Category: Madhya Pradesh

  • वरिष्ठ आईएएस अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त

    वरिष्ठ आईएएस अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1991 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अशोक बर्णवाल को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार देर शाम आदेश जारी कर दिया है।

    बर्णवाल निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन की जगह लेंगे, जिन्हें केन्द्र सरकार ने नीति आयोग का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। अशोक बर्णवाल 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे वर्तमान में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, भोपाल गैस त्रासदी एवं पुनर्वास विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग में आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

    झारखंड से आने वाले बर्णवाल ने बीटेक (माइनिंग इंजीनियरिंग) के साथ पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। बर्णवाल को स्वास्थ्य, प्रशासन और नीति निर्माण से जुड़े विभिन्न विभागों में काम करने का लंबा अनुभव है। प्रशासनिक दक्षता और वरिष्ठता के आधार पर उन्हें प्रदेश की नौकरशाही का अनुभवी अधिकारी माना जाता है। अशोक बर्णवाल 31 जनवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।

    बता दें कि केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने बुधवार शाम को जारी आदेश में 1989 बैच के आईएएस अधिकारी मप्र के निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। आदेश के अनुसार, वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से अपना कार्यभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल उनकी स्वीकृत सेवा-विस्तार अवधि तक और उसके बाद अधिकतम दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक रहेगा, जो भी पहले हो। अनुराग जैन मूल रूप से 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें सेवानिवृत्ति से ठीक पहले एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया था। इसके बाद उनका वर्तमान कार्यकाल 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित है।

  • क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा के दम पर दुनिया में बढ़ाया भारत का मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव

    क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा के दम पर दुनिया में बढ़ाया भारत का मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बेटों के साथ-साथ हमारी बेटियां भी किसी से कम नहीं है। लार्ड्स के ‘टेस्ट ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम दर्ज कराने वाली देश की पहली महिला क्रिकेटर मध्य प्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर पूरे देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार शाम को अपने निवास स्थित संवाद भवन में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर सुश्री क्रांति गौड़ और उनके पिता नरसिंह एवं भाई महेन्द्र सिंह को भी सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के अंतर्गत सांसद कप, विधायक कप के माध्यम से प्रदेश के हर विधानसभा और तहसील स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। राज्य सरकार के इसी संकल्प का परिणाम है कि आज प्रदेश के खिलाड़ी क्रिकेट टूर्नामेंट्स, ओलिम्पिक गेम्स, खेलो इंडिया गेम्स में पदक जीत कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    क्रांति लेकर आईं हैं प्रदेश में खेल क्रांति

    उन्होंने क्रिकेटर क्रांति गौड़ को बधाई देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की लाड़ली बिटिया और हमारी छोटी बहन क्रांति प्रदेश में नई खेल क्रांति लेकर आईं हैं। मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से क्रिकेटर क्रांति गौड़ को तीन लाख रुपये का चेक और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लार्ड्स के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड पर बुंदेलखण्ड की गौरव क्रांति गौड़ के सात विकेट लेकर बेहतरीन प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की तथा क्रांति को इस बड़ी उपलब्धि के लिए अपनी ओर से दो लाख रूपये की सम्मान राशि का चेक भी सौंपा।

    परिवार के सपोर्ट के बिना संभव नहीं था ब्लू जर्सी पहनना : क्रांति गौड़

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ ने क्रिकेटरों एवं मप्र खेल अकादमी के युवा खिलाड़ियों से संवाद भी किया। क्रांति गौड़ ने कहा कि उन्होंने बचपन में अनेक संघर्षों के बीच यह तय कर लिया था कि उन्हें टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहननी है। बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मंच तक की यात्रा माता-पिता और परिवार के सहयोग एवं समर्थन के बिना पूरी नहीं हो सकती थी।

    क्रांति ने कहा कि उनके सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने बारिश के मौसम में भी टपकते मकान के नीचे और रसोई में राशन नहीं होने जैसे मुश्किल दिन भी गुजारे हैं। अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए उन्होंने ठान लिया था कि अब कुछ भी हो देश और अपनों के लिए कुछ कर गुजरना है।

    कार्यक्रम में खेल एवं युवक कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, खेल सचिव संजीव सिंह, खेल संचालक अंशुमान सिंह यादव सहित खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी भी उपस्थित थे।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की बेटी भारतीय टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में दोनों पारियों में कुल 7 विकेट चटकाए थे। उन्होंने मैच की पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 37 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में दो विकेट चटकाए। इस मैच में 7 विकेट लेने पर उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इसके साथ ही क्रांति गौड़ प्रतिष्ठित लॉर्ड्स के ‘ऑनर बोर्ड’ (सम्मान पट्टिका) पर अपना नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं।

  • आज शाम 530 बजे होगा हाई टी कार्यक्रम मुख्य सचिव ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को किया आमंत्रित

    आज शाम 530 बजे होगा हाई टी कार्यक्रम मुख्य सचिव ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को किया आमंत्रित


    मध्य प्रदेश । प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में आज शाम एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। मंत्रालय के कक्ष क्रमांक 505 सी में शाम 530 बजे हाई टी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर शासन स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन स्वयं मौजूद रहेंगे और उन्होंने शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

    हाई टी कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव सचिव तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष शामिल होंगे। यह आयोजन केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे प्रशासनिक समन्वय और आपसी संवाद को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बैठकर प्रदेश के विकास कार्यों प्रशासनिक चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर अनौपचारिक चर्चा करते हैं जिससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है।

    सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान शासन की प्राथमिकताओं विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय समन्वय जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद और सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों को काफी उपयोगी माना जाता है क्योंकि इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने के साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है।

    मुख्य सचिव अनुराग जैन के नेतृत्व में प्रदेश में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को एक साझा मंच मिलता है जहां वे अपने अनुभव साझा करने के साथ विभिन्न विषयों पर खुलकर विचार विमर्श कर सकते हैं। इससे शासन की योजनाओं के प्रभावी संचालन और समयबद्ध क्रियान्वयन में भी सहायता मिलती है।

    मंत्रालय में आयोजित होने वाला यह हाई टी कार्यक्रम प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें शासन के लगभग सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान आपसी समन्वय मजबूत करने के साथ आने वाले समय की प्रशासनिक रणनीतियों पर भी विचार किया जा सकता है। शासन स्तर पर इस आयोजन को प्रशासनिक संवाद को नई गति देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

    प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी वाला यह कार्यक्रम प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को और अधिक सशक्त बनाने के साथ बेहतर समन्वय और प्रभावी निर्णय प्रक्रिया को भी मजबूती प्रदान करेगा। ऐसे आयोजनों से शासन के विभिन्न विभागों के बीच सहयोग की भावना बढ़ती है और जनहित से जुड़े कार्यों के तेज और प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

  • कन्नौद के चपलासा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात, संपत्ति विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या

    कन्नौद के चपलासा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात, संपत्ति विवाद में बेटे ने की पिता की हत्या


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास जिले के कन्नौद थाना क्षेत्र स्थित चपलासा गांव में पारिवारिक संपत्ति विवाद ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया। मंगलवार को कथित रूप से एक बेटे ने अपने ही पिता की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार घटना की जानकारी डायल 112 के माध्यम से मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक की पहचान माधवपुरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जबकि हत्या के आरोप में उनके पुत्र जगदीशपुरी गोस्वामी को हिरासत में लिया गया है।

    फरियादी आशीष गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि करीब आठ वर्ष पहले माधवपुरी गोस्वामी ने अपनी संपत्ति तीनों पुत्रों में बराबर बांट दी थी। आशीष के अनुसार उसके पिता और छोटे चाचा का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि बीच वाले चाचा जगदीशपुरी अपने पिता के साथ रहते थे। परिवार का आरोप है कि जगदीशपुरी शराब का आदी था और किसी प्रकार का रोजगार नहीं करता था।

    घटना के समय जगदीशपुरी के पुत्र पवनपुरी ने आशीष को फोन कर बताया कि उसके पिता और दादाजी के बीच विवाद हो रहा है। सूचना मिलते ही आशीष अपनी पत्नी अर्चना के साथ मौके पर पहुंचा। वहां पहुंचने पर उसने कथित रूप से देखा कि जगदीशपुरी अपने पिता पर चाकू या उस्तरे जैसे धारदार हथियार से हमला कर रहा था। दोनों को आते देख आरोपी हथियार लेकर मौके से फरार हो गया।

    जब आशीष और उसकी पत्नी घर के अंदर पहुंचे तो माधवपुरी गोस्वामी खाट पर लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले। उनके गले पर गहरा घाव था और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और हत्या में प्रयुक्त हथियार सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • उज्जैन महाकाल मंदिर में अलौकिक भस्म आरती, राजा स्वरूप में दिए भक्तों को दर्शन

    उज्जैन महाकाल मंदिर में अलौकिक भस्म आरती, राजा स्वरूप में दिए भक्तों को दर्शन


    नई दिल्ली । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का दिव्य और मनोहारी श्रृंगार किया गया। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हुआ। भस्म आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर में पहुंच गए थे।

    आरती की शुरुआत सबसे पहले वीरभद्र भगवान को प्रणाम और स्वस्ति वाचन से हुई। इसके बाद परंपरा के अनुसार आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला गया और गर्भगृह के पट खोले गए। पुजारियों ने भगवान महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारकर विधिवत पंचामृत पूजन किया तथा कर्पूर आरती अर्पित की।

    पूजन के दौरान भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और विभिन्न फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके पश्चात भगवान का भांग, चंदन, सिंदूर और आकर्षक आभूषणों से राजा स्वरूप में अलौकिक श्रृंगार किया गया। दिव्य स्वरूप के दर्शन करते ही पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।

    श्रृंगार के बाद भगवान महाकाल को रजत का शेषनाग मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पमालाएं धारण कराई गईं। साथ ही ड्रायफ्रूट, ताजे फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। नंदी हाल में भी नंदी महाराज का स्नान, पूजन और ध्यान संपन्न कराया गया।

    इसके बाद ज्योतिर्लिंग पर पवित्र भस्म अर्पित की गई। परंपरा के अनुसार महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म समर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि महाकाल की भस्म आरती का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है।

    देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए और सुख, समृद्धि तथा कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में पूरी व्यवस्था सुचारु रही और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आरती का आनंद लिया।

  • राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में देवास में कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर जताया विरोध

    राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में देवास में कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर जताया विरोध


    देवास । नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश के देवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार रात आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, रैली निकाली और पोस्टर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

    प्रदर्शन की शुरुआत रात करीब साढ़े नौ बजे शहर के मंडूक पुष्कर तालाब क्षेत्र से हुई। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन के बाद विरोध मार्च निकाला। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सयाजी द्वार पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के नेताओं के पोस्टर जलाकर अपना विरोध जताया।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि नीट पेपर लीक जैसे संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

    कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

    प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के हितों की रक्षा और पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। पूरे प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।

    इस विरोध कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

  • इंदौर में सड़क हादसे ने ली किसान की जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी वाहन चालक की तलाश

    इंदौर में सड़क हादसे ने ली किसान की जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी वाहन चालक की तलाश


    इंदौर। इंदौर के रीगल ब्रिज पर मंगलवार शाम हुए एक सड़क हादसे में 48 वर्षीय किसान की मौत हो गई। वह कोर्ट में पेशी पूरी करने के बाद पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल किसान को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान खुडेल क्षेत्र के काजी पलासिया निवासी इलियास पुत्र अब्दुल रज्जाक के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा मंगलवार शाम रीगल ब्रिज पर हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इलियास सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। कुछ समय तक घायल सड़क पर ही पड़े रहे। बाद में राहगीरों ने उन्हें देखा और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पता चला कि इलियास किसी न्यायिक मामले में पेशी के लिए इंदौर आए थे। अदालत का काम पूरा होने के बाद वह पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे ताकि अपने गांव लौट सकें। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

    परिजनों ने बताया कि इलियास खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा, छह बेटियां और पांच भाई हैं। उनकी असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

    पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

  • नीट पेपर लीक के विरोध में इंदौर में छात्रों का प्रदर्शन, बारिश के बीच भी डटे रहे आंदोलनकारी

    नीट पेपर लीक के विरोध में इंदौर में छात्रों का प्रदर्शन, बारिश के बीच भी डटे रहे आंदोलनकारी


    इंदौर। इंदौर में नीट पेपर लीक मामले और अन्य मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शहर के टंट्या भील चौराहे पर पिछले 22 दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में हर दिन नए छात्र जुड़ रहे हैं। मंगलवार देर रात तक बड़ी संख्या में छात्र चौराहे पर डटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में लगातार नारेबाजी करते रहे। आंदोलन स्थल पर युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

    छात्रों का यह आंदोलन 30 जून से जारी है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

    मंगलवार को टंट्या भील चौराहे पर सुबह से ही छात्रों का जुटना शुरू हो गया था। शाम होते-होते बड़ी संख्या में युवा हाथों में तख्तियां लेकर धरना स्थल पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में नारेबाजी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन के दौरान राहगीर भी कुछ देर रुककर आंदोलन को देखते रहे और कई लोगों ने छात्रों का समर्थन भी किया।

    बारिश के बावजूद आंदोलन की रफ्तार कम नहीं हुई। खराब मौसम के बीच भी छात्र धरना स्थल पर डटे रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहे। आंदोलन के दौरान राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति भी दी गई, जिससे प्रदर्शनकारियों का उत्साह और बढ़ गया। इस अवसर पर अखिलेश राणा, रोहित वास्कले, दुर्गा माणसाने, भारत चौहान, राधिका सहित कई युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर आंदोलन को समर्थन दिया।

    अनशन पर बैठे प्रहलाद पाण्डेय ने कहा कि यह आंदोलन केवल कुछ मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और पारदर्शी व्यवस्था की आवाज भी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है और लगातार बढ़ रही छात्रों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि युवाओं में इस विषय को लेकर गंभीर चिंता है।

    इससे पहले आंदोलनकारी छात्र टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च भी निकाल चुके हैं। वहां कई घंटे तक प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने उनकी कुछ मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।

    टंट्या भील चौराहे पर लगातार बढ़ती छात्रों की मौजूदगी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

  • इंदौर में नवविवाहित युवक की आत्महत्या, पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में नवविवाहित युवक की आत्महत्या, पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक 27 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि घटना से कुछ समय पहले उसे पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार पटेल नगर निवासी अभिषेक चौहान ने मंगलवार रात अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिवार के लोगों ने बताया कि रात में जब उसका बड़ा भाई खाना देने कमरे में पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर अभिषेक फंदे से लटका दिखाई दिया। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों का आरोप है कि अभिषेक की पत्नी साधना नामदेव ने उसके खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के सिलसिले में मंगलवार को पुलिस ने अभिषेक को एरोड्रम थाने बुलाकर पूछताछ की थी। परिवार का कहना है कि थाने से लौटने के बाद वह बेहद परेशान और शांत था। उसने किसी से ज्यादा बातचीत नहीं की और अपने कमरे में चला गया, जहां बाद में उसने यह कदम उठा लिया।

    परिवार के मुताबिक अभिषेक एयरपोर्ट पर टैक्सी चलाता था। इसी दौरान उसकी पहचान टैक्सी काउंटर पर काम करने वाली साधना से हुई थी। दोनों ने मई 2026 में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के बीच पारिवारिक मुद्दों को लेकर मतभेद शुरू हो गए थे।

    परिजनों का कहना है कि साधना चाहती थी कि अभिषेक संयुक्त परिवार से अलग होकर उसके मायके के पास किराए के मकान में रहे, जबकि अभिषेक अपने परिवार से अलग नहीं होना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

    वहीं, पत्नी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि अभिषेक उसे घुमाने के बहाने ले गया और उसके साथ मारपीट की। उसने दहेज प्रताड़ना के आरोप भी लगाए थे। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

    घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • 'इंदौर को अनाथ समझ लिया'… पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का रेलवे पर बड़ा हमला

    'इंदौर को अनाथ समझ लिया'… पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का रेलवे पर बड़ा हमला


    इंदौर। इंदौर की पूर्व सांसद और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा पश्चिम रेलवे के अधिकारियों को लिखा गया एक पत्र सार्वजनिक होने के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है। पत्र में उन्होंने इंदौर की रेल सुविधाओं की लगातार हो रही उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया हो। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार और स्थानीय सांसद पर सवाल खड़े किए हैं।

    20 जुलाई को पश्चिम रेलवे के अधिकारी रामश्रय पांडे को लिखे पत्र में सुमित्रा महाजन ने कहा कि उन्हें अत्यंत दुख के साथ यह पत्र लिखना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर के लिए नई रेल सेवाएं शुरू करने के बजाय पहले से लंबित प्रस्तावों पर भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है। उनका कहना है कि शहर की लगातार बढ़ती आबादी और यात्रियों की जरूरतों के बावजूद रेलवे अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

    महाजन ने पत्र में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जयपुर–इंदौर और रीवा–इंदौर रेल सेवाओं के प्रस्ताव लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक इंदौर से हटाकर पुराने DEMU रैक चलाए जा रहे हैं, जो अक्सर तकनीकी खराबियों का सामना करते हैं और यात्रियों को परेशानी होती है।

    उन्होंने पुणे–इंदौर ट्रेन का संचालन बंद होने पर भी चिंता जताई और कहा कि इसे किसी वैकल्पिक मार्ग से भी शुरू नहीं किया गया, जबकि अन्य शहरों की ट्रेनों को वैकल्पिक रूट पर चलाया जा रहा है। इसके अलावा पटना, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम के लिए ट्रेनों के फेरों में बढ़ोतरी नहीं होने, महू–उज्जैन लोकल ट्रेन और अयोध्या के लिए सीधी रेल सेवा नहीं होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।

    पत्र में सुमित्रा महाजन ने यह भी कहा कि लक्ष्मीबाई नगर में अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और महू में लाइन क्षमता उपलब्ध होने के बावजूद रेलवे इन संसाधनों का उपयोग कर सुविधाओं का विस्तार नहीं कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि लगभग 40 लाख आबादी वाले इंदौर शहर के लिए मौजूदा रेल व्यवस्था क्या वास्तव में पर्याप्त मानी जा सकती है।

    पत्र के अंत में उन्होंने अधिकारी से भावनात्मक अपील करते हुए लिखा कि वे शब्दों के बीच छिपी पीड़ा को समझेंगे और इंदौर के यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कदम उठाएंगे।

    सुमित्रा महाजन का यह पत्र सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब केंद्र, प्रदेश और इंदौर तीनों जगह भाजपा की सरकार है और शहर का सांसद भी भाजपा का है, तब इंदौर की रेल सुविधाओं की उपेक्षा पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने स्थानीय सांसद से भी सवाल पूछा कि शहर को नई रेल सेवाएं दिलाने और लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंदौर में रेल सुविधाओं को लेकर बहस तेज हो गई है और लोगों की नजर अब रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।