Category: Madhya Pradesh

  • नयागांव रेलवे पुल पर दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक से लौट रहे नमकीन कारोबारी ने तोड़ा दम, कार चालक फरार

    नयागांव रेलवे पुल पर दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक से लौट रहे नमकीन कारोबारी ने तोड़ा दम, कार चालक फरार

    ग्वालियर । ग्वालियर में तेज रफ्तार का कहर एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गया। मंगलवार शाम नयागांव इलाके में रेलवे पुल के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 38 वर्षीय नमकीन कारोबारी गौरव जैन की मौत हो गई। हादसे के समय गौरव अपने दो दोस्तों मनीष राजौरिया और कुशल कुशवाहा के साथ एक्टिवा पर सवार होकर पनिहार से ग्वालियर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आई तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने राहगीरों की मदद से तीनों घायलों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद गौरव जैन ने दम तोड़ दिया। वहीं उनके दोनों दोस्तों का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।

    गौरव जैन ग्वालियर के भाऊ साहब का बाजार इलाके में रहते थे और नमकीन का कारोबार करते थे। बताया गया है कि उन्होंने हाल ही में अपना कारोबार व्यवस्थित किया था और काम अच्छी तरह चलने लगा था। परिवार की जिम्मेदारियां भी गौरव के कंधों पर थीं। वह अभी अविवाहित थे और परिवार में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। मंगलवार को अवकाश होने के कारण उन्होंने दोस्तों के साथ कुछ समय बाहर बिताने का फैसला किया था। गौरव अपने दोस्त मनीष राजौरिया और कुशल कुशवाहा के साथ बरई पनिहार की वादियों और पहाड़ी झरनों की ओर पिकनिक मनाने गए थे। दिनभर दोस्तों के साथ समय बिताने के बाद शाम को तीनों एक ही एक्टिवा से ग्वालियर वापस लौट रहे थे लेकिन नयागांव रेलवे पुल के पास उनकी यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक सामने से आ रही कार काफी तेज रफ्तार में थी। कार चालक ने कथित तौर पर लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक्टिवा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके पर नहीं रुका बल्कि वाहन लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस टोल नाकों के फुटेज भी खंगाल रही है ताकि दुर्घटना के बाद फरार हुई कार और उसके चालक का पता लगाया जा सके।

    एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि गौरव अपने दोनों दोस्तों के साथ पनिहार में नदी किनारे पिकनिक मनाने गए थे। शाम को तीनों एक्टिवा से ग्वालियर लौट रहे थे। नयागांव रेलवे पुल के पास तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा में टक्कर मार दी। हादसे में गौरव को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं मनीष और कुशल भी गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस फरार कार चालक की तलाश में जुटी है। बुधवार को गौरव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे की खबर के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और जिस युवक के घर में शादी की तैयारियों को लेकर बातचीत चल रही थी वहां अब अचानक दुख का माहौल है।

  • न्यायिक आयोग की रिपोर्ट लेकर पीड़ितों के घर पहुंची कांग्रेस, परिजनों ने महापौर से अफसरों तक पर कार्रवाई की उठाई मांग

    न्यायिक आयोग की रिपोर्ट लेकर पीड़ितों के घर पहुंची कांग्रेस, परिजनों ने महापौर से अफसरों तक पर कार्रवाई की उठाई मांग


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी हादसे को लेकर सियासत एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट से असंतुष्ट कांग्रेस अब पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सामने ला रही है। इसी क्रम में बुधवार को इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे कार्यकर्ताओं के साथ हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के घर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में सामने आई बातों की जानकारी दी। रिपोर्ट की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

    पीड़ित परिवारों ने कांग्रेस नेताओं के सामने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि कई परिवारों ने अपना इकलौता कमाने वाला सदस्य खो दिया है। परिवार के जिस व्यक्ति पर घर की आर्थिक जिम्मेदारी थी उसकी मौत के बाद उनके सामने रोजमर्रा का खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया। परिजनों का कहना था कि हादसे के बाद उन्हें उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन उनकी मदद के लिए आगे आएंगे लेकिन उनकी परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। कई परिवारों का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें वह राहत नहीं मिल पाई जिसकी उनसे उम्मीद की गई थी।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उनका कहना है कि हादसे के बाद बीमार हुए लोगों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाने की बात कही गई थी लेकिन कुछ परिवारों को इलाज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ा। यहां तक कि मृतक का शव अस्पताल से घर तक लाने में भी परिवारों को खर्च उठाना पड़ा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च और ज्यादा परेशानी का कारण बना।

    कांग्रेस नेताओं के सामने परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। उनका कहना था कि यदि महापौर पार्षद विधायक नगर निगम आयुक्त या किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित परिवारों ने कहा कि हादसे में अपने लोगों को खोने के बाद वे अब न्याय चाहते हैं। उनका कहना है कि केवल जांच रिपोर्ट सामने आने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा बल्कि जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई भी जरूरी है।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों की स्थिति और उनकी भावनाओं को देखते हुए पार्टी एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी। कांग्रेस का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित राहत दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा।

    चौकसे ने कहा कि न्यायिक जांच आयोग ने भागीरथपुरा हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे से जुड़ी जो अनुशंसाएं की हैं उन्हें सरकार को तत्काल लागू करना चाहिए। उनका कहना है कि प्रभावित परिवार लंबे समय से राहत की उम्मीद कर रहे हैं और अब उन्हें जल्द सहायता मिलना जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान उनकी समस्याओं को सुना और आगे भी उनके साथ खड़े रहने की बात कही।

    भागीरथपुरा हादसे के बाद अब न्यायिक आयोग की रिपोर्ट और पीड़ित परिवारों को राहत का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस जहां रिपोर्ट को लेकर सवाल उठा रही है वहीं पीड़ित परिवार दोषियों पर कार्रवाई और आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस के आंदोलन के साथ यह मामला एक बार फिर इंदौर की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बन सकता है।

  • सेवा ज्योति कार्यक्रम के बाहर सफाईकर्मियों का विरोध, मंत्री-विधायक से मिलने के लिए घंटों इंतजार, सड़कों पर दिखा कचरे का ढेर

    सेवा ज्योति कार्यक्रम के बाहर सफाईकर्मियों का विरोध, मंत्री-विधायक से मिलने के लिए घंटों इंतजार, सड़कों पर दिखा कचरे का ढेर


    इंदौर । स्वच्छता के मामले में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इंदौर में बुधवार को तस्वीर कुछ बदली नजर आई। एक तरफ विजय नगर चौराहे के पास आईडीए ग्राउंड में भाजपा का सेवा ज्योति संकल्प यात्रा कार्यक्रम चल रहा था तो दूसरी तरफ कार्यक्रम स्थल के बाहर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सफाई कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें नियमित किया जाए और वेतन समेत दूसरी समस्याओं का समाधान किया जाए। प्रदर्शन के बीच शहर के कुछ इलाकों में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सड़कों पर गीला तथा सूखा कचरा फैला दिखाई दिया।

    सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते थे। हालांकि जब उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं तो उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मिलने की मांग रखी। पुलिस ने कर्मचारियों को कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी रस्सी और बैरिकेड के पीछे खड़े होकर करीब दो घंटे तक मंत्री का इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।

    कार्यक्रम खत्म होने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विधायक रमेश मेंदोला और अन्य जनप्रतिनिधि मशाल लेकर बाहर निकले तो सफाई कर्मचारियों ने उनसे मिलने की कोशिश की। कुछ महिला सफाई कर्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसी दौरान एक महिला सफाईकर्मी ने विधायक रमेश मेंदोला के सामने हाथ जोड़कर अपनी मांगें पूरी कराने की गुहार लगाई। मौके पर धक्का मुक्की जैसी स्थिति भी बनी। जनप्रतिनिधियों ने सेवा ज्योति प्रज्ज्वलित करने के बाद वहां से रवाना हुए।

    इसके बाद सांसद शंकर लालवानी जब कार्यक्रम स्थल से बाहर निकले तो सफाई कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया और अपनी समस्याएं बताईं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग रखी। सांसद ने उनकी बात सुनी और कर्मचारियों से पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल तैयार करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतिनिधिमंडल की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। शहर में जगह जगह कचरा फैलने के सवाल पर सांसद ने भी कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए।

    सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें नई नहीं हैं। वाल्मीकि सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर संतोष कल्याणे के मुताबिक कर्मचारी करीब 23 वर्षों से नियमितीकरण समेत दूसरी मांगों को लेकर आंदोलन ज्ञापन और भूख हड़ताल जैसे तरीके अपना चुके हैं। उनका कहना है कि करीब 10 हजार रुपये के वेतन में परिवार चलाना बेहद मुश्किल है। बच्चों की पढ़ाई घर का खर्च और इलाज जैसी जरूरतें पूरी करना चुनौती बन जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और गुरुवार से कचरा गाड़ियों को रोकने का फैसला लिया जा सकता है।

    प्रदर्शन में शामिल सफाई मित्रों ने भी अपनी परेशानियां बताईं। कृष्णा बाई डागर ने नियमित किए जाने की मांग रखते हुए कहा कि कम वेतन में घर का खर्च चलाना मुश्किल है। माया पथरोड ने कहा कि सफाई कर्मचारी पूरे शहर को साफ रखने का काम करते हैं लेकिन उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। रेखा बाई ने बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे काम के लिए निकलती हैं और दोपहर में घर लौटती हैं। उनके मुताबिक वे लड़ाई करने नहीं बल्कि अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। संगीता सोलंकी ने भी नियमितीकरण और वेतन बढ़ाने की मांग रखी।

    प्रदर्शन के दौरान एक अन्य विवाद भी सामने आया। आरोप है कि एक महिला ने सफाई मित्रों के सामने झाड़ू लगाने को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने महिला को घेर लिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और महिला को थाने ले गई। इस घटनाक्रम के बाद थाने के बाहर भी कुछ देर हंगामे की स्थिति बनी रही।

    इस बीच इंदौर की सड़कों पर कचरा फैले होने के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आए। बुधवार सुबह इंडस्ट्री हाउस से जंजीरवाला चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग के कुछ हिस्सों में गीला और सूखा कचरा बिखरा दिखाई दिया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। सफाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रहने पर शहर की स्वच्छता व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। अब कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बातचीत से समाधान निकलने पर ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

  • जिस इंदौर की सफाई की मिसाल देश देता है वहां सड़कों पर बिखरा कचरा, सफाईकर्मियों की मांगों के बीच बढ़ी निगम की चिंता

    जिस इंदौर की सफाई की मिसाल देश देता है वहां सड़कों पर बिखरा कचरा, सफाईकर्मियों की मांगों के बीच बढ़ी निगम की चिंता


    इंदौर । देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बना चुके इंदौर में मंगलवार शाम से सफाई व्यवस्था पर असर दिखाई देने लगा। नियमितीकरण समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सफाईकर्मी लगातार आंदोलन कर रहे हैं और इसका सीधा असर शहर की सड़कों पर नजर आने लगा है। शहर के कई इलाकों में गीला और सूखा कचरा समय पर नहीं उठने के कारण सड़कों के किनारे और कई जगह सड़क पर ही जमा हो गया। एमआईजी थाने के सामने नेहरू नगर विकास नगर अमर टेकरी और रुस्तम का बगीचा समेत आसपास के क्षेत्रों में शाम होते होते कचरे के ढेर दिखाई देने लगे। देर रात तक कुछ स्थानों पर हालात ऐसे हो गए कि सड़कों पर गीला और सूखा कचरा बिखरा पड़ा था।

    कचरा सड़कों पर जमा होने से स्थानीय रहवासियों के साथ राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क के किनारे जमा कचरा इतना ज्यादा था कि लोगों को वाहन निकालने में दिक्कत हुई। इंदौर जैसे शहर में जहां स्वच्छता को लेकर देशभर में उदाहरण दिया जाता है वहां सड़कों पर फैली गंदगी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर प्रशासन को गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था बाधित होने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

    सफाईकर्मी नियमितीकरण सहित दूसरी मांगों को लेकर लगातार दूसरे दिन नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी निगम मुख्यालय पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दो से चार दिन के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो वे हड़ताल का फैसला ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में शहर की सफाई व्यवस्था पर और व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

    मंगलवार शाम को कई इलाकों में कचरा नहीं उठने से आंदोलन के असर के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे। नियमित रूप से घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा समय पर नहीं उठ पाया तो कई जगह लोग कचरा सड़क किनारे रखने को मजबूर हुए। कुछ इलाकों में यह कचरा धीरे धीरे बढ़ता गया और सड़क के आसपास गंदगी फैलने लगी। यदि सफाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रहती है तो नगर निगम के सामने शहर को साफ रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

    शहर में फैली गंदगी को लेकर स्थानीय लोगों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सफाईकर्मियों की मांगें अपनी जगह उचित हो सकती हैं लेकिन विरोध का ऐसा तरीका नहीं होना चाहिए जिससे आम लोगों को परेशानी हो। लोगों ने यह भी चिंता जताई कि खुले में कचरा पड़ा रहने से बदबू के साथ संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कुछ लोगों ने सड़कों पर कचरा फैलने के पीछे इसे योजनाबद्ध तरीके से डाले जाने की आशंका भी जताई है हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

    इंदौर की स्वच्छता पहचान के लिहाज से यह स्थिति नगर निगम के लिए बड़ी चिंता का विषय है। शहर लगातार आठ बार स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है। ऐसे में सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की बड़ी बाधा शहर की इस उपलब्धि और छवि दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। अब नजर इस बात पर है कि नगर निगम और सफाईकर्मियों के बीच बातचीत से कब समाधान निकलता है और शहर की नियमित सफाई व्यवस्था कितनी जल्दी पटरी पर लौटती है।

  • इंदौर में दिखा भाजपा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन, तिरंगे के साथ जुटे हजारों लोग, मशाल लेकर अपनी विधानसभाओं के लिए निकले

    इंदौर में दिखा भाजपा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन, तिरंगे के साथ जुटे हजारों लोग, मशाल लेकर अपनी विधानसभाओं के लिए निकले


    इंदौर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा जनकल्याण और सुशासन के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से बुधवार को इंदौर में सेवा ज्योति संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विजय नगर स्थित आईडीए ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में शहर के अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग पहुंचे। कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा और पार्टी के झंडे लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इसके बाद सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।

    कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ मंत्री तुलसी सिलावट सांसद शंकर लालवानी प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर सहित कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। विधायक रमेश मेंदोला गोलू शुक्ला मालिनी गौड़ उषा ठाकुर महेंद्र हार्डिया और मधु वर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता आईडीए ग्राउंड पहुंचे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौजूद जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन किया गया और सेवा ज्योति के प्रतीक के रूप में मशाल जलाई गई। विजयवर्गीय स्वयं मशाल लेकर विजय नगर थाने के सामने नवनिर्मित मशाल स्थल तक पहुंचे। यहां उन्होंने सेवा ज्योति प्रज्ज्वलित की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए और मशाल लेकर अपनी अपनी विधानसभा के लिए सेवा ज्योति यात्रा की शुरुआत की।

    भाजपा नेताओं के मुताबिक इस यात्रा में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का रथ सबसे आगे रखा गया। उसके पीछे कार्यकर्ता मशाल लेकर आगे बढ़े। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बाइक से अपनी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की ओर रवाना हुए। यात्रा के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने का संदेश दिया गया। इससे पहले प्रत्येक बूथ से कार्यकर्ता लाभार्थियों को साथ लेकर आईडीए ग्राउंड पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के लिए अलग अलग ब्लॉक बनाए गए थे ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा सके।

    सेवा ज्योति यात्रा को भाजपा नेताओं ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के कश्मीर आंदोलन से भी जोड़ा। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के मुताबिक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध में आंदोलन किया था। भाजपा नेताओं ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को उनके संकल्प की पूर्ति के रूप में प्रस्तुत किया। इसी भावना के साथ आईडीए ग्राउंड से मशाल को डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थल तक ले जाया गया जहां विशाल सेवा ज्योति मशाल स्थापित की गई।

    कार्यक्रम के दौरान एक अन्य घटनाक्रम भी सामने आया। अपनी मांगों को लेकर सफाईकर्मी आईडीए ग्राउंड पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल के अंदर प्रवेश करने का प्रयास भी किया। इस दौरान कुछ देर के लिए वहां हलचल की स्थिति बनी रही।

    आईडीए ग्राउंड पर विधानसभा क्षेत्र के अनुसार कार्यकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। अलग अलग ब्लॉक में विधानसभा एक विधानसभा पांच विधानसभा तीन देपालपुर और महू के कार्यकर्ताओं के लिए स्थान निर्धारित किया गया था। दूसरी ओर विधानसभा दो राऊ विधानसभा चार और सांवेर के कार्यकर्ताओं के लिए अलग ब्लॉक बनाए गए थे। पूरे आयोजन के बाद कार्यकर्ता मशाल लेकर अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों की ओर रवाना हुए।

  • नवरात्रि से पहले गरबा पर मुस्लिम त्योहार समिति की अपील, युवाओं से कार्यक्रमों से दूर रहने और विवाद से बचने को कहा

    नवरात्रि से पहले गरबा पर मुस्लिम त्योहार समिति की अपील, युवाओं से कार्यक्रमों से दूर रहने और विवाद से बचने को कहा

    मध्य प्रदेश: मुस्लिम त्योहार समिति ने आगामी नवरात्रि से पहले मुस्लिम युवाओं और छात्रों से गरबा कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की अपील की है। समिति ने कहा है कि युवा केवल रील्स, लाइक्स और व्यूज हासिल करने के लिए गरबा आयोजनों में शामिल होने से बचें। समिति के प्रदेशाध्यक्ष जीशान रहमान ने कहा कि गरबा मुस्लिम समुदाय का धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं है। उनके मुताबिक, किसी एक व्यक्ति के गलत कदम का असर पूरे समुदाय की छवि पर पड़ सकता है। समिति ने स्पष्ट किया कि उसकी अपील किसी धर्म या गरबा समारोह के खिलाफ नहीं है, बल्कि जिम्मेदार व्यवहार, धार्मिक मर्यादा, कानून के पालन और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।

    जीशान रहमान ने कहा कि मुस्लिम युवाओं को गरबा कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेने की अपील इसलिए की गई है क्योंकि ये उनके धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों को साधने के लिए कई बार मुसलमानों को बदनाम करने वाले बयान दिए जाते हैं। उनके अनुसार, मुसलमानों पर गरबा कार्यक्रमों में धार्मिक रूप से भड़काऊ हरकतें करने या ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप लगाए जाते हैं। रहमान ने कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए मुस्लिम युवाओं और छात्रों को गरबा कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    रहमान ने कहा कि समिति की अपील का मुख्य उद्देश्य समुदाय की बदनामी की स्थिति को रोकना है। उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति गलत काम करता है, लेकिन उसका नतीजा पूरे समुदाय को भुगतना पड़ सकता है। इसी वजह से युवाओं से रील्स और व्यूज के लिए गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाने को कहा गया है। समिति ने युवाओं से सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करने की अपील भी की है। इसके साथ ही स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करने तथा विवाद, टकराव, उकसावे और गलत प्रतिक्रियाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों और मध्य प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी अपील विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, तकनीकी और मेडिकल संस्थानों तथा हॉस्टलों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। समिति चाहती है कि यह अपील 11 अक्टूबर से पहले संबंधित संस्थानों तक पहुंच जाए। इसके जरिए मुस्लिम युवाओं और छात्रों को धार्मिक कार्यक्रमों में बिना जरूरत शामिल होने से बचने तथा किसी भी तरह के विवाद की स्थिति पैदा न करने की सलाह दी गई है।

    रहमान ने यह भी कहा कि गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों की मौजूदगी को लेकर उन्हें बार-बार राजनीतिक रूप से निशाना बनाए जाने की बात सामने आती रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं से रील्स और व्यूज के लिए गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाने की अपील के पीछे यही वजह है। इससे पहले भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवकों के आने को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में आना चाहते हैं तो अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाएं। इसके अलावा कई हिंदू संगठनों की ओर से भी गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवाओं को प्रवेश नहीं देने की बात कही जाती रही है। मुस्लिम त्योहार समिति की मौजूदा अपील इसी विवाद के बीच सामने आई है।

  • मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज

    मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज


    मध्य प्रदेश:
    के मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधेड़ व्यक्ति ने मंदसौर बस स्टैंड परिसर में गाय के साथ रेप किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और मामला पुलिस तक पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोपी की पहचान मोहम्मद अबरार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि मंदसौर बस स्टैंड परिसर में आरोपी मोहम्मद अबरार द्वारा गाय के साथ कुकृत्य किया गया। घटना की जानकारी लोगों को मिलने के बाद इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपी को हिरासत में लिया। इसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। घटना सार्वजनिक स्थान पर सामने आने के कारण बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों के बीच इसकी चर्चा रही और मामले को लेकर आक्रोश भी दिखाई दिया।

    पुलिस ने आरोपी का जुलूस भी निकाला। आरोपी को पुलिस की निगरानी में ले जाते हुए उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिसकर्मी उसे अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए। आरोपी के जुलूस का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस उसे अपने साथ लेकर जाती हुई नजर आ रही है। घटना के बाद पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई की भी चर्चा हो रही है। आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    आरोपी मोहम्मद अबरार मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी बस स्टैंड परिसर में किस परिस्थिति में पहुंचा और घटना किस तरह हुई। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

    कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद अबरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा रही। पुलिस घटना से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

  • पोहा ठेले से शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंचा, नशे में महिला ने SI को चप्पल से मारने की कोशिश, VIDEO वायरल

    पोहा ठेले से शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंचा, नशे में महिला ने SI को चप्पल से मारने की कोशिश, VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी के माधव चौक पर सोमवार सुबह उस समय हंगामा मच गया जब एक महिला ने पोहा ठेले पर पहुंचकर जमकर विवाद किया। महिला का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह ठेला संचालक के साथ गाली गलौज करती और हाथ में चप्पल लेकर मारने की कोशिश करती नजर आ रही है। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंचे यातायात थाने के सब इंस्पेक्टर से भी महिला उलझ गई। आरोप है कि महिला ने SI को भी चप्पल से मारने का प्रयास किया। घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पोहा ठेला संचालक पप्पू कुशवाह के अनुसार महिला सुबह उसके ठेले पर पहुंची थी और नशे की हालत में नजर आ रही थी। ठेले पर पहुंचने के बाद वह अचानक गाली गलौज करने लगी। महिला के व्यवहार से आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। ठेला संचालक के मुताबिक महिला ने ठेले पर रखे सामान को भी फेंकने की कोशिश की। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद दूसरे ठेले वाले ने महिला को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह उससे भी उलझ गई।

    बताया जा रहा है कि महिला ने इसी दौरान अपनी चप्पल हाथ में ले ली और सामने मौजूद लोगों के साथ बदतमीजी करने लगी। आसपास लोगों की भीड़ जमा होने लगी। कुछ लोगों ने महिला को शांत कराने की कोशिश की लेकिन उसका हंगामा जारी रहा। मामला बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही यातायात थाने के SI इंतजार हुसैन मौके पर पहुंचे और महिला को समझाने का प्रयास किया।

    हालांकि पुलिस अधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। महिला SI इंतजार हुसैन से भी उलझ गई और आरोप है कि उसने चप्पल से उन्हें मारने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन महिला का हंगामा जारी रहा। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    SI इंतजार हुसैन के अनुसार महिला को समझाने के बाद वह कोतवाली पहुंचे और वहां से महिला पुलिसकर्मी को साथ लेकर दोबारा मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक महिला वहां से जा चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की पहचान क्या है और आखिर किस वजह से उसने पोहा ठेले पर विवाद शुरू किया था। माधव चौक जैसे व्यस्त इलाके में हुए इस हंगामे के बाद कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि महिला की स्थिति और विवाद की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • मजदूरी से लौटते वक्त बुझ गया घर का चिराग, ट्रैक्टर से गिरकर 11 साल की अनन्या की मौत, चालक फरार

    मजदूरी से लौटते वक्त बुझ गया घर का चिराग, ट्रैक्टर से गिरकर 11 साल की अनन्या की मौत, चालक फरार


    भोपाल । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 11 साल की बच्ची की जान चली गई। अनन्या जाटव अपनी मां के साथ खेत पर भुट्टा तोड़ने की मजदूरी करने गई थी। दिनभर काम करने के बाद जब वह अन्य मजदूरों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से घर लौट रही थी तभी रास्ते में अचानक हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि घर लौटते समय अनन्या ट्रैक्टर पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जा गिरी। इसी दौरान ट्रैक्टर का पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से कुचल जाने के कारण बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। इस बीच ट्रैक्टर चालक मौके की गंभीरता को देखते हुए वाहन लेकर वहां से फरार हो गया। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। जिस बच्ची के साथ उसकी मां दिनभर खेत में मजदूरी कर घर लौट रही थी उसी बच्ची की रास्ते में दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने परिवार के साथ साथ आसपास के लोगों को भी झकझोर दिया।

    जानकारी मिलने के बाद लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हादसे से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई और दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनन्या मजदूरी करने के बाद अन्य लोगों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर पर चढ़ते वक्त वह नीचे गिर गई। गिरते ही वह वाहन के पहिए की चपेट में आ गई और उसकी जान चली गई।

    घटना के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस अब फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और ट्रैक्टर पर उस समय कितने लोग सवार थे।

    हादसे की जांच के दौरान पुलिस ट्रैक्टर चालक की पहचान और वाहन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। चालक के मिलने के बाद दुर्घटना के संबंध में उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि बच्ची ट्रैक्टर पर किस तरह चढ़ने की कोशिश कर रही थी और उसी दौरान उसका संतुलन कैसे बिगड़ा। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता है क्योंकि मजदूर अक्सर खेतों से लौटने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली जैसे साधनों का इस्तेमाल करते हैं।

    अनन्या अपनी मां के साथ मजदूरी करके परिवार की मदद के लिए खेत पर गई थी लेकिन घर लौटने से पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। एक छोटी सी बच्ची की अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र फरार चालक की तलाश और हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाना है।

  • MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट, पांढुर्णा SP बदले, जल्द हटेंगे कई कलेक्टर और SP, संभागायुक्त भी रडार पर

    MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट, पांढुर्णा SP बदले, जल्द हटेंगे कई कलेक्टर और SP, संभागायुक्त भी रडार पर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़े फेरबदल की तैयारी के बीच पांढुर्णा के पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के ठीक दो दिन बाद मंगलवार देर रात गृह विभाग की ओर से तबादला आदेश जारी किया गया। परिहार को अब पुलिस मुख्यालय में एआईजी की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसानों ने उनका काफिला रोककर अपनी समस्याएं सामने रखी थीं। इसी घटना के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे और अब एसपी के तबादले को उससे जोड़कर देखा जा रहा है।

    दरअसल 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पांढुर्णा पहुंचे थे। दौरा पूरा करने के बाद जब मुख्यमंत्री वापस लौट रहे थे तब किसानों ने रास्ते में उनका काफिला रोक लिया। किसानों के हाथों में सूखी और मुरझाई हुई फसलें थीं। किसानों ने जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ कृषि कर्ज माफ करने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। अचानक सामने आई इस स्थिति के बाद मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री के काफिले को इस तरह रोके जाने की घटना को सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर माना गया। अब पांढुर्णा एसपी प्रकाश चंद्र परिहार के तबादले के बाद इसे उसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।

    गृह विभाग के आदेश के अनुसार प्रकाश सिंह परिहार को पांढुर्णा एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया है। वहीं सेनानी दूसरी वाहिनी एसएएफ ग्वालियर में पदस्थ विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ दूसरी वाहिनी एसएएफ ग्वालियर के सेनानी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    पांढुर्णा एसपी के तबादले के साथ ही प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की चर्चा भी तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में करीब 50 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए जा सकते हैं। इस सूची में कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हो सकते हैं। सरकार की ओर से अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के बाद यह बदलाव किए जाने की तैयारी है।

    सूत्रों के मुताबिक कुछ पुलिस अधीक्षकों के नियमित रूप से कार्यालय नहीं जाने और कामकाज को लेकर शिकायतें भी सरकार तक पहुंची हैं। ऐसे अधिकारियों को कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की श्रेणी में रखकर जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम नहीं करने वाले कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी तबादले की गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।

    संभावित फेरबदल केवल कलेक्टर और एसपी स्तर तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्रशासनिक बदलाव की सूची में एक या दो संभागायुक्तों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। यदि यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल होता है तो आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था का चेहरा बदल सकता है।