Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में गजब घटनाओं की भरमार, CMHO ऑफिस में पिल्लों का जन्म, विधायक के बाइक स्टंट से मचा हंगामा

    एमपी में गजब घटनाओं की भरमार, CMHO ऑफिस में पिल्लों का जन्म, विधायक के बाइक स्टंट से मचा हंगामा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में इन दिनों राजनीति प्रशासन और सरकारी व्यवस्थाओं से जुड़ी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो चर्चा का विषय बन गई हैं। कहीं सरकारी स्वास्थ्य कार्यालय में आवारा कुतिया ने छह पिल्लों को जन्म दे दिया तो कहीं प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सांप के पहुंचने से लोगों में हड़कंप मच गया। इसी बीच कालापीपल के भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का बाइक चलाते हुए स्टंट करने का वीडियो सामने आया तो आगर जिले के सुसनेर में कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार का तहसीलदार को फोन पर फटकार लगाने का मामला भी सुर्खियों में आ गया। इन घटनाओं ने सरकारी व्यवस्थाओं से लेकर जनप्रतिनिधियों के आचरण तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    छतरपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यानी CMHO के कार्यालय में रविवार रात एक आवारा कुतिया पहुंच गई। बताया गया कि वह कार्यालय के एक खाली केबिन में अलमारियों और फाइलों के बीच चली गई और वहीं उसने छह पिल्लों को जन्म दे दिया। सोमवार सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो फाइलों के बीच पिल्लों को देखकर हैरान रह गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद कार्यालय की साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो कलेक्टर ने CMHO को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

    इसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल में भी एक सांप के पहुंचने से अफरा तफरी मच गई। अस्पताल की न्यू ओपीडी में सांप काफी देर तक घूमता रहा। उसे देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बाद में काफी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ा गया और अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया। इससे पहले अस्पताल में चूहों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। अब सांप के पहुंचने की घटना ने अस्पताल की साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।

    उधर कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का बाइक चलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में वह कुछ समय के लिए दोनों हाथ छोड़कर बाइक चलाते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठे। विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कोई स्टंट नहीं किया था और यह उत्साह में हो गया। उन्होंने आगे ऐसी गलती नहीं करने की बात कही। खास बात यह है कि विधायक पहले लोगों को हेलमेट और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह देते नजर आए थे।

    आगर जिले के सुसनेर में कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार का तहसीलदार से फोन पर विवाद भी चर्चा में रहा। नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के दौरान विधायक ने बिना सूचना EVM बदले जाने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार से फोन पर नाराजगी जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि बाद में विधायक खुद पूछते सुनाई दिए कि फोन पर कौन था।

    इन घटनाओं के बीच प्रशासनिक गलियारों में संभावित IAS तबादलों की चर्चा भी तेज है। एक जिले के कलेक्टर द्वारा अपनी कुर्सी बचाने के लिए कथित तौर पर प्रभावशाली संपर्कों का सहारा लेने की चर्चा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में इन दिनों सरकारी व्यवस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से जुड़ी कई घटनाएं एक साथ सुर्खियों में हैं।

  • खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात, हर विधानसभा में CM Sports Complex, गांव-शहर में बढ़ेंगी खेल सुविधाएं

    खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात, हर विधानसभा में CM Sports Complex, गांव-शहर में बढ़ेंगी खेल सुविधाएं


    भोपाल । मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश की हर विधानसभा में CM Sports Complex विकसित किए जाएंगे। इन परिसरों में खिलाड़ियों के लिए अलग अलग खेलों के मैदान और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही फिटनेस सेंटर चेंजिंग रूम उपकरण कक्ष फायर सेफ्टी सिस्टम और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं के संचालन के लिए परिसर में हेलीपैड की सुविधा भी उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माणाधीन CM Sports Complex की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ साथ परिसर की उपयोगिता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    इन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की खास बात यह होगी कि एक ही परिसर में कई खेलों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां बैडमिंटन एथलेटिक्स ट्रैक मार्शल आर्ट टेबल टेनिस खो खो कबड्डी वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे खेलों के लिए मैदान और आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी। इससे बच्चों और युवाओं को अपने विधानसभा क्षेत्र में ही नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा। अभी कई खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। विधानसभा स्तर पर आधुनिक खेल परिसरों के विकसित होने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपने आसपास ही अभ्यास का बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है।

    परिसर में सिर्फ खेल मैदान ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों की जरूरत से जुड़ी दूसरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एडमिन ब्लॉक फिटनेस सेंटर उपकरण कक्ष चेंजिंग रूम इलेक्ट्रिकल रूम और फायर सेफ्टी सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं परिसर का हिस्सा होंगी। दिव्यांग खिलाड़ियों और अन्य दिव्यांगजनों के लिए उनकी जरूरत के अनुसार विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य खेल परिसर को अधिक सुविधाजनक और सभी के लिए उपयोगी बनाना है।

    मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत खिलाड़ियों को बेहतर मैदान प्रशिक्षण उपकरण और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। विधानसभा स्तर पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को खेलों के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ी आगे चलकर जिला संभाग राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंच सकेंगे।

    इन परिसरों में हेलीपैड का प्रावधान भी महत्वपूर्ण है। सामान्य परिस्थितियों में इसका उपयोग खेल परिसर का हिस्सा रहते हुए किया जा सकता है जबकि आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं और त्वरित राहत कार्यों में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। सरकार की कोशिश है कि ये परिसर केवल भवन और मैदान बनकर न रह जाएं बल्कि उनका नियमित और प्रभावी उपयोग हो। अधिकारियों को इसी उद्देश्य के साथ निर्माण की गुणवत्ता के साथ सुविधाओं की उपयोगिता और संचालन पर भी ध्यान देने को कहा गया है। यदि योजना के अनुसार इन परिसरों का प्रभावी संचालन होता है तो आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए एक नया मंच मिल सकता है।

  • भोपाल के बाद पूरे MP में कांग्रेस का आंदोलन, जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और कलेक्टर कार्यालय घेराव

    भोपाल के बाद पूरे MP में कांग्रेस का आंदोलन, जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और कलेक्टर कार्यालय घेराव


    भोपाल । मध्यप्रदेश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन बुधवार को जिला स्तर तक पहुंचने जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे और कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करने की तैयारी है। पार्टी की ओर से यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के बीच किया जा रहा है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। देश के दूसरे हिस्सों में भी कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही है और उनके इस्तीफे की मांग सामने रख रही है।

    मध्यप्रदेश में इस आंदोलन की शुरुआत भोपाल से हो चुकी है। 28 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस ने भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किया था। इसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलावा विधायक पूर्व विधायक पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे। उस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का मुक्की की स्थिति भी बनी थी और कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए थे। अब कांग्रेस ने इसी आंदोलन को प्रदेश के अलग अलग जिलों तक ले जाने की रणनीति बनाई है। भोपाल के प्रदर्शन की रिपोर्ट भी सामने आई है जिसमें SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों और CEC के इस्तीफे की मांग का उल्लेख है।

    कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर गंभीर सवाल हैं। पार्टी इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। बुधवार को जिला मुख्यालयों पर होने वाले प्रदर्शनों में यही मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जाने हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता अपने अपने जिलों में एकत्र होकर कलेक्टर कार्यालयों की ओर मार्च करेंगे और वहां प्रदर्शन करेंगे।

    इस बीच चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR 2026 से जुड़ी मतदाता सेवाएं उपलब्ध हैं। आयोग की वेबसाइट पर अंतिम SIR मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा दी गई है। आयोग के अनुसार मतदाता अपने EPIC नंबर या मतदाता संबंधी विवरण के माध्यम से जानकारी देख सकते हैं।

    CEC ज्ञानेश कुमार फिलहाल भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।

    SIR को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन का सिलसिला लगातार जारी है। दूसरी ओर इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच अलग अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में बुधवार को होने वाले जिला स्तरीय प्रदर्शनों पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी। कांग्रेस का आंदोलन कितना व्यापक रहता है और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के दौरान क्या स्थिति बनती है यह दिनभर की प्रमुख राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहेगा।

  • रिटायर्ड IAS की हत्या से भोपाल में सनसनी, नया केयरटेकर गायब, गैस भरकर सबूत मिटाने का प्रयास

    रिटायर्ड IAS की हत्या से भोपाल में सनसनी, नया केयरटेकर गायब, गैस भरकर सबूत मिटाने का प्रयास


    भोपाल । भोपाल में बुधवार सुबह रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। सूरजनगर स्थित उनके घर में उनका शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल के गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि हत्या के पीछे उनके केयरटेकर वरुण कुमार का हाथ हो सकता है जो वारदात के बाद से लापता है। खास बात यह है कि वरुण कुमार को महज दो दिन पहले ही पंजाब की एक एजेंसी के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही उसकी तलाश में जुटी है।

    राकेश अग्रवाल 1982 बैच के IAS अधिकारी थे और सेवानिवृत्ति के बाद अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित मकान में रह रहे थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनकी पत्नी की नींद खुली। वह रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए जाने की तैयारी कर रही थीं लेकिन जब उन्होंने मुख्य दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह बाहर से बंद मिला। इसके बाद उन्होंने दूसरे नौकर राजन थापा को फोन किया। स्थिति असामान्य लगने पर वह घर के अंदर राकेश अग्रवाल के कमरे की ओर गईं। कमरे का दरवाजा खोलने पर जमीन पर राकेश अग्रवाल का शव पड़ा मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    रातीबड़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में राकेश अग्रवाल के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं जिससे हत्या की आशंका मजबूत हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात किस समय हुई और घर में उस दौरान कौन कौन मौजूद था। जांच में केयरटेकर वरुण कुमार का लापता होना भी महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक उसका सामान भी घर में नहीं मिला है। इससे पुलिस की जांच का एक प्रमुख फोकस उसकी तलाश और घटना से उसके संभावित संबंध पर है।

    मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस को घर के अंदर आग लगाने की कोशिश के संकेत मिले हैं। किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला और पूरे घर में गैस फैल गई थी। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद घर में आग लगाकर घटना के निशान मिटाने का प्रयास किया गया था। हालांकि इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    घटना के बाद पुलिस ने घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी व्यक्ति के मकान के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है। पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही घर में काम करने वाले अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद इलाके में भी लोगों के बीच चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस की जांच के केंद्र में लापता केयरटेकर वरुण कुमार है और उसकी तलाश के बाद मामले की कई अहम कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।

  • भोपाल वालों के लिए जरूरी खबर, बिजली कटौती से लेकर बदले ट्रेन रूट तक जानें पूरा अपडेट

    भोपाल वालों के लिए जरूरी खबर, बिजली कटौती से लेकर बदले ट्रेन रूट तक जानें पूरा अपडेट


    भोपाल । भोपाल शहर में आज लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई अहम गतिविधियां देखने को मिलेंगी। बिजली सप्लाई से लेकर रेलवे यातायात और शहर में चल रहे कला संस्कृति से जुड़े आयोजनों तक कई ऐसे अपडेट हैं जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है। सबसे महत्वपूर्ण जानकारी बिजली कटौती को लेकर है। शहर के 100 से अधिक इलाकों में अलग अलग समय पर बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। कई क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली बंद रहेगी जबकि कुछ इलाकों में कटौती का समय दोपहर तक सीमित रहेगा। ईरानी बस्ती भानपुर भानपुर चौराहा अटल नेहरू नगर गीता नगर लीलाधर कॉलोनी समता नगर और शिव नगर फेज 3 एवं 4 सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। इसी तरह जीवन धारा अस्पताल देव माता अस्पताल राजीव नगर बी और सी सेक्टर तथा आसपास के क्षेत्रों में भी इसी अवधि में बिजली बंद रहेगी।

    शहर के कई दूसरे हिस्सों में भी बिजली कटौती का असर दिखाई देगा। शक्ति नगर के विभिन्न सेक्टरों में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक सप्लाई प्रभावित रहेगी। अमलतास कॉलोनी सीआई कॉलोनी एन्क्लेव सागर होम्स चिनार वुड चुनाभट्टी और आसपास के इलाकों में भी दोपहर 2 बजे तक बिजली बंद रहेगी। वहीं कुछ क्षेत्रों में कटौती का समय दोपहर 3 बजे तक और कुछ जगहों पर शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इस वजह से जरूरी काम निपटाने वाले लोगों को अपने क्षेत्र में बिजली कटौती के समय की जानकारी पहले से रखनी होगी।

    रेलवे से जुड़ी खबर भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। दिवाली और छठ पूजा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मध्यप्रदेश से 10 राज्यों के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की गई है। इन सेवाओं से प्रदेश के करीब 30 स्टेशन जुड़ेंगे और राजस्थान उत्तरप्रदेश बिहार झारखंड महाराष्ट्र तेलंगाना आंध्रप्रदेश तमिलनाडु हरियाणा तथा दिल्ली की कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा जोधपुर और चेन्नई के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन के 9-9 ट्रिप चलाए जाएंगे जो भोपाल मंडल के गुना बीना भोपाल और इटारसी से होकर गुजरेंगे।

    दूसरी ओर रेलवे के कुछ कामों के चलते यात्रियों को बदलाव का सामना भी करना पड़ेगा। बीना और आगासौद में यार्ड रीमॉडलिंग के कारण भोपाल मंडल से गुजरने वाली 20 यात्री ट्रेनें अलग अलग तारीखों में प्रभावित रहेंगी। अक्टूबर में कसारा क्षेत्र में रेल लाइन के काम के कारण भोपाल होकर चलने वाली 23 ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव रहेगा। वहीं 26 सितंबर से मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ एक्सप्रेस भोपाल स्टेशन के बजाय निशातपुरा स्टेशन पर ठहरेंगी।

    शहर में कला और संस्कृति से जुड़े आयोजन भी जारी हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में 30 सितंबर तक पुस्तक प्रदर्शनी चल रही है। भारत भवन में रूपाभ चित्र प्रदर्शनी 4 अक्टूबर तक जारी रहेगी जबकि मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में भील चित्रकार बाबू ताहेड़ के चित्रों की प्रदर्शनी 30 सितंबर तक देखी जा सकती है। गौहर महल में 11 अक्टूबर तक स्टेट हैंडलूम एक्सपो आयोजित किया जा रहा है जहां देश के अलग अलग राज्यों के हाथकरघा उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

    युवाओं और विद्यार्थियों के लिए भी जरूरी अपडेट है। विकसित भारत चुनौती प्रतियोगिता के पहले चरण के डिजिटल क्विज के लिए 30 सितंबर तक माय भारत पोर्टल पर पंजीयन किया जा सकता है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों को देश के 22 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिलाने की योजना के तहत प्रस्ताव भी 30 सितंबर तक मांगे गए हैं।

  • MP से इसी हफ्ते मानसून की विदाई, आज 19 जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में खिलेगी धूप

    MP से इसी हफ्ते मानसून की विदाई, आज 19 जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में खिलेगी धूप


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का सिलसिला इसी सप्ताह शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून लौटेगा। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से भी इसकी वापसी शुरू होगी। मानसून की विदाई से पहले अगले तीन दिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से गुजर रही है और अब मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक पहुंच चुकी है। इसी वजह से प्रदेश में बारिश का सिस्टम कमजोर पड़ने लगा है और कई इलाकों में धूप खिल रही है।

    आज 19 जिलों में बूंदाबांदी और गरज-चमक का अलर्ट

    बुधवार को प्रदेश के 19 जिलों में हल्की बारिश, बूंदाबांदी, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनने के आसार हैं। इनमें बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और पन्ना शामिल हैं।

    इन जिलों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय मौसम में बदलाव के कारण कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    भोपाल-इंदौर, उज्जैन में खिली धूप

    दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन और नीमच में बुधवार को धूप खिलने का अनुमान है।

    इसके अलावा आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

    3 अक्टूबर से साफ हो जाएगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 3 अक्टूबर को बारिश के बादल पूरे प्रदेश से छंट जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    यानी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह कमजोर पड़ने के साथ मानसून की विदाई का दौर भी आगे बढ़ेगा।

    4 संभागों में औसत से 4% ज्यादा बारिश

    इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा औसत से 4% ज्यादा है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे से अधिक पानी गिर चुका है।

    हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में बारिश का आंकड़ा 3% से 21% तक कम है।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में बारिश कम

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में इस बार बारिश औसत से कम रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन जिलों में औसत से ज्यादा पानी

    वहीं अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मानसून की विदाई की तारीख नजदीक आने के साथ अब प्रदेश में इस सीजन की कुल बारिश के 100 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना कम है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण अब मौसम का रुख मानसून की विदाई और धूप बढ़ने की ओर रहेगा।

  • आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर हाईकोर्ट की सख्ती, सरकार ने बताया 6 महीने में 15 हजार का आंकड़ा, 3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

    आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर हाईकोर्ट की सख्ती, सरकार ने बताया 6 महीने में 15 हजार का आंकड़ा, 3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई


    जबलपुर। मध्यप्रदेश में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत के सामने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी रखी गई। अब इस मामले में 3 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे फिर सुनवाई होगी। इसके बाद हाईकोर्ट की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी जहां मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को प्रस्तावित है।

    मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच कर रही है। सुनवाई के दौरान अदालत मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा ने सरकार की ओर से पेश की गई कार्रवाई और इंतजामों को संतोषजनक बताया। इसके बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि 3 नवंबर को सरकार की रिपोर्ट पर विस्तार से विचार किया जाएगा और जरूरत के अनुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।

    दरअसल आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी कई निर्देश जारी कर चुका है। 22 अगस्त 2025 और 7 नवंबर 2025 को शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे से जुड़े दिशा निर्देश दिए थे। इसके बाद 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट को इस विषय पर स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करने को कहा था। शीर्ष अदालत ने इस समस्या के समाधान तक मामले की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए थे। इसी क्रम में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामले को संज्ञान में लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा।

    हाईकोर्ट के सामने सरकार की ओर से पेश जवाब में बताया गया कि प्रदेश में आवारा कुत्तों की संख्या और उनसे जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। सरकार के अनुसार पिछले छह महीनों के दौरान 15 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और कुत्तों के नियंत्रण से जुड़े दूसरे उपायों की जानकारी भी अदालत के सामने रखी।

    सरकार ने कचरा प्रबंधन और आवारा कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर भोजन मिलने की समस्या को लेकर भी कदम उठाने की बात कही है। खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों को खाद्य अपशिष्ट का उचित निपटान करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्हें कचरा बंद डस्टबिन में रखने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही खान-पान के स्टॉल के आसपास आवारा कुत्तों को भोजन नहीं कराने के लिए भी कहा जा रहा है।

    अब हाईकोर्ट 3 नवंबर को सरकार की ओर से पेश आंकड़ों और उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा। इसके बाद अदालत की ओर से जरूरी निर्देश जारी किए जा सकते हैं। हाईकोर्ट की रिपोर्ट आगे सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी और 17 नवंबर को शीर्ष अदालत में इस मामले पर आगे की सुनवाई होगी।

  • सीधी में पुलिस टीम पर हमला, चार गाड़ियों में आए बदमाश फायरिंग और मारपीट के बाद NDPS आरोपी को छुड़ाकर फरार

    सीधी में पुलिस टीम पर हमला, चार गाड़ियों में आए बदमाश फायरिंग और मारपीट के बाद NDPS आरोपी को छुड़ाकर फरार

    सीधी जिले: के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में रीवा-सीधी सीमा पर स्थित छुहिया घाटी में मंगलवार दोपहर ओडिशा पुलिस की टीम पर हमला कर NDPS मामले के आरोपी को छुड़ाकर ले जाने की घटना सामने आई है। करीब दोपहर 1 बजे चार गाड़ियों में आए बदमाशों ने पुलिस टीम को घेर लिया और कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर तीन बार गोलियां चलाईं और बेसबॉल बैट से भी हमला किया। वारदात के बाद आरोपी आदित्य मिश्रा को पुलिस के कब्जे से छुड़ाकर अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आसपास के थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया।

    जानकारी के अनुसार, ओडिशा पुलिस की टीम NDPS मामले में गिरफ्तार आरोपी आदित्य मिश्रा को ओडिशा से रीवा जिला न्यायालय में पेशी के लिए लेकर आ रही थी। पुलिस टीम जब छुहिया घाटी से गुजर रही थी, तभी चार गाड़ियों में सवार बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेर लिया। इसके बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने तीन बार फायरिंग की और पुलिसकर्मियों के साथ बेसबॉल बैट से मारपीट भी की। हमले के दौरान बदमाशों ने आरोपी आदित्य मिश्रा को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया और उसे अपने साथ लेकर मौके से फरार हो गए।

    घटना के समय ओडिशा पुलिस की टीम में कुल आठ पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिसकर्मी AK-47, पिस्टल सहित अन्य हथियारों से लैस बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद चार वाहनों में आए बदमाश आरोपी को छुड़ाकर मौके से निकलने में सफल रहे। पुलिस के अनुसार, हमले में फायरिंग और मारपीट की गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। आसपास के थानों की पुलिस को भी तत्काल रवाना किया गया, ताकि फरार आरोपियों और आरोपी आदित्य मिश्रा की तलाश की जा सके।

    मामले की सूचना मिलने के बाद सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के थानों की पुलिस को रवाना किया गया था। ओडिशा पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पुलिस टीम पर तीन बार गोलियां चलाईं और इसके बाद आरोपी को जबरन छुड़ाकर अपने साथ ले गए। पुलिस टीम पर हमला होने के बावजूद फिलहाल किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    घटना के बाद पुलिस ने फरार आरोपियों और छुड़ाए गए NDPS आरोपी आदित्य मिश्रा की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद बदमाशों की गाड़ियां मैहर जिले की ओर रवाना हुई हैं। इसके आधार पर पुलिस आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की तलाश कर रही है और संदिग्ध लोगों की पहचान में जुटी है। छुहिया घाटी और आसपास के इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। पुलिस टीम पर फायरिंग, मारपीट और आरोपी को छुड़ाकर ले जाने की इस घटना के बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए फरार लोगों की तलाश की जा रही है।

  • मध्यप्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर अस्थायी सूची में जगह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई

    मध्यप्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर अस्थायी सूची में जगह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई


    मध्यप्रदेश: की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने से प्रदेशवासियों में खुशी और गर्व का माहौल है। राज्य के चार प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला और चंबल घाटी के मंदिर समूह को यूनेस्को की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्ध पुरासंपदा को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलना सभी के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। इन स्थलों को अस्थायी सूची में जगह मिलने से प्रदेश की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों की पहचान विश्व स्तर पर पहुंची है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी विश्व पटल पर पहचान प्राप्त हो रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे मध्यप्रदेश की पुरासंपदा और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिला है।

    डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला और चंबल घाटी के मंदिर समूह को अस्थायी सूची में शामिल किया जाना राज्य की सांस्कृतिक संपदा के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपनी विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी मध्यप्रदेशवासियों को अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने और उनके महत्व को समझने के लिए साझा संकल्प को और मजबूत करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने विरासत को विश्वभर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संपदा को संरक्षित करने के साथ-साथ उसकी पहचान दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए प्रदेशवासियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के संकल्प को मजबूत करना होगा। यूनेस्को की अस्थायी सूची में इन चार स्थलों को स्थान मिलने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इसे मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के लिए गौरव का विषय बताया।

  • मध्य प्रदेश कैबिनेट के 24,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर, सिंचाई परियोजनाओं से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक बड़े फैसले

    मध्य प्रदेश कैबिनेट के 24,500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर, सिंचाई परियोजनाओं से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक बड़े फैसले

    मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 29 सितंबर को मंत्रालय में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में करीब 24,500 करोड़ रुपये के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के गायन के साथ हुई। इसमें स्कूली शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन, स्वास्थ्य, न्यायिक सुविधाओं और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। स्वीकृत प्रस्तावों में पुनरीक्षित और संशोधित योजनाओं के साथ विभिन्न योजनाओं को निरंतर जारी रखने से संबंधित निर्णय भी शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

    कैबिनेट ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए चार बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी। दतिया की मां रतनगढ़ सिंचाई परियोजना के लिए 1,608 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके माध्यम से 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 524 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी। सागर सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसके माध्यम से 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उज्जैन की खान डायवर्सन योजना के तहत क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से 30 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना का 51 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा दमोह-कटनी 105 किलोमीटर लंबे विंध्य विकास पथ के लिए 4,470 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

    स्वास्थ्य और न्यायिक सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसले लिए। मेडिकल कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों में सिंगरौली मेडिकल कॉलेज में 150 एमबीबीएस सीटों के लिए 372 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज की लागत 768 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 953 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही कोर्ट भवनों के निर्माण के लिए 651 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3,113 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इन निर्णयों के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और न्यायिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार का रास्ता तैयार किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाने और कृषि क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

    शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रस्तावों में शासकीय स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों को गणवेश के लिए प्रति विद्यार्थी 600 रुपये देने का फैसला किया गया। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार कुल 348 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाकर वर्षों से लंबित 900 से अधिक पदों पर अनुकंपा नियुक्तियां भी की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंबित अनुकंपा नियुक्तियों के संबंध में अन्य विभागों को भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसके अलावा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू वर्गों के छात्रावासों, कल्याण आश्रमों और संबंधित संस्थानों को अब एक रुपये प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। पहले इन संस्थानों को 12 किलो अनाज पांच रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाता था, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्गों के छात्रावासों को एक रुपये प्रति किलो की दर से अनाज मिलता था।

    बैठक में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के विकास पर भी चर्चा हुई। मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में भारत के 78 स्थलों में मध्य प्रदेश के 19 स्थल शामिल हैं। इनमें बाग गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएं शामिल हैं। प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और टाइगर रिजर्व तथा वन्यजीव अभयारण्यों के विकास पर लगातार काम किया जा रहा है। पर्यटन को रोजगार और स्थानीय विकास के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने हिंदी फिल्मों के अभिनेता मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने लगभग 500 फिल्मों में अभिनय किया था। उनका जन्म, बचपन और शिक्षा-दीक्षा बालाघाट में हुई थी। बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का भी उल्लेख किया गया, जिसका शुभारंभ 25 सितंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। इसी अवसर पर भोपाल का लंबित मास्टर प्लान जारी किया गया और जनता से सुझाव मांगे गए।