Category: Madhya Pradesh

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दतिया प्रवास पर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दतिया प्रवास पर


    भोपाल,। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई, शनिवार को दतिया विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। प्रवास के दौरान आप विभिन्न आमसभाओं, प्रबुद्धजन बैठक, प्रमुख कार्यकर्ताओं से भेंटकर व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दोपहर 2 बजे दतिया के उदगवां एवं सायं 4 बजे सीतापुर मंडल के ग्राम उपरायं में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। आप सायं 6ः30 बजे दतिया चुनाव कार्यालय, होटल रतन रॉयल में आयोजित प्रबुद्धजन बैठक को संबोधित करने के पश्चात् दतिया नगर व ग्रामीण के प्रमुख कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सायं 7ः45 बजे होटल एमपीटी मोटेल में व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
  • मप्र में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को मिला तीन अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार

    मप्र में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को मिला तीन अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार

    भोपाल, 24 जुलाई। मध्य प्रदेश शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह (बैच 1997) को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपते हुए बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, सुखबीर सिंह को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ आगामी आदेश तक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    आदेश के मुताबिक, सुखबीर सिंह वर्तमान में प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग के रूप में कार्यरत हैं। अब वे अपने मौजूदा दायित्वों के साथ इन तीन महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार भी संभालेंगे। यह व्यवस्था आगामी आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेगी। वर्तमान में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह लोक निर्माण विभाग संभाल रहे हैं।
  • इंदौर के छात्र आंदोलन में टी शर्ट बनी चर्चा का केंद्र ना मर्दों के प्रदेश वाले बयान का युवाओं ने दिया करारा जवाब

    इंदौर के छात्र आंदोलन में टी शर्ट बनी चर्चा का केंद्र ना मर्दों के प्रदेश वाले बयान का युवाओं ने दिया करारा जवाब


    मध्य प्रदेशदिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब मध्य प्रदेश में भी साफ सुनाई दे रही है। इंदौर का भंवरकुआं चौराहा इन दिनों प्रदेश के छात्र आंदोलन का बड़ा केंद्र बन चुका है जहां लगातार कई दिनों से युवा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मामलों के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। इसी आंदोलन के दौरान एक टी शर्ट ने अचानक पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी। टी शर्ट पर लिखा संदेश ना मर्दों के प्रदेश मप्र से भी आए हैं मर्द सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच बहस का विषय बन गया।

    इस टी शर्ट को आंदोलन की शुरुआत करने वाले पवन अहिरवार और उनके साथियों ने पहनकर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान इसी संदेश के साथ नारे भी लगाए गए। युवाओं का कहना था कि यह केवल एक टी शर्ट नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के युवाओं के आत्मसम्मान और उनकी आवाज का प्रतीक है। उनका दावा है कि प्रदेश के युवाओं को कमजोर समझने वालों को यह संदेश देना जरूरी था कि यहां के छात्र भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना जानते हैं।

    दरअसल कुछ दिन पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक युवक प्रशांत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में उसने खुद को मध्य प्रदेश का बताते हुए कहा था कि यह ना मर्दों का प्रदेश है जहां कोई आवाज नहीं उठाता। उसने यह भी कहा था कि प्रदेश में कई बड़े मुद्दे सामने आते हैं लेकिन लोग खुलकर विरोध नहीं करते। यही बयान इंदौर के आंदोलनकारियों को नागवार गुजरा और उन्होंने इसका जवाब अपने तरीके से देने का फैसला किया।

    पवन अहिरवार का कहना है कि मध्य प्रदेश के युवाओं को किसी भी तरह से कमजोर नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई गंभीर मुद्दों पर लोगों ने आवाज उठाई है लेकिन कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। चाहे भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद हों स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले हों या अन्य जनहित के मुद्दे युवाओं ने हमेशा सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह टी शर्ट उसी सोच के खिलाफ एक प्रतीकात्मक जवाब है जिसने पूरे प्रदेश को गलत नजरिए से पेश करने की कोशिश की।

    भंवरकुआं चौराहे पर जारी धरने में शामिल छात्र नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। लगातार बारिश और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र आंदोलन में डटे हुए हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और भरोसे से जुड़ा सवाल है।

    आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिल रहा है। मनावर विधायक डॉ हीरालाल अलावा भी छात्रों के बीच पहुंचे और उन्होंने निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही तय करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि इंदौर का छात्र आंदोलन अब केवल धरना प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह युवाओं की भावनाओं और आत्मसम्मान का भी प्रतीक बन गया है। वायरल टी शर्ट ने एक नया संदेश दिया है कि मध्य प्रदेश के युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने में पीछे नहीं हैं। आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में जाएगा यह भले समय बताए लेकिन फिलहाल यह टी शर्ट पूरे आंदोलन की सबसे चर्चित पहचान बन चुकी है।

  • अनोखी बारात ने खींचा सबका ध्यान, दूल्हा निकला पूरे शाही अंदाज में लेकिन बाराती रहे गायब

    अनोखी बारात ने खींचा सबका ध्यान, दूल्हा निकला पूरे शाही अंदाज में लेकिन बाराती रहे गायब


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसी बारात का वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आमतौर पर शादी की बारात में सैकड़ों लोग, डीजे की धुन पर झूमते रिश्तेदार और नाचते-गाते दोस्त दिखाई देते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग थी। बारिश के बीच निकली इस बारात में घोड़ी पर दूल्हा तो था, डीजे भी बज रहा था, लेकिन उसके पीछे नाचने वाले बाराती लगभग नदारद थे।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को इंदौर के राजमोहल्ला चौराहे के पास का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, बारात राजमोहल्ला चौराहे से मालगंज की ओर जा रही थी। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि डीजे वाहन पर बॉलीवुड का लोकप्रिय गीत “पल पल ना माने टिंकू जिया” बज रहा है, लेकिन उस पर थिरकने वाला कोई नजर नहीं आता।

    पूरी बारात में दूल्हे के साथ केवल चार लोग दिखाई दे रहे हैं। इनमें दो ढोल बजाने वाले कलाकार, एक घोड़ी संचालक और एक व्यक्ति दूल्हे के ऊपर छाता पकड़े हुए चलता दिखाई देता है। इसके अलावा न कोई रिश्तेदार, न दोस्त और न ही पारंपरिक बारात की रौनक वीडियो में दिखाई देती है। यही वजह है कि यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे “मिनिमलिस्ट शादी” बता रहा है तो कोई मजाकिया अंदाज में कह रहा है कि “आजकल महंगाई में बारात भी शॉर्टकट हो गई है।” कई लोगों ने इसे बारिश और मौसम की वजह से कम लोगों की मौजूदगी से भी जोड़कर देखा है, जबकि कुछ इसे सादगीपूर्ण विवाह का उदाहरण बता रहे हैं।

    हालांकि, यह वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया और यह बारात किसकी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। वीडियो की सत्यता और इससे जुड़ी अन्य जानकारियां भी सामने नहीं आई हैं। इसके बावजूद यह क्लिप सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर की जा रही है और हजारों लोग इसे देख चुके हैं।

    इंदौर की यह अनोखी बारात अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक ओर भव्य शादियों का चलन बढ़ रहा है, वहीं यह वीडियो सादगी, परिस्थितियों या किसी अलग अंदाज की शादी को लेकर लोगों के बीच नई बहस भी छेड़ रहा है।

  • पेपर लीक के खिलाफ MP में छात्रों का उबाल, इंदौर से श्योपुर तक सड़कों पर प्रदर्शन; पारदर्शी परीक्षा और कार्रवाई की मांग तेज

    पेपर लीक के खिलाफ MP में छात्रों का उबाल, इंदौर से श्योपुर तक सड़कों पर प्रदर्शन; पारदर्शी परीक्षा और कार्रवाई की मांग तेज


    इंदौर प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। प्रदेश के कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर बड़ी संख्या में युवा धरने पर बैठे हैं। लगातार हो रही बारिश भी उनके हौसलों को डिगा नहीं सकी। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती और पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    इंदौर में छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत पेपर लीक जैसी घटनाओं से बर्बाद हो जाती है। इसलिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई।

    उधर, श्योपुर में भी छात्र संगठनों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। “समस्त छात्र शक्ति” के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र पीजी कॉलेज से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। करीब चार किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा के दौरान छात्रों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कलेक्ट्रेट पहुंचकर छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और लगभग दो घंटे तक धरना देकर नारेबाजी की।

    रीवा, उमरिया और बड़वानी सहित अन्य जिलों में भी छात्र अलग-अलग स्थानों पर धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का आरोप है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसलिए सरकार को दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

    प्रदर्शनकारी युवाओं ने यह भी कहा कि केवल जांच बैठाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए मजबूत कानून, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही तय करना जरूरी है। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे आंदोलन और व्यापक रूप ले सकते हैं।

    प्रदेशभर में बढ़ते छात्र आंदोलनों ने साफ कर दिया है कि युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग को लेकर उठी यह आवाज अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी आंदोलन का रूप ले चुकी है।

  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दंपती जेल भेजे गए, सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची जानकारी

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दंपती जेल भेजे गए, सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची जानकारी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन करने पहुंचे दंपती के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। साथ ही टंट्या भील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान भी प्रदर्शनकारियों से मंत्री के घर तक चलने का आग्रह किया था।

    जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता हाथ में संविधान की प्रति लेकर मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे थे। इससे पहले ही पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित प्रदर्शन की सूचना मिल गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दंपती ने कई लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया था, लेकिन निर्धारित समय पर कोई भी उनके समर्थन में नहीं पहुंचा। जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने टंट्या भील चौराहे पर चल रहे छात्र धरना-प्रदर्शन में मौजूद लोगों से भी मंत्री के आवास तक चलने की अपील की थी, लेकिन वहां से भी किसी ने उनका साथ नहीं दिया।

    जब दंपती मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और बिना अनुमति प्रदर्शन न करने की सलाह दी। इसके बावजूद वे सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने प्रहलाद पांडेय को उठाकर वाहन में बैठाया और उनकी पत्नी को भी हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां दोनों से पूछताछ की गई।

    परदेशीपुरा थाना प्रभारी आर.डी. कानवा ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाया था। उन्होंने यह भी माना कि बिना अनुमति प्रदर्शन करना उनकी गलती थी। इसके बाद पुलिस ने शांति भंग की आशंका और बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 151 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    इससे पहले भी दंपती ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हालिया बयानों से आहत होने की बात कहते हुए उनके आवास के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास किया था। उस दौरान भी पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे प्रदर्शन पर अड़े रहे थे।

  • छात्र आंदोलन पर स्तुति मिश्रा की पोस्ट वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा की पत्नी के समर्थन से बढ़ी चर्चा

    छात्र आंदोलन पर स्तुति मिश्रा की पोस्ट वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा की पत्नी के समर्थन से बढ़ी चर्चा


    भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की अपील की है।

    स्तुति मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके आंदोलन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समन्वय और संवाद के माध्यम से समाधान निकलना चाहिए। बड़े पदों पर बैठे लोगों को जिद नहीं करनी चाहिए, बल्कि बच्चों की बात सुननी चाहिए। उन्होंने लिखा कि यदि छात्र सरकार से उम्मीद नहीं करेंगे तो फिर किससे करेंगे। उनके अनुसार, प्रेम और सहानुभूति किसी भी समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और हर बच्चे को सम्मान व संवेदनशील व्यवहार मिलना चाहिए।

    पोस्ट के शुरुआती संस्करण में उन्होंने यह भी लिखा था कि गलती होने पर क्षमा मांगने से कोई छोटा नहीं होता और जो लोग इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें दंड मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि छात्रों की मांगों को सुनना आवश्यक है और उनके साथ न्याय होना चाहिए। हालांकि, पोस्ट वायरल होने के बाद उन्होंने इस हिस्से को संपादित कर हटा दिया।

    स्तुति मिश्रा का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। हालांकि, उन्होंने बाद में अपने संदेश में संशोधन करते हुए केवल छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

    यह पहला अवसर नहीं है जब स्तुति मिश्रा का कोई सोशल मीडिया पोस्ट सुर्खियों में आया हो। इससे पहले बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा था कि भविष्य में बैंक होम लोन और कार लोन की तरह पेट्रोल-डीजल लोन भी ईएमआई पर उपलब्ध कराएंगे। उस पोस्ट के वायरल होने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी टिप्पणी पर सफाई भी दी थी।

    वर्तमान पोस्ट ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इसे लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • दतिया पहुंचे सिंधिया का बड़ा दावा, बोले- भाजपा की जीत तय; पेपर लीक दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

    दतिया पहुंचे सिंधिया का बड़ा दावा, बोले- भाजपा की जीत तय; पेपर लीक दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई


    ग्वालियर । दतिया उपचुनाव के प्रचार अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचे, जहां से वे पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए दतिया रवाना हुए। ग्वालियर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए सिंधिया ने भरोसा जताया कि दतिया की जनता एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर विश्वास जताएगी और पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।
    सिंधिया ने कहा कि दतिया उपचुनाव केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि विकास और क्षेत्र की प्रगति का चुनाव है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने दतिया के विकास के लिए लगातार काम किया है और आगे भी विकास की यह गति जारी रहेगी। उनके मुताबिक, जनता विकास के मुद्दे पर मतदान करेगी और भाजपा का परचम लहराएगी।
    चुनावी चर्चा के साथ-साथ सिंधिया ने देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जिन लोगों ने परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है।
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा में धांधली और पेपर लीक जैसे अपराधों पर कठोर कार्रवाई के लिए कानून को और मजबूत बना रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसी व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।
    सिंधिया ने कहा कि लाखों छात्र दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल छात्रों के साथ अन्याय नहीं, बल्कि देश के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

    दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अपने सभी वरिष्ठ नेताओं को प्रचार में उतार दिया है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में है, जबकि कांग्रेस भी जीत के लिए जोरदार प्रचार अभियान चला रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में दतिया का चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है।

  • गड़े धन का लालच बना मौत का जाल! MP में तंत्र-मंत्र के नाम पर हत्या, नरबलि और करोड़ों की ठगी का काला खेल

    गड़े धन का लालच बना मौत का जाल! MP में तंत्र-मंत्र के नाम पर हत्या, नरबलि और करोड़ों की ठगी का काला खेल


    भोपाल । रातों-रात अमीर बनने का सपना, खेतों में दबे खजाने की कहानियां और तंत्र-मंत्र के जरिए अकूत संपत्ति मिलने का झांसा आज भी लोगों को अंधविश्वास की ऐसी अंधेरी दुनिया में धकेल रहा है, जहां अंत अक्सर हत्या, ठगी और बर्बादी के रूप में होता है। मध्य प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने यह साबित कर दिया है कि गड़े धन का मिथक अब केवल अफवाह नहीं, बल्कि संगठित अपराध और अंधविश्वास का खतरनाक हथियार बन चुका है।

    भोपाल के सूखी सेवनिया इलाके में एक पिता ने कथित तांत्रिक के बहकावे में आकर अपनी 17 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी। तांत्रिक ने दावा किया था कि खेत में दबे खजाने तक पहुंचने के लिए लड़की की बलि जरूरी है। पिता ने बेटी की हत्या कर शव खेत में दफना दिया। कई महीने बाद जब खेत की जुताई हुई तो कंकाल मिलने से पूरे मामले का खुलासा हुआ।

    रायसेन जिले में भी गड़े धन की तलाश एक व्यापारी की जिंदगी पर भारी पड़ गई। कथित तांत्रिक ने करोड़ों के खजाने का लालच देकर पूजा कराई और फिर नरबलि की बात कहकर व्यापारी की हत्या कर शव रेत में दफना दिया। पुलिस जांच में यह सनसनीखेज वारदात सामने आई।

    बालाघाट में एक तांत्रिक के कहने पर 11 लोग एक महिला के घर में गड़ा धन तलाशने घुस गए। महिला के जागने पर उस पर चाकू से हमला कर दिया गया। हालांकि आरोपियों को कोई खजाना नहीं मिला और वे घर का सामान लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने बाद में गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया।

    मंदसौर में भी कथित तांत्रिकों ने किसान को नोटों की बारिश और गड़ा धन निकालने का सपना दिखाकर करीब 12 लाख रुपये ठग लिए। पूजा-पाठ, भूत-प्रेत और नरबलि का डर दिखाकर लगातार पैसे वसूले जाते रहे। आखिरकार जब नोटों की गड्डियों में असली मुद्रा की जगह छोटे नोट निकले तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े भी इस गंभीर समस्या की पुष्टि करते हैं। वर्ष 2024 में देशभर में टोना-टोटका से जुड़ी 54 हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें अकेले मध्य प्रदेश में 17 मामले सामने आए। इस तरह अंधविश्वास से जुड़ी हत्याओं के मामलों में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि प्राचीन समय में युद्ध के दौरान लोग अपनी संपत्ति जमीन में छिपा देते थे। समय के साथ यह मान्यता बन गई कि ऐसे खजानों की रक्षा अदृश्य शक्तियां करती हैं और विशेष तांत्रिक क्रियाओं से ही उन्हें प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन शास्त्रों में तंत्र-मंत्र से गड़ा धन निकालने, नोटों की बारिश कराने या रातों-रात अमीर बनने का कोई प्रमाण नहीं मिलता। कथित तांत्रिक इसी अज्ञानता और लालच का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक वीडियो और फर्जी दावों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में जरूरत है कि लोग वैज्ञानिक सोच अपनाएं, अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी तरह के चमत्कार या गड़े धन के दावों पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहें। क्योंकि खजाने की तलाश में उठाया गया एक गलत कदम कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए तबाह कर सकता है।

  • 'बच्चों के जख्मों पर मरहम लगाइए, नमक-मिर्च नहीं': जंतर-मंतर घटनाक्रम पर अभिनेता रजा मुराद की भावुक अपील

    'बच्चों के जख्मों पर मरहम लगाइए, नमक-मिर्च नहीं': जंतर-मंतर घटनाक्रम पर अभिनेता रजा मुराद की भावुक अपील


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े वरिष्ठ बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों के जख्मों पर “मरहम लगाइए, नमक-मिर्च नहीं।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

    रजा मुराद ने अपने संदेश की शुरुआत जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग की खबरें और तस्वीरें बेहद पीड़ादायक हैं। उनके अनुसार, यदि युवा अपनी बात रखने के लिए सड़क पर उतरते हैं तो सबसे पहले उनकी बात सुनने और संवाद स्थापित करने की कोशिश की जानी चाहिए।

    उन्होंने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि घर का कोई बच्चा नाराज हो जाए या अपनी शिकायत रखे तो उसे डांटने या कठोरता दिखाने के बजाय समझाया और मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र भी इसी देश के बच्चे हैं और समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे में उनके साथ भी वही व्यवहार होना चाहिए, जो किसी परिवार के सदस्य के साथ किया जाता है।

    रजा मुराद ने कहा कि किसी भी घायल व्यक्ति के घाव पर मरहम लगाया जाता है, नमक नहीं छिड़का जाता। उनके मुताबिक यदि छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो जरूरत उन्हें और आहत करने की नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं को समझने और भरोसा दिलाने की है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना किसी भी लोकतांत्रिक समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि आज जिन युवाओं को हम प्रदर्शनकारी के रूप में देख रहे हैं, वही कल देश के विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदार भूमिकाएं निभाएंगे और देश की बागडोर संभालेंगे। इसलिए उनके साथ संवाद, संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से आग्रह किया कि वे हालात को टकराव के बजाय बातचीत और विश्वास के जरिए संभालने का प्रयास करें।

    रजा मुराद ने अपने संदेश के अंत में कहा कि देश केवल सीमाओं से बना भूभाग नहीं, बल्कि एक बड़ा परिवार है और छात्र उसी परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने अपील की कि युवाओं को अकेला या उपेक्षित महसूस कराने के बजाय उनके साथ विश्वास का रिश्ता मजबूत किया जाए और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए।

    इससे पहले अभिनेता रघुवीर यादव भी छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अब रजा मुराद के बयान के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।