Category: Madhya Pradesh

  • MP में बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल, गृह विभाग ने बदली कई अफसरों की कुर्सी

    MP में बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल, गृह विभाग ने बदली कई अफसरों की कुर्सी


    भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। यह आदेश दिनांक 05 जून 2026 को जारी किया गया, जिसमें कई पुलिस अधिकारियों और निरीक्षकों के स्थानांतरण एवं नई पदस्थापना की सूची जारी की गई है। इस आदेश का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करना बताया जा रहा है।

    जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जिलों एवं पुलिस इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से हटाकर नवीन पदस्थापना पर भेजा गया है। इनमें कई पुलिस निरीक्षक, सहायक पुलिस अधिकारी तथा अन्य संवर्ग के अधिकारी शामिल हैं। सूची में कुछ अधिकारियों को जिला स्तर पर इधर-उधर किया गया है, जबकि कुछ को विशेष पुलिस इकाइयों में नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

    गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे शीघ्र अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। आदेश में प्रशासनिक जरूरतों और कार्यहित को आधार बताते हुए यह फेरबदल किया गया है।

    सूत्रों के अनुसार यह तबादला सूची पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। कुछ अधिकारियों को अपराध नियंत्रण इकाइयों में भेजा गया है, जबकि कुछ को थाना स्तर पर नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। इसके साथ ही कुछ अधिकारियों को प्रशासनिक इकाइयों में भी स्थानांतरित किया गया है।

    गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार समय-समय पर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए इस तरह के तबादले करती रही है। इस नवीन आदेश को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पुलिस विभाग के कार्यों में गति लाने और जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

    इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल देखी जा रही है। जिन अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ है, वे अब नए स्थानों पर अपनी जिम्मेदारियाँ संभालेंगे। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फेरबदल से कई बार कार्यप्रणाली में सुधार आता है और जिलों में कानून व्यवस्था को नई दिशा मिलती है। फिलहाल सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन करते हुए तुरंत नई पदस्थापना पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • बेरोजगारी से ‘किन्नर गैंग’ तक: ट्रेनों में वसूली का नया नेटवर्क, यूपी–बिहार के युवक निकले मास्टरमाइंड

    बेरोजगारी से ‘किन्नर गैंग’ तक: ट्रेनों में वसूली का नया नेटवर्क, यूपी–बिहार के युवक निकले मास्टरमाइंड


    मध्य प्रदेश । जबलपुर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों से वसूली के नाम पर चल रहे एक संगठित नेटवर्क का रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि कई किन्नर के वेश में दिखने वाले लोग असल में युवक हैं, जो बेरोजगारी और आसान कमाई के लालच में यह तरीका अपना रहे थे।

    RPF की हालिया कार्रवाई में पकड़े गए तीन संदिग्धों के बाद यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि वे महिलाएं या वास्तविक किन्नर नहीं, बल्कि युवक हैं जो पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से वेश बदलकर ट्रेनों में यात्रियों से पैसे वसूलते हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा नेटवर्क है, जिसमें यूपी और बिहार के कई युवक शामिल हैं। ये लोग जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और इटारसी जैसे बड़े रेलवे जंक्शन वाले क्षेत्रों में सक्रिय हैं और किराए के मकानों में रहकर अपना संचालन करते हैं।

    पकड़े गए आरोपियों में कानपुर के रहने वाले आशीष (बदला हुआ नाम आशी), महेश (माही) और पिंचू (तरन्नुम) शामिल हैं। ये लोग घर से सामान्य कपड़ों में निकलते हैं, लेकिन स्टेशन के पास पहुंचते ही साड़ी और सूट पहनकर किन्नर का रूप धारण कर लेते हैं। भारी मेकअप, सिंदूर और व्यवहारिक शैली अपनाकर ये यात्रियों को भ्रमित करते हैं और वसूली करते हैं।

    RPF जांच में सामने आया कि ये लोग यात्रियों से प्रति व्यक्ति ₹10 से ₹100 तक वसूलते हैं। रोजाना इनकी कमाई ₹1,500 से ₹2,000 तक पहुंच जाती है। कई मामलों में तो ये QR कोड के जरिए डिजिटल भुगतान भी स्वीकार करते हैं।

    पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि इनमें से कुछ युवकों ने पहले नौकरी की तलाश की, लेकिन रोजगार न मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया से प्रेरित होकर यह रास्ता चुना। आसान कमाई और कम कानूनी जोखिम को देखते हुए यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।

    RPF अधिकारियों के अनुसार, पिछले छह महीनों में करीब 120 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 60 प्रतिशत युवक निकले हैं। यह गिरोह यात्रियों की असहज स्थिति और डर का फायदा उठाकर लगातार अवैध वसूली कर रहा था।

    इस मामले के सामने आने के बाद असली किन्नर समुदाय ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नकली वसूली करने वाले युवक पूरे समुदाय की छवि खराब कर रहे हैं और प्रशासन को ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    रेलवे सुरक्षा बल अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि इसके पीछे मौजूद बड़े गिरोह और आर्थिक कनेक्शन का पता लगाया जा सके।

  • साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़

    साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर कैफे की आड़ में चल रहे अवैध रेल ई-टिकट कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से कुल 74 अवैध ई-टिकट बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए टिकटों की कुल कीमत करीब ₹1,24,549 आंकी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित झा (35) के रूप में हुई है, जो न्यू शोभापुर कॉलोनी का निवासी बताया गया है। आरपीएफ ने उसके पास से कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग अवैध टिकट बुकिंग में किया जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट जबलपुर को सूचना मिली थी कि रांझी क्षेत्र में स्थित एक साइबर कैफे और ऑनलाइन शॉप के जरिए अवैध रूप से ई-टिकट बेचे जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसआई योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और आरोपी को मौके से पकड़ लिया।

    जांच में सामने आया कि आरोपी “सन साइबर कैफे” के नाम से दुकान संचालित कर रहा था और एमपीऑनलाइन के साथ-साथ छह अलग-अलग आईआरसीटीसी यूजर आईडी का उपयोग कर व्यावसायिक स्तर पर टिकट बुकिंग कर रहा था। वह यात्रियों से प्रति टिकट ₹50 से ₹100 तक अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा था, जिससे अवैध कमाई की जा रही थी।

    आरपीएफ की जांच में 74 ई-टिकट बरामद हुए, जिनमें 6 लाइव टिकट शामिल हैं जिनकी कीमत ₹11,152 है, जबकि 68 पुराने टिकटों की कीमत ₹1,13,397 पाई गई। इस तरह कुल जब्ती की कीमत ₹1,24,549 आंकी गई।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेता था। अब आरपीएफ संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    पूरी कार्रवाई के बाद आरोपी को आरपीएफ पोस्ट जबलपुर लाया गया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे बंध पत्र पर रिहा कर दिया गया।

  • रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई

    रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर रेलखंड में पदस्थ एक रेलवे अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद टीम आरोपी को जबलपुर लेकर पहुंची और उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 5 दिन की रिमांड की मांग की गई है।

    मामला रेलवे के सागर रेलखंड से जुड़ा है, जहां गिट्टी सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी। आरोप है कि इसी राशि को जारी करने के बदले सेक्शन इंजीनियर ने ठेकेदार से ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। जब ठेकेदार ने रिश्वत देने से इनकार किया तो अधिकारी ने उसकी सिक्योरिटी राशि रोक दी।

    इसके बाद ठेकेदार ने पूरे मामले की शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई एसपी कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए ठेकेदार को सागर के एक होटल में बुलाया था। तय योजना के तहत सीबीआई टीम सादी वर्दी में पहले से ही होटल के आसपास तैनात थी। जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी को ₹1 लाख की राशि सौंपी, टीम ने तुरंत उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

    सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी से आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य संभावित मामलों और नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

  • भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, पंचामृत से लेकर भस्म अर्पण तक पूरी हुई महापूजा

    भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, पंचामृत से लेकर भस्म अर्पण तक पूरी हुई महापूजा


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और वैदिक विधियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही पूरे परिसर में मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन की ध्वनि गूंज उठी।

    सभा मंडप में सबसे पहले वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन किया गया और उसके बाद घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा ली गई। इसके बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए और गर्भगृह में पुजारियों ने विधिवत पूजा आरंभ की।

    गर्भगृह में भगवान महाकाल का श्रृंगार उतारकर सबसे पहले पंचामृत पूजन किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया, जिसके बाद कर्पूर आरती संपन्न हुई। इसके साथ ही नंदी हॉल में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन भी किया गया।

    इसके बाद जलाभिषेक कर भगवान महाकाल का पुनः शुद्धिकरण किया गया। फिर उन्हें रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट, रुद्राक्ष की माला, शेषनाग का रजत मुकुट, सुगंधित पुष्पमालाएं और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवे और भस्म अर्पित कर भगवान को अलौकिक स्वरूप प्रदान किया गया।

    पूजा के अगले चरण में फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। इस संपूर्ण भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरागत रूप से भगवान को भस्म अर्पित की गई।

    मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जिसे अत्यंत दिव्य और दुर्लभ माना जाता है।

  • उज्जैन के शिवोहम तिवारी का नेशनल टीम में चयन, स्टेट स्विमिंग में 6 पदकों के साथ मचाया धमाल

    उज्जैन के शिवोहम तिवारी का नेशनल टीम में चयन, स्टेट स्विमिंग में 6 पदकों के साथ मचाया धमाल


    मध्य प्रदेश । रीवा में आयोजित 54वीं स्टेट ओपन स्विमिंग चैंपियनशिप में उज्जैन के युवा तैराकों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। 30 मई से 2 जून तक चली इस प्रतियोगिता में उज्जैन के कुल 6 तैराकों ने 19 पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की, जिसमें 2 स्वर्ण, 5 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं।

    इसके साथ ही उज्जैन की अन्य युवा प्रतिभाओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जुनीना हुसैन ने 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले, 800 मीटर और 1500 मीटर फ्री स्टाइल जैसी कठिन स्पर्धाओं में 5 पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की। आध्या राय ने बैकस्ट्रोक स्पर्धा में पदक हासिल किया, जबकि समर्थ गेहलोत ने कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में योगदान दिया।

    कुल मिलाकर उज्जैन के तैराकों ने प्रतियोगिता में शानदार तालमेल और मेहनत का परिचय देते हुए 19 पदकों के साथ जिले का मान बढ़ाया। शिवोहम तिवारी के राष्ट्रीय स्तर पर चयन को स्थानीय खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    परिवार के अनुसार, शिवोहम पूरे वर्ष नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ तैयारी करते हैं। उनके पिता ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि लगातार प्रशिक्षण और समर्पण ने ही यह सफलता दिलाई है।

    शिवोहम ने अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई रेसों के कारण थकान जरूर थी, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए हर स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। वर्तमान में वे 11वीं कक्षा के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ खेल को संतुलित कर आगे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। यह उपलब्धि उज्जैन के खेल जगत के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है और इससे युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।

  • कैलाश खेर ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, बोले- “बाबा की कृपा से जन्मों के पाप धुल जाते हैं”

    कैलाश खेर ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, बोले- “बाबा की कृपा से जन्मों के पाप धुल जाते हैं”


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम का गवाह बना, जब प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर शुक्रवार तड़के भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। वे विशेष रूप से भस्म आरती में शामिल हुए और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

    कैलाश खेर सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य दृश्य देखा। आरती के दौरान वे पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए। लगभग दो घंटे तक उन्होंने आरती का अनुभव लिया और इसके बाद नंदी जी का पूजन-अभिषेक किया। उन्होंने नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की, जैसा कि परंपरा के अनुसार श्रद्धालु करते हैं।

    इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार के माध्यम से पुजारी के जरिए भगवान महाकाल को जल अर्पित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के पश्चात मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उनका सम्मान किया गया।

    इस आध्यात्मिक अनुभव के बाद कैलाश खेर ने कहा कि महाकाल के दरबार में पहुंचना स्वयं में एक दिव्य अनुभूति है। उनके अनुसार, जो भी श्रद्धालु यहां आता है, वह आध्यात्मिक रूप से शुद्ध होता है और जन्मों के पापों से मुक्ति का अनुभव करता है। उन्होंने भस्म आरती को अत्यंत पवित्र और दुर्लभ दर्शन बताया और कहा कि यह केवल भगवान महाकाल की विशेष कृपा से ही संभव हो पाता है।

    उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है।

    महाकाल मंदिर में हुई यह उपस्थिति एक बार फिर इस बात का प्रमाण है कि यह स्थान केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं और कलाकारों के लिए भी आध्यात्मिक आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

  • महाकाल मंदिर को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, AI आधारित सुरक्षा सिस्टम की हुई सराहना

    महाकाल मंदिर को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, AI आधारित सुरक्षा सिस्टम की हुई सराहना


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर अब केवल आस्था का प्रमुख केंद्र ही नहीं रहा, बल्कि यह देश के सबसे आधुनिक और हाईटेक धार्मिक स्थलों में भी शामिल हो गया है। केंद्र सरकार ने मंदिर की अत्याधुनिक एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चयनित किया है। इस सम्मान के पीछे मंदिर परिसर में लागू की गई ‘त्रिनेत्र’ नामक स्मार्ट निगरानी व्यवस्था प्रमुख कारण बनी है।

    मंदिर परिसर और महाकाल रुद्रसागर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एरिया (MRIDA) में 500 से अधिक एआई-सक्षम कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे लगातार निगरानी करते हैं। यह प्रणाली भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा नियंत्रण और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए विकसित की गई है। फेसियल रिकॉग्निशन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और रियल टाइम वीडियो एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों ने इसे देश की सबसे उन्नत सुरक्षा प्रणालियों में शामिल कर दिया है।

    लाखों श्रद्धालुओं की दैनिक आवाजाही के बीच यह तकनीक हर गतिविधि पर नजर रखती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान होते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है, जिससे प्रशासन को त्वरित कार्रवाई का अवसर मिलता है। इस कारण इसे “महाकाल की तीसरी आंख” भी कहा जाने लगा है।

    राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार के लिए चयन से पहले केंद्र सरकार की एक विशेषज्ञ टीम ने उज्जैन पहुंचकर पूरे सिस्टम का गहन निरीक्षण किया था। इसके बाद उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने 13 सदस्यीय जूरी के सामने इस परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। तकनीकी मूल्यांकन और प्रस्तुति के आधार पर ‘त्रिनेत्र’ परियोजना को देश की सर्वश्रेष्ठ डिजिटल और स्मार्ट गवर्नेंस परियोजनाओं में शामिल किया गया।

    यह पुरस्कार 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ उज्जैन ने डिजिटल प्रशासन और स्मार्ट धार्मिक प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है।

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य लगातार ई-गवर्नेंस, नवाचार और तकनीक आधारित जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

    आज महाकाल मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के अग्रणी मॉडल के रूप में उभर रहा है। एआई आधारित यह प्रणाली आने वाले समय में अन्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित हो सकती है।

  • अहमदाबाद से रवाना होगा शव, फ्लाइट का इंतजार करते समय हुआ था हमला

    अहमदाबाद से रवाना होगा शव, फ्लाइट का इंतजार करते समय हुआ था हमला


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Ujjain से जुड़े एक दर्दनाक अंतरराष्ट्रीय हादसे में ईरान में हुए हमले के दौरान मारे गए भारतीय नागरिक मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर शुक्रवार को भारत पहुंच गया। शव पहले अहमदाबाद एयरपोर्ट लाया गया, जहां से अब उसे सड़क मार्ग से उज्जैन लाया जा रहा है। दोपहर तक शव के उज्जैन पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह घटना उस समय हुई जब मंजूर अहमद कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान ड्रोन और मिसाइल हमले में उनकी मौत हो गई।

    एयरपोर्ट पर अचानक हुआ हमला
    जानकारी के अनुसार यह हमला कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर हुआ, जहां भारी धमाकों और मिसाइल हमले के चलते अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कई यात्री घायल भी हुए। मंजूर अहमद उसी समय फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे और हमले की चपेट में आ गए। उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।

    शादी में आने वाले थे भारत
    मृतक के परिजनों के अनुसार मंजूर अहमद 8 जून को रतलाम में होने वाली अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे थे। वे लंबे समय से विदेश में काम कर रहे थे और परिवार से मिलने का इंतजार कर रहे थे। उनके बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि पिता की आखिरी बातचीत मंगलवार शाम हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे कुवैत से मुंबई पहुंचेंगे और वहां से ट्रेन के जरिए मध्य प्रदेश आएंगे।

    30 साल से विदेश में कर रहे थे काम
    मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से विदेश में रहकर टेलरिंग का काम कर रहे थे। वे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर थी। वे समय-समय पर घर आते रहते थे, लेकिन अधिकतर समय विदेश में ही काम करते थे।

    अहमदाबाद से उज्जैन लाया जा रहा शव
    मृतक का पार्थिव शरीर शुक्रवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से औपचारिकताओं के बाद उसे सड़क मार्ग से उज्जैन भेजा गया। स्थानीय प्रशासन और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए हैं। परिवार और रिश्तेदारों के घर पर शोक का माहौल है। जैसे ही मौत की खबर आई, आसपास के लोग और परिचित बड़ी संख्या में घर पहुंचने लगे।

    भारत ने हमले की निंदा की
    इस घटना पर भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच आम नागरिकों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

    पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा
    इस हमले को लेकर ईरान और अन्य देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इसे अपनी सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

  • शिप्रा एक्सप्रेस में मिली 1.5 करोड़ की हेरोइन, उज्जैन स्टेशन पर आरोपी दबोचा गया

    शिप्रा एक्सप्रेस में मिली 1.5 करोड़ की हेरोइन, उज्जैन स्टेशन पर आरोपी दबोचा गया


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Ujjain रेलवे स्टेशन पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शिप्रा एक्सप्रेस से 1.067 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मादक पदार्थ की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर यह खेप पश्चिम बंगाल ले जा रहा था।

    इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नारकोटिक्स और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारी ट्रेन के जनरल कोच में तलाशी अभियान चलाते और संदिग्ध आरोपी को पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है, जिसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।

    खुफिया सूचना के बाद स्टेशन पर बिछाया गया जाल
    जानकारी के अनुसार, Central Bureau of Narcotics को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि शिप्रा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22911) के माध्यम से बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही एजेंसी ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ संयुक्त रणनीति तैयार की।

    गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे ट्रेन के उज्जैन स्टेशन पहुंचने से पहले ही अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ा दी। ट्रेन रुकते ही जनरल कोच में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान अधिकारियों की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी, जिसकी गतिविधियां सामान्य यात्रियों से अलग दिखाई दे रही थीं।

    बैग की तलाशी में खुला बड़ा राज
    संदेह के आधार पर युवक को रोककर उसके हैंडबैग की जांच की गई। तलाशी के दौरान बैग में छिपाकर रखे गए दो पैकेट बरामद हुए। जब पैकेटों की जांच की गई तो उनमें कुल 1.067 किलोग्राम हेरोइन मिली। अधिकारियों ने मौके पर ही मादक पदार्थ को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। बरामद हेरोइन की मात्रा और उसकी कीमत को देखते हुए इसे हाल के समय की महत्वपूर्ण नारकोटिक्स कार्रवाई माना जा रहा है।

    राजस्थान से हावड़ा तक फैला था सप्लाई रूट
    जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमेश चंद्र के रूप में हुई है, जो राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि हेरोइन की खेप राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से पश्चिम बंगाल के हावड़ा भेजी जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क में उज्जैन एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप किसे सौंपी जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    वीडियो में दिखी पूरी कार्रवाई
    कार्रवाई का जो वीडियो सामने आया है, उसमें अधिकारी ट्रेन रुकते ही जनरल कोच में प्रवेश कर यात्रियों और सामान की जांच करते नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद संदिग्ध युवक को प्लेटफॉर्म पर लाकर उसके बैग की तलाशी ली जाती है। बैग से हेरोइन बरामद होने के बाद अधिकारियों द्वारा उसे हिरासत में लेते हुए भी देखा जा सकता है। यह वीडियो एजेंसियों की सतर्कता और योजनाबद्ध कार्रवाई को भी दर्शाता है, जिसके चलते बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ को गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया।

    नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
    सीबीएन ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच का फोकस पूरे ड्रग तस्करी नेटवर्क की पहचान करने और इसके अन्य सदस्यों तक पहुंचने पर है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में पूछताछ से अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। एजेंसी सप्लाई चेन, फंडिंग नेटवर्क और तस्करी के रूट की भी गहन जांच कर रही है।