Category: Madhya Pradesh

  • MP: खरगोन में एबी रोड पर क्रूड ऑयल के खाली टैंकर में हुआ ब्लास्ट…..दूर खड़े चरवाहे की मौत

    MP: खरगोन में एबी रोड पर क्रूड ऑयल के खाली टैंकर में हुआ ब्लास्ट…..दूर खड़े चरवाहे की मौत


    खरगोन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone district) में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (Agra-Mumbai National Highway) पर मगरखेड़ी के पास रविवार शाम को क्रूड ऑयल (Crude oil) के खाली टैंकर में वेल्डिंग के दौरान भीषण धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि टैंकर के टुकड़े 500 मीटर दूर तक बिखर गए। हादसे में दूर खड़े एक चरवाहे की मौत हो गई। इस विस्फोट में टैंकर चालक और वेल्डिंग मैकेनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनको किसी बड़े अस्पताल रेफर किया गया है।

    घटना खरगोन के कसरावद इलाके के मगरखेड़ी गांव में एक वेल्डिंग वर्कशॉप में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह विस्फोट तब हुआ जब मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे के किनारे खड़े एक टैंकर के पिछले हिस्से की मरम्मत का काम चल रहा था। धमाका इतना जोरदार था कि टैंकर के टुकड़े 500 मीटर दूर तक बिखर गए। इस भीषण धमाके के कारण पूरे मगरखेड़ी गांव में अफरातफरी मच गई।


    टैंकर चालक और वेल्डिंग मिस्त्री जख्मी

    स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट के बाद उड़े धातु की टुकड़ों की चपेट में बकरियां चरा रहे भीम रोकड़े (45) आ गए। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट में टैंकर चालक और वेल्डिंग मिस्त्री भी बुरी तरह जख्मी हो गए। घायलों को आनन फानन में ठीकरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने भीम रोकड़े को मृत घोषित कर दिया।


    ड्राइवर और वेल्डिंग मैकेनिक बड़े अस्पताल रेफर

    विस्फोट में घायल टैंकर ड्राइवर और वेल्डिंग मैकेनिक को प्राथमिक इलाज के बाद दूसरे किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास खड़ी एक कार और मकानों के कांच भी टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर में वेल्डिंग का काम चल रहा था तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।


    घायलों की हालत नाजुक

    ब्लास्ट के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शुरुआत में गांव के लोगों ने ही बचाव कार्य चलाया। विस्फोट में जख्मी टैंकर चालक का नाम विनोद (45) है जो भैंसाचौबे, जिला बस्ती (यूपी) का निवासी बताया जाता है। वेल्डिंग मिस्त्री नितेश (35) बिहार के रहने वाले बताए जाते हैं। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही खलटाका पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।


    कैसे हुआ हादसा?

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेल खाली करने के बाद टैंकर में वेल्डिंग कराई जा रही थी। वेल्डिंग के कारण बढ़े तापमान से टैंकर में गैस बन गई। इस कारण विस्फोट हो गया। यह टैंकर आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के गढ़ी मोगा से क्रूड ऑयल लेकर झाबुआ जिले के मेघनगर पहुंचा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

    मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और इसका असर अलग अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाएं और गरज चमक के साथ बारिश भी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेना बेहद जरूरी हो गया है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड दिल्ली हरियाणा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा से नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ सकता है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    पूर्वी भारत के बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा बना हुआ है इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावना है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    कुछ क्षेत्रों में बारिश के बावजूद उमस लोगों को परेशान कर सकती है। जहां वर्षा कम होगी वहां दिन में गर्मी और नमी का असर महसूस होगा। ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना हल्के कपड़े पहनना और धूप में लंबे समय तक रहने से बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई राज्यों में रुक रुक कर बारिश होती रहेगी जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी हो तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। सावधानी और सतर्कता ही बदलते मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

  • MP Weather: मप्र में 16 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम, फिलहाल 22 जिलों में आज हल्की बारिश के आसार

    MP Weather: मप्र में 16 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम, फिलहाल 22 जिलों में आज हल्की बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। प्रदेश के करीब 60 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल छंट चुके हैं, जिसके चलते अगले पांच दिनों तक कहीं भी भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 16 जुलाई से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने के संकेत हैं।

    फिलहाल प्रदेश में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहेगा। सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर जिलों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

    वहीं, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया और ग्वालियर में मौसम सामान्य रहने के साथ धूप निकलने के आसार हैं।

    फिलहाल रिमझिम बारिश, भारी बरसात के संकेत नहीं
    मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर बनी हुई है। इसी वजह से पिछले चार-पांच दिनों से प्रदेश में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। आने वाले कुछ दिनों तक केवल हल्की बारिश या रिमझिम फुहारें पड़ने की संभावना है, जबकि 16 जुलाई के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    मानसून की रफ्तार क्यों हुई धीमी?
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून को सक्रिय बनाए रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं या उनका प्रभाव मध्य प्रदेश से दूर हो गया है। इसी कारण अधिकांश इलाकों में केवल बादल छाए रहने और हल्की बारिश जैसी स्थिति बनी हुई है।

    बंगाल की खाड़ी से नए सिस्टम का इंतजार
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बनने की संभावना है। यदि यह आगे चलकर निम्न दाब क्षेत्र में परिवर्तित होता है तो मध्य प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में तीन नए मौसम तंत्र विकसित होने की संभावना जताई गई है। इनमें से यदि कोई एक बंगाल की खाड़ी तक पहुंचता है, तो मानसून दोबारा सक्रिय होकर प्रदेश में अच्छी बारिश करा सकता है।

    सामान्य से सिर्फ 1 प्रतिशत अधिक बारिश
    पिछले पांच दिनों से भारी बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश में वर्षा का अतिरिक्त आंकड़ा लगातार घटा है। पहले यह सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक था, जो अब घटकर सिर्फ 1 प्रतिशत रह गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी (9.5 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 239.8 मिमी (9.4 इंच) है। यानी अब तक सामान्य से केवल 1 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जो पूरे मानसून कोटे का लगभग 25 प्रतिशत है।

  • एमपी में मिड डे मील योजना पर घोटाले की आशंका 74 हजार रसोइयों के रिकॉर्ड जांच के दायरे में

    एमपी में मिड डे मील योजना पर घोटाले की आशंका 74 हजार रसोइयों के रिकॉर्ड जांच के दायरे में


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में स्कूली बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील की व्यवस्था एक बड़े सवालों के घेरे में आ गई है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत रसोइयों और सहायकों के मानदेय भुगतान में गंभीर अनियमितताओं की आशंका सामने आने के बाद राज्य सरकार ने व्यापक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शुरुआती समीक्षा में पता चला है कि हजारों मामलों में रसोइयों के नाम और पते तो सही दर्ज हैं लेकिन उनके बैंक खातों की जगह किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में मानदेय भेजा जा रहा है। इस खुलासे ने करोड़ों रुपये के संभावित फर्जीवाड़े की आशंका को जन्म दे दिया है।

    प्रदेशभर में संचालित इस योजना के तहत हर महीने लगभग 20 करोड़ रुपये रसोइयों और सहायकों के मानदेय के रूप में वितरित किए जाते हैं। योजना के पोर्टल की समीक्षा के दौरान 74 हजार से अधिक रसोइयों और सहायकों के पंजीयन तथा भुगतान संबंधी रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    सरकार ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को 20 जुलाई 2026 तक रसोइयों और सहायकों का अनिवार्य सत्यापन पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कर्मचारी का ई केवाईसी समग्र आईडी और बैंक खाते का मिलान किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपडेट होगी और उसके बाद ही मानदेय का भुगतान किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी खातों में जाने वाले भुगतान पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकेगी।

    जांच प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकासखंड स्तर पर ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे सभी रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन करेंगे और यदि किसी भी स्तर पर डुप्लीकेट या फर्जी पंजीयन मिलता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग और समीक्षा भी की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियां दोबारा सामने न आएं।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी स्कूल में निर्धारित संख्या से अधिक रसोइयों का पंजीयन पाया जाता है तो अतिरिक्त कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान शासन नहीं करेगा। ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी की होगी। इससे अनावश्यक और फर्जी भुगतान पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    अस्थायी एवं आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने इस मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों से यह योजना संचालित हो रही है लेकिन आज तक सरकार के पास रसोइयों और सहायकों का पूरी तरह प्रमाणित और अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना चिंता का विषय है। उनके अनुसार यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि संभावित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के पोर्टल को एजुकेशन पोर्टल 3.0 से भी जोड़ दिया है। अब सभी प्रधानाध्यापक केवल आधिकारिक लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से ही पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे। इसी तरह ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर के लिए भी अधिकृत लॉगिन अनिवार्य कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनधिकृत एंट्री या बदलाव की संभावना समाप्त हो सके।

    सरकार का मानना है कि सत्यापन अभियान पूरा होने के बाद योजना का पूरा भुगतान तंत्र अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। यदि जांच में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा साबित होता है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। इस अभियान के नतीजों पर अब पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।

  • 116 करोड़ की इमारतों में बंद लिफ्ट 5 करोड़ की साइकिलें बेकार स्मार्ट सिटी की हकीकत ने चौंकाया

    116 करोड़ की इमारतों में बंद लिफ्ट 5 करोड़ की साइकिलें बेकार स्मार्ट सिटी की हकीकत ने चौंकाया


    भोपाल । भोपाल स्मार्ट सिटी मिशन को देश की सबसे महत्वाकांक्षी शहरी विकास योजनाओं में शामिल किया गया था। आधुनिक सुविधाओं से लैस राजधानी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में शुरू हुई इस परियोजना पर अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब सत्तारूढ़ दल के विधायक भगवानदास सबनानी ने भी खुलकर कहा है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर का नुकसान हुआ और बदले में नागरिकों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकीं।

    जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में विधायक की नाराजगी के बाद सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि कई परियोजनाएं या तो अधूरी हैं या फिर रखरखाव के अभाव में अपनी उपयोगिता खो चुकी हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए आवासीय टावर इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। करीब 116 करोड़ रुपये की लागत से बने तीन 13 मंजिला टावरों में सरकारी कर्मचारियों को फ्लैट आवंटित किए गए लेकिन कुछ ही समय में लिफ्ट बंद हो गईं और रखरखाव की जिम्मेदारी तय नहीं होने से रहवासी परेशान हैं। अग्निशमन व्यवस्था डोर कैमरे पार्क और अन्य सुविधाएं भी उचित देखरेख के अभाव में प्रभावित हो रही हैं।

    स्मार्ट सिटी क्षेत्र में लगभग 49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हाट बाजार भी सवालों के घेरे में है। तीन मंजिला इमारत में सैकड़ों दुकानें बनाई गईं लेकिन पार्किंग और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वर्षों पहले दुकानों का वादा किया गया था लेकिन आज तक उन्हें आवंटन नहीं मिला।

    करीब 31 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा स्मार्ट दशहरा मैदान भी अब तक अधूरा पड़ा है। धीमी निर्माण गति के कारण यह स्थान असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। लगातार टेंडर प्रक्रिया के बावजूद परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

    स्मार्ट सिटी की सबसे चर्चित योजनाओं में शामिल सार्वजनिक साइकिल परियोजना भी पूरी तरह विफल साबित हुई। वर्ष 2018 में लगभग 5 करोड़ 36 लाख रुपये खर्च कर खरीदी गई 500 साइकिलें अब धूल खा रही हैं। जिन साइकिल ट्रैक पर इन्हें चलाया जाना था वे भी कई स्थानों पर उखड़ चुके हैं। अब दोबारा नई एजेंसी नियुक्त करने और नए सिरे से काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है जिससे अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ेगा।

    इसी तरह स्मार्ट सिटी क्षेत्र में विकसित किए गए बड़े व्यावसायिक प्लॉट भी अपेक्षित खरीदार नहीं जुटा सके हैं। कुल 42 प्लॉटों में से केवल 18 ही बिक पाए हैं जबकि शेष खाली पड़े हैं। विधायक का सुझाव है कि बड़े प्लॉटों को छोटे हिस्सों में विभाजित किया जाए ताकि छोटे और मध्यम व्यापारी भी निवेश कर सकें और परियोजना को गति मिल सके।

    शहर में लगाए गए स्मार्ट पोल भी अपनी घोषित सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा सके। वाईफाई ई वाहन चार्जिंग और पब्लिक एड्रेस सिस्टम जैसी सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई स्मार्ट डस्टबिन परियोजना भी विफल रही। इसके अलावा हजारों पेड़ों की कटाई पर्यावरण को लेकर चिंता का विषय बनी हुई है जबकि कई खाली सरकारी परिसरों पर दोबारा अवैध कब्जों की शिकायतें सामने आ रही हैं।

    हालांकि सदर मंजिल जैसे कुछ प्रोजेक्ट बेहतर उपयोग के उदाहरण बने हैं जहां ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण कर उसे निजी संचालन के माध्यम से राजस्व से जोड़ा गया है। लेकिन समग्र तस्वीर यह संकेत देती है कि स्मार्ट सिटी मिशन में केवल निर्माण कार्य पर्याप्त नहीं है बल्कि समय पर रखरखाव जवाबदेही और योजनाओं के प्रभावी संचालन पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। भोपाल का अनुभव यह बताता है कि विकास केवल करोड़ों रुपये खर्च करने से नहीं बल्कि नागरिकों तक सुविधाएं पहुंचाने से सफल माना जाएगा।

  • देशभर की ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना 15 वारंट वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश पुलिस के शिकंजे में

    देशभर की ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना 15 वारंट वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश पुलिस के शिकंजे में

    नई दिल्ली । रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराकर वर्षों तक पुलिस को चुनौती देने वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। भोपाल जीआरपी ने करीब 11 साल से फरार चल रहे सत्यभान सांसी को गिरफ्तार कर एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आरोपी पर देश के अलग अलग हिस्सों में दर्ज कई मामलों के साथ कुल 15 स्थायी और गिरफ्तारी वारंट लंबित थे। उसकी गिरफ्तारी को रेलवे पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी सत्यभान सांसी हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला है और सांसी गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जाता है। यह गिरोह लंबे समय से ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य बड़ी सफाई से यात्रियों के बैग और वॉलीबैग पर ब्लेड या चाकू से चीरा लगाकर नकदी जेवर और कीमती सामान निकाल लेते थे। कई बार यात्रियों को चोरी की जानकारी तब होती थी जब ट्रेन अपने गंतव्य तक पहुंच जाती थी।

    जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि राजस्थान उत्तर प्रदेश हरियाणा पंजाब और असम सहित कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। अलग अलग राज्यों की पुलिस लंबे समय से गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही थी लेकिन वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहने के कारण गिरफ्त से बाहर थे।

    भोपाल जीआरपी ने पुराने लंबित वारंटों की तामील के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान सत्यभान की तलाश तेज की गई। पुलिस टीम ने हरियाणा के भिवानी हिसार और आसपास के कई इलाकों में लगातार दबिश दी लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जांच में साइबर तकनीक का सहारा लिया गया। साइबर सेल ने आरोपी के मोबाइल डेटा और लोकेशन का विश्लेषण किया तथा उसके मूवमेंट पर लगातार नजर रखी।

    कुछ समय बाद अचानक आरोपी का मोबाइल गुवाहाटी में बंद हो गया जिससे पुलिस को शक हुआ कि वह किसी अन्य मामले में पकड़ा गया होगा। जांच आगे बढ़ाई गई तो यह जानकारी मिली कि सत्यभान असम के जालुकबाड़ी क्षेत्र में एक अन्य अपराध के मामले में गिरफ्तार होकर गुवाहाटी सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को गुवाहाटी से भोपाल लाया गया।

    भोपाल पहुंचने के बाद उसके खिलाफ दर्ज सभी 15 लंबित वारंटों की तामील की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ चोरी आदतन अपराध और साक्ष्य छिपाने जैसी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। उस पर 54 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। वर्षों से फरार रहने के कारण वह रेलवे पुलिस की वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था।

    रेलवे पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से ट्रेनों में सक्रिय चोरी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बदमाशों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों ठिकानों और विभिन्न राज्यों में हुई वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी सफलता मिलेगी।

  • एमपी में अगले चार दिन होगी हल्की बारिश, इंदौर समेत 27 जिलों में आज बूंदाबांदी का अलर्ट

    एमपी में अगले चार दिन होगी हल्की बारिश, इंदौर समेत 27 जिलों में आज बूंदाबांदी का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अगले चार दिनों तक लगभग ऐसा ही बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है, जबकि इंदौर सहित 27 जिलों में रविवार को हल्की बारिश और बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन संभाग में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को भिंड, दतिया, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खरगोन, धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है।

    इसके विपरीत ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है।

    पिछले तीन दिनों से प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसके चलते अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में उमस का असर बना रहा।

    प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक बारिश
    इस वर्ष जून महीने में प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के बावजूद सामान्य कोटे से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई अच्छी बारिश ने यह कमी पूरी कर दी और वर्षा सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक हो गई थी।

    मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण यह बढ़त अब घटकर 8 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 9.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से 8.7 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस आधार पर प्रदेश में अब तक सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक और सीजन के कुल कोटे की लगभग 25 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

  • देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें

    देवास में तेज रफ्तार का कहर, 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत; दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट ने नम कीं आंखें


    देवास । देवास के बालगढ़ रोड पर शुक्रवार रात हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। महज 14 वर्षीय छात्र जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ घूमने निकला था, लेकिन घर लौटने से पहले ही सड़क दुर्घटना ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। हादसे में उसके दोनों दोस्त मामूली रूप से घायल हुए, जबकि जैद को अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और जैद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    जानकारी के अनुसार दुर्घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे अष्टविनायक कॉलोनी के पास बालगढ़ रोड पर हुई। शांतिपुरा निवासी जैद खान अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से घूमने निकला था। लौटते समय उनकी बाइक सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और एक परिचित की सहायता से तीनों को ऑटो में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जैद खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दोनों दोस्तों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई क्योंकि उन्हें केवल मामूली चोटें आई थीं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैद का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    परिजनों के अनुसार जैद आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ-साथ बेहद मिलनसार स्वभाव का था। उसके पिता ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और साथ ही एक छोटी किराना दुकान भी संचालित करते हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मोहल्ले में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि जैद सभी का चहेता था और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाला बच्चा था।

    हादसे के बाद जैद के दोस्तों और परिचितों ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किए। एक दोस्त ने लिखा कि आ जाना यार हमेशा की तरह एक आवाज पर जबकि अन्य दोस्तों ने उसे श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि जहां भी रहो दोस्त हमेशा खुश रहो। इन संदेशों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं और यह एहसास कराया कि एक सड़क हादसा केवल एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे दोस्ती के रिश्ते को भी गहरा जख्म दे जाता है।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कार और बाइक की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे लापरवाही किसकी थी।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर रात के समय वाहन चलाते समय सावधानी और यातायात नियमों का पालन कितना जरूरी है, यह घटना उसकी दुखद याद दिलाती है। एक पल की चूक ने एक मासूम छात्र की जिंदगी छीन ली और उसके परिवार को ऐसा दर्द दे दिया जिसे शायद समय भी कभी पूरी तरह भर नहीं पाएगा।

  • पहली बारिश में बह गई करोड़ों के पुल की सुरक्षा दीवार निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल ग्रामीणों ने मांगी तकनीकी जांच

    पहली बारिश में बह गई करोड़ों के पुल की सुरक्षा दीवार निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल ग्रामीणों ने मांगी तकनीकी जांच


    देवास । देवास जिले के होशियारी और मकोडिया गांवों को जोड़ने वाला करोड़ों रुपए की लागत से बना स्टॉप डैम कम पुल पहली ही बारिश के बाद सवालों के घेरे में आ गया है। मानसून की शुरुआती बारिश में ही पुल के दोनों ओर बनाई गई प्रोटेक्शन वॉल बह गई जबकि उसके पीछे भरी गई मिट्टी भी कई स्थानों से कट गई। इस घटना ने निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुल पर आवागमन जारी है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में तेज बारिश या बाढ़ का दबाव बढ़ा तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

    मौके पर निरीक्षण के दौरान पुल के दोनों सिरों पर सुरक्षा दीवार के कई हिस्से क्षतिग्रस्त मिले। जहां मजबूत प्रोटेक्शन वॉल बनाई गई थी वहां अब केवल कंक्रीट के अवशेष और बह चुकी मिट्टी दिखाई दे रही है। पुल के एप्रोच मार्ग के पास भराव मिट्टी के बह जाने से कई स्थानों पर गड्ढेनुमा स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी तक नदी में बड़ा उफान भी नहीं आया है। केवल सामान्य बारिश और शिप्रा नदी में छोड़े गए पानी के बहाव से ही यह नुकसान हुआ है। ऐसे में यदि मानसून के अगले दौर में जलस्तर बढ़ा तो पुल की नींव तक खतरा पहुंच सकता है।

    ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इरफान पटेल धीरज बना गोलू वर्मा टेपू शेख रंजन सिंह चौहान लाखन सिंह राठौर नवाब शेख और शेर मोहम्मद पटेल सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। उनका आरोप है कि सरियों और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कमजोर रही जिसके कारण पहली ही बारिश में सुरक्षा दीवार टिक नहीं सकी। ग्रामीणों के अनुसार मार्च में भूमिपूजन के बाद जल्दबाजी में करीब 28 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया था। उनका कहना है कि करोड़ों रुपए की इस परियोजना की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    मामला सामने आने के बाद हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी ने पुल का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर निर्माण गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है और यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जहां कमी पाई गई है उसे तत्काल दूर कराया जाएगा ताकि भविष्य में किसी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे।

    सिंचाई विभाग की एसडीओ नेहा दुबे ने बताया कि पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और नुकसान केवल प्रोटेक्शन वॉल तथा उसके पीछे की भराव मिट्टी तक सीमित है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य अभी जारी है और ग्वालियर की कटारे कंस्ट्रक्शन कंपनी इस परियोजना का निर्माण कर रही है। एजेंसी का अंतिम भुगतान भी अभी नहीं किया गया है। विभाग के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से की दोबारा मरम्मत कराई जाएगी तथा पूरी प्रोटेक्शन वॉल नए सिरे से बनाई जाएगी। बारिश का दौर थमने के बाद शेष निर्माण कार्य भी पूरा कराया जाएगा।

    फिलहाल इस पूरे मामले में ग्रामीणों और विभाग के दावों के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। एक ओर ग्रामीण निर्माण में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी ओर विभाग मुख्य पुल को सुरक्षित बताते हुए केवल सुरक्षा दीवार की मरम्मत की बात कह रहा है। अब सभी की नजर प्रस्तावित तकनीकी जांच और मानसून के अगले दौर पर टिकी है क्योंकि तेज बारिश ही यह तय करेगी कि पुल का निर्माण वास्तव में कितना मजबूत और सुरक्षित है।

  • माता टेकरी में हादसे की आहट कुमार गंधर्व द्वार से टूटे पत्थर एक श्रद्धालु घायल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

    माता टेकरी में हादसे की आहट कुमार गंधर्व द्वार से टूटे पत्थर एक श्रद्धालु घायल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप


    देवास  देवास की आस्था का प्रमुख केंद्र माता टेकरी शनिवार सुबह उस समय अचानक चर्चा का विषय बन गया जब रपट मार्ग पर स्थित कुमार गंधर्व प्रवेश द्वार से पत्थर टूटकर नीचे गिर पड़े। इस अप्रत्याशित घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया जबकि संयोग से बड़ा हादसा टल गया। जिस समय यह घटना हुई उस दौरान द्वार के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी और कुछ लोग पास में खड़े होकर चाय पी रहे थे। यदि उस समय वहां अधिक भीड़ होती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक प्रवेश द्वार के ऊपरी हिस्से से लाल पत्थरों के कई टुकड़े टूटकर नीचे आ गिरे। किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और एक बड़ा पत्थर नीचे खड़े व्यक्ति के पैर पर गिर गया जिससे उसे चोट लग गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल की मदद की और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद कुछ देर के लिए वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालु भयभीत नजर आए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि माता टेकरी देवास का प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और त्योहारों पर यहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में प्रवेश द्वार जैसी महत्वपूर्ण संरचना से पत्थर गिरना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस तरह की संरचनाओं की नियमित जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

    घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रवेश द्वार और रपट मार्ग की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही जिन स्थानों पर पत्थर ढीले हैं या संरचना कमजोर हो चुकी है वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि किसी भी श्रद्धालु की जान जोखिम में न पड़े। लोगों ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

    माता टेकरी न केवल देवास बल्कि आसपास के जिलों के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिदिन दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। फिलहाल इस घटना में केवल एक व्यक्ति घायल हुआ है लेकिन इसे चेतावनी के रूप में देखते हुए प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

    स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रवेश द्वार की मजबूती की जांच कराएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगा ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के माता टेकरी के दर्शन कर सकें।