में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका भी बेहद अहम नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दतिया में आयोजित चुनावी सभा के दौरान आशुतोष तिवारी और नरोत्तम मिश्रा को मंच पर साथ खड़ा करते हुए दोनों को राम लक्ष्मण की जोड़ी बताया। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई लोग इसे भाजपा की ऐसी रणनीति बता रहे हैं जिसमें प्रत्याशी के साथ वरिष्ठ नेता की लोकप्रियता का भी पूरा लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है।

    इसी बीच दतिया में सड़क किनारे खड़े एक पुराने टैंकर ने भी चुनावी माहौल को नया मोड़ दे दिया। टैंकर पर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम लिखा होने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं। कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर भाजपा पर तंज कसते हुए दावा किया कि पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता को राजनीतिक रूप से पीछे कर दिया है। हालांकि भाजपा नेताओं ने इस तरह की टिप्पणियों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।

    उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी दतिया में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि उनका पूरा ध्यान दतिया उपचुनाव पर है और कांग्रेस इस सीट को हर हाल में जीतना चाहती है। भाजपा ने भी इस बयान पर पलटवार किया। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जीतू पटवारी आजकल हर जगह घूम रहे हैं लेकिन उनका अपना कोई हल्का नहीं है। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई।

    चुनावी प्रचार के दौरान नेताओं ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को भी अपने अपने तरीके से उठाया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी की पृष्ठभूमि को लेकर बयान दिए तो कांग्रेस ने लोकतंत्र में जनता को सबसे बड़ा बताया। दोनों दल अपने समर्थकों को यह भरोसा दिलाने में जुटे हैं कि वही जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी दतिया पहुंचकर भाजपा के पक्ष में प्रचार किया। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल की बिजली व्यवस्था का जिक्र करते हुए पुराने दिनों का उदाहरण दिया और अपने खास अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा। उनके भाषण और मंचीय प्रस्तुति को लेकर भी सभा में मौजूद लोगों के बीच खूब चर्चा रही।

    राजनीतिक हलकों में चुनाव प्रचार से जुड़ा एक रोचक प्रसंग भी चर्चा का विषय बना। भाजपा की एक संगठनात्मक बैठक के दौरान एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने मजाकिया अंदाज में संगठन के एक पदाधिकारी से मुख्यमंत्री बनने की बात कह दी। इस टिप्पणी पर कुछ देर के लिए बैठक में मौजूद नेताओं के बीच हल्की मुस्कान और हास्य का माहौल बन गया।

    दतिया उपचुनाव में अब प्रचार अंतिम दौर में पहुंच रहा है। दोनों प्रमुख दल अपने अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनावी बयानबाजी और रणनीतियां और तेज होने की संभावना है जबकि अंतिम फैसला मतदाता अपने वोट के जरिए करेंगे।