Category: Madhya Pradesh

  • JCB के आगे लेट गए थे पेट्रोल पंप कर्मचारी, अब सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, जमीन विवाद में नया मोड़

    JCB के आगे लेट गए थे पेट्रोल पंप कर्मचारी, अब सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, जमीन विवाद में नया मोड़


    शिवपुरी । शिवपुरी के झांसी तिराहा स्थित गांधी पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद एक नए मोड़ पर आ गया है। मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई हुई जहां मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया गया। इस मामले में शिवपुरी नगर पालिका परिषद और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पक्ष बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार यह मामला 28 सितंबर को दर्ज हुआ था और मंगलवार को जस्टिस एमएम सुंदरेश तथा जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ के सामने सुनवाई हुई।

    दरअसल गांधी पेट्रोल पंप जिस जमीन पर संचालित हो रहा है उसे शिवपुरी नगर पालिका ने वर्ष 1960 में मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स को लीज पर दिया था। यह लीज 25 साल के लिए थी। इसके लिए 4472 रुपए प्रीमियम तय किया गया था जबकि सालाना किराया 279 रुपए 50 पैसे रखा गया था। इसी जमीन पर बाद में पेट्रोल पंप का संचालन शुरू हुआ। निर्धारित 25 साल की लीज अवधि पूरी होने के बाद जमीन की लीज का नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद नगर पालिका ने जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी और मामला कानूनी विवाद में बदल गया।

    जमीन खाली कराने को लेकर नगर पालिका और पेट्रोल पंप संचालक के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला नगर पालिका के पक्ष में आया था। इसके बाद नगर पालिका की ओर से जमीन खाली कराने के लिए नोटिस भी जारी किया गया। हालांकि इसके बावजूद जमीन को लेकर विवाद समाप्त नहीं हुआ और मामला आगे बढ़ते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

    सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के एक दिन पहले ही शिवपुरी में इस जमीन को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला था। सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा जेसीबी और डंपर लेकर गांधी पेट्रोल पंप पहुंची थीं। उद्देश्य जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू करना था। जैसे ही जेसीबी से कार्रवाई शुरू करने की कोशिश हुई पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी जेसीबी के सामने ही लेट गए जिसके बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
    सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के एक दिन पहले ही शिवपुरी में इस जमीन को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला था। सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा जेसीबी और डंपर लेकर गांधी पेट्रोल पंप पहुंची थीं। उद्देश्य जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू करना था। जैसे ही जेसीबी से कार्रवाई शुरू करने की कोशिश हुई पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी जेसीबी के सामने ही लेट गए जिसके बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    विरोध के कारण नगर पालिका की कार्रवाई रोकनी पड़ी और करीब दो घंटे तक मौके पर हंगामे की स्थिति बनी रही। इस दौरान जमीन खाली कराने की कोशिश और कर्मचारियों के विरोध के चलते मामला काफी चर्चा में रहा। नगर पालिका की ओर से जमीन पर अपने अधिकार और लीज अवधि पूरी होने का हवाला दिया जा रहा है जबकि पेट्रोल पंप संचालक की ओर से मामले को लेकर कानूनी रास्ता अपनाया गया।

    अब सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद इस जमीन विवाद में नगर पालिका की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सोमवार को जेसीबी के सामने कर्मचारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रुक गई थी लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के ताजा फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर अगला कदम क्या होगा इस पर सभी की नजर बनी हुई है। गांधी पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर कई वर्षों से चल रहा यह विवाद अब निर्णायक कार्रवाई की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

  • मनपुरा PHC में डॉक्टर की मांग को लेकर आरपार, छठे दिन भी नहीं टूटा दिनेश सगर का अनशन, प्रशासन पर उठे सवाल

    मनपुरा PHC में डॉक्टर की मांग को लेकर आरपार, छठे दिन भी नहीं टूटा दिनेश सगर का अनशन, प्रशासन पर उठे सवाल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के मनपुरा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 24 घंटे नियमित डॉक्टर की तैनाती की मांग को लेकर दिनेश सगर का अनशन छठे दिन भी जारी है। दिनेश सगर खुले आसमान के नीचे अन्न जल त्यागकर अनशन पर बैठे हैं। छह दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त सुविधाएं और नियमित डॉक्टर नहीं होने से क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।

    दिनेश सगर का कहना है कि छह दिनों से जारी भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन 5 किलो 400 ग्राम से ज्यादा कम हो चुका है। उन्होंने अपने शुगर लेवल के काफी नीचे पहुंचने की बात भी कही है। इसके बावजूद वह अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक मनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे डॉक्टर की नियमित व्यवस्था नहीं की जाती तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

    दिनेश के समर्थन में अब ग्रामीण भी अनशन स्थल पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मनपुरा और आसपास के लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महत्वपूर्ण है लेकिन नियमित डॉक्टर की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार गंभीर स्थिति में मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि केवल डॉक्टर की तैनाती ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य केंद्र पर जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।

    दिनेश सगर इससे पहले भी अपने विरोध प्रदर्शन के कारण चर्चा में आ चुके हैं। 21 अगस्त को वह पिछोर में शिक्षा स्वास्थ्य और सामाजिक परिवर्तन यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के विरोध में पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। वह रातभर पानी की टंकी पर रहे थे। बाद में प्रशासन की समझाइश के बाद वह नीचे उतरे थे। अब मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की मांग को लेकर उनका अनशन लगातार जारी है।

    वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल कोई डॉक्टर नियमित रूप से पदस्थ नहीं है लेकिन वहां चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं हैं। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर के मुताबिक खोड़ और पिछोर स्वास्थ्य केंद्र से दो डॉक्टरों की सेवाएं मनपुरा में लगाई गई हैं। ये डॉक्टर वहां जाकर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।

    स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक इससे पहले मनपुरा में दो डॉक्टरों की पदस्थापना की गई थी लेकिन दोनों ने वहां ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद नियमित डॉक्टर की पदस्थापना के लिए विभाग की ओर से पत्र लिखा गया है। विभाग का कहना है कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही हैं।

    एक तरफ विभाग वैकल्पिक डॉक्टरों के जरिए सेवाएं जारी होने की बात कह रहा है तो दूसरी तरफ दिनेश सगर और ग्रामीण नियमित 24 घंटे डॉक्टर की मांग पर अड़े हुए हैं। छह दिन से चल रहे अनशन और दिनेश के वजन में कमी की बात के बीच अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द निर्णय होगा और मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर की व्यवस्था की जाएगी।

  • रियाज मंजिल पर किसका हक, आफताब जहां के स्वामित्व पर आपत्ति, 2024 के शत्रु संपत्ति प्रमाण-पत्र की भी होगी जांच

    रियाज मंजिल पर किसका हक, आफताब जहां के स्वामित्व पर आपत्ति, 2024 के शत्रु संपत्ति प्रमाण-पत्र की भी होगी जांच


    भोपाल । भोपाल में नवाबी दौर की संपत्तियों को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक सुनवाई के अगले चरण में पहुंच गया है। बैरागढ़ एसडीएम कोर्ट में मंगलवार को रियाज मंजिल कोठी और खसरा नंबर 42 से जुड़े मामले में दोनों पक्ष अपने रिकॉर्ड और दस्तावेज पेश करेंगे। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन संपत्तियों को नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम से जुड़ा मानते हुए शत्रु संपत्ति के तौर पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं और संबंधित पक्षों ने पुराने सरकारी रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।

    खानूगांव स्थित ऐतिहासिक रियाज मंजिल कोठी के साथ खसरा नंबर 42 के स्वामित्व को लेकर मुख्य विवाद सामने आया है। आपत्तिकर्ताओं का कहना है कि उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन आफताब जहां बेगम के नाम दर्ज नहीं है। उनके अनुसार रिकॉर्ड में इसका संबंध नवाब हमीदुल्लाह खान और बाद में उनकी उत्तराधिकारी नवाब बेगम साजिदा सुल्तान से बताया गया है। ऐसे में केवल किसी व्यक्ति के संपत्ति में रहने के आधार पर उसके कानूनी स्वामित्व को तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए पुराने दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड देखना जरूरी है।

    आपत्तियों में वर्ष 2020 की राजस्व जांच का भी उल्लेख किया गया है। दावा है कि तत्कालीन तहसीलदार संत हिरदाराम नगर ने खसरा नंबर 42 से संबंधित राजस्व प्रकरण में जांच की थी। इस जांच में आफताब जहां के पक्ष में कथित हिबा या दान के आधार पर किए गए नामांतरण के दावे को सिद्ध नहीं माना गया था। अब इसी बिंदु को आधार बनाकर सवाल उठाया गया है कि यदि पिछली राजस्व जांच में उनका मालिकाना हक स्थापित नहीं हुआ था तो वर्ष 2024 में इसी संपत्ति को उनके स्वामित्व वाली मानकर शत्रु संपत्ति घोषित करने का आधार क्या था।

    मामले में 29 अप्रैल 2024 को जारी बताए जा रहे शत्रु संपत्ति प्रमाण-पत्र की प्रामाणिकता और उसे जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। आपत्तिकर्ताओं ने इसे सीधे फर्जी नहीं बताया है बल्कि इसकी मूल फाइल और उससे जुड़े दस्तावेज बुलाने की मांग की है। इसके लिए भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से संबंधित मूल या प्रमाणित रिकॉर्ड मंगाने की मांग की गई है। इसमें नोटशीट अनुमोदन आदेश संपत्ति सत्यापन रिपोर्ट स्वामित्व का आधार और केंद्र तथा राज्य के बीच हुए पत्राचार को शामिल करने की मांग की गई है।

    पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रियाज मंजिल और खसरा नंबर 42 का वास्तविक कानूनी स्वामित्व किसके पास था। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आफताब जहां बेगम के स्वामित्व का आधार क्या था और वर्ष 2024 में जारी प्रमाण-पत्र किन दस्तावेजों और जांच के आधार पर तैयार किया गया।

    नवाबी संपत्तियों का विवाद केवल रियाज मंजिल तक सीमित नहीं है। भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की संपत्तियों को लेकर सैफ अली खान और उनके परिवार के साथ नवाब की तीसरी बेटी राबिया सुल्तान के वारिसों की ओर से भी दावे किए गए हैं। संपत्तियों की जांच और सत्यापन के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की गई है। बैरागढ़ टीटी नगर कोलार हुजूर और गोविंदपुरा के एसडीएम अलग अलग क्षेत्रों में भूमि रिकॉर्ड का सर्वेक्षण और सत्यापन कर रहे हैं।

    विवाद का एक प्रमुख पक्ष शत्रु संपत्ति से भी जुड़ा है। केंद्र सरकार की ओर से पूर्व नवाब की कुछ संपत्तियों को शत्रु संपत्ति माना गया है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया है कि नवाब की बड़ी बेटी आबिदा सुल्तान विभाजन के समय पाकिस्तान चली गई थीं। वहीं सैफ अली खान पटौदी और उनके परिवार की ओर से दावा किया गया है कि उनकी दादी साजिदा सुल्तान वास्तविक उत्तराधिकारी थीं। इस बीच राबिया सुल्तान के वारिसों ने भी अदालत में संपत्तियों के बंटवारे की मांग की है। अब एसडीएम कोर्ट की सुनवाई में सामने आने वाले पुराने रिकॉर्ड इस विवाद को समझने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • जुबिन की परफॉर्मेंस से पहले भोपाल में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस से झड़प, छात्रा भीड़ में दबी

    जुबिन की परफॉर्मेंस से पहले भोपाल में छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस से झड़प, छात्रा भीड़ में दबी


    भोपाल । भोपाल के लाल परेड मैदान में मंगलवार को आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में अलग अलग कॉलेजों से पहुंचे विद्यार्थियों ने रोजगार शिक्षा तकनीक खेल कृषि और नशामुक्ति जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री से सवाल किए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को लेकर कई घोषणाएं भी कीं लेकिन संवाद कार्यक्रम खत्म होने के बाद सिंगर जुबिन नौटियाल की परफॉर्मेंस के दौरान अचानक माहौल गर्म हो गया। बैरिकेडिंग को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बन गई।

    जुबिन नौटियाल के कार्यक्रम में अंदर जाने की कोशिश कर रहे कुछ स्टूडेंट्स बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर हंगामा बढ़ गया। छात्रों की ओर से कुर्सियां और धूल फेंकने की बात सामने आई। इसी दौरान भीड़ में एक छात्रा दब गई और उसके साथ धक्का मुक्की की स्थिति बनी। स्थिति संभालने के दौरान पुलिसकर्मियों ने कुछ छात्रों को थप्पड़ मारे और हल्का बल प्रयोग कर उन्हें पीछे हटाया।

    हंगामा बढ़ने के बाद कुछ बीजेपी नेता मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों को पीछे हटने के लिए कहा। इसके बाद पुलिस बल को वहां से वापस बुला लिया गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसी बीच कार्यक्रम में जुबिन के साथ रोबोट की परफॉर्मेंस भी आकर्षण का केंद्र रही। लाइव प्रस्तुति के दौरान रोबोट के डांस मूव्स देखकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान भी नजर आई।

    यूथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए जिलास्तर पर सरकारी कॉलेजों में निशुल्क कोचिंग शुरू की जाएगी। एमपीपीएससी की परीक्षा अगले साल दो बार कराने की घोषणा भी की गई। इनमें से एक विशेष परीक्षा होगी। रिसर्च के लिए मिलने वाली राशि को 16 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया गया है।

    युवाओं को तकनीक और स्टार्टअप से जोड़ने के लिए सभी सरकारी कॉलेजों में एआई लैब खोलने की बात कही गई। स्टार्टअप से जुड़े नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए पांच करोड़ रुपए का आइडिया फंड बनाने की घोषणा हुई। सरकार एक लाख युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। वर्ष 2027 में रोजगारपरक उद्योगों पर आधारित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की भी बात कही गई। इसके अलावा 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 नई यूनिवर्सिटीज खोलने की घोषणा की गई।

    एआई और स्टार्टअप को लेकर सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में एआई सिटी नॉलेज सिटी और साइंस सिटी विकसित की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप के लिए युवाओं को पांच लाख रुपए तक का अनुदान देने की व्यवस्था है। सरकार युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रही है। इंदौर रीवा और उज्जैन में आईटी पार्क तथा ग्वालियर में टेलीकॉम हब विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया गया।

    खेलों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर खेल मैदान विकसित करने की योजना है। कृषि के क्षेत्र में खेत से फूड प्रोसेसिंग तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने के साथ ड्रैगन फ्रूट और मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही गई। ऑर्गेनिक फार्मिंग कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और डेयरी क्षेत्र पर भी सरकार के फोकस का उल्लेख किया गया।

    नशे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्ष 2029 तक प्रदेश और देश को नशामुक्त करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण परिवार और युवा पीढ़ी प्रभावित होती है और सरकार इस दिशा में कठोर कार्रवाई करेगी।

  • गरबा में रील, लाइक और व्यूज के लिए शामिल न हों मुस्लिम युवा, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने की संयम बरतने की अपील

    गरबा में रील, लाइक और व्यूज के लिए शामिल न हों मुस्लिम युवा, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने की संयम बरतने की अपील

    मध्य प्रदेश।  में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के दौरान माता की आराधना-पूजा, व्रत और गरबा समेत कई धार्मिक आयोजन होते हैं। इसी को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मुस्लिम विद्यार्थियों और युवाओं से जिम्मेदार और संयमित व्यवहार करने की अपील की है। कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमशुल हसन ने युवाओं से कहा है कि वे केवल सोशल मीडिया पर रील, लाइक और व्यूज हासिल करने के लिए किसी धार्मिक आयोजन में अनावश्यक रूप से शामिल होने से बचें। कमेटी का कहना है कि किसी व्यक्ति का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कई बार सिर्फ उसकी व्यक्तिगत गलती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर परिवार और समाज पर भी पड़ सकता है।

    कमेटी ने मुस्लिम युवाओं से गरबा आयोजनों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। साथ ही युवाओं से शांति, संयम, धार्मिक मर्यादा और कानून का पालन करने को कहा गया है। इस संबंध में मुस्लिम त्योहार कमेटी ने शासन-प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध भी किया है। कमेटी ने मांग की है कि 11 अक्टूबर से पहले यह संदेश विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी एवं चिकित्सा संस्थानों और छात्रावासों तक पहुंचाया जाए, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं को समय रहते जागरूक किया जा सके। कमेटी ने कहा है कि युवा सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करें तथा स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करें।

    कमेटी ने युवाओं को ऐसे किसी विवाद, टकराव, उकसावे या अनुचित प्रतिक्रिया से दूर रहने की सलाह दी है, जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए खास तौर पर रील बनाने, लाइक और व्यूज हासिल करने या सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए किसी धार्मिक आयोजन में अनावश्यक रूप से शामिल नहीं होने की अपील की गई है। कमेटी का कहना है कि सोशल मीडिया पर कुछ मिनटों की लोकप्रियता के लिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे बाद में विवाद पैदा हो या परिवार और समाज को परेशानी का सामना करना पड़े।

    शमशुल हसन ने कहा कि जब एक समुदाय की ओर से यह संकेत दिया जा रहा है कि मुस्लिम समाज के लोग उनके धार्मिक आयोजनों से दूरी बनाएं, तो इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के सामाजिक संगठनों, उलेमाओं और काजियों से आगे आने और मुस्लिम समाज के नौजवानों, बच्चों और बच्चियों से गरबा सहित दूसरे धार्मिक आयोजनों से दूरी बनाए रखने की अपील करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमेटी का उद्देश्य किसी धार्मिक आयोजन का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि किसी धार्मिक आयोजन में अनावश्यक रूप से शामिल होकर ऐसा कोई काम नहीं किया जाना चाहिए, जिससे विवाद की स्थिति बने या समाज में तनाव पैदा हो।

    उन्होंने देश और प्रदेश के युवाओं, बच्चों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से भी अपील की कि वे सिर्फ रील, लाइक और व्यूज के लिए किसी धार्मिक आयोजन में शामिल न हों। साथ ही ऐसी कोई रील या वीडियो वायरल न करने को कहा, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों या विवाद की स्थिति पैदा हो। कमेटी की ओर से प्रदेश, जिला और स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में उलेमाओं और सामाजिक संगठनों से संपर्क करने तथा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने को कहा जाएगा। कमेटी जिला प्रशासन से भी संपर्क करेगी और अमन व शांति बनाए रखने का संदेश देगी। कमेटी ने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए वह उलेमाओं, सामाजिक संगठनों और प्रशासन के साथ मिलकर सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

    कमेटी ने स्पष्ट किया है कि उसकी अपील किसी धर्म, धार्मिक आयोजन या गरबा कार्यक्रम के विरोध में नहीं है। इसका उद्देश्य मुस्लिम युवाओं को जिम्मेदार व्यवहार, धार्मिक मर्यादा, कानून के पालन और सामाजिक सद्भाव के प्रति जागरूक करना है। कमेटी ने कहा है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सभी समुदायों को एक-दूसरे की आस्था और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए और किसी भी तरह के विवाद से बचना चाहिए।

  • मेट्रो काम को लेकर विधायक का विरोध, शाही कब्रिस्तान के नीचे रूट पर बोले बिना अनुमति नहीं चलेगा काम

    मेट्रो काम को लेकर विधायक का विरोध, शाही कब्रिस्तान के नीचे रूट पर बोले बिना अनुमति नहीं चलेगा काम


    भोपाल । भोपाल में मेट्रो के फेज 2 के रूट को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार देर रात भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान में मेट्रो की टीम पहुंची और बैरिकेड्स लगाने का काम शुरू किया तो उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील मौके पर पहुंच गए। कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट निकाले जाने को लेकर विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई और मेट्रो तथा पुलिस अधिकारियों से काम रोकने को कहा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि बाहर निकलो वरना मैं बदतमीजी करने लगूंगा। विधायक के इस तेवर के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी हलचल देखने को मिली।

    बताया गया कि देर रात विधायक को जानकारी मिली कि मेट्रो कॉरपोरेशन की टीम कब्रिस्तान के पास बैरिकेड्स लगाने के लिए मशीनें और अन्य सामान लेकर पहुंची है। इसके बाद वह समाज के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब यह शाही कब्रिस्तान की संपत्ति है तो यहां काम शुरू करने से पहले अनुमति ली गई या नहीं। उन्होंने कहा कि पहले शाही औकाफ से अनुमति ली जानी चाहिए और उसके बाद ही किसी तरह का निर्माण कार्य किया जाना चाहिए।

    विधायक आतिफ अकील ने स्पष्ट कहा कि बिना वैधानिक अनुमति के कब्रिस्तान में किसी भी तरह का काम नहीं होना चाहिए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से मशीनें और सामान हटाने की मांग की। विधायक का कहना है कि इस कब्रिस्तान में उनके पूर्वजों की कब्रें हैं और यहां बड़ी संख्या में कब्रें मौजूद हैं। ऐसे में वह कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो लाइन निकाले जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस स्थान से मेट्रो रूट को हटाकर कोई दूसरा विकल्प तलाशा जाना चाहिए।

    दरअसल भोपाल में मेट्रो के ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है। अब फेज 2 में सुभाषनगर से करोंद तक मेट्रो रूट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पूरे कॉरिडोर की लंबाई करीब 16.74 किलोमीटर बताई गई है। इसमें कुछ हिस्सा एलिवेटेड होगा जबकि पुराने शहर के महत्वपूर्ण हिस्से में मेट्रो को अंडरग्राउंड ले जाने की योजना है।

    फेज 2 के तहत करीब 5.38 किलोमीटर हिस्से में छह एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें पुल बोगदा ऐशबाग सिंधी कॉलोनी डीआईजी बंगला कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस हिस्से के निर्माण पर करीब 650 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। वहीं लगभग 3.39 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड रखा गया है। इस हिस्से में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे। अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण पर करीब 890 करोड़ रुपये खर्च होने की योजना है।

    शाही कब्रिस्तान से जुड़े मेट्रो रूट को लेकर मामला पहले से ही विवाद में है। मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में भी इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है और दोनों पक्ष अपना पक्ष रख रहे हैं। ऐसे में विधायक की ताजा आपत्ति ने इस विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। विधायक का कहना है कि जब तक संबंधित संस्था से आवश्यक अनुमति नहीं मिलती तब तक कब्रिस्तान में कोई काम नहीं होना चाहिए।

    अब देखना होगा कि मेट्रो परियोजना और कब्रिस्तान से जुड़े पक्ष के बीच यह विवाद किस तरह सुलझता है। एक तरफ भोपाल में मेट्रो के फेज 2 को तेजी से पूरा करने की कोशिश चल रही है तो दूसरी तरफ शाही कब्रिस्तान से जुड़े रूट को लेकर आपत्ति लगातार सामने आ रही है। ऐसे में इस हिस्से में निर्माण कार्य आगे बढ़ाने से पहले अनुमति और रूट को लेकर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • 'हिन्दू फारसी शब्द, धर्मग्रंथों में कहीं नहीं', दिग्विजय सिंह क्यों निकाल रहे सनातन यात्रा?

    'हिन्दू फारसी शब्द, धर्मग्रंथों में कहीं नहीं', दिग्विजय सिंह क्यों निकाल रहे सनातन यात्रा?


    मुंबई।
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने जा रहे हैं। यह यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी। यात्रा से पहले दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसके उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने दावा किया कि ‘हिन्दू’ शब्द फारसी भाषा से आया है और वेद, पुराण तथा उपनिषदों में इसका उल्लेख नहीं मिलता।

    वीडियो में दिग्विजय सिंह ने विश्व हिंदू परिषद (VHP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विनायक दामोदर सावरकर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘हिन्दू’ शब्द के इस्तेमाल के जरिए हिंदुओं और मुसलमानों तथा हिंदुओं और सिखों के बीच खाई पैदा की गई।

    ‘धर्मग्रंथों में हिन्दू शब्द का इस्तेमाल नहीं’

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि आजकल लोग ‘हिन्दू धर्म’ की जगह ‘सनातन धर्म’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जब से उन्होंने सनातन धर्म शब्द का इस्तेमाल करना शुरू किया, तब से और अधिक लोगों ने भी इस शब्द का प्रयोग शुरू किया है।

    उन्होंने कहा कि ‘हिन्दू’ शब्द फारसी भाषा का है और भारतीय धर्मग्रंथों में इसका उल्लेख नहीं मिलता। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि वेदों, पुराणों और उपनिषदों में कहीं भी हिन्दू शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

    80 साल की उम्र में उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा

    दिग्विजय सिंह ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि लोग उनसे सवाल करते हैं कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके लिए उम्र मायने नहीं रखती और वह खुद को अभी 50 साल का महसूस करते हैं।

    उन्होंने बताया कि यात्रा उज्जैन के शिवधाम से अयोध्या के रामधाम तक जाएगी। उनके मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के वास्तविक अर्थ, उसके मूल विचार और उसके महत्व को लोगों तक पहुंचाना है।

    VHP और सावरकर पर लगाए आरोप

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में सनातन धर्म को लगातार ‘हिन्दू-हिन्दू’ कहने की परंपरा के लिए विश्व हिंदू परिषद और दामोदर सावरकर को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रक्रिया के कारण हिंदुओं और मुसलमानों तथा हिंदुओं और सिखों के बीच विभाजन पैदा हुआ।

    उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी ने सनातन धर्म को अपनाया और उसे अपने जीवन में उतारा।

    ‘पूरी दुनिया को अपना बंधु मानता है सनातन’

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना में पूरी दुनिया को अपना बंधु मानने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म प्राणियों के कल्याण और अधर्म के नाश की बात करता है तथा विश्व के कल्याण की कामना करता है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि विश्व हिंदू परिषद और RSS मिलकर सनातन धर्म के इस मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ में सनातन धर्म का उद्देश्य और महत्व लोगों को बताया जाएगा। यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या पहुंचेगी।

  • MP में Air कनेक्टिविटी के बड़े विस्तार की तैयारी, 10 एयरपोर्ट… 230 विधानसभा में बनेंगे स्थायी हेलीपैड

    MP में Air कनेक्टिविटी के बड़े विस्तार की तैयारी, 10 एयरपोर्ट… 230 विधानसभा में बनेंगे स्थायी हेलीपैड


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में हवाई कनेक्टिविटी (Air Connectivity) को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेश में एयरपोर्ट (Airport), एयरस्ट्रिप और हेलीपैड का नेटवर्क मजबूत कर रही है. सरकार की योजना के तहत आने वाले समय में प्रदेश में 10 एयरपोर्ट, हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, हर 75 किमी पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किमी पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    इतना ही नहीं, प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है. सरकार का दावा है कि इससे आम नागरिकों के साथ-साथ स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और निवेश को भी बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा।

    अभी MP में कितने एयरपोर्ट हैं?
    मध्य प्रदेश में फिलहाल 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और करीब 220 हेलीपैड हैं. साल 2023-24 में प्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो के 5 प्रमुख एयरपोर्ट संचालित थे। इसके बाद रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर एयरपोर्ट की संख्या 8 हो गई. अब उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं. इनके तैयार होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी।


    5 नए एयरपोर्ट की मंजूरी का इंतजार

    राज्य सरकार पांच नए एयरपोर्ट विकसित करने के प्रस्ताव पर भी काम कर रही है. इनकी स्वीकृति केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है. इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है. इसके अलावा उड़ान योजना के तहत प्रदेश की 10 मौजूदा एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है. इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।


    हर 45 किमी पर हेलीपैड का लक्ष्य

    सरकार प्रदेश में हवाई सुविधाओं को जिला मुख्यालयों तक सीमित रखने के बजाय ज्यादा व्यापक नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इसके तहत हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, 75 किमी पर एयरस्ट्रिप और 45 किमी पर हेलीपैड विकसित करने की योजना है। साथ ही प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे आपात स्थिति, वीआईपी मूवमेंट, मेडिकल इमरजेंसी और दूरदराज के क्षेत्रों तक तेज पहुंच में मदद मिलने की उम्मीद है।


    एयर एंबुलेंस से अब तक 186 मरीजों को मदद

    मध्य प्रदेश में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा 29 मई 2024 से संचालित है. आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश के भीतर और प्रदेश से बाहर सरकारी तथा आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा दी जाती है. गैर-आयुष्मान हितग्राहियों को प्रदेश के सरकारी अस्पताल तक निःशुल्क और प्रदेश के बाहर निर्धारित दरों पर यह सुविधा उपलब्ध है. सरकार के अनुसार अब तक 186 मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है।


    हेली टूरिज्म से उज्जैन, ओंकारेश्वर और चंदेरी तक पहुंच आसान

    मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा भी शुरू की गई है. इसके तहत आध्यात्मिक, हेरिटेज और वाइल्डलाइफ पर्यटन के लिए अलग-अलग सेक्टर निर्धारित किए गए हैं।
    – आध्यात्मिक पर्यटन: इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर
    – हेरिटेज पर्यटन: भोपाल-चंदेरी-ओरछा
    – वाइल्डलाइफ पर्यटन: जबलपुर-मैहर-चित्रकूट-कान्हा-बांधवगढ़

    चंदेरी और ओरछा में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध है. सरकार के मुताबिक अब तक 5,200 से ज्यादा यात्रियों ने हेली सेवा का इस्तेमाल किया है और 680 से अधिक जॉय राइड संचालित की जा चुकी हैं।


    इंदौर से अबूधाबी की सीधी उड़ान

    मध्य प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी भी लगातार बढ़ रही है. इंदौर से पहले दुबई के लिए हवाई संपर्क स्थापित हुआ और अब अबूधाबी के लिए सीधी उड़ान शुरू हुई है. इंदौर-अबूधाबी सीधी उड़ान मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान बताई गई है. करीब 3 घंटे 15 मिनट की इस उड़ान से मध्य प्रदेश का खाड़ी क्षेत्र से सीधा हवाई संपर्क मजबूत हुआ है।


    सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में नया एयरपोर्ट

    सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आरसीएस उड़ान 5.2 के तहत शुरुआती चरण में 1,800 मीटर लंबा रनवे विकसित किया जा रहा है. भविष्य में इसे बढ़ाकर 2,700 मीटर किया जाएगा. एयरपोर्ट के तैयार होने के बाद सिंहस्थ के दौरान देशभर से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिल सकता है।


    MP को मिलेगा अपना सरकारी विमान

    मध्य प्रदेश सरकार के बेड़े में नया शासकीय विमान भी शामिल होने जा रहा है. सरकार के मुताबिक अभी चार्टर्ड विमान के इस्तेमाल पर होने वाला खर्च ज्यादा है. नया सरकारी विमान मिलने के बाद विमान संचालन पर होने वाला मासिक खर्च करीब एक-तिहाई रह जाने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार कोविड-19 के दौरान प्रदेश का विमान रेमडेसिविर जैसी जरूरी दवाओं की आपूर्ति करते समय ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद से राज्य सरकार चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल कर रही है।

    MP का हवाई नेटवर्क कितना बड़ा होने वाला है?
    मध्य प्रदेश सरकार की योजना सिर्फ नए एयरपोर्ट बनाने तक सीमित नहीं है. एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप, हेलीपैड, एयर एंबुलेंस, हेली टूरिज्म और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को एक साथ विस्तार देने की तैयारी है। 10 एयरपोर्ट + 75 किमी पर एयरस्ट्रिप + 45 किमी पर हेलीपैड + 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड का यह नेटवर्क आने वाले वर्षों में प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया स्वरूप दे सकता है. खासतौर पर सिंहस्थ-2028, मेडिकल इमरजेंसी, पर्यटन और निवेश के लिहाज से इसे अहम माना जा रहा है।

  • MP में चक्रवाती सिस्टम का असर, जबलपुर-रीवा-शहडोल में 4 दिन बारिश की संभावना

    MP में चक्रवाती सिस्टम का असर, जबलपुर-रीवा-शहडोल में 4 दिन बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम के कारण जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले चार दिन बारिश का दौर रहने का अनुमान है। मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जबकि भोपाल और इंदौर में दिन में तेज धूप और रात में ठंडक रहेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। 7 और 8 अक्टूबर को भी इन इलाकों में बारिश हो सकती है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में चक्रवाती सिस्टम के साथ पश्चिमी विक्षोभ का असर भी बना हुआ है।

    दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक

    प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम में बदलाव का दौर अभी जारी है। दिन में आसमान साफ रहने से कई शहरों में तेज धूप निकल रही है और अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। वहीं, रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस होने लगी है।

    बीती रात इंदौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद बैतूल में 17.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.6 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम का ट्रेंड इसी तरह रहने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने से धूप तेज हुई है, जबकि रात में ठंडक बढ़ गई है।

    100 दिन सक्रिय रहा मानसून

    मध्य प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। मानसून ने 24 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से इसकी विदाई हो गई।

    मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में ओवरऑल सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

    पूर्वी MP में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश

    बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में अंतर देखने को मिला। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।

    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य की तुलना में 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    मानसून की विदाई के बाद अब प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी और मध्य हिस्सों में जहां दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, वहीं रात के तापमान में गिरावट ने ठंडक बढ़ा दी है। दूसरी ओर, पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

  • लाल परेड मैदान में कल 20 हजार से ज्यादा युवाओं से संवाद करेंगे CM मोहन यादव, जुबिन नौटियाल का कंसर्ट भी

    लाल परेड मैदान में कल 20 हजार से ज्यादा युवाओं से संवाद करेंगे CM मोहन यादव, जुबिन नौटियाल का कंसर्ट भी

    भोपाल ।  सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन छह अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में युवा शक्ति से जुड़े विषयों पर संवाद और मार्गदर्शन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। कार्यक्रम में पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई के कबीर कैफे की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन को लेकर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने लाल परेड मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी कक्षों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कॉन्क्लेव में युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसमें रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार, अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों को प्रमुखता दी जाएगी। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को शिक्षा और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के साथ उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है।

    कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और नवोदित उद्यमों की सहभागिता रहेगी। इनके माध्यम से युवाओं को रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में बदलती जरूरतों तथा उपलब्ध अवसरों से परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही युवा प्रतिभागियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया है, जिसमें जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी।

    आयोजन में 17 शासकीय विभागों और विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता रहेगी। उच्च शिक्षा, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष तथा पुलिस एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े विभाग इसमें शामिल होंगे। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी युवाओं को देंगे। इस तरह कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, उद्यमिता, नवाचार और तकनीक से जुड़े विषयों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।