Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। सोशल मीडिया पर 21 मई को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक को खेत में गिराकर बेरहमी से पीटा जा रहा है। महज 26 सेकेंड के इस वीडियो में 5 से 6 हमलावरों को युवक पर लगातार लाठियां बरसाते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस दौरान उस पर 60 से अधिक वार किए गए।

    घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पीड़ित युवक का नाम संदीप कुमावत है, जो पिपलियाहाना गांव का रहने वाला है और डीजे चलाने का काम करता है। संदीप के अनुसार यह हमला 11 मई को हुआ था, जब वह उज्जैन से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उसकी बाइक रोककर उसे जबरन खेत में ले जाकर हमला किया।

    पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उससे हर महीने 5 हजार रुपए की रंगदारी (हफ्ता) मांगी थी। जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। संदीप का कहना है कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे और पिटाई के दौरान उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे गंभीर बात यह है कि संदीप ने 11 मई को ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां वह पांच दिनों तक भर्ती रहा। लगभग 10 दिन बाद मामला तब सामने आया जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    इस दौरान एक किसान को धमकी देने के लिए आरोपियों ने यही वीडियो भेजा था। आरोप है कि किसान से भी पैसे की मांग की गई और कहा गया कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उसका हाल भी संदीप जैसा होगा। डरने के बजाय किसान ने यह वीडियो आगे भेज दिया, जिसके बाद मामला वायरल हो गया और पुलिस हरकत में आई।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस का दावा है कि यह मामला रंगदारी का नहीं बल्कि डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद का है। पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले संदीप का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके चलते यह हमला किया गया।

    वहीं पीड़ित और स्थानीय लोग इसे ‘ढाबा गैंग’ की दहशत बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में यह गिरोह हफ्ता वसूली और सूदखोरी के लिए कुख्यात है। लोगों में इस गैंग का इतना डर है कि वे खुलकर बोलने से भी डरते हैं।

    संदीप का कहना है कि हमले के बाद वह कई दिनों तक रिश्तेदारों के यहां छिपकर रहा क्योंकि उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। वह अब भी मानसिक रूप से इस घटना से उबर नहीं पाया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अलग-अलग दावों की पुष्टि करने में जुटी है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सक्रिय कथित गैंग के आतंक की गंभीर तस्वीर भी सामने लाती है।

  • उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे

    उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में सोमवार तड़के भक्ति और आस्था का विशेष नजारा देखने को मिला, जब फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, टीवी और फिल्म अभिनेता जय भानुशाली तथा टीवी अभिनेत्री आरती सिंह दर्शन के लिए पहुंचे। तीनों श्रद्धालु तड़के करीब 3 बजे मंदिर परिसर में पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मंदिर में प्रवेश के बाद तीनों ने नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य अनुभव लिया। इस दौरान वे पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए। लगभग दो घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में उन्होंने श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। आरती के पश्चात तीनों ने नंदी महाराज का विधिवत पूजन और अभिषेक किया और परंपरा के अनुसार नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही।

    इसके बाद तीनों श्रद्धालुओं ने चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मौजूद पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

    फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने मंदिर दर्शन के बाद अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से लगातार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी उन्हें यहां आकर अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने मंदिर समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी विशेष भस्म आरती और आस्था के लिए प्रसिद्ध है। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी इस पवित्र स्थल के महत्व को और भी बढ़ा देती है।

    सोमवार को हुई इस विशेष भेंट ने एक बार फिर उज्जैन को आस्था और श्रद्धा के केंद्र के रूप में सुर्खियों में ला दिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी फिल्मी हस्तियों को देखकर उत्साह व्यक्त किया और पूरे माहौल में भक्ति का वातावरण और गहरा हो गया।

  • ओटीपी शेयर करते ही महिला के उड़ गए 1.56 लाख, बिजली विभाग के नाम पर साइबर ठगी

    ओटीपी शेयर करते ही महिला के उड़ गए 1.56 लाख, बिजली विभाग के नाम पर साइबर ठगी


    मध्य प्रदेश । इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला से बिजली बिल अपडेट कराने के नाम पर 1 लाख 56 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। आरोपी ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर महिला को फोन किया और ओटीपी हासिल कर उसके बैंक खाते से रकम निकाल ली। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार तुलसियाना रेजीडेंसी निवासी नीलम नागपाल के साथ यह घटना 25 मई की दोपहर हुई। महिला को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम राकेश गुप्ता बताया और खुद को बिजली विभाग से जुड़ा कर्मचारी बताया। कॉल करने वाले ने महिला को बताया कि उसका बिजली बिल विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट नहीं हुआ है, इसलिए ट्रांजेक्शन में समस्या आ रही है।

    आरोपी ने महिला को विश्वास में लेते हुए कहा कि उसके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, जिसे बताने पर उसका बिल अपडेट हो जाएगा और रिकॉर्ड सही हो जाएगा। इसी भरोसे में आकर महिला ने ओटीपी साझा कर दिया, जो उसके लिए भारी भूल साबित हुई।

    ओटीपी मिलते ही आरोपी ने महिला के बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1 लाख 56 हजार रुपए निकाल लिए। इस राशि में महिला की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) की रकम भी शामिल थी। जैसे ही खाते से पैसे कटे, महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।

    घटना के बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लसूड़िया थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी बैंक, बिजली विभाग या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर ओटीपी नहीं मांगती है।

    फिलहाल पुलिस साइबर ठगों के नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की ठगी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।

  • भोपाल में ₹3116, इंदौर में ₹3222 तक पहुंची कीमत; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा दबाव

    भोपाल में ₹3116, इंदौर में ₹3222 तक पहुंची कीमत; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा दबाव


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा बढ़ोतरी के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर तक सिलेंडर के दामों में 44 रुपए तक की वृद्धि की गई है, जिससे व्यावसायिक रसोई की लागत और बढ़ गई है।

    नई दरों के अनुसार भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 3116.50 रुपए हो गई है। वहीं इंदौर में यह 3222.50 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, उज्जैन में 3250 रुपए और ग्वालियर में सबसे अधिक 3338.50 रुपए में उपलब्ध होगा। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को चिंता में डाल दिया है।

    पिछले तीन महीनों के आंकड़े देखें तो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 1300 रुपए तक का इजाफा हो चुका है। कारोबारियों का कहना है कि यह वृद्धि इतनी तेज है कि रोजमर्रा के संचालन खर्च पर सीधा असर पड़ रहा है। इससे न सिर्फ होटल और रेस्टोरेंट बल्कि कैटरिंग और इवेंट इंडस्ट्री भी प्रभावित हो रही है।

    होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सिलेंडर के दाम बढ़ने से खाने-पीने की लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में ही मेन्यू की कीमतों में बदलाव करना पड़ा है। लगातार बढ़ती लागत के कारण आने वाले समय में और महंगाई देखने को मिल सकती है।

    कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का भी कहना है कि बड़े आयोजनों की लागत तेजी से बढ़ रही है। टेंट और कैटरिंग एसोसिएशन के अनुसार पहले जहां 500 लोगों के आयोजन में निश्चित बजट लगता था, अब वही खर्च 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ गया है। इससे शादी और अन्य आयोजनों की लागत पर सीधा असर पड़ा है।

    नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मध्य प्रदेश प्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले तीन महीनों में चार बार कीमतें बढ़ चुकी हैं, जिससे रेस्टोरेंट उद्योग पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए संचालन मुश्किल होता जा रहा है।

    उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में खाने-पीने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।

    फिलहाल कमर्शियल एलपीजी की लगातार बढ़ती कीमतें प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं और व्यवसायी आगे की स्थिति को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

  • गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी

    गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को अब राहत महसूस होने लगी है। हालांकि मौसम के इस बदले स्वरूप के साथ बिजली गिरने और तेज आंधी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

    रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। खंडवा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो इस मौसम के लिए काफी कम माना जा रहा है। वहीं पचमढ़ी में रात का तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर और जबलपुर में 24.7 डिग्री तथा उज्जैन में 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दमोह, रीवा, खरगोन और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भी रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहीं।

    मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। सतना में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में करीब आधा इंच बारिश हुई। शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया सहित अनेक जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह से तेज हवाएं चलती रहीं, जबकि शिवपुरी, टीकमगढ़ और गुना में रुक-रुककर बारिश होती रही।

    इस बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। आगर-मालवा, शाजापुर, अशोकनगर, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा में बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, नीमच और मंदसौर सहित कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं।

    मौसम के इस बदले स्वरूप के बीच श्योपुर जिले से दुखद खबर भी सामने आई है। जिले के ओछापुरा गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 32 वर्षीय राजेश श्रीवास की मौत हो गई। बताया गया कि वह अपने घर के आंगन में सो रहा था, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह उसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    मानसून को लेकर भी मौसम विशेषज्ञों ने अहम संकेत दिए हैं। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके आगमन में लगभग एक सप्ताह की देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि मई महीने में प्रदेश ने भीषण गर्मी और असामान्य बारिश दोनों का अनुभव किया। एक ओर खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, वहीं दूसरी ओर लगातार हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई में प्रदेश में सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों का प्रभाव बना रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

  • निर्माणाधीन बिल्डिंग में हादसा या लापरवाही? टाइल्स कारीगर की मौत के बाद उठे कई सवाल

    निर्माणाधीन बिल्डिंग में हादसा या लापरवाही? टाइल्स कारीगर की मौत के बाद उठे कई सवाल


    मध्य प्रदेश । इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय टाइल्स कारीगर की मौत हो गई। निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम के दौरान तीसरी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने मृतक के साथ काम करने वाले साथियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार गोलू बड़ोले पुत्र राजाराम बड़ोले, जो देवास नाका स्थित वृंदावन कॉलोनी में रहकर टाइल्स लगाने का काम करता था, रविवार रात लसूड़िया क्षेत्र की एक निर्माणाधीन इमारत में कार्य कर रहा था। बताया जा रहा है कि काम के दौरान वह तीसरी मंजिल पर मौजूद था। इसी दौरान सीढ़ियों के बीच बनी खाली जगह से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गया। गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं।

    घटना के बाद उसके साथ काम कर रहे मजदूरों ने परिजनों को सूचना दी। देर रात उसका भाई अजय उसे लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक के भाई अजय ने घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हादसा रात करीब 10 बजे हुआ था, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी लगभग दो घंटे बाद दी गई। अगर समय पर सूचना मिल जाती और घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का आरोप है कि साथियों ने हादसे के बाद तत्परता नहीं दिखाई और इसी लापरवाही के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।

    परिवार के अनुसार गोलू मूल रूप से खरगोन जिले के एक गांव का निवासी था। वह रविवार को ही गांव से इंदौर लौटा था और वापस आने के बाद सीधे अपने काम पर चला गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। परिवार में उसके चार भाई हैं और उसकी अचानक मौत से पूरे परिवार में शोक का माहौल है।

    घटना की जानकारी मिलते ही लसूड़िया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और घायल को समय पर चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिली। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

    इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • उत्पात की कीमत 25 हजार रुपए, पेनाल्टी नहीं तो रिजल्ट नहीं; IET छात्रों पर कड़ी कार्रवाई

    उत्पात की कीमत 25 हजार रुपए, पेनाल्टी नहीं तो रिजल्ट नहीं; IET छात्रों पर कड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के रामानुजन छात्रावास में हुए हंगामे के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हॉस्टल परिसर में अर्धनग्न होकर डांस करने, अनुशासनहीनता फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दोषी पाए गए छात्रों को 25 हजार रुपए का जुर्माना जमा करने के बाद ही उनका परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।

    आईईटी के निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल के अनुसार मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच समिति की अनुशंसा के आधार पर दोषी छात्रों का रिजल्ट फिलहाल रोक दिया गया है। जब तक छात्र निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करेंगे, तब तक उन्हें परीक्षा परिणाम उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। अब तक केवल एक छात्र ने 25 हजार रुपए की पेनाल्टी जमा की है, जबकि बाकी छात्रों को भी यह राशि जमा करनी होगी।

    मामले में शामिल 17 छात्रों की पहचान की जा चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों के अभिभावकों को बुलाया है ताकि उन्हें पूरी घटना से अवगत कराया जा सके। अब तक पांच छात्रों के माता-पिता प्रशासन से मुलाकात कर चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभिभावकों को छात्रों के व्यवहार और विश्वविद्यालय की कार्रवाई दोनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

    हंगामे के कारण फाइनल ईयर के कुछ छात्रों की परीक्षाएं भी प्रभावित हुई थीं। घटना के बाद उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी। अब विश्वविद्यालय जून के मध्य, यानी 15 जून के आसपास इन छात्रों की शेष परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। परीक्षा कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

    दरअसल, कुछ दिन पहले रामानुजन छात्रावास में रहने वाले फाइनल ईयर के छात्रों ने देर रात जमकर उत्पात मचाया था। छात्रों ने हॉस्टल परिसर में अर्धनग्न होकर डांस किया और कई जगह तोड़फोड़ की। इस दौरान हॉस्टल की टेबल-कुर्सियां, पानी की टंकियां और खिड़कियों के कांच तक तोड़ दिए गए। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की काफी आलोचना हुई और तत्काल जांच के आदेश दिए गए।

    जांच के दौरान वायरल वीडियो के आधार पर 17 छात्रों को चिन्हित किया गया। इसके बाद अनुशासन समिति ने आर्थिक दंड, रिजल्ट रोकने और परीक्षा से वंचित करने जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। प्रशासन ने इन्हीं सिफारिशों के आधार पर कदम उठाए हैं।

    हालांकि घटना के वीडियो वायरल होने के बाद हॉस्टल के कुछ छात्रों ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी और अपने व्यवहार पर खेद जताया था। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि संस्थान की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

    विश्वविद्यालय के इस फैसले को अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का संदेश साफ है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासनहीनता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • इंदौर में देर रात खूनी संघर्ष, सड़क पर शराब पीने को लेकर दो गुटों में चाकूबाजी

    इंदौर में देर रात खूनी संघर्ष, सड़क पर शराब पीने को लेकर दो गुटों में चाकूबाजी


    मध्य प्रदेश । इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ झगड़ा कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। चाकूबाजी की इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक जनता क्वार्टर निवासी विनोद उर्फ पन्नू सिंह जादौन शनिवार रात करीब 11 बजे सांची पॉइंट के सामने टहल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कुछ युवकों को सड़क किनारे सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते देखा। विनोद ने उन्हें समझाते हुए कहा कि यह रिहायशी इलाका है, जहां महिलाओं और परिवारों का लगातार आना-जाना रहता है, इसलिए खुलेआम शराब पीना उचित नहीं है। लेकिन उनकी यह समझाइश विवाद का कारण बन गई।

    शिकायत के अनुसार समझाने की बात सुनते ही वहां मौजूद लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट की नौबत आ गई। आरोप है कि एक युवक ने विनोद के साथ हाथापाई की, जबकि दूसरे आरोपी ने चाकू निकालकर उन पर हमला कर दिया। हमले में विनोद के गले के पास गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।

    घटना के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। जानकारी मिलने पर विनोद पक्ष के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक टकराव शुरू हो गया। आरोप है कि जवाबी कार्रवाई में दूसरे पक्ष के लोगों पर भी चाकुओं से हमला किया गया, जिससे कई लोग घायल हो गए। एक युवक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि अन्य के शरीर पर भी कई घाव पाए गए। दूसरे पक्ष के एक सदस्य ने भी शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उस पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई।

    सूचना मिलते ही परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। शुरुआती जांच के आधार पर दोनों ओर से प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। कुछ आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों के कुछ लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद का परिणाम। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और असामाजिक गतिविधियों के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

  • नौतपा के अंत में इंदौर को गर्मी से राहत, मई का सबसे कम तापमान दर्ज; आज तेज आंधी के आसार

    नौतपा के अंत में इंदौर को गर्मी से राहत, मई का सबसे कम तापमान दर्ज; आज तेज आंधी के आसार


    मध्य प्रदेश । नौतपा के अंतिम दिनों में इंदौर में मौसम ने ऐसा करवट ली कि भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिल गई। मई के आखिरी दिन शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम रहा। खास बात यह रही कि यह पूरे मई महीने का सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। लगातार कई दिनों तक तेज धूप और लू जैसी परिस्थितियों का सामना करने वाले शहरवासियों के लिए यह बदलाव राहत भरी खबर बनकर सामने आया है।

    हालांकि तापमान में गिरावट दर्ज होने के बावजूद उमस ने लोगों का पीछा नहीं छोड़ा। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण दिनभर चिपचिपी गर्मी महसूस की गई। रात का तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। इसके बावजूद दिन के समय तेज गर्मी का असर कम रहने से लोगों ने राहत की सांस ली।

    सोमवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन मौसम विभाग ने दिन में तेज आंधी चलने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में भी मौसम में बदलाव बना रह सकता है। आंधी, बादल और हल्की बारिश की वजह से तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है।

    मई महीने की शुरुआत 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ हुई थी। पूरे महीने मौसम लगातार करवटें बदलता रहा। आंकड़ों के अनुसार मई के दौरान 20 दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। नौतपा के शुरुआती दिनों में सूरज ने जमकर तेवर दिखाए और कई बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। 18 मई को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो महीने के सबसे गर्म दिनों में शामिल रहा।

    इसके बाद महीने के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज अचानक बदलने लगा। बादलों की आवाजाही, हवाओं की दिशा में बदलाव और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में लगातार गिरावट आई। हालांकि पिछले करीब 15 दिनों से बढ़ी हुई नमी के कारण उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

    मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में आमतौर पर तापमान में और कमी देखने को मिलती है। पिछले सात वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। वर्ष 2025 में जून का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं मानसून पूर्व गतिविधियों के चलते जून में सामान्यतः अच्छी बारिश भी होती है। पिछले वर्ष जून में इंदौर में करीब साढ़े पांच इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

    इंदौर के मौसम इतिहास में जून से जुड़े कई रोचक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। वर्ष 1980 में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जबकि 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। वहीं 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

    प्रदेशभर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह राहत भरा बना रह सकता है और लोगों को भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।

  • RCB की ऐतिहासिक जीत पर गर्व से भरे दादा, लेकिन पिछले हादसे की याद ने रोके जश्न के कदम

    RCB की ऐतिहासिक जीत पर गर्व से भरे दादा, लेकिन पिछले हादसे की याद ने रोके जश्न के कदम


    मध्य प्रदेश । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार के लिए इस बार का जन्मदिन जीवन की सबसे खास यादों में शामिल हो गया है। 33वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले उनकी टीम ने आईपीएल का खिताब अपने नाम कर लिया और इस उपलब्धि ने परिवार तथा प्रशंसकों की खुशी को दोगुना कर दिया। हालांकि इस ऐतिहासिक सफलता के बावजूद इंदौर स्थित पाटीदार परिवार ने जश्न को सादगी और संवेदनशीलता के साथ मनाने का फैसला किया है।

    इन दिनों रजत पाटीदार अपनी टीम और परिवार के साथ अहमदाबाद में मौजूद हैं, जबकि इंदौर स्थित उनके घर पर दादा जगदीश नारायण पाटीदार परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मैच का रोमांच देख रहे थे। जैसे ही आरसीबी की जीत सुनिश्चित हुई, घर पर बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। रिश्तेदार, पड़ोसी और शुभचिंतक लगातार पहुंचकर परिवार को शुभकामनाएं देने लगे। हर किसी के चेहरे पर खुशी थी, क्योंकि रजत ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे इंदौर और मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है।

    परिजनों के अनुसार दादा जगदीश नारायण पाटीदार अपने पोते की उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उनके चेहरे पर गर्व साफ दिखाई देता है, लेकिन उन्होंने इस खुशी को शोर-शराबे के बजाय शांत और गरिमापूर्ण तरीके से महसूस करना पसंद किया। काफी आग्रह के बाद वे घर से बाहर आए और लोगों की शुभकामनाएं स्वीकार कीं। इस दौरान समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और आतिशबाजी भी की, लेकिन दादाजी खुद इस उत्सव से दूरी बनाए रहे।

    इसके पीछे एक भावनात्मक कारण भी है। परिवार आज भी उस दर्दनाक घटना को नहीं भूला है, जब आरसीबी की पहली आईपीएल जीत के बाद हुए जश्न के दौरान भगदड़ मच गई थी और कई लोगों की जान चली गई थी। उस हादसे ने परिवार को गहराई से प्रभावित किया था। यही वजह है कि इस बार जीत की खुशी के बावजूद परिवार ने बड़े सार्वजनिक आयोजनों से दूरी बनाकर रखने का निर्णय लिया है।

    रजत पाटीदार के जन्मदिन पर उनके मित्र और प्रशंसक विशेष आयोजन करना चाहते थे, लेकिन परिवार की भावनाओं और रजत की अनुपस्थिति को देखते हुए उन्होंने भी सादगी का रास्ता चुना। परिवार का मानना है कि खेल में मिली सफलता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन किसी भी उत्सव में मानव जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी सबसे ऊपर है।

    पाटीदार परिवार के लिए यह अवसर केवल एक खेल उपलब्धि का नहीं, बल्कि विनम्रता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भी संदेश लेकर आया है। एक ओर पोते की सफलता पर दादा का सीना गर्व से चौड़ा है, तो दूसरी ओर वे यह भी चाहते हैं कि जीत का जश्न हमेशा संयम और समझदारी के साथ मनाया जाए। यही सोच इस परिवार को बाकी लोगों से अलग बनाती है और यही कारण है कि रजत पाटीदार की सफलता आज केवल क्रिकेट की जीत नहीं, बल्कि मूल्यों की भी जीत बन गई है।