Category: Madhya Pradesh

  • पेपर लीक के विरोध में शिवपुरी के छात्र लामबंद, आंदोलन की अनुमति के लिए कलेक्टर को दिया ज्ञापन

    पेपर लीक के विरोध में शिवपुरी के छात्र लामबंद, आंदोलन की अनुमति के लिए कलेक्टर को दिया ज्ञापन


    शिवपुरी । पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं के विरोध में अब शिवपुरी के छात्र-छात्राओं ने भी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को लेकर छात्राओं ने जिला प्रशासन से शांतिपूर्ण धरना और रैली की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग रहा है और अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार की जवाबदेही तय होना जरूरी है।

    मंगलवार को छात्रा सोम्या और श्रुति जैन ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से प्रेरित होकर शिवपुरी के छात्र भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए अपने जिले में शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।

    छात्राओं ने 21 से 24 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक शहर के पोलो ग्राउंड और माधव चौक पर धरना देने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही शहर में शांतिपूर्ण रैली निकालने का भी प्रस्ताव रखा गया है। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह संविधान के दायरे में रहेगा और किसी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।

    आवेदन में छात्राओं ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) और 19(1)(ख) के तहत मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का प्रयोग है। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

    छात्राओं का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं का मनोबल पेपर लीक जैसी घटनाओं से टूट रहा है। इससे न केवल ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है बल्कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो युवाओं का भरोसा पूरी परीक्षा व्यवस्था से उठ सकता है।

    फिलहाल छात्र-छात्राएं जिला प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि अनुमति मिलती है तो शिवपुरी में आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में युवा सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। यह आंदोलन केवल पेपर लीक के विरोध तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष जांच और जवाबदेह व्यवस्था की मांग को भी प्रमुखता से उठाएगा। अब निगाहें प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं कि वह इस शांतिपूर्ण आंदोलन को अनुमति देता है या नहीं।

  • श्रद्धालुओं की आस्था पर वार, शिवपुरी के मंदिर से दो दानपात्र चोरी; पुलिस जांच में जुटी

    श्रद्धालुओं की आस्था पर वार, शिवपुरी के मंदिर से दो दानपात्र चोरी; पुलिस जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा स्थित प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में चोरों ने आस्था पर हाथ डालते हुए सीता रसोई को निशाना बनाया। मंगलवार तड़के अज्ञात बदमाश रसोई का ताला तोड़कर अंदर घुसे और वहां रखे दो दानपात्र चोरी कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर समिति में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना करैरा थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    मंदिर परिसर में संचालित सीता रसोई का संचालन अन्नपूर्णा सेवा समिति द्वारा किया जाता है। समिति के सदस्य सुमित तिवारी ने बताया कि यहां प्रत्येक मंगलवार विशाल भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें करीब चार से पांच हजार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 40 से 50 जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार दानपात्र में राशि डालकर इस सेवा कार्य में सहयोग करते हैं।

    मंगलवार सुबह जब समिति के सदस्य भंडारे की तैयारी के लिए सीता रसोई पहुंचे, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर प्रवेश करने पर देखा कि कमरे में रखे दो बड़े बक्सों के ताले भी तोड़े गए थे और उनमें रखे दोनों दानपात्र गायब थे। घटना देखकर समिति के सदस्यों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    समिति के अनुसार, चोरी हुए दानपात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा गुप्त रूप से दान की गई पांच हजार रुपए से अधिक की नकदी होने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक राशि का पता जांच और रिकॉर्ड के आधार पर लगाया जाएगा। समिति के सदस्यों का कहना है कि यह केवल चोरी की घटना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा कार्य पर भी चोट है।

    सूचना मिलते ही करैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।

    मंदिर समिति ने प्रशासन से मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित बनी रहे।
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  • मध्य प्रदेश विधानसभा में 7,765.77 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश, कल होगी चर्चा

    मध्य प्रदेश विधानसभा में 7,765.77 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश, कल होगी चर्चा


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 7,765.77 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इस पर बुधवार, 22 जुलाई को विधानसभा में विस्तृत चर्चा होगी।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बजट पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया। प्रस्तुत बजट में 907.59 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 6,858.18 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें सिंचाई परियोजनाओं, सड़क निर्माण, कृषि, पुलिस आधुनिकीकरण, परिवहन, शिक्षा और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है।

    नर्मदा घाटी विकास विभाग को सबसे बड़ा आवंटन
    अनुपूरक बजट में नर्मदा घाटी विकास विभाग को सबसे अधिक 3,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह राशि विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण कार्यों पर खर्च की जाएगी। वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तहत उपार्जन संस्थाओं को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    सड़क और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर
    लोक निर्माण विभाग को केंद्रीय सड़क निधि, ग्रामीण एवं जिला सड़कों के निर्माण और उन्नयन, भूमि अधिग्रहण मुआवजा, बड़े पुलों के निर्माण, सड़क सुदृढ़ीकरण तथा बीओटी परियोजनाओं के भुगतान के लिए 1,300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग को राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि में अंतरित राशि के रूप में 397.54 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

    किसानों के लिए भी विशेष प्रावधान
    किसानों को राहत देने के उद्देश्य से किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के तहत भावांतर/फ्लैट रेट योजना के लिए 313.18 करोड़ रुपये तथा कपास उत्पादन मिशन के लिए 39.51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    परिवहन और ई-बस सेवा को बढ़ावा
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के लिए 101 करोड़ रुपये तथा पीएम ई-बस सेवा योजना के लिए परिवहन विभाग को 28.26 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से इसी योजना के लिए 21.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया है।

    पुलिस, शिक्षा और पर्यटन को भी अतिरिक्त राशि
    गृह विभाग के तहत अंतर प्रचालित आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) के लिए 98.83 करोड़ रुपये और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 58.52 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

    शिक्षा क्षेत्र में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की लैपटॉप वितरण योजना के लिए 58.07 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

    इसके अलावा पर्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिए 30 करोड़ रुपये, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के लिए 25 करोड़ रुपये, जल संसाधन विभाग में डिक्रीधन भुगतान हेतु 10 करोड़ रुपये तथा घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों की छात्रावास और छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 6.02 करोड़ रुपये का प्रावधान भी इस अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है।

  • सरकारी स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र, मिड-डे मील भी बंद; निरीक्षण में लापरवाही पर शिक्षकों को फटकार

    सरकारी स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र, मिड-डे मील भी बंद; निरीक्षण में लापरवाही पर शिक्षकों को फटकार


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर बैराड़ तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैश ने मंगलवार को पोहरी विकासखंड के सड़ और ककरई गांव के शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़ प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। यहां रिकॉर्ड में 33 छात्र दर्ज थे, लेकिन स्कूल में एक भी छात्र उपस्थित नहीं मिला। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों के लिए बनने वाला मध्यान्ह भोजन भी तैयार नहीं किया गया था।

    निरीक्षण के समय विद्यालय में केवल एक शिक्षक मौजूद थे। छात्रों की शून्य उपस्थिति और मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही देखकर तहसीलदार ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित शिक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।

    दरअसल, जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा ने हाल ही में सभी एसडीएम और तहसीलदारों को ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसी अभियान के तहत मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैश ने सड़ और ककरई गांव के स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य शिक्षा और पोषण योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।

    सड़ प्राथमिक विद्यालय में मिली अव्यवस्थाओं के बाद तहसीलदार ककरई गांव पहुंचे, जहां प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय एक ही भवन में संचालित हो रहे हैं। यहां चार शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन छात्रों की संख्या अपेक्षा से काफी कम थी। कम उपस्थिति को लेकर तहसीलदार ने शिक्षकों से जवाब-तलब किया और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाने तथा अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

    तहसीलदार ने शिक्षकों से कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण पहुंचाना है। यदि विद्यालयों में छात्र ही नहीं आएंगे तो शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में लगातार सामने आ रही कम उपस्थिति और मिड-डे मील जैसी योजनाओं के सही क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। जिला प्रशासन का मानना है कि नियमित निरीक्षण से न केवल व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की उपस्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

  • दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग

    दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म प्रकरण में मंगलवार को नया मोड़ सामने आया, जब आरोपी के पिता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पारिवारिक रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुसार आरोपी बालिग है और मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है।

    आरोपी के पिता अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को उनके पुत्र विशाल के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता महिला और उसके मायके पक्ष से उनके परिवार की पुरानी रंजिश चली आ रही है, जिसके कारण उनके बेटे को साजिश के तहत झूठे प्रकरण में फंसाया गया है।

    पिता ने दावा किया कि जिस समय कथित घटना हुई, उस समय उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। उनके अनुसार, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य इस बात की पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जाए। इसके लिए उन्होंने डीएनए जांच कराने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की। उन्होंने बताया कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।

    आवेदन में पिता ने यह भी कहा कि उनका बेटा नाबालिग है और वर्तमान में पोहरी उप जेल में बंद है। उन्होंने मांग की कि यदि उसकी उम्र नाबालिग साबित होती है तो उसे तत्काल किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किशोर बंदी गृह में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    वहीं बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने आरोपी पक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस ने उपलब्ध शैक्षणिक अंकसूची और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को बालिग माना है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आरोपी पक्ष द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि बैराड़ थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय विवाहिता ने 14 जुलाई को विशाल रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उस पर शादी का दबाव बना रहा था। उसने मार्च 2026 में घर में घुसकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। महिला की अप्रैल 2026 में शादी हो चुकी है। उसका आरोप है कि 12 जुलाई को मायके आने के दौरान आरोपी ने रास्ते में रोककर मारपीट की और दोबारा दुष्कर्म किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पक्षों से मिले साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।

  • सीहोर पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चोर गिरफ्तार; दो घरों की चोरी का खुलासा, लाखों के गहने बरामद

    सीहोर पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चोर गिरफ्तार; दो घरों की चोरी का खुलासा, लाखों के गहने बरामद


    सीहोर । सीहोर जिले की भैरूंदा थाना पुलिस को अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाहन चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दो घरों में हुई नकबजनी और दो मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों का भी खुलासा कर दिया। आरोपी की निशानदेही पर करीब एक लाख रुपए कीमत के चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से थाना क्षेत्र में दर्ज कुल चार मामलों की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद उपजेल भेज दिया है, जबकि उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार, 21 और 24 मार्च को भैरूंदा निवासी अंकित तिवारी और कामिल खान ने अपने घरों में चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में अज्ञात बदमाश रात के समय मकानों के ताले तोड़कर अंदर घुसे और अलमारियों में रखी नकदी तथा कीमती गहने लेकर फरार हो गए थे। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष टीम का गठन किया।

    एसडीओपी रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम दांगी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार संदिग्धों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर भैरूंदा निवासी मुहास उर्फ मुहाज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले वाहन चोरी और बाद में घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

    आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने करीब एक लाख रुपए मूल्य के चांदी के आभूषण बरामद किए। जब्त सामान में चांदी का हार, बच्चों के दो कड़े, दो पायजेब, दो चांदी की पट्टियां और चार बिछिया शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि चोरी गया अन्य सामान और आरोपी के संभावित साथियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने गुड़ बाजार और कॉलोनी क्षेत्र से दो मोटरसाइकिलें भी चोरी की थीं। इस खुलासे के बाद पुलिस ने वाहन चोरी के दोनों मामलों को भी सुलझा लिया। एक ही आरोपी की गिरफ्तारी से चोरी और वाहन चोरी से जुड़े कुल चार मामलों का पर्दाफाश होना पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

    पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे चारों मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उसने अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस का मानना है कि आगे की पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

  • उज्जैन के फ्रीगंज में आधी रात धधकी ड्राई फ्रूट्स की दुकान, तीन दमकलों ने आधे घंटे में पाया काबू

    उज्जैन के फ्रीगंज में आधी रात धधकी ड्राई फ्रूट्स की दुकान, तीन दमकलों ने आधे घंटे में पाया काबू


    उज्जैन । उज्जैन के व्यस्त फ्रीगंज क्षेत्र में सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ड्राई फ्रूट्स और किराना सामान की दुकान में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया। रात के सन्नाटे में उठती लपटों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और बड़ी दुर्घटना होने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात क्षेत्र से गुजर रहे एक दमकलकर्मी की नजर दुकान से निकल रहे धुएं और आग की लपटों पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां और एक पानी का टैंकर घटनास्थल पर पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।

    दमकल विभाग की सतर्कता के कारण आग आसपास की दुकानों तक नहीं फैल सकी। जिस दुकान में आग लगी थी, उसके आसपास कपड़े और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान मौजूद थे। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था और करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका थी। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि फायर विभाग और संबंधित अधिकारी मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। आग से दुकान में हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ड्राई फ्रूट्स और किराना सामान होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे दुकान के अंदर रखा काफी सामान प्रभावित हुआ।

    फ्रीगंज क्षेत्र में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले सितंबर 2025 में घनालाल की चाल स्थित एक सूने मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लगी थी। उस हादसे में करीब आठ लाख रुपये नकद, जेवर और घरेलू सामान जलकर राख हो गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि दुकानों और व्यावसायिक परिसरों में नियमित रूप से विद्युत वायरिंग की जांच, ओवरलोडिंग से बचाव और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फायर विभाग ने भी व्यापारियों से अपील की है कि वे समय-समय पर अपने बिजली के उपकरणों और वायरिंग की जांच कराएं तथा सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे कार्तिक आर्यन, नंदी के कान में कही मनोकामना; भस्म आरती में शामिल हुए ओडिशा के मंत्री

    बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे कार्तिक आर्यन, नंदी के कान में कही मनोकामना; भस्म आरती में शामिल हुए ओडिशा के मंत्री


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार देर रात आस्था और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिला। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन भगवान महाकाल के दरबार पहुंचे और रात्रिकालीन शयन आरती में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा महाकाल से देश-दुनिया की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं मंगलवार तड़के ओडिशा सरकार के राज्य मंत्री गोकुला नंदा ने भी प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

    कार्तिक आर्यन साधारण वेशभूषा में नीली जींस और सफेद शर्ट पहनकर महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्होंने नंदी हॉल में श्रद्धाभाव से हाथ जोड़कर शयन आरती में हिस्सा लिया। पूरे समय अभिनेता पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ आरती में शामिल रहे। आरती के बाद उन्होंने परंपरा के अनुसार नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कही और भगवान महाकाल के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    जैसे ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की नजर कार्तिक आर्यन पर पड़ी, उन्हें देखने और उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साह बढ़ गया। हालांकि अभिनेता ने पूरी सादगी और शांत भाव से दर्शन किए तथा किसी तरह की औपचारिकता के बिना मंदिर से रवाना हो गए। उनकी मौजूदगी से मंदिर परिसर में कुछ देर तक खासा उत्साह बना रहा।

    कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों को लेकर भी चर्चा में हैं। उनकी आने वाली फिल्मों में फैंटेसी कॉमेडी ‘नागजिला’, एक देशभक्ति आधारित एक्शन ड्रामा और निर्देशक कबीर खान की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म शामिल है। ‘चंदू चैंपियन’ के बाद यह उनकी अगली स्पोर्ट्स फिल्म होगी, जिसका प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है।

    इधर मंगलवार तड़के ओडिशा सरकार के मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विकास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गोकुला नंदा भी महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्होंने प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर विधि-विधान से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की और देश तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।

    दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से इंजीनियर शिवकांत पांडे ने राज्य मंत्री का सम्मान किया। उन्हें बाबा महाकाल का प्रसाद और सम्मान स्वरूप स्मृति-चिह्न भेंट किया गया।

    श्रावण मास के दौरान महाकाल मंदिर में देशभर से श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, कलाकार और खिलाड़ी बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार रात अभिनेता कार्तिक आर्यन और मंगलवार सुबह ओडिशा के राज्य मंत्री की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण पैदा किया। महाकाल मंदिर में इन दिनों भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का माहौल चरम पर है।

  • बाबा महाकाल को चढ़े दुनिया के सबसे महंगे आम, 2.70 लाख रुपए किलो वाला मियाज़ाकी भी भोग में शामिल

    बाबा महाकाल को चढ़े दुनिया के सबसे महंगे आम, 2.70 लाख रुपए किलो वाला मियाज़ाकी भी भोग में शामिल


    उज्जैन । श्रावण मास में उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का एक अनोखा और आकर्षक दृश्य देखने को मिला। जबलपुर निवासी एवं महाकाल हाइब्रिड फार्म के संचालक संकल्प सिंह परिहार अपनी पत्नी रानी सिंह परिहार के साथ बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे और उन्होंने भगवान को दुनिया की सबसे दुर्लभ तथा महंगी किस्मों के आम भोग स्वरूप अर्पित किए। इस बार भोग में कुल आठ विदेशी और प्रीमियम वैरायटी के आम शामिल रहे, जिनमें जापान का चर्चित मियाज़ाकी आम सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना।

    संकल्प सिंह परिहार और उनकी पत्नी ने विधि-विधान से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना करने के बाद लगभग पांच किलोग्राम वजन के आठ अलग-अलग प्रीमियम आम अर्पित किए। श्रद्धालुओं के अनुसार यह परंपरा पिछले 12 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। वर्ष 2014 से वे अपने बगीचे की पहली और सबसे श्रेष्ठ उपज सबसे पहले बाबा महाकाल को समर्पित करते हैं। उनका मानना है कि उनके 12 एकड़ में फैले महाकाल हाइब्रिड फार्म की सफलता बाबा महाकाल के आशीर्वाद का ही परिणाम है।

    इस बार चढ़ाए गए आमों में सबसे खास जापान के मियाज़ाकी प्रांत में उगाई जाने वाली प्रसिद्ध किस्म मियाज़ाकी रही। इसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2.70 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है। यह आम अपने गहरे लाल रंग, बेहतरीन मिठास, सुगंध और पोषण गुणों के कारण पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय है। इसमें सामान्य आमों की तुलना में अधिक प्राकृतिक शर्करा, एंटीऑक्सीडेंट, बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड पाया जाता है, जो इसे बेहद खास बनाता है।

    मियाज़ाकी के अलावा भोग में ऑस्ट्रेलिया की R2E2, अमेरिका, मलेशिया और भारत की प्रीमियम किस्मों के आम भी शामिल रहे। इनमें भारत की लोकप्रिय मल्लिका वैरायटी भी प्रमुख रही। सभी आमों का चयन विशेष रूप से उनके स्वाद, गुणवत्ता और दुर्लभता को ध्यान में रखकर किया गया।

    रानी सिंह परिहार ने बताया कि उनके लिए यह केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गहरी आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि उनके फार्म का नाम भी महाकाल हाइब्रिड फार्म है और वे बाबा महाकाल को ही अपने बगीचे का वास्तविक स्वामी मानते हैं। इसी कारण हर वर्ष श्रावण मास में पहली और सबसे अच्छी फसल भगवान को अर्पित की जाती है। उनका विश्वास है कि महाकाल के आशीर्वाद से ही उनका बगीचा निरंतर प्रगति कर रहा है।

    श्रावण मास में बाबा महाकाल के दरबार में देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार विशेष भेंट लेकर पहुंचते हैं। इस बार दुनिया के सबसे महंगे आमों का भोग चर्चा का विषय बन गया। मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने भी इस अनोखी भेंट को आस्था और भक्ति का प्रतीक बताया।

    श्रावण के पावन अवसर पर महाकाल के चरणों में समर्पित यह विशेष भोग एक बार फिर यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा में भेंट का मूल्य नहीं, बल्कि भाव का महत्व सबसे बड़ा होता है।

  • सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या

    सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 38 वर्षीय महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना शुक्रवारिया हाट क्षेत्र की है। महिला ने सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजा, मंदिर में पूजा-अर्चना की और घर लौटने के कुछ समय बाद यह कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक और सनसनी का माहौल बन गया। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

    मृतका की पहचान रिंकी पडियार (38) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह घर का माहौल सामान्य था। रिंकी ने रोज की तरह अपने बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार किया और उन्हें ऑटो तक छोड़कर आईं। उस समय उनके पति मनोज पडियार सुबह की सैर पर गए हुए थे।

    स्थानीय पार्षद बाली घोषी के मुताबिक बच्चों को स्कूल भेजने के बाद रिंकी पास के मंदिर में दर्शन और पूजा करने गई थीं। पूजा के बाद वह घर लौटीं, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    जब पति मनोज पडियार सुबह घर लौटे तो उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रिंकी फंदे पर लटकी हुई थीं। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है।

    कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। सुबह तक सामान्य दिनचर्या निभाने वाली महिला के अचानक इस तरह आत्महत्या करने से परिवार और पड़ोसी भी सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।