Category: Madhya Pradesh

  • राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पत्र, कहा- क्रॉस वोटिंग का खतरा, फिर भी हो रही बड़ी भूल

    राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पत्र, कहा- क्रॉस वोटिंग का खतरा, फिर भी हो रही बड़ी भूल


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा Meenakshi Natarajan को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से दो बार प्रत्याशी रह चुके Naresh Gyanchandani ने इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते हुए पार्टी नेतृत्व को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra को संबोधित करते हुए कहा कि राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में पार्टी से गंभीर चूक हुई है और इससे क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ सकता है।

    सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
    नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी पार्टी नेतृत्व को आगाह किया था कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा उम्मीदवार का चयन बेहद सावधानी से किया जाए। उनका दावा है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में कांग्रेस के सामने क्रॉस वोटिंग की चुनौती बनी हुई है और ऐसे समय में उम्मीदवार चयन को लेकर व्यापक सहमति जरूरी थी। ज्ञानचंदानी ने लिखा कि यदि किसी ऐसे नेता को उम्मीदवार बनाया जाता, जिसकी संगठन और विधायकों पर मजबूत पकड़ हो, तो पार्टी की सीट अधिक सुरक्षित रहती।

    दिग्विजय सिंह के पक्ष में खुली पैरवी
    अपने बयान में ज्ञानचंदानी ने स्पष्ट रूप से Digvijaya Singh का नाम लेते हुए कहा कि अगर उन्हें दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाता तो कांग्रेस की सीट पूरी तरह सुरक्षित रहती। उनके अनुसार दिग्विजय सिंह का प्रदेश के विधायकों और संगठन पर प्रभाव है, जिससे किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग की आशंका कम हो सकती थी। ज्ञानचंदानी का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्हें लंबे समय से दिग्विजय सिंह समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है। ऐसे में उनका खुला विरोध कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में नए संकेत दे रहा है।

    कांग्रेस के भीतर बढ़ी हलचल
    मीनाक्षी नटराजन के नाम की घोषणा के बाद पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच असहमति की चर्चाएं पहले से चल रही थीं, लेकिन अब पहली बार किसी वरिष्ठ नेता ने सार्वजनिक मंच पर फैसले का विरोध किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में संख्या बल के लिहाज से कांग्रेस की स्थिति पहले ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में पार्टी के भीतर असंतोष के सार्वजनिक होने से नेतृत्व की चिंता बढ़ सकती है।

    बीजेपी ने साधा निशाना
    कांग्रेस में उभरे इस विवाद पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी Ashish Agrawal ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर तंज कसते हुए कहा कि अंतर्कलह और गुटबाजी कांग्रेस की पुरानी पहचान रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पार्टी के अपने नेता ही शीर्ष नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं और क्रॉस वोटिंग की आशंका जता रहे हैं, तो यह कांग्रेस के भीतर बढ़ती असहमति का संकेत है। भाजपा ने इसे संगठनात्मक कमजोरी बताते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक हमला भी बोला।

    राज्यसभा चुनाव से पहले बढ़ा सियासी तापमान
    मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस जहां अपने उम्मीदवार के पक्ष में एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है, वहीं पार्टी के भीतर से उठ रहे विरोध के स्वर नेतृत्व के लिए नई चुनौती बन सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस असंतोष को किस तरह संभालती है और क्या पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रखने में सफल हो पाती है।

  • तेज आंधी बनी मुसीबत, पेड़ गिरने और पोल झुकने से भोपाल में बिजली गुल

    तेज आंधी बनी मुसीबत, पेड़ गिरने और पोल झुकने से भोपाल में बिजली गुल


    मध्य प्रदेश । भोपाल में गुरुवार शाम आई तेज आंधी ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं के कारण बिजली के पोल झुक गए, तारों पर पेड़ गिर गए और शहर के सैकड़ों इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालात ऐसे बने कि बिजली कंपनी की टीमें पूरी रात मैदान में डटी रहीं और शुक्रवार सुबह 4:30 बजे तक मरम्मत कार्य जारी रहा।

    350 से ज्यादा फीडर प्रभावित, रातभर चला ऑपरेशन
    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री Pradeep Chauhan ने बताया कि आंधी के कारण 11 केवी के 350 से अधिक फीडर प्रभावित हुए। बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने और कई स्थानों पर तकनीकी फॉल्ट आने से शहर के बड़े हिस्से में सप्लाई ठप हो गई।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मरम्मत दलों को मैदान में उतारा गया। क्षतिग्रस्त और फॉल्टी हिस्सों को हटाकर वैकल्पिक तरीके से लाइनें जोड़ी गईं ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। रात 8:30 बजे तक 165 फीडर और 9:30 बजे तक 66 फीडरों की आपूर्ति बहाल कर दी गई थी, जबकि शेष प्रभावित क्षेत्रों में बिजली शुक्रवार तड़के 4:30 बजे तक बहाल हो सकी।

    तारों पर गिरे पेड़, झुक गए बिजली पोल
    आंधी का असर इतना तेज था कि कई इलाकों में बिजली के खंभे झुक गए और बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर तारों पर गिर पड़े। तुलसी टॉवर क्षेत्र में एक पेड़ पोल पर गिरने से बिजली लाइन सड़क पर आ गई। बिजली कंपनी ने अस्थायी व्यवस्था करते हुए लकड़ी के सहारे लाइन को जोड़कर सप्लाई बहाल की। शहर के कई हिस्सों में पेड़ों की शाखाएं और बिजली तार एक-दूसरे में उलझ गए, जिससे मरम्मत कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पहली ही तेज आंधी में क्यों चरमराया सिस्टम?
    घटना के बाद यह सवाल भी उठने लगा कि जब बिजली कंपनी पूरे वर्ष लाइनों के रखरखाव और पेड़ों की छंटाई का दावा करती है, तो पहली बड़ी आंधी में ही सिस्टम कैसे प्रभावित हो गया?

    इस पर अधीक्षण यंत्री प्रदीप चौहान का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस किया जाता है और लाइनों के आसपास की टहनियां भी हटाई जाती हैं। लेकिन इस बार तूफान की तीव्रता असामान्य थी। कई स्थानों पर पूरे पेड़ जड़ से उखड़ गए और पोल तक झुक गए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ।

    200 से ज्यादा पेड़ गिरे, ट्रैफिक भी प्रभावित
    तेज आंधी के कारण केवल बिजली व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शहर का यातायात भी प्रभावित हुआ। कई प्रमुख सड़कों पर पेड़ गिरने से जाम की स्थिति बन गई। लिंक रोड नंबर-1, 2 और 3, तुलसी नगर, कमला पार्क, अटल पथ, जवाहर चौक और पुराने शहर के कई हिस्सों में पेड़ और शाखाएं सड़क पर आ गिरीं। Sanskriti Jain ने बताया कि नगर निगम की टीमें रात से ही राहत कार्य में जुट गई थीं और अधिकांश प्रमुख मार्गों से पेड़ हटा दिए गए हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर सफाई और कटाई का काम अभी भी जारी है।

    आज भी जारी रहेगा मरम्मत कार्य
    बिजली कंपनी के अनुसार 33 केवी, 11 केवी और एलटी नेटवर्क के कई हिस्सों में नुकसान हुआ है। कुछ इलाकों में अभी भी मरम्मत कार्य चल रहा है, जहां दोपहर तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 10 से अधिक विशेष टीमें लगातार काम कर रही हैं।

  • MP में बारिश का दौर जारी: झाबुआ, धार-रतलाम में झमाझम, देवास में बही कार; 45 जिलों में अलर्ट

    MP में बारिश का दौर जारी: झाबुआ, धार-रतलाम में झमाझम, देवास में बही कार; 45 जिलों में अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में असर दिखा रही हैं। झाबुआ, धार, पीथमपुर और रतलाम में शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई, जबकि भोपाल समेत कई शहरों में बीते 24 घंटे के दौरान आंधी और बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के करीब 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है आंधी
    मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सतना, पन्ना, छतरपुर और निवाड़ी समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

    भोपाल में आंधी से अस्त-व्यस्त हुई व्यवस्था
    राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवाओं के कारण करीब 80 पेड़ या उनकी शाखाएं सड़कों पर गिर गईं, जिससे कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। रानी कमलापति स्टेशन परिसर में लोहे का एक फ्रेम भी तेज हवाओं के कारण उड़ गया। कई क्षेत्रों में दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    देवास में बड़ा हादसा टला
    देवास जिले के सतवास क्षेत्र में गुरुवार शाम तेज बारिश के दौरान एक कार रपटे पर पानी के तेज बहाव में बह गई। कार में चार लोग सवार थे, जिन्होंने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। ग्रामीणों ने बाद में ट्रैक्टर और रस्सियों की मदद से कार को बाहर निकाला। इस घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान रपटों और पुल-पुलियों को पार करने के जोखिम को उजागर किया है।

    झाबुआ, धार और रतलाम में झमाझम बारिश
    झाबुआ में शुक्रवार सुबह जोरदार बारिश दर्ज की गई। वहीं रतलाम में सुबह करीब साढ़े चार बजे से बादल छाने लगे और कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। धार जिले के सरदारपुर, लाबरिया, बरमंडल और बाग क्षेत्र में भी तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को फसलों को नुकसान होने की आशंका भी सताने लगी है।

    तापमान में आई बड़ी गिरावट
    आंधी और बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। इंदौर में एक ही रात में 6.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल में तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। Pachmarhi प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रतलाम, श्योपुर, धार, दमोह और शिवपुरी सहित कई शहरों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा।

    20 जून के बाद आ सकता है मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देरी से पहुंच सकता है। प्रदेश में आमतौर पर 15 जून के आसपास मानसून प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही है। केरल में मानसून की दस्तक 4 जून को हो चुकी है। सामान्यतः केरल पहुंचने के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां इसी तरह सक्रिय रहने की संभावना है।

  • NEET अभ्यर्थी की मौत पर सियासी और सामाजिक चिंता, परिवार से राहुल गांधी की बातचीत चर्चा में

    NEET अभ्यर्थी की मौत पर सियासी और सामाजिक चिंता, परिवार से राहुल गांधी की बातचीत चर्चा में


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मऊगंज की NEET अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी की आत्महत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। कथित पेपर लीक से निराश होकर जान देने वाली छात्रा के परिवार से कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने फोन पर बात की और संवेदना व्यक्त की। बातचीत के दौरान आकांक्षा की मां भावुक हो गईं और कहा कि उनकी बेटी ही परिवार का सबसे बड़ा सहारा थी।

    “आप तो देश की रक्षा कर रहे हैं, मेरा बच्चा वापस नहीं आएगा”
    शुक्रवार को हुई इस बातचीत का वीडियो Vikrant Bhuria ने सोशल मीडिया पर साझा किया। फोन पर राहुल गांधी ने आकांक्षा की मां से कहा कि उन्होंने छात्रा की चिट्ठी पढ़ी है और उसे पढ़कर उन्हें बहुत दुख हुआ। उन्होंने परिवार से पूछा कि यदि उनके लायक कोई मदद हो तो वे जरूर बताएं। इस पर आकांक्षा की मां ने भावुक स्वर में कहा, “आप तो खुद देश की रक्षा कर रहे हैं। मेरा तो जो गया, वह लौटकर नहीं आएगा।”

    “उसकी कोई गलती नहीं थी, उसने सिर्फ पढ़ाई की थी”
    बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि आकांक्षा की कोई गलती नहीं थी। उसने केवल मेहनत से पढ़ाई की थी और डॉक्टर बनने का सपना देखा था। उन्होंने छात्रा के परिवार द्वारा पढ़ाई के लिए लिए गए कर्ज का भी जिक्र किया। आकांक्षा की मां ने कहा कि उनकी बेटी ने वर्षों मेहनत की थी और उसे भरोसा था कि अच्छे अंक आने पर वह डॉक्टर बन जाएगी। उनका कहना था कि यदि पेपर लीक जैसी स्थिति नहीं होती तो शायद यह दुखद घटना नहीं होती। उन्होंने कहा, “हमारा तो कोई दूसरा सहारा भी नहीं है। वही हमारे परिवार की उम्मीद थी। उसके भरोसे ही हम जीवन जी रहे थे।”

    सुसाइड नोट में झलका था टूटे सपनों का दर्द
    राहुल गांधी ने बातचीत में आकांक्षा के सुसाइड नोट का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रा को यह महसूस होने लगा था कि परिवार ने उसकी पढ़ाई के लिए जो कर्ज लिया, वह सब व्यर्थ हो गया। उन्होंने कहा कि यह सोचकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह कितने मानसिक दबाव और दुख से गुजर रही होगी। आकांक्षा की मां ने बताया कि उनकी बेटी को विश्वास था कि पहले प्रयास में उसका चयन हो सकता था, लेकिन कथित पेपर लीक विवाद के बाद उसका आत्मविश्वास पूरी तरह टूट गया था।

    पिता की बीमारी ने बढ़ाई थी परिवार की चिंता
    बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने आकांक्षा के पिता के स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा। परिवार ने बताया कि उन्हें पहले दो बार गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो चुकी हैं और वे आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हैं। उनका एक हाथ ठीक से काम नहीं करता और वे दैनिक कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर हैं। परिवार के अनुसार आकांक्षा घर की सबसे बड़ी संतान थी और भविष्य में परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद उसी से थी।

    आर्थिक सहायता का भी मिला आश्वासन
    बातचीत के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि यदि आगे किसी प्रकार की सहायता की जरूरत हो तो परिवार कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के माध्यम से संपर्क कर सकता है। इस दौरान परिवार के एक सदस्य ने बताया कि आर्थिक सहायता के रूप में कुछ राशि पहले ही प्राप्त हो चुकी है और अतिरिक्त मदद भी मिलने वाली है।

    आकांक्षा चतुर्वेदी का मामला NEET परीक्षा प्रणाली, छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और पेपर लीक जैसे विवादों को लेकर फिर से बहस का विषय बन गया है। छात्रा के सुसाइड नोट और परिवार की स्थिति ने इस घटना को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

  • भोपाल को बड़ी राहत! कोलार पाइपलाइन सुधार के बाद 75 क्षेत्रों में जलापूर्ति शुरू

    भोपाल को बड़ी राहत! कोलार पाइपलाइन सुधार के बाद 75 क्षेत्रों में जलापूर्ति शुरू


    नई दिल्ली। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बताया कि बांसखेड़ी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त कोलार लाइन की मरम्मत गुरुवार रात पूरी कर ली गई थी। इसके बाद रात में ही पंप चालू कर दिए गए और शुक्रवार सुबह 6 बजे से जलापूर्ति शुरू कर दी गई। निगम के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग के अनुसार चार इमली, शिवाजी नगर, तुलसी नगर, अरेरा कॉलोनी, ई-1, ई-5, ई-6, पीजीबीटी, नारियलखेड़ा, टीला जमालपुरा, जवाहर चौक और इब्राहिमपुरा सहित कई इलाकों में पानी पहुंचाया जा चुका है। शेष क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से सप्लाई की जा रही है।

    टंकियां नहीं भरीं, सीधे घरों तक पहुंचाया पानी
    नगर निगम ने इस बार लोगों को तत्काल राहत देने के लिए सामान्य प्रक्रिया में बदलाव किया। आमतौर पर फिल्टर प्लांट से पहले जलाशयों और टंकियों को भरा जाता है, लेकिन इस बार सीधे फिल्टर प्लांट से सप्लाई शुरू कर दी गई। भोपाल में कोलार, नर्मदा, केरवा और बड़ा तालाब परियोजनाओं की कुल 173 पानी की टंकियां हैं। इनमें से कोलार परियोजना से जुड़ी 68 टंकियां सप्लाई पूरी होने के बाद भरी जाएंगी ताकि शनिवार से नियमित जलप्रदाय व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सके।

    तीन दिन तक परेशान रही 40 फीसदी आबादी
    कोलार परियोजना की 1650 मिमी व्यास वाली ग्रेविटी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण पिछले तीन दिनों से शहर की लगभग 40 प्रतिशत आबादी प्रभावित थी। 75 से अधिक इलाकों में पानी की सप्लाई बंद रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम ने टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की कोशिश की, लेकिन बढ़ती मांग के सामने यह व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं हुई। कई रहवासियों ने आरोप लगाया कि निजी टैंकर संचालकों ने 300 रुपए के टैंकर के लिए 1000 से 1200 रुपए तक वसूले।

    रातभर मौके पर रहीं कमिश्नर
    पाइपलाइन की मरम्मत के दौरान नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन स्वयं रातभर मौके पर मौजूद रहीं। उन्होंने कार्य की लगातार निगरानी की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात में ही पंप चालू कर सुबह तक जलापूर्ति बहाल की जाए। प्रशासन की इसी सक्रियता के चलते शुक्रवार सुबह से पानी की सप्लाई दोबारा शुरू हो सकी।

    नर्मदा लाइन में भी लीकेज से नई चुनौती
    इधर कोलार लाइन की समस्या दूर होने के बीच शहर के कुछ हिस्सों में नर्मदा पाइपलाइन में भी लीकेज सामने आया है। अयोध्या बायपास पर सड़क निर्माण कार्य के दौरान कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण आसाराम तिराहे से रत्नागिरि तिराहे तक के क्षेत्रों में शुक्रवार को जलापूर्ति प्रभावित रहने की संभावना है। हालांकि कोलार लाइन की मरम्मत पूरी होने से शहर के अधिकांश प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचनी शुरू हो गई है और शनिवार से जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • रायसेन में आमने-सामने भिड़ीं दो बसें, बच्चे समेत 3 की मौत; कई घायल भोपाल रेफर

    रायसेन में आमने-सामने भिड़ीं दो बसें, बच्चे समेत 3 की मौत; कई घायल भोपाल रेफर


    रायसेन  रायसेन जिले के खरबई थाना चौकी क्षेत्र में स्थित सेहतगंज टोल प्लाजा के समीप सुबह करीब 11 बजे यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोपाल-सागर रूट पर चलने वाली दो निजी बसें तेज रफ्तार में थीं और मोड़ पर नियंत्रण खो बैठीं। देखते ही देखते दोनों बसों की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बसों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में कुछ यात्री बस की सीटों और खिड़कियों के बीच फंस गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।

    तीन लोगों की मौत, पहचान में भी आई मुश्किल
    हादसे में तीन यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में दो की पहचान नीतीश व्यास (28) निवासी सुल्तानगंज और माखन लोधी (29) निवासी बेगमगंज के रूप में हुई है। एक अन्य मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ यात्रियों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। शवों की हालत भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पहचान करने में कठिनाई हो रही है।

    15 से अधिक घायल, कई भोपाल रेफर
    हादसे में घायल हुए यात्रियों को तत्काल स्थानीय अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कई लोगों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर किया गया है। घायलों के हाथ, पैर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना के कारण मार्ग की एक लेन पर यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।

    ओवरस्पीड और मोड़ को बताया जा रहा कारण
    स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों बसें तेज रफ्तार में थीं। मोड़ पर पहुंचने के बाद चालक बसों पर नियंत्रण नहीं रख सके और सीधी भिड़ंत हो गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि टक्कर के बाद एक बस सड़क से नीचे उतर गई, जबकि दूसरी बस पुलिया से टकराकर रुकी। शक्ति ट्रेवल्स की बस को अधिक नुकसान पहुंचा है।

    प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर
    घटना की सूचना मिलते ही रायसेन कलेक्टर Arun Kumar Vishwakarma और पुलिस अधीक्षक Ashutosh Gupta मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत कार्यों की निगरानी की और घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

  • भोपाल का मौसम अपडेट: 5 जून 2026 को गर्मी के साथ हल्की बारिश की संभावना, तापमान 35°C तक पहुंचने के आसार

    भोपाल का मौसम अपडेट: 5 जून 2026 को गर्मी के साथ हल्की बारिश की संभावना, तापमान 35°C तक पहुंचने के आसार


    नई दिल्ली । भोपाल में 5 जून 2026 को मौसम आमतौर पर गर्म रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है, हालांकि दोपहर के बाद हल्की बारिश या फुहारें राहत दे सकती हैं।

    राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह से ही गर्मी का असर महसूस किया जा सकता है, लेकिन बीच-बीच में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है।

    दोपहर में बदल सकता है मौसम का मिजाज 
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर के समय हल्की धूप के साथ बादल छाने की स्थिति बन सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की भी संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

    हालांकि यह बारिश ज्यादा देर तक रहने वाली नहीं होगी, लेकिन इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिल सकती है। मौसम में इस तरह का उतार-चढ़ाव मानसून के नजदीक आने के संकेत भी देता है।

    गर्मी और उमस से बढ़ सकती है परेशानी
    दिन के पहले हिस्से में तेज धूप के कारण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने वालों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव करना जरूरी है, ताकि लू या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

    रात में मौसम होगा अपेक्षाकृत सुहावना
    दिनभर की गर्मी के बाद शाम और रात के समय मौसम कुछ हद तक सुहावना हो सकता है। तापमान में गिरावट आने से लोगों को राहत मिलेगी और हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है।

    हालांकि वातावरण में नमी बनी रह सकती है, जिससे हल्की चिपचिपाहट महसूस हो सकती है। फिर भी दिन की तुलना में रात का मौसम अधिक आरामदायक रहने की संभावना है।

    कुल मिलाकर भोपाल का मौसम 5 जून 2026 को गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है, लेकिन दोपहर में हल्की बारिश की संभावना लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है। बदलते मौसम के इस दौर में सतर्क रहना और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।

  • शिवपुरी में धरना दे रहे कांग्रेसियों पर हमला, नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप

    शिवपुरी में धरना दे रहे कांग्रेसियों पर हमला, नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में कांग्रेस के धरने के दौरान हिंसा का मामला सामने आया है। 27 मई को नवीन नगर परिषद भवन के पास चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच अचानक हालात बिगड़ गए, जब करीब 10 से 12 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 25 से 30 लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और प्लास्टिक पाइप थे। धरना स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।

    वीडियो वायरल, हमले की पुष्टि का दावा
    घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ नकाबपोश युवक बाइक से आते और फिर अचानक मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में भगदड़ और हंगामे जैसी स्थिति भी देखी जा सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वीडियो हमले की पुष्टि करता है और इसी आधार पर आरोपियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

    कांग्रेस का आरोप: सुनियोजित हमला, कार्रवाई में देरी
    ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल गुप्ता के अनुसार इस हमले में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें अतुल पाराशर, राजवीर सिंह परमार, रामस्वरूप कुशवाह और चंद्रशेखर गौतम सहित अन्य शामिल हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और विपक्षी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने भी आरोप लगाया कि नामजद शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

    नामजद शिकायत और पुलिस की स्थिति
    कांग्रेस द्वारा दी गई शिकायत में मंगल लोधी, सुनील लोधी, आजाद लोधी, सौरव लोधी, जीवन लोधी, असवेन्द्र लोधी, कपूर लोधी और आकाश लोधी सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार का कहना है कि कुछ नामजद आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जांच में घटना स्थल पर मौजूदगी साबित नहीं हुई है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज में कई लोग चेहरा ढके हुए नजर आए हैं, जिससे पहचान में कठिनाई हो रही है।

    पुलिस के अनुसार पहले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता नामजद एफआईआर पर अड़े रहे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जांच जारी, तनाव बरकरार
    घटना के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है। वहीं पुलिस जांच और साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

  • एकतरफा कार्रवाई का आरोप, झाबुआ में पटवारी सस्पेंड; कर्मचारियों ने उठाया विरोध का बिगुल

    एकतरफा कार्रवाई का आरोप, झाबुआ में पटवारी सस्पेंड; कर्मचारियों ने उठाया विरोध का बिगुल


    मध्य प्रदेश । झाबुआ जिले के ग्राम गुंदीपाड़ा में 12 वर्षीय बच्ची शिवानी की कुएं में गिरने से हुई दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन द्वारा हल्का पटवारी नीलेश अखाड़े को निलंबित किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पटवारी संघ ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने पहले संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस तो जारी किया, लेकिन जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना ही सीधे निलंबन की कार्रवाई कर दी गई। संघ का कहना है कि यह निर्णय एकतरफा और नियमों के विपरीत है।

    संघ का दावा: पहले ही दी गई थी खतरनाक संरचनाओं की जानकारी
    पटवारी संघ ने अपने ज्ञापन में मध्यप्रदेश खुले नलकूप सुरक्षा अधिनियम 2024 का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में प्राथमिक जिम्मेदारी भूमि स्वामी और बोरवेल/कुआं खोदने वाली एजेंसी की होती है। ऐसे में सीधे पटवारी को दोषी ठहराकर निलंबित करना अनुचित है। संघ ने यह भी दावा किया कि जिले के पटवारियों द्वारा पहले ही बिना मुंडेर वाले कुओं और खुले बोरवेल की सूची संबंधित तहसील कार्यालयों को सौंप दी गई थी। इसके बावजूद कार्रवाई केवल एक कर्मचारी पर केंद्रित करना अन्यायपूर्ण है।

    राजस्व कर्मचारियों में बढ़ा असंतोष
    निलंबन आदेश के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में असंतोष तेजी से बढ़ा है। कई पटवारियों का कहना है कि यदि प्रशासन इस तरह त्वरित और कठोर कार्रवाई करेगा, तो जमीनी स्तर पर काम करना मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि फील्ड में संसाधनों की कमी और सीमित अधिकारों के बावजूद पूरी जिम्मेदारी पटवारियों पर डाल दी जाती है, जो सही नहीं है।

    चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
    पटवारी संघ ने प्रशासन के खिलाफ तीन चरणों में आंदोलन की घोषणा की है। पहले चरण में झाबुआ, रामा और रानापुर तहसीलों के सभी पटवारी तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।

    यदि इसके बाद भी निलंबन आदेश वापस नहीं लिया गया तो दूसरे चरण में जिले के सभी पटवारी तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर जाएंगे और सरकारी सोशल मीडिया समूहों से भी बाहर हो जाएंगे। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि फिर भी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति बन सकती है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
    फिलहाल इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, यह विवाद अब प्रशासन और राजस्व कर्मचारियों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है।

  • रेलवे का बड़ा फैसला, सांची स्टेशन पर बनी रहेगी 4 ट्रेनों की रोक; आसान होगी यात्रा

    रेलवे का बड़ा फैसला, सांची स्टेशन पर बनी रहेगी 4 ट्रेनों की रोक; आसान होगी यात्रा


    मध्य प्रदेश । पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया है कि सांची और विदिशा स्टेशनों पर चार प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव अब अगले आदेश तक जारी रहेगा। पहले यह ठहराव प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसे आगे बढ़ा दिया गया है।

    कौन-कौन सी ट्रेनें रुकेंगी
    इन प्रमुख ट्रेनों का ठहराव जारी रहेगा:
    कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12629 / 12630)  -विदिशा में ठहराव
    श्री माता वैष्णो देवी कटरा–चेन्नई एक्सप्रेस (16031 / 16032) -सांची में ठहराव

    धार्मिक और लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा
    इस निर्णय से सांची और विदिशा के यात्रियों को देश के कई हिस्सों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। खासकर वैष्णो देवी, चेन्नई, कर्नाटक और दिल्ली जैसे बड़े रूटों पर यात्रा करने वालों को सीधा लाभ मिलेगा।

     रेलवे अधिकारियों का बयान
    रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर यह ठहराव जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।

     स्थानीय लोगों को फायदा
    इस फैसले से आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अब बड़े स्टेशनों तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।