Category: Madhya Pradesh

  • दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक युवक और नाबालिग लड़की की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में फंदे पर लटके मिले। मृतक युवक की उम्र 22 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। वहीं उसके साथ मृत मिली लड़की 16 वर्ष की थी और हबीबगंज क्षेत्र की निवासी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान अमन सारूमगर के रूप में हुई है। वह अरेरा कॉलोनी के ई-7 क्षेत्र में एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। उसकी मां उसी बंगले में खाना बनाने का काम करती थीं। अमन अपने पिता के साथ भोपाल में 11 नंबर क्षेत्र स्थित गणेश मंदिर के पास फास्ट फूड का ठेला भी लगाता था। परिवार में उसका एक बड़ा भाई और छोटी बहन हैं। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह पहले उसका परिवार नेपाल गया था। परिवार के बाहर होने के कारण अमन घर में अकेला रह रहा था।

    घटना से पहले गुरुवार शाम अमन ने अपने दोस्त आर्यन से शराब लाने के लिए कहा था। दोस्त शराब पहुंचाने के बाद अपने कमरे पर लौट गया। रात करीब आठ बजे अमन ने उसे मोबाइल पर एक ऑडियो संदेश भेजा। इस संदेश में उसने दोस्त के प्रति आभार जताया और अलविदा कहा। संदेश सुनकर आर्यन को किसी अनहोनी की आशंका हुई और वह तुरंत अमन के कमरे पर पहुंचा। हालांकि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अमन और लड़की फंदे पर लटके मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।


    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अमन और लड़की की पहचान करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे एक-दूसरे के करीब आ गए। लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह अपने परिवार की इकलौती बेटी बताई गई है। उसके पिता कपड़े की दुकान पर सेल्समैन का काम करते हैं और परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। दोनों की मौत की खबर मिलने के बाद परिवारों में शोक का माहौल है।

    पुलिस जांच के दौरान अमन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तस्वीर पोस्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इस तस्वीर का घटना से क्या संबंध है यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने फिलहाल इसे मौत की वजह घोषित नहीं किया है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    जांच अधिकारी सी अजय दुबे के मुताबिक दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ऑडियो संदेश सहित घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन परिस्थितियों में दोनों की मौत हुई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा

    शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में गरबा कार्यक्रम के प्रचार के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। यहां कारों की छत पर बैठकर प्रचार करती युवतियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यातायात पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने छह कारों के मालिकों पर पांच-पांच हजार रुपये के हिसाब से कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों की पहचान की गई और उनके नंबर ट्रेस कर वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाया गया। पुलिस ने सभी को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी है।

    जानकारी के मुताबिक मामला गुरुवार शाम का है जब शहर में आयोजित होने वाले एक गरबा कार्यक्रम के प्रचार के लिए करीब 20 कारों का काफिला निकाला गया था। बताया गया है कि एक होटल में होने वाले कार्यक्रम के प्रचार के लिए बालिकाओं और युवतियों को कारों में बैठाकर कस्टम गेट से शहर के प्रमुख मार्गों तक घुमाया गया। इस दौरान कुछ युवतियां कारों की छत पर बैठी दिखाई दीं। काफिला शहर के व्यस्त रास्तों से गुजरा और कोतवाली थाने के सामने से भी निकला। इस तरह सड़क पर चलती कारों की छत पर बैठकर प्रचार करने का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया और बाद में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

    वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान चलाए जाने के बावजूद इस तरह की लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने संबंधित वाहनों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों के नंबरों के आधार पर उनके मालिकों तक पहुंच बनाई। इसके बाद छह वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाकर कार्रवाई की गई। पुलिस ने प्रत्येक वाहन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जिससे कुल चालान राशि 30 हजार रुपये हो गई।

    कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहन मालिकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। उन्होंने भविष्य में इस तरह की गलती नहीं दोहराने की बात भी कही। यातायात पुलिस ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कार्यक्रम के प्रचार या उत्सव के दौरान सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।

    चलती कार की छत पर बैठना दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकता है। अचानक ब्रेक लगने या वाहन के मोड़ लेने पर व्यक्ति का संतुलन बिगड़ सकता है और गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों के प्रचार के दौरान भी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। शिवपुरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने संकेत दिया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि उत्सव का माहौल बनाए रखते हुए अपनी और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

  • भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए इंदौर तैयार, 160 कैमरों से होगी निगरानी, 27,500 दर्शकों के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ओस पर रहेगी नजर

    भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए इंदौर तैयार, 160 कैमरों से होगी निगरानी, 27,500 दर्शकों के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ओस पर रहेगी नजर


    इंदौर । इंदौर में भारत और वेस्टइंडीज के बीच 11 अक्टूबर को होने वाले T20 इंटरनेशनल मुकाबले के लिए होलकर स्टेडियम में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मैच रात 7 बजे शुरू होगा और करीब 27 हजार 500 दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। मैदान से लेकर दर्शक दीर्घा और प्रवेश द्वारों तक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। दर्शकों की आवाजाही आसान बनाने के लिए स्टेडियम के बाहर रेलिंग लगाई जा रही हैं जबकि अंदर कुर्सियों की सफाई और धुलाई का काम जारी है। आयोजकों का कहना है कि मुकाबले से पहले लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मैच से पहले क्रिकेट प्रेमियों के लिए मौसम की खबर भी राहत देने वाली है। मौसम वैज्ञानिक आनंद हर्षाना के मुताबिक 8 से 12 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना नहीं है। मानसून का दौर समाप्त होने के बाद मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में फिलहाल बारिश के कारण मैच बाधित होने की आशंका कम है। हालांकि रात में होने वाले मुकाबले के दौरान ओस की स्थिति अहम रह सकती है। तापमान हवा और नमी का असर गेंदबाजों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। टॉस के समय कप्तानों को इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर रणनीति बनानी होगी। अचानक बारिश की स्थिति से निपटने के लिए भी आयोजकों ने बैकअप व्यवस्था तैयार रखी है।

    करीब 27 हजार 500 दर्शकों की संभावित मौजूदगी के कारण स्टेडियम के बाहर और भीतर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इस बार निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। स्टेडियम में लगभग 160 CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी मदद से अलग-अलग हिस्सों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। पुलिस और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। प्रवेश द्वारों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलिंग लगाई जा रही हैं ताकि दर्शक व्यवस्थित कतारों में स्टेडियम के भीतर पहुंच सकें। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे टिकट पर दर्ज प्रवेश द्वार की जानकारी पहले से देख लें और सुरक्षा जांच के लिए पर्याप्त समय लेकर पहुंचें।

    होलकर स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत इसकी छोटी बाउंड्री मानी जाती है। यहां चौकोर बाउंड्री करीब 56 मीटर और सीधी बाउंड्री लगभग 68 मीटर बताई जाती है। T20 जैसे छोटे प्रारूप में इसका महत्व और बढ़ जाता है क्योंकि सही टाइमिंग से लगाए गए शॉट आसानी से बाउंड्री तक पहुंच सकते हैं। इसी वजह से दर्शकों को बड़े शॉट और तेजी से बनते स्कोर की उम्मीद रहेगी। हालांकि छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों के लिए जितनी फायदेमंद होती है उतनी ही गेंदबाजों के लिए चुनौती भी बन सकती है। पावरप्ले के शुरुआती छह ओवर में दोनों टीमों की रणनीति मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    होलकर स्टेडियम का इतिहास भी कई यादगार क्रिकेट उपलब्धियों से जुड़ा है। 8 दिसंबर 2011 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में वीरेंद्र सहवाग ने 149 गेंदों पर 219 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 418 रन बनाए और वेस्टइंडीज को बड़े अंतर से हराया। इस मैदान पर भारत ने लंबे समय तक वनडे मुकाबलों में लगातार जीत का सिलसिला बनाए रखा था। हालांकि जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर यह सिलसिला तोड़ दिया। अब 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज की टीमें इसी मैदान पर T20 प्रारूप में आमने-सामने होंगी।

    मैच को लेकर इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है। एक ओर मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात देखने की उम्मीद है तो दूसरी ओर आयोजकों के सामने हजारों दर्शकों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रवेश दिलाने की चुनौती रहेगी। मौसम फिलहाल अनुकूल रहने का अनुमान है और तैयारियां अंतिम दौर में हैं। अब सबकी नजरें मुकाबले पर टिकी हैं जहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिच की परिस्थितियां और रात में पड़ने वाली ओस मैच का रोमांच बढ़ा सकती हैं।

  • इंदौर में गैरेज संचालक पर 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, बॉडी बिल्डिंग और AC के नाम पर ली रकम, काम अधूरा छोड़कर भागा

    इंदौर में गैरेज संचालक पर 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, बॉडी बिल्डिंग और AC के नाम पर ली रकम, काम अधूरा छोड़कर भागा


    इंदौर । इंदौर में बसों की बॉडी बिल्डिंग और इंटीरियर तैयार करने के नाम पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक गैरेज संचालक ने 18 से ज्यादा बस मालिकों से बॉडी बनाने सीट कवर लगाने एसी फिट करने और इंटीरियर कस्टमाइजेशन के लिए एडवांस रकम ली लेकिन काम पूरा किए बिना फरार हो गया। लंबे समय तक आरोपी से संपर्क नहीं होने और गैरेज व अन्य ठिकानों पर तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर पीड़ित बस संचालकों ने पुलिस से शिकायत की। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ताओं में राजा दिव्यांशु बर्मन प्रथम गुप्ता सूरज भारद्वाज शमशेर सिंह सहित अन्य बस मालिक शामिल हैं। इन लोगों ने जनसुनवाई के दौरान डीसीपी को लिखित शिकायत देकर अपनी परेशानी बताई थी। शिकायत में मोहित उर्फ मन्नू पुत्र सत्यनारायण दीक्षित पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि आरोपी एमबी बस के नाम से बसों की बॉडी बनाने और उन्हें जरूरत के मुताबिक तैयार करने का काम करता था। इसी कारोबार के सिलसिले में बस संचालकों ने उसे अलग-अलग कामों के लिए बड़ी रकम एडवांस में दी थी।

    पीड़ितों का कहना है कि आरोपी के साथ उनका लंबे समय से व्यावसायिक लेनदेन चल रहा था। इसी वजह से उन्हें उस पर भरोसा था और उन्होंने बिना किसी आशंका के बसों के काम के लिए रकम सौंप दी। बसों की बॉडी बिल्डिंग से लेकर सीट कवर एसी और इंटीरियर तैयार कराने तक के काम के लिए भुगतान किया गया था। आरोप है कि रकम मिलने के बाद आरोपी ने कुछ काम अधूरे छोड़ दिए और कई मामलों में काम आगे नहीं बढ़ाया। इसके बाद वह कथित तौर पर अपने ठिकानों से गायब हो गया। पीड़ितों के मुताबिक इस पूरे मामले में कुल दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम फंसी हुई है।

    शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बसों पर काम कराने के बावजूद सप्लायरों और कारीगरों को भुगतान नहीं किया गया। इससे बस मालिकों की परेशानी और बढ़ गई। बसों का काम अधूरा रहने और भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है। जब आरोपी से संपर्क करने की कोशिशें सफल नहीं हुईं तो बस मालिक कई दिनों तक उसके गैरेज और विजय नगर स्थित ठिकानों पर पहुंचते रहे। लेकिन वहां भी उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी मोहित उर्फ मन्नू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों भुगतान के रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। फिलहाल आरोपों की विस्तृत जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले ने व्यावसायिक लेनदेन में भरोसे के आधार पर बड़ी रकम एडवांस देने और भुगतान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

  • IDA की जमीन को लेकर इंदौर में सियासी घमासान, कांग्रेस का आज घेराव, भाजपा के आयोजन और पटाखा बाजार के किराये पर उठे सवाल

    IDA की जमीन को लेकर इंदौर में सियासी घमासान, कांग्रेस का आज घेराव, भाजपा के आयोजन और पटाखा बाजार के किराये पर उठे सवाल


    इंदौर । इंदौर में इंदौर विकास प्राधिकरण यानी IDA के मैदान आवंटन को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने प्राधिकरण पर मैदान उपलब्ध कराने में दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए जवाब मांगा है। पार्टी का दावा है कि राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए मैदान आवंटित करने पर 14 लाख रुपये से अधिक का शुल्क लिया गया जबकि विजय नगर में भाजपा के कार्यक्रम के लिए जमीन मुफ्त उपलब्ध कराई गई। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि दोनों आयोजन के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया तो इसके पीछे क्या आधार था और क्या भाजपा के कार्यक्रम के लिए कोई विशेष छूट दी गई थी। इन मुद्दों को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में शुक्रवार दोपहर कार्यकर्ता IDA कार्यालय पहुंचकर सीईओ का घेराव करने वाले हैं।

    कांग्रेस की मांग है कि सार्वजनिक जमीन के आवंटन से संबंधित सभी दस्तावेज और नियम सार्वजनिक किए जाएं। पार्टी जानना चाहती है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए कितनी राशि निर्धारित की गई थी और भुगतान किन शर्तों के तहत लिया गया। वहीं भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत 7 अक्टूबर को विजय नगर में आयोजित कार्यक्रम के लिए मैदान किस आधार पर आवंटित किया गया और इसके बदले कोई शुल्क लिया गया या नहीं। कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग में पारदर्शिता होनी चाहिए और राजनीतिक आयोजनों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। हालांकि भाजपा को जमीन मुफ्त दिए जाने और नियमों की अनदेखी के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    मैदान आवंटन को लेकर विवाद के बीच पिपल्याराव स्थित रीजनल पार्क के सामने भारत जोड़ो मैदान पर प्रस्तावित थोक पटाखा बाजार का मामला भी उठाया गया है। यहां करीब 40 दिनों तक चलने वाले बाजार के लिए 41 अस्थायी दुकानें बनाई जा रही हैं। बाजार में जनरेटर रूम लाइट टावर और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित हैं। जानकारी के मुताबिक दुकानों का निर्माण शुरू हो चुका है लेकिन IDA की ओर से किराये की अंतिम राशि तय किए जाने और आधिकारिक डिमांड नोट जारी होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इस बीच बाजार के लिए पांच से सात लाख रुपये किराया होने की चर्चा है।

    पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने प्रत्येक दुकान लगाने वाले व्यापारी से एक लाख रुपये जुटाने को कहा है। इसमें दुकान निर्माण मैदान का किराया बिजली सुरक्षा और अन्य खर्च शामिल बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को उठाते हुए पूछा है कि जब कुछ दिनों के राजनीतिक आयोजन के लिए 14 लाख रुपये से अधिक शुल्क लिया गया तो लगभग 40 दिन तक चलने वाले व्यावसायिक बाजार का किराया किस आधार पर निर्धारित होगा। पार्टी ने पिछले साल और इस साल के पटाखा बाजार के आवंटन शुल्क और खर्च का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की है।

    कांग्रेस का कहना है कि यदि अलग-अलग आयोजनों के लिए शुल्क निर्धारण में अंतर है तो IDA को उसका स्पष्ट आधार बताना चाहिए। पार्टी ने आशंका जताई है कि आवंटन प्रक्रिया में अनियमितता होने पर प्राधिकरण को राजस्व का नुकसान हो सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले में IDA का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही शुल्क निर्धारण और आवंटन की शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद अब प्राधिकरण के जवाब पर नजर रहेगी क्योंकि यह विवाद सार्वजनिक जमीन के इस्तेमाल में पारदर्शिता और समान नियम लागू करने के सवाल से जुड़ा है।

  • इंदौर में RE-2 सड़क का रास्ता साफ करने उतरा प्रशासन, 130 मकानों पर कार्रवाई से मचेगी हलचल, अब पूरी होगी अधूरी सड़क

    इंदौर में RE-2 सड़क का रास्ता साफ करने उतरा प्रशासन, 130 मकानों पर कार्रवाई से मचेगी हलचल, अब पूरी होगी अधूरी सड़क


    इंदौर । इंदौर में RE-2 रोड के अधूरे हिस्से का निर्माण पूरा करने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने एक बार फिर कार्रवाई शुरू कर दी है। बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच बनने वाली इस सड़क के रास्ते में बाधक मकानों को हटाया जा रहा है। गुरुवार सुबह से भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम कार्रवाई में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक सड़क निर्माण में बाधा बन रहे शेष 130 मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मौके पर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर और एसडीएम घनश्याम धनगर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। पिछले दिनों कार्रवाई के दौरान पथराव की घटना सामने आने के बाद इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि अभियान के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे।

    RE-2 रोड इंदौर की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाना और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराना है। सड़क निर्माण के लिए प्रशासन पहले भी कई चरणों में बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई कर चुका है। बिचौली कांकड़ शिव नगर और शिव दर्शन नगर क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया भी इस परियोजना से जुड़ी हुई है। अब सड़क के शेष हिस्से को निर्माण के लिए खाली कराने के उद्देश्य से कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

    परियोजना के आंकड़ों के अनुसार RE-2 रोड की कुल लंबाई 4.25 किलोमीटर और चौड़ाई 45 मीटर है। इसमें से लगभग 3.20 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि करीब एक किलोमीटर हिस्सा बाधक निर्माण के कारण लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इस परियोजना पर अब तक लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। शेष हिस्से का निर्माण पूरा होने के बाद सड़क को पूरी तरह उपयोग में लाने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए अतिरिक्त मार्ग मिलने की उम्मीद है।

    प्रशासन से पहले मिली जानकारी के अनुसार शिव नगर के 80 मकानों में 117 परिवार रहते हैं जबकि शिव दर्शन नगर के 55 मकानों में 72 परिवार निवासरत हैं। इन परिवारों का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नीलगिरि परिसर में व्यवस्थापन किया जाना है। वहीं पीपल्याहाना और बिचौली कांकड़ क्षेत्र के कई परिवारों को पहले ही आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ऐसे में सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों के लिए व्यवस्थापन की स्थिति और शेष परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं भी अहम रहेंगी।

    RE-2 रोड का अधूरा हिस्सा पूरा होने से भूरी टेकरी पीपल्याहाना बंगाली चौराहा और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल सड़क निर्माण में बाधक मकानों को हटाने की कार्रवाई जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद शहरवासियों को एक अतिरिक्त मार्ग मिल सकता है जिससे प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। अब इस परियोजना की प्रगति और प्रभावित परिवारों के व्यवस्थापन पर नजर रहेगी।

  • कांग्रेस-BJP कार्यकर्ताओं के साथ हादसा, CM मोहन यादव की एक टिप्पणी से चौंके विधायक, मंत्री को कह दिया सेठ जी

    कांग्रेस-BJP कार्यकर्ताओं के साथ हादसा, CM मोहन यादव की एक टिप्पणी से चौंके विधायक, मंत्री को कह दिया सेठ जी


    सिलवानी । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों विरोध प्रदर्शन से लेकर नेताओं के बयानों और नौकरशाही के अंदरूनी घटनाक्रम तक कई दिलचस्प मामले सामने आ रहे हैं। रायसेन के सिलवानी में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता आग की चपेट में आ गया तो ग्वालियर में भाजपा की सेवा ज्योति यात्रा के दौरान भी एक कार्यकर्ता झुलस गया। वहीं रतलाम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक संबोधन ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी। उन्होंने मंत्री चैतन्य काश्यप को सेठ जी कहकर संबोधित किया तो रतलाम ग्रामीण के विधायक मथुरालाल डामर को पूर्व विधायक बता दिया। दूसरी ओर शत्रु संपत्ति को लेकर हुई सरकारी बैठक में एक प्रमुख सचिव के बचाव का मामला भी चर्चा में रहा।

    रायसेन जिले के सिलवानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया जा रहा था तभी अचानक आग भड़क उठी और एक कार्यकर्ता इसकी चपेट में आ गया। युवक के सिर और कपड़ों में आग लग गई। अचानक हुई घटना से घबराया कार्यकर्ता वहां से भागा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि राजनीतिक विरोध के दौरान उत्साह के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

    इधर ग्वालियर में भाजपा की सेवा ज्योति यात्रा के दौरान भी कुछ ऐसा ही घटनाक्रम हुआ। सांसद भरत सिंह कुशवाह मशाल लेकर चल रहे थे। इसी दौरान एक उत्साहित कार्यकर्ता सेवा ज्योति को यात्रा रथ पर स्थापित करने के लिए ऊपर चढ़ गया। जब उसे मशाल सौंपी जा रही थी तभी उसकी लौ से आग कार्यकर्ता के कपड़ों पर गिर गई। देखते ही देखते उसकी शर्ट जलने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे आग लगने की जानकारी दी जिसके बाद युवक ने किसी तरह आग बुझाई और नीचे उतर आया। इस घटना में सांसद भरत सिंह कुशवाह भी आग की चपेट में आने से बाल बाल बच गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

    उधर रतलाम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल संबोधन ने अलग ही चर्चा पैदा कर दी। बलराम महोत्सव में उन्होंने मंत्री चैतन्य काश्यप को सेठ जी कहकर संबोधित किया और उनके लिए तालियां भी बजवाईं। इसके बाद रतलाम ग्रामीण के विधायक मथुरालाल डामर को पूर्व विधायक कह दिया। मुख्यमंत्री की जुबान फिसलने से विधायक के चेहरे के भाव देखने लायक हो गए। कार्यक्रम में रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल की गैरमौजूदगी पर भी मुख्यमंत्री ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि महापौर किसानों के कार्यक्रम में आने के बजाय अपना मैरिज गार्डन चला रहे हैं और नगर निगम भी संभाल रहे हैं। कुछ देर बाद महापौर पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें और उनके साथ आए नेता को राम लक्ष्मण कहकर संबोधित किया। उनके इस अंदाज की सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है।

    इसी बीच शत्रु संपत्ति को लेकर हुई सरकारी बैठक में एक प्रमुख सचिव बिना पूरी तैयारी के पहुंच गए और मांगी गई जानकारी नहीं दे पाए। नाराजगी सामने आने पर उन्होंने जानकारी नहीं मिलने की बात कही लेकिन संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सूचना पहले ही भेजी जा चुकी थी। मामला बिगड़ता देख बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रमुख सचिव का बचाव किया और कहा कि उन्हें जानकारी नहीं मिली थी। इस तरह बैठक का माहौल संभल गया। मध्य प्रदेश में इन घटनाओं ने राजनीति के साथ प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाओं को हवा दे दी है।

  • कांग्रेस की चुनावी तैयारी तेज, 30 दिन में खुलेगी संगठन की पोल, निष्क्रिय बूथों और नाराज कार्यकर्ताओं की होगी पहचान

    कांग्रेस की चुनावी तैयारी तेज, 30 दिन में खुलेगी संगठन की पोल, निष्क्रिय बूथों और नाराज कार्यकर्ताओं की होगी पहचान


    भोपाल । भोपाल में करीब 930 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी मोहित गोगिया के कथित बयान की कॉपी सामने आने के बाद प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। गोगिया ने अपने बयान में मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचूरा पर शराब दुकानों का ठेका दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है। आरोपी का दावा है कि इसमें 50 लाख रुपये नकद दिए गए जबकि बाकी 50 लाख रुपये बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर कराए गए। हालांकि ये आरोप फिलहाल आरोप ही हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। दीपम रायचूरा ने इन आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज किया है।

    गोगिया के कथित बयान के मुताबिक उसकी मुलाकात तनुजा सेठी ने दीपम रायचूरा से कराई थी। उस समय रायचूरा आबकारी विभाग में सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि रायचूरा ने उसे दीपक दुबे से मिलवाया और बताया कि वही उसके कामकाज को देखेंगे। गोगिया ने दावा किया कि वर्ष 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों का ठेका जसवंत कुमार के नाम पर दिलाने में मदद की गई। इसके बदले एक करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

    कथित बयान में रकम के लेनदेन का भी जिक्र है। गोगिया के अनुसार 50 लाख रुपये नकद होशंगाबाद रोड स्थित शालीमार फोर्ट लेजा के एक फ्लैट में दिए गए थे। वहीं बाकी 50 लाख रुपये आईएसबीटी के पास स्थित एक होटल के बैंक खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप है। बयान में यह भी दावा किया गया है कि शराब दुकानों के ठेके के लिए जरूरी बैंक गारंटी से संबंधित फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद यानी एफडीआर को मंजूरी दिलाने में मदद की गई। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और लेनदेन की जांच अहम हो सकती है।

    मोहित गोगिया ने अपने कथित बयान में शराब की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी लिए हैं। उसका आरोप है कि दीपम रायचूरा ने उसे गौरव शिवहरे से मिलवाया और इसके बाद उसकी मुलाकात कारोबारी अमरीक सिंह से हुई। गोगिया ने दावा किया कि टीटी नगर की शराब दुकानों पर बिना लाइसेंस शराब की आपूर्ति और बिक्री में मदद की गई। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित लोगों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

    बयान में भोपाल के सोल क्लब के संचालन और जांच एजेंसी की कार्रवाई रुकवाने के नाम पर कथित तौर पर 50 लाख रुपये मांगे जाने का भी उल्लेख है। गोगिया के मुताबिक इस मामले में सिद्धांत ओझा और पुलिस अधिकारी राजेश मिश्रा के संपर्क का जिक्र आया है। हालांकि बयान के अनुसार राजेश मिश्रा पर सीधे रकम मांगने का आरोप नहीं लगाया गया है।

    मोहित गोगिया पर करीब 200 लोगों से लगभग 930 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। वह फिलहाल पंजाब की जेल में बंद है। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय उसकी संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों की जांच के तहत कार्रवाई कर चुके हैं और संपत्तियां फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    दीपम रायचूरा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें किसी जांच एजेंसी से कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोगिया से उनका परिचय केवल भोपाल में सहायक आबकारी आयुक्त रहते हुए लाइसेंसधारी के रूप में हुआ होगा। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब इस मामले में कथित बयान की प्रामाणिकता और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • भोपाल के न्यू मार्केट में भीषण आग से मची तबाही, 5 से 6 दुकानें और 12 रेहड़ियां जलकर राख, 5 करोड़ तक नुकसान का अनुमान

    भोपाल के न्यू मार्केट में भीषण आग से मची तबाही, 5 से 6 दुकानें और 12 रेहड़ियां जलकर राख, 5 करोड़ तक नुकसान का अनुमान


    भोपाल । भोपाल के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल न्यू मार्केट में गुरुवार को भीषण आग लगने से अफरा तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में आसपास की कई दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। इस हादसे में मोबाइल कुर्ता पजामा बर्तन और रेडीमेड कपड़ों की दुकानों में रखा दिवाली का स्टॉक जलकर राख हो गया। आग की चपेट में आने से 10 से 12 रेहड़ियां भी पूरी तरह नष्ट हो गईं। व्यापारियों के मुताबिक इस घटना में करीब 4 से 5 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन जांच और सर्वे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    जानकारी के मुताबिक आग की शुरुआत खेड़ापति हनुमान मंदिर के पीछे स्थित बालाजी छोले भटूरे की दुकान से हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर में भटूरे बनाते समय भट्ठी से आग भड़की और देखते ही देखते लपटें ऊपर लगे बैनर और फ्लैक्स तक पहुंच गईं। दुकान के अंदर फर्नीचर और पर्दे होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। करीब 25 फीट ऊंची लपटों ने आसपास की पांच से छह दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय दुकान में लगभग 50 से 60 लोग मौजूद थे। आग लगते ही लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और सभी अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने लगे।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने दुकान में दो से तीन गैस सिलेंडर रखे होने और धमाकों की आवाज सुनाई देने की बात कही है। हालांकि नगर निगम के फायर अधिकारी सौरभ पटेल ने सिलेंडर रखे होने की पुष्टि की लेकिन उनके फटने की पुष्टि नहीं की। आग से दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास की दुकानों में दिवाली के लिए बड़ी मात्रा में सामान रखा था जो आग की भेंट चढ़ गया। त्योहार से ठीक पहले हुए इस हादसे ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।

    इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल दमकल की पहुंच और बाजार में अतिक्रमण को लेकर खड़ा हो गया है। व्यापारियों के अनुसार माता मंदिर फायर स्टेशन घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर है लेकिन दमकल को मौके तक पहुंचने में करीब 25 से 30 मिनट लग गए। दुकानदारों का कहना है कि सूचना देने के बाद घटनास्थल की सही लोकेशन समझाने में भी समय लगा। इसके बाद संकरी सड़कों पर खड़ी रेहड़ियों और अन्य अतिक्रमण के कारण दमकल वाहनों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई। पुलिस और अन्य टीमों को रास्ता खाली कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

    न्यू मार्केट में लगभग 900 पंजीकृत दुकानें और करीब 400 रेहड़ियां होने की बात कही जाती है। भीड़भाड़ वाले हिस्सों में शाम के समय पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। व्यापार संरक्षण समिति के उपाध्यक्ष अजय देवनानी ने अतिक्रमण के कारण दमकल को देरी होने की बात कही और बाजार में अतिरिक्त अग्निशमन व्यवस्था की मांग उठाई। उन्होंने नो हॉकर्स जोन के नियमों का सख्ती से पालन कराने की जरूरत भी बताई।

    हादसे ने बाजार में फायर सेफ्टी की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस दुकान से आग शुरू हुई उसके संचालक के खिलाफ करीब आठ महीने पहले अतिक्रमण को लेकर एफआईआर दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार पहले भी नोटिस दिए गए थे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई थी। ऐसे में सवाल है कि कार्रवाई के बावजूद अतिक्रमण दोबारा कैसे हो गया। अब जरूरी है कि बाजार में अग्निशमन वाहनों के लिए रास्ते स्थायी रूप से खुले रखे जाएं और दुकानों में सुरक्षा नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए।

  • MP के 9 जिलों में आज बारिश की संभावना, 12 अक्टूबर से साफ होगा मौसम

    MP के 9 जिलों में आज बारिश की संभावना, 12 अक्टूबर से साफ होगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले तीन दिन मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान है। शुक्रवार को रीवा-शहडोल संभाग के 9 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि भोपाल-इंदौर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश में धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 12 अक्टूबर से प्रदेश में बारिश का दौर थमने और आसमान साफ होने की संभावना है।

    साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के असर से पूर्वी मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से आंधी-बारिश हो रही है। इस बार मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 4% कम बारिश दर्ज की गई। जून से सितंबर के बीच 908.4 मिमी पानी गिरा, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी है।

    अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, मौजूदा मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश हो सकती है।

    10 और 11 अक्टूबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और धूप निकलने की संभावना है। 12 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ हो सकता है। इस दिन कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    बदलते मौसम का खेती पर असर

    मौसम में हो रहे बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर होने वाली बारिश से मिट्टी की ऊपरी परत में नमी बढ़ सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में खेतों को समान रूप से नमी मिलेगी।

    दूसरी ओर, पश्चिमी मध्य प्रदेश में शुष्क मौसम रहने की संभावना को देखते हुए किसानों को बोवनी और सिंचाई से जुड़े फैसले स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लेने होंगे। खेत में मौजूद नमी, मिट्टी की स्थिति और सिंचाई के साधनों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।

    3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है। इसके बावजूद साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ जैसी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश हो रही है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की मौसमी स्थितियां देखने को मिली हैं। इस बार भी महीने की शुरुआत में कहीं तेज धूप रही, तो कहीं रात के तापमान में ठंडक महसूस हुई। कई जिलों में बारिश भी दर्ज की गई। प्रदेश में इस बार मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा।

    पूर्वी MP में 4% ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश

    इस मानसून सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4% अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 12% कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल हैं।

    हालांकि, पूर्वी क्षेत्र के कुछ जिलों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश हुई।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में मानसून सीजन के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    30 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के बाकी 30 जिलों में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    कुल मिलाकर, प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी पूर्वी जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि पश्चिमी हिस्से में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। 12 अक्टूबर से मौसम साफ होने पर दिन में धूप और रात में अपेक्षाकृत ठंडक का असर देखने को मिल सकता है।