Category: Madhya Pradesh

  • दूधाना के पास सड़क हादसा तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर जिला अस्पताल रेफर

    दूधाना के पास सड़क हादसा तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर जिला अस्पताल रेफर


    शाजापुर । शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्राम दूधाना के पास हुए इस हादसे में अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी जिसके बाद युवक सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन बड़ोदिया पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

    पुलिस के अनुसार घायल युवक की पहचान डांगीचा निवासी 35 वर्षीय श्याम पाल पुत्र रमेश चंद्र के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि श्याम पाल अपनी बाइक से गुजर रहा था तभी ग्राम दूधाना के समीप तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 के पायलट संतोष मालवीय और थाना स्टाफ के सत्यनारायण यादव तत्काल घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायल को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार युवक के चेहरे और होंठ पर गंभीर चोटें आई हैं। चोटों के कारण वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।

    पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना करने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति की तुरंत मदद करें तथा पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें। समय पर मिली सहायता कई बार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

  • सतना में जुलाई में अब तक सामान्य से 3 इंच कम बारिश अब अगले 10 दिनों में झमाझम बरसात की उम्मीद

    सतना में जुलाई में अब तक सामान्य से 3 इंच कम बारिश अब अगले 10 दिनों में झमाझम बरसात की उम्मीद


    सतना । सतना जिले में मानसून इस बार अब तक अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। जुलाई का अधिकांश समय बीत जाने के बावजूद जिले में सामान्य से करीब तीन इंच कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने राहत भरी संभावना जताई है कि महीने के अंतिम दिनों में मानसून सक्रिय होगा और 31 जुलाई तक वर्षा का कोटा काफी हद तक पूरा हो सकता है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में जिले में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

    रविवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। बंगाल की खाड़ी से पहुंच रही नमी भरी हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना रहा और अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान घटकर 31.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। इसके बावजूद मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट के अनुरूप व्यापक बारिश नहीं हो सकी और जिले के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही दर्ज हुई।

    मानसून सीजन की बात करें तो अब तक जिले में करीब 11 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से लगभग 14 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी फिलहाल जिले में करीब तीन इंच बारिश की कमी बनी हुई है। जून महीने में भी मानसून कमजोर रहा था। सामान्य तौर पर जून में 5.25 इंच बारिश होती है लेकिन इस वर्ष केवल लगभग 3 इंच वर्षा दर्ज की गई। जुलाई में अब तक करीब 8 इंच बारिश हुई है लेकिन यह भी सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।

    रविवार को न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा में नमी 86 प्रतिशत और शाम तक 79 प्रतिशत रही। वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बादल बने रहे लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी। पिछले वर्ष की तुलना करें तो स्थिति अलग नजर आती है। पिछले साल इसी अवधि तक सतना जिले में लगभग 23 इंच बारिश हो चुकी थी जबकि इस वर्ष अब तक केवल 11 इंच के आसपास वर्षा दर्ज हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। फिलहाल मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से रांची वाराणसी हरदोई रोहतक होते हुए गंगानगर तक सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर पंजाब बंगाल की खाड़ी ओडिशा पश्चिम मध्य प्रदेश और हरियाणा के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन सभी मौसमी सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से रीवा संभाग सहित सतना जिले में अगले एक सप्ताह तक गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग का मानना है कि यदि अनुमान के अनुरूप बारिश होती है तो जुलाई के अंतिम सप्ताह तक जिले में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। साथ ही जलाशयों और भूजल स्तर में भी सुधार की उम्मीद है।

  • शादी का झांसा देकर दो साल तक करता रहा दुष्कर्म शादीशुदा होने का राज खुलते ही आरोपी गिरफ्तार

    शादी का झांसा देकर दो साल तक करता रहा दुष्कर्म शादीशुदा होने का राज खुलते ही आरोपी गिरफ्तार


    सतना । सतना जिले में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ लंबे समय तक दैहिक शोषण करने का मामला सामने आया है। सभापुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी शादीशुदा होने की सच्चाई छिपाकर युवती को प्रेमजाल में फंसाया और विवाह का भरोसा देकर करीब दो वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। जब पीड़िता को उसकी असलियत का पता चला और उसने शादी की बात कही तो आरोपी ने रिश्ता स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उसे धमकाने लगा। इसके बाद युवती ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय बृजेश प्रजापति निवासी देवरा थाना कोटर के रूप में हुई है। थाना प्रभारी शंखधर द्विवेदी ने बताया कि 23 वर्षीय युवती की मुलाकात करीब दो वर्ष पहले आरोपी से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसी दौरान आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए युवती को शादी का भरोसा दिया। विश्वास में लेकर उसने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी युवती के घर भी आता-जाता था और कई बार उसे अपने गांव भी लेकर गया।

    समय बीतने के साथ युवती को पता चला कि जिस व्यक्ति से वह शादी की उम्मीद लगाए बैठी थी वह पहले से ही शादीशुदा है। यह सच्चाई सामने आने के बाद उसने आरोपी से जवाब मांगा लेकिन उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं आरोपी ने युवती को डराने और धमकाने की भी कोशिश की ताकि वह किसी से शिकायत न करे। मानसिक रूप से परेशान युवती ने आखिरकार सभापुर थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शादी का झूठा वादा कर किसी महिला की सहमति प्राप्त कर बनाए गए शारीरिक संबंध कानून की नजर में गंभीर अपराध हो सकते हैं। ऐसे मामलों में पीड़िता की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी या शोषण होता है तो बिना डर के तत्काल पुलिस से संपर्क करें ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई की जा सके।

  • सतना टाइगर शिकार केस में बड़ा मोड़, फरार मुख्य आरोपी की मौत; वन विभाग की जांच को बड़ा झटका

    सतना टाइगर शिकार केस में बड़ा मोड़, फरार मुख्य आरोपी की मौत; वन विभाग की जांच को बड़ा झटका


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में सामने आए चर्चित बाघ शिकार मामले की जांच को बड़ा झटका लगा है। करंट लगाकर बाघ का शिकार करने और उसके नाखून तथा केनाइन निकालने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मुन्ना कोल की गिरफ्तारी से पहले ही मौत हो गई। वन विभाग को उम्मीद थी कि उसकी गिरफ्तारी के बाद बाघ के लापता 14 नाखूनों और अन्य वन्यजीव अंगों की बरामदगी हो सकेगी लेकिन उसकी मौत के साथ ही जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी टूट गई है। अब वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती गायब नाखूनों का पता लगाना और यह जानना है कि आखिर उन्हें कहां और किसके पास पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार मझगवां वन परिक्षेत्र में करीब ढाई महीने पहले शिकारियों ने जंगल में बिजली का करंट बिछाकर बाघ का शिकार किया था। बाघ की मौत के बाद आरोपियों ने उसके शव से नाखून और केनाइन निकाल लिए तथा सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को गड्ढा खोदकर जंगल में दफना दिया। इस सनसनीखेज घटना की भनक वन विभाग को लगभग दो महीने बाद लगी। इसके बाद तीन जुलाई को मुखबिर की सूचना पर विभाग ने जेसीबी की मदद से शव बाहर निकलवाया। जांच में पुष्टि हुई कि बाघ की मौत करंट लगने से हुई थी।

    पूरे मामले की जांच के दौरान वन विभाग ने 11 आरोपियों की पहचान की थी। इनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया जबकि मुख्य आरोपी मुन्ना कोल लगातार फरार था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बार-बार यही बताया कि बाघ के नाखूनों और उनके ठिकाने की पूरी जानकारी केवल मुन्ना कोल के पास थी। ऐसे में विभाग उसकी गिरफ्तारी को इस मामले की सबसे अहम कड़ी मान रहा था।

    जांच में यह भी सामने आया कि बाघ की मौत के बाद मुन्ना कोल ने उसके चारों पैर काटकर अलग-अलग स्थानों पर जमीन में दबा दिए थे। वहीं गिरोह के अन्य दो आरोपी सत्यम और शुभम ने बाघ के केनाइन निकाल लिए थे। बाद में जब अन्य साथियों ने नाखून मांगे तो मुन्ना ने दावा किया कि जमीन में दबे पैर किसी जंगली जानवर ने खोदकर निकाल लिए जिसके कारण केवल चार नाखून ही बरामद हो सके। इसी वजह से अब तक बाघ के 14 नाखूनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार घटना उजागर होने के बाद से मुन्ना कोल गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग स्थानों पर इलाज कराता रहा। विभाग उसकी तलाश में जुटा था लेकिन 18 जुलाई को उसकी मौत हो गई। इससे अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण सिरा समाप्त हो गया है और वन्यजीव तस्करी के संभावित नेटवर्क तक पहुंचना भी कठिन हो गया है।

    मझगवां रेंजर रंजन सिंह परिहार ने मुख्य आरोपी की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि अन्य आरोपियों ने भी पूछताछ में नाखूनों की जानकारी केवल मुन्ना कोल के पास होने की बात कही थी। वन विभाग अब उपलब्ध साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गायब नाखून कहीं वन्यजीव तस्करों के नेटवर्क तक तो नहीं पहुंचा दिए गए।

  • छत का कांच तोड़कर घर में घुसे बदमाश, सराफा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी; पुलिस जांच में जुटी

    छत का कांच तोड़कर घर में घुसे बदमाश, सराफा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी; पुलिस जांच में जुटी


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना शहर में चोरों ने एक सराफा कारोबारी के सूने मकान को निशाना बनाकर करीब 50 लाख रुपए की बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। परिवार के कुछ घंटों के लिए बाहर जाते ही बदमाश घर में घुस गए और सोने-चांदी के जेवरों के साथ नकदी भी समेटकर फरार हो गए। घटना का पता तब चला जब परिवार रात में वापस लौटा। घर के अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    यह वारदात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के राज होम्स गली स्थित आस्था कुटी में रहने वाले 31 वर्षीय विपुल जैन के घर हुई। विपुल जैन का परिवार शहर के पावर हाउस चौक पर एचबी ज्वेलर्स के नाम से सराफा कारोबार संचालित करता है। रविवार दोपहर करीब तीन बजे पूरा परिवार उचेहरा के इचौल घूमने के लिए घर से निकला था। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वे वापस लौटे तो मुख्य कमरों का सामान अस्त-व्यस्त मिला और अलमारियां खुली हुई थीं।

    विपुल जैन ने बताया कि सबसे पहले उनकी मां के कमरे की अलमारी खुली मिली। उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब थे। इसके बाद अपने और बड़े भाई के कमरों की जांच की गई तो वहां भी अलमारियों के ताले टूटे मिले और कीमती जेवर तथा नकदी चोरी हो चुकी थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार चोर करीब 50 लाख रुपए मूल्य का सामान लेकर फरार हुए हैं।

    मौके की जांच में सामने आया कि बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए थे। घर की छत पर बने दरवाजे का कांच तोड़कर उन्होंने अंदर प्रवेश किया और फिर एक-एक कमरे की अलमारियां खंगाल डालीं। इससे साफ है कि चोरों ने पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी और उन्हें यह जानकारी थी कि घर में उस समय कोई मौजूद नहीं है।

    घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

    शहर में हुई इस बड़ी चोरी ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

  • एक घंटे की बारिश में डूबा बैकुंठपुर, दर्जनों दुकानों में घुसा पानी; नगर परिषद की तैयारियों की खुली पोल

    एक घंटे की बारिश में डूबा बैकुंठपुर, दर्जनों दुकानों में घुसा पानी; नगर परिषद की तैयारियों की खुली पोल


    रीवा । रीवा जिले के बैकुंठपुर नगर में सोमवार सुबह हुई करीब एक घंटे की तेज बारिश ने नगर परिषद की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। बारिश का दौर ज्यादा लंबा नहीं चला लेकिन इतनी ही देर में नगर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। सबसे अधिक प्रभावित वार्ड क्रमांक 10 रहा जहां केपी तिहारी के पास स्थित करीब एक दर्जन दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। दुकानों में पानी भरने से व्यापारियों को अपना सामान सुरक्षित रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी जबकि कई स्थानों पर बारिश रुकने के बाद भी पानी लंबे समय तक जमा रहा।

    बारिश का सबसे ज्यादा असर ज्वेलर्स बर्तन जनरल स्टोर और रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर देखने को मिला। दुकानदारों ने जल्दबाजी में सामान ऊंची जगहों पर रखा ताकि नुकसान कम हो सके। अचानक हुए जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और कारोबार पर असर पड़ा। स्थानीय लोगों को सड़क पर जमा पानी के बीच आवाजाही करने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बैकुंठपुर में जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। हर वर्ष मानसून के दौरान यही हालात बनते हैं लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं कराती जिसके कारण उनमें कचरा जमा रहता है और बारिश का पानी आसानी से नहीं निकल पाता। परिणामस्वरूप सड़कें तालाब में बदल जाती हैं और पानी दुकानों तथा घरों तक पहुंच जाता है।

    वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता और नालियों की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर दिखाई नहीं देता। उनका कहना है कि अभी मानसून की शुरुआत ही हुई है और यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लगातार होने वाली बारिश से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ दैनिक जीवन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

    स्थानीय निवासी केपी तिहारी ने बताया कि महज एक घंटे की बारिश में ही उनकी सहित आसपास की कई दुकानों में पानी भर गया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद से शिकायत की जा चुकी है लेकिन नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण हर वर्ष यही स्थिति बन जाती है। वहीं निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि वार्ड की कई नालियां लंबे समय से जाम हैं जिससे पानी की निकासी बाधित होती है और बारिश का पानी सीधे घरों तथा दुकानों में पहुंच जाता है।

    दूसरी ओर नगर परिषद का कहना है कि तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी जलभराव हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक जहां भी नालियों में रुकावट की सूचना मिली है वहां सफाई दल भेजकर तत्काल सफाई कराई जा रही है। परिषद का दावा है कि पूरे बारिश के मौसम में जल निकासी व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता अनुसार सफाई अभियान चलाया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि हर मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में धार्मिक आयोजनों की शुरुआत, 6 सितंबर को होगा भव्य छप्पन भोग महोत्सव

    विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में धार्मिक आयोजनों की शुरुआत, 6 सितंबर को होगा भव्य छप्पन भोग महोत्सव


    मंदसौर । मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में सावन माह को लेकर धार्मिक उत्साह चरम पर पहुंचने लगा है। भगवान पशुपतिनाथ की पारंपरिक राजसी शाही सवारी इस वर्ष 24 अगस्त को सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां काली आरती मंडल और मंदिर समिति ने शुरू कर दी हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। शहर के प्रमुख मार्ग भगवान पशुपतिनाथ के जयघोष और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान होंगे।

    भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मंदसौर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी प्रतीक मानी जाती है। वर्ष 1996 से लगातार चली आ रही इस परंपरा का श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व है। सावन के अंतिम सोमवार को भगवान का राजसी स्वरूप सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करता है। रास्ते भर श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत करते हैं और विभिन्न सामाजिक तथा धार्मिक संस्थाएं जगह-जगह मंच बनाकर आरती और स्वागत कार्यक्रम आयोजित करती हैं।

    आयोजन समिति के अनुसार सावन माह के दौरान प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक भगवान पशुपतिनाथ का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और विशेष अभिषेक किया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन अनुष्ठानों में शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मंदिर परिसर में पूरे सावन माह तक भक्ति और आस्था का विशेष वातावरण बना रहेगा।

    शाही सवारी से एक दिन पहले 23 अगस्त को भव्य वाहन रैली निकाली जाएगी। इस रैली के माध्यम से श्रद्धालुओं को शाही सवारी में शामिल होने का आमंत्रण दिया जाएगा और पूरे शहर में धार्मिक उत्सव का माहौल तैयार किया जाएगा। इसके बाद 24 अगस्त को भगवान पशुपतिनाथ की राजसी शाही सवारी निर्धारित मार्गों से होकर निकलेगी। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए प्रशासन भी व्यापक तैयारियां करेगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    सावन माह के धार्मिक आयोजनों का समापन भी विशेष तरीके से किया जाएगा। 6 सितंबर को भगवान पशुपतिनाथ को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित कर भव्य छप्पन भोग महोत्सव आयोजित होगा। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रसादी वितरण भी किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर छप्पन भोग का प्रसाद ग्रहण करेंगे।

    मंदिर समिति का कहना है कि सभी धार्मिक आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे अनुशासन बनाए रखते हुए आयोजनों में शामिल हों और धार्मिक गरिमा का पालन करें। सावन के इस पावन अवसर पर भगवान पशुपतिनाथ की नगरी एक बार फिर शिवभक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर होने जा रही है।

  • शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी

    शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक किसान की खेत पर कीटनाशक पीने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद किसान घर से खेत गया था और वहीं उसने जहरीला पदार्थ पी लिया। कुछ घंटे बाद परिजन जब खेत पहुंचे तो वह अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    यह घटना शुजालपुर सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम भ्राम ताजपुर गौरी की है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मांगीलाल पिता रेवाराम मालवीय के रूप में हुई है। वह खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे मांगीलाल रोज की तरह घर से खेत के लिए निकले थे। दोपहर बाद जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो उनके भाई रमेश उन्हें देखने खेत पहुंचे। वहां मांगीलाल अचेत अवस्था में पड़े मिले।

    परिजन उन्हें तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर में कुछ समय से छोटे-मोटे पारिवारिक विवाद चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव के कारण मांगीलाल ने खेत पर पहुंचकर कीटनाशक पी लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही की जाएगी।

    घटना के बाद एक और समस्या सामने आई जिसने परिजनों की पीड़ा और बढ़ा दी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पालिका का शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार शव वाहन में डीजल खत्म होने और तकनीकी खराबी के कारण उसका उपयोग नहीं किया जा सका। मजबूरन परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर किसान का शव गांव ले जाना पड़ा। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी आवश्यक सेवाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि शोकग्रस्त परिवारों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    शुजालपुर सिटी थाना के प्रधान आरक्षक निहाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शुजालपुर स्टेशन पर यात्री पर चाकू से हमला कर लूट, सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

    शुजालपुर स्टेशन पर यात्री पर चाकू से हमला कर लूट, सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शुजालपुर रेलवे स्टेशन पर हुई लूट और चाकूबाजी की घटना ने रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात को हुए सात दिन बीत चुके हैं लेकिन रेलवे पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। घायल यात्री का अस्पताल में उपचार जारी है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश का दावा कर रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना 13 जुलाई की रात करीब तीन बजे की है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगरिया निवासी केशव सविता गोरखपुर उज्जैन ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। ट्रेन जब शुजालपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रुकी तो वे चने खरीदने के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया।

    बदमाशों ने केशव पर चाकू से वार किया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमला करने के बाद दोनों आरोपी उनका पर्स और बैग लेकर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से स्टेशन पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। घायल यात्री को तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बदमाशों द्वारा फेंका गया पर्स और आधार कार्ड बरामद कर लिया गया जिसे बाद में पीड़ित को लौटा दिया गया। हालांकि बैग और अन्य सामान के साथ फरार हुए आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

    घटना के सात दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यात्रियों का कहना है कि देर रात स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा बल की मौजूदगी नहीं होने का फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।

    इधर स्टेशन पर एक और समस्या भी सामने आई है। यात्रियों ने शिकायत की है कि कुछ किन्नर जबरन पैसे मांगते हैं और कई बार ऑनलाइन भुगतान करने का दबाव भी बनाते हैं। इस संबंध में काजी एस रहमान ने शिकायत पुस्तिका में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्टेशन परिसर में ऐसी गतिविधियों पर भी सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए ताकि यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

    रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं यह घटना एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत की ओर इशारा कर रही है।

  • शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर में शुरू हुआ प्रसादम काउंटर अब देश विदेश तक ऑनलाइन पहुंचेगा बाबा का प्रसाद

    शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर में शुरू हुआ प्रसादम काउंटर अब देश विदेश तक ऑनलाइन पहुंचेगा बाबा का प्रसाद


    शुजालपुर । शुजालपुर के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल श्री जटाशंकर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधा की शुरुआत की गई है। मंदिर परिसर में सोमवार को प्रसादम काउंटर का शुभारंभ किया गया जहां अब भक्त भगवान को अर्पित शुद्ध देशी घी और ड्रायफ्रूट से बने प्रसाद को सशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। खास बात यह है कि अब देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी ऑनलाइन ऑर्डर के माध्यम से बाबा का प्रसाद अपने घर तक मंगवा सकेंगे। इस पहल से मंदिर की धार्मिक परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

    प्रसादम काउंटर पर सांची के शुद्ध देशी घी और ड्रायफ्रूट से तैयार बेसन के लड्डू उपलब्ध कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन्हें दो पैक में रखा गया है। 100 ग्राम का पैकेट 40 रुपए और 200 ग्राम का पैकेट 80 रुपए में उपलब्ध होगा। प्रतिदिन प्रातः और संध्याकालीन आरती के दौरान भगवान को भोग लगाने के बाद यही प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित और विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जाएगा जिससे भक्तों को मंदिर का पवित्र प्रसाद सहजता से मिल सके।

    इस व्यवस्था की सबसे विशेष बात यह है कि अब मंदिर आने की आवश्यकता नहीं होगी। देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी ऑनलाइन माध्यम से प्रसाद मंगवा सकेंगे। इससे दूर बैठे भक्त भी बाबा जटाशंकर महादेव की कृपा और आशीर्वाद से जुड़ सकेंगे। प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि में प्रति किलोग्राम 100 रुपए का अंशदान मंदिर को समर्पित किया जाएगा जिससे मंदिर के विकास और धार्मिक गतिविधियों को भी सहयोग मिलेगा।

    प्रसादम व्यवस्था की शुरुआत शुजालपुर निवासी कृष्णपाल ने की है जो इससे पहले नलखेड़ा स्थित माता बगुलामुखी मंदिर और बोलाई हनुमान मंदिर में भी इस तरह की व्यवस्था का सफल संचालन कर रहे हैं। प्रारंभिक चरण में इस पूरी व्यवस्था का संचालन और खर्च निजी विक्रेता द्वारा वहन किया जाएगा। इससे मंदिर प्रबंधन पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

    शुभारंभ कार्यक्रम में भगवान जटाशंकर महादेव का विधिवत पूजन कर प्रसाद का भोग लगाया गया जिसके बाद प्रसादम काउंटर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष बबीता परमार सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को धार्मिक आस्था और आधुनिक सुविधा का सुंदर संगम बताया।

    श्रद्धालुओं ने भी इस नई व्यवस्था का स्वागत किया। पहले ही दिन प्रसादम काउंटर पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और केवल दो घंटे के भीतर लगभग एक क्विंटल प्रसाद की बिक्री हो गई। इससे साफ है कि श्रद्धालुओं में इस सुविधा को लेकर उत्साह है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ साथ देश विदेश में बसे भक्तों के लिए भी आस्था का मजबूत माध्यम बनेगी।