Category: Madhya Pradesh

  • मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी, 50 स्मार्टफोन और कैश लेकर भागे बदमाश

    मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी, 50 स्मार्टफोन और कैश लेकर भागे बदमाश


    मध्य प्रदेश । इंदौर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच विजयनगर थाना क्षेत्र में एक मोबाइल व्यापारी की दुकान को निशाना बनाकर बदमाशों ने लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात हुई इस घटना में चोर दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और करीब 50 मोबाइल फोन, मोबाइल एसेसरीज तथा हजारों रुपए की नकदी लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी रविवार सुबह दुकान मालिक के पहुंचने पर सामने आई।

    जानकारी के अनुसार, गोल्डन फार्म निरंजनपुर निवासी अभिषेक तिवारी की विजयनगर क्षेत्र स्थित शेखर टावर में ‘मोबाइल जोन’ नाम से दुकान है। रोज की तरह शनिवार रात दुकान बंद कर वे घर चले गए थे। रविवार सुबह जब उन्होंने दुकान खोली तो सामने का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दुकान के शटर के ताले टूटे हुए थे और अंदर का सामान बिखरा पड़ा था।

    दुकान की जांच करने पर पता चला कि अज्ञात बदमाश दुकान से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन चोरी कर ले गए हैं। प्रारंभिक आकलन में करीब 50 मोबाइल फोन गायब पाए गए। इसके अलावा पावर बैंक, मोबाइल एसेसरीज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी चोरी हो गया। बदमाश दुकान में रखी करीब 41 हजार रुपए की नकदी भी अपने साथ ले गए। कुल नुकसान का आंकड़ा लाखों रुपए में बताया जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही व्यापारी ने विजयनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है।

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। देर रात दुकान का ताला तोड़कर वे अंदर दाखिल हुए और कीमती सामान समेटकर फरार हो गए। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां नजर आने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।

    व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से कारोबारियों में चिंता बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस गश्त बढ़ाने और व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।

    शहर में मोबाइल दुकानों और इलेक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाली घटनाओं में हाल के समय में बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में यह वारदात एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    फिलहाल व्यापारी को लाखों रुपए के नुकसान का सामना करना पड़ा है, जबकि पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

  • इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते

    इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते


    मध्य प्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक और संवेदनशील घटना सामने आई, जिसने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक कॉलोनी के समीप कचरे के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को वहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा।

    जानकारी के अनुसार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि झुग्गी बस्ती के पास कचरे के ढेर में एक नवजात का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एफआरवी और खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि शव के आसपास कई आवारा कुत्ते घूम रहे थे। शव की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे स्पष्ट था कि वह लंबे समय तक खुले स्थान पर पड़ा रहा होगा।

    खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव के अनुसार प्रथम दृष्टया नवजात लगभग छह से सात माह का प्री-मैच्योर शिशु प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कराई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मृत्यु किन कारणों से हुई और शव वहां कितने समय से पड़ा था।

    घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर दुख और चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह नवजात को खुले में छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक घटना है।

    पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। इसके अलावा क्षेत्र के निवासियों, झुग्गी बस्ती के लोगों और आसपास के संस्थानों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं यह मामला अवैध गर्भपात, लावारिस प्रसव या किसी अन्य परिस्थिति से तो जुड़ा नहीं है।

    गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी एमवाय अस्पताल परिसर में एक नवजात का शव मिलने का मामला सामने आया था। अस्पताल के बाथरूम में मिले उस शव की जांच अब तक पूरी तरह किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर नवजातों की सुरक्षा, स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस क्षेत्र में यह शव मिला है, उसके आसपास चिकित्सा सुविधाएं और जांच केंद्र भी मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी भी संभावना पर आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रही है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है।

    फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान नवजात की पहचान, घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचने पर केंद्रित है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाले सुराग इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • 1 किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर बेटे को ले गए माता-पिता, तपती धूप में मां चुन्नी भिगोकर देती रही राहत

    1 किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर बेटे को ले गए माता-पिता, तपती धूप में मां चुन्नी भिगोकर देती रही राहत


    मध्य प्रदेश । इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल परिसर में शनिवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुविधा संबंधी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता खुद स्ट्रेचर पर धकेलते हुए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक ले जाते दिखाई दिए। यह तस्वीर न केवल एक परिवार की बेबसी बयां कर रही थी, बल्कि अस्पतालों में मौजूद व्यवस्थागत खामियों को भी उजागर कर रही थी।

    मामला 12 वर्षीय आदर्श का है, जो रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर समस्या से जूझ रहा है। परिजनों के अनुसार बच्चे का पिछले करीब 15 दिनों से इलाज चल रहा है। पहले उसे न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती किया गया था, जिसके बाद उसका उपचार एमवाय अस्पताल में जारी रहा। शनिवार को डॉक्टरों ने उसे आगे की जांच और परामर्श के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया।

    परिवार जब बच्चे को लेकर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचा तो वहां उन्हें बताया गया कि मरीज को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है और केवल उसकी मेडिकल फाइल तथा दस्तावेजों की जांच की जानी है। इस जानकारी के बाद परिजनों को फिर से बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर एमवाय अस्पताल लौटना पड़ा। दोनों अस्पतालों के बीच लगभग एक किलोमीटर की दूरी है, जिसे परिवार ने भीषण गर्मी में तय किया।

    इस दौरान सबसे मार्मिक दृश्य बच्चे की मां का था, जो लगातार पानी से अपनी चुन्नी भिगोकर बेटे के ऊपर डाल रही थी ताकि तेज धूप और गर्म हवाओं से उसे कुछ राहत मिल सके। वहीं पिता स्ट्रेचर को धकेलते हुए अस्पताल परिसर में मदद की तलाश करते रहे। परिजनों का आरोप है कि जरूरत के समय उन्हें कोई कर्मचारी, वार्ड बॉय या सहायक उपलब्ध नहीं हुआ, जिसके कारण उन्हें खुद ही मरीज को ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    घटना ने अस्पतालों में मरीज परिवहन व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों को वार्ड, जांच केंद्र और अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एक आउटसोर्स कंपनी को सौंपी गई है। इस व्यवस्था पर हर महीने बड़ी राशि खर्च की जाती है, लेकिन आरोप है कि जरूरत के समय स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और सहायक कर्मचारी उपलब्ध नहीं होते। इसका खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है।

    गौरतलब है कि संबंधित आउटसोर्स कंपनी पहले भी विभिन्न विवादों में घिर चुकी है। हाल के महीनों में सुरक्षा और व्यवस्थागत खामियों को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में यह नया मामला एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करता है।

    घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को किस अस्पताल से रेफर किया गया था और किन परिस्थितियों में परिजनों को स्वयं स्ट्रेचर धकेलना पड़ा।

    वहीं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रभारी सुपरिटेंडेंट डॉ. पीयूष पंचारिया ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। बच्चे की स्थिति, भर्ती संबंधी जानकारी और उपचार प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।

    फिलहाल इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता धूप में स्ट्रेचर पर ढोने को मजबूर हों, तो यह केवल एक परिवार की परेशानी नहीं बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चिंतन का विषय है।

  • भोपाल में विश्व शांति महायज्ञ के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, संभव सागर बोले- संयम ही भारत की असली संपदा

    भोपाल में विश्व शांति महायज्ञ के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, संभव सागर बोले- संयम ही भारत की असली संपदा


    मध्य प्रदेश । भोपाल में धार्मिक आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के आठ दिवसीय आयोजन का भव्य समापन विश्व शांति महायज्ञ और भगवान जिनेंद्र की विशाल शोभायात्रा के साथ किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु तप, संयम और आराधना में लीन रहे, वहीं अंतिम दिन शहर का वातावरण जयकारों, भक्ति गीतों और धार्मिक उत्साह से सराबोर दिखाई दिया।

    समापन अवसर पर निकाली गई भगवान जिनेंद्र की भव्य शोभायात्रा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। रजतमय पालकी में विराजित भगवान जिनेंद्र के दर्शन के लिए मार्गभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। केसरिया ध्वज लहराते श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने रास्ते में श्रीफल अर्पित कर भगवान से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की। पूरे मार्ग पर आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

    समाज प्रवक्ता अंशुल जैन के अनुसार, आठ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में अभिषेक, जाप, पूजन और विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धा और साधना का अनूठा संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंडल की परिक्रमा कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का भी संचार किया।

    पूरे आयोजन के दौरान अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने व्रत और उपवास रखकर तपस्या का मार्ग अपनाया। श्रद्धालुओं ने भौतिक सुख-सुविधाओं से दूरी बनाकर आठ दिनों तक धार्मिक आराधना और आत्मचिंतन में समय बिताया। जैन धर्म की परंपराओं के अनुरूप संयम, त्याग और आत्मशुद्धि के संदेश को जीवन में उतारने का प्रयास किया गया। धार्मिक वातावरण में लोगों ने आत्मिक शांति और आध्यात्मिक संतोष का अनुभव किया।

    आयोजन के दौरान मुनि संभव सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संयम भारत की सबसे बड़ी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदा है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का वास्तविक विकास केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि आत्मसंयम और सदाचार से होता है। उन्होंने समाज से पर्यावरण संरक्षण, जीवदया और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप सभी जीवों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता में निहित है।

    कार्यक्रम का संचालन एवं निर्देशन अविनाश भैया के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पूजन एवं अर्घ्य समर्पण में धर्म इंद्र, प्रियंका, महेंद्र, श्रीपाल, मेना सुंदरी, ऋषभ, मंजू, कुबेर, आशा, विजेंद्र सहित अनेक पात्रों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।

    विश्व शांति महायज्ञ और भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम भर नहीं रहा, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव, संयम और मानवीय मूल्यों के प्रसार का एक प्रेरणादायी संदेश भी बन गया। आयोजन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया।

  • आज से घरेलू गैस सिलेंडर ₹29 महंगा: ग्वालियर-उज्जैन में ₹1000 के पार, भोपाल में ₹947 का झटका

    आज से घरेलू गैस सिलेंडर ₹29 महंगा: ग्वालियर-उज्जैन में ₹1000 के पार, भोपाल में ₹947 का झटका


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। रविवार 7 जून से घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। नई दरों के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।

    राजधानी भोपाल में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹918.50 से बढ़कर ₹947.50 हो गई है। वहीं इंदौर में अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए ₹970 चुकाने होंगे। जबलपुर में इसकी कीमत ₹919 पहुंच गई है। सबसे अधिक असर ग्वालियर और उज्जैन के उपभोक्ताओं पर पड़ा है, जहां सिलेंडर की कीमत क्रमशः ₹1025 और ₹1001 हो गई है। इसके साथ ही दोनों शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर का दाम हजार रुपए के आंकड़े को पार कर गया है।

    पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब घरेलू LPG सिलेंडर महंगा हुआ है। इससे पहले मार्च में सिलेंडर के दामों में ₹60 की वृद्धि की गई थी। ताजा बढ़ोतरी को जोड़कर देखा जाए तो तीन महीने के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर करीब ₹110 महंगा हो चुका है। लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि रसोई गैस रोजमर्रा की जरूरतों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में लगातार वृद्धि और घरेलू बिक्री पर होने वाले नुकसान के कारण कीमतें बढ़ाना आवश्यक हो गया था। सूत्रों के अनुसार सरकारी तेल विपणन कंपनियों को प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। हालांकि नई वृद्धि के बाद भी कंपनियों को होने वाले नुकसान की केवल आंशिक भरपाई ही हो पाएगी।

    गैस सिलेंडर के अलावा छोटे उपभोक्ताओं के लिए उपयोग होने वाले 5 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमतों में भी ₹11 की बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के बाद इसकी कीमत ₹821.50 तक पहुंच गई है। इससे छोटे परिवारों और अस्थायी श्रमिक वर्ग पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा।

    रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि ऐसे समय हुई है जब हाल के सप्ताहों में पेट्रोल, डीजल और CNG के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कुल मिलाकर ₹7.50 प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं, जबकि CNG लगभग ₹6 प्रति किलोग्राम महंगी हुई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर भी दिखाई देने लगा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि LPG सिलेंडर की कीमत तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की दरें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात और परिवहन लागत, बॉटलिंग एवं वितरण खर्च, सरकार की सब्सिडी नीति तथा कर व्यवस्था जैसी कई महत्वपूर्ण बातें शामिल होती हैं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।

    महंगाई के इस दौर में घरेलू गैस सिलेंडर की नई कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और सरकार की नीतियां तय करेंगी कि उपभोक्ताओं को आगे राहत मिलेगी या कीमतों का दबाव और बढ़ेगा।

  • 4 महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: 5 महीने पहले की थी लव मैरिज, कलाई पर मिले गहरे कट के निशान

    4 महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: 5 महीने पहले की थी लव मैरिज, कलाई पर मिले गहरे कट के निशान


    भोपाल । राजधानी भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में एक 25 वर्षीय गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस फिलहाल आत्महत्या की दिशा में जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

    मृतका की पहचान भारती सोलंकी के रूप में हुई है, जो संजय नगर बैरागढ़ की निवासी थीं। जानकारी के अनुसार भारती ने करीब पांच महीने पहले परिवार की इच्छा के विरुद्ध विक्की सोलंकी से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद वह अपने पति के साथ रह रही थीं। परिजनों के मुताबिक भारती चार माह की गर्भवती थीं और दो दिन पहले ही नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए डॉक्टर के पास गई थीं।

    घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। रविवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के परिजन अस्पताल पहुंचे और मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मृतका के भाई जीतू सोलंकी का आरोप है कि उनकी बहन की मौत सामान्य नहीं है। उनका कहना है कि अस्पताल पहुंचने पर पति विक्की ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कही, जबकि अन्य परिजनों द्वारा अलग-अलग बातें बताई जा रही थीं। परिवार का दावा है कि भारती के हाथ की कलाई पर गहरा कट का निशान था और गले पर भी चोट के निशान दिखाई दिए। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना से एक दिन पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। परिवार के अनुसार भारती ने अपने पति को किसी अन्य महिला से फोन पर बातचीत करते हुए देख लिया था, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। परिजनों का दावा है कि इस विवाद की जानकारी स्वयं भारती ने उन्हें फोन कर दी थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

    दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जांच अधिकारी के अनुसार घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसलिए महिला के इस कदम के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों और परिस्थितियों को लेकर कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

    फिलहाल पुलिस मृतका के परिजनों, पति और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला प्रेम विवाह, पारिवारिक विवाद और एक गर्भवती महिला की असामयिक मौत से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हैं।

  • राज्यसभा चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, तरुण और रजनीश ने भरा नामांकन

    राज्यसभा चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, तरुण और रजनीश ने भरा नामांकन


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के रूप में Tarun Chugh और Rajnish Agrawal का नामांकन दाखिल कराकर चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। नामांकन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक रहा, वहीं पार्टी ने अपनी राजनीतिक ताकत का भी प्रदर्शन किया।

    नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस मौके पर पूर्व मंत्री Bhupendra Singh ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि पार्टी की स्थिति इतनी मजबूत है कि यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतार दे, तब भी जीत सुनिश्चित रहेगी। उनके इस बयान ने राज्यसभा चुनाव को लेकर नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है।

    भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा को विधायकों का व्यापक समर्थन प्राप्त है और पार्टी के पक्ष में संख्या बल मजबूत है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा संगठन और जनाधार दोनों के स्तर पर मजबूत स्थिति में है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के परिणाम को लेकर पार्टी पूरी तरह आश्वस्त है।

    राज्यसभा चुनाव को केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति परीक्षण के रूप में भी देखा जा रहा है। इस चुनाव में विभिन्न दलों की रणनीति, विधायकों की एकजुटता और राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजर बनी हुई है। भाजपा की ओर से किए गए शक्ति प्रदर्शन को विपक्ष के लिए एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नामांकन के बाद अब सभी दल अपने-अपने विधायकों को साधने और रणनीति मजबूत करने में जुट जाएंगे। चुनावी गणित के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    कुल मिलाकर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। भाजपा के आत्मविश्वास भरे दावों ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है, जबकि विपक्ष भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
  • मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों ने भरा नामांकन

    मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों ने भरा नामांकन

    भोपाल। मध्यप्रदेश से राज्यसभा की रिक्त होने वाली तीन सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक निर्वाचन के तहत भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

    भाजपा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग ने निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए।

    नामांकन दाखिल करने के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खांडेलवाल, वरिष्ठ नेता एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह तथा गोविंद सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा नेताओं ने उम्मीदवारों की जीत का विश्वास भी व्यक्त किया।

  • यूका फैक्ट्री का कचरा हटने से भोपाल से मिटा गैस त्रासदी का कलंक, अब जमीन का करेंगे प्रबंधनः CM मोहन यादव

    यूका फैक्ट्री का कचरा हटने से भोपाल से मिटा गैस त्रासदी का कलंक, अब जमीन का करेंगे प्रबंधनः CM मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) को प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण बताया. कहा कि इस भयानक घटना ने नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।

    CM यादव विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की शुरुआत की गई। सीएम यादव ने कहा, “भोपाल गैस त्रासदी प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण है. यह सबसे भयानक घटना थी जिसने आम नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।


    फैक्ट्री के कचरे का हुआ सफल निपटारा

    मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़े कचरे का निपटारा कर दिया है. उन्होंने आगे कहा, “इससे भोपाल की धरती से गैस त्रासदी का कलंक मिट गया है. अब राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड की जमीन के सही प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    बता दें कि 2-3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से बेहद जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था. इसमें कम से कम 5,479 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग अपंग हो गए. इसे दुनिया की सबसे बुरी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जाता है।


    ग्रीन एनर्जी और वन्यजीवों का सह-अस्तित्व

    CM यादव ने कहा कि राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई अहम पहल की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित ऊर्जा के लिए सौर, पवन, बायोमास और जलविद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, और सांची, खजुराहो व अन्य जगहों पर बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं।

    वन्यजीव संरक्षण के साथ सह-अस्तित्व का बेहतरीन उदाहरण पेश करने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि राज्य में तेंदुओं को लाने के अलावा असम से जंगली भैंसें भी लाई गई हैं.

    उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण की मूल अवधारणा हमारी सनातन संस्कृति में निहित है. 5 तत्वों से बनी इस सृष्टि के संरक्षण के लिए हर तत्व का महत्व हमारी पूजा-पद्धति, खान-पान और प्रार्थनाओं में मौजूद है. सनातन संस्कृति में एक पेड़ को दस पुत्रों के बराबर माना जाता है. पर्यावरण संरक्षण हमारी जीवनशैली में झलकता है.”

    यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. यादव ने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत राज्य में नदियों, कुओं, बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण का पवित्र कार्य चल रहा है.

    इस मौके पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बरनवाल समेत कई अन्य लोग मौजूद थे. अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हवा, पानी और पेड़ों को बचाना बहुत जरूरी है।

  • गर्मी का कहर जारी, उमस ने बढ़ाई परेशानी; कुछ जगहों पर राहत की बूंदें संभव

    गर्मी का कहर जारी, उमस ने बढ़ाई परेशानी; कुछ जगहों पर राहत की बूंदें संभव


    मध्‍य प्रदेश 6 जून को मौसम का मिजाज अधिकतर इलाकों में गर्म और उमस भरा बना हुआ है। Monsoon की सक्रियता अभी सीमित है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर रखा है। दिन के समय तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    सुबह से ही आसमान साफ और धूप तीखी रहने के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस किया गया। दोपहर के समय उमस का स्तर बढ़ने से लोगों को बेचैनी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नमी की अधिकता के कारण गर्मी और अधिक तीव्र महसूस हो रही है।

    हालांकि, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। यह बारिश मुख्य रूप से स्थानीय बादलों के बनने और नमी के दबाव के कारण संभव है। इससे उन इलाकों में अस्थायी राहत मिल सकती है जहां तापमान अधिक है।

    ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गर्मी का असर समान रूप से देखा जा रहा है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम हो रही है, जबकि लोग दिन के गर्म हिस्से में घरों के अंदर रहना ही बेहतर समझ रहे हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि नमी और बादलों की गतिविधि बढ़ती है तो मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बनी हुई है।

    कुल मिलाकर, 6 जून का दिन गर्मी और उमस से भरा रहेगा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश लोगों को थोड़ी राहत दे सकती है।