Category: Madhya Pradesh

  • भ्रष्टाचार जांच की सुस्त रफ्तार, 23 हजार से ज्यादा शिकायतों के बावजूद EOW ने सिर्फ 8 मामलों में पेश किया चालान

    भ्रष्टाचार जांच की सुस्त रफ्तार, 23 हजार से ज्यादा शिकायतों के बावजूद EOW ने सिर्फ 8 मामलों में पेश किया चालान


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं की जांच के लिए जिम्मेदार आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। विधानसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि पिछले साढ़े छह वर्षों में ईओडब्ल्यू को 23 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन इनमें से अदालत तक केवल आठ मामलों के चालान ही पहुंच सके। यह आंकड़ा जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली और मामलों के निपटारे की रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    यह जानकारी विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में सामने आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्तुत जवाब के अनुसार वर्ष 2020 से जून 2026 के बीच ईओडब्ल्यू को कुल 23 हजार 261 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से प्रारंभिक जांच के बाद केवल 3 हजार 18 मामलों को शिकायत के रूप में दर्ज किया गया, जबकि 756 आवेदनों को जांच के बाद बंद कर दिया गया।

    सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि इतने बड़े पैमाने पर शिकायतें मिलने के बावजूद अदालत में चालान पेश किए गए मामलों की संख्या महज आठ रही। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि जांच प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है और भ्रष्टाचार के मामलों में न्यायिक कार्रवाई इतनी धीमी क्यों है।

    आंकड़ों के अनुसार जिन मामलों में चालान पेश किए गए उनमें इंदौर नगर निगम जल कार्य घोटाला, सतना में स्वास्थ्य एवं निर्माण कार्यों में अनियमितता, भोपाल में शासकीय भूमि से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का मामला, जबलपुर विकास प्राधिकरण में वित्तीय गड़बड़ी, ग्वालियर की गृह निर्माण सहकारी समिति में कथित धोखाधड़ी, भोपाल की सहकारी संस्था में पद के दुरुपयोग और गबन का मामला, उज्जैन में निर्माण कार्यों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताएं तथा रीवा नगर निगम में फर्जी माप पुस्तिका के आधार पर भुगतान का मामला शामिल हैं।

    इनमें से अधिकांश मामलों में शिकायत दर्ज होने और न्यायालय में चालान पेश होने के बीच कई वर्षों का अंतर दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2020 में दर्ज कुछ शिकायतों में चालान वर्ष 2025 में पेश किए गए। इससे जांच पूरी होने और अभियोजन की प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    वहीं व्यापम और भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य चर्चित मामले में पूर्व विधायक पारस सकलेचा द्वारा स्वयं को फरियादी के रूप में शामिल करने का आवेदन भी ईओडब्ल्यू ने मूल शिकायत के साथ जोड़ लिया है। यह मामला फिलहाल सत्यापन और जांच की प्रक्रिया में है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद तय की जाएगी।

    विधानसभा में सामने आए इन आंकड़ों ने विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का अवसर भी दिया है। विपक्ष का कहना है कि यदि भ्रष्टाचार के मामलों में जांच और अभियोजन की गति इतनी धीमी रहेगी तो दोषियों तक समय पर कार्रवाई पहुंचाना मुश्किल होगा। वहीं सरकार का कहना है कि वित्तीय अपराधों की जांच जटिल होती है और साक्ष्य जुटाने तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में समय लगता है।

    हालांकि विधानसभा में पेश आंकड़े यह संकेत जरूर देते हैं कि बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बावजूद मामलों को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने की रफ्तार बेहद धीमी है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सरकार जांच प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।

  • कैंसर की समय रहते होगी पहचान, जीएमसी भोपाल ने बनाया AI आधारित स्क्रीनिंग सिस्टम, भारत सरकार ने दिया पेटेंट

    कैंसर की समय रहते होगी पहचान, जीएमसी भोपाल ने बनाया AI आधारित स्क्रीनिंग सिस्टम, भारत सरकार ने दिया पेटेंट


    मध्यप्रदेश । देश में तेजी से बढ़ रहे मुख कैंसर की चुनौती से निपटने के लिए मध्यप्रदेश से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऐसी अत्याधुनिक तकनीक विकसित की है जो शुरुआती चरण में ही ओरल कैंसर की पहचान करने में सक्षम होगी। इस नवाचार के तहत तैयार किए गए ओरल कैंसर स्क्रीनिंग डिवाइस के डिजाइन को भारत सरकार ने पेटेंट प्रदान किया है। इसके साथ ही महाविद्यालय के डेंटल सर्जरी विभाग ने मुख आरोग्य नाम का एक स्मार्ट मोबाइल ऐप भी विकसित किया है जो मरीज के मुंह की तस्वीरों का एआई तकनीक से विश्लेषण कर कैंसर के संभावित लक्षणों की पहचान करेगा।

    यह तकनीक प्रदेश में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है और भविष्य में मुख कैंसर की स्क्रीनिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। खास बात यह है कि इस तकनीक का लाभ केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंचेगा।

    मुख आरोग्य ऐप को विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के उपयोग के लिए तैयार किया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मुंह की शुरुआती जांच आसानी से की जा सकेगी। यदि किसी व्यक्ति में कैंसर के संभावित लक्षण दिखाई देते हैं तो ऐप तुरंत उसे विशेषज्ञ अस्पताल में रेफर करने की सुविधा भी देगा। इससे बीमारी की पहचान और इलाज के बीच होने वाली देरी काफी कम हो सकेगी।

    भारत में हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख नए ओरल कैंसर के मामले सामने आते हैं। मध्यप्रदेश में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है और पुरुषों में इसकी घटना दर करीब 25 प्रति लाख आबादी दर्ज की गई है। भोपाल उन शहरों में शामिल है जहां मुख कैंसर का बोझ अपेक्षाकृत अधिक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है जिससे इलाज जटिल और महंगा हो जाता है। ऐसे में शुरुआती पहचान मरीज की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    डेंटल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज भार्गव ने बताया कि मोबाइल ऐप मरीज के मुंह के भीतर मौजूद घावों और संदिग्ध लक्षणों की तस्वीरों का विश्लेषण करता है। इसके बाद एआई आधारित प्रणाली यह आकलन करती है कि कैंसर की आशंका है या नहीं। यदि रिपोर्ट संदिग्ध आती है तो मरीज को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास भेजने की व्यवस्था भी ऐप के माध्यम से की गई है। उनका कहना है कि शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान होने पर इलाज अधिक प्रभावी कम जटिल और कम खर्चीला होता है जबकि मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।

    डॉ. अनुज भार्गव ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम पंक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह ऐप प्रदेश के सभी जिलों में उपयोग होगा। इससे बड़ी संख्या में स्क्रीनिंग डेटा एकत्र होगा जिससे एआई मॉडल और अधिक सटीक बनेगा तथा भविष्य में आम लोगों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।

    यह अनुसंधान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. कविता ऐन सिंह के मार्गदर्शन में पूरा हुआ। परियोजना के विकास में डॉ. ऋचा शर्मा और डॉ. अनिमेष बड़ोदिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में ओरल कैंसर की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार की दिशा में एक नई क्रांति साबित हो सकती है।

  • एमपी के लाल विवेक सागर पर फिर देश को भरोसा, हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में मिली जगह

    एमपी के लाल विवेक सागर पर फिर देश को भरोसा, हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में मिली जगह


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के लिए एक बार फिर गर्व का अवसर आया है। प्रदेश हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी और भारतीय टीम के स्टार मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद का चयन एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष टीम में किया गया है। बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में 15 से 30 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में विवेक एक बार फिर मिडफील्ड की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम इंडिया की जीत की उम्मीदों को मजबूती देंगे।

    भारतीय हॉकी टीम इस बार अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण के साथ विश्व कप में उतर रही है। टीम की कप्तानी अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह के हाथों में होगी जबकि वरिष्ठ खिलाड़ी मनप्रीत सिंह भी टीम का अहम हिस्सा हैं। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने विश्व कप के लिए ऐसी टीम चुनी है जिसमें अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा।

    विश्व कप में भारत को पूल डी में रखा गया है जहां उसका मुकाबला इंग्लैंड पाकिस्तान और वेल्स जैसी मजबूत टीमों से होगा। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ेगी जबकि 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबला खेला जाएगा। इन मुकाबलों पर देशभर के हॉकी प्रेमियों की खास नजर रहेगी।

    विवेक सागर प्रसाद पिछले कई वर्षों से भारतीय हॉकी टीम के भरोसेमंद मिडफील्डर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपनी तेज रफ्तार शानदार बॉल कंट्रोल और सटीक पासिंग के दम पर उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच संयम बनाए रखने की उनकी क्षमता उन्हें टीम का अहम खिलाड़ी बनाती है।

    मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के लिए भी विवेक का चयन बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खेल विभाग का कहना है कि प्रदेश की खेल अकादमियां लगातार ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार कर रही हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिल रही है और हॉकी के प्रति उनका रुझान लगातार बढ़ रहा है।

    प्रदेश के खेल प्रेमियों और हॉकी प्रशंसकों ने विवेक सागर प्रसाद के चयन पर खुशी जताई है और उम्मीद जताई है कि वह विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर भारत को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाएंगे। स्वतंत्रता दिवस के दिन विश्व कप अभियान की शुरुआत करने वाली भारतीय टीम से पूरे देश को बेहतर प्रदर्शन और ऐतिहासिक सफलता की उम्मीद रहेगी।

  • 'माई के हार' से बना मैहर, जानिए मां शारदा धाम का रहस्य, आल्हा की भक्ति और संगीत घराने का इतिहास

    'माई के हार' से बना मैहर, जानिए मां शारदा धाम का रहस्य, आल्हा की भक्ति और संगीत घराने का इतिहास


    मध्य प्रदेश का मैहर शहर सिर्फ एक आम धार्मिक जगह नहीं है, यह भक्ति, रहस्य और संगीत का एक अनोखा संगम है। त्रिकूट पर्वत पर बसा मां शारदा का यह धाम पूरी दुनिया में जाना जाता है। हर साल लाखों भक्त यहां अपनी मुराद लेकर आते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इस पवित्र शहर के नाम और इतिहास के पीछे कितनी दिलचस्प कहानियां छिपी हैं।

    शक्तिपीठ की महिमा हो, अमर योद्धा आल्हा की भक्ति हो या फिर संगीत की दुनिया का मैहर घरानायह जगह हर किसी को अपनी ओर खींचती है।

    माई का हार से कैसे बना मैहर?
    मैहर नाम के पीछे भगवान शिव और माता सती से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। माना जाता है कि जब सती के वियोग में शिवजी तांडव कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के शरीर के टुकड़े किए थे।

    उसी समय माता सती का हार यहां त्रिकूट पर्वत पर गिरा था। हार गिरने की वजह से इस जगह को पहले ‘माई का हार’ कहा गया। धीरे-धीरे समय बीतने के साथ यही नाम बदलकर ‘मैहर’ हो गया। आज यह धाम देश के 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

    1063 सीढ़ियों पर बसा 1500 साल पुराना मंदिर

    पर्वत की चोटी पर स्थित यह मंदिर करीब 1500 साल पुराना बताया जाता है। इतिहासकार भी प्राचीन शिलालेखों के आधार पर इसकी प्राचीनता को मानते हैं।

    मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।

    हालांकि अब यहां रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे बुजुर्ग और बीमार लोग आसानी से ऊपर पहुंच सकते हैं।

    9वीं शताब्दी में आदिगुरु शंकराचार्य ने यहां पहली बार विधिवत पूजा की थी। तांत्रिक साधना करने वालों के लिए भी यह जगह बेहद खास है।

    आज भी आल्हा करते हैं पहली पूजा
    मैहर की सबसे हैरान करने वाली बात अमर योद्धा आल्हा से जुड़ी है। स्थानीय लोगों और पुजारियों का कहना है कि आज भी आल्हा सबसे पहले मां शारदा की पूजा करते हैं।

    रोज सुबह जब मंदिर के दरवाजे खुलते हैं, तो माता के चरणों में ताजे फूल और चंदन चढ़ा हुआ मिलता है। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक या लिखित सबूत नहीं है, लेकिन यहां आने वाले भक्तों की इस चमत्कार में अटूट श्रद्धा है। उनका मानना है कि आल्हा आज भी अदृश्य रूप में यहां आते हैं।

    संगीत की दुनिया में मैहर का नाम
    धार्मिक पहचान के अलावा मैहर को संगीत की नगरी भी कहा जाता है। मशहूर सरोद वादक उस्ताद अलाउद्दीन खां ने इसी शहर में ‘मैहर संगीत घराने’ की नींव रखी थी। उन्होंने और उनके शिष्यों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को दुनिया भर में फैलाया। इसलिए संगीत प्रेमियों के लिए मैहर किसी तीर्थ से कम नहीं है।

  • आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना

    आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना


    नई दिल्ली । आज देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं जबकि कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रह सकती है जिससे कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है जिससे लोगों को असहजता का सामना भी करना पड़ सकता है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादल छाए रहने और रुक रुककर बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे मौसम सुहावना बनेगा। वहीं निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून का असर जारी रहने के संकेत हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी नाले और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन इलाकों में कई स्थानों पर गरज चमक के साथ वर्षा हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहने का अनुमान है जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने और बदलते मौसम के अनुसार खानपान का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना हो वहां अनावश्यक यात्रा से बचना और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।

    कुल मिलाकर आज का दिन देश के कई हिस्सों में बारिश और बादलों के बीच बीतने की संभावना है। कहीं मौसम सुहावना रहेगा तो कहीं तेज बारिश और उमस लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सतर्कता और सावधानी के साथ मौसम का आनंद लेना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा।

  • दतिया उपचुनाव में सियासी बवाल, ‘लठ से वोट डलवाएंगे’ वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस हमलावर, भाजपा ने दी सफाई

    दतिया उपचुनाव में सियासी बवाल, ‘लठ से वोट डलवाएंगे’ वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस हमलावर, भाजपा ने दी सफाई


    दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। वीडियो में एक युवक कथित रूप से भाजपा के जनसंपर्क अभियान के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के सामने यह कहते हुए सुनाई देता है कि, “लठ से वोट डलवाएंगे, मारपीट करेंगे और पकड़-पकड़कर लोगों से वोट डलवाएंगे।” वीडियो में मंत्री युवक की पीठ थपथपाते हुए और “अरे वाह” कहते नजर आ रहे हैं।

    वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे कार्यकर्ता का व्यक्तिगत और अतिउत्साह में दिया गया बयान बताते हुए अपना पक्ष रखा है। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो दतिया जिले के बड़ौनी क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला जनसंपर्क अभियान चला रहे थे।

    क्या है वायरल वीडियो में?
    सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक कथित तौर पर मंत्री से कहता दिखाई देता है कि वह “लठ से वोट डलवाएंगे, मारपीट करेंगे और लोगों को पकड़कर मतदान कराएंगे।” इस दौरान मंत्री युवक की पीठ थपथपाते नजर आते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा हो गया। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग राजनीतिक दल इसे लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं।

    कांग्रेस ने उठाए सवाल
    वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि डर, दबाव और हिंसा की भाषा लोकतंत्र के अनुकूल नहीं है। उनका कहना है कि यदि वीडियो में कही गई बातें सही हैं तो यह निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और जनता इसका जवाब मतदान के जरिए देगी।

    भाजपा का पक्ष
    विवाद बढ़ने पर भाजपा की ओर से भी सफाई सामने आई। वरिष्ठ नेता डॉ. रामजी खरे ने कहा कि कई बार कार्यकर्ता जोश में इस तरह की बातें कह देते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक रुख पूरी तरह लोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से लोगों से मतदान की अपील करती है तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या दबाव की राजनीति का समर्थन नहीं करती।

    फिलहाल, दतिया उपचुनाव के बीच वायरल वीडियो को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। कांग्रेस इसे चुनावी आचार-विचार से जोड़कर भाजपा पर निशाना साध रही है, जबकि भाजपा इसे एक कार्यकर्ता के व्यक्तिगत बयान तक सीमित बता रही है।

  • एमपी में लगातार 60 घंटे से मेहरबान मानसून, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में लगातार 60 घंटे से मेहरबान मानसून, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन मजबूत मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से पिछले 60 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। प्रदेश के 40 से अधिक जिले बारिश से तरबतर हो चुके हैं। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने अगले 24 घंटे के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पूर्व-पश्चिम शियर जोन सक्रिय हैं। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि इन तीनों सिस्टम की वजह से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है, जिसके चलते कई जिलों में कम समय में तेज बारिश दर्ज की जा रही है।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    गुरुवार के लिए आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, डिंडौरी, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी रुक-रुककर तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है।

    कई जिलों में बारिश का असर
    टीकमगढ़ में गुरुवार सुबह करीब 7:45 बजे से बारिश शुरू हो गई। पिछले चार दिनों से रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। जिले में अब तक औसतन 11.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है और पूरे दिन बारिश जारी रहने की संभावना है।

    बड़वानी जिले के सेंधवा में भी हल्की बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। वहीं मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे के बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को दिन के समय भी हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे शहर का मौसम लगातार ठंडा और सुहावना बना हुआ है।

  • अब मध्‍य प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा में खुलेगी "कृषि यंत्र किराये की दुकान"

    अब मध्‍य प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा में खुलेगी "कृषि यंत्र किराये की दुकान"


    भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों की सहूलियत के लिये प्रत्येक विधानसभा में कम से कम एक “कृषि यंत्र किराये की दुकान” अनिवार्य रूप से खोलने की तैयारी चल रही है। कृषक कल्याण वर्ष में जल्दी ही इस पहल के परिणाम मिलेंगे। छोटे और सीमांत किसानों को अपने खेत तैयार करने आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करना आसान हो जायेगा। वर्तमान में ऐसे 5260 केन्द्र संचालित है। अब हर साल 1060 कृषि यंत्र किराये की दुकानें स्थापित की जायेगी।

    मध्यप्रदेश अब तेजी से कृषि यंत्रों के निर्माण में आत्मनिर्भर हो रहा है। विदिशा जिले ने आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर उच्च गुणवत्ता के कृषि यंत्रों का निर्माण करना शुरू कर दिया है। ग्रेडर, लेवलर, हाइड्रालिक ट्रॉली, कल्टीवेटर, प्लाउ जैसे उपकरण जिले में ही बनाये जा रहे है। यहां लगभग 150 कृषि उपकरण निर्माण इकाइयाँ है। यहां बने कृषि यंत्रों की मांग अन्य राज्यों और विदेशों में भी हो रही है। मेडागास्कर, नाइजीरिया, सूडान, यूगांडा, घाना, अलजीरिया, ग्वाटेमाल, भूटान, नेपाल, बांग्लादेश में यहां से निर्मित उपकरण भेजे जा रहे है।

    छोटे किसानों को न्यूनतम सेवा शुल्क पर अत्याधुनिक कृषि यंत्रों की सेवाएं मिल रही है। युवा उद्यमियों को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    उषा एग्रो के मानस गुप्ता बताते हैं किहम खेती में काम आने वाले यंत्र और उपकरण बनाते हैं, जैसे- लोडर, डिलोडर, कल्टीवेटर आदि। सभी उपकरण किसानों के लिए उपयोगी हैं। कब से ये काम शुरू किया? यह पूछने पर उन्होंने बताया किइस काम की शुरुआत पिताजी ने 1993 में की थी। शुरुआत छोटे पैमाने पर हुई, फिर धीरे-धीरे इसका विस्तार किया और अब तो हमारे उपकरण विदेशों में भी पहुंच रहे हैं।

    हमारे सबसे बड़े ग्राहक स्थानीय किसान हैं। हमारे उत्पादों का अधिकांश हिस्सा स्थानीय बाजार में ही खप जाता है, लेकिन हम देश के दूसरे राज्यों और विदेशों में भी सप्लाय करते हैं। आज हमारे बनाए यंत्र और उपकरण 10 से ज्यादा देशों तक पहुंच रहे हैं. इनमें नाइजीरिया, सूडान, केन्या, यूगांडा, भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, घाना, अल्जीरिया, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। हमारा दो-तिहाई बिजनेस देश के अंदर होता है और एक-तिहाई कारोबार विदेशों में है। पूरे साल में करीब 4 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।

    शासन की मदद के संबंध में वे बताते है किहमें इस काम में डॉ. मोहन यादव जी की सरकार से बहुत मदद मिलती है। उत्पादन से लेकर व्यवसाय के विस्तार तक में सरकार की नीतियां हमारे लिए मददगार साबित हुई हैं। अपने उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने में भी हमें सरकारी सहायता मिलती है। सरकार की पहल पर मैं जी-20 सम्मेलन में भी शामिल हुआ और इसके खर्च का करीब 75 प्रतिशत सरकार ने वहन किया।

    विष्णु शर्मा, संजय उद्योगट्रैक्टर से संबंधित उपकरण बनाते हैं जैसे कल्टीवेटर, प्लाऊ आदि। ये उपकरण किसानों के लिए उपयोगी हैं। ट्रैक्टर से किसान अपने खेतों को आसानी से तैयार करते हैं। इसमें जिन उपकरणों की जरूरत होती है वो सब बनाते हैं।

    उत्पादों की सप्लाय के संबंध में उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से विदिशा और उसके आसपास के जिलों में होती है। दूसरे राज्यों में भी पहुंचते हैं। हमारा सालाना व्यवसाय करीब 50 लाख रुपये का है।

    अपने काम की शुरुआत के संबंध में वे बताते है किहमने वर्ष 2020 में कोरोना संकट के दौरान इसकी शुरुआत की थी। शुरुआत में ही किसानों ने हमारे उत्पादों को हाथों हाथ लिया। इससे हमारा उत्साह बढ़ा और हम लगातार इसके विस्तार की कोशिश कर रहे हैं। सरकार की ओर से हमारे जैसे अन्य लोगों के लिए प्रशिक्षण की सुविधा मिलना चाहिए।

    विपिन रघुवंशी, मेसर्स किसान इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से कल्टीवेटर, प्लाऊ, लोडर, डिलोडर बनाते हैं। उत्पादों का अधिकांश हिस्सा विदिशा और उसके आसपास के इलाकों में ही खप जाता है। आसपास के जिलों के किसान भी हमारे यंत्र और उपकरण खरीदते हैं।

    हमारे सभी उपकरण ऐसे हैं जो खेती के अलग-अलग स्तरों पर काम आते हैं। खेतों को तैयार करने से लेकर रोपनी, बोवनी और कटाई सभी कार्यों के लिए उपकरण बनाते हैं। किसानों का इनके बिना काम नहीं चलता। दीपक नरवरिया, मे. एग्रो स्मार्ट टेक्नोलॉजी ने बताया कि हमारा बाजार मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है। अधिकांश यंत्र और उपकरण विदिशा और आसपास के इलाकों के किसानों की मांग पूरी करने में ही खप जाते हैं।सालाना कारोबार करीब 3 करोड़ रुपयों का है। हमारे सारे ग्राहक किसान और खेती से जुड़ी संस्थाएं हैं।

  • अशोक बर्णवाल मध्यप्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त, अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यपालन अधिकारी

    अशोक बर्णवाल मध्यप्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त, अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यपालन अधिकारी


    भोपाल ! मध्यप्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (1991 बैच) के वरिष्ठ अधिकारी अशोक बर्णवाल को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए। केन्द्र सरकार द्वारा पूर्व मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

  • मप्र विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे के बीच पांच विधेयक पारित

    मप्र विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे के बीच पांच विधेयक पारित


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र केवल तीन दिन चला। बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने पांच महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा लिए। देर शाम तक सदन चलने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

    मप्र विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन के भीतर और बाहर जबरदस्त सियासी ड्रामा देखने को मिला। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा न मिलने से नाराज विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। पांच विधेयक पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

    सदन में ये पांच बिल पारित

    – भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) संशोधन विधेयक
    – मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक-2026
    – मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक-2026
    – मध्य प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक- 2026
    – मध्य प्रदेश निरसन विधायक 2026

    जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने सरकार के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 15 साल पुरानी मेडिकल यूनिवर्सिटी को बांटने की कोई जरूरत नहीं है। देश के किसी बड़े राज्य में दो मेडिकल यूनिवर्सिटी नहीं हैं। उज्जैन में पर्याप्त सरकारी जमीन ही नहीं है, वहां मुख्यालय बनाने के लिए निजी जमीनें खरीदनी पड़ेंगी।

    किसानों का मुआवजा और जमीन नामांतरण का मुद्दा

    कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने मंदसौर जिले में 15 हजार किसानों के 27.47 करोड़ रुपये के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने सदन से वॉकआउट किया। आदिवासियों की जमीन पर एक्शन: विधायक हीरालाल अलावा के सवाल पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भरोसा दिया कि बिना अनुमति गैर-आदिवासियों के नाम की गई जमीनों के नामांतरण निरस्त कर आदिवासियों को कब्जा वापस दिलाया जाएगा।

    पंचायत और शिक्षा व्यवस्था पर फैसले

    पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने ऐलान किया कि जिन गांवों में पंचायत या सामुदायिक भवन नहीं हैं, वहां पहली प्राथमिकता पर निर्माण कराया जाएगा। भर्ती और पेपर लीक: उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में पेपर लीक की शिकायत नहीं है और समय पर रिजल्ट के लिए डिजिटल वैल्यूएशन शुरू किया जा रहा है।

    अनुपूरक बजट पर उमंग सिंघार बोले- एमपी डूबा, पैसा गुजरात को मिला

    अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि नर्मदा के पानी और बिजली पर मध्य प्रदेश का अधिकार था। सबसे अधिक इलाका भी मध्य प्रदेश का ही डूब क्षेत्र में आया, लेकिन प्रदेश को लाभ मिलने के बजाय केंद्र सरकार ने गुजरात को आर्थिक मदद दिला दी। सिंघार ने जल जीवन मिशन में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने कभी इसकी गंभीर समीक्षा नहीं की कि आखिर प्रदेश के लोगों तक योजना का पानी क्यों नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए कि योजना का लाभ आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंच सका।

    नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देशभर में करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थी लंबे समय से परेशान हैं। भर्ती से जुड़े नियम वर्षों से लंबित हैं, लेकिन सरकार ने आज तक इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने सरकार से लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की।

    विधानसभा में छात्रों को ‘कीड़ा’ कहे जाने के आरोपों पर विजयवर्गीय का खंडन

    विधानसभा में छात्रों को ‘कीड़ा’ कहे जाने के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सफाई देते हुए इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने छात्रों के लिए ऐसे किसी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और न ही उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा था। उन्होंने कहा कि विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। सरकार छात्रों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनके सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।