Category: Madhya Pradesh

  • MP Weather: तीन दिन हल्की बारिश के आसार, 14 जुलाई से फिर तेज बारिश की संभावना

    MP Weather: तीन दिन हल्की बारिश के आसार, 14 जुलाई से फिर तेज बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि इस दौरान कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि 14 जुलाई से कुछ जिलों में फिर से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, फिलहाल सक्रिय मौसम प्रणाली कमजोर पड़ रही है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक रिमझिम बारिश का सिलसिला बना रहेगा। शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर सहित प्रदेश के सभी 55 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

    अगले सप्ताह सक्रिय होगा नया मौसम तंत्र
    मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से अगले सप्ताह प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और कुछ इलाकों में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    खरीफ फसलों के लिए राहतभरा संकेत
    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारी बारिश का सिलसिला थमना खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगा। लगातार तेज बारिश के कारण कई जिलों के खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिससे फसलों में गलन का खतरा बढ़ने लगा था। बारिश की तीव्रता कम होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    सामान्य से अधिक हुई बारिश
    प्रदेश में जून महीने के दौरान आंधी और बारिश का दौर बना रहा, लेकिन इसके बावजूद जून के अंत तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। वहीं जुलाई के पहले नौ दिनों में हुई अच्छी बारिश ने यह कमी पूरी कर दी है।

    आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 240 मिमी (करीब 9.5 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि सामान्य वर्षा 222.1 मिमी (करीब 8.8 इंच) मानी जाती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 8 से 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 24 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के 30 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा वर्षा हो चुकी है।

  • हवाई पट्टी इलाके में मिला युवक का शव: घर से निकला था, फिर कैसे पहुंचा मौके तक? जांच में जुटी पुलिस

    हवाई पट्टी इलाके में मिला युवक का शव: घर से निकला था, फिर कैसे पहुंचा मौके तक? जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में हवाई पट्टी क्षेत्र स्थित पानी से भरे गड्ढे में मिले युवक के शव की पहचान 20 वर्षीय जाहिद खान के रूप में हो गई है। युवक बुधवार शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। गुरुवार शाम उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार मृतक जाहिद खान, मोमीन मोहल्ला वार्ड क्रमांक-21 का निवासी था। परिजनों ने बताया कि वह बुधवार शाम घर से बाहर गया था। देर रात तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

    गुरुवार शाम देहात थाना क्षेत्र के हवाई पट्टी इलाके में पानी से भरे गड्ढे में एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। बाद में परिजनों ने उसकी पहचान जाहिद खान के रूप में की।

    परिवार के मुताबिक जाहिद मिर्गी की बीमारी से पीड़ित था। हालांकि, वह शहर से दूर हवाई पट्टी क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और घटना के समय उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    देहात थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। साथ ही घटनास्थल और युवक की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शुक्रवार भस्म आरती में दिव्य स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट से हुआ अलौकिक श्रृंगार

    शुक्रवार भस्म आरती में दिव्य स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट से हुआ अलौकिक श्रृंगार


    इंदौर । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। निर्धारित परंपरा के अनुसार सबसे पहले मंदिर के कपाट खोले गए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन की प्रक्रिया संपन्न हुई। इसके बाद भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया।

    भस्म आरती की शुरुआत सभा मंडप में वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन से हुई। घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा लेने के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए। गर्भगृह के कपाट खुलने पर पुजारियों ने भगवान का पूर्व श्रृंगार उतारकर विधि-विधान से पूजन किया। जलाभिषेक के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। इसके पश्चात कर्पूर आरती की गई।

    अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और रजत आभूषणों से किया गया। उन्हें रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पमालाएं धारण कराई गईं। साथ ही भांग, चंदन, ड्राय फ्रूट और पवित्र भस्म अर्पित की गई। अंत में फल और मिष्ठान का भोग लगाकर आरती संपन्न हुई।

    नंदी हाल में भी नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। भस्म आरती के दौरान महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं।

    भस्म आरती में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में शिवभक्ति, वैदिक मंत्रों और हर-हर महादेव के जयघोष से आध्यात्मिक वातावरण गूंज उठा।

  • करोड़ों खर्च, पहली बारिश में ध्वस्त पुल: देवास में निर्माण कार्य पर सवाल, वीडियो वायरल

    करोड़ों खर्च, पहली बारिश में ध्वस्त पुल: देवास में निर्माण कार्य पर सवाल, वीडियो वायरल


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बने एक पुल की गुणवत्ता पहली ही तेज बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। होशियारी और मकोडिया गांवों के बीच करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल का एक हिस्सा बारिश के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि पुल का निर्माण कार्य महज तीन-चार महीने पहले ही पूरा हुआ था, लेकिन पहली ही बारिश का दबाव वह नहीं झेल सका।

    गुरुवार को पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में पुल का एक हिस्सा बहा हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल के बनने से वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर होने की उम्मीद थी, लेकिन पहली ही बारिश में पुल का हिस्सा बह जाने से लोगों का भरोसा टूट गया है। उनका आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण करोड़ों रुपये की परियोजना इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो गई।

    ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल निर्माण में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    फिलहाल प्रशासन की ओर से पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नुकसान अत्यधिक बारिश और तेज जलप्रवाह के कारण हुआ या निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी खामी रही। वहीं, पुल क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है और वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।

  • कुछ सेकंड की जल्दबाजी बनी जानलेवा: इंदौर स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से ग्वालियर के युवक की मौत

    कुछ सेकंड की जल्दबाजी बनी जानलेवा: इंदौर स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से ग्वालियर के युवक की मौत


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में ग्वालियर निवासी युवक की जान चली गई। चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

    रेलवे पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान ग्वालियर के सुनार मोहल्ला निवासी हर्ष गुप्ता के रूप में हुई है। वह व्यापारिक कार्य से इंदौर आया था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह ग्वालियर से आई ओवरनाइट एक्सप्रेस से इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर उतरा था।

    हर्ष को आगे रतलाम जाना था, जिसके लिए उसे प्लेटफॉर्म नंबर-1 से डेमू ट्रेन पकड़नी थी। प्लेटफॉर्म बदलने के दौरान उसने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने से उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन के नीचे आ गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्टेशन स्टाफ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इंदौर में रहने वाले उसके रिश्तेदार भी रेलवे स्टेशन पहुंच गए, जबकि ग्वालियर में रहने वाले परिजनों को सूचना देकर इंदौर बुलाया गया है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हर्ष गुप्ता व्यापारिक काम से इंदौर आए थे और आगे रतलाम जाने की तैयारी में थे। रेलवे पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। कुछ क्षणों की जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। यदि ट्रेन छूट जाए तो अगली ट्रेन का इंतजार करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

  • इंदौर में साइबर ठगों का डबल अटैक: इंडियामार्ट से एसी गैस खरीदने और बेटे की गिरफ्तारी का झांसा देकर 1.72 लाख उड़ाए

    इंदौर में साइबर ठगों का डबल अटैक: इंडियामार्ट से एसी गैस खरीदने और बेटे की गिरफ्तारी का झांसा देकर 1.72 लाख उड़ाए


    इंदौर इंदौर में साइबर अपराधियों ने एक ही दिन में दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देकर दो लोगों से कुल 1.72 लाख रुपए की ठगी कर ली। एक मामले में इंडियामार्ट पर एसी गैस बेचने के नाम पर ऑटो पार्ट्स कारोबारी से 82 हजार रुपए हड़प लिए गए, जबकि दूसरे मामले में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को उसके बेटे की रेप केस में गिरफ्तारी का डर दिखाया गया और जमानत के नाम पर 90 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहला मामला छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र का है। रानी बाग निवासी ऑटो पार्ट्स व्यापारी पवनदीप सिंह खनूजा ने एसी गैस खरीदने के लिए इंडियामार्ट पर सप्लायर का नंबर तलाशा। वहां उन्हें श्रुति इंटरप्राइजेज के नाम से कुलदीप अग्रवाल का मोबाइल नंबर मिला। बातचीत के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर एसी गैस के 220 टिन का इनवॉइस और फोटो भेजकर 82 हजार रुपए ऑनलाइन जमा कराने को कहा।

    व्यापारी ने भरोसा कर मुंबई स्थित बैंक खाते में भुगतान कर दिया। इसके बाद आरोपी ने गति इंटरप्राइजेज के नाम से एक बिल्टी भी भेजी, लेकिन काफी समय तक सामान नहीं पहुंचा। जांच करने पर पता चला कि भेजी गई बिल्टी एआई तकनीक से तैयार की गई फर्जी दस्तावेज थी। जब आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया, तब व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने बैंक में भुगतान रोकने का प्रयास किया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

    दूसरी घटना कनाड़िया थाना क्षेत्र की है। राज वर्मा के पास व्हाट्सएप कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उनके बेटे को रेप के आरोप में तीन अन्य युवकों के साथ गिरफ्तार किया गया है। ठग ने बेटे को जेल से बचाने के लिए तत्काल तीन लाख रुपए की मांग की और डर का माहौल बनाकर पैसे भेजने का दबाव बनाया।

    घबराए राज वर्मा ने अपने पास केवल 90 हजार रुपए होने की बात कही। इसके बाद ठगों ने बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करा ली। कुछ देर बाद जब उन्होंने अपने बेटे से संपर्क किया तो पता चला कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

    दोनों मामलों में साइबर हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर आरोपियों की पहचान में जुटी है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीदारी के दौरान केवल सत्यापित विक्रेताओं से ही लेनदेन करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अग्रिम भुगतान न करें और यदि कोई पुलिस, सीबीआई या अन्य अधिकारी बनकर फोन पर गिरफ्तारी या जमानत के नाम पर पैसे मांगे तो पहले संबंधित व्यक्ति या स्थानीय पुलिस से पुष्टि जरूर करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन धोखाधड़ी की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

  • चारधाम से लौटते वक्त मौत ने घेरा: 'बस छूट जाती तो पत्नी आज जिंदा होती', दौसा हादसे के पीड़ित की भावुक कहानी

    चारधाम से लौटते वक्त मौत ने घेरा: 'बस छूट जाती तो पत्नी आज जिंदा होती', दौसा हादसे के पीड़ित की भावुक कहानी


    मध्यप्रदेश । चारधाम यात्रा पूरी कर खुशियों के साथ घर लौट रहे इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रप्रकाश (चंदू) गुप्ता ने कभी नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएगा। 30 जून की रात राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस हादसे में उनकी पत्नी निर्मला गुप्ता की मौत हो गई। हादसे से कुछ घंटे पहले ही निर्मला ने मुस्कुराते हुए सोशल मीडिया पर ‘यात्रा पूरी’ लिखकर स्टेटस लगाया था। परिवार से बात हुई, भविष्य की योजनाएं बनीं, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने पूरा परिवार बिखेर दिया।

    चंद्रप्रकाश गुप्ता बताते हैं कि उनकी पत्नी पिछले तीन वर्षों से दोबारा चारधाम यात्रा पर जाने की जिद कर रही थीं। पहले भी दोनों यात्रा कर चुके थे, लेकिन निर्मला का कहना था कि अब वहां काफी बदलाव हो चुके हैं और एक बार फिर दर्शन करना चाहती हैं। यात्रा की तैयारी पूरी थी और ट्रेन की कन्फर्म टिकट भी मिल चुकी थी, लेकिन सुविधा को देखते हुए बस से जाने का फैसला किया गया। आज उन्हें सबसे ज्यादा यही बात सालती है कि अगर उस दिन बस नहीं पकड़ी होती तो शायद उनकी पत्नी आज उनके साथ होती।

    हरिद्वार से लौटते समय बस पकड़ने के लिए दोनों ने काफी मशक्कत की। पहले गलत बस स्टैंड पहुंचे, फिर सामान उठाकर कई सौ मीटर पैदल चलना पड़ा। कई बार बस संचालक से संपर्क किया और आखिरकार इंदौर जाने वाली बस मिल गई। उस समय उन्हें लगा कि बस छूटने से बच गए, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यही बस निर्मला की आखिरी यात्रा साबित होगी।

    बस में बैठने के बाद निर्मला बेहद खुश थीं। उन्होंने बच्चों से फोन पर बात की और सोशल मीडिया पर ‘यात्रा पूरी’ का स्टेटस लगाया। इंदौर लौटने के बाद विदिशा, वृंदावन, सांवरिया सेठ और कुलदेवी के दर्शन की भी योजना बना ली गई थी। परिवार के साथ आने वाले दिनों की बातें हो रही थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    रात करीब ढाई बजे तेज धमाके के साथ बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऊपर की बर्थ पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े और कुछ ही पलों में बस में अफरा-तफरी मच गई। चंद्रप्रकाश बताते हैं कि उनकी पत्नी खिड़की की तरफ सो रही थीं और उसी दिशा से ट्रेलर बस के अंदर तक घुस आया। उन्होंने कई बार पत्नी को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

    उन्होंने किसी तरह पत्नी का फंसा हुआ पैर निकाला और उन्हें बाहर लाने की कोशिश की, लेकिन तभी किसी ने उन्हें जबरदस्ती बस से बाहर खींच लिया। कुछ ही क्षणों में बस आग की लपटों में घिर गई। वे दोबारा पत्नी को बचाने दौड़े, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि अंदर जाना असंभव हो गया। उनकी आंखों के सामने ड्राइवर भी स्टीयरिंग में फंसा रह गया और जिंदा जल गया।

    चंद्रप्रकाश कहते हैं कि हादसे के बाद के वे सात-आठ मिनट उनकी पूरी जिंदगी बदल देने वाले थे। मोबाइल, सामान और जीवनसाथी—सब कुछ एक साथ छिन गया। सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की रही कि आसपास मौजूद कई लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन मदद के लिए बहुत कम लोग आगे आए। आखिरकार एक युवक ने उन्हें अपना मोबाइल दिया, जिससे उन्होंने बेटे को फोन कर सिर्फ इतना कहा—”बहुत बड़ा हादसा हो गया है।”

    करीब 44 वर्षों तक साथ निभाने वाली निर्मला गुप्ता को याद करते हुए उनकी आंखें भर आती हैं। वे बताते हैं कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर परिवार की हर जिम्मेदारी उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाई। तीनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने और जीवन में आगे बढ़ाने में उनका सबसे बड़ा योगदान था। सरल स्वभाव, सादगी और परिवार के प्रति समर्पण ही उनकी पहचान थी।

    आज चंद्रप्रकाश गुप्ता के लिए चारधाम यात्रा की यादें आस्था से ज्यादा एक ऐसे दर्द की कहानी बन चुकी हैं, जिसने कुछ ही मिनटों में उनका पूरा संसार बदल दिया। उनके शब्दों में, “हम घर लौट रहे थे… लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया।”

  • नाना पटवारी ने मानी पुरानी ड्रग्स की लत, बोले- रिहैब के बाद छोड़ा नशा; कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध

    नाना पटवारी ने मानी पुरानी ड्रग्स की लत, बोले- रिहैब के बाद छोड़ा नशा; कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटवारी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे करीब तीन साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि आज उनका ड्रग तस्करी से कोई संबंध नहीं है और उनकी सबसे बड़ी गलती सिर्फ इतनी है कि वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई हैं।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटवारी ने दावा किया कि ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आरोपियों से उनका कोई लेन-देन या संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि वे अपनी कार की सर्विसिंग कराने गए थे, तभी पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। उनके अनुसार थाने में उनसे केवल सामान्य पूछताछ की गई, लेकिन हिरासत में लेने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे दिन उन्हें अलग-अलग स्थानों पर घुमाया गया और देर रात बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

    नाना पटवारी ने कहा कि उनकी कार संजय कौशल उर्फ रॉनी के सर्विस सेंटर पर सर्विस होती है और वहीं काम करने वाले कुछ लोगों के बारे में पुलिस ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्कॉर्पियो वाहन की चर्चा हो रही है, वह उनकी नहीं बल्कि संजय कौशल की है और उसमें मिले किसी भी सामान से उनका कोई संबंध नहीं है।

    इस पूरे मामले को कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बना रही है। उनका कहना है कि नाना पटवारी का ड्रग तस्करी प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें केवल राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से हिरासत में लिया गया।

    दूसरी ओर इंदौर पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह जांच के आधार पर की गई। डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक राजेंद्र नगर क्षेत्र से ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार दो आरोपियों इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी ने पूछताछ के दौरान नाना पटवारी और मानव गंगवानी का नाम लिया था। इसी आधार पर दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है और जांच में जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    नाना पटवारी पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित लगभग दस आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आ चुकी है। वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। वहीं वर्ष 2025 में जमीन विवाद और 2018 में महिला से कथित अभद्रता के मामले में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। उनका नाम खुशी कूलवाल आत्महत्या मामले की जांच के दौरान भी सामने आया था, हालांकि उस मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।

    फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

  • खेती छोड़ बना ड्रग तस्कर, मंदसौर से ब्राउन शुगर लाकर इंदौर में करता था सप्लाई, 11 लाख का माल जब्त

    खेती छोड़ बना ड्रग तस्कर, मंदसौर से ब्राउन शुगर लाकर इंदौर में करता था सप्लाई, 11 लाख का माल जब्त


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के अभियान के तहत इंदौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खजराना थाना पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए 110 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11 लाख रुपए आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह मंदसौर से सस्ते दामों पर ब्राउन शुगर खरीदकर इंदौर में ऊंचे दामों पर बेचता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि बायपास स्थित वाघेला गार्डन के पास एक युवक बड़ी मात्रा में ब्राउन शुगर लेकर ग्राहकों की तलाश में घूम रहा है। सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 110 ग्राम ब्राउन शुगर और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय रामकिशन उर्फ रामनिवास गिरी निवासी ग्राम काटिया थाना सुवासरा जिला मंदसौर के रूप में हुई है। वह आठवीं तक पढ़ा है और खेती का काम करता था। पूछताछ में उसने बताया कि वह स्वयं भी नशे का आदी है। इसी लत और जल्दी पैसा कमाने की चाहत ने उसे नशे के कारोबार में धकेल दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह मंदसौर के कोटड़ी क्षेत्र से ब्राउन शुगर खरीदकर इंदौर लाता था और यहां अधिक कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।

    थाना प्रभारी मनोज सिंह सेंधव ने बताया कि आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य ब्राउन शुगर की सप्लाई चेन का पता लगाना और उन लोगों की पहचान करना है जो इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है ताकि उसके संपर्क में रहने वाले सप्लायरों और ग्राहकों तक पहुंचा जा सके।

    इंदौर पुलिस का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशे की खरीद-फरोख्त या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जनसहयोग और सख्त कार्रवाई के जरिए ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है और समाज को इस गंभीर खतरे से सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • भोपाल में निवेश के नाम पर 33 लाख की ठगी शेयर ट्रेडिंग और रियल एस्टेट का झांसा देकर दो लोगों को बनाया शिकार

    भोपाल में निवेश के नाम पर 33 लाख की ठगी शेयर ट्रेडिंग और रियल एस्टेट का झांसा देकर दो लोगों को बनाया शिकार


    भोपाल । राजधानी भोपाल में ऑनलाइन निवेश और रियल एस्टेट कारोबार के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। एक बार फिर साइबर ठगों और निवेश के नाम पर भरोसा जीतने वाले आरोपियों ने दो अलग-अलग लोगों को अपना निशाना बनाकर कुल 33 लाख रुपए की ठगी कर ली। एक मामले में शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर रिटायर्ड बैंक कर्मचारी से 23 लाख रुपए ऐंठ लिए गए जबकि दूसरे मामले में रियल एस्टेट कारोबार में निवेश का भरोसा दिलाकर फिजियोथेरेपिस्ट से 10 लाख रुपए हड़प लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहला मामला मिसरोद थाना क्षेत्र का है जहां सलैया निवासी 48 वर्षीय रोहित वर्मा साइबर ठगी का शिकार बने। निजी बैंक से सेवानिवृत्त रोहित वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन के माध्यम से उन्होंने एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड किया जिसके बाद उनसे संपर्क कर निवेश पर मोटे मुनाफे का दावा किया गया। शुरुआती बातचीत और भरोसा दिलाने के बाद आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग चरणों में करीब 23 लाख रुपए निवेश करने के लिए तैयार कर लिया।

    जब निवेश की रकम बढ़ती गई तो रोहित वर्मा को भरोसा हो गया कि उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा। लेकिन जब उन्होंने अपने निवेश की राशि और मुनाफा वापस मांगना शुरू किया तो आरोपियों ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस अब इस मामले में उपयोग किए गए बैंक खातों मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    दूसरा मामला निशातपुरा थाना क्षेत्र का है जहां पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट नीरज तिवारी को रियल एस्टेट कारोबार में निवेश का झांसा देकर 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। शिकायत के अनुसार उन्होंने अपने रिश्तेदार संजय तिवारी के कहने पर रियल एस्टेट कारोबार में निवेश के लिए 10 लाख रुपए दिए थे। शुरुआत में आरोपी ने कारोबार में अच्छा लाभ मिलने का भरोसा दिलाया लेकिन समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की।

    बताया गया कि पिछले वर्ष आरोपी ने केवल 2 लाख रुपए लौटाए और शेष राशि जल्द देने का आश्वासन देता रहा। लंबे समय तक टालमटोल के बाद जब पूरी रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन निवेश और अधिक मुनाफे का लालच देने वाले विज्ञापनों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान ऐप या व्यक्ति के कहने पर बड़ी रकम निवेश करने से पहले उसकी पूरी जानकारी और वैधता की जांच करना जरूरी है। वहीं रिश्तेदारी या जान-पहचान के आधार पर भी बिना लिखित दस्तावेज और कानूनी सुरक्षा के बड़ी रकम निवेश करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध निवेश प्रस्ताव या साइबर धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।