Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में गोदाम पर छापा और बड़ा खुलासा, 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट मिलीं, 9 हजार किट की बिक्री भी जांच के घेरे में

    इंदौर में गोदाम पर छापा और बड़ा खुलासा, 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट मिलीं, 9 हजार किट की बिक्री भी जांच के घेरे में


    इंदौर । इंदौर में ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने धार कोठी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दवा गोदाम से 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट जब्त की हैं। इसके अलावा सिडेनफिल साइट्रेट और सेफ्टी पिल ब्रांड की दवाएं भी टीम को मिली हैं। जब्त दवाओं की कुल कीमत 52 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद अब विभाग की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था और इनकी बिक्री किन लोगों या संस्थानों को की गई।

    यह कार्रवाई गुरुवार रात सेंट रेफियल स्कूल के पास धार कोठी क्षेत्र में क्वालिटी फार्मा से जुड़े एक गोदाम पर की गई। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित फर्म लाइसेंसी है लेकिन जांच के दौरान गोदाम में रखी दवाओं के भंडारण और बिक्री से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने दवाओं को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    जांच के दौरान विभाग को यह जानकारी भी मिली कि संबंधित फर्म से करीब 9 हजार गर्भपात किट पहले ही बेचे जा चुके हैं। हालांकि इन दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में है। अधिकारियों ने संबंधित पक्ष से दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़े दस्तावेज तथा पूरा हिसाब उपलब्ध कराने को कहा है। रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी दवाएं किसे और किन परिस्थितियों में बेची गईं।

    अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि इतनी बड़ी संख्या में गर्भपात किट और अन्य दवाएं गोदाम तक कैसे पहुंचीं। अधिकारियों की टीम दवाओं के स्रोत से लेकर उनकी सप्लाई और बिक्री तक की कड़ी को खंगाल रही है। विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों के तहत की गई थी या नहीं।

    कार्रवाई के दौरान जावेद खान और अजय सवडतकर से संबंधित दवाएं भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और इसमें कौन कौन लोग शामिल थे।

    औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गर्भपात से संबंधित दवाओं की बिक्री निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया और वैध प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही की जानी चाहिए। विभाग को आशंका है कि इन दवाओं की बिक्री में नियमों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और बिक्री रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल के बाद ही सामने आएगा।

    मामले में ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जब्त दवाओं और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच जारी है। ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल योगेश गुप्ता और लोकेश गुप्ता की टीम ने यह कार्रवाई की। अब आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद दवा कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड और गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री व्यवस्था पर विभाग की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।

  • सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में टिकट खत्म, इंदौर में भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले को लेकर जबरदस्त क्रेज, सुबह से लगी थी कतार

    सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में टिकट खत्म, इंदौर में भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले को लेकर जबरदस्त क्रेज, सुबह से लगी थी कतार


    इंदौर । इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को होने वाले भारत और वेस्टइंडीज के बीच T20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह शुरू हुई ऑनलाइन टिकट बिक्री के दौरान फैंस ने जमकर टिकट बुक किए। बिक्री शुरू होने के महज 2 घंटे 20 मिनट के भीतर सभी सामान्य टिकट बिक गए। सुबह 6 बजे जैसे ही ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू हुई वैसे ही बड़ी संख्या में क्रिकेट फैंस बुकिंग के लिए पहुंच गए और कुछ ही देर में टिकटों की अलग अलग कैटेगरी तेजी से फुल होने लगी।

    टिकट बिक्री में सबसे पहले ईस्ट गैलरी की सीटें पूरी तरह बुक हुईं। इसके बाद वेस्ट गैलरी के टिकटों की मांग बढ़ी और देखते ही देखते वहां भी उपलब्ध टिकट खत्म हो गए। पवेलियन कैटेगरी में भी क्रिकेट प्रेमियों ने तेजी दिखाई। सुबह 8 बजकर 20 मिनट तक सामान्य टिकटों की बिक्री पूरी हो चुकी थी। इतनी कम अवधि में टिकटों का खत्म होना भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर फैंस की दिलचस्पी को दिखाता है।

    इंदौर में भारत के मुकाबले देखने के लिए क्रिकेट प्रेमियों में पहले से ही उत्साह बना हुआ था। जैसे ही ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू हुई वैसे ही बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग करने की कोशिश की। टिकटों की उपलब्धता तेजी से कम होती गई और कुछ ही समय बाद सामान्य कैटेगरी के टिकटों के लिए SOLD OUT की स्थिति बन गई। अब मुकाबले को लेकर स्टेडियम के आसपास भी क्रिकेट माहौल और ज्यादा जोर पकड़ने की उम्मीद है।

    मैच के लिए टिकटों की कीमत अलग अलग कैटेगरी के हिसाब से तय की गई है। सामान्य ईस्ट और वेस्ट गैलरी के टिकट 1000 रुपए से लेकर 1800 रुपए तक रखे गए हैं। पवेलियन कैटेगरी में टिकटों की कीमत 5500 रुपए से 8500 रुपए तक है। वहीं हॉस्पिटैलिटी कैटेगरी में टिकट 11000 रुपए से लेकर 12500 रुपए तक रखे गए हैं। एक व्यक्ति अधिकतम चार टिकट खरीद सकता है।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस मुकाबले के लिए स्टूडेंट और दिव्यांग दर्शकों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। स्टूडेंट कोटे के रियायती टिकटों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी थी। स्टूडेंट कोटे में करीब 1200 रजिस्ट्रेशन कुछ ही समय में पूरे हो गए। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद करीब 1000 छात्रों को टिकट दिए जाने हैं।

    टिकटों की तेज बिक्री के बाद अब 11 अक्टूबर को होने वाले मुकाबले को लेकर इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह और बढ़ गया है। होलकर स्टेडियम में भारतीय टीम को खेलते देखने के लिए फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। ऑनलाइन बिक्री के दौरान जिस तेजी से टिकट खत्म हुए उससे साफ है कि मुकाबले के दिन स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी देखने को मिल सकती है।

  • गणपति विसर्जन को लेकर MP में हाई अलर्ट, इंदौर में रात तक चलेंगी झांकियां, घाटों पर तैनात रहेगा भारी फोर्स

    गणपति विसर्जन को लेकर MP में हाई अलर्ट, इंदौर में रात तक चलेंगी झांकियां, घाटों पर तैनात रहेगा भारी फोर्स


    इंदौर । अनंत चतुर्दशी के मौके पर शुक्रवार को मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ भव्य झांकियों और चल समारोह की रौनक देखने को मिलेगी। इंदौर में 103 साल पुरानी झांकी परंपरा के तहत शाम 6 बजे से 9 किलोमीटर से ज्यादा लंबे मार्ग पर झांकियां निकलेंगी। इसके साथ ही अखाड़ों के उस्ताद और खलीफा पारंपरिक खेलों तथा युद्ध कलाओं के करतब दिखाएंगे। प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी विसर्जन को लेकर घाटों और कृत्रिम कुंडों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

    इंदौर में चल समारोह मिल क्षेत्र से शुरू होकर मजदूर मैदान एमजी रोड कृष्णपुरा नंदलालपुरा जवाहर मार्ग नृसिंह बाजार गोराकुंड खजूरी बाजार होते हुए राजवाड़ा तक पहुंचेगा। शाम 6 बजे खजराना गणेश की झांकी के साथ समारोह की शुरुआत होगी और देर रात तक झांकियां तथा अखाड़े निकलते रहेंगे। सुरक्षा को देखते हुए झांकियों में धारदार हथियार और नशे पर रोक रहेगी। डीजे के इस्तेमाल को भी नियंत्रित किया गया है। झांकी पर अधिकतम दो स्पीकर लगाने की अनुमति होगी। हाथी और ऊंट को भी समारोह में शामिल करने पर रोक रहेगी। दोपहर 3 बजे से झांकी मार्ग और आसपास के इलाकों में यातायात डायवर्ट किया जाएगा।

    इंदौर में इस बार कई धार्मिक और सामाजिक संदेश देने वाली झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। देशी मिल की झांकियों में दुर्गा माता और महिषासुर वध के साथ भगवान शंकर और माता सती से जुड़ा प्रसंग दिखाया जाएगा। एक झांकी में नशामुक्ति का संदेश भी दिया जाएगा। कल्याण मिल की झांकी में भगवान जगन्नाथ की पहली रथ यात्रा का प्रसंग और दूसरी झांकी में नारी शक्ति को प्रमुखता दी जाएगी। होप टेक्सटाइल मिल की झांकियों में गणेशजी की आराधना और भगवान शिव की बारात को धार्मिक प्रसंगों के आधार पर प्रस्तुत किया जाएगा।

    भोपाल में भी गणेश विसर्जन को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। प्रेमपुरा रानी कमलापति बैरागढ़ खटलापुरा हथाईखेड़ा और शाहपुरा प्रमुख विसर्जन स्थलों में शामिल हैं। छोटी प्रतिमाओं के लिए वार्ड और जोन स्तर पर कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं जबकि बड़ी प्रतिमाओं के लिए क्रेन की व्यवस्था की गई है। घाटों पर पुलिस गोताखोर फायर ब्रिगेड और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जाएगी। प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा।

    उज्जैन में चल समारोह रात 10 बजे से शुरू होगा। इसके बाद प्रतिमाओं को रामघाट और सुनहरी घाट समेत निर्धारित स्थानों तक ले जाया जाएगा। शाम से ही कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेगा। ग्वालियर में सागरताल पर बनाए गए अस्थायी कुंड में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम की टीम मौजूद रहेगी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

    जबलपुर में भी विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बड़ी प्रतिमाओं के लिए नर्मदा जल से भरा कृत्रिम कुंड बनाया गया है जहां क्रेन की मदद से विसर्जन कराया जाएगा। गौरीघाट तिलवारा घाट अधारताल खमरिया रांझी और गोकलपुर समेत कई स्थानों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। तीन पत्ती चौक से गौरीघाट जाने वाले मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहेगा और जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्ट किया जाएगा।

    अनंत चतुर्दशी पर प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रमुख घाटों और चल समारोह वाले मार्गों पर पुलिस बल के साथ फायर ब्रिगेड गोताखोर और अन्य आपात सेवाओं की तैनाती रहेगी। कई स्थानों पर ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। प्रशासन का फोकस भीड़ नियंत्रण सुरक्षित विसर्जन और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर रहेगा।

  • करोड़ों खर्च के बाद भी सीवर की समस्या बरकरार, हाईकोर्ट की सख्ती के बीच ईएनसी बोले- कई लोग जाएंगे जेल

    करोड़ों खर्च के बाद भी सीवर की समस्या बरकरार, हाईकोर्ट की सख्ती के बीच ईएनसी बोले- कई लोग जाएंगे जेल


    शिवपुरी । शिवपुरी के लंबे समय से अधूरे पड़े सीवर प्रोजेक्ट को लेकर अब मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। हाईकोर्ट ग्वालियर ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसी बीच अगली सुनवाई से कुछ दिन पहले नगरीय विकास एवं आवास विभाग के इंजीनियर इन चीफ प्रदीप एस मिश्रा शिवपुरी पहुंचे और सीवर प्रोजेक्ट का मौका निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने संकेत दिए कि जिन लोगों की गलती सामने आएगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सरकारी राशि की रिकवरी भी हो सकती है।

    जानकारी के मुताबिक शिवपुरी में झील संरक्षण परियोजना के तहत सीवर प्रोजेक्ट के लिए करीब 67 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। लेकिन करीब 13 साल के दौरान इस प्रोजेक्ट पर 111 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। यानी स्वीकृत राशि से लगभग 44 करोड़ रुपए अधिक खर्च होने के बाद भी सीवर लाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह चालू नहीं हो पाए हैं। इसका सीधा असर शहर की व्यवस्था पर पड़ रहा है और सीवेज के नालों के जरिए सख्य सागर यानी चांदपाठा झील तक पहुंचने की समस्या बनी हुई है।

    हाईकोर्ट ग्वालियर ने 27 जुलाई 2026 की सुनवाई के दौरान मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी स्थिति और अधिकारियों की जवाबदेही से संबंधित रिपोर्ट मांगी थी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे को रिपोर्ट तैयार करने के लिए दो महीने का समय दिया गया था। अगली सुनवाई 28 सितंबर को होनी है। इससे पहले 24 सितंबर को एसीएस की जगह ईएनसी प्रदीप एस मिश्रा शिवपुरी पहुंचे और पूर्वी हिस्से में सीवर लाइन तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान सीवर लाइन की स्थिति और प्लांट से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा गया। झांसी तिराहे के पास सीवर चैंबर खोलकर लाइन में फंसा मलबा निकालने का काम भी किया जा रहा था। ईएनसी ने कहा कि सीवर लाइन चोक होने के कारण प्रोजेक्ट चालू नहीं हो पाया है। उन्होंने साफ किया कि इसे पूरा कराकर चालू करना जरूरी है क्योंकि सरकार की बड़ी राशि इस प्रोजेक्ट पर खर्च हो चुकी है।

    ईएनसी प्रदीप एस मिश्रा ने कहा कि जिस तरह हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लिया है उसमें जिसकी गलती होगी उस पर रिकवरी निकलेगी और कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों पर गंभीर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि अंतिम जिम्मेदारी और निर्णय हाईकोर्ट के स्तर पर तय होगा। ईएनसी ने बताया कि वह अपनी निरीक्षण रिपोर्ट एसीएस को सौंपेंगे जिसके आधार पर विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि सीवर प्रोजेक्ट को पूरी तरह फंक्शनल करना होगा। सीवर लाइन की सफाई के साथ जरूरी चैंबर भी व्यवस्थित तरीके से बनाने होंगे। एसटीपी का संचालन ठीक तरीके से होना जरूरी है क्योंकि सीवेज के कारण पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। अब इस मामले में हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर सबकी नजर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद सीवर प्रोजेक्ट में हुई देरी और खर्च की जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

  • कतर के अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजेगी शिवपुरी की आवाज, मनु वैशाली 25 सितंबर को पेश करेंगी अपनी कविताएं

    कतर के अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजेगी शिवपुरी की आवाज, मनु वैशाली 25 सितंबर को पेश करेंगी अपनी कविताएं


    शिवपुरी । शिवपुरी की युवा कवयित्री मनु वैशाली अब अपनी कविताओं की आवाज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने जा रही हैं। शिवपुरी शहर से निकलकर साहित्यिक मंचों पर अपनी पहचान बनाने वाली मनु वैशाली 25 सितंबर 2026 को कतर की राजधानी दोहा में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करेंगी। यह अवसर उनके साहित्यिक सफर के लिए खास माना जा रहा है क्योंकि पहली बार उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी रचनाओं और काव्य प्रस्तुति के जरिए श्रोताओं से रूबरू होने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन शाम 7 बजे दोहा के टाइम राको में किया जाएगा जहां देश और विदेश से जुड़े कई कवि अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे।

    आयोजकों के अनुसार दोहा में आयोजित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन सीजन 2 है। कार्यक्रम में कविता के साथ भावनाओं और प्रेरणा से जुड़ी विभिन्न प्रस्तुतियां भी होंगी। कवि सम्मेलन के दौरान हास्य और काव्य की प्रस्तुतियां श्रोताओं का मनोरंजन करेंगी। इसके अलावा विद्यार्थियों के सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाएगा। इस तरह साहित्य और प्रतिभा सम्मान को एक ही मंच पर जोड़ने की तैयारी की गई है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़े लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

    मनु वैशाली मूल रूप से शिवपुरी शहर की रहने वाली हैं। शिवपुरी निवासी रामनिवास बघेल चिन्नौदी के अनुसार मनु का परिवार मेडिकल कॉलेज के पास स्थित तात्याटोपे नगर में रहता है। फिलहाल मनु वैशाली दिल्ली में रह रही हैं। देश के अलग अलग राज्यों में आयोजित होने वाले कवि सम्मेलनों में वह पहले भी अपनी रचनाओं का पाठ कर चुकी हैं। अपनी कविताओं और मंचीय प्रस्तुतियों के जरिए उन्होंने साहित्य प्रेमियों के बीच पहचान बनाई है। अब दोहा में होने वाली उनकी प्रस्तुति उनके साहित्यिक सफर को एक नया विस्तार देने जा रही है।

    अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन में मनु वैशाली के साथ अमित शर्मा एकाग्र शर्मा और गौरव साक्षी समेत कई अन्य कवि भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। अलग अलग अंदाज और विषयों के साथ होने वाली इन प्रस्तुतियों के जरिए कार्यक्रम में साहित्य की विविधता देखने को मिलेगी। खास बात यह है कि विदेश में रहने वाले हिंदी भाषी लोगों के बीच भी हिंदी कविता और कवि सम्मेलनों को लेकर रुचि बनी हुई है। ऐसे में दोहा का यह मंच हिंदी साहित्य से जुड़े रचनाकारों के लिए अपनी बात और रचनात्मकता को व्यापक श्रोताओं तक पहुंचाने का अवसर बनेगा।

    मनु वैशाली के अंतरराष्ट्रीय मंच पर काव्य पाठ करने की खबर से उनके परिवार और मित्रों में भी उत्साह है। शिवपुरी के साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की युवा प्रतिभा का विदेश में आयोजित होने वाले साहित्यिक कार्यक्रम में शामिल होना शिवपुरी के लिए भी गौरव का अवसर है। अब 25 सितंबर को दोहा में होने वाली मनु वैशाली की प्रस्तुति पर शिवपुरी के लोगों की नजर रहेगी। उनके काव्य पाठ के जरिए शिवपुरी की साहित्यिक प्रतिभा की आवाज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचेगी।

  • शिवपुरी में मजदूर पर जानलेवा हमला, मिर्ची डालकर किया अंधा, पीठ पर चाकू से कई वार कर भागा आरोपी

    शिवपुरी में मजदूर पर जानलेवा हमला, मिर्ची डालकर किया अंधा, पीठ पर चाकू से कई वार कर भागा आरोपी


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के झांसी तिराहा इलाके में शुक्रवार सुबह एक मजदूर पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हमलावर ने पहले मजदूर की आंखों में मिर्ची डाल दी और इसके बाद चाकू से उसकी पीठ पर कई वार कर दिए। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी हाथ में चाकू लेकर मौके से फरार हो गया। घायल मजदूर को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार जारी है।

    घायल मजदूर की पहचान नवाब साहब रोड निवासी मनोज धाकड़ के रूप में हुई है। मनोज झांसी तिराहा स्थित एक हार्डवेयर दुकान पर काम करता है। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे मनोज दुकान के बाहर खड़ा हुआ था। इसी दौरान कठमई इलाके का रहने वाला गौरव कुशवाह वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।

    मनोज के अनुसार गौरव ने अचानक उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि सबसे पहले उसकी आंखों में मिर्ची डाल दी गई। आंखों में मिर्ची पड़ने के बाद मनोज संभल पाता इससे पहले आरोपी ने चाकू निकालकर उसकी पीठ पर कई वार कर दिए। अचानक हुए हमले के कारण मनोज घायल होकर वहीं गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों के बीच भी कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई।

    हमले के बाद आरोपी चाकू लहराते हुए मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोगों ने घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। मनोज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टर उसकी चोटों का उपचार कर रहे हैं।

    घटना के पीछे पुराना विवाद होने की बात सामने आ रही है। हार्डवेयर दुकान के मालिक के मुताबिक गुरुवार शाम को मनोज और गौरव के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। उस समय विवाद ज्यादा नहीं बढ़ा था लेकिन अगले दिन सुबह दोनों के बीच फिर से कहासुनी होने के बाद मामला हिंसक हो गया। हालांकि हमले की वास्तविक वजह क्या थी यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया गया है कि जिस व्यक्ति पर हमले का आरोप है वह तीन पहिया लोडिंग वाहन चलाता है। वह इसी हार्डवेयर दुकान पर सामान की लोडिंग और अनलोडिंग का काम भी करता है। इसी वजह से दोनों के बीच पहले से परिचय होने की बात सामने आई है। पुलिस अब विवाद की शुरुआत और हमले से पहले दोनों के बीच हुई बातचीत सहित अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हमले की वजह के साथ साथ आरोपी की तलाश और घटना से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है।

    फिलहाल घायल मजदूर का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हमले के बाद इलाके में भी घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है।

  • MP में बढ़ेगी VIP उड़ानों की रफ्तार, 225 करोड़ का हेलीकॉप्टर आया, 350 करोड़ के जेट की तैयारी, बनेंगे 63 हेलीपैड

    MP में बढ़ेगी VIP उड़ानों की रफ्तार, 225 करोड़ का हेलीकॉप्टर आया, 350 करोड़ के जेट की तैयारी, बनेंगे 63 हेलीपैड


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार अपने हवाई बेड़े को आधुनिक बनाने के साथ प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी का नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया पूरी की है। इसके अलावा करीब 350 करोड़ रुपए का बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जेट भी सरकारी बेड़े में शामिल होने वाला है। जेट की डिलीवरी सितंबर के अंत तक प्रस्तावित बताई जा रही है जबकि नए हेलीकॉप्टर की डिलीवरी नवंबर में होने की जानकारी सामने आई है।

    नए हेलीकॉप्टर और जेट के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए प्रदेश में हेलीपैड और हवाई पट्टियों के विस्तार पर भी काम किया जाएगा। सरकार अगले दो साल में करीब 63 नए हेलीपैड बनाने की योजना पर काम कर रही है। इनका नेटवर्क इस तरह विकसित करने की तैयारी है कि लगभग हर 50 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड उपलब्ध हो सके। इससे मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी को प्रदेश के अलग अलग जिलों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।

    फिलहाल मध्यप्रदेश में करीब 250 हेलीपैड होने की जानकारी दी गई है। कई बार किसी जिले के दौरे के दौरान पहले विमान से एयरपोर्ट तक पहुंचना पड़ता है और उसके बाद सड़क या हेलीकॉप्टर से आगे का सफर करना होता है। नए हेलीपैड का नेटवर्क तैयार होने के बाद संबंधित क्षेत्र के नजदीक हेलीकॉप्टर से पहुंचने का विकल्प बढ़ सकता है।

    एयरबस ACH160 आधुनिक सुविधाओं से लैस हेलीकॉप्टर है। मध्यप्रदेश सरकार के लिए तैयार किए जा रहे हेलीकॉप्टर में दो पायलट के साथ नौ लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार इस मॉडल को अधिकतम 10 यात्रियों की क्षमता के साथ भी कॉन्फिगर किया जा सकता है। इसकी अधिकतम उड़ान अवधि करीब चार घंटे 30 मिनट बताई गई है। इसमें आधुनिक तकनीक और कैमरा सिस्टम जैसी सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी।

    नए जेट के संचालन की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। मध्यप्रदेश के पायलट विश्वास राय और अरविंद सिंह ने जुलाई में कनाडा जाकर बॉम्बार्डियर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। जेट को प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा एयरफील्ड पर संचालित करने के लिए रनवे की लंबाई और दूसरी जरूरी सुविधाओं को विकसित करना भी जरूरी होगा।

    बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 के संचालन के लिए कम से कम करीब 1800 मीटर लंबे रनवे की जरूरत बताई गई है। बेहतर संचालन के लिए करीब 2100 मीटर लंबा रनवे उपयोगी माना जा रहा है। विभागीय आकलन के मुताबिक प्रदेश के 28 एयरफील्ड में से फिलहाल करीब 10 स्थान ऐसे हैं जहां यह जेट उतर सकता है। इनमें सात एयरपोर्ट और तीन हवाई पट्टियां शामिल हैं।

    प्रदेश की करीब 20 हवाई पट्टियों में अभी सिर्फ तीन जगह रनवे 1800 मीटर या उससे ज्यादा लंबा है। इनमें मंदसौर की नौलखा बीड सिवनी और मंडला की कान्हा हवाई पट्टी शामिल हैं। सतना एयरपोर्ट का रनवे करीब 1300 मीटर लंबा होने के कारण यहां इस जेट के संचालन के लिए विस्तार की जरूरत होगी।

    सरकार करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार की योजना भी बना रही है। विभागीय अनुमान के मुताबिक इस काम पर 300 से 400 करोड़ रुपए तक खर्च हो सकता है। रनवे विस्तार के अलावा जमीन एप्रोच रोड सुरक्षा क्षेत्र और दूसरी विमानन सुविधाओं को भी विकसित करना होगा।

    नए जेट और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल मुख्य रूप से मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा। सरकार के मुताबिक पिछले ढाई साल में विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर हर साल औसतन 60 से 70 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। नए हवाई बेड़े के आने के बाद किराए पर होने वाला यह खर्च बचने की संभावना है। सरकार के पास मौजूद पुराना एयरबस EC155 B1 हेलीकॉप्टर वर्ष 2011 में खरीदा गया था और बढ़ते रखरखाव खर्च के बीच नए हेलीकॉप्टर की जरूरत महसूस की गई।

  • MP में शिक्षक भर्ती का बड़ा प्लान, 48 हजार पदों पर होगी तैयारी, TET के बाद 30 हजार शिक्षकों को प्रमोशन से मिलेंगे नए मौके

    MP में शिक्षक भर्ती का बड़ा प्लान, 48 हजार पदों पर होगी तैयारी, TET के बाद 30 हजार शिक्षकों को प्रमोशन से मिलेंगे नए मौके


    भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षकों की पदोन्नति और नई भर्ती को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। प्रदेश में 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET के बाद आगे बढ़ सकती है। दिसंबर में प्रस्तावित TET का परिणाम आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग प्रमोशन की पहली सूची जारी करने की तैयारी कर रहा है। शिक्षकों के प्रमोशन के बाद खाली होने वाले पदों और सेवानिवृत्ति के कारण रिक्त होने वाले पदों को मिलाकर अगले चरण में करीब 48 हजार पदों पर भर्ती की स्थिति बन सकती है।
    दरअसल प्रदेश सरकार ने 30 जुलाई से सभी विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की थी। कई विभागों में करीब एक लाख पदोन्नतियां हो चुकी हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में लिपिक संवर्ग और कुछ उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के प्रमोशन भी किए जा चुके हैं। हालांकि शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति अभी बाकी है। विभाग की ओर से प्रमोशन के लिए पात्र शिक्षकों की सूची तैयार की जा चुकी है और अब TET के परिणाम का इंतजार किया जा रहा है।
    शिक्षकों की पदोन्नति को TET से जोड़ने के पीछे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दिसंबर 2028 तक छह बार शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जानी है। पहली परीक्षा दिसंबर में माध्यमिक शिक्षा मंडल के माध्यम से प्रस्तावित है। परीक्षा का परिणाम आने के बाद विभाग शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है।
    नई भर्ती के लिहाज से भी आने वाला समय महत्वपूर्ण हो सकता है। फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 10 हजार पद खाली बताए जा रहे हैं। इसके अलावा मार्च 2027 तक करीब 8 हजार शिक्षक सेवानिवृत्त हो सकते हैं। इस तरह मौजूदा रिक्तियों और संभावित रिटायरमेंट को मिलाकर करीब 18 हजार पद खाली होने की स्थिति बन सकती है।

    इसके साथ ही 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन होने पर उनके वर्तमान पद भी रिक्त होंगे। इन दोनों स्थितियों को जोड़ने पर करीब 48 हजार पदों पर नई भर्ती की संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि इन पदों में वर्ग एक वर्ग दो और वर्ग तीन के कितने पद होंगे इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। अंतिम संख्या विभाग की ओर से पदों की समीक्षा और रिक्तियों के निर्धारण के बाद सामने आएगी।
    प्रमोशन और भर्ती की यह प्रक्रिया उन युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है जो शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षकों के पदोन्नत होने के बाद उनके पुराने पद खाली होंगे और इन पदों पर नए अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता खुल सकता है। हालांकि नई भर्ती का विज्ञापन तत्काल आने की संभावना नहीं बताई जा रही है।
    विभाग की मौजूदा तैयारी के अनुसार शिक्षक भर्ती का विज्ञापन मार्च 2028 के बाद जारी किया जा सकता है। इसके बाद परीक्षा परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने में भी समय लगेगा। ऐसे में 2026 में नई शिक्षक भर्ती का विज्ञापन आने की संभावना फिलहाल नहीं है।
    दूसरी ओर शिक्षक संगठन TET की अनिवार्यता का विरोध करते हुए जल्द प्रमोशन की मांग कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं में भी यह मुद्दा उठाया गया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 27 सितंबर से प्रस्तावित आंदोलन में प्रमोशन की मांग को शामिल किया है। अब दिसंबर की TET और उसके बाद होने वाली विभागीय प्रक्रिया पर शिक्षकों और भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं दोनों की नजर रहेगी।
  • भोपाल में गणपति विसर्जन के लिए कड़े इंतजाम, घाटों पर जाना मना, क्रेन और पोकलेन से होगा विसर्जन

    भोपाल में गणपति विसर्जन के लिए कड़े इंतजाम, घाटों पर जाना मना, क्रेन और पोकलेन से होगा विसर्जन


    भोपाल । भोपाल में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। सुबह से ही शहर के अलग अलग इलाकों से श्रद्धालु छोटी गणेश प्रतिमाएं लेकर विसर्जन घाटों पर पहुंचने लगे हैं। दोपहर के बाद बड़ी प्रतिमाओं के पहुंचने का क्रम भी शुरू हो गया। शाम होते होते घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहने की उम्मीद है। अनंत चतुर्दशी के मौके पर बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।

    भोपाल में डोल ग्यारस से ही गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम शुरू हो चुका था। पिछले दो दिनों में प्रमुख विसर्जन घाटों पर डेढ़ हजार से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। अब अनंत चतुर्दशी पर सबसे ज्यादा प्रतिमाओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पुलिस और नगर निगम की टीमें घाटों पर तैनात रहेंगी।

    विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को पानी में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जित कराने के लिए क्रेन और पोकलेन मशीनों की मदद ली जाएगी। प्रशासन की ओर से 13 क्रेन और 12 पोकलेन मशीनों की व्यवस्था की गई है। इन मशीनों के जरिए बड़ी प्रतिमाओं को घाटों पर तय प्रक्रिया के अनुसार विसर्जित कराया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को पानी में जाने से रोकने के साथ हादसों की आशंका को भी कम करने की कोशिश की जा रही है।

    शहर के प्रमुख विसर्जन घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। खटलापुरा प्रेमपुरा संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ हथाईखेड़ा डैम शाहपुरा और आर्च ब्रिज सहित कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस कंट्रोल रूम से भी इन प्रमुख स्थानों पर नजर रखी जाएगी। घाटों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौजूद रहेंगी ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

    नगर निगम ने उन लोगों के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की है जो घाटों तक प्रतिमा लेकर नहीं जाना चाहते। शहर में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर मूर्ति संग्रहण स्टॉल लगाए जा रहे हैं। लालघाटी चौराहा गांधी नगर करोंद चौराहा कोलार रायसेन रोड अवधपुरी सहित कई इलाकों में यह व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु पूजा के बाद अपनी गणेश प्रतिमा इन संग्रहण केंद्रों पर जमा कर सकेंगे। इसके बाद नगर निगम इन प्रतिमाओं का सामूहिक रूप से विसर्जन करेगा।

    रात के समय विसर्जन जुलूसों और घाटों पर पर्याप्त रोशनी रहे इसके लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। नगर निगम के अनुसार प्रेमपुरा रानी कमलापति शाहपुरा खटलापुरा हथाईखेड़ा मालीखेड़ी और बैरागढ़ घाटों पर 1090 एलईडी फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। इसके अलावा चल समारोह के मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं।

    गणेश विसर्जन को लेकर शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर भीड़ नियंत्रण और रोशनी तक सभी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है। देर रात तक चलने वाले विसर्जन कार्यक्रम के दौरान प्रशासन का मुख्य जोर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थित तरीके से प्रतिमाओं के विसर्जन पर रहेगा।

  • MP में परिवहन व्यवस्था को मिली नई रफ्तार, 351 बसों को हरी झंडी, गांवों तक पहुंचेगी ई-बस सेवा

    MP में परिवहन व्यवस्था को मिली नई रफ्तार, 351 बसों को हरी झंडी, गांवों तक पहुंचेगी ई-बस सेवा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। करीब 21 साल के लंबे अंतराल के बाद प्रदेश की सड़कों पर सरकारी बसें एक बार फिर दौड़ती नजर आएंगी। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की जा रही है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी में 351 बसों को हरी झंडी दिखाई गई। इन बसों में 180 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। नई बस सेवा के जरिए शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की तैयारी है।

    मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम की बस सेवा वर्ष 2005 में बंद हो गई थी। इसके बाद प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में निजी बस संचालकों की भूमिका बढ़ती गई। अब सरकार ने दोबारा सरकारी बस सेवा को नए स्वरूप में शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की बसों को संचालित किया जाएगा। शुरुआत में प्रदेश के सात शहरों को इस सेवा से जोड़ा जा रहा है।

    नई बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। बसों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी स्क्रीन ड्राइवर के सामने रहेगी। यात्रियों के लिए आरामदायक सीटों की व्यवस्था की गई है। इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है।

    सरकार की योजना केवल शहरों तक बस सेवा सीमित रखने की नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों को भी इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने प्रदेश की करीब 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक बस सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इससे छोटे कस्बों और गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार शिक्षा इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    सरकार ने इस योजना को बड़े स्तर पर विस्तार देने की भी तैयारी की है। पहले साल करीब 1500 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी और वर्ष 2031 तक प्रदेश में करीब 15000 बसें संचालित करने की योजना है। यानी आने वाले वर्षों में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क काफी बड़ा करने की तैयारी है।

    बस सेवा के संचालन के लिए PPP मॉडल अपनाया जाएगा। इसके तहत निजी ऑपरेटर भी परिवहन सेवा में भागीदारी करेंगे। ऑपरेटरों को यात्रियों से मिलने वाले राजस्व के अलावा विज्ञापन और कार्गो जैसी गतिविधियों से अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे। इससे बस संचालन को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने की कोशिश की जा रही है।

    भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित प्रदेश के कई मंत्री और नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे। बस सेवा शुरू होने को लेकर यात्रियों में भी उत्सुकता देखने को मिली। यात्रियों ने बसों में सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर संतोष जताया।

    करीब दो दशक बाद सरकारी बस सेवा की वापसी से मध्यप्रदेश के सार्वजनिक परिवहन को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है। अब सबसे बड़ा फोकस इस बात पर रहेगा कि नई बस सेवा कितने शहरों और गांवों तक पहुंचती है और यात्रियों को नियमित सुरक्षित और सुविधाजनक सफर कितना उपलब्ध करा पाती है।