Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में रिश्ते का खौफनाक अंत, गर्दन-चेहरे पर किए वार; बहन की बहादुरी के बावजूद भाग निकला हमलावर

    भोपाल में रिश्ते का खौफनाक अंत, गर्दन-चेहरे पर किए वार; बहन की बहादुरी के बावजूद भाग निकला हमलावर


    भोपाल  भोपाल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका पर बीच सड़क चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसे बचाने आई उसकी बड़ी बहन भी आरोपी के हमले का शिकार हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, घटना छोला मंदिर थाना क्षेत्र के शंकर नगर इलाके में मंगलवार शाम करीब चार बजे हुई। 23 वर्षीय युवती अपनी बड़ी बहन के साथ घर के पास जा रही थी, तभी आरोपी अक्षय चंदेल ने उनका रास्ता रोक लिया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले प्रेम संबंध थे और कुछ समय तक वे लिव-इन रिलेशनशिप में भी रह चुके थे। बाद में दोनों के बीच विवाद होने पर युवती ने उससे दूरी बना ली थी।

    पुलिस के मुताबिक, रास्ता रोकने के बाद आरोपी ने पुरानी बातों को लेकर बहस शुरू कर दी। कुछ देर कहासुनी के बाद उसने जेब से चाकू निकाला और युवती पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी ने उसकी गर्दन, चेहरे, पीठ और हाथों पर कई वार किए। अचानक हुए हमले से युवती गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी।

    इस दौरान युवती की बड़ी बहन उसे बचाने के लिए आगे आई, लेकिन आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया। चाकू का वार उसके बाएं गाल पर लगा, जिससे उसे गंभीर चोट आई। दोनों बहनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के जुटने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि भागने से पहले उसने युवती को जान से मारने की धमकी भी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायल युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि उसकी बहन का भी इलाज जारी है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता के बीच पहले प्रेम संबंध थे। संबंध खत्म होने के बाद दोनों के बीच तनाव बना हुआ था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश के चलते आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया।

    छोला मंदिर थाना पुलिस ने आरोपी अक्षय चंदेल के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर रिश्तों में बढ़ती हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • MP: मऊगंज में छात्रा ने फांसी लगाकर दी फांसी… NEET परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में थी…

    MP: मऊगंज में छात्रा ने फांसी लगाकर दी फांसी… NEET परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में थी…


    मऊगंज।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के नवगठित जिले मऊगंज (Mauganj District ) मगनिया गांव (Maganiya Village) की रहने वाली एक छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने घर में लगें पंखे पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली परिजनों का आरोप है बेटी NEET की तैयारी कर रही थी. उसे हाल में दी परीक्षा में 650 अंक भी आने की उम्मीद थी लेकिन पेपर लीक होने और रद्द के बाद से वह डिप्रेशन में थी और उसने इस तरह का कदम उठा लिया जिसके बाद पूरा परिवार सदमे में हैं।


    कुक की नौकरी की, पिता ने लोन लेकर कराई तैयारी

    आकांक्षा के घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के बाद भी आकांशा के किसान क्रेडिट कार्ड से 3 लाख रुपए लोन लिए थे. परिवार वाले उसे नागपुर के एक निजी कोचिंग में तैयारी करा रहे थे। पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी किसानी करते थे लेकिन बेटी को पढ़ाने के लिए नागपुर में कुक की नौकरी करने लगे थे और वहीं बेटी को पढ़ा रहे थे. नीट का पेपर भी जब हुआ तो पूरे परिवार को भरोसा था कि इस बार चयन हो जाएगा और उनकी बेटी डाक्टर बन जाएगी लेकिन पेपर लीक होने के बाद वह ड्रिपेशन में चली गई और पूरे परिवार खुशियां चली गईं।

    ‘सॉरी, मम्मी पापा.. अब हिम्मत नहीं है’
    मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने लिखा था कि सॉरी, मम्मी पापा आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डाक्टर बनेगी पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है. मैंने आप दोनों को बर्बाद कर दिया दोबारा पेपर अच्छा जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है।


    नीट पेपर लीक मामला

    NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद पेपर लीक की आशंका सामने आई थी. NTA के मुताबिक 7 मई की शाम परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिली, जिसके बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई. 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया. इसके बाद 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने 21 मई को री-एग्जाम आयोजित करने की घोषणा की. पूरे मामले की जांच CBI कर रही है और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    एक ओर सुप्रीम कोर्ट में लगातार नई याचिकाएं दायर की जा रही हैं और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव, जैसे पेन-पेपर मोड के स्थान पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने की मांग उठ रही है. वहीं दूसरी ओर, लीक मामले से जुड़े नेटवर्क के सदस्यों पर जांच एजेंसियां और कानून लगातार शिकंजा कस रहे हैं तथा उनके खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है।

  • आखिरी मैसेज, CCTV और 3 घंटे की मौजूदगी… ख्याति की मौत ने खड़े किए कई सवाल

    आखिरी मैसेज, CCTV और 3 घंटे की मौजूदगी… ख्याति की मौत ने खड़े किए कई सवाल


    नई दिल्ली । भोपाल में 18 वर्षीय छात्रा ख्याति जैन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही ख्याति 11 मई 2026 को अपने घर में मृत पाई गई थी। घटना के 24 दिन बाद भी मामला चर्चा में बना हुआ है, क्योंकि परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।

    ख्याति की मां वर्षा जैन का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश हो सकती है। उन्होंने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अब तक गंभीरता से जांच नहीं की गई है।

    मां के अनुसार घटना वाले दिन वह एक स्कूल में इंटरव्यू देने के लिए घर से बाहर गई थीं। इसी दौरान उनकी बेटी के बॉयफ्रेंड तनीष चंद्रवंशी का घर आना-जाना हुआ। परिवार का दावा है कि तनीष करीब तीन घंटे तक घर में मौजूद रहा था। CCTV फुटेज में उसके घर में प्रवेश करने की बात भी सामने आई है। इतना ही नहीं, ख्याति की मौत की सूचना सबसे पहले तनीष ने ही पुलिस और परिवार को दी थी।

    मामले को और रहस्यमय बनाता है वह आखिरी इंस्टाग्राम मैसेज, जो ख्याति के अकाउंट से उसके बॉयफ्रेंड को भेजा गया था। इस संदेश में पारिवारिक तनाव, मानसिक परेशानी और जीवन समाप्त करने जैसी बातें लिखी गई थीं। हालांकि मां का कहना है कि यह भाषा उनकी बेटी की सामान्य लेखन शैली से मेल नहीं खाती। उनका आरोप है कि तनीष के पास ख्याति के इंस्टाग्राम अकाउंट का एक्सेस था और संभव है कि संदेश किसी और ने भेजा हो।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने सवालों को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार ख्याति ने मौत से लगभग 24 घंटे पहले तक भोजन नहीं किया था। उसकी बाईं कलाई पर कट के दो निशान भी पाए गए। हालांकि मौत के वास्तविक कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है और विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    ख्याति मूल रूप से औबेदुल्लागंज की रहने वाली थी और पिछले दो वर्षों से भोपाल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उसकी दोस्ती और फिर प्रेम संबंध तनीष चंद्रवंशी से हुआ था। परिवार का कहना है कि वे इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे और इसी वजह से दोनों के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती थी।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच आत्महत्या के एंगल से कर रही है, जबकि परिजन हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। मामले की सच्चाई जांच पूरी होने और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • देश के कई हिस्सों में तापमान ऊंचा, कुछ इलाकों में बारिश की हल्की फुहारों से मिली राहत

    देश के कई हिस्सों में तापमान ऊंचा, कुछ इलाकों में बारिश की हल्की फुहारों से मिली राहत

    4 जून 2026 का मौसम देश के कई हिस्सों में गर्मी और आंशिक राहत के मिले-जुले असर के साथ देखा जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना से मौसम थोड़ा राहत भरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जून के पहले सप्ताह में तापमान अपने चरम पर पहुंचने लगता है और इसी कारण कई राज्यों में गर्म हवाओं का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    सुबह के समय कई शहरों में आसमान साफ रहा और सूरज निकलते ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बादलों की हल्की परत ने धूप की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया, जिससे मौसम थोड़ा सहनीय बना रहा।

    मध्य भारत में गर्मी का असर ज्यादा, उमस ने बढ़ाई परेशानी
    मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों में सुबह से ही गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय लू जैसे हालात बनते नजर आए, जिससे सड़कें सुनसान हो गईं और लोग घरों में रहने को मजबूर हुए।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वायुमंडल में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण उमस ज्यादा महसूस की जा रही है। इससे पसीना और थकान जैसी समस्याएं लोगों को अधिक परेशान कर रही हैं।

    उत्तर भारत में गर्म हवाओं का प्रकोप जारी
    उत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम गर्म बना हुआ है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। हालांकि शाम के समय हल्की हवाओं से थोड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश की संभावना
    दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों और पूर्वी राज्यों में बादलों की सक्रियता देखने को मिल रही है। केरल, कर्नाटक और ओडिशा के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। इन क्षेत्रों में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं, जिससे मौसम में अचानक बदलाव संभव है। बारिश की वजह से इन इलाकों में तापमान थोड़ा नीचे आ सकता है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

    मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
    मौसम विभाग ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान हीटवेव का प्रभाव सबसे अधिक होता है। साथ ही लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। किसानों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि गर्मी के दुष्प्रभाव से बचा जा सके।

    आगे कैसा रहेगा मौसम?
    आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश से आंशिक राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जून के दूसरे सप्ताह के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा और मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

  • सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा नया विस्तार, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेशभर में बस नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी

    सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा नया विस्तार, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेशभर में बस नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी

     मध्य प्रदेश : सरकार प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत करने की तैयारी में है। इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें नियमित, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिल सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश की संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और आम नागरिकों के साथ-साथ महिलाओं को भी यात्रा के दौरान अधिक सुरक्षा और सुविधा प्राप्त होगी।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसका प्रतीकात्मक शुभारंभ रक्षाबंधन के अवसर पर किया जाएगा। योजना के तहत बसों का संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा और पहले चरण में इंदौर संभाग को शामिल किया गया है। जुलाई माह से इस क्षेत्र में बसों के संचालन की शुरुआत होने की संभावना है। इसके बाद योजना का विस्तार प्रदेश के अन्य संभागों और जिलों तक किया जाएगा।

    राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मुख्य लक्ष्य उन क्षेत्रों को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है जहां सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता सीमित है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के कई यात्रियों को नियमित बस सेवा के अभाव में आवागमन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था के माध्यम से इन चुनौतियों को कम करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही महिलाओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।

    योजना के पहले चरण में इंदौर संभाग में बस संचालन की जिम्मेदारी एक विशेष परिवहन संस्था को सौंपी गई है। प्रारंभिक स्तर पर अंतरजिला, शहरी और अंतरराज्यीय मार्गों पर बसों का संचालन किया जाएगा। सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले अनेक प्रमुख मार्गों की पहचान की है, जहां नियमित बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा इंदौर शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी अलग परिवहन नेटवर्क विकसित किया जा रहा है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

    नई योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश को पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाले मार्गों पर भी बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक स्वरूप देने के लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में जुलाई से इंदौर शहर में बड़ी संख्या में ई-बसों को सड़क पर उतारने की तैयारी की गई है। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक स्वच्छ तथा टिकाऊ बन सकेगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ईंधन लागत में कमी आने के साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

    राज्य सरकार ने प्रदेशभर में परिवहन नेटवर्क के विस्तार के लिए व्यापक योजना तैयार की है। विभिन्न संभागीय और जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले सैकड़ों मार्गों की पहचान की गई है, जहां भविष्य में हजारों बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का विश्वास है कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगी और इससे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

    यह पहल केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण विकास, सामाजिक संपर्क, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत परिवहन नेटवर्क किसी भी राज्य के समग्र विकास की आधारशिला होता है और यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

  • मंदसौर में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत: पलवई फंटे पर देर रात हादसा, 2 लोग गंभीर घायल

    मंदसौर में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत: पलवई फंटे पर देर रात हादसा, 2 लोग गंभीर घायल


    मंदसौर। जिले के पलवई फंटे पर मंगलवार देर रात करीब 11:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायलों को निजी वाहनों की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

    दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल
    हादसे में घायल पहले बाइक सवार की पहचान हेमंत शर्मा (50 वर्ष), पिता रामगोपाल शर्मा, निवासी गुर्जरबर्डिया के रूप में हुई है। वह अपने गांव से बासाखेड़ी की ओर जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक को सुनील दमामी (40 वर्ष), पिता मांगीलाल, निवासी नेतावली चला रहे थे, जो गुर्जरबर्डिया की ओर जा रहे थे। पलवई फंटे के मोड़ पर दोनों बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।

    टक्कर के बाद सड़क पर गिरे सवार, मचा हड़कंप
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार हवा में उछलकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। दोनों घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर लिया है।

    सिर में गंभीर चोटें, कई टांके लगाए गए
    डॉक्टरों के अनुसार दोनों घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। सिर में गहरे घाव होने के कारण कई टांके लगाने पड़े हैं। फिलहाल दोनों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

    स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल
    इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पलवई फंटे पर रात के समय अक्सर अंधेरा और मोड़ के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है।

  • समान नागरिक संहिता पर जनमत संग्रह की तैयारी, रतलाम में समिति करेगी संवाद

    समान नागरिक संहिता पर जनमत संग्रह की तैयारी, रतलाम में समिति करेगी संवाद


    रतलाम। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति गुरुवार को रतलाम पहुंचेगी। समिति का उद्देश्य आम जनता, विशेषज्ञों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से राय एवं सुझाव प्राप्त करना है, जिन्हें आगे राज्य सरकार को भेजा जाएगा। यह महत्वपूर्ण बैठक 4 जून को शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से आयोजित की जाएगी।

    विभिन्न वर्गों से मांगे जाएंगे सुझाव
    इस बैठक में समिति के सदस्य उज्जैन के प्रोफेसर डॉ. गोपाल शर्मा और इंदौर की शोभा पैठनकर शामिल होंगे। बैठक में जिले के सांसद, विधायक, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्य, रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता संघ के सदस्य तथा राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र के प्रोफेसर सहित विभिन्न वर्गों के नागरिक शामिल होंगे। समिति सभी प्रतिभागियों से समान नागरिक संहिता से जुड़े मुद्दों पर विचार और सुझाव एकत्र करेगी, ताकि एक व्यापक दृष्टिकोण तैयार किया जा सके।

    सुझाव सीधे राज्य सरकार को भेजे जाएंगे
    बैठक में प्राप्त सभी सुझावों को संकलित कर राज्य शासन को भेजा जाएगा। इसके आधार पर आगे की नीति निर्माण प्रक्रिया में सहायता मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया पारदर्शी और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

    प्रशासन ने की तैयारियां तेज
    बैठक की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बैठक स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान बैठक व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, विद्युत व्यवस्था सहित सभी जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर शहर एसडीएम आर्ची हरित, नगर निगम आयुक्त अनिल भाना और तहसीलदार शहर ऋषभ ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • पुष्पा झुकेगा नहीं’ लिखी पिकअप से सागौन तस्करी: खंडवा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

    पुष्पा झुकेगा नहीं’ लिखी पिकअप से सागौन तस्करी: खंडवा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई


    खंडवा। जिले के कालीभीत वन क्षेत्र में सागौन तस्करी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां फिल्मी अंदाज में ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ जैसे डायलॉग लिखी पिकअप गाड़ी से अवैध लकड़ी की तस्करी का खुलासा हुआ। वन विभाग की टीम ने मंगलवार देर रात घेराबंदी कर वाहन को पकड़ लिया, हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार हो गए। जांच में वाहन से करीब 3 घनमीटर सागौन लकड़ी बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग पौने दो लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

    जंगल में रोशनी देखकर बढ़ा शक, फिर शुरू हुई कार्रवाई
    मामला पश्चिम कालीभीत वन परिक्षेत्र के सिरालिया सब रेंज के भुरकुला जंगल क्षेत्र का है। नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों को जंगल के अंदर संदिग्ध वाहन की रोशनी दिखाई दी। देर रात जंगल में वाहन की मौजूदगी संदिग्ध लगने पर तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर वाहन को रोका। जैसे ही टीम नजदीक पहुंची, तस्करों ने वन विभाग की गाड़ियों की रोशनी देख वाहन छोड़कर जंगल में भागने में सफलता पा ली।

    गाड़ी से मिला सागौन का बड़ा जखीरा
    घेराबंदी के बाद जब वाहन की जांच की गई तो वह लॉक मिला। वन विभाग ने लॉक तोड़कर जब तलाशी ली तो अंदर सागौन के करीब 20 लट्ठे भरे हुए पाए गए। इसके बाद वाहन और लकड़ी दोनों को जब्त कर लिया गया। वन विभाग की कार्रवाई के बाद पिकअप पर लिखे फिल्मी डायलॉग भी सुर्खियों में आ गए हैं, जिससे यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

    पहले से संदिग्ध थी गाड़ी की गतिविधियां
    वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रम सिंह भदौरिया ने बताया कि यह वाहन पहले भी कई बार रात के समय जंगल क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूमता देखा गया था। हालांकि तब पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण कार्रवाई संभव नहीं हो सकी थी। इस बार वाहन को सागौन लकड़ी के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है, जिससे तस्करी की पुष्टि हो गई है। अब विभाग इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है।

    तस्करी नेटवर्क की जांच तेज, मालिक से पूछताछ की तैयारी
    प्रारंभिक जांच में यह पिकअप वाहन वनग्राम कोटवारिया निवासी रामकिशन पाटिल के नाम पर दर्ज बताया जा रहा है। वन विभाग अब वाहन मालिक सहित अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश कर रहा है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

  • खंडवा को केंद्र सरकार से मिली 4 सड़कें: PMGSY के तहत 14 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

    खंडवा को केंद्र सरकार से मिली 4 सड़कें: PMGSY के तहत 14 करोड़ की परियोजना को मंजूरी


    खंडवा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी विकास सौगात दी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत खंडवा जिले की चार महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 13.74 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा, जिसके तहत 14.44 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

    इस स्वीकृति के बाद लंबे समय से लंबित ग्रामीण इलाकों की सड़क सुविधा से जुड़ी मांगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नई सड़कों के बनने से न सिर्फ गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और आवागमन व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

    ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
    इन सड़कों के निर्माण से किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी, वहीं विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों के लिए भी आवागमन सुगम हो जाएगा। बरसात के मौसम में जिन इलाकों में संपर्क टूट जाता था, वहां अब स्थायी सड़क सुविधा से राहत मिलेगी। केंद्र सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है, ताकि विकास का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच सके।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी मंजूरी
    इन परियोजनाओं को केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि स्वीकृति पत्र उन्हें सौंपा गया है और यह निर्णय क्षेत्र की वर्षों पुरानी जरूरतों को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण भारत में कनेक्टिविटी को मजबूत करने का काम तेजी से किया जा रहा है और खंडवा जिले को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    कौन-कौन से मार्ग बनेंगे
    स्वीकृत परियोजनाओं में कुल चार सड़क मार्ग शामिल हैं:
    बरमलाय से कुकडाल मार्ग – 7.64 किमी, लागत 7.18 करोड़ रुपये
    बरमलाय से सुकलतालाई-4 मार्ग – 3.20 किमी, लागत 3.13 करोड़ रुपये
    लहाड़पुर से पारवाड़ी मार्ग – 2.24 किमी, लागत 2.06 करोड़ रुपये
    मालूद रोड से खेड़ी रैयत मार्ग – 1.36 किमी, लागत 1.35 करोड़ रुपये
    इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

    ग्रामीणों में खुशी का माहौल
    सड़क निर्माण की स्वीकृति के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से खराब और कच्चे रास्तों के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब स्थायी सड़क बनने से उनकी समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

  • खरगोन में 1.05 लाख हेक्टेयर में कपास की बोवनी: सरकारी खरीदी से बढ़ा रकबा, प्रदेश में सबसे बड़ा लक्ष्य

    खरगोन में 1.05 लाख हेक्टेयर में कपास की बोवनी: सरकारी खरीदी से बढ़ा रकबा, प्रदेश में सबसे बड़ा लक्ष्य


    खरगोन। जिले में कपास की खेती इस बार तेज रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है। प्री-मानसून गतिविधियों और अनुकूल मौसम के चलते अब तक 1.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई पूरी हो चुकी है, जो कुल निर्धारित लक्ष्य का लगभग 51 प्रतिशत है। नर्मदा क्षेत्र के कसरावद, महेश्वर और बड़वाह इलाकों में सबसे अधिक बुवाई दर्ज की गई है, जहां किसान तेजी से खेतों में काम कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में कपास उत्पादन के प्रमुख जिलों में शामिल खरगोन इस बार भी अग्रणी बना हुआ है। इस वर्ष जिले के लिए 2.09 लाख हेक्टेयर (209800 हेक्टेयर) का बुवाई लक्ष्य तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के लगभग समान है। हालांकि, पिछले साल हुई अच्छी सरकारी खरीदी के कारण इस बार कपास के रकबे में हल्की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

    सरकारी खरीदी का असर, किसानों का बढ़ा रुझान
    कृषि विभाग के अनुसार पिछले वर्ष कपास की मजबूत सरकारी खरीदी ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है, जिसका सीधा असर इस साल की बुवाई पर दिख रहा है। अनुमान है कि इस बार कपास का रकबा करीब 300 हेक्टेयर तक बढ़ सकता है। किसानों का कहना है कि बेहतर समर्थन मूल्य और खरीद व्यवस्था के चलते कपास की खेती अधिक लाभकारी साबित हो रही है, जिससे वे अन्य फसलों की तुलना में कपास को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    प्री-मानसून बारिश से मिला फायदा
    जिले में हाल ही में हुई प्री-मानसून बारिश ने खेती के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो कपास की बुवाई के लिए उपयुक्त माना जाता है। मौसम में नमी और हल्की बारिश के कारण खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे बुवाई कार्य में तेजी आई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो आने वाले दिनों में बुवाई का आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।

    नर्मदा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बुवाई
    जिले के कसरावद, महेश्वर और बड़वाह क्षेत्रों में कपास की बुवाई सबसे अधिक दर्ज की गई है। इन क्षेत्रों में सिंचाई के बेहतर साधन उपलब्ध होने के कारण किसान समय पर बुवाई कर पा रहे हैं। सहायक संचालक कृषि प्रकाश ठाकुर ने बताया कि जिले में लू का असर कम हो गया है और यह समय कपास की बुवाई के लिए पूरी तरह अनुकूल है। उन्होंने पुष्टि की कि इस वर्ष का लक्ष्य 2.09 लाख हेक्टेयर तय किया गया है और विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    आने वाले दिनों में और बढ़ेगा रकबा
    कृषि विभाग का अनुमान है कि जैसे-जैसे मानसून करीब आएगा, वैसे-वैसे कपास की बुवाई में और तेजी आएगी। फिलहाल किसान अनुकूल मौसम का पूरा फायदा उठा रहे हैं और खेतों में गतिविधियां बढ़ गई हैं।