Category: Madhya Pradesh

  • पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविन्द नारायण सिंह की कार्यशैली आज भी प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविन्द नारायण सिंह की कार्यशैली आज भी प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर शनिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। पुष्पांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सिंह के परिजन उपस्थित थे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता पाना नहीं, समाज का कल्याण करना है। आज की नई पीढ़ी को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह के जीवन से सेवा, समर्पण और नैतिकता की सीख लेनी चाहिए। वे बेहद सरल जीवन और सहज व्यवहार के लिए प्रसिद्ध थे। जनता से उनका सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी शक्ति था। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों और सामान्य नागरिकों की समस्याओं को निकट से समझा। ऐसे व्यक्तित्व सदैव समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उनकी कार्यशैली आज भी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सिंह का जीवन युवाओं को ईमानदारी, संघर्ष और राष्ट्र सेवा का संदेश देता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गोविन्द नारायण सिंह वर्ष 1967 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने, जब प्रदेश की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही थी। उन्होंने प्रशासन में जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का प्रयास किया. लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन चलाने की दिशा में कार्य किया। उनका कार्यकाल राजनीतिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सिंह की जयंती पर हम सभी उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लें। उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए हम विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए कार्य करेंगे। प्रदेश में जनकल्याण, सुशासन और सतत् विकास के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह का जन्म 25 जुलाई 1920 को रामपुर बघेलान में हुआ था। एम.ए., एलएलबी. तक शिक्षा ग्रहण कर उन्होंने अपने सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन प्रारंभ किया। उन्होंने चतुर्थ विधानसभा (1967-1972) में 30 जुलाई 1967 से 12 मार्च 1969 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश के विकास को एक नई दिशा दी थी। सिंह का 10 मई 2005 को देहावसान हो गया।

    मीडिया से चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह राज्य में तत्कालीन संविद सरकार की राजनीति के केंद्र बिंदु थे। वे रीवा के निवासी थे। उन्होंने सादगी, निष्पक्षता के साथ समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज उनकी जयंती के अवसर पर हम सभी उनका स्मरण कर रहे हैं। सिंह ने राजमाता सिंधिया के कार्यकाल में जनता की आवाज बनकर यह भरोसा दिलाया था कि पक्ष हो या विपक्ष, अब राजनीति में बदलाव का समय है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सिंह प्रदेश की राजनीति में लोकतांत्रिक परंपरा की मिसाल बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की जयंती और पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम कराने की उत्कृष्ट पहल की है।

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्यप्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्यप्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में) बनाये जायेंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह में निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई, फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेज़ी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है। विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्वविद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।

  • NEET पेपर लीक पर मध्य प्रदेश में आक्रोश 20 जिलों में प्रदर्शन इंदौर से उठी सबसे बुलंद आवाज

    NEET पेपर लीक पर मध्य प्रदेश में आक्रोश 20 जिलों में प्रदर्शन इंदौर से उठी सबसे बुलंद आवाज


    भोपाल । NEET पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में मध्य प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सबसे बड़ा आंदोलन इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर चल रहा है, जहां 30 जून को सिर्फ 5 छात्रों से शुरू हुआ धरना अब हजारों लोगों का आंदोलन बन चुका है।

    इंदौर में शनिवार को एक छात्रा नीम की पत्तियां लेकर प्रदर्शन में पहुंची। उसने कहा कि जिस तरह नीम बैक्टीरिया खत्म करती है, उसी तरह शिक्षा व्यवस्था में फैली गड़बड़ियों को भी साफ करने की जरूरत है। लगातार बारिश के बावजूद छात्र पिछले 25 दिनों से धरने पर डटे हुए हैं। आंदोलन स्थल पर पुलिस ड्रोन से निगरानी कर रही है।

    भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर भी छात्रों का धरना जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

    ग्वालियर में आंदोलन को लेकर समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए, जबकि जबलपुर में “कॉकरोच जनता पार्टी” के विरोध में “लाल हिट जनता पार्टी” ने प्रदर्शन किया। संगठन ने कहा कि छात्रों की मांगें उचित हैं, लेकिन विरोध का तरीका सही नहीं है।

    धार, मऊगंज, नर्मदापुरम, झाबुआ, सिंगरौली, भिंड, टीकमगढ़, शाजापुर, सतना, सीधी, रतलाम, रीवा, बैतूल, उमरिया, बड़वानी और श्योपुर सहित कई जिलों में भी रैलियां, धरने और ज्ञापन सौंपे गए। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई तथा कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

    प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल है। वहीं, विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है, जिससे यह विरोध अब राज्यव्यापी रूप ले चुका है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा प्रशासनिक फैसला 20 आईएएस अफसरों का ट्रांसफर 6 जिलों में नए कलेक्टर तैनात

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा प्रशासनिक फैसला 20 आईएएस अफसरों का ट्रांसफर 6 जिलों में नए कलेक्टर तैनात


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की नियुक्ति के 24 घंटे के भीतर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस व्यापक प्रशासनिक सर्जरी में छह जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय और कई महत्वपूर्ण विभागों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का यह कदम आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक (DG) नियुक्त किया गया है। वहीं इंदौर संभाग के आयुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव बनाया गया है। उनकी जगह भास्कर लक्षकार को नया इंदौर संभागायुक्त नियुक्त किया गया है।

    मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें उद्योग एवं एमएसएमई विभाग का प्रभार भी दिया गया है। यह विभाग अब तक प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह के पास था।

    सरकार ने छह जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति की है। अजय कटेसरिया को रतलाम, मिशा सिंह को शहडोल, रत्नाकर झा को अनूपपुर, गुरु प्रसाद को खरगोन, दिव्यांक सिंह को मंदसौर और डॉ. शेर सिंह मीना को आगर मालवा का नया कलेक्टर बनाया गया है। वहीं शहडोल के पूर्व कलेक्टर केदार सिंह को लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव के रूप में पदस्थ किया गया है।

    मंदसौर की कलेक्टर अदिति गर्ग को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में ओएसडी सह आयुक्त बनाया गया है, जबकि आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव को औद्योगिक विकास निगम, इंदौर का कार्यकारी संचालक नियुक्त किया गया है। खरगोन की कलेक्टर भव्या मित्तल दो वर्ष की अध्ययन अवकाश (स्टडी लीव) पर चली गई हैं, जिसके चलते वहां गुरु प्रसाद को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    रतलाम के नए कलेक्टर अजय कटेसरिया की नियुक्ति विशेष चर्चा में है। सामान्य प्रशासन विभाग में रहते हुए उन्होंने पदोन्नति नियम-2025 तैयार करने और सरकार की प्राथमिकता वाले समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रारूप को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहली बार उन्हें किसी जिले की कलेक्टरी का दायित्व सौंपा गया है।

    प्रशासनिक फेरबदल के तहत प्रमुख सचिव संदीप यादव को जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। अब केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी भी वही करेंगे। नर्मदा घाटी विकास (NVD) विभाग का प्रभार प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार को सौंपा गया है। वहीं मनीष सिंह को ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार और सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। राघवेंद्र सिंह को वन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त करते हुए आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

    इस फेरबदल का असर महिला कलेक्टरों की संख्या पर भी पड़ा है। एक माह पहले प्रदेश के 55 जिलों में 17 महिला कलेक्टर कार्यरत थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर 15 रह गई है। हालांकि मिशा सिंह की शहडोल में नियुक्ति से आंशिक संतुलन बना है। माना जा रहा है कि यह प्रशासनिक बदलाव सरकार की आगामी विकास योजनाओं और निवेश आधारित परियोजनाओं को गति देने की रणनीति का हिस्सा है।

  • भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव: आज से हर 15 मिनट में मिलेगी ट्रेन, दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी; 50 ट्रिप का शेड्यूल लागू

    भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव: आज से हर 15 मिनट में मिलेगी ट्रेन, दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी; 50 ट्रिप का शेड्यूल लागू


    भोपाल । भोपाल मेट्रो ने शहर के यात्रियों को बड़ी सौगात दी है। शनिवार, 25 जुलाई से राजधानी में मेट्रो सेवा और अधिक तेज, सुविधाजनक और आधुनिक हो गई है। अब सुभाषनगर से एम्स स्टेशन के बीच मेट्रो दोनों ट्रैक पर संचालित होगी और पीक ऑवर्स में यात्रियों को हर 15 मिनट में ट्रेन उपलब्ध होगी। पहले जहां मेट्रो सिंगल ट्रैक पर चलने के कारण यात्रियों को करीब 75 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब यह अंतर काफी कम हो जाएगा।

    मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MPMRCL) के अनुसार, नए सिग्नलिंग सिस्टम के लागू होने के बाद प्रतिदिन कुल 50 ट्रिप संचालित की जाएंगी। सुभाषनगर स्टेशन से पहली मेट्रो सुबह 9 बजे रवाना होगी। व्यस्त समय में हर 15 मिनट और सामान्य समय में हर 30 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध रहेगी। इससे ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

    भोपाल मेट्रो की शुरुआत 20 दिसंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की थी। अगले दिन से आम यात्रियों के लिए सेवा शुरू हुई थी, लेकिन अब तक मेट्रो केवल एक ट्रैक पर संचालित हो रही थी। करीब सात महीने बाद आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के चालू होने से पहली बार दोनों ट्रैक पर नियमित संचालन संभव हो पाया है।

    इस नई व्यवस्था को लागू करने से पहले जून महीने में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने दो दिन तक निरीक्षण किया था। आवश्यक सुरक्षा परीक्षण पूरे होने और मंजूरी मिलने के बाद शनिवार से नए सिस्टम के अनुसार संचालन शुरू कर दिया गया है।

    यात्रियों को आकर्षित करने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने विशेष प्रमोशनल डिस्काउंट भी लागू किया है। रिटर्न जर्नी टिकट पर 5 प्रतिशत तथा ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं, MPMRCL मोबाइल ऐप के जरिए ई-वॉलेट रिचार्ज करने पर 8 से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोनस राशि दी जाएगी। 200 से 499 रुपए तक के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, 500 से 999 रुपए पर 10 प्रतिशत, 1000 से 1499 रुपए पर 12 प्रतिशत और 1500 से 2000 रुपए तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत बोनस का लाभ मिलेगा।

    यात्रियों की सुविधा के लिए सभी स्टेशन पहली ट्रेन के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले खोल दिए जाएंगे, ताकि सुरक्षा जांच और टिकट लेने में किसी तरह की परेशानी न हो। प्रत्येक स्टेशन के निर्धारित प्रवेश द्वार पर मैनुअल टिकटिंग की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

    करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया यह अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम दिल्ली मेट्रो जैसी आधुनिक तकनीक पर आधारित है। यह सिस्टम ट्रेनों की गति नियंत्रित करने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने, दोनों ट्रैक पर संचालन और भविष्य में मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था के बाद भोपाल मेट्रो का संचालन पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक हो जाएगा।

  • बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार

    बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का यही सिलसिला जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम मजबूत बना हुआ है, जिससे कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे लगातार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत 35 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, शहडोल और आसपास के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार चार दिनों से हो रही बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 330.4 मिमी यानी करीब 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो पूरे मानसून के निर्धारित कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    बारिश के मामले में देवास जिला सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड और मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मैहर में तेज बारिश के दौरान एक पांच वर्षीय बच्चा पानी के तेज बहाव में बहने लगा, जिसे स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

  • MP की सियासत में हलचल: भुट्टा बेचने वाले युवक ने सीएम को सुनाई बेरोजगारी की हकीकत, कांग्रेस नेता को मंच से लौटते वक्त थप्पड़

    MP की सियासत में हलचल: भुट्टा बेचने वाले युवक ने सीएम को सुनाई बेरोजगारी की हकीकत, कांग्रेस नेता को मंच से लौटते वक्त थप्पड़


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार का दिन कई ऐसे घटनाक्रमों का गवाह बना, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा बटोरी। एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने एक दिव्यांग युवक ने अपनी बेरोजगारी की कहानी सुनाकर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, वहीं राजगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया के साथ हुई बदसलूकी ने सियासी माहौल गरमा दिया। इसके अलावा दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद भावुक हुए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के आंसुओं पर भाजपा नेताओं के अलग-अलग बयान भी चर्चा का विषय बने रहे।

    धार जिले के राजगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला गुजर रहा था, तभी सड़क किनारे भुट्टा बेच रहे एक दिव्यांग युवक ने उन्हें आवाज लगाई। मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाया, युवक से भुट्टा खरीदा, बातचीत की और उसे 500 रुपए भी दिए। बातचीत के दौरान युवक ने बताया कि उसने मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई की है, लेकिन नौकरी नहीं मिलने के कारण उसे भुट्टा बेचने और चाय-पकौड़े की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है। युवक की यह बात सामने आने के बाद बेरोजगारी को लेकर नई बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे पढ़े-लिखे युवाओं की मौजूदा स्थिति का उदाहरण बताया, जबकि राजनीतिक हलकों में भी इस घटना की चर्चा होती रही।

    उधर राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद हो गया। प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप की मौजूदगी में जिला पंचायत अध्यक्ष और कांग्रेस नेता चंदर सिंह सोंधिया को पहले कार्यक्रम में प्रवेश से रोका गया। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया, लेकिन इस घटनाक्रम से नाराज होकर उन्होंने मंच के सामने बैठकर विरोध जताया। बाद में जब वह कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद पुलिस उन्हें थाने ले गई, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

    इसी बीच दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद सार्वजनिक मंच पर भावुक हुए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर भाजपा के भीतर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि वर्ष 2018 में उनका भी टिकट कटा था और तब उनकी आंखों में भी आंसू आए थे, लेकिन किसी ने उनकी चिंता नहीं की। उन्होंने पार्टी के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि नए लोगों को अवसर देने के लिए कभी-कभी पुराने नेताओं को पीछे हटना पड़ता है।

    वहीं भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने अलग राय रखते हुए कहा कि राजनीति में सक्रिय व्यक्ति का भविष्य कभी समाप्त नहीं होता। उन्होंने संकेत दिया कि नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण रह सकती है। इन बयानों के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की रणनीति को लेकर अलग-अलग सोच मौजूद है।

    इधर प्रशासनिक गलियारों में भी नई चर्चाओं ने जोर पकड़ा। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव को लेकर मंत्रालय में हलचल बनी रही। आदेश जारी होने से पहले ही एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मंत्रालय छोड़ने की तैयारी और बाद में उनकी नई पदस्थापना को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

    इन तीनों घटनाओं ने एक बार फिर यह दिखाया कि मध्य प्रदेश की राजनीति में जमीनी मुद्दों, राजनीतिक टकराव और सत्ता के भीतर की हलचल लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं।

  • MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी

    MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 20 आईएएस अधिकारियों (20 IAS officers) का तबादला किया गया है। राज्य के मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद अशोक बरनवाल (Ashok Barnwal) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) से सलाह-मशविरा के बाद यह फैसला लिया।

    एक अधिकारी ने बताया कि इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नीरज मंडलोई को ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी ने शुक्रवार देर रात हुए इस बदलाव के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री के ACS होने के साथ-साथ मंडलोई उद्योग और MSME विभागों की भी कमान संभालेंगे। वे राघवेंद्र सिंह की जगह लेंगे, जिनका तबादला वन विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कर दिया गया है।

    अधिकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ने संदीप यादव की जगह ली है। संदीप यादव को जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के तौर पर अहम ‘केन-बेतवा’ और ‘पार्वती-कालीसिंध’ प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की कमान ई. रमेश कुमार को सौंपी गई है। यादव और कुमार दोनों ही सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजोरा की जगह ले रहे हैं, जिन्हें RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुखवीर सिंह को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों का काम पहले बरनवाल देखते थे, जिन्हें बाद में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अजय कटेसरिया को उनकी कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में आठ साल के अंतराल के बाद प्रमोशन नियमों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई और रतलाम के कलेक्टर के तौर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी लागू किया।

    अधिकारी ने बताया कि इंदौर डिवीजन के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे सीनियर आईएएस अधिकारी सुदाम खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात किया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड की जिम्मेदारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप-सचिव नियुक्त किया गया है। भास्कर लक्ष्यकार अब इंदौर के नए डिविजनल कमिश्नर होंगे।

    केसी गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ-साथ बागवानी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है, जबकि प्रधान सचिव मनीष सिंह अब ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालेंगे। सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ACS के पद पर तैनात किया गया है। वह RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।

    जॉन किंग्सले एआर को औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें MSME विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वह बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव थे। अधिकारी ने बताया कि उज्जैन के एडिशनल कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे रत्नाकर झा को अनूपपुर का कलेक्टर बनाया गया है। वह हर्षल पंचोली की जगह लेंगे, जिनका तबादला भोपाल में एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन ऑर्गनाइजेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर किया गया है।

    शहडोल के कलेक्टर के तौर पर काम कर रहे केदार सिंह को भोपाल में पीडब्ल्यूडी का एडिशनल सेक्रेटरी बनाया गया है। सिंह की जगह मिशा सिंह लेंगी जो अभी रतलाम की कलेक्टर हैं। मंदसौर की कलेक्टर रहीं अदिति गर्ग को भोपाल में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग का कमिश्नर बनाया गया है। गर्ग की जगह दिव्यांक सिंह लेंगे, जो अभी भोपाल नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर हैं।

    अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के ऑफिस में डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे गुरु प्रसाद को खरगोन का कलेक्टर बनाया गया है। सतना नगर निगम के कमिश्नर शेर सिंह मीणा को आगर-मालवा का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह प्रीति यादव को भेजा गया है, जिन्हें एमपी औद्योगिक विकास निगम इंदौर का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है।

    इंदौर जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन को भोपाल में मुख्य सचिव के कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। अधिकारी ने बताया कि जैन की जगह एमपी औद्योगिक विकास निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति को इंदौर जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है।

  • Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

    Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला


    भोपाल।
    राजधानी भोपाल (Bhopal) के बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मृत्यु मामले (Twisha Sharma case) में जेल में बंद सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को जिला न्यायालय में तीखी बहस हुई। सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत और परिजनों के अधिवक्ताओं का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

    शनिवार को इस पर फैसला आने की संभावना है। मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले तीन न्यायाधीश अलग-अलग व्यक्तिगत कारणों से इस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर चुके हैं। शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने भी यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि उन्होंने आरोपी गिरिबाला सिंह के अधीन न्यायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके पश्चात मामला प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामप्रताप मिश्र की अदालत में स्थानांतरित किया गया, जहां विस्तृत सुनवाई हुई।


    बचाव पक्ष ने दिया बुजुर्ग मां का हवाला

    बचाव पक्ष के वक्ताओं ने तर्क दिया कि गिरिबाला सिंह की मां लगभग 100 वर्ष की हैं और वे पूरी तरह अपनी बेटी की देखभाल पर निर्भर हैं। याचिकाकर्ता स्वयं भी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा, आरोपी को नियमित पेंशन एवं युद्ध वीरांगना पेंशन मिलती है। आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम होने के कारण उन पर दहेज प्रताड़ना का आरोप स्वाभाविक प्रतीत नहीं होता। बचाव पक्ष ने दावा किया कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और उनके जेल में रहने के दौरान उनके घर पर चोरी भी हो चुकी है।


    सीबीआई और त्विषा के परिजनों ने किया विरोध

    सीबीआई की ओर से उपस्थित अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने जमानत याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि केवल महिला होना या आर्थिक रूप से संपन्न होना जमानत का आधार नहीं बन सकता। सीबीआई ने अदालत में जेल प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट पेश कर आरोपी के स्वास्थ्य को सामान्य बताया। साथ ही ध्यान दिलाया कि उच्च न्यायालय पहले ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है और जांच के दौरान आरोपी ने अपना वॉइस सैंपल देने से भी साफ इनकार कर दिया था।

    सीबीआई ने खुलासा किया कि आरोपी ने सीसीटीवी तकनीशियन और एक सैलून संचालक से संपर्क कर निजी प्रतिनिधि के माध्यम से फुटेज हासिल करने का प्रयास किया था। जमानत मिलने पर गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित करने की प्रबल संभावना है। त्विषा शर्मा के परिजनों के अधिवक्ता ने मां की देखभाल वाले तर्क को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की बुजुर्ग मां कभी उनके साथ नहीं रही हैं। वे केवल जेल से बाहर निकलने के लिए मां का सहारा ले रही हैं ताकि बाहर आकर मामले की निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकें। अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के उपरांत अदालत ने मामले का फैसला सुरक्षित रख लिया है। संभावना है कि शनिवार को जमानत याचिका पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

  • एमपी में मानसून का जोर बरकरार, आज भोपाल-इंदौर समेत 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून का जोर बरकरार, आज भोपाल-इंदौर समेत 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं करीब 20 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। अब तक राज्य में औसतन 13 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो इस मानसून सीजन के कुल औसत कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही लगातार नमी
    मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के साथ मानसून ट्रफ भी मध्यप्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे कई इलाकों में तेज बारिश की परिस्थितियां बनी हुई हैं।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

    लगातार बारिश से सुधरे आंकड़े
    बीते चार दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। 20 जुलाई तक जहां राज्य में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। वर्तमान में प्रदेश में औसतन 330.4 मिमी (करीब 13 इंच) वर्षा हो चुकी है, जबकि इस अवधि तक 370.9 मिमी (करीब 14.6 इंच) बारिश सामान्य मानी जाती है।

    14 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
    देवास, भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। वहीं प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।