Category: Madhya Pradesh

  • मां से विवाद के चलते किया था बच्ची से रेप:आरोपी ताऊ बोला था-बहुत चपड़-चपड़ करती है; 6 साल की पीड़ित ICU में, हालत नाजुक

    मां से विवाद के चलते किया था बच्ची से रेप:आरोपी ताऊ बोला था-बहुत चपड़-चपड़ करती है; 6 साल की पीड़ित ICU में, हालत नाजुक


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के रीवा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कलयुगी बड़े पापा (ताऊ) ने अपनी ही 6 साल की मासूम भतीजी को अपनी हवस और दुश्मनी का शिकार बना डाला। इस खौफनाक वारदात के पीछे जो वजह सामने आई है, उसने समाज के क्रूर चेहरे को उजागर कर दिया है। आरोपी ने मासूम के साथ यह दरिंदगी सिर्फ इसलिए की क्योंकि उसका बच्ची की मां से विवाद चल रहा था।

    पीड़ित बच्ची ने खुद अस्पताल में अपनी मां को रोते हुए इस बात की गवाही दी। मां के अनुसार, जब मासूम दर्द से तड़प रही थी और आरोपी से गिड़गिड़ाते हुए कह रही थी- “बड़े अब्बू छोड़ दो”, तब उस हैवान का दिल पसीजने के बजाय उसने बेहद क्रूरता से जवाब दिया- “तेरी मां ज्यादा चपड़-चपड़ करती है।” पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि वारदात से ठीक एक दिन पहले यानी 3 जून को आरोपी ने बच्ची की मां के साथ घरेलू विवाद को लेकर बेरहमी से मारपीट की थी। इसके बाद 4 जून की रात उसने इस घिनौनी साजिश को अंजाम दिया और बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसका गला घोंटकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की।

    अस्पताल के बिस्तर पर बेहाल मां; तड़प रही मासूम और डॉक्टरों की 24 घंटे निगरानी
    इस समय 6 साल की वह मासूम रीवा के संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है, जहां उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट में बेहद गंभीर चोटें आई हैं और उसे लगातार ब्लीडिंग हो रही है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम आईसीयू में चौबीसों घंटे उसकी सेहत और सांसों पर पैनी नजर रखे हुए है।

    अस्पताल के बाहर पीड़ित मां का रो-रोकर बुरा हाल है। अपनी सुध-बुध खो चुकी मां ने सुबकते हुए कहा कि जिस बच्ची के हाथों में आज खिलौने होने चाहिए थे, उसके पूरे शरीर पर इलाज की सुइयां और दवाइयों की पाइपें लगी हुई हैं। मां ने रुंधे गले से कहा- “मेरी मासूम बच्ची ने किसी का क्या बिगाड़ा था? उस दरिंदे ने मेरी बेटी की हंसी और उसका बचपन सब कुछ छीन लिया। जब भी आईसीयू का दरवाजा खुलता है, मेरी धड़कनें थम जाती हैं। मेरी बस एक ही मांग है कि मेरी बेटी को न्याय मिले और दोषी को ऐसी खौफनाक सजा दी जाए जिसे देखकर आगे कोई ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।”

    समाज में भारी आक्रोश; 30 मामलों का पुराना अपराधी है फरार आरोपी
    इस जघन्य कृत्य के बाद पूरे इलाके और पड़ोसियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि पूरे समाज के मुंह पर तमाचा है। मोहल्ले के लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ बिना किसी नरमी के फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाकर ऐसी सजा दी जाए जो समाज के लिए नजीर बने।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी मुस्तैदी से आरोपी की तलाश में जुटी है। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि आरोपी का अपने भाई के साथ संपत्ति को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। आरोपी कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि एक आदतन अपराधी है, जिस पर शहर के अलग-अलग थानों में मारपीट, चोरी और लूट जैसे 30 से अधिक गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। घटना के समय बच्ची का पिता भी एक अन्य लूट के मामले में जेल में बंद था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की कई टीमें जिले और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं और अधिकारियों का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

  • “मैं खुद लटक जाऊंगी…” बेटे ने बताए मां के आखिरी शब्द, सामने आई दिल दहला देने वाली घटना

    “मैं खुद लटक जाऊंगी…” बेटे ने बताए मां के आखिरी शब्द, सामने आई दिल दहला देने वाली घटना


    मध्य प्रदेश । जबलपुर के आधारताल क्षेत्र में सामने आए पति-पत्नी की मौत के सनसनीखेज मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम गवाह वह 8 वर्षीय मासूम बच्चा बन गया है, जिसने अपनी मां और सौतेले पिता के बीच मौत से पहले हुई पूरी घटना अपनी आंखों से देखी। बच्चे के बयान ने पुलिस जांच को नई दिशा दी है और इस दर्दनाक पारिवारिक त्रासदी की कई परतें खोल दी हैं।

    पुलिस के अनुसार, 3 जून की रात घर में पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला जानलेवा स्थिति तक पहुंच गया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसके पिता मयंक सिंह ने गुस्से में चाकू उठा लिया था। इसी दौरान उसकी मां नेहा सिंह ने कथित तौर पर कहा कि यदि उसे मारना है तो वह खुद ही फांसी लगाकर जान दे देगी। इसके बाद घर के भीतर जो कुछ हुआ, वह पूरे मामले का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन गया है।

    मासूम के बयान के मुताबिक, मयंक ने कमरे में फंदा तैयार किया। जब नेहा फंदे के नीचे रखी टेबल पर खड़ी हुई तो कुछ ही क्षणों में वह फंदे पर लटक गई। पुलिस अब बच्चे के बयान, घटनास्थल के साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    बच्चे ने यह भी बताया कि मां के फंदे पर लटकने के बाद पिता ने कुछ देर बाद उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि पूरी रात महिला का शव घर में ही पड़ा रहा। जब बच्चे ने मां के बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि वह आराम कर रही है। इसके बाद पिता बेटे को दूसरे कमरे में ले जाकर सो गया।

    अगले दिन मयंक अपने बेटे को स्कूटी से बहन के घर छोड़ आया। इसी बीच पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नेहा सिंह की पहले पति से शादी हुई थी और उसके निधन के बाद वर्ष 2024 में मयंक से उसकी मुलाकात हुई थी। दोनों ने परिवार की सहमति से विवाह किया था और आधारताल में किराए के मकान में रह रहे थे।

    जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि जनवरी 2025 में विजय नगर स्थित एक स्पा सेंटर पर पुलिस कार्रवाई के दौरान नेहा वहां मिली थी। इसके बाद पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ने लगा था। मयंक कथित तौर पर नहीं चाहता था कि नेहा वहां काम करे, जबकि नेहा रोजगार जारी रखना चाहती थी। बाद में वह इंदौर में काम करने लगी, लेकिन बेटे से मिलने नियमित रूप से जबलपुर आती थी और परिवार की आर्थिक सहायता भी करती थी।

    पुलिस के अनुसार, 5 जून को मयंक बेटे को अपनी बहन के घर छोड़कर निकल गया। इसके बाद वह जीसीएफ क्षेत्र के एक खंडहरनुमा भवन में पहुंचा, जहां उसने कथित रूप से एक सुसाइड नोट लिखा। बाद में शनिवार को उसी स्थान पर उसका शव फंदे से लटका मिला। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में उसने पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार करने का दावा किया है और कुछ पारिवारिक सदस्यों पर प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं।

    रांझी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। बच्चे के बयान, सुसाइड नोट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक प्रभावित वह मासूम है, जिसने कुछ ही दिनों में अपनी मां और पिता दोनों को खो दिया।

  • घर के बाहर झगड़ा शांत कराने पहुंचीं बीजेपी नेता, पिस्टल से चली गोली बनी मौत की वजह

    घर के बाहर झगड़ा शांत कराने पहुंचीं बीजेपी नेता, पिस्टल से चली गोली बनी मौत की वजह


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में भाजपा की सक्रिय महिला नेता और पूर्व पार्षद प्रत्याशी संगीता रजक की गोली लगने से मौत हो गई। घटना शनिवार देर रात न्यू शोभापुर क्षेत्र में हुई, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए हैदराबाद ले जाया गया। वहां ओमेगा अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार घटना शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि संगीता रजक के घर के बाहर कुछ लोग गाली-गलौज और शोर-शराबा कर रहे थे। आवाज सुनकर संगीता रजक अपने पति बंटी रजक के साथ घर से बाहर निकलीं। दोनों ने कथित रूप से वहां मौजूद लोगों को समझाने और शांत रहने के लिए कहा, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    इसी दौरान संगीता रजक घर के भीतर गईं और अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर बाहर आ गईं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक हड़बड़ाहट और अफरा-तफरी के माहौल में उनके हाथ में मौजूद पिस्टल का ट्रिगर दब गया। गोली सीधे उनके पेट में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

    घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। बाद में बेहतर उपचार की उम्मीद में उन्हें हैदराबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के प्रयासों के बावजूद मृत घोषित कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा तैयार कराया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह मामला दुर्घटनावश गोली चलने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि देर रात घर के बाहर विवाद किस कारण से हो रहा था और वहां मौजूद लोग कौन थे। इसके अलावा घटना के समय की परिस्थितियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

    पुलिस जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले अज्ञात बदमाशों ने संगीता रजक के घर पर बम फेंकने और वाहन में तोड़फोड़ करने की घटना को अंजाम दिया था। इस संबंध में उनके पति बंटी रजक ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। ऐसे में पुलिस पुराने घटनाक्रम और हालिया घटना के बीच किसी संभावित संबंध की भी पड़ताल कर रही है।

    संगीता रजक ने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव नहीं जीत सकी थीं, लेकिन क्षेत्र में उनकी सक्रिय राजनीतिक पहचान थी। बताया जा रहा है कि वे आगामी स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों में भी जुटी हुई थीं। उनके पति बंटी रजक भी भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

    फिलहाल पुलिस परिजनों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। इस दुखद घटना से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।

  • 24 हफ्ते का गर्भ होने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग को मां बनने की अनुमति

    24 हफ्ते का गर्भ होने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग को मां बनने की अनुमति


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में 16 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को बच्चे को जन्म देने की अनुमति प्रदान करते हुए राज्य सरकार को नवजात के पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियां उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि पीड़िता और उसके परिवार की इच्छा का सम्मान करना आवश्यक है, क्योंकि उन्होंने गर्भपात कराने से स्पष्ट रूप से इनकार किया था।

    मामला खरगोन जिले के बालकवाड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद किशोरी गर्भवती हो गई। जब मामला न्यायालय के समक्ष पहुंचा, तब गर्भावस्था 24 सप्ताह से अधिक हो चुकी थी। चूंकि पीड़िता नाबालिग थी और गर्भावस्था उन्नत अवस्था में थी, इसलिए मंडलेश्वर स्थित पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने उचित दिशा-निर्देश और आदेश के लिए मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को भेज दिया।

    हाईकोर्ट ने मामले को याचिका के रूप में दर्ज कर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बालकवाड़ा थाना के सब-इंस्पेक्टर मिथुन चौबे की उपस्थिति में पीड़िता और उसके माता-पिता अदालत में पेश हुए। पहचान की पुष्टि के बाद न्यायालय ने पीड़िता और उसके परिजनों की राय जानी। इस दौरान पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह गर्भपात नहीं कराना चाहती और बच्चे को जन्म देना चाहती है। उसके माता-पिता ने भी इस निर्णय का समर्थन किया।

    शनिवार को जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की वेकेशन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए पीड़िता की इच्छा को महत्व दिया। अदालत ने माना कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़िता की राय और उसकी स्वतंत्र इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए। इसी आधार पर न्यायालय ने बच्चे को जन्म देने की अनुमति प्रदान की।

    साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए। आदेश के अनुसार गर्भावस्था के दौरान पीड़िता को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रसव, उपचार, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्त खर्च सरकार वहन करेगी। इसके अलावा नवजात के जन्म के बाद उसकी देखभाल, शिक्षा, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा और अन्य आवश्यक जरूरतों की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार पर होगी।

    हाईकोर्ट ने संबंधित कलेक्टर को निर्देश दिया है कि नवजात के 16 वर्ष की आयु तक उसके समुचित विकास और आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियां बच्चे और उसकी मां के भविष्य में बाधा नहीं बननी चाहिए।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला उन मामलों में महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है, जहां दुष्कर्म पीड़िता गर्भपात के बजाय बच्चे को जन्म देने का निर्णय लेती है। न्यायालय ने एक ओर पीड़िता की इच्छा और अधिकारों की रक्षा की है, वहीं दूसरी ओर जन्म लेने वाले बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य की जिम्मेदारी भी तय की है।

    यह निर्णय न्यायिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें पीड़िता, उसके परिवार और नवजात के हितों को संतुलित रूप से ध्यान में रखा गया है।

  • 31 हजार रुपए में अघोरी बनाने का ऑफर, तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को बना रहे शिकार

    31 हजार रुपए में अघोरी बनाने का ऑफर, तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को बना रहे शिकार


    मध्य प्रदेश । श्मशान, खोपड़ियां, काले वस्त्र और रहस्यमयी अनुष्ठानों के बीच ‘सिद्धि’ और ‘चमत्कार’ का ऐसा मायाजाल बुना जा रहा है, जिसमें लोगों के डर, लालच और अंधविश्वास को निशाना बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पैसों की बारिश, गड़ा हुआ धन खोज निकालने, दुश्मनों का नाश करने और खोया प्यार वापस दिलाने जैसे दावे किए जा रहे हैं। इन दावों के पीछे कथित तौर पर एक ऐसा नेटवर्क सक्रिय है, जो तंत्र-मंत्र और अघोरी साधना के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा है।

    पड़ताल में सामने आया कि ‘अघोर गुरुदीक्षा’, ‘श्मशान साधना’ और ‘तंत्र सिद्धि’ जैसे नामों से बाकायदा कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इन कोर्सों के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपए तक की फीस मांगी जाती है। दावा किया जाता है कि कुछ दिनों या महीनों की साधना के बाद व्यक्ति विशेष शक्तियां प्राप्त कर सकता है, जिससे धन प्राप्ति, गड़ा खजाना खोजने या अन्य मनोकामनाएं पूरी करने में सहायता मिलेगी।

    जांच के दौरान सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो मिले, जिनमें कथित तांत्रिक साधना के दौरान नोटों की बारिश या जमीन से धन निकलने जैसे दृश्य दिखा रहे थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर संपर्क करने पर एक व्यक्ति ने खुद को अघोरी साधक बताते हुए विभिन्न प्रकार की साधनाएं सिखाने का दावा किया। बातचीत में उसने कहा कि पहले गुरुदीक्षा लेनी होगी, फिर गुरुमंत्र, गणेश साधना और कुलदेव साधना के बाद अन्य सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। उसने यह भी दावा किया कि पैसों की बारिश जैसी सिद्धि हासिल करने के लिए लंबे समय तक साधना करनी पड़ती है।

    हालांकि जब इन दावों की गहराई से जांच की गई तो कई बातें संदिग्ध मिलीं। कथित रूप से दिखाए गए कुछ वीडियो ऐसे मामलों से जुड़े पाए गए, जहां संबंधित व्यक्तियों पर पहले से ही धोखाधड़ी और ठगी के आरोप लग चुके थे। इसके बावजूद इन वीडियो का उपयोग नए लोगों को आकर्षित करने और विश्वास दिलाने के लिए किया जा रहा है।

    पड़ताल में यह भी सामने आया कि कथित गुरुदीक्षा और तंत्र साधना के लिए तय शुल्क लिया जाता है। कुछ मामलों में रजिस्ट्रेशन फीस, आधार कार्ड की कॉपी और अग्रिम भुगतान की मांग की गई। यहां तक कि व्यक्तिगत मुलाकात के लिए भी हजारों रुपए मांगे गए। कई संस्थानों और व्यक्तियों द्वारा तंत्र साधना के पैकेज, ऑनलाइन प्रशिक्षण और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कथित रहस्यमयी ज्ञान देने के ऑफर भी दिए जा रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नेटवर्क लोगों की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं। आर्थिक संकट, बीमारी, पारिवारिक समस्याएं या जल्दी सफलता पाने की इच्छा रखने वाले लोगों को चमत्कारिक दावों के जरिए प्रभावित किया जाता है। धीरे-धीरे उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता है कि विशेष अनुष्ठान या साधना उनकी सभी समस्याओं का समाधान कर सकती है।

    ज्योतिषाचार्य पंडित जयदीप दुबे के अनुसार वास्तविक ज्योतिष और तंत्र विद्या का इस प्रकार के चमत्कारिक दावों से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि कुछ लोग धर्म, तंत्र और आध्यात्मिकता की आड़ में लोगों के डर और लालच का फायदा उठाकर आर्थिक शोषण कर रहे हैं। ऐसे दावों का कोई वैज्ञानिक या प्रमाणित आधार नहीं है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले ऐसे वीडियो और दावों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी चमत्कारिक दावे पर विश्वास करने से पहले तथ्यों की जांच करना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। जागरूकता ही ऐसे कथित तांत्रिकों और ठगी के जाल से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

  • स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पैडलिंग, फिट इंडिया रैली में शामिल हुए सैकड़ों प्रतिभागी

    स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पैडलिंग, फिट इंडिया रैली में शामिल हुए सैकड़ों प्रतिभागी


    मध्य प्रदेश । फिट इंडिया मूवमेंट के तहत उज्जैन में रविवार को एक भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें 300 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आयोजित इस रैली का उद्देश्य नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जल बचत और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजागरूकता फैलाना था।

    इस आयोजन में यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (वाईएचएआई), जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग, क्रीड़ा भारती मालवा प्रांत तथा सोसायटी ऑफ ग्लोबल साइकिल का विशेष सहयोग रहा। रैली का शुभारंभ सिंहस्थ मेला कार्यालय से किया गया, जहां उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप शिवा ने हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को रवाना किया।

    करीब 7 किलोमीटर लंबी यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। प्रतिभागी पॉलीटेक्निक कॉलेज, अपना स्वीट, तीन बत्ती चौराहा, टॉवर चौक, शहीद पार्क, संजीवनी हॉस्पिटल और कालिदास अकादमी जैसे प्रमुख स्थलों से होते हुए पुनः सिंहस्थ मेला कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने फिटनेस, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

    कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि आयोजन को सभी वर्गों के लोगों के लिए समावेशी बनाया गया। जिन लोगों के पास साइकिल उपलब्ध नहीं थी, उनके लिए योग सत्र का आयोजन किया गया। इससे अधिक से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ सके और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व को समझ सके।

    आयोजकों ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को देखते हुए साइकिलिंग को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। साइकिल न केवल शारीरिक फिटनेस बनाए रखने में मदद करती है, बल्कि ईंधन की खपत कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए रैली के माध्यम से लोगों को दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।

    रैली में युवाओं, खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों का उत्साह देखने लायक था। लोगों ने फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के नारों के साथ शहरवासियों को जागरूक करने का प्रयास किया।

    कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित जीवनशैली के महत्व पर भी जोर दिया गया। आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

    सफलतापूर्वक संपन्न हुई इस साइकिल रैली ने एक बार फिर साबित किया कि जब समाज, प्रशासन और सामाजिक संगठन मिलकर किसी अभियान को आगे बढ़ाते हैं, तो उसका प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई देता है। यह आयोजन उज्जैन को फिट, स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जागरूक शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं किंजल दवे और मोनल गज्जर, बाबा का लिया आशीर्वाद

    महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं किंजल दवे और मोनल गज्जर, बाबा का लिया आशीर्वाद


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब प्रसिद्ध गुजराती गायिका किंजल दवे और फिल्म अभिनेत्री मोनल गज्जर ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    दोनों कलाकार सुबह करीब 4 बजे मंदिर परिसर पहुंचीं और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक चलने वाली भस्म आरती में श्रद्धापूर्वक शामिल हुईं। इस दौरान वे लगातार भगवान महाकाल का जाप करती नजर आईं और पूरे समय भक्ति भाव में लीन रहीं। आरती के बीच उन्होंने नंदी महाराज का पूजन भी किया और अपनी मनोकामनाएं भगवान के चरणों में अर्पित कीं।

    भस्म आरती के पश्चात दोनों ने विधिवत रूप से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने उनका स्वागत किया और सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए।

    इस अवसर पर गायिका किंजल दवे ने भावुक होकर कहा कि यह उनका लगभग दो महीनों में दूसरा महाकाल दर्शन है। उन्होंने कहा, “बाबा महाकाल ने मुझे दोबारा यहां बुलाया है, मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानती हूं।” उन्होंने मंदिर प्रबंधन और सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

    अभिनेत्री मोनल गज्जर, जो मुख्य रूप से गुजराती और तेलुगु फिल्मों में सक्रिय हैं, इससे पहले भी 8 अप्रैल को महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आ चुकी हैं। इस बार भी वे पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ आरती में शामिल हुईं।

    मंदिर परिसर में दोनों कलाकारों की उपस्थिति के दौरान भक्तों में उत्साह देखने को मिला, हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप संपन्न हुआ।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती को विशेष महत्व प्राप्त है, और इसमें शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात मानी जाती है। इस अवसर ने एक बार फिर उज्जैन की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व को उजागर किया।

  • विश्व साइकिल दिवस पर सड़कों पर उतरे ITBP जवान, फिट इंडिया का दिया संदेश

    विश्व साइकिल दिवस पर सड़कों पर उतरे ITBP जवान, फिट इंडिया का दिया संदेश


    मध्य प्रदेश । विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर शिवपुरी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईटीआई) द्वारा एक प्रेरणादायी साइकिल रैली का आयोजन किया गया। ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत आयोजित इस रैली का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया।

    रैली का शुभारंभ संस्थान के उप महानिरीक्षक (दूरसंचार) राजेश चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए साइकिलिंग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और तनाव के बीच साइकिल चलाना स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का एक सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। नियमित साइकिलिंग न केवल शरीर को सक्रिय रखती है, बल्कि हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में सहायक होती है।

    राजेश चौधरी ने कहा कि साइकिल चलाने से शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है, शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है और मोटापा, मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि साइकिलिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि यह तनाव और चिंता को कम करने में सहायक होती है तथा व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

    कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। डीआईजी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच साइकिल का उपयोग एक प्रभावी समाधान बन सकता है। साइकिल चलाने से ईंधन की बचत होती है, कार्बन उत्सर्जन कम होता है और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान मिलता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों की बजाय साइकिल का उपयोग करें तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

    इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल चलाने की आदत विकसित करे, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि फिट और स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    रैली में शामिल अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने नियमित व्यायाम और साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। कार्यक्रम का समापन स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि समाज को स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में प्रेरित करने वाला एक सकारात्मक प्रयास भी साबित हुआ।

  • जमीन के बंटवारे पर भाइयों में बवाल, हिस्सेदारी मांगने पर तीसरे भाई की पिटाई

    जमीन के बंटवारे पर भाइयों में बवाल, हिस्सेदारी मांगने पर तीसरे भाई की पिटाई


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के रातोर गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद उस समय हिंसक हो गया जब दो भाइयों पर अपने ही तीसरे भाई के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। घटना में घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, रातोर गांव निवासी अतर सिंह जाटव अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में कुल छह भाई हैं और उनके पिता का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की संपत्ति का औपचारिक बंटवारा नहीं हो पाया है। परिवार के पास मकान, वाहन और अन्य पैतृक संपत्तियां हैं, जिन्हें लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है।

    अतर सिंह का आरोप है कि उनके भाई नेपाल जाटव ने परिवार की अधिकांश संपत्ति पर कब्जा कर रखा है और अन्य भाइयों को उनका हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार रात विवाद बढ़ गया। अतर सिंह के मुताबिक वह मजदूरी कर घर लौटे थे और उन्होंने अपने भाई से संपत्ति के बंटवारे के संबंध में चर्चा की। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई।

    घायल युवक का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर नेपाल जाटव ने उनके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उनके दूसरे भाई विनोद जाटव भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि दोनों भाइयों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। अतर सिंह का कहना है कि उन पर लाठी से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान चप्पलों से भी उन्हें पीटा गया।

    घटना के बाद अतर सिंह घायल अवस्था में घर के आंगन में पड़े रहे। उनकी पत्नी अनिता जाटव ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी उनकी बेटी ने दी थी। जब वह मौके पर पहुंचीं तो उनके पति अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

    घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्रों में पैतृक संपत्ति और जमीन के बंटवारे को लेकर होने वाले विवाद अक्सर पारिवारिक रिश्तों में तनाव पैदा कर देते हैं। कई बार ऐसे मामले हिंसक झगड़ों में बदल जाते हैं, जिससे परिवारों में लंबे समय तक कटुता बनी रहती है। रातोर गांव की यह घटना भी इसी प्रकार के विवाद का उदाहरण बनकर सामने आई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं घायल युवक का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है।

  • इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और फिर धमकियां: इंदौर में कॉलेज छात्रा की शिकायत पर केस दर्ज

    इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और फिर धमकियां: इंदौर में कॉलेज छात्रा की शिकायत पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश । इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती के बाद एक कॉलेज छात्रा को कथित रूप से परेशान करने और धमकाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर उससे दोस्ती की, लेकिन बाद में उसके शादीशुदा होने की जानकारी सामने आने पर जब उसने संबंध समाप्त कर दिए तो युवक उसे लगातार परेशान करने लगा।

    पुलिस के अनुसार छात्रा की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से सिद्धार्थ पचोरे नामक युवक से हुई थी। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया। शिकायत के मुताबिक इसी दौरान आरोपी ने छात्रा के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। भरोसे में आकर छात्रा ने भी इस संबंध को गंभीरता से लिया और दोनों के बीच बातचीत जारी रही।

    कुछ समय बाद छात्रा को जानकारी मिली कि युवक पहले से विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद छात्रा ने आरोपी से इस बारे में सवाल किया। आरोप है कि युवक ने जवाब में पत्नी को तलाक देने की बात कही, लेकिन छात्रा ने उस पर विश्वास नहीं किया और उससे दूरी बना ली। इसके बाद उसने बातचीत पूरी तरह बंद कर दी।

    पीड़िता का आरोप है कि संपर्क खत्म होने के बाद आरोपी का व्यवहार आक्रामक हो गया। वह लगातार फोन, संदेश और अन्य माध्यमों से छात्रा पर दबाव बनाने लगा। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी आत्महत्या करने और उसमें छात्रा को फंसाने जैसी धमकियां देता था। इतना ही नहीं, उसने युवती के परिजनों को भी संदेश भेजकर मानसिक रूप से परेशान करने का प्रयास किया।

    छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उसका पीछा भी करता था और रास्ते में रोककर बातचीत करने का दबाव बनाता था। शिकायत के अनुसार कुछ दिन पहले शाम के समय जब वह घर से बाहर निकली तो आरोपी ने रास्ते में रोककर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद छात्रा ने परिवार को पूरी जानकारी दी और फिर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इसी बीच शहर में छेड़छाड़ का एक अन्य मामला भी सामने आया है। पुलिस ने 17 वर्षीय स्कूली छात्रा की शिकायत पर एक युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार छात्रा जब सामान लेकर घर लौट रही थी, तब आरोपी ने उसे रास्ते में रोक लिया और मोबाइल नंबर मांगने लगा। आरोप है कि युवक ने जबरन उसका हाथ पकड़ने की भी कोशिश की। छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    दोनों मामलों ने एक बार फिर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।