Category: Madhya Pradesh

  • 6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को राहत, नई कंपनियां नहीं हटा सकेंगी पुराने कर्मचारी

    6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को राहत, नई कंपनियां नहीं हटा सकेंगी पुराने कर्मचारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा से जुड़े करीब 6 हजार आउटसोर्स व्यवसायिक शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अलग अलग ट्रेड में काम कर रहीं 13 कंपनियों का एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भले ही नई कंपनियों को जिम्मेदारी दी जाए लेकिन पहले से स्कूलों में काम कर रहे व्यवसायिक प्रशिक्षकों को सेवा में रखना होगा। नई कंपनियां इन कर्मचारियों को अपनी ओर से हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। विभाग के इस आदेश के बाद लंबे समय से नौकरी की असुरक्षा का सामना कर रहे व्यवसायिक शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    समग्र शिक्षा की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक व्यवसायिक शिक्षा के अलग अलग ट्रेड में काम कर रहीं 13 कंपनियों का अनुबंध समाप्त किया गया है। इसके बावजूद स्कूलों में सेवाएं दे रहे व्यवसायिक प्रशिक्षक यथावत काम करते रहेंगे। प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में 50 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं और इनके माध्यम से आउटसोर्स प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाती हैं। लंबे समय से कुछ प्रशिक्षकों की ओर से कंपनियों पर नियुक्ति और जॉइनिंग के नाम पर पैसे मांगने सहित कई तरह की परेशानियों के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

    इसी तरह की समस्याओं को लेकर करीब दो महीने पहले व्यवसायिक शिक्षकों ने भोपाल में दो दिवसीय आंदोलन किया था। पहले दिन अंबेडकर पार्क में धरना दिया गया जबकि दूसरे दिन डीपीआई का घेराव किया गया। आंदोलन के बाद अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में शिक्षकों ने नौकरी की सुरक्षा सहित कई मांगें रखीं। अब विभाग की ओर से जारी आदेश को उसी प्रक्रिया में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

    लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश के अनुसार जिन कंपनियों का एग्रीमेंट समाप्त किया गया है उनमें अलग अलग ट्रेड की कंपनियां शामिल हैं। इनमें एग्रीकल्चर ट्रेड से जुड़ी आकाश एग्री सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और वालेअर फैबटेक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में एसेंसिव एडुकेयर लिमिटेड टाइम्स सेंटर फॉर लर्निंग लिमिटेड अल्टीमेट एनर्जी जबकि अपैरल ट्रेड में ब्राइट फ्यूचर डॉट कॉम स्किल प्राइवेट लिमिटेड का नाम है। हेल्थकेयर ट्रेड में डीसीआई मल्टी स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध खत्म किया गया है।

    आईटी और आईटीईएस ट्रेड में एवरग्रीन एजुकेशन ट्रस्ट जीके एजुकेशनल ट्रस्ट आईसीए एजुस्किल्स प्राइवेट लिमिटेड इंडस एजुट्रेन प्राइवेट लिमिटेड और एलएनजे इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स एंड टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ब्यूटी एंड वेलनेस ट्रेड में वीएलसीसी हेल्थकेयर का एग्रीमेंट खत्म किया गया है। हालांकि इंडस एजुट्रेन के कुछ अन्य ट्रेड से जुड़े एग्रीमेंट समाप्त नहीं किए गए हैं।

    विभाग के फैसले के बाद जहां नौकरी की सुरक्षा को लेकर राहत मिली है वहीं व्यवसायिक शिक्षकों के सामने लंबित वेतन का मुद्दा अभी भी बना हुआ है। नवीन व्यवसायिक शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परमार ने सवाल उठाया है कि जिन कंपनियों का अनुबंध समाप्त हुआ है उनके कर्मचारियों की लंबित सैलरी का भुगतान कौन करेगा। कई प्रशिक्षकों के चार से पांच महीने तक का वेतन लंबित होने की बात भी सामने आई है। स्कूल बदलने की स्थिति में पुराने बकाया वेतन के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि वे इस मामले में विभाग से पत्राचार करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।

  • भोपाल में अमित शाह का दिनभर कार्यक्रम, 101 करोड़ की गौशाला सहायता और 255 करोड़ के डेयरी प्लांट से लेकर IISER तक कई बड़े आयोजन

    भोपाल में अमित शाह का दिनभर कार्यक्रम, 101 करोड़ की गौशाला सहायता और 255 करोड़ के डेयरी प्लांट से लेकर IISER तक कई बड़े आयोजन


    भोपाल । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे हैं जहां उनका दिन कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। शाह भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के 11 जिलों से करीब 35 हजार गोपालक और किसान पहुंचे हैं। कार्यक्रम के दौरान गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए की राशि देने की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही उज्जैन में तैयार किए जा रहे 255 करोड़ रुपए के डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन भी किया जाएगा।

    अमित शाह ने अपने दौरे की शुरुआत भेल दशहरा मैदान में मध्य प्रदेश पुलिस की प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ की। इस प्रदर्शनी में नए आपराधिक कानूनों से जुड़े प्रावधानों और पुलिस व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला डीजीपी कैलाश मकवाना और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    गोपालक सम्मेलन को लेकर प्रदेश के अलग अलग जिलों से किसान और पशुपालक भोपाल पहुंचे हैं। कई किसान बसों के जरिए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। सम्मेलन में महिलाओं और युवा किसानों की भी भागीदारी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि सरकार की योजनाओं से उन्हें पशुपालन के क्षेत्र में मदद मिली है और कई परिवारों ने गाय और भैंस पालन को आय का माध्यम बनाया है।

    कार्यक्रम में किसानों की अपनी मांगें भी सामने आई हैं। सीहोर से पहुंचे किसानों ने सोयाबीन की खराब फसल को लेकर मुआवजे की मांग उठाई। वहीं बरसिया क्षेत्र से आए एक किसान ने छोटे किसानों को खाद मिलने में हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। किसान का कहना था कि बड़े किसानों के लिए खाद के स्लॉट आसानी से मिल जाते हैं जबकि छोटे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे साफ है कि सम्मेलन में सरकारी योजनाओं के साथ किसानों की जमीनी समस्याओं पर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सम्मेलन में दूध उत्पादन को लेकर सरकार की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में 50 लाख लीटर दूध के कलेक्शन तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। सांची के माध्यम से दूध को बाजार तक पहुंचाने की बात भी कही गई। सरकार की ओर से इस पहल को पशुपालकों की आय और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने से जोड़कर देखा जा रहा है।

    अमित शाह के भोपाल दौरे में पुलिस व्यवस्था भी प्रमुख विषय है। वे केंद्र और राज्य के पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे की बैठक करेंगे। इसके अलावा भौंरी में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान यानी IISER के अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी प्रस्तावित है।

    शाह के दौरे को देखते हुए भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। एमपी नगर सहित कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है और यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सड़क किनारे खड़े वाहनों और रेहड़ी खोमचों को भी हटाया गया है। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले किसानों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।

    इस तरह अमित शाह का भोपाल दौरा गोपालक सम्मेलन पुलिस व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों से जुड़ा है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि सम्मेलन के दौरान पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को लेकर सरकार की ओर से आगे कौन से ऐलान किए जाते हैं।

  • सागर के गर्ल्स हॉस्टल में खौफनाक नजारा बाथरूम में मिला 10 फीट लंबा अजगर छात्राओं में मची अफरा तफरी

    सागर के गर्ल्स हॉस्टल में खौफनाक नजारा बाथरूम में मिला 10 फीट लंबा अजगर छात्राओं में मची अफरा तफरी


    सागर । मध्य प्रदेश के सागर में गर्ल्स हॉस्टल में उस समय हड़कंप मच गया जब छात्राओं को बाथरूम के अंदर करीब 10 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया। तिली इलाके में स्थित हॉस्टल में छात्राएं सामान्य तरीके से बाथरूम की ओर गई थीं लेकिन अंदर पहुंचते ही उनकी नजर विशाल अजगर पर पड़ गई। इतना बड़ा सांप सामने देखकर छात्राएं घबरा गईं और तत्काल हॉस्टल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई। कुछ ही देर में पूरे हॉस्टल में यह खबर फैल गई और छात्राओं के बीच डर का माहौल बन गया।

    मामले की सूचना मिलने के बाद स्नेक कैचर अकील बाबा को मौके पर बुलाया गया। जानकारी मिलते ही वह हॉस्टल पहुंचे और बाथरूम का निरीक्षण किया। अजगर अभी भी वहीं मौजूद था। इसके बाद उन्होंने बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद करीब 10 फीट लंबे अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। अजगर के बाहर निकलते ही छात्राओं और हॉस्टल स्टाफ ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू के दौरान आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और इतने बड़े अजगर को देखकर हैरान रह गए।

    स्नेक कैचर अकील बाबा के मुताबिक छात्राओं की नजर समय रहते अजगर पर पड़ गई थी जिसके बाद तत्काल सूचना दी गई। इसी वजह से उसे बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। अब अजगर को सुरक्षित प्राकृतिक स्थान पर छोड़ने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि तिली क्षेत्र पहाड़ी इलाके से लगा हुआ है। आसपास प्राकृतिक क्षेत्र होने के कारण यहां अक्सर सांप और अजगर निकलते रहते हैं। बारिश के दौरान सांप सुरक्षित जगह की तलाश में कई बार रिहायशी इलाकों और इमारतों तक पहुंच जाते हैं।

    अकील बाबा ने बताया कि तिली इलाके में अजगर मिलने की यह पहली घटना नहीं है। आवास योजना के तहत बनी कई इमारतों के आसपास पहले भी बड़े अजगर देखे जा चुके हैं। उनके मुताबिक वह अब तक इस इलाके से करीब 70 से 75 अजगरों का रेस्क्यू कर चुके हैं। इन अजगरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के बाद संबंधित विभाग की मौजूदगी में प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ा गया है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में अजगर मिलने की घटना छात्राओं के लिए निश्चित तौर पर डराने वाली थी। जिस जगह पर वे रोजमर्रा के काम के लिए जाती थीं वहीं अचानक विशाल अजगर दिखाई देने से कुछ समय के लिए अफरा तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि समय पर सूचना मिलने के कारण स्थिति गंभीर होने से पहले ही संभाल ली गई।

    स्नेक कैचर ने लोगों से अपील की है कि घर हॉस्टल या किसी भी रिहायशी परिसर में सांप अथवा अजगर दिखाई देने पर खुद उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित स्नेक कैचर या संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए। इससे लोगों की सुरक्षा के साथ वन्यजीव को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। सागर की इस घटना में भी समय पर सूचना और सावधानी से करीब 10 फीट लंबे अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू संभव हो सका।

  • UP में MP के पूर्व सीएम की पुश्तैनी जमीन को हड़पने का प्रयास… मां का नाम बदला, नकली वसीयत बनवाई

    UP में MP के पूर्व सीएम की पुश्तैनी जमीन को हड़पने का प्रयास… मां का नाम बदला, नकली वसीयत बनवाई


    भोपाल।
    फर्जी कब्जे और जाली दस्तावेजों को लेकर लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री को भी नहीं छोड़ा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh ) के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Former Chief Minister Kamal Nath) की पुश्तैनी जमीन उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बिजनौर में है। इसपर कब्जा करने के लिए आरोपियों ने कमलनाथ के पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और वसीयत तक बनवा डाली। कमलनाथ को जब पता चला कि कुछ लोग उनकी जमीन हथियाने में लगे हैं और उनका उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है तो वह भी हैरान रह गए। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ फर्जीवाड़े का केस दर्ज किया है। इनमें से दो की गिरफ्तारी हो गई है जबकि एक अब भी फरार है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि ये लोग इसी तरह की अन्य संपत्तियों को हड़पने की कोशिश में तो नहीं लगे थे।


    लेखपाल भी आरोपी

    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के गांव अमीखानपुर स्थित करीब 26 बीघा बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए गुपचुप तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया। जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार होने की जानकारी मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लेखपाल समेत एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।


    26 बीघे जमीन बटाई पर

    पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के गांव अमीखानपुर में करीब 90 बीघा जमीन है। जमीन के वारिस उनके बेटे हैं। 26 बीघा जमीन बटाई पर दी गई है और बटाईदार ही खेती करने के साथ उसकी देखरेख करता है। पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार की ओर से नियमित रूप से जमीन की देखभाल के लिए कोई नहीं आता था। बटाईदार ही समय-समय पर जमीन के संबंध में परिजनों को जानकारी देता रहता था।

    वसीयत दर्ज कराने पहुंचे तो खुला खेल
    पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे ने जब जमीन की वसीयत दर्ज कराने के लिए नजीबाबाद तहसील में प्रार्थना पत्र दिया, तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। अभिलेखों में पिता की जमीन को हड़पने को फर्जी दस्तावेज तैयार करने की जानकारी सामने आई। इसके बाद परिजनों को पूरे मामले का पता चला।


    बदल दिया कमलनाथ की मां का भी नाम

    एफआईआर के मुताबिक रतन सिंह नाम के शख्स के बेटे धर्मपाल सिंह ने नजीबाबाद में तहसीलदार के सामने फर्जी वसीयत पेश की थी। आरोपियों ने कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ का मृत्यु प्रमाणपत्र भी बनवा लिया था। इसमें उनके निधन की तारीख 10 अप्रैल 2003 बताई गई जबकि महेंद्र नाथ का निधन 7 सितंबर 2004 को हुआ था। महेंद्र नाथ की पत्नी का नाम इसमें प्रेमलता लिखा गया था। कमलनाथ ने बताया कि यह भी गलत है। इस मामले में धर्मपाल सिंह के साथ ही जसबिंदर सिंह ढिल्लों, विजय शंकर पांडे और लेखपाल डेविड कुमार को आरोपी बनाया गया है।

  • MP: पन्ना की धरती ने फिर उगले हीरे…. चमकी महिला की किस्मत, 2 दिन में मिले चार डायमंड

    MP: पन्ना की धरती ने फिर उगले हीरे…. चमकी महिला की किस्मत, 2 दिन में मिले चार डायमंड


    पन्ना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना जिले (Panna district) में छह महीने से पति के साथ हीरा खदान (Diamond Mine) में मेहनत कर रही झांसी की रहने वाली गुड्डी देवी (Guddi Devi) की किस्मत दो दिन में चार हीरे मिलने के बाद चमक गई। इस मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि सरकोहा क्षेत्र स्थित पट्टा खदान से मिले 5.16 कैरेट के इन हीरों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 12 लाख रुपये है।


    सोशल मीडिया से सुनकर शुरू किया था काम

    गुड्डी देवी और उनके पति राजकुमार श्रीवास ने बताया कि झांसी में आर्थिक तंगी और काम ठीक नहीं चलने के कारण उन्होंने सोशल मीडिया पर पन्ना के हीरों से जुड़ी खबरें देखीं और यहां किस्मत आजमाने का फैसला किया। दोनों अपने बच्चों के साथ गुड्डी के मायके पन्ना आए और खदान पट्टे पर लेकर खुदाई शुरू की। अब उनकी किस्मत खुल गई है। 6 महीने की मेहनत के बाद अब पति-पत्नी खुश हैं।


    6 की मेहनत के बाद मिले हीरे

    सोशल मीडिया पर सुनने के बाद काम शुरू किया और करीब छह महीने की लगातार मेहनत के बाद उन्हें दो दिन में चार हीरे मिले, जिनमें 1.62 और 1.29 कैरेट के दो अच्छी गुणवत्ता के हीरे तथा 1.44 और 0.81 कैरेट के दो मध्यम गुणवत्ता के हीरे शामिल हैं। सूचना मिलने पर हीरा पारखी अनुपम सिंह गांधी जयंती के अवकाश के बावजूद कार्यालय पहुंचे और हीरों को आधिकारिक रूप से जमा कराया। सिंह ने बताया कि जमा किए गए हीरों को आगामी शासकीय नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी से प्राप्त राशि में से शासकीय रॉयल्टी और कर की कटौती के बाद शेष रकम संबंधित खदान पट्टाधारक को सौंप दी जाएगी।


    क्या करेंगे इतनी बड़ी राशि का?

    दंपति ने इस सफलता को अपनी मेहनत और ईश्वर की कृपा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि नीलामी से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल बच्चों की बेहतर शिक्षा, परिवार का भविष्य सुरक्षित करने और अपना व्यवसाय बढ़ाने में करेंगे।

  • MP में अक्टूबर की शुरुआत में बदला मौसम, दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक

    MP में अक्टूबर की शुरुआत में बदला मौसम, दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक


    भोपाल। मानसून की विदाई की शुरुआत के साथ मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। बारिश थमने के बाद दिन में गर्मी का असर बढ़ रहा है, जबकि रातें ठंडी होने लगी हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया है, वहीं बड़वानी और धार में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार दर्ज हो रहा है।

    दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 30 सितंबर को खत्म हो चुका है। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई है। अब मौसम में दिन-रात के तापमान का अंतर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में इसी तरह का मौसम बना रहने की संभावना है।

    अमरकंटक सबसे ठंडा, कई शहरों में रात का पारा 20° से नीचे

    बीती रात प्रदेश में अमरकंटक सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।

    दूसरी ओर, दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। पचमढ़ी और अमरकंटक में अधिकतम तापमान 29 डिग्री से नीचे चल रहा है, जबकि बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है। यानी प्रदेश में एक ही समय पर कहीं रातें ठंडी हो रही हैं तो कहीं दिन में गर्मी का असर तेज है।

    अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ऐसा ही रहेगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर के बाद करीब 15 दिन मौसम के बदलाव वाले होते हैं। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है, लेकिन दिन में धूप और गर्मी का असर बना रहता है। इस बार भी प्रदेश में इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है।

    अगले तीन दिन यानी 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में तेज धूप खिली रहेगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को पूर्वी और उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।

    उज्जैन और ग्वालियर-चंबल से मानसून की वापसी संभव

    IMD मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मानसून की वापसी रेखा फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्यप्रदेश में यह रेखा ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश से मानसून की वापसी इन्हीं इलाकों से शुरू होने की संभावना है।

    इसके बाद मानसून इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से विदा हो सकता है। अगले 2-3 दिन में वापसी की शुरुआत होने और 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून के लौटने की संभावना है।

    6 अक्टूबर को इन जिलों में हल्की बारिश के आसार

    मौसम विशेषज्ञ नायक के मुताबिक, अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

    6 अक्टूबर को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश का अनुमान है। इससे पहले 3, 4 और 5 अक्टूबर को कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    प्रदेश में अब तक सामान्य से 4% कम बारिश

    इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4% कम पानी गिरा है।

    क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4% अधिक बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 4% ज्यादा है।

    हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी हिस्से में स्थिति और कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

  • कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता

    कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता


    शिवपुरी । शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में कचरा फेंकने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। 29 वर्षीय मोनिका खटीक ने प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव पर मारपीट करने और थाने के अंदर धमकाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार 2 अक्टूबर को पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आवेदन देकर आरोपियों से अपनी तथा परिवार की जान को खतरा बताया। महिला ने सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

    मोनिका खटीक संजय कॉलोनी के वार्ड क्रमांक 35 की निवासी है। उसने बताया कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर से कूड़ा-कचरा लेकर उसे डालने के लिए एकांत स्थान की ओर जा रही थी। इसी दौरान उसके घर से तीन-चार मकान दूर रहने वाले प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव ने उसे रास्ते में रोक लिया। मोनिका का आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

    महिला के मुताबिक जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। मोनिका के चिल्लाने पर उसकी नानी आशा खटीक और मामी मंजू खटीक मौके पर पहुंचीं। दोनों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।

    थाने में भी धमकाने का लगाया आरोप

    मोनिका के अनुसार वह अपने भाई के साथ देर रात फिजिकल थाने पहुंची थी जहां उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के दौरान आरोपी और उनके कुछ सहयोगी भी थाने पहुंच गए। पीड़िता का दावा है कि वहां उसे डराया धमकाया गया और जान से मारने के साथ झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

    पीड़िता ने इस घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उसने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की बात भी कही है। उसका कहना है कि फुटेज से थाने के अंदर हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। हालांकि थाने में धमकी देने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

    मोनिका का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसे उसके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार के लोग डरे हुए हैं और उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका है।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए आवेदन में महिला ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उसने यह भी कहा कि भविष्य में उसके या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ शिकायत की जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    फिलहाल मामला महिला की शिकायत और लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट और थाने में धमकी देने के आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़िता ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और परिवार को सुरक्षा देने की अपील की है।

  • पैसों के विवाद में खूनी झड़प का आरोप बड़े भाई ने डंडे से मारा भतीजे ने कुल्हाड़ी से किया हमला

    पैसों के विवाद में खूनी झड़प का आरोप बड़े भाई ने डंडे से मारा भतीजे ने कुल्हाड़ी से किया हमला


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बैराड़ में भेड़ों के करीब 3 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर दो भाइयों के परिवारों के बीच विवाद हो गया। गुरुवार शाम शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। छोटे भाई रामे खटीक के परिवार ने बड़े भाई भूरा खटीक और उसके बेटे राहुल खटीक पर डंडे और कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप लगाया है। घटना में रामे के सिर में गंभीर चोट आई है। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीच बचाव करने पहुंची रामे की पत्नी ममता के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। बैराड़ पुलिस ने ममता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    ममता पत्नी रामे खटीक ने पुलिस को बताया कि वह बैराड़ के वार्ड क्रमांक 9 में यूको बैंक के पास रहती हैं। गुरुवार शाम करीब 8 बजे उनके घर के सामने उनके पति रामे और जेठ भूरा खटीक के बीच भेड़ों के पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत चल रही थी। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। ममता के मुताबिक इसी दौरान भूरा और उसका बेटा राहुल रामे को गाली देने लगे।

    ममता का कहना है कि रामे ने दोनों को गाली देने से मना किया तो बहस और बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान भूरा ने डंडे से रामे के सिर पर वार कर दिया। सिर में चोट लगने के बाद भी विवाद नहीं रुका। शिकायत के अनुसार इसके बाद राहुल ने कुल्हाड़ी से रामे के सिर पर हमला किया। इससे उसके सिर में चोट आई और खून निकलने लगा।

    शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि दोनों ने इसके बाद रामे के साथ डंडों से मारपीट की। इस दौरान उसकी पीठ और दोनों पैरों में भी चोटें आईं। पति को घायल देखकर ममता बीच बचाव करने पहुंचीं तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना के बाद परिवार के लोगों ने घायल रामे को अस्पताल पहुंचाया जहां उसका उपचार किया जा रहा है।

    पुलिस ने ममता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब विवाद की वजह और घटना के दौरान हुई मारपीट से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि भेड़ों के करीब 3 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था या घटना के दौरान ही मामला बढ़ा।

    इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक लेनदेन को लेकर होने वाले विवाद के गंभीर रूप लेने की स्थिति सामने रखी है। मामूली बातचीत से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट तक पहुंच गया और एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • धान परिवहन में 43.03 करोड़ की कथित गड़बड़ी 28 जिलों तक पहुंचा मामला हाईकोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट

    धान परिवहन में 43.03 करोड़ की कथित गड़बड़ी 28 जिलों तक पहुंचा मामला हाईकोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट


    जबलपुर । मध्य प्रदेश में धान के परिवहन और आपूर्ति में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। जबलपुर में सामने आई कार्रवाई के बाद यह मामला प्रदेश के कई जिलों तक पहुंचने का दावा किया गया है। याचिका में करीब 43.03 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी का उल्लेख किया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार को प्रदेश के 28 जिलों से संबंधित जांच की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि रिपोर्ट की एक प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को उपलब्ध कराई जाए ताकि वह उसमें सामने आए तथ्यों का अध्ययन कर अपना पक्ष रख सकें। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

    यह जनहित याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि धान के परिवहन और आपूर्ति की निगरानी के लिए पहले से GPS व्यवस्था के दिशा निर्देश मौजूद हैं। इसके बावजूद परिवहन प्रक्रिया में बड़े स्तर पर कथित गड़बड़ियां होने का आरोप लगाया गया है। याचिका में पूरे प्रदेश में मामले की जांच कराने की मांग की गई है।

    मामले की शुरुआत जबलपुर में जिला प्रशासन की कार्रवाई से हुई बताई गई है। उपलब्ध अदालती रिपोर्ट के अनुसार जबलपुर प्रशासन की जांच में 43.03 करोड़ रुपए से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने का दावा किया गया था। इसके बाद FIR दर्ज होने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी अदालत के सामने रखी गई। याचिका में यह भी कहा गया कि गड़बड़ी केवल जबलपुर तक सीमित नहीं हो सकती है और दूसरे जिलों में भी इसी तरह की अनियमितताओं की जांच जरूरी है।

    याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जिन वाहनों के जरिए धान को निर्धारित स्थान तक पहुंचाया जाना था उनकी निगरानी व्यवस्था का प्रभावी इस्तेमाल नहीं हुआ। याचिका में दावा किया गया कि कुछ मामलों में धान निर्धारित स्थान तक पहुंचने के बजाय रास्ते में ही बेच दिए जाने की आशंका है। इन आरोपों की वास्तविकता जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया में सामने आए तथ्यों से स्पष्ट होगी।

    याचिका में एथनोल के लिए आवंटित धान के परिवहन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता पक्ष का दावा है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेजे जाने वाले धान को रास्ते में ही दूसरी जगह बेचने की कथित अनियमितता सामने आई। इसी आधार पर पूरे प्रदेश में जांच की मांग की गई है। पहले की सुनवाई में राज्य की ओर से कार्रवाई शुरू होने और FIR दर्ज होने की जानकारी भी अदालत को दी गई थी।

    धान की खरीद से लेकर मिलिंग और आपूर्ति तक की प्रक्रिया में कई स्तरों पर निगरानी व्यवस्था होती है। इसमें रिलीज ऑर्डर परिवहन से जुड़े दस्तावेज और परिवहन वाहनों की जानकारी दर्ज करने जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। याचिका में आरोप है कि इन व्यवस्थाओं के बावजूद कथित गड़बड़ियां हुईं। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार को अलग अलग जिलों में हुई जांच और कार्रवाई से जुड़े तथ्यों को विस्तृत रिपोर्ट के रूप में अदालत के सामने रखना होगा।

    अदालत ने जांच रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है। इससे याचिकाकर्ता पक्ष रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों का अध्ययन कर अगली सुनवाई में अपना पक्ष रख सकेगा। अब 16 नवंबर को होने वाली सुनवाई में सरकार की रिपोर्ट और उसमें सामने आए तथ्यों पर आगे की न्यायिक कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

  • 110 की उम्र में भी बचपन जिंदा, बिस्मिल्लाह बी आज भी खेलती हैं छुपन-छुपाई, परिवार का प्यार बना सहारा

    110 की उम्र में भी बचपन जिंदा, बिस्मिल्लाह बी आज भी खेलती हैं छुपन-छुपाई, परिवार का प्यार बना सहारा


    इंदौर। इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद कम्युनिटी हॉल में नगर निगम और सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में 100 से अधिक वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। इस दौरान बुजुर्गों को शॉल श्रीफल और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों और समाज में उनके योगदान को याद करने के साथ नई पीढ़ी के साथ उनके रिश्तों को भी सामने रखा गया।
    इस आयोजन में सबसे अधिक उम्र की वरिष्ठ नागरिक 110 वर्षीय बिस्मिल्लाह बी रहीं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपने बचपन की यादों को बेहद सहज अंदाज में साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन का समय काफी अच्छा था और उन्हें छुपन-छुपाई खेलना पसंद था। उनकी पसंद आज भी सादगी से जुड़ी हुई है। खाने में उन्हें दाल-चावल पसंद हैं जबकि मिठाई में खोपरा पाक उनका पसंदीदा है। बिस्मिल्लाह बी ने देश की आजादी की लड़ाई का दौर भी देखा है। घूमने की बात पूछे जाने पर उन्होंने बाग और बगीचों को पसंद बताया और नेहरू पार्क की बगिया में घूमना अच्छा लगने की बात कही। बातचीत के दौरान वे अपनी पोती सना को भी याद करती नजर आईं।

    कार्यक्रम में बच्चों की मौजूदगी ने पीढ़ियों के बीच रिश्तों की खूबसूरत तस्वीर पेश की। 10 वर्षीय अनाइजा नूर ने अपनी पसंद में इटली घूमना पिज्जा खाना नानी के साथ रहना चिड़ियाघर जाना और रोब्लॉक्स खेलना बताया। वहीं 7 वर्षीय उरेन फातिमा ने खाला बर्गर वॉटर पार्क और लूडो को अपनी पसंद बताया। इन बच्चों की पसंद आज की बदलती दुनिया को दिखाती है लेकिन परिवार से जुड़ाव की भावना यहां भी उतनी ही मजबूत दिखाई दी।

    बिस्मिल्लाह बी की छुपन-छुपाई से लेकर बच्चों के रोब्लॉक्स और लूडो तक खेलों का अंदाज जरूर बदल गया है लेकिन अपनों के साथ समय बिताने की खुशी आज भी कायम है। एक तरफ 110 साल की बिस्मिल्लाह बी अपनी पोती को याद करती हैं तो दूसरी तरफ अनाइजा के लिए नानी और उरेन के लिए खाला खास हैं। यही रिश्ता पीढ़ियों के अंतर को कम करता है।

    खाने और घूमने की पसंद में भी यही समानता नजर आई। बिस्मिल्लाह बी को दाल-चावल और खोपरा पाक पसंद है जबकि नई पीढ़ी के बच्चों की पसंद पिज्जा और बर्गर है। बुजुर्गों के लिए बाग-बगीचे सुकून का जरिया हैं तो बच्चों के लिए चिड़ियाघर और वॉटर पार्क आकर्षण का केंद्र हैं। पसंद बदलती रही लेकिन बाहर की दुनिया से जुड़ने और आनंद लेने की इच्छा बरकरार रही।

    कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए गीत और अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं। गीतों की प्रस्तुति से माहौल खुशनुमा बना रहा। आयोजन के जरिए यह संदेश दिया गया कि बढ़ती उम्र व्यक्ति को सामाजिक जीवन से अलग नहीं करती। परिवार और समाज से जुड़े रहना लोगों से मिलना जुलना और अपनी रुचियों के अनुसार गतिविधियों में शामिल होना वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सक्रिय बनाए रखने में मदद कर सकता है।

    हालांकि इसी कार्यक्रम को लेकर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए विवाद भी सामने आया। वार्ड 59 में आयोजित समारोह में स्थानीय पार्षद डॉ. रुपाली पेंढ़ारकर और क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला को आमंत्रित नहीं किए जाने पर पार्षद ने नगर निगम अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में कार्यक्रम आयोजित हुआ लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा होने पर कड़ी नाराजगी जताई। एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने अधिकारियों की गलती मानी और कहा कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय रखा जाना चाहिए था। उन्होंने पार्षद और विधायक से चर्चा कर अलग कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।